टाटानगर–सहरसा रेल सेवा को लेकर सांसद जोबा मांझी को सौंपा ज्ञापन, शीघ्र पहल का मिला आश्वासन।

टाटानगर–सहरसा रेल सेवा को लेकर सांसद जोबा मांझी को सौंपा ज्ञापन, शीघ्र पहल का मिला आश्वासन।

सरायकेला/आदित्यपुर

टाटानगर–सहरसा रेल सेवा समिति की ओर से सिंहभूम की सांसद श्रीमती जोबा मांझी को टाटानगर से सहरसा–मधेपुरा–पूर्णिया होते हुए कटिहार तक दैनिक एक्सप्रेस ट्रेन सेवा प्रारंभ करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। *यह ज्ञापन सिंहभूम की सांसद श्रीमती जोबा मांझी के सांसद प्रतिनिधि सह सरायकेला-खरसावां जिले के शिक्षाविद् प्रोफेसर कालीपद सोरेन (के.पी. सोरेन) के माध्यम से सांसद महोदया तक पहुंचाया गया।

ज्ञापन में ट्रेन संख्या 28181/28182 के आंशिक मार्ग परिवर्तन के माध्यम से टाटानगर–सहरसा–मधेपुरा–पूर्णिया –कटिहार के बीच सीधा रेल संपर्क उपलब्ध कराने तथा टाटानगर से सहरसा–मधेपुरा–पूर्णिया होते हुए कटिहार तक दैनिक एक्सप्रेस रेल सेवा प्रारंभ करने की मांग प्रमुखता से रखी गई।
समिति के सदस्यों ने बताया कि कोसी एवं सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों का टाटानगर एवं आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से प्रत्यक्ष जुड़ाव है। वर्तमान में सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी होती है। नई रेल सेवा शुरू होने से झारखंड, बिहार के कोसी-सीमांचल क्षेत्र तथा औद्योगिक क्षेत्रों के बीच आवागमन को काफी सुविधा मिलेगी।

इस अवसर पर सांसद जोबा मांझी ने समिति के प्रतिनिधियों को आश्वासन देते हुए कहा कि वे इस महत्वपूर्ण मांग को लेकर शीघ्र ही रेल मंत्रालय एवं रेल मंत्री से बातचीत करेंगी और रेल परिचालन शुरू कराने की दिशा में विशेष आग्रह करेंगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता की सुविधा से जुड़े इस विषय को उचित स्तर पर उठाया जाएगा।

बोल बम कीर्तन समारोह के लिए सांसद को आमंत्रण

इसी क्रम में मिथिला संकीर्तन मंडली, आदित्यपुर की ओर से आगामी बोल बम कीर्तन समारोह के उद्घाटन हेतु सिंहभूम की सांसद श्रीमती जोबा मांझी को मुख्य अतिथि के रूप में सादर आमंत्रित किया गया। मंडली की ओर से उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण पत्र सौंपा गया। मंडली द्वारा आयोजित होने वाला यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम 19 सितंबर 2026 को शाम 6:30 बजे आदित्यपुर स्थित वीर कुंवर सिंह मैदान, पथ संख्या 7-8, आदित्यपुर-2 में आयोजित किया जाएगा।

इस दौरान मुख्य रूप से निरंजन मिश्रा, अजय कुमार झा, अजय ठाकुर, ओम प्रकाश ठाकुर, आदित्य नारायण मिश्रा एवं इंद्रकांत झा सहित अन्य लोग उपस्थित थे। उपस्थित सदस्यों ने सांसद महोदया से कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर समारोह का उद्घाटन करने का आग्रह किया।

आजादी के इतने वर्षों बाद भी कांकीटांड़ गांव में नहीं बना सड़क

आजादी के इतने वर्षों बाद भी कांकीटांड़ गांव में नहीं बना सड़क

सरायकेला/ईचागढ़

मालखान महतो

सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड का कांकीटांड़ गांव आज भी विकास की बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर है। तीन पंचायतों के अंतर्गत आने वाला यह गांव आजादी के बाद से अब तक एक अदद सड़क के लिए तरस रहा है। गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क तो दूर, बरसात के दिनों में खेतों की मेड़ ही ग्रामीणों के लिए एकमात्र सहारा है। स्कूली बच्चों को भी करीब दो किलोमीटर तक फिसलन भरी मेड़ पर गिरते-पड़ते स्कूल जाना पड़ता है। वहीं गंभीर रूप से बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए ग्रामीणों के सहारे ढोकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।

ये तस्वीरें ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के कांकीटांड़ गांव की हैं। आजादी के इतने वर्षों बाद भी गांव के लोगों को सड़क जैसी बुनियादी सुविधा नसीब नहीं हुई है। गांव तक आने-जाने के लिए कोई सुगम रास्ता नहीं है। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं।

धान के खेतों के बीच बनी संकरी मेड़ ही ग्रामीणों के लिए मुख्य सड़क तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता है। इसी रास्ते से ग्रामीण मिलन चौक बाजार जाते हैं और इसी पगडंडी से बच्चे स्कूल का सफर तय करते हैं। करीब दो किलोमीटर तक फिसलन भरी मेड़ पर छोटे-छोटे बच्चे गिरते-पड़ते स्कूल पहुंचते हैं और फिर इसी जोखिम भरे रास्ते से वापस घर लौटते हैं।

सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब गांव में कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार पड़ जाता है या किसी गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ती है। सड़क नहीं होने के कारण मरीजों को ढोकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है। ऐसे में समय पर इलाज मिलना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। गांव में एक नव प्राथमिक विद्यालय भी था, लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा इसे बंद कर दिया गया है। बच्चों को दो किलोमीटर पैदल चलकर सितु स्कूल आना पड़ता है।ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य सड़क पर वाहनों की आवाजाही के बीच बच्चों को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ती है।

ग्रामीणों का कहना है कि आज वैज्ञानिक युग में लोग जी रहे हैं,लेकिन कांकीटांड़ के लोग आज भी अपने गांव तक एक सड़क के लिए तरस रहे हैं। सड़क के अभाव में गांव का विकास भी प्रभावित हो रहा है।यहां आज भी खेत की मेड़ ही सड़क का विकल्प बनी हुई है। ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग है कि गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को स्कूल जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कांकीटांड़ गांव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सड़क निर्माण कराने की मांग की है।

खरसावां सीएचसी में अनियमितता की शिकायत पर एसडीओ ने की जांच, रजिस्टर संधारण में मिली खामी।

खरसावां सीएचसी में अनियमितता की शिकायत पर एसडीओ ने की जांच, रजिस्टर संधारण में मिली खामी।

सरायकेला-खरसावां

खरसावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का शनिवार को सरायकेला अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न रजिस्टरों और अभिलेखों की जांच की। यह जांच जिला उपायुक्त को मिली अनियमितता की शिकायत के बाद गठित जांच कमेटी के निर्देश पर की गई।

एसडीओ अभिनव प्रकाश ने बताया कि शिकायत में खरसावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 10 लाख रुपये, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरिभंजा को 5 लाख रुपये तथा सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों को 2-2 लाख रुपये आवंटित किए जाने के बाद उसमें गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। शिकायत मिलने के बाद जिला उपायुक्त के माध्यम से जांच कमेटी का गठन किया गया।

उन्होंने बताया कि शनिवार को जांच के दौरान सभी संबंधित रजिस्टरों की जांच की गई। जांच में कुछ स्टॉक रजिस्टरों का सही ढंग से संधारण नहीं किया जाना पाया गया है। संबंधित कर्मियों को आवश्यक सुधार के लिए दो दिनों का समय दिया गया है। सोमवार को दोबारा रजिस्टरों और अभिलेखों की जांच की जाएगी।

एसडीओ ने कहा कि शिकायतकर्ता को भी नोटिस जारी कर जांच के लिए बुलाया जाएगा। शिकायत, दस्तावेजों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले में स्थिति स्पष्ट होगी।

खरसावां में वीर शहीद निर्मल महतो का शहादत दिवस मनाई गई।

खरसावां में वीर शहीद निर्मल महतो का शहादत दिवस मनाई गई।

सरायकेला-खरसावां

खरसावां चांदनी चौक स्थित वीर शहीद निर्मल महतो भवन में आज 8 अगस्त को शहीद निर्मल महतो की शहादत दिवस अत्यंत श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक चेतना के साथ मनाई गई। इस अवसर पर किसान, बुद्धिजीवी, छात्र-छात्राएं, युवा वर्ग तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्देश्य शहीद निर्मल महतो के विचारों, संघर्ष और बलिदान को स्मरण करते हुए नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत शहीद निर्मल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर वीर शहीद को नमन किया।

इस अवसर पर शिक्षक गुणधाम मुतरुआर ने अपने संबोधन में कहा कि आज 8 अगस्त झाड़खंड मसीहा शहीद निर्मल महतो का 39 वें शहादत दिवस है। शहीद निर्मल महतो का सपना केवल झाड़खंड का नक्शा बदलना नहीं था। वह झाड़खंड के भीतर सत्ता और विकास की दिशा बदलने का सपना था।  आज जब हम उनकी शहादत को याद कर रहे हैं, तो हमें यह तय करना होगा कि हम उन्हें इतिहास के एक अध्याय के रूप में याद करना चाहते हैं या उनके विचारों को वर्तमान की राजनीति का हिस्सा बनाना चाहते हैं। शहादत दिवस का अर्थ सिर्फ अतीत को याद करना नहीं होता। यह वर्तमान से सवाल करने और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर भी होता है। शहीद निर्मल महतो का नाम केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि यह बृहद झाड़खंड अलग राज्य आंदोलन का प्रतीक भी है। झाड़खंडी जनमानस की पहचान जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा झाड़खंडी मूल्यों के संरक्षण के लिए संघर्ष करना ही उनकी पहचान थी। 25 दिसंबर 1950 को जमशेदपुर के कदमा स्थित उलियान गांव में जन्मे निर्मल महतो एक तेजस्वी और संघर्षशील व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने हमेशा गरीब, शोषित पीड़ित और वंचित समाज के हक के लिए आवाज उठाई।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शहीद निर्मल महतो ने अपने जीवन को झारखंडी जनमानस के स्वाभिमान और अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं था, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और आत्मसम्मान की स्थापना का आंदोलन था। आज आवश्यकता है कि हम उनके विचारों को केवल स्मरण तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने व्यवहार और सामाजिक कार्यों में उतारें।

इस कार्यक्रम के दौरान कुड़माली विषय लेकर मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट में पास करने वाले विद्यार्थियों को कुड़मालि कैलेंडर, कुड़मालि पत्रिका “नउआ बिहान” और स्टीलपात्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में पंकज कुमार महतो, महेश्वर महतो, गदाधर महतो, शिक्षक सुनील कुमार जुरुआर, दुर्गा चरण महतो, संतोष महतो, बबलू महतो, दीपक कुमार महतो, राजाराम महतो, महावीर महतो, विक्रम महतो, शिवानंद महतो सहित अन्य छात्र-छात्राओं और युवाओं की सक्रिय भूमिका रही। सभी ने एक स्वर में शहीद निर्मल महतो के सपनों के झारखंड के निर्माण का संकल्प लिया।

अंत में उपस्थित जनसमूह ने शहीद निर्मल महतो अमर रहें के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन किया तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प व्यक्त किया।

72 घंटे नॉन-स्टॉप सेवा – वास्को नगर के आशीष पति ने लाखों कांवरियों को खिलाया भोग, कराया दर्शन।

72 घंटे नॉन-स्टॉप सेवा – वास्को नगर के आशीष पति ने लाखों कांवरियों को खिलाया भोग, कराया दर्शन।

देवघर,सरायकेला-खरसावां

सावन के पावन महापर्व पर बाबा बैद्यनाथ और बाबा बासुकीनाथ के दरबार को जाने वाले कांवरियों की सेवा में सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत आने वाले वास्को नगर के निवसी समाजसेवी आशीष पति ने मिसाल कायम की है।

आशीष पति के नेतृत्व में विगत 72 घंटे से निस्वार्थ सेवा शिविर चलाया जा रहा है। शिविर में दूर-दराज से आए लाखों कांवरियों को गर्म भोजन, पीने का पानी और विश्राम की सुविधा दी गई। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि स्वयंसेवक कतार में बैठे कांवरियों को प्रेमपूर्वक भोजन परोस रहे हैं और रात में भी “त्रिलोकी सेवा सदन” के बैनर तले भोग वितरण किया जा रहा है।

सेवा के साथ-साथ पूजा-अर्चना और भजन का भी विशेष इंतजाम किया गया। आशीष पति एवं उनकी टीम ने बाबा बैद्यनाथ एवं बाबा बासुकीनाथ का दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

स्थानीय श्रद्धालुओं ने इस पुण्य कार्य की सराहना करते हुए कहा कि “आशीष पति पिछले 3 वर्षों से लगातार कांवरियों का भक्ति भाव से सेवा कर रहे हैं। साथ ही साबित कर दिया कि सच्ची भक्ति सेवा में है।”

इस नेक कार्य में बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता भी आशीष पति के साथ जुटे हुए हैं।

BREAKING NEWS: उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई: गम्हरिया और सपड़ा में अवैध शराब माफियाओं पर शिकंजा, 37,000 किलो जावा-महुआ जब्त, 3 तस्कर गिरफ्तार।

BREAKING NEWS: उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई: गम्हरिया और सपड़ा में अवैध शराब माफियाओं पर शिकंजा, 37,000 किलो जावा-महुआ जब्त, 3 तस्कर गिरफ्तार।

सरायकेला

अवैध शराब के काले कारोबार के खिलाफ सरायकेला-खरसावां उत्पाद विभाग ने शनिवार को निर्णायक प्रहार किया है। विभाग ने गम्हरिया थाना क्षेत्र के जामजोड़ा और आदित्यपुर थाना क्षेत्र के सापड़ा में एक साथ छापेमारी कर अवैध शराब माफियाओं के नेटवर्क में हड़कंप मचा दिया है।

इस बड़ी कार्रवाई में उत्पाद विभाग की टीम ने 37,000 किलोग्राम जावा-महुआ, 500 लीटर तैयार देसी महुआ शराब और भारी मात्रा में शराब बनाने की सामग्री बरामद की है। मौके से अवैध कारोबार में इस्तेमाल की जा रही एक स्कूटी भी जब्त की गई है।

सरायकेला में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्पाद अधीक्षक क्षितिज विजय मिंज ने जानकारी देते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह छापेमारी की गई। टीम ने मौके से अवैध शराब कारोबार में लिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद जावा-महुआ और शराब बनाने की सामग्री को नियमानुसार मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

आगे उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि इनमें फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी की प्रक्रिया की जा रही है किसी भी अभियुक्त को बक्सा नहीं जाएगा।

उत्पाद विभाग के दरोगा सोनू कुमार ने स्पष्ट कहा है कि जिले में अवैध शराब का धंधा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग की यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और शराब माफियाओं के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

इस सफल अभियान में अवर निरीक्षक महेंद्र रविदास, सौदागर पंडित सहित उत्पाद विभाग के अन्य अधिकारी और होमगार्ड के जवानों की अहम भूमिका रही।

उत्पाद विभाग की इस सख्त और सराहनीय कार्रवाई से पूरे क्षेत्र के अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम की खुलकर प्रशंसा की है।

गम्हरिया में नशे का काला साम्राज्य, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल – थाना प्रभारी की नाकामी या मिलीभगत?

गम्हरिया में नशे का काला साम्राज्य, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल – थाना प्रभारी की नाकामी या मिलीभगत?

सरायकेला/गम्हरिया

सरायकेला जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र इन दिनों प्रतिबंधित नशे का गढ़ बनता जा रहा है। चौक-चौराहों से लेकर सुनसान ठिकानों तक, दिन-दहाड़े शराब, गांजा और अन्य प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की खुलेआम खरीद-बिक्री हो रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह सब पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है और गम्हरिया पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।

सुत्रों से मिली के अनुसार, नशे के सौदागरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें पुलिस का कोई खौफ ही नहीं रहा। शाम ढलते ही सरकारी शराब दुकानों के आस-पास नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है। वहीं सड़क पर खुलेआम शराब पीना, गाली-गलौज और हंगामा आम बात हो गई है। इन्हीं शराब दुकानों और नशे के अड्डों के बगल से दिन के उजाले में स्कूली बच्चे, महिलाएं और फैक्ट्री जाने वाले मजदूरों का रोजाना आना-जाना होता है। नशे में धुत लोगों की अश्लील हरकतों और अभद्रता से छात्राओं और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह जनहित और सामाजिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। युवा पीढ़ी तेजी से इस जहर की गिरफ्त में आ रही है।

गम्हरिया थाना प्रभारी

सूत्र यह भी बताते हैं कि इस अवैध कारोबार की शिकायत कई बार गम्हरिया थाना में की जा चुकी है। लगातार सूचना देने के बावजूद थाना प्रभारी द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। छापेमारी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है, जबकि असली तस्कर खुलेआम घूम रहे हैं।

वहीं इस मामले पर स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर गम्हरिया पुलिस इसी तरह सोती रही, तो आने वाले समय में गम्हरिया अपराध का अड्डा बन जाएगा। थाना प्रभारी की यह चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? कंही यह मामला अगर नशे के कारोबारी और थाना प्रभारी की मिलीभगत तो नहीं?”
साथ इस मांगने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप की मांग की है।

गम्हरिया की आम जनता ने जिले के पुलिस अधीक्षक, सरायकेला और आबकारी विभाग से जोरदार मांग की है कि –

1. गम्हरिया थाना क्षेत्र में अविलंब विशेष छापेमारी अभियान चलाया जाए।

2. नशे के अवैध कारोबार में लिप्त तस्करों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

3. सरकारी शराब दुकानों के 100 मीटर के दायरे में खुलेआम शराब पीने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो और वहां पुलिस की नियमित गश्ती सुनिश्चित की जाए।

4. गम्हरिया थाना प्रभारी की इस लापरवाही और शिकायतों की अनदेखी पर उच्चस्तरीय जांच हो।

जनता ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि जिले के आला अधिकारी इस गंभीर मामले पर कब तक संज्ञान लेते हैं और गम्हरिया को नशे के इस दलदल से कब मुक्त कराते हैं।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत 08 एवं 09 अगस्त को जिले के सभी मतदान केन्द्रों पर लगेगा विशेष शिविर।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत 08 एवं 09 अगस्त को जिले के सभी मतदान केन्द्रों पर लगेगा विशेष शिविर।

सरायकेला/खरसावां

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 कार्यक्रम के अंतर्गत 08 एवं 09 अगस्त 2026 को प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक सरायकेला-खरसावाँ जिले के सभी मतदान केन्द्रों पर विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष शिविर में पात्र नागरिक फॉर्म-6 एवं फॉर्म-8 भरकर मतदाता सूची में नाम जोड़ने तथा आवश्यक संशोधन/स्थानांतरण से संबंधित आवेदन कर सकेंगे।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ, श्री नितिश कुमार सिंह ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में प्रत्येक पात्र नागरिक की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिन भारतीय नागरिकों की आयु 01 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष अथवा उससे अधिक हो जाएगी तथा जिनका नाम अब तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे विशेष शिविर में पहुंचकर फॉर्म-6 एवं घोषणा-पत्र भरते हुए आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य दर्ज कराएं।

उन्होंने बताया कि ऐसे मतदाता जिनके परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केन्द्रों पर दर्ज हैं अथवा जो अपने पूरे परिवार का नाम एक ही मतदान केन्द्र पर दर्ज कराना चाहते हैं, वे फॉर्म-8 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त जिन मतदाताओं के मतदान केन्द्र अथवा मतदाता विवरण में आवश्यक संशोधन अपेक्षित है, वे भी फॉर्म-8 का उपयोग कर सकते हैं।

उपायुक्त ने कहा कि आवेदन बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से मतदान केन्द्र पर जमा किए जा सकते हैं। साथ ही नागरिक ECINET App अथवा voters.eci.gov.in के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 की प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है तथा इसमें किसी भी विदेशी नागरिक की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने सभी पात्र मतदाताओं से निर्धारित तिथि पर अपने निकटतम मतदान केन्द्र पहुंचकर इस विशेष शिविर का लाभ उठाने तथा अन्य पात्र नागरिकों को भी जागरूक करने की अपील की।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, सेक्टर पदाधिकारियों एवं बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को निर्देश दिया है कि विशेष शिविर के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में नाम जोड़ने एवं संशोधन की सुविधा सुगमता से उपलब्ध हो सके।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत विद्यालयों एवं विभिन्न संस्थानों में चलाया जा रहा है मतदाता जागरूकता अभियान।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत विद्यालयों एवं विभिन्न संस्थानों में चलाया जा रहा है मतदाता जागरूकता अभियान।

सरायकेला/खरसावां

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत विद्यालयों एवं विभिन्न संस्थानों में चलाया जा रहा है मतदाता जागरूकता अभियान

जिले में नव मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ने हेतु विशेष जागरूकता अभियान जारी

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) कार्यक्रम के अंतर्गत सरायकेला-खरसावाँ जिले में 05 अगस्त से नव मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ने हेतु विशेष मतदाता जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र युवाओं को मतदाता सूची में शामिल कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना है।

निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला अभिनव प्रकाश के नेतृत्व में राजनगर प्रखंड स्तर पर नव मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ने हेतु जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अतिरिक्त सरायकेला क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में भी मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं पात्र युवाओं को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाता की भूमिका, लोकतंत्र के सशक्त निर्माण में प्रत्येक मतदाता के महत्व तथा मताधिकार के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही 18 वर्ष अथवा निर्धारित अर्हता तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी पात्र युवाओं से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की अपील की गई।

इसी प्रकार जिला उप निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी श्रीमती पारुल सिंह के नेतृत्व में आदित्यपुर, गम्हरिया एवं सरायकेला क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य, मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया, मतदान के महत्व एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता की भूमिका की जानकारी दी गई तथा पात्र युवाओं से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का आह्वान किया गया।

इसके अतिरिक्त हेल्प डेस्क मैनेजर (Help Desk Manager–HDM) द्वारा भी जिले के विभिन्न बूथों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, प्रशिक्षण संस्थानों, औद्योगिक संस्थानों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा अन्य ऐसे स्थानों, जहाँ युवा वर्ग की सहभागिता अधिक है, वहाँ चुनावी पाठशाला, मतदाता जागरूकता संवाद, शपथ, प्रश्नोत्तरी, निबंध, चित्रांकन एवं अन्य जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के दौरान पात्र युवाओं को ECINET App डाउनलोड कर प्रपत्र-6, प्रपत्र-7 एवं प्रपत्र-8 के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। साथ ही मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, प्रविष्टियों में संशोधन, परिवार के सभी पात्र सदस्यों का नाम एक ही मतदान केन्द्र पर दर्ज कराने तथा निर्वाचन संबंधी अन्य सेवाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की जा रही है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ श्री नीतिश कुमार सिंह ने जिले के सभी पात्र नागरिकों, विशेषकर प्रथम बार मतदान करने वाले युवाओं से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) कार्यक्रम के दौरान मतदाता सूची में अपना नाम अनिवार्य रूप से दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती प्रत्येक पात्र नागरिक की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। सभी पात्र युवा समय पर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराकर एक जागरूक एवं जिम्मेदार मतदाता के रूप में लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

नल जल योजना के तहत सड़क किनारे पाइप लाइन बिछाकर  नहीं किया ड्रैसिंग ,  बारिश में टुट रहा सड़क का फुटपाथ।

नल जल योजना के तहत सड़क किनारे पाइप लाइन बिछाकर  नहीं किया ड्रैसिंग ,  बारिश में टुट रहा सड़क का फुटपाथ।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सितु ,सोड़ो,तुता सहित कई पंचायत क्षेत्रों में जल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा हर घर नल जल योजना अन्तर्गत बृहत जल मीनार का निर्माण जारगोडीह में कराया जा रहा है, जिसमें हर घर नल से जल आपूर्ति हेतु पाइप लाइन का कार्य संवेदक द्वारा किया जा रहा है। सड़क किनारे एवं गांवों में पाइप बिछाने के गड्ढे खोदने का काम किया जा रहा है। पाइप बिछाने के बाद ऊपर मिट्टी को हल्का देकर छोड़ दिया गया है, जिससे आए दिन वाहन फंस रहा है। पाइप बिछाने के बाद ड्रेसींग भी नहीं किया गया है, जिससे बारिश में मिट्टी का कटाव होने से सड़क किनारे फुटपाथ जगह जगह धंस कर खतरे को आमंत्रित कर रहा है।

लोगों का आरोप है कि सुरजमल ओंकारमल कंस्ट्रक्शन द्वारा पाइप बिछाकर मिट्टी को समान भी नहीं किया जा रहा है। लोगों को आवागमन में असुविधा के साथ ही। सड़क किनारे का मिट्टी कटाव होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पाइप बिछाए गए गढ्ढों को ठीक नहीं करने से सड़क भी क्षतिग्रस्त हो सकता है। इस संबंध में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को ग्रामीणों द्वारा शिकायत किया जाएगा।

चिपड़ी से चुनीडीह गांव तक की बदहाल सड़क से ग्रामीण त्रस्त, 15 वर्षों से जर्जर मार्ग पर आवागमन को मजबूर।

चिपड़ी से चुनीडीह गांव तक की बदहाल सड़क से ग्रामीण त्रस्त, 15 वर्षों से जर्जर मार्ग पर आवागमन को मजबूर।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के तिरुलडीह 2 पंचायत अंतर्गत चिपड़ी से चुनीडीह गांव तक की जर्जर सड़क को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 15 वर्षों से सड़क की हालत बद से बदतर बनी हुई है, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ और जलजमाव से भर जाती है, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो जाता है।

ग्रामीणों ने बताया कि चिपड़ी हाई स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन करीब दो किलोमीटर तक साइकिल हाथ में लेकर या उतरकर कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। किसानों और ग्रामीणों को बाजार तक सब्जियां पहुंचाने में भी भारी परेशानी होती है और कई बार सामान को कंधे पर ढोकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।

ग्रामीणों ने बताया कि यदि गांव में कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में मरीज को खाट पर लिटाकर लगभग दो किलोमीटर तक मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिसके बाद ही अस्पताल पहुंचाना संभव हो पाता है।
ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधि के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार आवेदन देकर सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन 15 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि विकास के दावों के बावजूद गांव आज भी बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित है।

इस दौरान जगदीश सिंह मुंडा, जगदीश महतो, सुग्रीव भगत, डीसी महतो, राजकिशोर महतो, नरेश महतो, विष्णु महतो, शिवचरण महतो तथा वरुण महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने अविलंब सड़क निर्माण की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

कुड़मि समाज की पहचान, धर्म एवं कुड़मालि भाषा की राष्ट्रीय मान्यता की मांग।

कुड़मि समाज की पहचान, धर्म एवं कुड़मालि भाषा की राष्ट्रीय मान्यता की मांग।

जमशेदपुर

आदिवासी कुड़मि समाज के मूलखूॅंटी मूलमानता (संरक्षक) अजीत प्रसाद महतो के नेतृत्व में कुड़मि समाज के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी जातीय पहचान, पारंपरिक धर्म एवं कुड़मालि भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने की मांग को लेकर 6 अगस्त 2026 को भारत सरकार, नई दिल्ली में रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त के समक्ष मांग-पत्र सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल में जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो, गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, पुरुलिया सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो, आदिवासी कुड़मि समाज के अध्यक्ष शशांक शेखर महतो सहित समाज के अनेक प्रतिनिधि मंडल उपस्थित रहे।

मांग पत्र में आगामी जनगणना में कुड़मि समाज की जातीय पहचान एवं मातृभाषा का स्पष्ट एवं पृथक अंकन, पारंपरिक “प्रकृति धर्म अर्थात सारना कुड़मि धर्म” की मान्यता तथा कुड़मालि भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की मांग की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कुड़मि समाज की मांग केवल पहचान का प्रश्न नहीं, बल्कि उसकी भाषा, संस्कृति, धार्मिक परंपरा और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण से जुड़ा विषय है। समाज ने केंद्र सरकार से इन मांगों पर संवेदनशीलता पूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक पहल की अपेक्षा व्यक्ति की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 7 अगस्त को गृह मंत्रालय की ओर से आश्वासन दिया गया कि वर्तमान संसद सत्र की व्यस्तताओं के कारण गृह मंत्री अमित शाह शीघ्र ही आदिवासी कुड़मि समाज के मुलखूॅंटी मूलमानता (संरक्षक) अजीत प्रसाद महतो तथा सांसद विद्युत वरण महतो, चंद्र प्रकाश चौधरी, ज्योतिर्मय सिंह महतो एवं खीरू महतो सहित अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में कुड़मि समाज की मांगों पर विचार कर आवश्यक निर्णय लिए जाने की बात कही गई है। इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री भी शामिल होने की संभावना व्यक्त की है।
इस आश्वासन से कुड़मि समाज में अपनी भाषा, धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक अधिकारों को लेकर सकारात्मक उम्मीद जगी है।

इस अवसर पर  कृष्ण पद महतो, प्रेमचॉंद महतो, कमलेश महतो, अनंत महतो, वनमाली महतो एवं राधानाथ महतो सहित अनेक सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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