खरसावां प्रखंड अंतर्गत बुरुडीह पंचायत भवन में “आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार” कार्यक्रम अंतर्गत ‘सेवा का अधिकार सप्ताह’ के तहत पंचायत स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया
सरायकेला-खरसावां
शुक्रवार को खरसावां प्रखंड अंतर्गत बुरुडीह पंचायत भवन में “आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार” कार्यक्रम अंतर्गत ‘सेवा का अधिकार सप्ताह’ के तहत पंचायत स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त नितिश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मुकेश लूणायत एवं उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन करते हुए उपलब्ध सेवाओं, प्राप्त आवेदनों एवं उनकी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन की सही एवं समय पर प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए, आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाए और लाभुकों को योजनाओं का लाभ स्थल पर ही उपलब्ध कराने के हर संभव प्रयास किए जाएँ।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में शासन-प्रशासन द्वारा सेवाओं को जन-सामान्य तक पहुँचाने हेतु आयोजित किया जा रहा है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग/विधवा पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, सामाजिक सुरक्षा, आय/जाति/निवास प्रमाणपत्र, भूमि संबंधी सेवाएँ तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदनों के त्वरित समाधान हेतु विभागीय टीमों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों की दैनिक निगरानी की जाएगी तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण न करने वाले विभागों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
कपाली वार्ड संख्या 3 में “आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत सेवा का अधिकार सप्ताह का पंचायत स्तरीय शिविर आयोजित किया गया।
सरायकेला/कपाली
“आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार” कार्यक्रम अंतर्गत “सेवा का अधिकार सप्ताह” के तहत चांडिल प्रखंड के रुगड़ी एवं नगर परिषद, कपाली वार्ड संख्या 03 में आयोजित शिविर में माननीया इचागढ़ विधायक श्रीमती सविता महतो रही उपस्थिति।
शुक्रवार को चांडिल प्रखंड के तमुलिया पंचायत के रुगड़ी एवं नगर परिषद, कपाली वार्ड संख्या 3 में “आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत सेवा का अधिकार सप्ताह का पंचायत स्तरीय शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर माननीया विधायक ईचागढ़ विधानसभा सविता महतो उपस्थित रहीं। उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों को स्पष्ट किया।
माननीय विधायक महोदया ने बताया कि यह शिविर पंचायत स्तर पर शासन-प्रशासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभुकों तक पहुँचाने, आवेदन और शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने और ग्रामीणों में सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने नजदीकी पंचायत/वार्ड में आयोजित शिविर में उपस्थित होकर अपने आवेदन और शिकायत दर्ज कराएँ और अपने आस-पास के लोगों को भी योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित करें।
शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा स्थापित स्टॉलों का निरीक्षण किया गया और योजनाओं के तहत चयनित लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया, जिससे लाभुकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हुआ और सेवाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित हुई।
उक्त अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल श्री विकास कुमार राय, सम्बंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी,अंचलधिकारी एवं नगर निकाय के कार्यपालक पदाधिकारी समेत अन्य सम्बंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे.
रोहन एंटरप्राइजेज में मिली 2 लाशें,, क्षेत्र में फैली सनसनी,,हत्या या आत्महत्या..?
सरायकेला/आर आई टी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सरायकेला खरसावां जिले के आर आई टी थाना क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया फेज एक में उसे वक्त सनसनी फैल गई जब पुलिस ने रोहन इंटरप्राइजेज नामक कंपनी से एक साथ दो लाशों को बरामद किया।
सरायकेला खरसावां जिले आर आई टी थाना क्षेत्र अंतर्गत इंडस्ट्रियल एरिया फेज एक के रोहन एंटरप्राइजेज कंपनी से पुलिस ने दो लाशों को बरामद किया है जिसमें की एक पुरुष व एक महिला शामिल हैं। कंपनी से एक साथ दो दो लाशें बरामद होने से कंपनी व आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह मामला आत्महत्या का लग रहा है लेकिन यह आत्महत्या है या फिर हत्या यह तो पुलिस की जांच रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगा।
थाना प्रभारी संजीव कुमार
फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है एवं पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है एवं प्रत्यक्षदर्शियों व कंपनी में काम कर रहे हैं मजदूरों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है।
वही कंपनी के मैनेजर और आर आई टी थाना प्रभारी संजीव कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि यह दोनों पति-पत्नी थे और वे दोनों बिहार के गया जिले के रहने वाले थे। पति कंपनी में मजदूरी करता था एवं पत्नी साथ में रहती थी। कंपनी मैनेजर ने दोनों की उम्र लगभग 25 से 30 साल के बीच बताई है।
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए थाना प्रभारी ने कहां की प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है लेकिन यह मामला हत्या का है या फिर आत्महत्या का यह तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद एवं मामले की पूरी छानबीन एवं जांच करने के बाद ही सामने आएगा।
मिली जानकारी के अनुसार लड़के का नाम दीपक कुमार अथवा लड़की का नाम आरती कुमारी बताया जा रहा है और दोनों लगभग दो सालों से साथ ही रह रहे थे।
आदित्यपुर के बिरजू गैरेज को चोरों ने बनाया निशाना,, चोरों ने कई गाड़ियों के शीशे तोड़े। इंसाफ की उम्मीद में गैरेज संचालक
सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आशियाना मोड़ स्थित बिरजू गैरेज को बृहस्पतिवार की रात चोरों ने अपना निशाना बना लिया। गैरेज में रखें गाड़ियों के शीशे भी तोड़े एवं शीशा तोड़कर गाड़ियों में रखें कई तरह के सामानों पर भी चोरों ने हाथ साफ कर दिया।
एक नजर इस वीडियो पर
आपको बताते चलें कि आदित्यपुर में चोरों का तांडव चरम सीमा पर पहुंच चुका है और व्यापारीयों के दिलों में चोरों का भय व्याप्त है व्यापारी ही नहीं बल्कि आए दिन हो रही चोरी की घटनाओं से आदित्यपुर क्षेत्र वासी भी काफी परेशान एवं दहशत में दिखाई दे रहे हैं लेकिन आए दिन घट रही चोरी की घटनाओं से भी पुलिस व प्रशासन के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है या फिर यूं कहे कि स्थानीय पुलिस मुख दर्शक बनी बैठी है जिसका खामियाजा आम जनता एवं क्षेत्रवासी भुगत रहे एवं भुगतने को मजबूर है।
गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस चोरी की घटना को अंजाम देने वालों के पीछे कहीं ना कहीं ब्राउन शुगर जैसे नशीले पदार्थों का इस्तेमाल करने वाले लोगों का ही हाथ हो सकताहै.?
वहीं गैरेज संचालक ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कई गाड़ियां ऐसी थी जो की रिपेयरिंग होने के लिए गेराज में आई हुई थी जो की अधूरा काम करके काम पूरा करने के लिए गेराज में ही गाड़ियों को रखा गया था उन गाड़ियों पर भी चोरों ने अपना हाथ साफ किया है इतना ही नहीं गैरेज संचालक ने यह भी बताया कि कई गाड़ियों के शीशे भी चोरों ने तोड़ दिए हैं और गाड़ियों के कई पार्ट्स भी ले भागे हैं।इतना ही नहीं गेराज संचालक ने यह भी कहा कि उन्हें इस मामले पर ब्राउन शुगर जैसे नशीले पदार्थों का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर उन्हें शख है।
यक्ष प्रश्न
यक्ष प्रश्न यह है कि चोरों का मनोबल इतना कैसे बढ़ चुका है कि इन्हें पुलिस व प्रशासन का भी खौफ नहीं है और प्रश्न यह भी उठना है कि आखिर पुलिस व प्रशासन के रहते हुए अपराधी इतने अपराधों को अंजाम कैसे दे रहे हैं? आगे यह देखना दिलचस्प होगा कि इस चोरी की घटना का खुलासा पुलिस आखिर कब तक करती है और उक्त घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों को पुलिस कब तक पकड़ने में सफलता हासिल कर पाती है ?
आशियाना के समीप संचालित किया जा रहा अवैध स्क्रैप टाल पुलिस व प्रशासन खामोश
सरायकेला/आदित्यपुर
इन दिनों सरायकेला-खरसावां जिले में अवैध कारोबार का गोरख धंधा चरम सीमा पर पहुंच चुका है लेकिन आवाज उठाने वाला कोई भी नहीं और वह दिन दूर नहीं जब यह अवैध कारोबार व धंधा कोई बड़ी घटना का रुप ले लेगी।
आपको बताते चलें कि सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आशियाना ट्रेड सेंटर के समीप मैदान में खुलेआम अवैध स्क्रैप टाल का गोरखपुर धंधा खूब फल फूल रहा है ऐसा नहीं है कि यह कारोबार स्थानीय पुलिस व प्रशासन की नजर से छिपा है। बावजूद इसके खुलेआम टाल संचालित हो रहा है। दिन भर वहां पुलिस जीप चक्कर लगाती है, लेकिन इस अवैध धंधे पर रोक लगाने की कोई जहमत नहीं उठाता।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में कई ऐसे अवैध कारोबार संचालित किए जा रहे हैं जिस पर अंकुश लगाना अति आवश्यक हो चुका है कहीं सड़क किनारे झोपड़ी नुमा होटल में अवैध महुआ शराब की बिक्री तो कहीं आशियाना जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में अवैध स्क्रैप टाल का संचालित होना यह कारोबार कहीं ना कहीं आने वाले समय में किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे हैं जिस पर पुलिस व प्रशासन को त्वरित एवं उचित कार्रवाई करने की अति आवश्यकता है।
सूत्रों ने यह भी बताया है कि अवैध स्क्रैप टाल में कई तरह की अवैध वस्तुओं का भी खरीद बिक्री किया जाता है जैसे की चोरी की हुई मोटरसाइकिल चोरी की हुई स्कूटी इत्यादि वगैरा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आशियाना के समीप संचालित किया जा रहे हैं अवैध स्क्रैप टाल को रौशन लाल नामक व्यक्ति द्वारा पिछले 6 महीने से लगातार इस अवैध टाल का संचालन किया जा रहा है।
यक्ष प्रश्न
यक्ष प्रश्न यह है कि लगातार पिछले 6 महीने से संचालित हो रहे अवैध टाल पर अब तक अंकुश क्यों नहीं लगा क्या यह अवैध टाल पुलिस व प्रशासन के नजर से वंचित रह गई है या फिर इस अवैध कारोबार के पीछे किसी सफेद पोस का हाथ है।
पुलिस के साथ मारपीट के मामले में जेएलकेएम नेता तरूण महतो सहित चार गिरफ्तार
सरायकेला/ईचागढ़
सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ थाना के डुमटांड़ मोड़ पर मंगलवार की रात करीब 2 बजे जेएलकेएम के कार्यकर्ताओं और पुलिस के साथ तीखी नोंकझोंक हुई। नोंकझोंक मारपीट में तब्दील हो गई, जिसमें ईचागढ़ थाना के मुंशी नरेश यादव एवं एक चौकीदार जख्मी हो गए। बताया जा रहा है कि वहां पर कई राउंड फायरिंग भी हुई। हांलांकि पुलिस फायरिंग की बात का पुष्टि नहीं कि है। जेएलकेएम नेता तरूण महतो, सहयोगी रामकृष्ण महतो,धरनीधर महतो एवं सुधांशु महतो को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले को लेकर चांडिल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी भी ईचागढ़ थाना पहुंचे और घटना का जानकारी लिया।
जेएलकेएम कार्यकर्ताओं ने किया थाना गेट पर प्रदर्शन
बुधवार को जेएलकेएम के केन्द्रीय वरिय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो , तरूण महतो की पत्नी भानुमती महतो एवं सैकड़ों कार्यकर्ता ईचागढ़ थाना पहुंचे और थाना गेट पर आक्रोश प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद , बालु माफिया होस में आओ , निर्दोष तरूण महतो और समर्थकों को मुक्त करो आदि नारे लगा रहे थे।
वहीं देवेन्द्र नाथ महतो ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि तरूण महतो अपने समर्थकों के साथ अवैध बालू परिवहन के खिलाफ आवाज उठा रहे थे और बालु माफीया गोली चलाई। उन्होंने कहा कि तरूण महतो को जेल भेजकर जेएलकेएम का आवाज को प्रशासन दबाना चाहते हैं,जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गोली चलाने और अवैध कारोबार के खिलाफ राज्य पाल, मुख्यमंत्री से मिलकर मांग किया जाएगा। भानुमती महतो ने कहा कि मेरे पति को थाना में कपड़ा खोलकर मारपीट किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पर भी कार्रवाई का मांग किया जाएगा। वहीं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अरविंद कुमार बिन्हा ने बताया कि रंगदारी और पुलिस के साथ मारपीट के मामले में तरूण महतो व अन्य तीन युवक को गिरफ्तार किया गया है एवं मामले का जांच किया जा रहा है।
राज्यपाल ने किया विवेकानंद केंद्र चांडिल का नवनिर्मित भवन का लोकार्पण
सरायकेला/ईचागढ़
वर्षों की प्रतीक्षा और समाज की सामूहिक भावना से तैयार विवेकानंद केंद्र सेवा एवं प्रशिक्षण प्रकल्प, चांडिल के नवनिर्मित भवन का बुधवार को प्रातः 10 बजे भव्य लोकार्पण हुआ। झारखंड के महामहिम राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित कर भवन का उद्घाटन किया और इसे समाज को समर्पित किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, समाजसेवी, कार्यकर्ता और केंद्र से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि आज का दिन स्मरणीय दिन है क्योंकि यह विवेकानंद केंद्र के मार्गदर्शक स्व. एकनाथ रानाडे जी का जन्म-उत्सव दिवस है। इसी शुभ तिथि पर भवन के लोकार्पण का निर्णय लिया गया था।
नया भवन—‘मानव निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ की दिशा में बड़ा कदम केंद्र का बीज 1977-78 में नौरंगराम स्व. देवी ट्रस्ट में बोया था, जिसे एकनाथ रानाडे जी और स्व. भगवती प्रसाद खेतान जी ने आगे बढ़ाया। वर्षों से संस्कार वर्ग, योग शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में केंद्र की अथक गतिविधियाँ चलती रही हैं। अब नए भवन के तैयार होने के बाद इन सेवाओं के विस्तार को नई गति मिलेगी।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद के विचार—“उठो, जागो और स्वयं को जानो”—का उल्लेख करते हुए कहा कि चांडिल का यह केंद्र आने वाले वर्षों में राष्ट्रसेवा और युवा निर्माण का सशक्त केंद्र बनेगा।ईचागढ़ की विधायिका सविता महतो, विवेकानंद केंद्र के अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष प्रवीण देवलोकर तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
उद्घाटन कार्यक्रम में नगर संपर्क प्रमुख अनाथ मिश्रा, जीवनव्रती एवं विभाग संगठक रांची चिराग परमार, नगर कार्यालय प्रमुख सुशील कुमार लाल शाहदेव, निधि संकलन प्रमुख आशीष कुंडू, वानप्रस्थ कार्यकर्ता कालीचरण गुप्ता, कार्यपद्धति प्रमुख गुलशन कुमार और प्रचार प्रमुख मनोज सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। स्थानीय लोगों में उत्साह कार्यक्रम के दौरान माहौल उत्साहपूर्ण रहा और स्थानीय नागरिकों ने इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक-सामाजिक उपलब्धि बताया।
लाल किला विस्फोट-भारत की राजधानी में आतंकी रणनीति का नया चेहरा-“व्हाइट कलर टेरर नेटवर्क” जैसी उभरती प्रवृत्तियाँ- एक गहरी चेतावनी
लाल किला धमाका-जब आतंक ने बदल ली अपनी शक्ल-भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए उभरती नई चुनौती
भारत अब उस दौर में अग्रसर जहाँ आतंकवाद केवल बंदूकों और बमों से नहीं, बल्कि “ब्रेनवॉश” “बौद्धिक आतंक”और “साइकोलॉजिकल रिक्रूटिंग” के जरिए अपना विस्तार कर रहा है- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
गोंदिया/महाराष्ट्र
वैश्विक स्तरपर दिल्ली, जो भारत की आत्मा का प्रतीक है,सत्ता, संस्कृति, और सुरक्षा का संगम। जब इसी दिल में लाल किला जैसे ऐतिहासिक, संरक्षित और उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में विस्फोट होता है,तो यह केवल एक “सुरक्षा चूक”नहीं रह जाता, यह राष्ट्रीय चेतना को झकझोर देने वाला संदेश बन जाता है। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब उस दौर में प्रवेश कर चुका है जहाँ आतंकवाद केवल बंदूकों और बमों से नहीं,बल्कि ब्रेनवॉश, बौद्धिक आतंक और साइकोलॉजिकल रिक्रूटिंग के जरिए अपना विस्तार कर रहा है।
यह धमाका उस नए युग की शुरुआत का संकेत है जिसमें आतंकी नेटवर्क ने पारंपरिक रणनीतियों को त्याग कर,सॉफ्ट टेररिज़्म यानी मानसिक और वैचारिक आतंकवाद की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं कि आज भारत एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। एक ओर वह डिजिटल और वैचारिक शक्ति का केंद्र बन रहा है, दूसरी ओर वही क्षेत्र आतंक के व्हाइट-कलर अवतार का मैदान भी बनता जा रहा है।लाल किला विस्फोट इस नई वास्तविकता की सबसे भयावह चेतावनी है, कि आतंक अब हमारी सीमाओं के बाहर नहीं,बल्कि हमारे विश्वविद्यालयों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और दफ्तरों के भीतर प्रवेश कर चुका है।इसलिए भारत को अब पारंपरिक नेशनल सिक्योरिटी पॉलिसी के साथ एक नेशनल माइंड- सिक्योरिटी पॉलिसी भी तैयार करनी होगी,जो शिक्षा, सूचना, साइबर और वैचारिक सुरक्षा को एक समग्र रणनीति में जोड़े आख़िरकार, जब आतंकी हथियारों से नहीं, विचारों से हमला करते हैं,तो देश को भी केवल सुरक्षा बलों से नहीं, बल्कि सतर्क नागरिकों, जागरूक संस्थानों और सशक्त विचारधारा से जवाब देना होगा। यही उस अदृश्य युद्ध का सटीक प्रतिकार होगा जो आज भारत के मस्तिष्क पर लड़ी जा रही है।
एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
साथियों बात अगर हम लाल किला विस्फोट,एक प्रतीकात्मक हमला,एक गहरी साजिश को समझने की करें तो,लाल किला केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि भारतीय गणराज्य की गरिमा का प्रतीक है। जब इस धरोहर को निशाना बनाया गया, तो इसका उद्देश्य केवल भय फैलाना नहीं बल्कि भारत की आत्मा पर प्रहार करना था।प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिले कि इस हमले की योजना अत्यधिक शिक्षित, सामाजिक रूप से प्रतिष्ठित और प्रोफेशनल लोगों ने तैयार की थी,यानी वह वर्ग, जिसे अब तक समाज सम्मानित नागरिक कहता आया है। यहीं से इस घटना की गंभीरता कई गुना बढ़ जाती है।यह केवल आतंकवाद नहीं, बल्कि व्हाइट कलर टेरर नेटवर्क का उदाहरण है,एक ऐसा नेटवर्क जो हथियार नहीं, बल्कि विचार, शिक्षा, तकनीक और मनोविज्ञान को हथियार बनाता है। इस नेटवर्क का खतरनाक पहलू यह है कि यह समाज की मुख्यधारा में रहकर, उसी के ताने-बाने को भीतर से नष्ट करता है। साथियों बात अगर हम व्हाइट कलर टेरर नेटवर्क, विश्वविद्यालय और पेशेवर संस्थान आतंकवाद की नई पोशाक को समझने की करें तो, पारंपरिक आतंकवाद में बंदूक, विस्फोटक और गुप्त ठिकाने शामिल होते थे, लेकिन अब यह युग समाप्त हो रहा है। नई पीढ़ी का आतंकवाद व्हाइट कॉलर हो गया है,यानी वो लोग जो शिक्षित हैं,डॉक्टर हैं, प्रोफेसर हैं, इंजीनियर हैं, आईटी एक्सपर्ट हैं।ये लोग किसी सीमा पार के कैंप में नहीं,बल्किविश्वविद्यालयों, डिजिटल प्लेटफॉर्मों और थिंक टैंकों के माध्यम से भर्ती किए जाते हैं। यह आतंकवाद अब रॉकेट लांचर से नहीं, बल्कि री- प्रोग्राम किए गए माइंड से काम लेता है।व्हाइट कलर टेरर नेटवर्क की यह अवधारणा आज के समय में वैश्विक स्तर पर सबसे खतरनाक मानी जा रही है। अमेरिका में लोन वुल्फ टेररिज़्म, यूरोप में स्लीपर सेल प्रोफेशनल्स और दक्षिण एशिया में इंटेलेक्चुअल रेडिकलिज़्म,यह सब एक ही श्रेणी में आते हैं।भारत में यह मॉडल धीरे-धीरे सक्रिय हुआ है,खासतौर पर सोशल मीडिया, डार्क वेब और विश्वविद्यालय परिसरों के जरिए। विश्वविद्यालय और पेशेवर संस्थान,वैचारिकरेडिकलाइजेशन के नए ठिकाने-लाल किला विस्फोट के संदिग्धों में कुछ विश्वविद्यालय- शिक्षित लोग शामिल होना कोई संयोग नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में यह देखा गया है कि भारत के कुछ शैक्षणिक संस्थानों में विचारधारात्मक चरमपंथ ने धीरे- धीरे जड़ें जमाई हैं।कट्टरपंथी संगठन अब हथियारों की बजाय ब्रेनवॉशिंग पर अधिक निवेश कर रहे हैं। वे छात्रों को सिस्टम के खिलाफ, राज्य के विरोध में और सांस्कृतिक अस्मिता से दूर करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।विश्वविद्यालयों का माहौल जहां स्वतंत्र चिंतन का केंद्र होना चाहिए वहीं कुछ स्थानों पर यह सॉफ्ट रिक्रूटमेंट जोन में बदल गया है। ये युवा न तो सीधे आतंक मेंशामिल होते हैं, न ही हथियार उठाते हैं, बल्कि वे वैचारिक वाहक बन जाते हैं,जो आगे चलकर साइकोलॉजिकल टेरर के वाहक होते हैं। साथियों बात अगर हम सोशल मीडिया,आतंक का नया भर्ती तंत्र व बौद्धिक आतंकवाद को समझने की करें तो, 21वीं सदी का आतंकवाद अब जंगलों या पहाड़ों में नहीं, बल्कि मोबाइल स्क्रीन और चैट ग्रुपों में पलता है।लाल किला विस्फोट की जांच में सामने आया कि कुछ अभियुक्तों की ऑनलाइन इंडोक्ट्रीनेशन विदेशी प्रोफाइलों के माध्यम से की गई थी।
यह नेटवर्क“डिजिटल स्लीपर सेल्स” की तरह काम करता है जहाँ व्यक्ति सामान्य नागरिक की तरह दिखता हैपर धीरे- धीरे उसे चरमपंथ की विचारधारा में खींच लिया जाता है। साइकोलॉजिकल टेररिज़्म का यह डिजिटल चेहरा वैश्विक है। सीरिया, अफगानिस्तान, और अफ्रीका से लेकर यूरोप और अब भारत तक,यह नेटवर्क डिजिटल जिहाद, साइबर रिक्रूटमेंट और फेक नरेटिव प्रोपेगेंडा के माध्यम से युवाओं को जोड़ रहा है।भारत में भी इस खतरे के संकेत स्पष्ट हैं। इसलिए यह जरूरी है कि सरकार केवल फिजिकल टेररिज़्म पर नहीं,बल्कि साइबर-सोशल रेडिकलाइजेशन पर भी कठोर निगरानी रखे। बौद्धिक आतंकवाद,जब शब्द बनते हैं हथियार- आधुनिक आतंकवाद का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि यह अब केवल गोली से नहीं, बल्कि “विचार” से भी हत्या करता है।यह वही स्थिति है जब शिक्षित, सभ्य और प्रतिष्ठित लोग, अपने विचारों के माध्यम से युवाओं के मन में नफरत, विभाजन और हिंसा का बीज बो देते हैं।इसे ही सुरक्षा विशेषज्ञ बौद्धिक आतंकवाद या इंटेलेक्चुअल रेडिकलिज़्म कहते हैं।लाल किला विस्फोट इसी प्रवृत्ति की परिणति है, जहां विचारधारा ने विस्फोटक का रूप ले लिया। आतंक अब उन विश्वविद्यालयों और प्रोफेशनल सर्किलों में पैठ बना रहा है जहां सोचने-समझने की शक्ति को हथियार बना दिया गया है।इस स्थिति से निपटने के लिए केवल सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर्याप्त नहीं, समाज, शिक्षा प्रणाली और परिवारों को भी जागरूक होना होगा। साथियों बात अगर हम वैश्विक संदर्भ, सुरक्षा तंत्र की चुनौती, दुनियाँ में बढ़ता व्हाइट कलर टेररिज़्म को समझने की करें तो,लाल किला विस्फोट कोई अलग घटना नहीं है; यह उसी श्रृंखला का हिस्सा है जो यूरोप, अमेरिका और एशिया के कई देशों में देखी जा रही है।अमेरिका में 9/11 के बाद यह महसूस किया गया कि कुछ उच्च शिक्षित इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों ने इस हमले की योजना बनाई थी।इसी तरह ब्रिटेन में 2005 का लंदन ब्लास्ट और फ्रांस में 2015 का पेरिस अटैक,दोनों में ऐसे लोग शामिल थे जो उच्च शिक्षित और सामाजिक रूप से प्रतिष्ठित थे।यह प्रवृत्ति बताती है कि आतंकवाद अब गरीबी,अशिक्षा या बेरोजगारी से नहीं, बल्कि विचारधारात्मक हाइजैकिंग से पैदा हो रहा है। भारत के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है कि यदि समय रहते इस दिशा में वैचारिक और डिजिटल सुरक्षा नहीं बढ़ाई गई, तो आने वाले वर्षों में इंटेलेक्चुअल टेररिज़्म सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।सुरक्षा तंत्र की चुनौती,जब दुश्मन हमारे भीतर हो-भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह नई परिस्थिति सबसे कठिन है।पहले आतंकवादी सीमाओं के पार से आते थे,पर अब वह हमारे बीच रहकर हमारे जैसा जीवन जीते हुए, हमारे खिलाफ साजिश रचते हैं।ऐसे में पारंपरिक खुफिया प्रणाली पर्याप्त नहीं रह जाती।सुरक्षा तंत्र को अब साइकोलॉजिकल प्रोफाइलिंग, इंटेलेक्चुअल सर्विलांस और डिजिटल पैटर्न एनालिसिस जैसे आधुनिक तरीकों का उपयोग करना होगा।इसके साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विश्वविद्यालय प्रशासन और कॉरपोरेट संस्थानों को भी सुरक्षा साझेदार बनाना होगा।“नेशनल सेक्योरिटी अब केवल पुलिस या इंटेलिजेंस एजेंसी का विषय नहीं रहा;यह अब वैचारिक, तकनीकी और सामाजिक सुरक्षा का संयुक्त फ्रेमवर्क है।सॉफ्ट रेडिकलाइजेशन, सबसे छिपा, सबसे खतरनाक रूप-सॉफ्ट रेडिकलाइजेशन वह प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति को धीरे-धीरे, बिना किसी हिंसक प्रशिक्षण के, वैचारिक रूप से चरमपंथी बना दिया जाता है,यह प्रक्रिया महीनों नहीं, बल्कि वर्षों में होती है,और व्यक्ति को अहसास तक नहीं होता कि वह एकविचारधारात्मक सैनिक बन चुका है।लाल किला धमाका इसी सॉफ्ट रेडिकलाइजेशन की परिणति है।यह हमें बताता है कि आतंकी अब गोलियों की नहीं, बल्कि क्लिक की दुनिया में रहते हैं।इसलिए सुरक्षा एजेंसियों को इस अदृश्य आतंक”को पहचानने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और डाटा एनालिटिक्स का उपयोग बढ़ाना होगा। साथियों बात अगर हम समाधान, विचार, निगरानी और समाज की सजगता को समझने की करें तो,अब सवाल यह है कि इससे निपटा कैसे जाए?सबसे पहले, राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में सॉफ्ट रेडिकलाइजेशन मॉनिटरिंग को एक स्वतंत्र अध्याय के रूप में शामिल करना होगा।दूसरा, विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में “राष्ट्रीय सुरक्षा चेतना पाठ्यक्रम” लागू किए जा सकते हैं, ताकि छात्र यह समझ सकें कि विचारों का दुरुपयोग कैसे हो सकता है।तीसरा,सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को कानूनी रूप से बाध्य किया जाए कि वे ऐसे सटीक डिजिटल नेटवर्क का डेटा सरकार से साझा करें जो वैचारिक कट्टरता फैला रहे हैं।चौथा,समाज में परिवार स्तर पर संवाद बढ़ाया जाए क्योंकि अधिकांश ब्रेनवॉशिंग तब होती है जब व्यक्ति अकेला या मानसिक रूप से असुरक्षित होता है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि लाल किला विस्फोट का सबक, लाल किला विस्फोट ने हमें यह याद दिलाया है कि भारत की सुरक्षा अब केवल सीमा की नहीं, विचार की भी लड़ाई है। जब शिक्षित, सभ्य और सम्मानित व्यक्ति आतंक का औजार बन जाता है, तब यह केवल खुफिया विफलता नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना की हार होती है। इसलिए यह आवश्यक है कि भारत एक ऐसी नीति बनाए जिसमें कठोर सुरक्षा उपायों के साथ- साथ वैचारिक जागरूकता, डिजिटल अनुशासन और बौद्धिक जिम्मेदारी को भी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा माना जाए।लाल किला का यह घाव हमें यह सिखाता है कि दिल्ली की सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि हर नागरिक की वैचारिक सतर्कता पर निर्भर है।यह एक ऐसा दौर है जब हथियारों से नहीं, विचारों से लड़ाई लड़ी जा रही है, और इस युद्ध में भारत को ज्ञान, विवेक और सजगता से ही विजय प्राप्त करनी होगी। आज की सबसे बड़ी जंग मनुष्य के मन में लड़ी जा रही है,और जो अपने विचारों की रक्षा कर लेगा, वही राष्ट्र की रक्षा करेगा।
संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318
रन फॉर झारखंड कार्यक्रम के तहत ईचागढ़ में बच्चों संग दौड़े अधिकारी
सरायकेला/ईचागढ़
(मालखान महतो) झारखंड राज्य के रजत जयंती वर्ष समारोह विरासत और आकांक्षा का उत्सव यह कार्यक्रम 11 से 14 नवंबर तक संचालित है। इसी कड़ी में प्रथम दिवस मंगलवार को रन फॉर झारखंड, ईचागढ़ के चिरूगड़ा मैदान में विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ अधिकारी भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिए।
कार्यक्रम में ईचागढ़ प्रखंड विकास पदाधिकारी एकता वर्मा, अंचलाधिकारी दीपक प्रसाद, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी नवल किशोर सिंह एवं बीपीएम चंदन कुमार सिंह उपस्थित रहे। झारखंड के इतिहास, गौरव गाथा, महापुरुषों, आंदोलनकारी, समृद्धि विरासत एवं संस्कृति का संक्षिप्त परिचय करते हुए झारखंड के उत्तरतर के लिए शपथ ग्रहण कराया गया।
बच्चों के साथ ध्वजा लेकर अधिकारी भी दौड़ पड़े, जिससे वातावरण देशभक्ति और उत्साह से भर उठा। कार्यक्रम में उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी एकता वर्मा ने कहा कि यह दौड़ केवल एक खेल नहीं, बल्कि झारखंड की एकजुटता और ऊर्जा का प्रतीक है। आज का युवा वर्ग ही राज्य की असली ताकत है। वही अंचलाधिकारी दीपक प्रसाद ने कहा कि हमारा झारखंड निरंतर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। युवाओं को चाहिए कि वे इस ऊर्जा को समाज निर्माण में लगाएं।
प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी नवल किशोर सिंह ने कहा कि स्कूली बच्चों की भागीदारी यह दर्शाती है कि शिक्षा के साथ-साथ खेल भावना भी झारखंड की पहचान है। बीपीएम चंदन कुमार सिंह ने कहा रन फॉर झारखंड कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में स्वास्थ्य, एकता और देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम का समापन जय झारखंड के नारों और तिरंगे झंडे की लहरों के बीच हुआ। मौके पर अंचल निरीक्षक राजेश्वर पंडित,शिक्षक फुलटुली महतो,राजाराम महतो,बिनीता तिर्की, सुभाष दत्त, लाल मोहन महतो सहित कई शिक्षक तथा बीआरसी एवं अंचल कर्मी उपस्थित थे।
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा हुआ पर्यावरणीय लोक सुनवाई
ग्राम सभा ने किया जमकर विरोध प्रदर्शन
सरायकेला/ईचागढ़
(मालखान महतो) सरायकेला-खरसावां जिला के नीमडीह प्रखंड क्षेत्र के रघुनाथपुर मेसर्स स्टील्स एण्ड पावर लिमिटेड परिसर में मंगलवार को कंपनी स्थापना को लेकर झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पर्यावरणीय लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। जन सुनवाई में जहां जमीन दाताओं ने नदी नालों गांवों में प्रदुषण नियंत्रण व जमीन दाताओं को नौकरी, शिक्षा आदि का मांग रखी नहीं ज़मीन का उचित मुआवजा नहीं दिया जाने का भी मामला उठाया गया।
जमीन दाताओं ने बताया कि 11 लाख प्रति एकड़ के दर से जमीन का रूपया दिया गया है एवं कंपनी द्वारा 44 लाख प्रति एकड़ के दर से दलिल में अंकित किया गया है और बहुत सारे जमीन दाताओं का बीना जानकारी के जमीन रजिस्ट्री कर लिया गया है। लोगों ने ये भी शिकायत किया कि कंपनी द्वारा बंजर भूमि दिखाकर जमीन अधिग्रहण किया गया है।जन सुनवाई विरोध और समर्थन के बीच सम्पन्न हुआ। वहीं एडीसी हर्षवर्धन कुमार व प्रदुषण पदाधिकारी जितेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि जन सुनवाई में जो भी शिकायत मिली है उसका निराकरण के लिए सक्षम पदाधिकारी को भेज दिया जाएगा।
जन सुनवाई के खिलाफ ग्राम सभा ने किया विरोध प्रदर्शन
जन सुनवाई के दौरान ग्राम सभा के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों ने रैली के शक्ल में जन सुनवाई स्थल के समक्ष पहुंचे और जमकर विरोध किया। ग्राम सभा द्वारा विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि आठवीं अनुसूची क्षेत्र होने के नाते कंपनी द्वारा जमीन अधिग्रहण बीना ग्रामसभा को जानकारी दिए कंपनी स्थापित किया जा रहा है। औने पौने दामों में जमीन अधिग्रहण कर अधिक रूपए का डीड बनाया गया है। कहा कि जमीन दाताओं का हक मारने वाले जमीन दलालों का भी जल्द खुलासा किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने अंचलाधिकारी को मांग पत्र भी सौंपा।प्रदर्शनकारियों ने कंपनी प्रबंधक हाय हाय, जमीन दलालों होश में आओ, दलाली करना बंद करो, ना विधान सभा ना लोकसभा सबसे ऊंचा ग्राम सभा आदि आकाश भेदी नारे लगा रहे थे। मौके पर ग्राम सभा के रूपाई माझी, जेएलकेएम नेता तरूण महतो, गोपेश महतो आदि उपस्थित थे।
प्रस्तावित फैक्ट्री के खिलाफ गौरडीह पंचायत में बैठक हुई।
सरायकेला/चांडिल
सरायकेला खरसावां जिला के नीमडीह प्रखंड अंतर्गत गैरडीह पंचायत भवन ग्राम सभा के सदस्य ग्रामीण के साथ प्रस्तावित फैक्ट्री के जमीन अधिग्रहण में स्थानीय प्रशासन की उपेक्षित के कारण ग्रामीण विरोध करने को विवश हैं। प्रशासन राज्य सरकार की सारी व्यवस्था को दरकिनार कर जमीन का अधिग्रहण संस्था एवं दलाल के माध्यम से किया है।ग्रामीण के जमीन अधिग्रहण में काई विसंगति है।
राज्य सरकार का विकास करना है तो आयडा से जमीन अधिग्रहण क्यो नही कराया गया।संस्था किसी को जमीन देकर ग्रामीण और कंपनी प्रबंधन से दुरी बनाने का षंडयत्र रचा गया।इस अवसर प्रदेश के कैडिनेटर राधा कृष्ण सिंह मुंडा ने कहा कि जनता के हित न्यायालय के शरण जाएंगे। राज्य के मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री विधायक का का पुतला भी ग्रामीण के भीतर में फुंका जाएगा। यह क्षेत्र चांडिल डैम,दलमा सेंचरी भी विस्थापित करने की चर्चा है। इसके बाद पांच गांव के किसान को उपजाऊ खेती में फैक्ट्री बैठा कर बेरोजगार करने की षंड़यत्र रचा जा रहा है। लोग को गुमराह कर जमीन लिया जा रहा है।
त्रिलोचन सिंह की अध्यक्षता में गौरडीह पंचायत के भवन में बैठक हुई राधा कृष्ण सिंह मुंडा, सुरेन्द्र सिंह सरदार,मदन सिंह सरदार, चंद्रमोहन सिंह सरदार, विभाग गांव के वासी रहे मौजूद।
विधानसभा उपचुनाव को लेकर मुसाबनी प्रखंड कार्यालय में बना हाईटेक नियंत्रण कक्ष
मुसाबनी
मंगलवार को घाटशिला विधानसभा का उपचुनाव संपन्न कराए जाने को लेकर जहां मतदान कर्मी अपने-अपने बुथों पर मतदान संपन्न कराया।
वहीं दूसरी ओर मुसाबनी प्रखंड कार्यालय में 99 बूथों पर पैनी नजर बनाए रखने के लिए हाईटेक नियंत्रण कक्ष बनाया गया था। जिसमें कंप्यूटर के अनुभवी एवं जानकार कर्मचारियों को इस नियंत्रण कक्ष की जिम्मेदारी प्रखंड विकास पदाधिकारी डुमरिया नीलेश मुर्मू व सीओ सह सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी पवन कुमार द्वारा सौंपी गई थी। प्रखंड स्तरीय यह नियंत्रण कक्ष सोमवार से ही काम करना शुरू कर दिया था। बुधवार को इस हाईटेक नियंत्रण कक्ष में तैनात सभी कर्मियों ने मतदान के पल-पल की रिपोर्ट लेकर डाटा तैयार करने में जुटे रहे। 11 नम्बर को सुबह 4:00 बजे भोर से ही यह कंट्रोल रूम काम करने लगा था। जो मतदान समाप्ति के बाद अंतिम रिपोर्ट प्रेषित करने तक सक्रिय रहा। यह नियंत्रण वरीय नोडल पदाधिकारी जयराम हांसदा प्रखंड नाजीर की देखरेख में संचालित रहा।
कक्ष में कंप्युटर ऑपरेटर निर्वाचन कृष्णा नंद चौधरी, मृत्युंजय सिन्हा,सोमेश माहाली,आसित पातर,शंकर सिंह, भाष्कर पाल, अनिता कुमारी,चांदमुनी मार्डी,मुस्कान मार्डी, बुलबुल रानी साव , सहदेव मुंडा,सुमन साव, प्रियंका मांझी, राजेश श्रीवास्तव,मो जुनैद, मोहम्मद सैफुल्लाह अंसारी,पुनता हांसदा, आदि पल-पल की रिपोर्ट लेकर अंतिम प्रतिवेदन तैयार किया।