अवैध बालू परिवहन के विरुद्ध खनन विभाग ने आदित्यपुर क्षेत्र में की कार्रवाई, अवैध बालू लदा बोलेरो पिकअप जब्त, थाना को किया गया सुपुर्द।
सरायकेला/खरसावां
उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां के निर्देशानुसार जिला खनन विभाग द्वारा आज दिनांक 09 सितम्बर 2026 को अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की गई। कार्रवाई के क्रम में आदित्यपुर क्षेत्र अंतर्गत एमटीसी, गम्हरिया के समीप अवैध रूप से बालू लदे एक बोलेरो पिकअप वाहन को जब्त किया गया।
जब्त वाहन को अग्रेतर आवश्यक कार्रवाई हेतु आदित्यपुर थाना को सुपुर्द किया गया है।
उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा जिला अंतर्गत अवैध खनन, खनिजों के अवैध भंडारण एवं परिवहन की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा है कि जिले में खनिजों के अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी ने कहा है की अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध जिला प्रशासन एवं खनन विभाग द्वारा इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी सतत रूप से जारी रहेगी।
खरसावां थाना में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, कांडों की फाइलें और सीसीटीवी उपकरण जले।
सरायकेला-खरसावां
आधे घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस जवानों ने आग पर पाया काबू, कई जरूरी सामान जलकर राख
खरसावां थाना परिसर में सोमवार की सुबह बिजली के शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते थाना प्रभारी के चेंबर में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे कमरे में धुआं भर गया। आग की चपेट में आने से सीसीटीवी मॉनिटर, डीबीआर, रजिस्टर, विभिन्न कांडों के अभिलेख, टेबल सहित कई जरूरी सामान जलकर राख हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार, खरसावां थाना प्रभारी राहुल कुमार सिंह सोमवार सुबह करीब आठ बजे अपने चेंबर में बैठे हुए थे। कुछ देर बाद जैसे ही वह चेंबर से बाहर निकले, उसी दौरान बिजली के शॉर्ट सर्किट से कमरे में आग लग गई। देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी और चेंबर से धुआं निकलने लगा।
थाना परिसर में मौजूद पुलिस जवानों और पदाधिकारियों की नजर जब आग पर पड़ी तो तत्काल अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए सबसे पहले विभिन्न कांडों से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलों और अभिलेखों को सुरक्षित स्थान पर हटाया। इसके बाद टेबल, कुर्सी तथा अन्य जरूरी सामानों को भी आग की चपेट में आने से बचाने का प्रयास किया गया।
पुलिस जवानों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक आग ने चेंबर में रखे कई महत्वपूर्ण उपकरण और सामानों को अपनी चपेट में ले लिया था। आग से सीसीटीवी मॉनिटर, डीबीआर, रजिस्टर, विभिन्न कांडों के अभिलेख, टेबल समेत अन्य सामानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। घटना के बाद थाना परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस द्वारा आग लगने के वास्तविक कारण और इससे हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की विस्थापितों की संवाद यात्रा जारगोडीह से हुई शुरुआत।
सरायकेला/ईचागढ़
चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की पूर्व घोषित संवाद यात्रा सोमवार को ईचागढ़ प्रखंड के जारगोडीह गांव से शुरू हुई। यात्रा के दौरान मंच के सदस्यों ने विभिन्न गांवों में नुक्कड़ सभाएं कर विस्थापितों की समस्याओं, अधिकारों और आंदोलन की आगामी रणनीति को लेकर ग्रामीणों से संवाद किया। जारगोडीह में आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए श्यामल मार्डी ने कहा कि इस बार सभी विस्थापित संगठन एकजुट होकर ग्रामीणों के बीच आए हैं। उन्होंने कहा, “अबकी बार की लड़ाई आर-पार की है। विस्थापितों के अधिकार और उनके हक की लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ा जाएगा।”
उन्होंने ग्रामीणों से आंदोलन में एकजुटता के साथ शामिल होने का आह्वान किया। संवाद यात्रा के माध्यम से विस्थापित परिवारों से उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं की जानकारी भी ली गई। जारगोडीह के बाद संवाद यात्रा बामूनडीह, पोईलौंग, चोगा, आदारडीह और सोड़ो गांव पहुंची। विभिन्न गांवों में नुक्कड़ सभाओं के जरिए ग्रामीणों को विस्थापन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होने का संदेश दिया गया।
यात्रा में अजित किस्कु, अम्बिका यादव, हेमंत गोप, हरेकृष्ण महतो, अकलु धीवर, आशीष राम धीवर, मनहर महतो, धर्मेंद्र महतो, डॉ. गुरुचरण महतो, सिमंत महतो समेत अन्य लोग शामिल थे। मंच की ओर से बताया गया कि संवाद यात्रा के जरिए चांडिल डैम से प्रभावित गांवों में पहुंचकर विस्थापितों को आंदोलन की आगामी रूपरेखा से अवगत कराया जाएगा।
खेत में काम कर रहीं पांच महिलाओं पर गिरी आकाशीय बिजली, दो की मौत,तीन महिलाएं घायल।
सरायकेला/ईचागढ़
तिरुलडीह थाना क्षेत्र के पांड्रा गांव में सोमवार को मौसम के अचानक बदले मिजाज ने दो परिवार पर दुखों का पहाड़ ला दिया। खेत में काम कर रहीं पांच महिलाएं आकाशीय बिजली की चपेट में आ गईं। हादसे में सोनामनी महतो और मुक्ता महतो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य महिलाएं घायल हो गईं। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, महिलाएं खेत में काम कर रही थीं। इसी दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिरने से सभी इसकी चपेट में आ गईं।
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तीनों घायल महिलाओं को तत्काल तिरुलडीह अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें पातकुम अस्पताल रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि उपचार के बाद तीनों घायल महिलाओं की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद तिरुलडीह थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने दोनों मृत महिलाओं के शवों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू की। इधर, घटना की सूचना मिलने पर जेएमएम प्रखंड अध्यक्ष कृतिबास महतो भी अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में सहयोग किया।
आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत की खबर मिलते ही पूरे पांड्रा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। हादसे ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला परिषद उपाध्यक्ष श्रीमती मधुश्री महतो ने संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सरकारी नियमानुसार मुआवजा दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने दोनों दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। साथ ही आम लोगों से अपील की है कि बारिश और वज्रपात के दौरान खुले खेतों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास न रहें।
सरायकेला खरसावां पुलिस को मिली बड़ी सफलता, लूटकांड के छह आरोपी हथियार के साथ गिरफ्तार।
सरायकेला/चौका
सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई लूट और लूट के प्रयास की कई घटनाओं का पुलिस ने खुलासा करते हुए छह आरोपियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन पिस्टल, एक गोली, चाकू, हथौड़ी, दाउली, तीन बाइक और सात मोबाइल फोन बरामद किए हैं। चौका थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी मनोज स्वर्गियारी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चौका थाना क्षेत्र के चुटियाखाल स्थित बंद प्राथमिक विद्यालय में कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग एकत्रित हुए हैं।
सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने स्कूल परिसर में छापेमारी की। इस दौरान छह संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तलाशी के क्रम में उनके पास से हथियार समेत अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ। इसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोनसा सिंह मुंडा, चंबुराम मुंडा उर्फ चमुरा, सोमा मुंडा उर्फ सब्जी, देबेन मुंडा, सोमा मुंडा उर्फ करपा और रामजीत मुंडा उर्फ मंगरा मुंडा के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी हाल के दिनों में चौका थाना क्षेत्र में हुई कई आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहे हैं। इनमें बानसा स्थित सरकारी शराब दुकान में लूट का प्रयास, उरमाल स्थित माधुरी पेट्रोल पंप से मोबाइल और रुपये की लूट तथा घाट दुलमी स्थित होटल माउंट व्यू से मोबाइल और रुपये लूटने की घटनाएं शामिल हैं। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार छह आरोपियों में से चार का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस अब बरामद हथियारों और अन्य सामान के आधार पर आरोपियों से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मिर्जाडीह में शिक्षा सशक्तिकरण कार्यक्रम, 250 बच्चों के बीच शैक्षणिक सामग्री का वितरण।
जमशेदपुर/बोड़ाम
एसटीपी (बर्जर ग्रुप ऑफ कंपनीज) की ओर से बोड़ाम प्रखंड के मिर्जाडीह स्थित मध्य विद्यालय में एक शिक्षा सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई।
इस दौरान विद्यालय के 250 छात्र-छात्राओं के बीच स्कूल बैग, कॉपी, टिफिन बॉक्स, पेंसिल बॉक्स, वॉटर बोतल, कलर बॉक्स, रबर, शार्पनर, ज्योमेट्री बॉक्स, स्केल समेत कई जरूरी शैक्षणिक सामग्रियां बांटी गईं। नई सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था।
कार्यक्रम में एसटीपी (बर्जर ग्रुप ऑफ कंपनीज) के एचआर हेड प्रणब भूटे, उत्तम कुमार दत्ता तथा ऑप्टिस्टोन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक शुभंकर चक्रवर्ती के साथ अनिमेष, रोबिन, सिला, माधुरी और दूलहन मौजूद रहे।
इस मौके पर अतिथियों ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए मन लगाकर पढ़ने और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और शिक्षा के प्रति उनकी रुचि भी मजबूत होती है।
कार्यक्रम का संचालन संस्कृति सोशल वेलफेयर फाउंडेशन की अध्यक्ष मुनमुन चक्रवर्ती ने किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारत की नई वैश्विक आर्थिक छलांग :आर्थिक महाशक्ति बनने पूंजी,अंतरिक्ष,विदेशी मुद्रा और ब्रिक्स के बीच विज़न 2047 की निर्णायक राह -समग्र व्यापक विश्लेषण।
भारत का नया ग्लोबल पावर गेम: पैसा,बाजार, अंतरिक्ष और ब्रिक्स -2047 तक दुनियाँ की आर्थिक धुरी बनने की तैयारी
अब भारत सिर्फ़ बाजार नहीं,वैश्विक शक्ति का केंद्र :शेयर बाजार,निवेश, अंतरिक्ष और ब्रिक्स से 2047 की निर्णायक छलांग -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र
वैश्विक स्तरपर आज की दुनियाँ में किसी देश की आर्थिक ताकत का आकलन केवल उसके सकल घरेलू उत्पाद शेयर बाजार के सूचकांकों या विदेशी मुद्रा भंडार से नहीं किया जाता।वास्तविक शक्ति उस देश की इस क्षमता से तय होती है कि वह वैश्विक पूंजी कोकितना आकर्षित कर सकता है, अपनी आपूर्तिश्रृंखलाओं को कितना सुरक्षित रख सकता है,तकनीकी और रणनीतिक क्षेत्रों में कितनी आत्मनिर्भरता हासिल कर सकता है तथा बदलती विश्व व्यवस्था में अपनी आवाज को कितना प्रभावशाली बना सकता है।इसी दृष्टि से वर्ष 2026 भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दिखाई देता है। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह बताना चाहूंगा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अमेरिका यात्रा, ज़ी20 में भारत की सक्रिय भूमिका, ईओएस-05 जैसे अत्याधुनिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह की सफलता,विदेशी मुद्रा भंडार का रिकॉर्ड स्तर और आगामी 12-13 सितंबर 2026 नई दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन,ये सभी घटनाएं अलग-अलग दिखाई देती हैं,लेकिन वास्तव में इनके पीछे एक साझा कहानी है: भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में केवल भागीदार नहीं, बल्कि प्रभावशाली शक्ति बनने की दिशा में सटीकता से आगे बढ़ रहा है।
साथियों, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की हालिया अंतरराष्ट्रीय आर्थिक कूटनीति इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।सरकारी कार्यक्रम के अनुसार 25 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक कनाडा और अमेरिका की यात्रा के दौरान उन्होंने निवेशकों, कंपनियों और वित्तीय क्षेत्र के प्रतिनिधियों से मुलाकात की तथा अमेरिका में शिकागो, एशविले और न्यूयॉर्क का दौरा किया।एशविले में 31 अगस्त और 1 सितंबर को आयोजित ज़ी 20 फाइनेंस मिनिस्टर्स एंड सेंट्रल बैंक गवर्नर्स बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करना विशेष महत्व रखता है।इसका अर्थ यह है कि भारत वैश्विक आर्थिक संकटों पर प्रतिक्रिया देने वाला देश मात्र नहीं रहना चाहता,बल्कि वैश्विक आर्थिक नियमों, वित्तीय स्थिरता और विकास की दिशा तय करने वाली बातचीत में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। ऐसे समय में जब व्यापार तनाव, ऊर्जा कीमतों, ऋण संकट और भू-राजनीतिक संघर्षों ने वैश्विक निवेशकों के सामने अनिश्चितता बढ़ाई है, भारत का संदेश यह है कि उसकी अर्थव्यवस्था दीर्घकालिक निवेश, उत्पादन और तकनीकी विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य बनी हुई है।इसका सीधा प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है। जब वित्त मंत्री विश्व के बड़े निवेशकों के सामने भारत की आर्थिक क्षमता, निवेश अवसरों और वित्तीय क्षेत्र की संभावनाओं को प्रस्तुत करती हैं, तो इसका महत्व केवल कूटनीतिक नहीं होता। विदेशी संस्थागत निवेशक किसी बाजार में पैसा लगाने से पहले आर्थिक वृद्धि,मुद्रास्थिरता विदेशी मुद्रा भंडार राजकोषीय स्थिति,नीतिगत स्थिरता और कॉर्पोरेट संभावनाओं को देखते हैं।यदि इन मोर्चों पर विश्वास मजबूत होता है तो भारतीय इक्विटी बाजार में दीर्घकालिक विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ सकताहैहालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि शेयर बाजार लगातार ऊपर ही जाएगा। वैश्विक ब्याज दरें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमतें, युद्ध और व्यापार नीतियां भारतीय बाजार में अस्थिरता पैदा कर सकती हैं। इसलिए भारत की कहानी मजबूत होने के बावजूद निवेशकों के लिए जोखिम प्रबंधन उतना ही महत्वपूर्ण रहेगा।
साथियों, इसी आर्थिक कहानी को भारत के रिकॉर्ड विदेशी मुद्रा भंडार ने और मजबूती दी है। 28 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 अरब डॉलर बढ़कर 740.803 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां लगभग 600.67 अरब डॉलर और स्वर्ण भंडार लगभग 116.41 अरब डॉलर रहा। यह उपलब्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महज एक आंकड़ा नहीं है। विशाल विदेशी मुद्रा भंडार वैश्विक झटकों के सामने सुरक्षा- कवच की तरह काम करता है।यदि डॉलर मजबूत होता है, पूंजी बाजारों में अचानक निकासी होती है या तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार भारतीय रिजर्व बैंक को बाजार में व्यवस्थित हस्तक्षेप और रुपये में अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करने की क्षमता देता है। यही कारण है कि रिकॉर्ड रिजर्व भारतीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के मन में भारत की बाहरी वित्तीय स्थिरता को लेकर विश्वास बढ़ा सकता है।रुपये के संदर्भ में भी इसका महत्व अत्यंत बड़ा है। विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत होने से बाजार में यह विश्वास पैदा होता है कि भारत के पास वैश्विक भुगतान दायित्वों और बाहरी झटकों से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं।लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण सावधानी भी आवश्यक है,उच्च विदेशी मुद्रा भंडार अपने आप में रुपये को स्थायी रूप से मजबूत नहीं बनाता।कच्चे तेल का आयात, अमेरिकी डॉलर की वैश्विक मांग,ब्याज दरों का अंतर और पूंजी प्रवाह जैसे अनेक कारक रुपये की दिशा तय करते हैं। इसलिए रिकॉर्ड रिजर्व को भारत की वित्तीय ताकत का संकेत माना जाना चाहिए,न कि शेयर बाजार या मुद्रा में सटीकता से निश्चित तेजी की गारंटी।
साथियो, अब इस आर्थिक तस्वीर में अंतरिक्ष शक्ति को जोड़ना आवश्यक है। ईओएस -05 मिशन भारत की रणनीतिक और तकनीकी क्षमता के विस्तार का संकेत देता है। इसरो के अनुसार जीएसएलवी -एफ़ 17 ने ईओएस -05 को सब -जियोसिंचरोनास ट्रांसफर ओरबिट में स्थापित किया और ईओएस-05 भारत का पहला इमेजिग सटेलाइट है जिसे जियोसिंचरोनास ओरबिट से पृथ्वी अवलोकन के लिए डिजाइन किया गया है। लगभग 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई वाले जियोसिंक्रोनस क्षेत्र में पृथ्वी अवलोकन की क्षमता का महत्व केवल सैन्य निगरानी तक सीमित नहीं है। इसका उपयोग मौसम, आपदा प्रबंधन,कृषि,पर्यावरण निगरानी और व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकताओं में किया जा सकता है। इस तरह अंतरिक्ष तकनीक अब भारत की अर्थव्यवस्था का भी हिस्सा बन रही है।
साथियों यहां से अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए एक नया क्षेत्र खुलता है।यदि भारत पृथ्वी अवलोकन,संचार,नेविगेशन, लॉन्च सेवाओं, सैटेलाइट डेटा और अंतरिक्ष-आधारित सेवाओं में अपनी क्षमता बढ़ाता है तो इससे निजी अंतरिक्ष कंपनियों, रक्षा- तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर,सेंसर,सॉफ्टवेयर और डेटा एनालिटिक्स कंपनियों के लिए नए बाजार बन सकते हैं। परिणाम स्वरूप भारतीय शेयर बाजार में केवल पारंपरिक बैंकिंग, आईटी या ऑटोमोबाइल कंपनियां ही नहीं, बल्कि स्पेस-टेक और डीप-टेक से जुड़ी कंपनियां भी भविष्य की निवेश कहानी का हिस्सा बन सकती हैं लेकिन ईओएस-05 की रणनीतिक अहमियत इससे भी आगे जाती है। आज दुनिया में युद्ध की प्रकृति बदल रही है। भविष्य के संघर्षों में जमीन, समुद्र और हवा के साथ अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र की भूमिका लगातार बढ़ सकती है। अमेरिका और चीन के बीच अंतरिक्ष क्षमता, उपग्रह नेटवर्क, संचार, नेविगेशन और पृथ्वी निगरानी को लेकर प्रतिस्पर्धा इसी बड़े बदलाव का संकेत है। भारत के लिए चुनौती यह है कि वह अंतरिक्ष को केवल वैज्ञानिक उपलब्धि न मानकर आर्थिक,रणनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा अवसंरचना के रूप में विकसित करे। यदि भारत ऐसा करता है तो अंतरिक्ष क्षेत्र विज़न 2047 की तकनीकी शक्ति का महत्वपूर्ण स्तंभ बन सकता है। साथियों, इसी बीच 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में होने वाला 18वां ब्रिक्स सम्मिट भारत की वैश्विक आर्थिक कूटनीति के लिए एक और बड़ा अवसर है। भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और उसका थीम बिल्डिंग फॉर रेसिलिन्स, इन्नोवेशन, कोआपरेशन एंड सस्टेएबिलिटी रखा गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार वर्षभर में 25 से अधिक शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इसका अर्थ है कि ब्रिक्स केवल नेताओं की एक शिखर बैठक नहीं, बल्कि व्यापार, वित्त, निवेश, तकनीक और विकास सहयोग का विस्तृत मंच बन रहा है।
साथियों,ब्रिक्स और ज़ी 7 की तुलना करते समय इसे कौन जीता कौन हारा के सरल प्रश्न में सीमित करना उचित नहीं होगा।ज़ी 7 के पास विकसित गतिशील अर्थव्यवस्थाओं वैश्विक वित्तीय संस्थानों तकनीकी कंपनियों और पूंजी बाजारों में भारी प्रभाव है, जबकि ब्रिक्स का महत्व उभरती गतिशील अर्थव्यवस्थाओं ऊर्जा प्राकृतिक संसाधनों बड़े उपभोक्ता बाजारों और ग्लोबल साउथ की आवाज से जुड़ा है। दोनों समूहों की ताकत अलग-अलग क्षेत्रों में है। असली बदलाव यह है कि विश्व अर्थव्यवस्था अब एकध्रुवीय ढांचे से अधिक बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। भारत के लिए यह परिस्थिति चुनौती के साथ- साथ असाधारण अवसर भी है।नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत को ग्लोबल साउथ और विकसित अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक सेतु के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर देगा। यदि भारत व्यापार, डिजिटल भुगतान, स्थानीय मुद्राओं में कारोबार, ऊर्जा सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों, विकास वित्त, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग पर व्यावहारिक पहल आगे बढ़ाता है,तो इसका लाभ भारतीय कंपनियों को मिल सकता है। भारतीय बैंकों, डिजिटल भुगतान कंपनियों, इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों, ऊर्जा क्षेत्र, फार्मा, ऑटोमोबाइल, आईटी और विनिर्माण क्षेत्र के लिए नए बाजार खुल सकते हैं। विदेशी निवेशकों के लिए भी भारत का आकर्षण केवल भारत में निवेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत के माध्यम से वैश्विक बाजारों तक पहुंच का मॉडल बन सकता है।
साथियों भारतीय शेयर बाजार के लिए इन सभी घटनाओं का संयुक्त प्रभाव मनोवैज्ञानिक और वास्तविक दोनों हो सकता है। मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार बाजार को बाहरी झटकों के विरुद्ध भरोसा देता है; वैश्विक आर्थिक कूटनीति विदेशी निवेशकों का विश्वास बढ़ा सकती है; अंतरिक्ष और रक्षा तकनीक नए औद्योगिक अवसर पैदा कर सकते हैं; जबकि ब्रिक्स और ज़ी 20 में भारत की सक्रियता भारतीय कंपनियों के लिए नए वैश्विक बाजारों के दरवाजे खोल सकती है। इसके साथ घरेलू उपभोग, बुनियादी ढांचा निवेश, विनिर्माण विस्तार और डिजिटल अर्थव्यवस्था जुड़ जाए तो भारत का इक्विटी बाजार दीर्घकाल में व्यापक विकास कहानी का प्रतिनिधि बन सकता है।अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए भारत की सबसे बड़ी ताकत अब केवल तेज जीडीपी ग्रोथ नहीं होगी।उन्हें भारत में एक साथ कई कहानियां दिखाई देंगी,बड़ा उपभोक्ता बाजार, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, विनिर्माण क्षमता, ऊर्जा संक्रमण, अंतरिक्ष तकनीक, रक्षा उत्पादन, वित्तीय गहराई, स्टार्टअप इकोसिस्टम और ग्लोबल साउथ के साथ बढ़ते आर्थिक संबंध। लेकिन भारत को इस अवसर को स्थायी पूंजी में बदलने के लिए नियामकीय स्थिरता, न्यायिक और संविदात्मक निश्चितता, बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता, कौशल विकास और कारोबार करने की सरलता पर निरंतर काम करना होगा।
साथियो, विज़न 2047 की दृष्टि से इन घटनाओं का महत्व सबसे अधिक है। विकसित भारत केवल तब बनेगा जब भारत आर्थिक रूप से बड़ा होने के साथ- साथ वित्तीय रूप से मजबूत, तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर, रणनीतिक रूप से सुरक्षित और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली बने। विदेशी मुद्रा भंडार भारत की वित्तीय ढाल को मजबूत करता है; अंतरिक्ष मिशन तकनीकी शक्ति का प्रदर्शन करता है; ज़ी 20 में आर्थिक कूटनीति वैश्विक नीति-निर्माण में भारत की आवाज को मजबूत करती है; और ब्रिक्स भारत को बदलती बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में नेतृत्व का मंच देता है। इन चारों को एक साथ देखने पर विज़न 2047 का आर्थिक खाका अधिक स्पष्ट दिखाई देता है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि भारत के सामने अवसर बहुत बड़ा है, लेकिन इसे स्वतः मिलने वाली उपलब्धि समझना सबसे बड़ी भूल होगी। वैश्विक अर्थव्यवस्था में पूंजी आज उसी देश की ओर जाती है जहां विकास की संभावना के साथ नीति की विश्वसनीयता, संस्थागत मजबूती और भविष्य की तकनीकी क्षमता दिखाई देती है।भारत के रिकॉर्ड विदेशी मुद्रा भंडार, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक कूटनीति, अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती क्षमता और ब्रिक्स नेतृत्व ने एक मजबूत आधार तैयार किया है।अब अगला चरण इस आधार को रोजगार उत्पादकता, निर्यात, निजी निवेश, नवाचार और आम नागरिक की आय में बदलने का है।यदि भारत ऐसा करने में सफल रहता है तो 2047 केवल स्वतंत्रता की शताब्दी का उत्सव नहीं होगा, बल्कि उस समय तक भारत विश्व अर्थव्यवस्था का एक निर्णायक केंद्र, वैश्विक पूंजी का प्रमुख गंतव्य और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का प्रभावशाली स्तंभ बन सकता है। यही इन चार घटनाओं का सबसे बड़ा संयुक्त संदेश है, भारत अब वैश्विक अर्थव्यवस्था को केवल देख नहीं रहा; वह उसके अगले अध्याय को आकार देने की तैयारी कर रहा है।
क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318
उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा ने CHC गम्हरिया का किया औचक निरीक्षण।
सरायकेला-खरसावां
उप विकास आयुक्त, सरायकेला-खरसावां श्रीमती रीना हांसदा द्वारा आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), गम्हरिया का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने महिला एवं पुरुष वार्ड, स्टोर रूम, ऑपरेशन थिएटर (OT), डायलिसिस सेंटर के निर्माणाधीन कार्य, लैब सहित स्वास्थ्य केंद्र के विभिन्न कक्षों एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
महिला वार्ड में भर्ती गर्भवती महिलाओं से संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं, उपचार एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली गई। उप विकास आयुक्त द्वारा सभी मरीजों को निर्धारित समय पर निर्धारित चार्ट के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने तथा अस्पताल में स्वच्छता, दवा एवं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
डायलिसिस सेंटर के निर्माण कार्य की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। उप विकास आयुक्त द्वारा शेष लंबित कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कराने तथा आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए डायलिसिस सेंटर को यथाशीघ्र प्रारंभ कराने का निर्देश दिया गया, ताकि क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध हो सके।
उन्होंने निर्देश दिया कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार सभी पदाधिकारी, चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी अपने-अपने निर्धारित ड्यूटी स्थल पर ससमय उपस्थित रहकर दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें। मरीजों को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा मरीजों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।
भवन मरम्मत एवं जीर्णोद्धार से संबंधित कार्यों का स्थल निरीक्षण
स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई मरम्मत एवं भवन जीर्णोद्धार से संबंधित सूची का भी अवलोकन किया गया। सूची में चिह्नित कार्यों एवं आवश्यकताओं के अनुरूप उप विकास आयुक्त द्वारा संबंधित स्थलों का स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया तथा आवश्यक गैप्स को चिह्नित किया गया।
उन्होंने चिह्नित कमियों एवं आवश्यक मरम्मत/जीर्णोद्धार कार्यों के लिए स्थल निरीक्षण के आधार पर आवश्यक प्राक्कलन (Estimate) तैयार करने की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा सके तथा स्वास्थ्य केंद्र की आधारभूत संरचना को और सुदृढ़ किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी DRCHO डॉ. सुजीत मुर्मू, MOIC गम्हरिया उपस्थित रहे।
आदित्यपुर नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जा कर दुकान-मकान बनाकर अवैध शराब की खुलेआम बिक्री, प्रशासन मौन।
सरायकेला/आदित्यपुर
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र की सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध कब्जा कर पक्की दुकानें और घर बनाकर रहने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इसी आड़ में इन दुकानों और घरों से अवैध देशी-विदेशी शराब की खुलेआम बिक्री की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि निगम की कीमती जमीन पर रातों-रात टीन-शेड और पक्का निर्माण कर लिया जाता है। दिन में किराना और चाय की दुकान चलती है, लेकिन शाम होते ही वहीं से शराब की अवैध बिक्री शुरू हो जाती है। इससे आसपास के शरीफ परिवारों का जीना मुश्किल हो गया है। आए दिन नशेड़ियों द्वारा गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएं होती हैं।
नगर निगम द्वारा कई बार अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया गया, परंतु राजनीतिक दबाव और मिलीभगत के कारण कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली जाती है।
स्थानीय निवासियों की मांग: 1. आदित्यपुर नगर निगम अपनी जमीन का सर्वे कर अवैध कब्जा चिन्हित करे। 2. उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां और नगर आयुक्त संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाएं। 3. अवैध शराब बेचने वालों पर उत्पाद विभाग और स्थानीय थाना मिलकर कड़ी कार्रवाई करे।
क्षेत्र के एक बुजुर्ग ने कहा, _”निगम की जमीन पर कब्जा कर शराब बेचना, ये दोहरा अपराध है। सरकार की जमीन भी गई और समाज भी खराब हो रहा है।”
प्रशासन से जनहित में अपेक्षा है कि इस पर त्वरित संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाए।
आदित्यपुर बस्ती में 83 सालों से अनवरत जारी है जन्माष्टमी की ऐतिहासिक परंपरा, मेयर संजय सरदार ने फीता काटकर मेले का किया शुभारंभ।
सरायकेला/आदित्यपुर
आदित्यपुर बस्ती रोड नंबर-सी स्थित गौरांगो क्लब में श्री श्री जन्माष्टमी पूजा समिति द्वारा इस साल भी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन किया गया।
इस पूजा स्थल की सबसे खास बात यह है कि यहाँ 1942 से बिना रुके हर साल जन्माष्टमी पूजा होती आ रही है। इस 83 साल पुरानी धार्मिक परंपरा को क्लब के सदस्य आज भी पूरी आस्था और जोश के साथ निभा रहे हैं।
मुख्य अतिथि के तौर पर आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने फीता काटकर पूजा पंडाल और मेले का विधिवत उद्घाटन किया और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। जन्माष्टमी के मौके पर पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
कार्यक्रम को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष विमल महतो, सुरक्षा प्रभारी हेमंत महतो, कैशियर विकास, उदय संपति, अमर कुयरी, विशाल महतो, आकाश महतो, समर, सपन महतो, संजय केवतो, दिलीप केवतो, संजीत पाल और राजेंद्र कुयरी समेत सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।
समिति के आयोजकों ने बताया कि पंडाल में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं और भविष्य में भी इस ऐतिहासिक परंपरा को इसी भव्यता के साथ जारी रखा जाएगा।
टाटा स्टील कर्मचारियों को बोनस: मेहनत की कमाई को भविष्य की मजबूती बनाएं।
जमशेदपुर
टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए इस वर्ष बोनस को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। कंपनी प्रबंधन और यूनियन के बीच बोनस समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष कर्मचारियों को कुल लगभग 330 करोड़ रुपये का बोनस मिलेगा।
पिछले वर्ष कर्मचारियों को लगभग 303.13 करोड़ रुपये का बोनस मिला था। इसमें जमशेदपुर के 11,466 कर्मचारियों के बीच 152.44 करोड़ रुपये वितरित किए गए थे। इस वर्ष पुराने फार्मूले के आधार पर बोनस देने पर सहमति बनी है और अंतिम समझौता प्रबंधन एवं यूनियन के बीच सर्वसम्मति से हुआ है।
विगत दो दिन पहले ही टाटा वर्कर्स यूनियन एवं टाटा स्टील प्रबंधन के बीच बोनस के संबंध में अंतिम निर्णय लिया गया है, जो सभी के लिए सर्वमान्य है। समझौते के अनुसार लगभग 330 करोड़ रुपये की बोनस राशि एक सप्ताह के भीतर कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
इस सफल एवं सौहार्दपूर्ण वार्ता के लिए टाटा वर्कर्स यूनियन और टाटा स्टील प्रबंधन को विशेष रूप से बधाई। साथ ही, टाटा स्टील के प्रबुद्ध निदेशक मंडल एवं नेतृत्व को भी इस सकारात्मक निर्णय के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
अनुमान के अनुसार, इस वर्ष कर्मचारियों को अधिकतम लगभग 4.25 लाख रुपये तथा न्यूनतम करीब 52 हजार रुपये तक बोनस मिल सकता है। हालांकि प्रत्येक कर्मचारी को मिलने वाली वास्तविक राशि उसके वेतन, सेवा अवधि तथा निर्धारित फार्मूले के आधार पर तय होगी।
बोनस कर्मचारियों की वर्षभर की मेहनत और कंपनी की प्रगति में उनके योगदान का सम्मान है। इसलिए मेरा सभी टाटा स्टील कर्मचारियों से विशेष आग्रह है कि बोनस की पूरी राशि को अचानक खरीदारी, दिखावे या गैर-जरूरी खर्चों में समाप्त न करें।
बोनस प्राप्त होने पर सबसे पहले अपने परिवार की आवश्यकताओं और आर्थिक जिम्मेदारियों का आकलन करें। यदि कोई कर्ज या जरूरी भुगतान लंबित है, तो उसे प्राथमिकता दें। इसके बाद बोनस की एक अच्छी राशि को भविष्य के लिए सुरक्षित रखने अथवा उचित निवेश करने पर विचार करें।
बच्चों की शिक्षा, उनके भविष्य, स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं, घर की जरूरतों तथा आकस्मिक परिस्थितियों के लिए आपातकालीन निधि तैयार करना एक समझदारी भरा कदम होगा। अपनी उम्र, आय, आर्थिक स्थिति और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार सावधि जमा, सार्वजनिक भविष्य निधि, व्यवस्थित निवेश योजना, म्यूचुअल फंड अथवा अन्य उपयुक्त निवेश विकल्पों पर किसी योग्य वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह लेकर विचार किया जा सकता है।
बोनस का कुछ हिस्सा परिवार के साथ खुशी मनाने में खर्च करना स्वाभाविक और उचित है। आखिर यह वर्षभर की मेहनत का फल है। लेकिन पूरी राशि को तुरंत खर्च कर देना आर्थिक दृष्टि से समझदारी नहीं होगी। बोनस की वास्तविक सफलता तभी है, जब इससे आज की खुशी के साथ-साथ आने वाले कल की आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।
टाटा स्टील के कर्मचारियों ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से कंपनी की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अब इस मेहनत से प्राप्त बोनस को सही तरीके से बचत, निवेश और भविष्य की सुरक्षा में लगाकर अपने परिवार को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
“बोनस आज मिला है, लेकिन इसका लाभ आने वाले कई वर्षों तक मिले यही सही आर्थिक सोच है।”
ए. के. श्रीवास्तव अध्यक्ष, जमशेदपुर सिटीजन फोरम उद्यमी एवं परामर्शी
आदित्यपुर-2 में जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन, पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कहा- कृष्ण के आदर्शों से ही बनेगा सशक्त समाज।
आदित्यपुर में जन्माष्टमी पर निकली भव्य शोभायात्रा, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन हुए शामिल
सरायकेला/आदित्यपुर
श्री श्री राधा कृष्ण मंदिर निर्माण समिति, श्रीकृष्णनगर, आदित्यपुर-2 द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में मनाया गया।
इस मौके पर आयोजित विशाल शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ‘जय श्री कृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ के नारों से पूरा इलाका भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधायक चंपाई सोरेन ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का पूरा जीवन हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने और न्याय स्थापित करने की सीख देता है। उन्होंने कहा कि जब भी समाज में अन्याय बढ़ा है, श्रीकृष्ण ने अपनी बुद्धिमत्ता और रणनीति से उसका अंत किया है। आज के समय में भी समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए हमें उनके बताए मार्ग पर चलना होगा। आदिवासी, दलित समेत सभी वर्गों को साथ लेकर ही एक समान और मजबूत समाज बनाया जा सकता है।
आदित्यपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर अंकुर सिंह ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने का काम करते हैं। जब लोग एक साथ मिलकर पूजा-पाठ करते हैं तो आपसी प्रेम और भाईचारा और भी मजबूत होता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से सभी के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
वहीं आदित्यपुर नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह ने सभी जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों के सहयोग की सराहना की और क्षेत्र में शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कार्यक्रम का संचालन किया और आए हुए सभी मेहमानों का स्वागत किया।
जन्मोत्सव के दौरान भोजपुरी गायक राजेश रसिक ने अपने भजनों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा स्थानीय कलाकारों ने भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक नृत्य-संगीत की प्रस्तुति दी, जिसमें महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री के आप्त सचिव चंचल गोस्वामी, सिमल सोरेन, पार्षद उत्तरा प्रधान, रिंकी कुमारी, संगीता सामड, शिक्षाविद सत्यप्रकाश सुधांशु, अजीत कुमार, मंदिर समिति के अध्यक्ष एस.एन. यादव, वीरेंद्र यादव, विजय यादव, परमेश्वर प्रधान, सुभाष करुआ, उमेश यादव, आर.के. सिंह सहित आयोजन समिति के के.एल. यादव, नगीना प्रसाद पंडित, जितेंद्र पांडेय, संतोष कुमार सिंह, रामाधार सिंह और अन्य सदस्य मौजूद रहे।