जमशेदपुर में सियासी घमासान: तिलक पुस्तकालय के बाहर भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प।
जमशेदपुर
झारखंड के जमशेदपुर में सोमवार को राजनीतिक विरोध प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया। बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस के जिला मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर पथराव और लाठी-डंडे चले, जिसमें दोनों पक्षों के एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, जेएनयू से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले को लेकर भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोईजाम की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग को लेकर घेराव कार्यक्रम बुलाया था। भाजपा कार्यकर्ता सुबह 11:30 बजे जी टाउन क्लब मैदान में एकत्र हुए और वहां से तिलक पुस्तकालय पहुंचे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शुरुआत में महिला कार्यकर्ताओं ने गुलाब देकर सांकेतिक विरोध जताया, लेकिन नारेबाजी तेज होते ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया।
इस झड़प में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार समेत कई कार्यकर्ताओं के सिर में चोटें आईं हैं। कांग्रेस पक्ष के एक उपाध्यक्ष के भी घायल होने की सूचना है।
हालात बिगड़ने की सूचना पर सिटी एसपी, एसडीओ और डीएसपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और बिष्टुपुर डायगनल रोड इलाके को नियंत्रित किया। फिलहाल तिलक पुस्तकालय के बाहर पुलिस तैनात है।
पुलिस का कहना है कि पथराव की शुरुआत किस पक्ष ने की, इसकी पुष्टि CCTV फुटेज की जांच के बाद ही हो पाएगी। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप लगाया है।
रघुनाथपुर में आजसू के सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब, हजारों महिला-पुरुष हुए शामिल।
सरायकेला/चांडिल
आजसू पार्टी की ओर से शनिवार को रघुनाथपुर में ईचागढ़ विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में महिला और पुरुषों सहित हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में संगठन की मजबूती तथा क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस शामिल हुए। वहीं, आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव सत्यनारायण महतो, पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक साव, भोलानाथ महतो, चंदन वर्मा, आरती सिंह, कृष्णा पोद्दार और बसंत पोद्दार समेत अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों की भागीदारी ने सम्मेलन को महत्वपूर्ण बना दिया। इस दौरान पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय बनाने और पार्टी की नीतियों एवं विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
सम्मेलन में उपस्थित नेताओं ने संगठन के विस्तार और कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता बनाए रखने पर बल दिया। साथ ही ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की गतिविधियों को और गति देने तथा जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया गया।
ईचागढ़ विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में आजसू पार्टी के नेताओं ने सोशल मीडिया पर पार्टी को लेकर की जा रही बयानबाजी पर प्रतिक्रिया दी। नेताओं ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह प्रचार किया जा रहा है कि कोल्हान से आजसू पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। लेकिन रघुनाथपुर में आयोजित सम्मेलन में उमड़ी हजारों महिला-पुरुषों की भीड़ ने पार्टी के जनाधार को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब दे दिया है।
नेताओं ने कहा कि किसी व्यक्ति के पार्टी छोड़कर चले जाने से कोई राजनीतिक संगठन समाप्त नहीं हो जाता। पार्टी किसी एक व्यक्ति के भरोसे नहीं, बल्कि अपनी विचारधारा, सिद्धांतों और कार्यकर्ताओं के बल पर चलती है। आजसू पार्टी की अपनी विचारधारा और मजबूत संगठन है। कार्यकर्ताओं की एकजुटता ही पार्टी की असली ताकत है।
रघुनाथपुर में आयोजित इस विधानसभा स्तरीय सम्मेलन में हजारों लोगों की भागीदारी से आजसू पार्टी ने क्षेत्र में अपनी सांगठनिक सक्रियता का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पूज्य माताजी स्वर्गीय रूपी सोरेन को फूलकांत झा सहित जिले के कांग्रेसजनों ने दी श्रद्धांजलि।
सरायकेला/गम्हरिया
गम्हरिया से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सह पूर्व उपाध्यक्ष फूलकांत झा के नेतृत्व में नेमरा पहुंचे कांग्रेसजन. तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर जताई संवेदना।
जिले के गम्हरिया से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सह पूर्व उपाध्यक्ष फूलकांत झा के साथ जिले के कांग्रेस परिवारजनों ने *झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन* जी के पैतृक आवास नेमरा पहुंचकर उनकी पूज्य माताजी, स्वर्गीय रूपी सोरेन जी को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान सभी कांग्रेसजनों ने उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी की पूज्य माताजी, स्वर्गीय रूपी सोरेन जी का निधन अपूरणीय क्षति है. उनके पैतृक आवास नेमरा पहुंचकर सभी कांग्रेसजनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी.
फूलकांत झा ने कहा वे दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन जी के संघर्ष, साहस और जीवन यात्रा की साक्षी रहीं. एक मां का स्नेह, त्याग और आशीर्वाद किसी भी संतान के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होता है. उनका यूं संसार से विदा हो जाना एक ऐसी रिक्तता छोड़ जाता है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।
इस दुःख की घड़ी में फूलकांत झा ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वे श्री हेमंत सोरेन जी और पूरे सोरेन परिवार के साथ हैं. उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. स्वर्गीय रूपी सोरेन जी को विनम्र श्रद्धांजलि.
इस मौके पर नेमरा गांव पहुंचे बिहार के पूर्णिया के लोकप्रिय सांसद माननीय राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव जी, झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम जी एवं झारखंड के पूर्व कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख जी से भी सभी कांग्रेसजनों की मुलाकात हुई.
इस मौके पर मुख्य रूप से गम्हरिया प्रखंड कांग्रेस कमेटी के प्रखंड उपाध्यक्ष इंद्रकांत झा (इशू झा), जिला महासचिव राजू रजक, जिला मीडिया चेयरमैन सुमंत शर्मा, मंडल अध्यक्ष करण मार्डी एवं गम्हरिया प्रखंड महासचिव धनंजय उपस्थित थे.
कोल्हान के भीष्म पितामह: इचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ़ मलखान सिंह।
सरायकेला-खरसावां/कोल्हान
कोल्हान प्रमंडल यानी पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां की राजनीति में एक नाम को आज भी आदर और अनुभव के साथ लिया जाता है – जन-जन के लोकप्रिय, दूरदर्शी और हाजिर मिजाज नेता, तीन बार इचागढ़ से विधायक रहे अरविंद कुमार सिंह उर्फ़ मलखान सिंह। राजनीतिक पंडित उन्हें यूं ही नहीं ‘कोल्हान का भीष्म पितामह’ कहते।
1995 में निर्दलीय के रूप में उप-मुख्यमंत्री रहे स्व. सुधीर महतो को हराकर पहली बार विधायक बने, 2000 में भाजपा के टिकट पर और 2009 में झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर उप-मुख्यमंत्री सुधीर महतो को हराकर तीसरी बार इचागढ़ का नेतृत्व किया।
स्थानीय लोगों में कहावत है – “जिसके सिर पर रखा हाथ, वही बना विधायक, सांसद, मंत्री”, अरविंद सिंह का आशीर्वाद जिसे मिला, वो फर्श से अर्श तक पहुंचा। जिन कद्दावर नेताओं के सफर में रहा मलखान सिंह का साया, आज वे कहां हैं?
1. अर्जुन मुंडा – पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री कोल्हान की धरती से निकलकर झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री और केंद्र में जनजातीय कार्य, कृषि मंत्री रहे। वर्तमान में स्वयं उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे अभी कोई संवैधानिक पद पर नहीं हैं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री के रूप में उनकी पहचान कायम है। आज वे भारतीय तीरंदाजी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भारतीय खेलों को नई दिशा दे रहे हैं।
2. लक्ष्मण गिलुआ – पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सिंहभूम से दो बार सांसद (1999, 2014-2019) और चक्रधरपुर से विधायक रहे दिग्गज आदिवासी नेता। 29 अप्रैल 2021 को कोरोना संक्रमण के कारण उनका दुखद निधन हो गया। वे आज हमारे बीच नहीं हैं, पर कोल्हान की राजनीति में उनका योगदान अमर है।
3. दशरथ गागराई – वर्तमान विधायक, खरसावां 2014 से लगातार खरसावां से विधायक। 2024 विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के सोनाराम बोडरा को 32,615 वोटों से हराकर तीसरी बार जीत दर्ज की है और वर्तमान में खरसावां के विधायक के रूप में सक्रिय हैं।
4. मंगल राम, कालिंदी और अन्य इनके साथ-साथ रामचंद्र मधु कोड़ा समेत कई नेता जिन्होंने कोल्हान से निकलकर प्रदेश और देश में नाम कमाया।
5. मधु कोड़ा उर्फ़ रामचंद्र मधु कोड़ा – झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री निर्दलीय विधायक से 2006 में झारखंड के 5वें मुख्यमंत्री बनकर इतिहास रचने वाले नेता। वर्तमान में कानूनी कारणों से सक्रिय चुनावी राजनीति से दूर हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इन सभी नेताओं के राजनीतिक सफर के किसी न किसी मोड़ पर मलखान सिंह ने अभिभावक के रूप में मार्गदर्शन किया है।
मजदूरों के मसीहा और आस्था के संरक्षक आज अरविंद सिंह उर्फ़ मलखान सिंह कोल्हान मजदूर यूनियन में सक्रिय हैं और औद्योगिक क्षेत्र के मजदूरों के हक और न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। मजदूरों द्वारा उनके जन्मदिन पर दी गई शुभकामनाएं इसका प्रमाण हैं।
वहीं दूसरी ओर प्रवीण सिंह सेवा संस्थान द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा कोल्हान की नंबर वन पूजा मानी जाती है। झारखंड के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु पंडाल और मां की प्रतिमा के दर्शन को आते हैं। प्रशासनिक गाइडलाइंस के अनुसार लाइन और लेंथ के दायरे में सुंदर विधि-व्यवस्था इस पूजा को ऐतिहासिक बनाती है।
इसी सेवा भाव और सबको साथ लेकर चलने की नीति के कारण आज भी कोल्हान के नेता उन्हें अपना राजनीतिक गुरु और संरक्षक मानते हैं।
ऐसे जनप्रिय अभिभावक के लिए ही मन कह उठता है – तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे बलिहार राघव जी।
संगठन कौशल, समर्पण और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय के प्रतीक थे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह।
गृहस्थ रहकर भी संघकार्य को समर्पित रहे भैया जी दाणी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परंपरा में प्रचारक का जीवन त्याग, अनुशासन और राष्ट्रकार्य के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक माना जाता है। सामान्यतः प्रचारक अविवाहित रहकर अपना संपूर्ण जीवन संगठन को समर्पित करते हैं, लेकिन संघ में कुछ ऐसे व्यक्तित्व भी हुए, जिन्होंने गृहस्थ जीवन का निर्वाह करते हुए संगठन के लिए असाधारण योगदान दिया। प्रभाकर बलवंत दाणी, जिन्हें देशभर में भैया जी दाणी के नाम से जाना जाता है, ऐसे ही कर्मयोगी थे। उनका जन्म 9 अक्तूबर, 1907 को नागपुर के निकट उमरेड में हुआ था।
भैया जी दाणी एक संपन्न परिवार के इकलौते पुत्र थे। उनके पिता बापू जी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के अनन्य भक्त थे। घर के देशभक्तिपूर्ण वातावरण ने बाल्यकाल से ही उनके मन में राष्ट्रप्रेम के संस्कार विकसित किए। आगे चलकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के संपर्क ने इन संस्कारों को संगठित राष्ट्रकार्य की दिशा प्रदान की।भैया जी ने नागपुर में मैट्रिक तक शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद डॉ. हेडगेवार ने उन्हें उच्च शिक्षा के लिए काशी भेजा। वहां उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा प्रारंभ की। नागपुर से बाहर दूसरे प्रांत में संघकार्य के विस्तार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम था। इसी शाखा में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्राध्यापक माधव सदाशिव गोलवलकर भी आने लगे, जो बाद में श्रीगुरुजी के नाम से प्रसिद्ध हुए और डॉ. हेडगेवार के बाद संघ के दूसरे सरसंघचालक बने।
काशी से लौटने के बाद भैया जी ने नागपुर में वकालत की पढ़ाई की, लेकिन संघकार्य और पारिवारिक खेतीबाड़ी की जिम्मेदारियों के कारण वे वकालत को अपना पेशा नहीं बना सके। विवाह के बाद भी उनका अधिकांश समय सामाजिक और संगठनात्मक कार्यों में ही बीतता था। कांग्रेस, कम्युनिस्ट, हिंदू महासभा सहित विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के लोगों से उनके अच्छे संबंध थे। वे मतभेद दूर करने, नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने और लोगों के बीच संवाद स्थापित करने में कुशल थे। इसी कारण उन्हें लोगों के मन जोड़ने वाला सेतु भी कहा जाता था। क्रांतिकारी राजगुरु के साथ भी उनके निकट संबंध बताए जाते हैं।
वर्ष 1942 में श्रीगुरुजी ने स्वयंसेवकों से संघकार्य के लिए अधिक समय देने का आह्वान किया। इस आह्वान पर भैया जी दाणी ने गृहस्थ होते हुए भी प्रचारक के रूप में कार्य करने का निर्णय लिया। उन्हें मध्यभारत में संगठन विस्तार की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां उन्होंने 1945 तक कार्य किया। उनकी कार्यक्षमता, संगठन के प्रति निष्ठा और समन्वय कौशल को देखते हुए 1945 में उन्हें सरकार्यवाह जैसा महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया। उन्होंने 1956 तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया।यह काल देश और संघ, दोनों के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। देश स्वतंत्र हुआ, विभाजन की त्रासदी सामने आई और महात्मा गांधी की हत्या के बाद संघ पर प्रतिबंध लगा दिया गया। स्वयंसेवकों ने प्रतिबंध के विरोध में सत्याग्रह किया। प्रतिबंध हटने के बाद संघ की भावी दिशा और राजनीतिक क्षेत्र में उसकी भूमिका को लेकर भी चर्चाएं हुईं। इन परिस्थितियों में भैया जी दाणी ने संगठन को संभालने, कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने और विभिन्न चुनौतियों का सामना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गांधी जी की हत्या के बाद उनके उमरेड स्थित घर को भी लूटपाट का सामना करना पड़ा। इतनी कठिन परिस्थिति में भी उन्होंने धैर्य बनाए रखा। उनके लिए व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से अधिक महत्वपूर्ण संघकार्य और संगठन का भविष्य था। 1956 में पिता के निधन के बाद पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उन्हें घर की देखभाल के लिए अधिक समय देना पड़ा। इसलिए सरकार्यवाह का दायित्व एकनाथ रानाडे को सौंपा गया। इसके बावजूद भैया जी दाणी संघकार्य से जुड़े रहे और नागपुर के नरकेसरी प्रकाशन की जिम्मेदारी भी संभालते रहे। वर्ष 1962 में वे पुनः सरकार्यवाह बने। स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों के कारण 1965 में बालासाहब देवरस को यह दायित्व सौंप दिया गया।अस्वस्थता के बावजूद भैया जी का प्रवास और संगठनात्मक कार्य जारी रहा। वर्ष 1965 में इंदौर के संघ शिक्षा वर्ग के दौरान उनका स्वास्थ्य अत्यधिक बिगड़ गया। अंततः 25 मई, 1965 को कार्यक्षेत्र में ही इस कर्मयोगी का निधन हो गया।
भैया जी दाणी का जीवन इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि राष्ट्रसेवा के लिए त्याग का अर्थ केवल व्यक्तिगत जीवन का परित्याग नहीं, बल्कि अपनी परिस्थितियों और जिम्मेदारियों के बीच भी समाज तथा संगठन के लिए निरंतर योगदान देना है। उनका संगठन कौशल, सहज व्यवहार, समन्वय की क्षमता और कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीयता आज भी सामाजिक एवं राष्ट्रवादी संगठनों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
8 अक्टूबर को देर रात अवैध बालू परिवहन के विरुद्ध खनन विभाग ने की कार्रवाई, कंदरबेरा चौक से बालू लदा एक आईसर वाहन जब्त।
सरायकेला/खरसावां
उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ द्वारा दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश के आलोक में 08 अक्टूबर 2026 की देर रात जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में खान निरीक्षक द्वारा कंदरबेरा चौक पर कार्रवाई करते हुए बालू लदे एक आईसर वाहन को जब्त किया गया। जब्त वाहन को आवश्यक कार्रवाई हेतु कपाली थाना को सुपुर्द कर दिया गया।
उपायुक्त द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को जिले में खनिजों के अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने तथा ऐसी गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी परिस्थिति में खनिजों के अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस प्रकार की गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
सरायकेला कपाली नगर क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, एक्सपायरी खाद्य उत्पाद हटवाए गए।
सरायकेला/कपाली
आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कपाली नगर परिषद क्षेत्र में विभिन्न मिठाई दुकानों, रेस्टोरेंट, ढाबों एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री रितेश कुमार एवं श्री विशाल कुमार सिंह द्वारा की गई।
निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, संभावित मिलावट, साफ-सफाई, स्वच्छता तथा खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण की जांच की गई। पनीर, छेना एवं अन्य खाद्य पदार्थों का मौके पर परीक्षण किया गया। साथ ही मिठाइयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों में औद्योगिक अथवा अमान्य रंगों के उपयोग की भी जांच की गई। निरीक्षण के क्रम में पाए गए समाप्ति तिथि पार कर चुके खाद्य उत्पादों को बिक्री से हटवाकर नियमानुसार नष्ट कराया गया।
कुछ प्रतिष्ठानों में स्वच्छता एवं सैनिटेशन से संबंधित कमियां पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों को परिसर की साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, उपकरणों एवं कार्यस्थल की स्वच्छता तथा व्यक्तिगत स्वच्छता में आवश्यक सुधार करने की चेतावनी दी गई। भोजन तैयार करने एवं परोसने वाले कर्मचारियों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने तथा आवश्यक मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र उपलब्ध रखने की सलाह दी गई।
इसके अतिरिक्त, खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं तैयारी में उपयोग किए जाने वाले पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, वैध जल परीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध रखने तथा सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने का निर्देश दिया गया। खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों में सुधार नहीं करने अथवा खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आदित्यपुर वास्को नगर में GST टीम का छापा, व्यापारी नहीं मिला, मीडिया को देख गाड़ी आगे बढ़ाई।
सरायकेला/आदित्यपुर
आदित्यपुर थाना अंतर्गत वास्को नगर में गुरुवार को GST की टीम किसी व्यापारी को ढूंढते हुए पहुंची, लेकिन मौके पर संबंधित व्यापारी नहीं मिला।
जानकारी के अनुसार GST विभाग की टीम वास्को नगर में एक प्रतिष्ठान पर छापेमारी के लिए पहुंची थी। टीम को सूचना मिली थी कि उक्त व्यापारी कर चोरी से जुड़े मामले में संलिप्त है।
लेकिन जब टीम मौके पर पहुंची तो वहां न तो दुकान खुली थी और न ही कोई व्यापारी उपस्थित मिला। इसी दौरान वहीं मीडिया कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। मीडिया को देखते ही GST टीम की गाड़ी को तुरंत आगे बढ़ा दिया गया।
टीम के अधिकारियों से जब इस संबंध में सवाल किए गए तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया और गाड़ी आगे बढ़ाकर चले गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से वास्को नगर में कुछ व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर जांच की चर्चा थी, लेकिन किसी को भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली कि कार्रवाई किस मामले में की जा रही है।
आदित्यपुर थाना पुलिस ने कहा कि उन्हें GST विभाग की ओर से अब तक कोई लिखित सूचना प्राप्त नहीं हुई है। मामले की जानकारी ली जा रही है।
11 साल पुराने मारपीट और चेन लूट के मामले में परिवार के चार सदस्य बरी।
जमशेदपुर
जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय ने 11 साल पुराने एक चर्चित मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायिक दंडाधिकारी, न्यायालय संख्या 59, जमशेदपुर की अदालत ने मारपीट और सोने की चेन छीनने के आरोप में फंसे एक ही परिवार के चार सदस्यों को सम्मानपूर्वक बरी कर दिया है।
एडवोकेट, सोनाली कुमारी
यह मामला जी.आर. केस संख्या 662/2015 (प्राथमिकी संख्या 37/15, थाना साकची) से जुड़ा है। इस मामले में सूचक पिता ने अपने ही पुत्र और उसके परिवार पर मारपीट कर सोने की चेन छीन लेने का आरोप लगाते हुए 9 मार्च 2015 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इस मामले में चार लोगों को आरोपी बनाया गया था- 1. भरत सिंह 2. रेणु देवी 3. नेहा सिंह 4. मुस्कान सिंह
वर्ष 2015 से 2026 तक इस मामले की लंबी सुनवाई चली। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। मामले में कोई स्वतंत्र साक्ष्य पेश नहीं किया जा सका।
अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता आकाश भालोटिया एवं सोनाली कुमारी ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखा। उन्होंने तर्क दिया कि यह पूरा मामला पारिवारिक विवाद से प्रेरित है और झूठे आरोपों पर आधारित है।
न्यायालय ने बचाव पक्ष की दलीलों से सहमत होते हुए 6 अक्टूबर 2026 को अपना फैसला सुनाया। न्यायालय ने मामले को कॉन्टेस्टेड – बरी घोषित करते हुए चारों आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया।
HIV के क्षेत्र में सरायकेला-खरसावाँ जिले ने 95-95-95 के तीनों लक्ष्यों को सफलतापूर्वक किया प्राप्त।
सरायकेला-खरसावां
सरायकेला-खरसावाँ जिले के लिए यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि जिले ने HIV के क्षेत्र में 95-95-95 के तीनों लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया है। इस उपलब्धि में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, वरीय पदाधिकारियों के मार्गदर्शन, परियोजना निदेशक के सहयोग तथा संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों एवं कार्यक्रम टीम के निरंतर प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इस संबंध में उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने कहा कि “95-95-95 के तीनों लक्ष्यों की प्राप्ति जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं पूरी स्वास्थ्य टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। इस उपलब्धि को बनाए रखना और HIV से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार और बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता रहेगी।”
उन्होंने बताया कि पहले 95 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जिले में समुदाय स्तर तक HIV सेवाओं की पहुंच को मजबूत किया गया। Targeted Intervention के माध्यम से Outreach Activities, Community-Based Surveillance एवं Testing Camps आयोजित किए गए। इन प्रयासों के माध्यम से HIV Testing को बढ़ावा देने तथा जरूरतमंद व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करने में सहायता मिली।
उपायुक्त ने बताया कि दूसरे 95 के लक्ष्य के तहत HIV से पहचाने गए व्यक्तियों को समय पर उपचार से जोड़ने तथा उन्हें उपचार पर बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। मेडिकल ऑफिसर्स, काउंसलर्स एवं स्वास्थ्य टीम द्वारा नियमित Follow-up एवं Counselling के माध्यम से मरीजों को ART (Antiretroviral Therapy) नियमित रूप से जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया।
उन्होंने बताया कि तीसरे 95 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समयबद्ध Viral Load Testing एवं नियमित Monitoring पर विशेष ध्यान दिया गया। मरीजों को Treatment Adherence के लिए लगातार Counselling एवं Follow-up उपलब्ध कराया गया, जिससे Viral Suppression प्राप्त करने में सहायता मिली।
उपायुक्त ने कहा कि “इस पूरी उपलब्धि के पीछे बेहतर Coordination, Continuous Monitoring एवं पूरी टीम का सामूहिक प्रयास रहा है। 95-95-95 के तीनों लक्ष्यों को प्राप्त करना निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन अब हमारी जिम्मेदारी है कि इन उपलब्धियों को बनाए रखें और HIV की रोकथाम, जांच, उपचार एवं देखभाल से संबंधित सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करें।”
उन्होंने इस उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, सभी Health Workers, Programme Teams एवं Community Partners को बधाई देते हुए कहा कि जिले में HIV के विरुद्ध जागरूकता, जांच, उपचार एवं फॉलोअप की सेवाओं को निरंतर मजबूत किया जाएगा।
सरायकेला-खरसावाँ जिला HIV की रोकथाम एवं नियंत्रण की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता के साथ आगे भी निरंतर कार्य करता रहेगा।
सेवा संकल्प अभियान के तहत सरायकेला टाउन हॉल में बिकसित भारत संकल्प सभा आयोजित।
सरायकेला-खरसावां
सरायकेला टॉउन हॉल में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लोकसेवक के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिला अध्यक्ष श्री हरे कृष्णा प्रधान के नेतृत्व में बिकसित भारत संकल्प सभा आयोजित हुआ । कार्यक्रम की शुरुआत में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी का संबोधन हुआ। इसके उपरांत माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी संबोधन हुआ, जिसने उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को दुहराया प्रधानमंत्री जी ने कार्यकाल को याद करते हुए सकारात्मक बातो पर प्रकाश डाला ।
उन्होंने कहा बिकसित भारत 130 करोड़ लोगो का सपना है। कार्यक्रम को बड़ी संख्या में उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं एवं आमजनों ने उत्साहपूर्वक सुना। मोदी जी के संबोधन के बाद जिलाध्यक्ष श्री हरे कृष्णा प्रधान के द्वारा उपस्थित जनसमूह को विकसित भारत में योगदान का संकल्प दिलाया गया । सभा के बाद विकसित भारत को लेकरजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन किया गया। यात्रा के माध्यम से सेवा, समर्पण, राष्ट्रहित एवं जनसेवा के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं आमजनों ने सेवा, राष्ट्रहित और समाज के प्रति समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आदित्यपुर नगर निगम के महापौर संजय सरदार जी,जिला परिषद के अध्यक्ष सोनाराम बोदरा जी, जिला प्रभारी मनोज मिश्रा,कार्यक्रम के संयोजक ओबीसी मोर्चा के जिलाअध्यक्ष कृष्ण प्रधान जी, सह संयोजक अनिशा सिन्हा जी,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य उदय सिंहदेव, बिजय महतो, सुनील श्रीवास्तव,रमेश हांसदा, जिला महामंत्री राकेश मिश्रा एवं भूषण मुर्मू, राजा सिंहदेव, बीजू दत्ता, सांसद प्रतिनिधि मनोज महतो जिला उपाध्यक्ष अमृतेश अमर रितिका मुखी एवं शम्भु मंडल, जिला मंत्री सतीश शर्मा, ललन शुक्ला एवं सावित्री बानरा, बद्री दरोगा,जिला मीडिया प्रभारी गुरजीत सिंह, राजकुमार सिंह, सोशल मीडिया प्रभारी बिनय कंचन, ईश्वर महतो,आईटी सेल प्रभारी विष्कंठ प्रधान सहित सभी मंडलों के मंडल अध्यक्ष एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद का ऐतिहासिक कार्यक्रम संपन्न, 21 देशों के प्रतिनिधि बने आयोजन के साक्षी, उपस्थित लोगों ने सनातन की रक्षा का लिया संकल्प।
लखनऊ
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के तत्वावधान में आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय हिंदू प्रतिनिधि महासम्मेलन एवं भारतीय सनातन गौरव सम्मान समारोह ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर, लखनऊ में आयोजित इस महासम्मेलन में 21 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम में देश-विदेश से आए संत-महात्मा, विद्वतजन, सामाजिक कार्यकर्ता एवं हजारों सनातन प्रेमियों की गरिमामय उपस्थिति रही। उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में सनातन धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा का संकल्प लिया।
समारोह में भारतीय सनातन गौरव सम्मान से विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने धर्म और समाज के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। पूरे परिसर में जय श्री राम के जयघोष से वातावरण धर्ममय हो गया।
इस अवसर पर परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने कहा कि विश्व भर के हिंदुओं को एक मंच पर लाना ही हमारा लक्ष्य है। अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनीष राय ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए परिषद के *राष्ट्रीय सह प्रभारी (संपूर्ण भारत) भरत सिंह* ने बताया कि यह आयोजन सनातन एकता की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। 21 देशों से आए प्रतिनिधियों ने भारतीय संस्कृति की सराहना की और इसे विश्व में फैलाने का संकल्प लिया।
वहीं राष्ट्रीय संगठन मंत्री हर चरण सिंह उर्फ राजा ने देश के युवाओं को सनातन एवं राष्ट्रीय सुरक्षा करने के लिए की बात कही।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र रक्षा और धर्म रक्षा के संकल्प के साथ हुआ।
निवेदक- भरत सिंह राष्ट्रीय सह प्रभारी (संपूर्ण भारत) विश्व हिंदू रक्षा परिषद संपर्क: 8210048890
“सनातनी का बेटा हूं – भीड़ नहीं कलेजा लेकर चलता हूं”