असंगी चेक डैम में नहाने के दौरान दो स्कूली छात्रों की मौत।
स्कूल से भाग कर नहाने डैम पहुंचे हुई मौत, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल।
सरायकेला/आर.आई.टी
बृहस्पतिवार कोसरायकेला खरसावां जिले के आर.आई.टी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जिसमें की सेंट्रल पब्लिक स्कूल आदित्यपुर के 5 छात्र स्कूल के वक्त स्कूल से भाग कर नहाने चेक डैम पहुंचे जिसमें की नहाने के दौरान नौवीं कक्षा के दो छात्र रौनक भारद्वाज और गॉडविन थॉमस की मौत हो गई। छात्रों की मौत से इलाके में मातम का माहौल पसर गया है परिजनों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे।
घटना की जानकारी मिलने पर आदित्यपुर नगर निगम के अध्यक्ष संजय सरदार और डिप्टी मेयर अंकुर सिंह घटना स्थल पर पहुंचे और मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया.
घटित घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार सेंट्रल पब्लिक स्कूल के पांच छात्र स्कूल ऑवर्स के दौरान क्लास छोड़कर खरकई नदी पर बने आसंगी चेक डैम में नहाने पहुंचे थे. जब छात्र डैम में उतरे, तो अचानक गहराई का अंदाजा न होने के कारण रौनक और गॉडविन पानी के तेज बहाव और गहराई में समा गए. मौके पर मौजूद उनके सहपाठी प्रशांत कुमार ने बताया कि वह उस वक्त पानी लाने गया था, तभी यह चीख-पुकार मच गई. अन्य दो छात्र किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे.
घटना की सूचना मिलते ही आरआईटी थाना प्रभारी संजीव सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. स्थानीय गोताखोरों की मदद से तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों छात्रों के शवों को पानी से बाहर निकाला. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
कुचाई के रोलाहातु पंचायत में आयोजित जनता दरबार में ग्रामीणों ने रखी विकास संबंधी समस्याएं।
कई समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान, शेष मामलों के त्वरित निष्पादन का आश्वासन
सरायकेला/कुचाई
कुचाई प्रखंड अंतर्गत रोलाहातु पंचायत के प्राथमिक विद्यालय, कोमाय परिसर में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं माननीय विधायक, खरसावां विधानसभा क्षेत्र दशरथ गागराई की उपस्थिति में जनता दरबार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अपर उपायुक्त जयबर्धन कुमार, अनुमण्डल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ० सरयू प्रसाद सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी कुचाई साधु चरण देवगम , अंचल अधिकारी कुचाई सुषमा सोरेन समेत विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण एवं सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात प्रखंड विकास पदाधिकारी, कुचाई द्वारा स्वागत संबोधन प्रस्तुत करते हुए जनता दरबार के उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया।
जनता दरबार में विभिन्न गांवों एवं टोला से आए ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के विकास से संबंधित अनेक समस्याएं एवं मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। हनुख हेंब्रम द्वारा झूगरू से लोटाबुरु गांव तक पीसीसी सड़क निर्माण, सनिका मुंडा द्वारा खूंटी जिला के चलन टिकुरा से जोम्बरो तक सड़क निर्माण एवं पुलिया निर्माण, चरण मुंडा द्वारा जलमीनार/चापानल मरम्मती, हर घर नल-जल योजना से वंचित घरों को जोड़ने, बीएसएनएल टावर यथाशीघ्र चालू कराने एवं आंगनबाड़ी केंद्र भवन की मरम्मती सहित वैकल्पिक संचालन की मांग रखी गई।
इसी क्रम में जोसेफ पूर्ति द्वारा विभिन्न टोलों को जोड़ने वाली सड़कों के निर्माण/मरम्मती, मनीराम मुंडा द्वारा विद्यालय भवन मरम्मती एवं नालों पर पुल निर्माण, भोंज सिंह सांगा द्वारा विभिन्न गांवों में सड़क निर्माण एवं बंद मोबाइल टावरों को चालू कराने, तथा चलन टिकुरा से जोम्बरो तक सड़क निर्माण एवं पेयजल समस्या के समाधान की मांग की गई।
तारंबा ग्राम की सुशीला मुंडा एवं मैरी युक्ते सांगा पूर्ति द्वारा क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क एवं एएनसी सेवाओं की सुगमता सुनिश्चित करने की मांग की गई। वहीं जीवन कांडीर द्वारा गांव से प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाली जर्जर सड़कों की मरम्मती/निर्माण की आवश्यकता बताई गई।
प्राप्त शिकायतों में से कई मामलों का मौके पर ही पदाधिकारियों को समाधान करने का निर्देश दिया गया, जबकि शेष मामलों के त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल स्थापित कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी एवं महिलाओं की उपस्थिति जागरूक समाज का परिचायक है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सका है जिसके लिए वे क्षमाप्रार्थी हैं। जनता दरबार में प्राप्त सड़क, पुलिया, स्वास्थ्य, शिक्षा, जलापूर्ति सहित विभिन्न समस्याओं का जिला एवं राज्य स्तर पर समन्वय स्थापित कर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। क्षेत्र में स्थापित 9 मोबाइल टावरों को चालू करने की प्रक्रिया जारी है जिसे शीघ्र पूरा किया जाएगा। साथ ही कई योजनाएं प्रक्रियाधीन हैं, जिन पर शीघ्र कार्य प्रारंभ कर विकास को गति दी जाएगी। उन्होंने आमजनों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं की जानकारी स्थानीय पदाधिकारियों को दें ताकि समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
वहीं माननीय विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि क्षेत्र के विकास हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं एवं चिन्हित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। राज्य स्तर से संबंधित मामलों के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आज भी कई गांवों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है तथा जागरूकता की कमी के कारण लोग योजनाओं से वंचित हैं। इसके समाधान हेतु जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन को समन्वित रूप से कार्य करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में पंचायत के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने सुदूरवर्ती क्षेत्र में प्रशासन द्वारा पहुंचकर जनता दरबार आयोजित करने एवं समस्याओं के समाधान हेतु पहल करने पर उपायुक्त, माननीय विधायक एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इससे पूर्व आवास, मनरेगा, जेएसएलपीएस, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, समाज कल्याण, कृषि, श्रम, सांख्यिकी एवं आपूर्ति सहित विभिन्न विभागों द्वारा चयनित लाभुकों के बीच मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।
राजकीय चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव 2026 की तैयारियों को लेकर उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने किया स्थलीय निरीक्षण।
सरायकेला/खरसावां
बिरसा मुंडा स्टेडियम, सरायकेला में आगामी 11 से 13 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाले राजकीय चैत्र पर्व-सह-छऊ महोत्सव-2026 के सफल आयोजन की तैयारियों को लेकर उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश लुनायत द्वारा कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर अब तक की गई तैयारियों की समीक्षा की गई।
समीक्षा के उपरांत यातायात परिचालन, सुरक्षा व्यवस्था, कलाकारों एवं आगंतुकों की सुविधाओं तथा सुगमता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम स्थल की साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, शौचालय व्यवस्था, अग्निशमन दल एवं चिकित्सा दल की तैनाती सुनिश्चित करने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए।
साथ ही आयोजन को सफल, सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने हेतु सभी तैयारियों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा सभी संबंधित पदाधिकारी, कर्मी, आयोजन समिति के सदस्य एवं नागरिकों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।
महोत्सव के दौरान मुख्य कार्यक्रम स्थल बिरसा मुंडा स्टेडियम परिसर में विकास मेला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल स्थापित कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही जिले के लिए प्रसिद्ध फूड आइटम्स एवं स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं की पहचान एवं बिक्री हेतु स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन एवं आमजन को विविध सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
इस वर्ष के छऊ महोत्सव में प्रसिद्ध स्थानीय छऊ कलाकारों के साथ विभिन्न राज्यों के कलाकारों एवं प्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा तथा इंडियन आइडल के कलाकार प्रियंगशु दत्ता भी अपनी प्रस्तुति देंगे, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण होगा।
उपायुक्त ने जिलेवासियों एवं कला प्रेमियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाएं तथा इस सांस्कृतिक महोत्सव का आनंद लें।
उक्त अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) प्रदीप उरांव, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला समीर सवैया, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार, स्थानीय थाना प्रभारी, आयोजन समिति के सदस्यगण एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
बुंडू में बन रहे मार्केट कॉम्प्लेक्स की जांच करने पहुंचे रांची डीडीसी।
झारखंड/बुंडू
रांची के डीडीसी सौरभ कुमार ने गुरुवार को बुंडू जिला परिषद परिसर में निर्माणाधीन मार्केट कॉम्प्लेक्स का औचक निरीक्षण किया। जिला परिषद द्वारा लगभग 3.70 करोड़ रुपये की लागत से 42 दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों के आधार पर डीडीसी निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि यह मार्केट कॉम्प्लेक्स बनने से बुंडू के वेंडरों को काफी सुविधा मिलेगी, लेकिन निर्माण कार्य हर हाल में गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जाएगी। पुराने मार्केट कॉम्प्लेक्स में दुकानों के आवंटन में धांधली की शिकायतें मिली हैं, जिसकी जांच के बाद अनियमितता पाए जाने पर आवंटन रद्द किया जाएगा।
मौके पर विभाग के कार्यपालक अभियंता गुप्तेश्वर राम ने बताया कि मार्केट कॉम्प्लेक्स की पहले भी दो बार जांच हो चुकी है। इसके बावजूद यदि गुणवत्ता में कोई कमी पाई जाती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अन्य विभागीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
ईचागढ़ के पुरानडीह व मिस्त्रीडीह में बिजली खम्भा गिरने से 24 घंटे से बिजली गुल।
सरायकेला/ईचागढ़
ईचागढ़प्रखंड क्षेत्र के पुरानडीह और मिस्त्रीडीह ,पाटपुर गांव के बीच बुधवार शाम को हुई आंधी तूफान से तीन बिजली खम्भा गिरने से 24 घंटे से बिजली गुल है। ग्रामीण अंधेरे में रहने के लिए विवश है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस साल का पहली बारिश और आंधी तूफान से बिजली पोल गिर जा रहा है, तो बरसात के समय क्या होगा। वहीं पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि अनाथ चंद्र महतो ने बताया कि बुधवार शाम को आये आंधी तुफान से तीन बिजली की पोल गिर कर टूट गया है जिससे ग्रामीणों को रात को अंधेरा में रहने को विवश है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे से अधिक समय बिताने के बाद भी बिजली विभाग के कोई कर्मचारी भी पोल गीरने का जायजा तक लेने नहीं आया। उन्होंने विभाग से मांग किया है, कि जल्द से जल्द टूटे हुए खम्भे को बदल कर नए खम्भे लगाया जाए, ताकि ग्रामीणों को बिजली की समस्या न हो।
ग्राम प्रधान शीतल दास की हुई आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर।
सरायकेला/ईचागढ़
प्रखंड क्षेत्र के नारो गांव के ग्राम प्रधान सह झामुमो के वरिष्ठ कार्यकर्ता शीतल दास का बुधवार को सांस लेने की तकलीफ़ एवं छाती में दर्द होने से चिकित्सा हेतु जमशेदपुर ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया। 64 वर्षीय शीतल दास की आकस्मिक निधन से गांव एवं क्षेत्र में शोक व्याप्त है।
झामुमो प्रखंड सचिव अमित सिन्हा ने बताया कि मृत शितल दास एक सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्ति थे और हर सामाजिक कार्य में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते थे। उन्होंने बताया कि झामुमो पार्टी के भी सच्चा सिपाही थे। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान के निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार करकरी नदी घाट पर बुधवार को ही किया गया। ग्राम प्रधान के निधन पर क्षेत्र में शोक की लहर है।
उन्होंने कहा कि शव यात्रा में गांव के सैकड़ों लोग एवं कई झामुमो के वरिष्ठ नेता कार्यकर्ता भी शामिल हुए। वहीं विधायक सविता महतो ने भी शितल दास की आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि शितल दास का निधन से पार्टी एवं क्षेत्र के लोगों के लिए अपुर्नीय क्षति हुई है। उन्होंने उनके मृत आत्मा की शांति की कामना किया।
समाहरणालय सभागार में माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की अध्यक्षता में “DISHA” बैठक सम्पन्न।
विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लंबित कार्यों में तेजी लाने एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के दिए गए निर्देश।
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना प्राथमिकता, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पेयजल सेवाओं को सुदृढ़ करने पर दिया गया जोर।
नगर निकाय क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्लास्टिक एवं थर्माकोल के दुष्प्रभाव के प्रति लोगों को विभिन्न माध्यमों से जागरूक करने के दिए गए निर्देश।
सरायकेला/खरसावां
जिला समाहरणालय सभागार में माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) की बैठकआयोजित की गई।
बैठक में माननीय सांसद (खूंटी लोकसभा क्षेत्र) कालीचरण मुंडा, माननीया सांसद (सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र) जोबा मांझी, माननीय विधायकगण, मेयर, उपायुक्त नितिश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मुकेश लुणायत, जिला वन प्रमण्डल पदाधिकारी सबा आलम, जिला परिषद अध्यक्ष, मेयर नगर निगम आदित्यपुर, अध्यक्ष नगर पंचायत सरायकेला, अध्यक्ष नगर परिषद कपाली, उप विकास आयुक्त, अपर उपायुक्त सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों अंतर्गत संचालित योजनाओं की क्रमवार समीक्षा की गई तथा पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी बिंदुवार समीक्षा की गई। माननीय मंत्री द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, विद्युत, पेयजल एवं स्वच्छता, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण एवं पथ निर्माण विभाग से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी लंबित एवं धीमी प्रगति वाली योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
विद्युत आपूर्ति के संदर्भ में जर्जर तार एवं खंभों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए खराब चापाकलों एवं जलापूर्ति योजनाओं की शीघ्र मरम्मति, प्रत्येक घर तक नल-जल योजना का विस्तार तथा प्रखंडवार योजनाओं की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया। गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित संवेदकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सड़क एवं आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के क्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित अन्य लंबित कार्यों में तेजी लाने, खराब सड़कों की शीघ्र मरम्मति सुनिश्चित करने तथा लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक, एएनएम एवं सीएचओ की उपस्थिति सुनिश्चित करने, उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग कर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने, सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान को प्राथमिकता देने तथा विभिन्न बीमारियों के प्रति स्थानीय भाषा में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही नि:शुल्क डायलिसिस केंद्रों एवं एंबुलेंस सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं सुगमता सुनिश्चित करने को कहा गया।
शिक्षा क्षेत्र में सभी विद्यालयों एवं आवासीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता, खेल सामग्री की व्यवस्था तथा शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा में सभी प्रखंडों में संचालित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ उपलब्ध कराने, राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने तथा खिलौना बैंक संचालन को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
नगर विकास विभाग की समीक्षा के क्रम में शहरी क्षेत्रों में नियमित कचरा उठाव, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा प्लास्टिक एवं थर्माकोल के दुष्प्रभाव के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही नगर निकाय क्षेत्रों में कचरा डंपिंग हेतु अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) इकाइयों का यथाशीघ्र संचालन प्रारंभ करने पर बल दिया गया।
बैठक में समिति सदस्यों द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क एवं विद्युत से संबंधित विभिन्न समस्याओं को उठाया गया, जिनके समाधान हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए तथा इन समस्याओं के समयबद्ध निष्पादन हेतु विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक के समापन पर माननीय मंत्री ने निर्देश दिया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को संसद भवन, प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाए, जिससे उन्हें लोकतंत्र, देश की धरोहर एवं विकासात्मक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त हो सके। साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार कर उन्हें स्वरोजगार एवं आजीविका से जोड़ने की दिशा में प्रभावी पहल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी विकास योजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास की सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधियों को समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि योजनाओं की निगरानी एवं समीक्षा और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सके।
ईरान-अमेरिका युद्धविराम 8 अप्रैल 2026- युद्धविराम या केवल रणनीतिक विराम।
गोंदिया/महाराष्ट्र
ईरान-अमेरिका युद्धविराम 8 अप्रैल 2026- युद्धविराम या केवल रणनीतिक विराम अस्थायी राहत, गहरी अनिश्चितता और वैश्विक शक्ति- संतुलन का जटिल समीकरण -समग्र विश्लेषण
युद्धविराम क़ा वैश्विक प्रभाव ऊर्जा,अर्थव्यवस्था और कूटनीति पर असर होगा जो आम जनता के लिए राहत की बात
वैश्विक समुदाय के लिए यह एक चेतावनी है कि केवल सैन्य शक्ति से नहीं, बल्कि संवाद, सहयोग और समझ से ही स्थायी शांति संभव है -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
वैश्विक स्तरपर 8 अप्रैल 2026 को पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया,जब डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के साथ दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की गई। यह घोषणा चेतावनी की समय सीमा समाप्त होने के 90 मिनटपूर्व उस समय आई जब सैन्य टकराव अपने चरम पर था और सभ्यता के अंत जैसी कठोर चेतावनियां दी जा चुकी थीं। यद्यपि इस कदम से वैश्विक स्तरपर राहत की सांस ली गई,परंतु युद्धविराम के कुछ ही घंटों बाद ईरान की ऑयल रिफाइनरी में धमाका और खाड़ी देशों यूएई व कुवैत पर मिसाइल एवं ड्रोन हमले इस तथ्य को रेखांकित करते हैं कि यह शांति स्थायी नहीं बल्कि अत्यंत नाजुक है।
मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं क़ि इस पूरे घटनाक्रम को समझना आवश्यक है, क्योंकि यह केवल दो देशों के बीच संघर्ष नहीं,बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, कूटनीतिक संतुलन,और क्षेत्रीय शक्ति समीकरणों का व्यापक प्रतिबिंबहै।अमेरिका और ईरान के बीच हुआ यह युद्धविराम मूलतः एक टैक्टिकल पॉज है, न कि स्थायी समाधान। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह युद्ध का अंत नहीं बल्कि वार्ता की संभावनाओं को खोलने के लिए लिया गया कदम है। ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी सैन्य गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं होंगी,बल्कि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उस पर हमले रुकते हैं या नहीं।इस प्रकार, यह युद्धविराम शर्तों पर आधारित है,एक ऐसा संतुलन जहां दोनों पक्ष अपनी सैन्य तैयारियों को बनाए रखते हुए कूटनीतिक संवाद का रास्ता तलाश रहे हैं। यही कारण है कि ईरान ने साफ कहा कि हमारे हाथ ट्रिगर पर हैं, जो इस समझौते की अस्थिरता को उजागर करता है।
साथियों बात अगर हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: वैश्विक ऊर्जा राजनीति का केंद्र इसको समझने की करें तो इस पूरे संघर्ष का सबसे महत्वपूर्ण पहलू स्ट्रैट ऑफ़ होर्मूज़ है, जिससे होकर विश्व के लगभग 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती है। अमेरिका की प्रमुख मांग रही है कि इस जलमार्ग को तुरंत और सुरक्षित रूप से खोला जाए।ईरान ने इस पर सैद्धांतिक सहमति तो दी है,लेकिन अपनी शर्तों के साथ,जिसमें उसकी सैन्य निगरानी औरतकनीकी नियंत्रण शामिल है। यह दर्शाता है कि ईरान इस जलमार्ग को केवल व्यापारिक मार्ग नहीं बल्कि एक रणनीतिक हथियार के रूप में देखता है।यदि होर्मुज बंद होता है, तो वैश्विक तेल कीमतों में भारी उछाल, सप्लाई चेन बाधित होना, और आर्थिक अस्थिरता निश्चित है। इसीलिए इस जलमार्ग का खुलना पूरी दुनिया के लिए राहत का संकेत माना जा रहा है।
साथियों बात अगर हम ईरान की 10 शर्तें: शांति यारणनीतिक दबाव? इसको समझने की करें तो ईरान ने युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने के लिए 10 सूत्रीय प्रस्ताव रखा है,जो केवल सैन्य संघर्ष समाप्त करने तक सीमित नहीं बल्कि व्यापक भू-राजनीतिक पुनर्संतुलन की मांग करता है। इन शर्तों में अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना, जब्त संपत्तियों की वापसी, पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता, और क्षेत्रीय संघर्षों जैसे यमन, लेबनान, इराक—का स्थायी समाधान शामिल है। साथ ही, ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता भी जताई है, लेकिन इसके साथ यूरेनियम संवर्धन के अधिकार की बात भी रखी है।यहीं सबसे बड़ा विवाद उत्पन्न होता है। अमेरिका लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना चाहता है, जबकि ईरान इसे अपनी संप्रभुता का हिस्सा मानता है। फारसी और अंग्रेजी दस्तावेजों में यूरेनियम संवर्धन को लेकर अंतर इस वार्ता को और जटिल बनाता है।
साथियों बात अगर हम जमीनी हकीकत: युद्धविराम के बावजूद जारी हमले इसको समझने की करें तोयुद्धविराम की घोषणा के बावजूद, खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें लगातार आ रही हैं। इजराइल द्वारा ईरान पर हमले जारी रखना और ईरान की ओर सेजवाबी कार्रवाई इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तरपर स्थिति अभी भी नियंत्रण में नहीं है।यह विरोधाभास राजनीतिक घोषणाएं बनाम वास्तविक घटनाएं इस संघर्ष की जटिलता को उजागर करता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि युद्ध केवल दो देशों तक सीमित नहीं बल्कि एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष बन चुका है, जिसमें कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष खिलाड़ीसटीक रूप से शामिल हैं।
साथियों बात अगर हम इस संपूर्ण मामले पर भारत की प्रतिक्रिया: संतुलित कूटनीति और मानवीय चिंता को समझने की करें तो,भारत ने इस युद्धविराम का स्वागत करते हुए इसे शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा से संवाद और कूटनीति का समर्थक रहा है।हालांकि, भारत की प्राथमिक चिंता अपने नागरिकों की सुरक्षा है। 8 अप्रैल 2026 को एम्बेस्सी ऑफ़ इंडिया इन तेहरान ने एक आपातकालीन एडवाइजरी जारी कर ईरान में रह रहे लगभग 9,000 भारतीयों से देश छोड़ने की अपील की।यह कदम दर्शाता है कि भारत स्थिति की गंभीरता को समझ रहा है और किसी भी संभावित खतरे से पहले अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालना चाहता है। यह प्रोएक्टिव डिप्लोमेसी का उदाहरण है।
साथियों बात अगर हम सीज़फायर के मुद्दे पर भारत में राजनीतिक प्रतिक्रिया: कूटनीति बनाम राजनीति को समझने की करें तो इस अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का प्रभाव भारत की आंतरिक राजनीति पर भी पड़ा है। महाराष्ट्र क्षेत्रीय पार्टी के एक नेता ने केंद्र सरकार और पीएम पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भारत इस वैश्विक संकट में प्रभावी भूमिका निभाने में असफल रहा।उन्होंने पाकिस्तान की कथित मध्यस्थता का हवाला देते हुए सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाए। इसके जवाब में सत्ताधारी दल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्थिति की गंभीरता को समझना आवश्यक है और भारत अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं के अनुसार कार्य कर रहा है।यह बहस दर्शाती है कि विदेश नीति भी अब घरेलू राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुकी है।
साथियों बात कर हम सीजफायर क़े इस मुद्दे पर पाकिस्तान की भूमिका: कूटनीतिक अवसर या अतिशयोक्ति? इसको समझने की करें तो इस युद्धविराम में पाकिस्तानी पीएम और सेवा प्रमुख की भूमिका को लेकर चर्चा हो रही है। ट्रंप ने स्वयं दावा किया कि पाकिस्तान के अनुरोध पर उन्होंने सैन्य कार्रवाई रोकी फ़िर भी हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सीमित है, लेकिन यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान इस स्थिति को एक कूटनीतिक अवसर के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहा है। इससे दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में भी नए समीकरण बन सकते हैं।इसी बीच, भारत द्वारा पाकिस्तान सीमा के पास नोटम जारी करना और बंगाल की खाड़ी में जीएनएसएस (जीपीएस ) जैमिंग ट्रायल की योजना इस बात का संकेत है कि आधुनिक युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रहा। सैटेलाइट सिग्नल को बाधित करने की क्षमता भविष्य के युद्धों में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। यह कदम भारत की तकनीकी और सामरिक तैयारी को दर्शाता है, जो बदलते वैश्विक सुरक्षा वातावरण के अनुरूप है।
साथियों बात अगर हम इस पूरे मामले और सीज़ फायर को अंतरराष्ट्रीय परिपेक्ष में समझने की करें तो वैश्विक प्रभाव: ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और कूटनीति पर असर होगा इस संघर्ष का प्रभाव केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक है। ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार मार्ग, और वित्तीय बाजार—आल इंटरकनेक्टेड हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने या बंद होने का सीधा असर तेल की कीमतों और वैश्विकअर्थव्यवस्था पर पड़ता है।इसके अलावा, यह संघर्ष अमेरिका, ईरान, इजरायल, खाड़ी देशों और अन्य शक्तियों के बीच शक्ति संतुलन को भी प्रभावित करता है। यदि यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो इसका असर वैश्विक मंदी तक पहुंच सकता है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि अनिश्चित शांति और लंबी कूटनीतिक यात्रा 8 अप्रैल 2026 का यह युद्धविराम एक राहत अवश्य प्रदान करता है, लेकिन यह स्थायी शांति का संकेत नहीं है। ईरान और अमेरिका के बीच अविश्वास, परमाणु कार्यक्रम पर मतभेद, और क्षेत्रीय संघर्षों की जटिलता इस समझौते को बेहद नाजुक बनाती है।भारत जैसे देशों के लिए यह समय संतुलित कूटनीति, नागरिक सुरक्षा, और रणनीतिक तैयारी का है। वहीं, वैश्विक समुदाय के लिए यह एक चेतावनी है कि केवल सैन्य शक्ति से नहीं, बल्कि संवाद, सहयोग और समझ से ही स्थायी शांति संभव है।इस प्रकार, यह युद्धविराम एक अंत नहीं बल्कि एक अंतराल है एक ऐसा अंतराल, जिसमें दुनिया को यह तय करना है कि वह संघर्ष की ओर बढ़ेगी या सहयोग की ओर बढ़ेगी।
संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यम सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9284141425
राजकीय चैत्र पर्व–सह–छऊ महोत्सव 2026 के अंतर्गत ग्रामीण छऊ नृत्य प्रतियोगिता का द्वितीय दिवस संपन्न।
सरायकेला–खरसावाँ
राजकीय चैत्र पर्व–सह–छऊ महोत्सव 2026 के अंतर्गत राजकीय छऊ नृत्य कलाकेंद्र प्रेक्षागृह में आयोजित ग्रामीण छऊ नृत्य प्रतियोगिता के द्वितीय दिवस पर मानभूम शैली के तीन दलों द्वारा उत्कृष्ट प्रस्तुति दी गई। प्रतियोगिता में झारखण्ड विकास परिषद, उदाटांड ने प्रथम स्थान, भगवान बिरसा मुंडा छऊ नृत्य कलाकेंद्र, गुढ़ा ने द्वितीय स्थान तथा शिव शक्ति छऊ नृत्य कलाकेंद्र, गुढ़ा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रभारी निदेशक, राजकीय छऊ नृत्य कलाकेंद्र, सरायकेला सुश्री यश्मिता सिंह द्वारा विजेता दलों के नामों की घोषणा की गई। उन्होंने सभी प्रतिभागी कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद कलाकारों द्वारा पारंपरिक छऊ नृत्य के संरक्षण एवं संवर्धन में दिया जा रहा योगदान अत्यंत प्रशंसनीय है, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करता है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त करने वाले दलों को मुख्य मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा तथा उन्हें अपनी प्रस्तुति देने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रभारी निदेशक सुश्री यश्मिता सिंह का कलाकारों द्वारा पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया। साथ ही निर्णायक मंडल के सदस्य गुरु ब्रजेन्द्र कुमार पटनायक एवं गुरु मनोरंजन साहू का भी पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया गया।
प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका गुरु ब्रजेन्द्र कुमार पटनायक एवं गुरु मनोरंजन साहू द्वारा निभाई गई।
मौके पर गुरु विजय कुमार साहू, भोला महंती, कोऑर्डिनेटर सुदीप कबी, संतोष कर, गजेंद्र महंती, रुपेश साहू, कामेश्वर भोल, अबिनाश कबी, गणेश महंती, सुमित महापात्र, नीरज पटनायक, पंकज साहू, कुना सामल, गोपाल पटनायक, सिद्धू दारोगा, बाउरी बंधु महतो, अद्यापदों साहू, राकेश कबी, असित पटनायक, मुन्ना महाराणा सहित अनेक कलाकार एवं कार्यालय कर्मी उपस्थित रहे।
कलश विसर्जन यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, महिलाओं ने भक्ति में झूमकर किया नृत्य।
सरायकेला/चांडिल
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के तिरुलडीह में आज श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब कलश विसर्जन यात्रा धूमधाम से निकाली गई। व्रतियों ने पूजन स्थल से कलश लेकर तिरुलडीह स्थित स्वर्णरेखा नदी की ओर प्रस्थान किया, जहां विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कलश का विसर्जन किया गया।
इस दौरान भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। विसर्जन यात्रा में पुरुष, महिलाएं, वृद्ध और बच्चे सभी बढ़-चढ़कर शामिल हुए।
यात्रा के दौरान भक्तों ने भक्ति गीतों पर जमकर नृत्य किया और “जय श्री राम” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। खासकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, जो भक्ति में लीन होकर झूमते-गाते हुए नदी से अपने घरों की ओर रवाना हुईं। पूरा माहौल भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना रहा, जिसने क्षेत्र में धार्मिक आस्था और एकता की मिसाल पेश की।
पीएलवी ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर ग्रामीणों को किया जागरूक।
सरायकेला/ईचागढ़
जिला विधिक सेवा प्राधिकार सरायकेला खरसावां के निर्देशानुसार चन्दनपुर गांव में मंगलवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया गया। विधिक सेवा प्राधिकार के पीएलवी कार्तिक गोप ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य दिवस का इतिहास विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना से जुड़ा है। 7 अप्रैल 1948 को WHO की स्थापना हुई थी और इसी की याद में 1950 से प्रतिवर्ष इस दिवस को मनाया जाता है। उन्होंनें लोगों को जानलेवा बीमारियों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तृत पूर्वक जानकारी दिया।
कालीचामदा गांव की जर्जर सड़क पर ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी।
सरायकेला/ईचागढ़
( मालखान महतो )
ईचागढ़प्रखंड अंतर्गत पंचायत मैंसाढ़ा के ग्राम कालीचामदा में सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव तक जाने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। विशेषकर बरसात के दिनों में चिकनी मिट्टी के कारण रास्ता इतना खराब हो जाता है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।बीमार व्यक्तियों को अस्पताल ले जाना, बच्चों का स्कूल जाना, गर्भवती महिलाओं एवं बुजुर्गों का आवागमन अत्यंत कठिन हो गया है।
इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीण विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो के पास पहुंचे और समाधान की मांग की। इस संबंध में अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने बताया कि ग्रामीणों की पहली रणनीति प्रखंड विकास पदाधिकारी के समक्ष अपनी समस्या को रखना है। यदि वहां से उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो उपायुक्त कार्यालय में जाकर अपनी मांगों को रखा जाएगा।उन्होंने आगे कहा कि यदि इसके बावजूद भी सड़क निर्माण या मरम्मत का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो ग्रामीण बाध्य होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे और प्रखंड कार्यालय में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
मौके पर उपस्थित रीता सिंह मुण्डा, सीता नापीत,गुरूवारी सरदार,तरूलता हांसदां ने कहा कि सड़क का निर्माण या मरम्मती कार्य नहीं किए जाने से हम ग्रामीण नरक की जिंदगी जीने को मजबुर है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग नहीं माने जाने पर प्रखंड मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।