पोप फ्रांसिस के निधन पर भारत सरकार ने देशभर में तीन दिन का राजकीय शोक की घोषणा की।

पोप फ्रांसिस के निधन पर भारत सरकार ने देशभर में तीन दिन का राजकीय शोक की घोषणा की।

नई दिल्ली

पोप फ्रांसिस, जिनका असली नाम जॉर्ज मारियो बर्गोलियो था, मार्च 2013 में पोप चुने गए थे। वह अपने सादगी भरे जीवन, सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर मुखर रुख के लिए विश्व भर में जाने जाते थे। 21 अप्रैल 2025 को 88 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। पोप फ्रांसिस के निधन पर भारत सरकार ने देशभर में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। गृह मंत्रालय ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि महामहिम पोप फ्रांसिस, सर्वोच्च धर्मगुरु का सोमवार, 21 अप्रैल 2025 को निधन हो गया। उनके सम्मान में भारत में तीन दिन का राजकीय शोक मनाया जाएगा।

गृह मंत्रालय के अनुसार, राजकीय शोक का पहला चरण दो दिनों का होगा, जो मंगलवार, 22 अप्रैल और बुधवार, 23 अप्रैल को लागू रहेगा। तीसरा दिन पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार के दिन मनाया जाएगा। इस दौरान पूरे भारत में उन सभी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा, जहां इसे नियमित रूप से फहराया जाता है। साथ ही, इस अवधि में कोई भी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा।

उनके निधन से न केवल कैथोलिक समुदाय, बल्कि पूरी दुनिया में शोक की लहर है। भारत में भी उनके निधन पर कई नेताओं और संगठनों ने शोक व्यक्त किया है। देश में कई चर्चों के पादरियों ने भी उनके निधन पर शोक जताया है।

खनन विभाग द्वारा पटमदा थाना में की गई प्राथमिकी को रद्द करने और जप्त की गई मशीन को मुक्त करने को लेकर डीसी को ज्ञापन सौंपा

खनन विभाग द्वारा पटमदा थाना में की गई प्राथमिकी को रद्द करने और जप्त की गई मशीन को मुक्त करने को लेकर डीसी को ज्ञापन सौंपा

जमशेदपुर

जिला खान निरीक्षक के द्वारा MM (DR) Act, 1957 तथा Mines Act, 1952 के प्रावधानों की अवहेलना करके पटमदा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा पोखर खोदने के लिए भाड़े पर लाई गई मशीन को असंवैधानिक तरीके से जप्त किया गया है।

इस मामले को लेकर सुभाष कुमार शाही ने जिला उपायुक्त अनन्य मित्तल को ज्ञापन देकर प्राथमिकी को रद्द करने और जब्त की गई मशीन को मुक्त करने की गुहार लगाई है। श्री शाही ने ज्ञापन के माध्यम से निवेदन किया है कि जिला खान निरीक्षक द्वारा की गई इस पूरी कार्यवाही को MM (DR) Act, 1957 के विरुद्ध तथा JMMC Rules, 2004 के नियम 3 के अनुरूप नहीं मानते हुए MM (DR) Act की धारा 21 तथा 22 के प्रभावों से मुक्त कार्यवाही घोषित करते हुए दर्ज प्राथमिकी को रदद् करने की न्यायालय को अनुशंशा करने की मांग किया है। श्री शाही ने कानून का हवाला देते हुए कहा है कि विधान सभा से पारित एवम महामहिम राज्यपाल के अनुमोदन से राज पत्र में प्रकाशित JMMC Rules, 2004 यथा संशोधित के नियम 3 में राज्य सरकार के द्वारा यह स्पट कहा गया है कि इस नियमावली में प्रस्तावित किसी भी नियम का अनुपयोग MM (DR) Act, 1957 के प्रावधानों, इसके तहत बनाई गई केंद्रीय नियमवालियों के प्रावधानों, Mines Act, 1952 के प्रावधानों तथा इसके तहत बनाये गए नियर्मी के प्रावधानों एवम बिहार गौण/लघु खनिज (समानुदान) नियमावली, 1972 के प्रावधानों के अनुरूप की जाने वाली किसी भी कार्यवाही को प्रभावित नहीं कर सकती है। MM (DR) Act, 1957 की प्रस्तावना से यह स्पस्ट है कि संविधान में सातवी अनुसूची की केंद्रीय सूची के क्रमांक 54 से प्राप्त शक्तियों के अनुरूप भारत सरकार द्वारा इस अधिनियम को सरकार के अधिकार के खनिजों के नियमन तथा विकास के लिए अधिनियमित किया गया है।
उन्होंने ज्ञापन में उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान की सातवी अनुसूची की राज्य सूची के क्रमांक 23 में प्रस्तावित प्रावधानों से यह स्पस्ट है कि राज्य सरकार के द्वारा खनिजों का नियमन तथा विकास सिर्फ वैसे अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप किया जा सकेगा जिसे संसद के द्वारा खान एवम खनिजों के नियमन तथा विकास के लिए अनुमोदित किया गया है। केंद्रीय सूची तथा राज्य सूची के प्रावधानों से तथा JMMC Rules, 2004 के नियम 3 से यह स्पस्ट है कि संसद के द्वारा MM (DR) Act, 1957 के तहत अनुमोदित प्रावधार्नी के विरुद्ध खनिजों का नियमन तथा विकास राज्य सरकार अथवा उसके पदाधिकारियों द्वारा नहीं किया जा सकता है।


अतः MM (DR) Act, 1957 में प्रस्तावित mineral तथा minor mineral की परिभाषा से यह स्पस्ट है कि इस अधिनियम में जहाँ भी mineral शब्द का उपयोग हुआ है उसे minor mineral के लिए नहीं समझा जा सकता है। MM (DR) Act, 1957 की धारा 5 (2) में प्रस्तावित प्रावधानों से यह भी स्पस्ट है कि इस अधिनियम के तहत सिर्फ वैसी भूमी को ही खान के रूप में खनन कार्य के लिए नियमित किया जा सकता है जिसमें उपलब्ध खनिज में वैसे खनिज तत्वों का उनके लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानको के अनुरूप होना राज्य सरकार के द्वारा प्रमाणित किया गया है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानों के अनुरूप खनिज तत्वों को धारित करने वाले खनिजों को MM (DR) Act, 1957 की धारा 10 तथा 11 में minerals vest in government कहा गया है। MM (DR) amendment Act 56 of 1972 के statement of objects and reason की कंडिका (viii) में भारत की संसद ने राज्य सरकारों को अपने निजी अधिकारों का उपयोग करके अर्थात राज्य सूची के प्रावधानों के अनुरूप, अपने पदाधिकारियों को ऐसा अधिकार देना कहा गया है जिससे कि वे वैसी भूमी में MM (DR) Act, 1957 के प्रभाव वाले खनिजों की खोज कर सकें जिस भूमी में ऐसी किसी भी प्रमाणिक खोज के पहले खनिज लोगों के निजी अधिकार का है। भारत सरकार के द्वारा सरकार के अधिकार के खनिजों की खोज के लिए MM (DR) Act, 1957 की धारा 5(2) (a) के अनुरूप नियमों तथा प्रक्रियाओं को The Minerals (Evidence of the Mineral Contents) Rules, 2015 के रूप में प्रकाशित भी किया गया है। चूंकि MM (DR) Act, 1957 की प्रस्तावना यह स्पस्ट करती है कि इस अधिनियम को सिर्फ सरकार के अधिकार के खनिजों के लिए अधिनियमित किया गया है इस अधिनियम के तहत सिर्फ वैसे लघु खनिजों को नियमित किया जा सकता है जिनको भारत सरकार ने इसकी धारा 3(e) से प्राप्त शक्तियों के तहत राज पत्र प्रकाशित करके अधिसूचित किया है। बिहार गौण/लघु खनिज नियमावली, 1972 का गठन राज्य सरकार के द्वारा MM (DR) amendment Act 56 of 1972 से संसद द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में किया गया है और इसी के अनुरूप कार्यवाही करने के लिए JMMC Rules, 2004 में minerals vest in private persons को इसकी अनुसूची 2 में प्रकाशित किया गया है। राज्य सरकार ने MM (DR) Act, 1957 की धारा 23 (C) से प्राप्त शक्तियों का उपयोग करके The Jharkhand Minerals (Prevention of Illegal Mining, Transportation and Storage) Rules, 2017 का गठन सरकार के अधिकार में समाहित कुछ खास खनिजों के लिए किया है। इसमें दी गई खनिज (mineral) की परिभाषा के अनुरूप इसका प्रभाव उन सभौ खनिजों पर है जिनको mineral की परिभाषा में specify नहीं किया गया है। इसका अवलोकन यह दर्शता है कि इसका प्रभाव MM (DR) Act, 1957 की धारा 3 (e) में प्रकाशित building stone, ordinary gravels, ordinary sand (other than used for specified purposes) and ordinary clay पर नहीं है। EP Act, 1986 के तहत भारत सरकार द्वारा जारी पर्यावरणीय अधिसूचना EIA Notification, 2006 पर्यावरणीय सहमति सिर्फ वैसे mining projects पर प्रभावी करती है जिनमें किया जाने वाला उपक्रम Mine में किया जाने वाला उपक्रम है अर्थात जिसे Mines Act, 1952 की धारा 3 के अनुरूप Mines Act के प्रभावों से मुक्त नहीं किया गया है और जिन पर Mines Act, 1952 की धारा 16 प्रभावी है।

जी सी जी डी हाई स्कूल में शहीद संजय भद्र को दी गई श्रद्धांजलि

जी सी जी डी हाई स्कूल में शहीद संजय भद्र को दी गई श्रद्धांजलि

मुसाबनी

जीसीजेडी हाई स्कूल में शनिवार को सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर जमशेदपुर के डिप्टी कमांडेंट नीरज कुमार,193 बटालियन के डिप्टी कमांडेंट प्रदीप घोष, मुसाबनी डीएसपी संदीप भगत,सांसद प्रतिनिधि दिनेश साव, पूर्वी मुसाबनी पंचायत के मुखिया दुला राम महाली,चौधरी उमेश सिंह, बबलू सिंह, निराकार साउ, बिनोद लाल,कृष्ण कुमार,किरण कुमारी,अल्पना सिंह, बबलू दत्ता, सरोज दत्ता आदि द्वारा शहीद संजय भद्र की पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उनके चित्र पर फूल माला चढ़ाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी वर्ग के छात्राओं ने बारी बारी से शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट ने बलिदानी संजय भद्र की पत्नी अनुपा भद्र को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया एवं उपहार भेंट किया। इस मौके पर उनके दोनों पुत्र शिवम भद्र एवं सत्यम भद्र व बलिदानी की बहन भी उपस्थित थे। बताते चलें कि शहीद जवान संजय भद्र ने इस विद्यालय में पढ़ाई कर मैट्रिक पास करने के बाद वर्ष 1995 में सीआरपीएफ में भर्ती हुये थे। शहीद संजय भद्र 19 अप्रैल 2011 को वे बिहार के गया जिला के डुमरिया थाना क्षेत्र नवीगढ़ जंगल क्षेत्र के एक गाँव में नक्सलियो से लोहा लेते शहीद हो गए थे।

दलमा से गजों की पलायन ओर ईचागढ़ में डेरा डालना , वाइल्ड हाथी की झुंड पहुंचे चांडिल डैम जलाशय में जलक्रीड़ा करते देख पर्यटकों ने किया खुशी जाहिर।

दलमा से गजों की पलायन ओर ईचागढ़ में डेरा डालना , वाइल्ड हाथी की झुंड पहुंचे चांडिल डैम जलाशय में जलक्रीड़ा करते देख पर्यटकों ने किया खुशी जाहिर।

सरायकेला/चांडिल

कोल्हान के एक ही मात्र सेंचुरी जो चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के दलमा वन्यजीव आश्रयणी के नाम से जाना जाता । जहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में पर्यटक सेंचुरी में भ्रमण करने पहुंचते हे। जहां 193.22 वर्ग क्षेत्र फल में फैले हुए हे । दलमा गज परियोजना से में (गजों) हाथियों की संख्या में कमी आई है, और पिछले पांच साल से इस क्षेत्र में एक भी हाथी नहीं देखा गया है। पश्चिम बंगाल उड़ीसा उड़ीसा आदि राज्यों से गजों की भीषण गर्मी प्रवेश कर जाते परंतु एक दिन बाद हाथी की झुंड सेंचुरी छोड़कर ईचागढ़ विधान सभा क्षेत्र के चारों प्रखंड में डेरा डाला हुआ हे।चार से पांचों दिनों से हाथी की झुंड चांडिल डैम जलाशय पहुंचे और डेरा डाला हुआ हे। चांडिल नौका बिहार करने पहुंचे पर्यटकों की शैलानी ने हाथी की झुंड को जलक्रीड़ा करते देखा कर खुशी जाहिर करते हैं।लोगो का कहना हे हमे पालतू हाथी देखने को मिला था इस तरह वाइल्ड लाइफ की हाथी को नजदीकी से देखना एक अलग ही अनुभव मिला हे।

दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के विभाग ने पिछले साल हाथियों की जनगणना की है, जिसमें दलमा में हाथियों की संख्या 89 बताई गई है, लेकिन वास्तविकता यह है कि हाथी ,गज परियोजना क्षेत्र से दूर हो गए हैं।

हाथियों के मूवमेंट पर वन विभाग का कहना है:- जिले के कई हिस्सों में उत्पात मचा रहे हाथियों में पश्चिम बंगाल से खदेड़े गए हाथियों के साथ ही दलमा छोड़ चुके हाथी भी शामिल हैं।
जिले में उत्पात मचा रहे हाथियों की संख्या लगभग 200 के आसपास है, जिनमें से कुछ हाथी दलमा से पश्चिम दिशा की ओर चांडिल व पटमदा में भी पहुंच गए हैं।

दलमा अभयारण्य की विशेषताएं: दलमा अभयारण्य करीब 193.22 वर्ग किमी में फैला हुआ है, जिसमें से एक हिस्सा पश्चिम बंगाल में आता है।
इस अभयारण्य के बाजू से निकले एनएच-33 के दोनों किनारों पर इको सेंसटिव जोन में सैकड़ों मकान और अन्य निर्माण हैं।

वन विभाग की चिंता: वन विभाग हाथियों के आने का इंतजार कर रही है, और उनकी सुरक्षा के लिए प्रयास कर रही है। हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए वन विभाग की टीम काम कर रही है ।अब दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में रॉयल बंगाल टाईगर उड़ीसा शिमलिपाल रिजर्व से आए टाईगर अब गज परियोजना में डेरा डाला हुआ हे।

डीएफओ सबा आलम का कहना हे यह बाघ
पलामू रिजर्व सेंटर से भटकते हुए चांडिल होते। पश्चिम बंगाल बादुयान के बाद यह बाघ दलमा सेंचुरी पहुंचे ।ओर तीन माह से डेरा डाले हुए ।दो दिन पूर्व बाघ नीमडीह थाना क्षेत्र के टेंगाडीह विट ओर रैला तनकोचा की तरह बाघ जाने के बाद वापस नहीं लौटे जिसे बन विभाग को चिंता सता रही ।

किया रहा समस्या

आपको बता दूं गजों की झुंड के साथ अब बाघों की डर लगा हुआ हे ।यह बाघ उड़ीसा राज्य शिमलिपाल टाईगर रिजर्व से जंगल की मार्ग होते सरायकेला जिला के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में पहुंचे थे।जो तीन माह से सेंचुरी में डारा डाला हुआ ।पांच दिनों से हाथी की झुंड में पांच बेबी हाथी देखा गया ।जो साम ढलते ही पानी पीने ओर जलक्रीड़ा करने पहुंच जाते डैम जलाशय में जहां घंटों भर जलक्रीड़ा करने प्रश्चात झुंड रुआनी गांव की तरफ चले जाते ओर उपद्रव मचाते हे। हाथी की झुंड आतंक रसूलिया पंचायत ,लुपुंगडीह, गुंडा पंचायत ओर तिल्ला पंचायत के दर्जनों के ग्रामीण डरे सहमे रहते हे।भोजन की तलाश में गांव में पहुंच कर उत्पात मचाते हे। जिसे ग्रामीणों ने साम ढलते ही घरों से नहीं निकलता हे। भोजन पानी की तलाश में भटकते हुए हाथी की झुंड दक्षिण पूर्व रेलवे के गुंडा बिहार स्टेशन के रसूनिया कटिंग,ओर वाना कटिंग रेलवे ट्रैक पर पार करते हुए ।देखा जाता जिसे कभी भी बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी रहती हे।पूर्व में रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान कोई हाथी की मौत हो गया ।वन विभाग एवं पर्यावरण विभाग साथ दक्षिण पूर्वी रेलवे की अनदेखी के कारण आज उक्त जगह में अबतक एलिफेंट कॉरिडोर नहीं बनाया गया । लेकिन एनएच 33 में कोई जगह पर एलिफेंट कॉरिडोर बनाया गया। प्रतिवर्ष वन एंब पर्यावरण विभाग को जंगल ओर वन्य जीवजंतु की सुरक्षा लिए केंद्र सरकार ओर राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपया मुहैया कराया जाता।फिर भी वन्य जीवजंतु पलायन क्यों करते हे।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति टोलों में लगाया गया विशेष विकास शिविर

अनुसूचित जाति एवं जनजाति टोलों में लगाया गया विशेष विकास शिविर

लखीसराय

डॉ अंबेडकर समग्र सेवा अभियान की शुरुआत लखीसराय जिला में महिसोना पंचायत के मांझी टोला में विशेष विकास शिविर के माध्यम से हुआ था। इस कार्यक्रम के अंतर्गत सभी अनुसूचित जाति एवं जनजाति टोलों में सरकार के विभिन्न योजनाओं से वंचित लोगों को योजनाओं के लाभ से आच्छादित करना है। इस कड़ी में आज लखीसराय जिला के कुल 38 पंचायतो में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के 38 टोला में विशेष विकास शिविर का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने विभिन्न विकास शिविर का भ्रमण किया।

जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने रामगढ़ चौक एवं हलसी प्रखंड के विभिन्न शिविरों का दौरा कर शिविर प्रभारी एवं अन्य कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने विभिन्न शिविरों में राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड इत्यादि का वितरण लाभुकों को किया।

जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने हलसी प्रखंड के कैंदी पंचायत के मांझी टोला फतेहपुर में विशेष विकास शिविर में आए लोगों को संबोधित करते हुए बाल विवाह नहीं करने एवं बेटी की शादी 21 साल के बाद करने हेतु प्रेरित किया।

विभिन्न विकास शिविरों में स्वास्थ्य जांच की सुविधा, बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम भी किया गया।

कार्यक्रम में अपर समाहर्ता सुधांशु शेखर, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी राजीव रंजन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विनोद प्रसाद, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

अनुमंडल एवं अंचल स्तर पर जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन

अनुमंडल एवं अंचल स्तर पर जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

सरायकेला/आदित्यपुर

पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता के निर्देश पर झारखंड के 24 जिलों में समस्या के त्वरित समाधान हेतु एवं पुलिस एवं आम जनता के बीच संवाद बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे जन शिकायत समाधान कार्यक्रम के तहत 17 अप्रैल बुधवार को सरायकेला जिले के विभिन्न स्थानों पर जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

आपको बताते चलें कि जिला पुलिस ने झारखंड पुलिस के तत्वावधान में तीसरी बार जन शिकायत समाधान कार्यक्रम का आयोजन आदित्यपुर के एसिया सभागार समेत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र में आयोजित हुआ।

आपको बताते चलें कि आदित्यपुर एसिया भवन में आयोजित जन शिकायत समाधान कार्यक्रम में आदित्यपुर , आरआईटी, गम्हरिया, कांड्रा और राजनगर के थाना प्रभारी, पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। जबकि खरसावां थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में खरसावां थाना, कुचाई, सरायकेला, दलभंगा एवं सीनी ओपी के पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा चांडिल अनुमंडल कार्यालय में नीमड़ीह, कपाली एवं चांडिल थाना के पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे। वही चौक थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में तिरुलडीह ईचागढ़ एवं चौका के थाना प्रभारी एवं पदाधिकारी लोगों की शिकायत सुनने मौजूद रहे।

उक्त कार्यक्रम में उपस्थित सरायकेला जिले के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायतमनेक्ष जानकारी देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में जनता की भागीदारी संतोषजनक रही, इसे और प्रभावी बनाने अनुमंडल और अंचल स्तर पर आयोजित किया गया है। जो आगे जारी रहेगा। एसपी ने कहा कि मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच संवाद को बढ़ाना और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना हैं, ताकि ग्रामीण इलाकों के लोग अपनी समस्याएं सीधे पुलिस तक पहुंचा सकें।

वहीं कार्यक्रम में कई समस्याओं का तुरंत निष्पादन किया गया तो कई लोगों के चेहरे गुम हुए मोबाइल फोन वापस पकड़ खिल गए।

शौर्य और पराक्रम का प्रतीक है रामनवमी : अजय कुमार साहू

शौर्य और पराक्रम का प्रतीक है रामनवमी : अजय कुमार साहू

सरायकेला/ईचागढ़

( मालखान महतो)

प्रखंड अंतर्गत टीकर ग्राम में महावीर मंदिर पूजा समिति की ओर से आयोजित रामनवमी जुलूस निकाला गया। जुलूस में युवा समाजसेवी अजय कुमार साहू भी शामिल हुए। हजारों की संख्या में जुलूस में शामिल रामभक्तों ने जुलूस में एक से बढ़कर एक कलाबाजियां,करतब और अस्त्र-शस्त्र चालन का प्रदर्शन किया।

इस दौरान समाजसेवी श्री साहू ने कहा कि रामनवमी का पर्व शौर्य और पराक्रम का प्रतीक है। एक सौम्य व्यक्तित्व के धनी भगवान श्रीराम के सुशासन और उनके पराक्रम को याद कर रामभक्त एक सूत्र में आते हुए इस पर्व को मनाते हैं। श्रीराम भारतीय जनमानस के राजा थे। उन्होंने इस अवसर पर क्षेत्र के लोगों को बधाई देते हुए भगवान श्रीराम से क्षेत्र के खुशहाली की भी कामना की।

पीएलवी ने ग्रामीणों को दी कानूनी जानकारी

पीएलवी ने ग्रामीणों को दी कानूनी जानकारी

सरायकेला/ईचागढ़

( मालखान महतो)

नालसा एवं झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार सरायकेला खरसावां एवं अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति चाण्डिल के तत्वधान में ईचागढ़ प्रखण्ड के लेपाटाड़ गांव में पीएलवी कार्तिक गोप के द्वारा डोर टू डोर कार्यक्रम के तहत विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजन किया गया।

वहीं कार्तिक गोप ने बताया कि ग्रामीणों स्वास्थ्य के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया और कानूनी जानकारी के साथ ही टोल फ्री नंबर 15100 तथा 1098 में किसी भी समस्या होने पर ग्रामीण को कॉल करने को कहा साथ ही सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई एवं विभिन्न योजनाओं का आवेदन भी लिया गया। मौके पर कमला उरांव, रावण उरांव, भागलु लोहरा आदि ग्रामीण उपस्थित थे।

आदित्यपुर के नवयुवक बजरंग अखाड़ा समिति की ओर से जागरण और झांकी का भव्य आयोजन किया, समाजसेवी अंकुर सिंह ने किया उद्घाटन

आदित्यपुर के नवयुवक बजरंग अखाड़ा समिति की ओर से जागरण और झांकी का भव्य आयोजन किया, समाजसेवी अंकुर सिंह ने किया उद्घाटन

सरायकेला/आदित्यपुर

सरायकेला जिले के आदित्यपुर क्षेत्र में रामनवमी का पावन त्योहार उल्लासपूर्ण वातावरण में धूमधाम से मनाया जा रहा है. यहां विभिन्न अखाड़ा कमिटियों की ओर से इस मौके पर धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं. इस कड़ी में दिंदली बस्ती में नवयुवक बजरंग अखाड़ा समिति की ओर से भाजपा नेता छवि महतो की अगुआई में कलकता जागरण एवं भव्य झांकी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जाने-माने समाजसेवी सह इनसाइड झारखंड न्यूज के डायरेक्टर अंकुर सिंह शामिल हुएं. उन्होंने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. साथ ही, अपने संबोधन में आयोजन की जमकर सराहना की.

वहीं, इस दौरान जागरण कार्यक्रम में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्ति गीतों की प्रस्तुति की, जिसे उपस्थित लोगों ने जमकर सराहा. दूसरी ओर झांकी कार्यक्रम के तहत भगवान राम के प्रति बजरंगबली की भक्ति को आकर्षक ढ़ंग से दर्शाया गया, जो भक्तों को खूब भाया. इस दौरान पूरा माहौल धार्मिक भक्तिमय बना रहा.

रामनवमी के पावन अवसर पर प्रवीण सिंह सेवा संस्था की ओर से हॉलिडे इन में लगा सेवा शिविर

रामनवमी के पावन अवसर पर प्रवीण सिंह सेवा संस्था की ओर से हॉलिडे इन में लगा सेवा शिविर

सरायकेला/आदित्यपुर

प्रवीण सिंह सेवा संस्था की ओर से रामनवमी के अवसर पर सोमवार को आदित्यपुर हॉलिडे इन में श्रद्धालुओं के लिए सेवा शिविर लगाया गया. शिविर में लड्डू, चना, गुड़ और मीठे शर्बत का वितरण किया गया. शिविर का लाभ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उठाया

रामनवमी पर विर्सजन जुलूस देखने निकले श्रद्धालु सेवा शिविर में थोड़ी देर तक ठहरकर लड्डू, चना, गुड़ और शर्बत का सेवन कर तरोताजा होकर आगे की तरफ बढ़ रहे थे. मौके पर संस्था के संरक्षक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह और संस्था के अध्यक्ष विनायक सिंह, उनके भतीजे अंकुर सिंह भी पहुंचे हुए थे.

हॉलिडे इन में पिछले कई सालों से सेवा शिविर लगाया जा रहा है. शिविर में बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्गों की भीड़ उमड़ पड़ी थी. सेवा शिविर में पहुंचे लोग शिविर लगाए जाने की सराहना भी कर रहे थे.

सेवा शिविर में ईचागढ़ के पूर्व विधायक सह प्रवीण सिंह सेवा संस्था के संरक्षक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह, संस्था के अध्यक्ष विनायक सिंह और उनके भतीजे अंकुर सिंह भी पहुंचे हुए थे. इस बीच सेवा शिविर का जायजा लिया और व्यवस्था की जानकारी ली. पूर्व विधायक अरविंद सिंह ने कहा कि प्रवीण सिंह सेवा संस्था की ओर से आगे से भी इस तरह के शिविर का आयोजन किया जाएगा.

रामनवमी विसर्जन जुलूस में सिविल डिफेंस लगाया सहायता शिविर।

रामनवमी विसर्जन जुलूस में सिविल डिफेंस लगाया सहायता शिविर।

जमशेदपुर

नागरिक सुरक्षा जमशेदपुर के उप नियंत्रक सह धालभूम एसडीओ शताब्दी मजुमदार के निर्देश पर रामनवमी विसर्जन जुलूस में पूर्वी सिंहभूम जिले के विभिन्न चौक चौराहों एवं नदी घाट पर फर्स्ट एड कैम्प लगाया गया और रामनवमी विसर्जन जुलूस में लोगों की सहायता किया गया । इस दौरान मानगो गोलचक्कर, मानगो स्वर्णरेखा नदी घाट, साकची गोलचक्कर, कदमा रानकिणी मंदिर के समीप , खड़कई दो मुहानी नदी घाट आदि जगहों में सिविल डिफेंस के स्वयं सेवकों एवं गोताखोर बंधुओं ने निः स्वार्थ भाव से कैम्प लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे ।

सेवा देनेवालों में मुख्य रूप से सिविल डिफेंस के प्रधान सहायक सुरेश प्रसाद , चीफ वार्डेन अरुण कुमार, डिप्टी चीफ वार्डेन दया शंकर मिश्रा, दिलीप कुमार त्यागी ,रोहित कुमार ,राहुल कुमार , नागेन्द्र कुमार, सदानंद महतो, उत्तम चक्रवर्ती, विजय कुमार, एस एन सिंह ,दयाशंकर सिंह , हिरा लाल गुप्ता , अरविन्द कुमार , प्रेम दीक्षित ,मनिष कुमार गुप्ता ,सुरेन्द्र प्रसाद , उमेशकुमार , गौरव कुमार , देवाशीष, गणेश धीवर (गोताखोर ) , साधन धीवर (गोताखोर), जगदीश धीवर (गोताखोर) , देवेन्दु मंडल , हरिधीवर (गोताखोर) ,नयन चौवर (गोताखोर) , ज्योति कुमार साहू , राजेश कुमार मिश्रा समेत अन्य की सार्थक भूमिका रही।

उपमुख्यमंत्री ने की तीन दिवसीय अशोकधाम महोत्सव का विधिवत शुभारंभ।

उपमुख्यमंत्री ने की तीन दिवसीय अशोकधाम महोत्सव का विधिवत शुभारंभ।

लखीसराय

अशोक धाम मंदिर परिसर में श्री इंद्रेश्वर महादेव के 49वें प्राकट्य दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय अशोकधाम महोत्सव का उद्घाटन बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र एवं अन्य उपस्थित आगंतुक अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी लखीसराय मिथिलेश मिश्र ने अपने संबोधन में महोत्सव की शुभकामनाएं दीं और उपमुख्यमंत्री सहित सभी उपस्थित अतिथियों, पदाधिकारियों, ट्रस्ट सदस्यों, और अशोक बाबा का स्वागत व अभिनंदन किया, जिनके नाम से अशोकधाम मंदिर प्रसिद्ध है।

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने अभिभाषण में अशोकधाम महोत्सव को सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जनन और युवाओं को इतिहास से जोड़ने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत रुद्राभिषेक और प्रार्थना के साथ होने की बात कही। उनके भाषण में लखीसराय के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व, जैसे लाल पहाड़ी और समुद्र मंथन से जुड़े स्थलों पर चर्चा हुई। उन्होंने अशोकधाम के विकास के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख किया, जिसमें शिव गंगा परियोजना (14 करोड़ रुपये), अटल कला भवन (15 करोड़ रुपये), और संग्रहालय का निर्माण शामिल है।

इस अवसर पर प्रोफेसर अनिल कुमार सिंह ने लखीसराय और अशोकधाम के इतिहास, वर्तमान स्वरूप, और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। अशोक बाबा ने अपने अनुभव साझा किए, जिसमें सतघरवा खेलते समय भगवान के दर्शन की घटना का उल्लेख था।

आज के कार्यक्रम में माननीय उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा अशोकधाम के वेबसाइट का लोकार्पण भी किया गया। यह महोत्सव चैती नवरात्रि के विजया दशमी के दिन शुरू हुआ और तीन दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों, संगीत, और धार्मिक आयोजनों के साथ आयोजित किया गया। उपमुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि इसे हर साल इसी दिन मनाया जाए। इस आयोजन का उद्देश्य लखीसराय के सांस्कृतिक गौरव को बढ़ाना हैं।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, अपर समाहर्ता सुधांशु शेखर, अनुमंडल पदाधिकारी चंदन कुमार, वरीय उपसमाहर्ता शशि कुमार , जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विनोद प्रसाद , जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी मृणाल रंजन , भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह सहित कई जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे।

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