भारत-ब्रिटेन नई आर्थिक साझेदारी की दास्तान -प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की ऐतिहासिक सफ़ल भारत यात्रा 2025- व्यापार निवेश, तकनीक और विश्वास की नई परिभाषा

भारत-ब्रिटेन नई आर्थिक साझेदारी की दास्तान -प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की ऐतिहासिक सफ़ल भारत यात्रा 2025- व्यापार निवेश, तकनीक और विश्वास की नई परिभाषा

“डेड इकोनॉमी”कहने वालों को करारा जवाब

उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में 125 से अधिक शीर्ष सीईओ, अग्रणी उद्यमी, विश्वविद्यालयों के कुलपति और सांस्कृतिक संस्थानों के प्रमुख शामिल हैं,जो यात्रा के महत्व को रेखांकित करता है- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

गोंदिया/महाराष्ट्र

वैश्विक स्तरपर ब्रिटिश प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर की 9-10 अक्टूबर 2025 की भारत यात्रा ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह यात्रा केवल दो दिनों की औपचारिक मुलाक़ात नहीं, बल्कि 21वीं सदी के वैश्विक व्यापारिक समीकरणों में भारत की निर्णायक भूमिका को स्वीकार करने की ठोस अभिव्यक्ति है।भारतीय पीएम के निमंत्रण पर भारत पहुंचे स्टार्मर का मुंबई एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत हुआ, जहां से इस यात्रा की शुरुआत ने एक ऐसा संदेश दिया “भारत अब वैश्विक शक्ति संतुलन का निर्णायक केंद्र है”।

पीएम ने ब्रिटेन पीएम के साथ मुलाकात की एक तस्वीर साझा करते हुए कहा कि भारत और ब्रिटेन के रिश्ते तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और”नई ऊर्जा से भरे हुए हैं”एक तस्वीर में पीएम मोदी ब्रिटिश पीएम के साथ एक ही कार में नजर आए मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यहमानता हूं कि अमेरिका द्वारा भारत को डेड इकोनामी कहे जाने व 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने के बाद भारत-यूके रिश्तों का नया दौर शुरू हो गया है, व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी पर केंद्रित कूटनीति ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत डेट इकोनामी नहीं है,आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी क़े सहयोग से आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, भारत-ब्रिटेन नई आर्थिक साझेदारी की दास्तान,प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की ऐतिहासिक सफ़ल भारत यात्रा 2025- व्यापार,निवेश, तकनीक और विश्वास की नई परिभाषा।

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

साथियों बात अगर हम ब्रिटेन पीएम की दो दिवसीय यात्रा की करें तो, यह ऐसे समय में हो रही है जब भारत और ब्रिटेन दोनों ही अपने-अपने आर्थिक और रणनीतिक भविष्य के पुनर्संरचना के दौर से गुजर रहे हैं। यात्रा का प्रमुख उद्देश्य व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग को सुदृढ़ करना है। ब्रिटिश पीएम के साथ आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में 125 से अधिक शीर्ष सीईओ, अग्रणी उद्यमी, विश्वविद्यालयों के कुलपति और सांस्कृतिक संस्थानों के प्रमुख शामिल हैं, यह अपने आप में इस यात्रा के महत्व को रेखांकित करता है।यह केवल एक राजनयिक यात्रा नहीं, बल्कि ब्रिटिश व्यापारिक समुदाय का भारत के प्रति बदलता नजरिया दर्शाने वाली ऐतिहासिक घटना है। ब्रिटेन के कई औद्योगिक घराने अब भारत को मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब के रूप में देख रहे हैं, न कि केवल एक उपभोक्ता बाज़ार के रूप में।“डेड इकोनॉमी” कहने वालों को करारा जवाब हैँ।


साथियों बात अगर हम अमेरिकी राष्ट्रपति द्वाराकुछ समय पहले भारत की अर्थव्यवस्था को “डेड इकोनामी” कहकर प्रश्न उठाए गए थे। वहीं भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद, वैश्विक व्यापार जगत में भारत की नीतियों को लेकर बहस तेज़ हो गई थी।लेकिन ब्रिटिश प्रधानमंत्री की यह यात्रा उस सोच को सीधा जवाब देती है। ब्रिटिश पीएम ने मुंबई में उतरते ही कहा कि “भारत 2028 तक दुनियाँ की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है, और ब्रिटेन उस यात्रा का मजबूत भागीदार बनेगा।”यह बयान न केवल आर्थिक विश्वास का प्रतीक है, बल्कि यह उन तमाम संशयवादियों के लिए एक संदेश है जो भारत की विकास गाथा पर सवाल उठाते रहे हैं।


साथियों बातें कर हम ब्रिटेन के जेम्बो डेलिगेशन की करें तो यह विश्वास की कूटनीतिक मिसाल हैँ, इतिहास में शायद ही ऐसा हुआ हो जब ब्रिटेन का इतना बड़ा प्रतिनिधिमंडल किसी देश की यात्रा पर आया हो। यह “जेम्बो डेलिगेशन”भारत-ब्रिटेन संबंधों की गहराई और गंभीरता दोनों को दर्शाता है। 125 से अधिक शीर्ष सीईओ और शिक्षाविदों के साथ प्रधानमंत्री स्टार्मर का आना इस बात की पुष्टि करता है कि ब्रिटेन भारत को एक ऐसे रणनीतिक सहयोगी के रूप में देख रहा है, जो उसके पोस्ट-ब्रेक्सिट युग में वैश्विक प्रभाव को बनाए रख सकता है।इस प्रतिनिधिमंडल में ऑक्सफोर्ड कैम्ब्रिज और लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के कुलपति शामिल हैं, जो शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत के साथ साझेदारी की नई संभावनाओं पर विचार करेंगे। वहीं, तकनीकी कंपनियों के प्रमुख भारत में एआई, ग्रीन एनर्जी,साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में निवेश की नई संभावनाओं को तलाश रहे हैं।


साथियों बात अगर हम मोदी- स्टार्मर शिखर वार्ता साझेदारी की नई परिभाषा की करें तो नई दिल्ली में मोदी और कीर स्टार्मर के बीच हुई शिखर बैठक में व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और संस्कृति को केंद्र में रखकर गहन चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाएगा।बैठक में भारत ने ब्रिटेन को रक्षा उत्पादन, अंतरिक्ष तकनीक और ग्रीन एनर्जी मिशनों में साझेदारी के लिए आमंत्रित किया। वहीं ब्रिटेन ने भारत में अपने निवेश को तीन गुना बढ़ाने का आश्वासन दिया।“इनोवेशन पार्टनरशिप”के तहत दोनों देशों के बीच स्टार्टअप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्रों में संयुक्त रिसर्च पर सहमति बनी।


साथियों बात अगर हम भारत की ओर झुकता ब्रिटेन, वैश्विक शक्ति समीकरण में बदलाव कोसमझने की करें तो, ब्रिटेन पीएम की यात्रा ब्रिटिश विदेश नीति में एक मौलिक परिवर्तन का प्रतीक है। यह वही ब्रिटेन है जिसने दशकों तक भारत को “डेवलपिंग नेशन” की दृष्टि से देखा था। लेकिन अब यह मान्यता बदल चुकी है। भारत को ब्रिटेन अब एक इक्वल पार्टनर, एक टेक्नोलॉजिकल पॉवरहाउस और एक वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में स्वीकार कर रहा है।ब्रेक्सिट के बाद ब्रिटेन को यूरोपीय संघ के बाहर नए आर्थिक साझेदारों की तलाश थी। ऐसे में भारत उसकी पहली प्राथमिकता बनकर उभरा है। ब्रिटिश मीडिया इसे“यूकेस पीवोट टू इंडिया ”कह रहा है।


साथियों बात अगर हम भारत के लिए अवसर और जिम्मेदारी दोनों को समझने की करें तो,यह यात्रा भारत के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आई है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी है। भारत को अब यह साबित करना होगा कि वह केवल निवेश आकर्षित करने वाला देश नहीं, बल्कि विनिर्माण, नवाचार और नीति स्थिरता के लिहाज से विश्वसनीय साझेदार भी है।भारत के लिए यह समय है कि वह अपने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, और स्टार्टअप इंडिया जैसे कार्यक्रमों को ब्रिटिश सहयोग के साथ वैश्विक स्तर पर पहुंचाए। विशेष रूप से एआई, सेमीकंडक्टर, और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी में भारत की भूमिका निर्णायक बन सकती है।


साथियों बात अगर हम संस्कृति और शिक्षा,साझेदारी के मानवीय आयाम को समझने की करें तो,भारत-ब्रिटेन संबंध केवल अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक मूल्य का भी गहरा जुड़ाव है। इस यात्रा में “कल्चरल एक्सचेंज मिशन” पर भी सहमति बनी, जिसके तहत ब्रिटेन और भारत के बीच कलाकारों, फिल्म निर्माताओं और विद्यार्थियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।ब्रिटिश विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों की संख्या पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर है। अब ब्रिटेन ने भारत को “प्राथमिक शिक्षा भागीदार” के रूप में मान्यता देने का निर्णय लिया है। इसके तहत उच्च शिक्षा में द्विपक्षीय डिग्री कार्यक्रम, स्कॉलरशिप्स और कोर्स एक्सचेंज की शुरुआत होगी।


साथियों बात अगर हम यात्रा का ऐतिहासिक महत्व भविष्य के वैश्विक समीकरणों की झलक, यह यात्रा केवल भारत और ब्रिटेन के संबंधों की मजबूती का प्रतीक नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति समीकरणों में एशिया की केंद्रीय भूमिका को भी स्थापित करती है।जब दुनियाँ अमेरिका- चीन प्रतिस्पर्धा में उलझी हुई है, तब ब्रिटेन का भारत की ओर झुकाव इस बात का संकेत है कि 21वीं सदी का आर्थिक केंद्र अबएशिया की धरती पर स्थित है।

भारत इस साझेदारी से न केवल व्यापारिक लाभ प्राप्त करेगा, बल्कि वह पश्चिमी देशों के साथ अपने कूटनीतिक संतुलन को भी और मजबूत करेगा।


अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि विश्वास, साझेदारी और भविष्य की एक नई कहानी,ब्रिटिश पीएम की भारत यात्रा 2025 इतिहास में “इकोनॉमिक डिप्लोमेसी के पुनर्जागरण” के रूप में दर्ज होगी। इस यात्रा ने दिखा दिया कि भारत अब किसी के समर्थन का आकांक्षी नहीं, बल्कि साझेदारी का निर्णायक केंद्र बन चुका है।ब्रिटेन के लिए यह यात्रा भारत के प्रति विश्वास की पुनर्स्थापना है, वहीं भारत के लिए यह अपनी वैश्विक स्थिति को और ऊंचा उठाने का अवसर। व्यापार, शिक्षा, तकनीक और संस्कृति,इन चारों स्तंभों पर खड़ी यह नई साझेदारी आने वाले दशक में विश्व की आर्थिक दिशा तय कर सकती है।भारत और ब्रिटेन अब केवल साझेदार नहीं, बल्कि वैश्विक पुनरुत्थान के सह-निर्माता हैं, एक ऐसा अध्याय जो आने वाली पीढ़ियाँ “न्यू ऐज ऑफ़ इंडो – ब्रिटिश पार्टनरशिप ” के नाम से याद करेंगी।

संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9359653465

बागबेड़ा कॉलोनी में जल्द शुरू होगी जलापूर्ति योजना, एक महीने में मिलेगा शुद्ध पानी, विभाग ने दिया आश्वासन

बागबेड़ा कॉलोनी में जल्द शुरू होगी जलापूर्ति योजना, एक महीने में मिलेगा शुद्ध पानी, विभाग ने दिया आश्वासन

जमशेदपुर

बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी के हजारों निवासियों के लिए खुशखबरी है। लंबे इंतजार के बाद अब जल्द ही कॉलोनीवासियों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिलने जा रही है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के एसडीओ महेंद्र बैठा और जेई आशुतोष ने जानकारी दी कि एक महीने के अंदर बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना शुरू कर दी जाएगी, जिसके बाद लोगों को नियमित रूप से स्वच्छ पानी की आपूर्ति की जाएगी।

पंचायत प्रतिनिधियों ने सौंपा छह सूत्री मांग पत्र

इस संबंध में बागबेड़ा कॉलोनी पंचायत प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विभाग को छह सूत्री मांग पत्र सौंपा, जिसे कार्यपालक अभियंता सुमित कुमार के निर्देश पर एसडीओ महेंद्र बैठा और जेई आशुतोष को सौंपा गया। तत्पश्चात सकारात्मक वार्ता भी हुई।

माॅग पत्र में प्रमुख रूप से यह बिंदु शामिल

बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना को शीघ्र शुरू किया जाए।कुंवर सिंह मैदान रोड नंबर 3 के 50 घरों में तत्काल जलापूर्ति बहाल की जाए। रोड नंबर 1 स्थित फिल्टर पंप हाउस के मोटर कक्ष की मरम्मत शीघ्र कराई जाए। विभागीय कार्यों में पारदर्शिता हेतु समीति की मासिक बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं। विभाग के द्वारा समिति को आय-व्यय का विवरण सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया जाए।

विभाग ने दिया सकारात्मक आश्वासन

सभी बिंदुओं पर चर्चा के बाद एसडीओ महेंद्र बैठा और जेई आशुतोष ने संयुक्त रूप से आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर जलापूर्ति योजना चालू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आय-व्यय का ब्योरा जारी करने के लिए एक सप्ताह के भीतर पत्र निर्गत किया जाएगा, वहीं कुंवर सिंह मैदान रोड नंबर 3 में जल्द ही जलापूर्ति बहाल की जाएगी।

बैठक में शामिल रहे स्थानीय प्रतिनिधि

इस मौके पर पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, उप मुखिया संतोष ठाकुर, बागबेड़ा मध्य पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि के.डी. मुंडा सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित थे।

उपायुक्त की अध्यक्षता में कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, रोजगार सृजन एवं औद्योगिक समन्वय से संबंधित समीक्षा बैठक संपन्न

उपायुक्त की अध्यक्षता में कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, रोजगार सृजन एवं औद्योगिक समन्वय से संबंधित समीक्षा बैठक संपन्न

सरायकेला-खरसावाँ

10 अक्टूबर, 2025 को समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावाँ में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में कौशल विकास, आजीविका मिशन, रोजगार सृजन, नाबार्ड योजनाओं एवं औद्योगिक संस्थानों के साथ समन्वय से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों से समन्वय स्थापित करते हुए रोजगार हेतु उपलब्ध रिक्त पदों के अनुरूप स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि सभी प्रशिक्षण संचालित करने वाले संस्थान एवं विभाग निर्धारित समय सीमा में प्रशिक्षण सत्र पूर्ण करें तथा इसके लिए व्यवस्थित एक्शन प्लान तैयार कर जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं।

उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि ऐसे प्रशिक्षण प्राप्त युवक-युवतियों को चिन्हित किया जाए जो किसी कारणवश अब तक रोजगार से नहीं जुड़े हैं, और उनकी अभिरुचि के अनुरूप क्षेत्र में रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने हेतु ठोस एवं सकारात्मक पहल की जाए। उन्होंने RSETI के अंतर्गत मोबाइल रिपेयरिंग, सोलर इंस्टालेशन, सीसीटीवी इंस्टालेशन, ड्रोन टेक्निशियन जैसे तकनीकी क्षेत्रों में इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण प्रदान करने तथा सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए रोजगार एवं स्वरोजगार सृजन की दिशा में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त, उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि कौशल विकास के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों के साथ औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों की संयुक्त कार्यशाला आयोजित की जाए, ताकि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में मार्गदर्शन और प्रेरणा प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लाभुकों को उनके अनुकूल संचालित सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए तथा उन्हें संबंधित योजनाओं से जोड़ने में विभागीय स्तर पर सहयोग सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि योजना अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके अभ्यर्थियों को चिन्हित कर लाभान्वित किया जाए तथा लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

इसके साथ ही प्लास मार्ट के संचालन से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्लास मार्ट के संचालन हेतु योग्य स्वयं सहायता समूहों (SHG) का चयन किया जाए, जिनमें विभिन्न समूहों को उत्पाद निर्माण एवं संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि प्लास मार्ट को जिले के मुख्य बाजारों एवं सभी प्रखंड मुख्यालयों में संचालित करने की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जाए, साथ ही इसमें स्थानीय क्षेत्र में उत्पादित सामग्रियों को प्राथमिकता के साथ प्रदर्शित एवं विक्रय के लिए रखा जाए, जिससे स्थानीय उत्पादों को उचित मूल्य एवं आमजन को सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने अंत में कहा कि कौशल विकास, औद्योगिक समन्वय एवं आजीविका मिशन का मूल उद्देश्य युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी समीक्षा बैठक से पूर्व योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि रोजगार सृजन की दिशा में ठोस एवं परिणामोन्मुखी प्रगति सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर, नियोजन पदाधिकारी आदित्यपुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक JSLPS तथा अन्य सम्बन्धित विभागीय पदाधिकारी एवं विभिन्न संस्थानों (प्रशिक्षण केंद्र) के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर सदर अस्पताल,, सरायकेला-खरसावाँ में जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर सदर अस्पताल,, सरायकेला-खरसावाँ में जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

सरायकेला-खरसावाँ

10 अक्टूबर, 2025 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल, सरायकेला-खरसावाँ के परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन, सरायकेला-खरसावाँ, डॉ. सरयू प्रसाद सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर ए.सी.एम.ओ. डॉ. जुझार मांझी, मनोचिकित्सक डॉ. शालिनी कुमारी, एन.सी.डी. क्लिनिक के चिकित्सक डॉ. अनिर्बान महतो, डी.ए.एल.एस.ए. सरायकेला-खरसावाँ के सचिव श्री तौसीफ मेराज, डी.पी.एम., डी.पी.सी. (एन.सी.डी.), डी.पी.सी. (सहिया) तथा एन.टी.सी.पी. कंसल्टेंट सहित अन्य चिकित्सक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इस वर्ष विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का विषय (थीम) था — “सेवाओं तक पहुंच: आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य”।

कार्यक्रम के दौरान मनोचिकित्सक सुश्री शालिनी कुमारी, श्री पुष्कर भूषण एवं श्री तौसीफ मेराज द्वारा मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने अपने संबोधन में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच बढ़ाने, गंभीर मानसिक रोगों की अवस्था में योग्य मनोचिकित्सक की देखरेख में उपचार एवं दवाओं के सेवन की आवश्यकता, तथा डिप्रेशन, चिंता एवं नकारात्मक भावनात्मक अवस्थाओं में योग एवं ध्यान के महत्व पर बल दिया।

साथ ही, मानसिक रोगियों, विकलांगों एवं आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के लिए सुलभ कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। उपस्थित जनों को यह भी बताया गया कि मानसिक रोगियों के लिए परामर्श एवं सहायता हेतु TELE-MANAS का निःशुल्क टोल-फ्री नंबर — 14416 / 1800-89-14416 पर संपर्क किया जा सकता है।

यह जागरूकता कार्यक्रम 10 अक्टूबर से 16 अक्टूबर, 2025 तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों एवं सामुदायिक स्थलों पर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

ओडिया मध्य विद्यालय आदित्यपुर में मनाया गया उत्कल मणि गोपाबंधु जयंती

ओडिया मध्य विद्यालय आदित्यपुर में मनाया गया उत्कल मणि गोपाबंधु जयंती

सरायकेला/आदित्यपुर

9 अक्टूबर भारत के एक स्वतंत्रता सेनानी समाज सुधारक पत्रकार कबि, उत्कल रत्न उत्कलमणि गोपाबंधु दास की जयंती है।

इस अवसर पर ओड़िया मध्य विद्यालय आदित्यपुर में जयंती समारोह आयोजित की गई । कार्यक्रम में विद्यार्थियों को द्वारा गोपाबंधु जी के छवि पर चित्रांकन प्रतियोगिता आयोजित किया गया तथा उनके जीवनी के ऊपर में प्रकाश डाला गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि विद्यालय की पूर्व प्राचार्य तथा राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान से सम्मानित का शिक्षिका संध्या प्रधान ने कहा गोपाबंधु की जी के जन्म 9 अक्टूबर 1877 को उड़ीसा के पुरी जिले के सुआंडो ग्राम में हुआ था । उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया समाज के उत्थान के लिए काम करने के साथ साथ सत्यवती बन विद्यालय की स्थापना की थी तथा साप्ताहिक समाचार पत्र समाज शुरू किया था जो आज भी उड़ीसा के एक प्रमुख दैनिक समाचार पत्र है। मुश्किल परिस्थिति में उन्होंने अपने परिवार को नहीं देखकर समाज सेवा किया था हमें उनके आदर्श पर अपने जीवन को डालना चाहिए। विद्यार्थियों के द्वारा चित्रांकन प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय और तृतीय आने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य किरण , शिक्षिका प्रमिला पूर्णिमा पुष्पा तथा ओड़िआ शिक्षिका रंजीत एवं रश्मि आदि उपस्थित थे।

उत्पाद विभाग की कार्रवाई ,,अवैध महुआ शराब बरामद, जावा महुआ किया गया विनष्ट

उत्पाद विभाग की कार्रवाई ,,अवैध महुआ शराब बरामद, जावा महुआ किया गया विनष्ट

सरायकेला/कांड्रा

उपायुक्त, सरायकेला के निर्देशानुसार अधीक्षक, उत्पाद सरायकेला सौरभ तिवारी के पर्यवेक्षण में प्राप्त गुप्त सूचना के आलोक में आज दिनांक 09 अक्टूबर, 2025 को कांड्रा थाना अंतर्गत मोहनपुर जंगल एवं रायपुर गाँव स्थित अवैध शराब अड्डों पर उत्पाद विभाग की टीम द्वारा छापेमारी की गई।

छापेमारी के क्रम में 80.00 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद कर विधिवत जब्त किया गया तथा 1100.00 किलोग्राम जावा महुआ को नष्ट (विनष्ट) किया गया।
अड्डा संचालकों की पहचान मोटू टुडू एवं जयपाल हांसदा के रूप में की गई है। दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अभियोग दर्ज कर गिरफ्तारी हेतु आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

अधीक्षक, उत्पाद सरायकेला ने बताया कि जिले में अवैध शराब निर्माण, परिवहन एवं बिक्री पर रोक लगाने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में सभी प्रखंडों एवं थाना क्षेत्रों में सतत गश्ती एवं छापेमारी अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण अथवा बिक्री की गतिविधि की जानकारी हो तो संबंधित सूचना उत्पाद विभाग या नजदीकी थाना को तुरंत उपलब्ध कराएँ, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आगामी दिनों में त्योहारों के दृष्टिगत अवैध शराब की बिक्री एवं परिवहन पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा दोषियों के विरुद्ध शून्य सहनशीलता नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण,,गुणवत्ता एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु दिए गए निर्देश

आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण,,गुणवत्ता एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु दिए गए निर्देश

सरायकेला-खरसावाँ

आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, सरायकेला के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुबीर रंजन द्वारा आज कांड्रा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न मिठाई दुकानों, होटल एवं रेस्टोरेंटों का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में प्रतिष्ठानों की स्वच्छता व्यवस्था, उपयोग की जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण की स्थिति एवं खाद्य उत्पादों के लेबलिंग मानकों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान विभिन्न दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें जांच हेतु राज्य खाद्य प्रयोगशाला, नामकुम भेजा जा रहा है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान खाद्य व्यवसाय संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे सभी अनिवार्य रूप से फूड लाइसेंस प्राप्त कर ही व्यवसाय संचालित करें, अपने प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, स्वच्छता एवं हाइजीन मानकों का पालन सुनिश्चित करें और केवल गुणवत्ता युक्त एवं ताजा खाद्य सामग्री का ही उपयोग एवं विक्रय करें।


उन्हें यह भी निर्देशित किया गया कि बासी, एक्सपायर अथवा सड़ी-गली खाद्य सामग्री को तुरंत नष्ट करें तथा निर्माण कार्य में केवल गुणवत्ता युक्त सामग्री एवं FSSAI प्रमाणित फूड कलर का ही निर्धारित मात्रा में उपयोग करें। सभी पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि एवं निर्माता का पूरा पता स्पष्ट रूप से अंकित होना अनिवार्य है, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं मानक अनुसार खाद्य सामग्री प्राप्त हो सके।

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनज़र औचक निरीक्षण की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी। उन्होंने सभी खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की कि वे खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों का पालन करते हुए स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर वातावरण में व्यवसाय संचालन सुनिश्चित करें, जिससे आमजन को सुरक्षित, गुणवत्ता युक्त एवं मानक अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।

उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री जन-मन एवं आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न

उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री जन-मन एवं आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न

सरायकेला-खरसावाँ

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त, नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में “प्रधानमंत्री जन-मन एवं आदि कर्मयोगी अभियान” के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उपायुक्त द्वारा संबंधित विभागों के पदाधिकारियों से अभियान से जुड़ी सभी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की गई। उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आदिम जनजातीय ग्रामों एवं वंचित परिवारों तक शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुँचाना है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित अनुश्रवण, जन-सहभागिता एवं जागरूकता प्रसार पर विशेष बल दिया जाए।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में कुल 624 परिवार आदिम जनजातीय (PVTG) ग्रामों के अंतर्गत आते हैं। इन परिवारों के सर्वांगीण विकास हेतु स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आवास, आजीविका एवं डिजिटल सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं को समेकित रूप से क्रियान्वित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य इन परिवारों को शासन की मुख्यधारा में शामिल करना एवं उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार लाना है।

बैठक के क्रम में उपायुक्त द्वारा निर्देश दिया गया कि संबंधित विभाग अपने कार्यक्षेत्र की योजनाओं का नियमित मूल्यांकन करें। प्रत्येक प्रखंड में विशेष शिविरों (स्वास्थ्य, आधार, बैंकिंग, कौशल प्रशिक्षण) का आयोजन कर योजनाओं की पहुँच बढ़ाई जाए। PVTG ग्रामों के लिए एकीकृत विकास पैकेज तैयार किया जाए, जिसमें स्वास्थ्य, पोषण, आवास, पशुधन विकास, शिक्षा एवं आजीविका संवर्धन के सभी घटक सम्मिलित हों।

बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा विभिन्न बिन्दुओ पर चर्चा करते हुए निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए गए 👇🏼

🔸 आवास योजना के अंतर्गत तृतीय किश्त प्राप्त लाभुकों द्वारा आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा लंबित आवासों में गति लाई जाए।

🔸 बहुउद्देशीय केंद्र (Multipurpose Centre) के निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।

🔸 वन धन केंद्र (Vandan Kendra) को नियमित एवं सक्रिय रखा जाए, जिससे स्थानीय समुदाय को आजीविका के अवसर प्राप्त हों।

🔸 सभी क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए एवं ऊँचाई वाले क्षेत्रों में स्थापित सभी टावरों को सक्रिय किया जाए।

🔸 चलंत चिकित्सकीय वाहन के माध्यम से दूरस्थ एवं पहाड़ी क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच आयोजित की जाए।

🔸 सभी छात्र-छात्राओं के बैंक खाता, आधार एवं जन्म प्रमाण पत्र का निर्माण सुनिश्चित किया जाए।

🔸 वंचित नागरिकों के लिए विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड निर्माण की प्रक्रिया पूर्ण की जाए।

🔸 प्रत्येक गाँव में आदि सेवा केंद्र विकसित कर योजनाओं का लाभ ग्राम स्तर तक पहुँचाया जाए।

🔸 सभी परिवारों को राज्य एवं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए तथा लंबित योजनाओं का निष्पादन शीघ्र किया जाए।

🔸 आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड से वंचित लाभुकों को शीघ्र जोड़ा जाए।

🔸 इच्छुक युवाओं एवं युवतियों को उनकी अभिरुचि के अनुरूप कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा जाए।

🔸 सभी विभागाध्यक्ष एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में संचालित योजनाओं की नियमित समीक्षा करें तथा मासिक प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रस्तुत करें।

🔸 योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागों के बीच आपसी समन्वय एवं सहयोग सुनिश्चित किया जाए।

🔸 ग्राम स्तर पर जनप्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं एवं ग्राम समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में उप विकास आयुक्त, रीना हांसदा, निदेशक डी आर डी ए डॉ अजय तिर्की, जिला कल्याण पदाधिकारी गोपी उरांव, अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला – निवेदिता नियति, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, तथा विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

बास्को नगर में अवैध शराब के विरुद्ध उत्पाद विभाग की छापेमारी,,45 लीटर महुआ शराब एवं 10.38 लीटर विदेशी शराब बरामद, दो अभियुक्त गिरफ्तार

बास्को नगर में अवैध शराब के विरुद्ध उत्पाद विभाग की छापेमारी,,45 लीटर महुआ शराब एवं 10.38 लीटर विदेशी शराब बरामद, दो अभियुक्त गिरफ्तार

सरायकेला-खरसावां

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ के निर्देशानुसार तथा अधीक्षक, उत्पाद सौरभ तिवारी के पर्यवेक्षण में प्राप्त गुप्त सूचना के आलोक में दिनांक 09 अक्टूबर, 2025 को उत्पाद विभाग की टीम द्वारा आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बास्को नगर में छापेमारी की गई।

छापेमारी के क्रम में राशन दुकान एवं झोपड़ी से कुल 45.00 लीटर अवैध महुआ शराब तथा 10.38 लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद की गई, जिसे विधि सम्मत रूप से जब्त किया गया है। इस दौरान दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम इस प्रकार हैं:-

1️⃣ रामचंद्र लोहार
2️⃣ जगदीश लोहार

दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अभियोग दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।

अवैध मद्य निर्माण, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध जिले में उत्पाद विभाग द्वारा निरंतर विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।

बालिकाओं में आज की सशक्त लड़की के साथ कल की कार्यकर्ता,उद्यमी,घर का मुखिया, संरक्षक,राजनीतिक नेता दोनों होने की क्षमता है।

बालिकाओं में आज की सशक्त लड़की के साथ कल की कार्यकर्ता,उद्यमी,घर का मुखिया, संरक्षक,राजनीतिक नेता दोनों होने की क्षमता है।

दुनियाँ को बदलने के लिए सही साधनों के साथ बालिकाओं को सुरक्षित शिक्षित सशक्त और स्वस्थ जीवन शैली सुनिश्चित करना समय की मांग।

गोंदिया/महाराष्ट्र

भारत में आदिअनादि काल से भारतीय संस्कृति में महिलाओं का बहुत सम्मान किया जाता रहा है। उन्हें देवियों का अवतार माना जाता रहा है, परंतु बड़े बुजुर्गों की कहावत सत्य ही है कि, समय कभी एक सा नहीं रहता परंतु उनकी वह भी शिक्षा है कि वह अपनी सकारात्मक सोच सच्चाई नारी सम्मान परमार्थ बुरी नजर से बचना सहित अनेक गुणों को समय के साथ न बदलते हुए स्थाई रखना मानवीय स्वभाव में समाहित करना जरूरी है। परन्तु जैसे-जैसे समय बीतता गया इनकी स्थिति में काफी बदलाव आया,लड़कियों के प्रति लोगों की सोच बदलने लगी, बालविवाह प्रथा, सती प्रथा, दहेज़ प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या इत्यादि रुढ़िवादी प्रथायें काफी प्रचलित हुआ करती थी, इसी कारण लड़कियों को शिक्षा, पोषण, कानूनी अधिकार और चिकित्सा जैसे अधिकारों से वंचित रखा जाने लगा था, मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र मानता हूं कि अब इस आधुनिक युग में लड़कियों को उनके अधिकार देने और उनके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कई प्रयास किये जा रहे हैं। भारतीय सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है और कई योजनायें लागू कर रही है। इसलिए आज हम मीडिया के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से दुनिया को बदलने के लिए सही साधनों के साथ बालिकाओं को सुरक्षित शिक्षित सशक्त और स्वस्थ जीवन शैली सुनिश्चित करना समय की मांग है इसपर चर्चा करेंगे

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र


साथियों बात अगर हम बालिकाओं की शक्ति को साकार करने में निवेश की करें तो, ये एक असाधारण रूप से महत्वपूर्ण चरण से गुजरती हैं जहां उन्हें एक सुरक्षित, शिक्षित और स्वस्थ जीवन शैली सुनिश्चित करके दुनिया को बदलने के लिए सही साधनों के साथ सशक्त बनाया जा सकता है। उनमें आज की सशक्त लड़की के साथ-साथ कल की कार्यकर्ता, मां, उद्यमी, संरक्षक, घर का मुखिया या राजनीतिक नेता दोनों होने की क्षमता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, किशोरियों की शक्ति को साकार करने में निवेश आज उनके अधिकारों को कायम रखता है और एक अधिक न्यायसंगत और समृद्ध भविष्य का वादा करता है, जिसमें जलवायु परिवर्तन, राजनीतिक संघर्ष की समस्याओं को हल करने में आधी मानवता एक समान भागीदार है, आर्थिक विकास, बीमारी की रोकथाम और वैश्विक स्थिरता।


साथियों बात अगर हम भारत की करें तो,भारतीय समाज में सदियों से बेटियों को कई प्राचीन कुप्रथाओ, रीति-रिवाजों, के चलते प्रताड़ित होना पड़ा है। आज भी निर्भया जैसा कांड शर्मनाक है। कहने को हम आधुनिक हो चले हैं पर आज भी बहुत सारी ऐसी घटनाएं होती है जिन्हें सुनकर समाज का असभ्य चेहरा सामने आता है। आज भी भारतीय समाज में भ्रूण हत्या, दहेज़ प्रथा, यौन शोषण, बलात्कार जैसे अनैतिक कृत्य नहीं रुक रहे हैं। प्रशासन के साथ-साथ हर निजी व्यक्ति की भी एक सामाजिक जिम्मेदारी होती है। बेटियों को अच्छे संस्कार,नैतिक मूल्यों का महत्तव,महान महिलाओं की गाथाओं और धार्मिक संस्कारों से परिचित कराना अभिभावकों का कर्तव्य है।बाहर ही नहीं बल्कि घर में भी वह भेदभाव, घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं। इसलिए लड़कियों को शिक्षित करना हमारा पहला दायित्व है और नैतिक अनिवार्यता भी। शिक्षा से लड़कियां न सिर्फ शिक्षित होती हैं बल्कि उनके अंदर आत्मविश्वास भी पैदा होता है। वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती हैं साथ ही यह गरीबी दूर करने में भी सहायक होती है।


साथियों हालांकि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ भारत सरकार ने 2015 में योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य देश में हर बालिका को शिक्षा प्रदान करना है। यह बाल लिंग अनुपात में गिरावट के मुद्दे को भी संबोधित करता है। योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सुरक्षा करना है। यह योजना त्रि-मंत्रालयी प्रयास है। इसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, मानव संसाधन विकास और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जाता है। सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा और 2015 में विश्व नेताओं द्वारा अपनाए गए इसके 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में प्रगति के लिए एक रोडमैप शामिल है जो टिकाऊ है और किसी को पीछे नहीं छोड़ता है। 17 लक्ष्यों में से प्रत्येक लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को प्राप्त करने का अभिन्न अंग है।
साथियों बात अगर हम बदलते परिपेक्ष की करें तो, वक़्त के साथ समाज की प्राथमिकताएं बदलती है सोच औऱ आदतें बदलती है निरंतर विकास की ओर कदमों की छाप बढ़ती जाती है इसी तरह ग्रामीण लोगों के नज़रिये में बदलाव आने लगा है। अब वह न केवल लड़कियों को क्रिकेट – फुटबॉल खेलने के लिए प्रोत्साहित करने लगे हैं बल्कि इससे जुड़ी हर गतिविधियों में सहयोग भी करते हैं। लेकिन ये भी सच है लैंगिकता के मायने लड़कियों और लड़कों, महिलाओं और पुरुषों में महिलाओं ने समानता सदैव चुनौतियों का सामना किया चाहे ग्रामीण इलाकों रहे हो या शहरी। ग्रामीण क्षेत्र अब भी महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चाहे पहनावे से लेकर हो या नौकरी करने तक इक़ संकुचित सोच के दायरे में सिमटा हुआ है।


साथियों बात अगर हम महिलाओं के हक में कानून व्यवस्थाएं बनाने की करें तो इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके अधिकारों के संरक्षण क़ा करना है,क्योंकि लिंगआधारित चुनौतियों को समाप्त करता है, जिसका सामना दुनिया भर में लड़कियां करती हैं, जिसमें बाल विवाह, उनके प्रति भेदभाव और हिंसा शामिल है। महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।

खिलती हुई कलियाँ हैं बेटियाँ,
माँ-बाप का दर्द समझती हैं बेटियाँ,
घर को रोशन करती हैं बेटियाँ,
लड़के आज हैं तो आने वाला कल हैं बेटियाँ।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि दुनिया को बदलने के लिए सही साधनों के साथ बालिकाओं में आज की सशक्त लड़की के साथ कलकी कार्यकर्ता मां उद्यमी संरक्षक घर का मुखिया राजनीतिक नेता दोनों होने की क्षमता है इसलिए उन्हें सुरक्षित शिक्षित सशक्त और स्वस्थ जीवन शैली सुनिश्चित करना समय की मांग है।

संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9359653465

सरायकेला में मनाई गई गोपाबंधु दास की जयंती

सरायकेला में मनाई गई गोपाबंधु दास की जयंती

सरायकेला

(पारस कुमार होता)

उत्कलमणि आदर्श पाठागार,सरायकेला के नाटक भवन में उत्कलमणि पंडित गोपबंधु दास की जन्मजयंती मनाई गई, संस्था के सदस्यों ने गोपबंधु दास के तैल्यचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दिया.

उक्त अवसर पर संस्था के पूर्व उपाध्यक्ष सह कार्यकारिणी सदस्य सुदीप पटनायक ने कहा कि 09 अक्टूबर 1877 को ओड़िशा के पूरी जिला अंतर्गत सुआँडो गाँव में जन्मे गोपबंधु दास एक स्वतंत्रता सेनानी थे, वे ओड़िआ समाचार पत्र समाज का संस्थापक थे और उत्कल के विभिन्न अंचलों को संगठित कर पूर्णनांग ओड़िशा बनाने की चेष्टा की,कार्यकारी सचिव जलेश कबी ने कहा कि गोपबंधु दास एक विद्वान कबी थे तथा उनके कबिता से ओड़िआ भाषी एक सूत्र में बंधते थे, उनके कृतियाँ स्मरण कर उनके मार्गदर्शन पर चल एक स्वच्छ समाज का गठन करने के साथ साथ ओड़िआ भाषा संस्कृति की सरंक्षण और संवर्धन कर सकते है, उपस्थित सभी ने उनकी जीवनी पर बारी बारी से प्रकाश डाला तथा सदस्यों ने आने वाले दिन में उनके स्मृति पर संस्था द्वारा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित करने का भी विचार – विमर्श किया गया, इससे पूर्व सभी ने गोपबंधु चौक स्थित उनके आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया.

उक्त अवसर पर भोला महंती, काशीनाथ कर,तरुण भोल,शक्ति कुमार पति,सुभास साहू,चक्रधर महंती, रितेश आचार्य एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

झारखण्ड विधानसभा की सरकारी उपक्रम समिति पहुँची सरायकेला-खरसावाँ

झारखण्ड विधानसभा की सरकारी उपक्रम समिति पहुँची सरायकेला-खरसावाँ

विभागीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश.

सरायकेला-खरसावाँ

झारखंड विधानसभा की सरकारी उपक्रम समिति की बैठक आज जिला मुख्यालय स्थित परिसदन सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति एवं मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक निरल पुरीती ने की। बैठक में समिति सदस्य जगत मांझी एवं संजीव सरदार, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डी.आर.डी.ए.) डॉ. अजय तिर्की, एवं अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार उपस्थित रहे।

बैठक में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकासात्मक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। समिति अध्यक्ष ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य आम नागरिकों को पारदर्शी, समयबद्ध एवं प्रभावी सेवाएँ प्रदान करना है। इस दिशा में सभी विभागीय पदाधिकारी आपसी तालमेल एवं समन्वय स्थापित करते हुए उत्तरदायित्व का निर्वहन करें।

समीक्षा बैठक के क्रम में समिति अध्यक्ष एवं सदस्य द्वारा विभागवार निम्नलिखित दिशा-निर्देश प्रदान किए गए👇🏻

🔹 वन विभाग – हाथियों के प्रकोप से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक बचाव उपाय सुनिश्चित किए जाएँ। समिति एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री एवं सहायक उपकरणों का वितरण किया जाए। वन संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाए तथा वृक्षारोपण अभियान में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

🔹 खनन विभाग – अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। जिला, अनुमंडल एवं अंचल स्तर के पदाधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर सतत निगरानी रखें। जिले में स्थित बालू स्टॉक यार्डों का नियमित निरीक्षण, मूल्यांकन एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आम नागरिकों को बालू निर्धारित दर पर ही उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

🔹 उत्पाद विभाग – उत्पाद एवं उत्पादक दुकानों पर निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। दुकानों का औचक निरीक्षण कर दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

🔹 नगर निकाय एवं वन प्रखंड – आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में विकासात्मक कार्यों की गति बढ़ाने हेतु वन प्रमंडल एवं नगर निगम के पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। नागरिक सुविधाओं के विस्तार एवं गुणवत्ता सुधार के लिए ठोस पहल की जाए।

🔹 स्वास्थ्य विभाग – प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी पात्र लाभुकों को स्वास्थ्य कार्ड से जोड़ा जाए। निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत एवं राज्य आवधिक स्वास्थ्य योजना के तहत अधिकाधिक मरीजों का उपचार सुनिश्चित किया जाए। सभी प्राथमिक एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा एंबुलेंस सेवाओं को नियमित एवं सुलभ बनाया जाए।

🔹 परिवहन विभाग – ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों के परिचालन से सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की शिकायतों पर औचक निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सरायकेला–चाईबासा–चौका मुख्य मार्ग की मरम्मती सुनिश्चित की जाए। सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ। मुख्य बाजारों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बाहर अवैध वाहन पार्किंग पर रोक लगाई जाए तथा सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

🔹 पशुपालन विभाग – मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों के बीच पशुओं का वितरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सभी पात्र लाभुकों तक लाभ पहुँचाने के लिए ठोस पहल की जाए।

बैठक के दौरान विभिन्न कार्य एजेंसियों द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। समिति अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि सभी लंबित योजनाओं को निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण किया जाए तथा कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले संवेदकों के विरुद्ध नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाए।

बैठक में सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

बैठक में उपरोक्त के अलावा अपर नगर आयुक्त, आदित्यपुर नगर निगम रवि प्रकाश, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, सिविल सर्जन समेत विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं विभिन्न कार्य एजेंसियों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।

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