जान्हवी महतो जिले में छठवें स्थान, प्रिया मेहता सातवें व सुभम कुमार दास दसवां स्थान लाकर बढ़ाया स्कूल का नाम।

जान्हवी महतो जिले में छठवें स्थान, प्रिया मेहता सातवें व सुभम कुमार दास दसवां स्थान लाकर बढ़ाया स्कूल का नाम।

जान्हवी महतो जिला में छठवें स्थान, प्रिया मेहता सातवें व सुभम कुमार दास दसवां स्थान लाकर बढ़ाया एएन प्लस टू उच्च विद्यालय का नाम।

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के अनुग्रह नारायण प्लस टू उच्च विद्यालय पिलीद का माध्यमिक परीक्षा फल‌ शत प्रतिशत रहा। विद्यालय के सालुकडीह निवासी जान्हवी महतो 483 नंबर लाकर विद्यालय टापर एवं जिला में छठवें स्थान प्राप्त किया।

वहीं हजारीबाग निवासी प्रिया मेहता 480 नंबर लाकर विद्यालय में द्वितीय टापर एवं जिला में सातवें स्थान प्राप्त किया। पिलीद निवासी सुभम कुमार दास 476 नंबर के साथ विद्यालय में तीसरे स्थान एवं जिला में दसवां स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रौशन किया। विद्यालय के प्राचार्य मिताली ने बच्चों की उज्वल भविष्य की कामना की है। वहीं अभिभावकों ने भी बच्चों को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। वहीं जान्हवी महतो जिव विज्ञान के साथ विज्ञान संकाय में पढ़ाई कर डाक्टर बनना चाहती है।

शहीद अजित धनंजय महतो विद्यानिकेतन चोगा के सचिन मंडल को जिला में मिला पांचवा स्थान।

शहीद अजित धनंजय महतो विद्यानिकेतन चोगा के सचिन मंडल को जिला में मिला पांचवा स्थान।

सरायकेला/ईचागढ़

( मालखान महतो )

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के अजित धनंजय महतो विद्यानिकेतन चोगा के माध्यमिक परीक्षा 2026 के परिणाम शत प्रतिशत रहा। विद्यालय के छात्र सचिन मंडल को विद्यालय में प्रथम तथा पूरे जिले में पांचवा स्थान मिला है। संचिन मंडल को कुल 484 अंक मिला है। उनके पिता अश्विनी मंडल एक किसान है साथ ही धान मील चलाते है एवं माता चन्दना देवी गृहणी है।

सचिन आगे चल कर इंजीनियर बनना चाहता है। वही विद्यालय के द्वितीय टॉपर विशाल गोप को जिला में 10 वां स्थान मिला है। विशाल गोप को कुल 476 अंक मिला है। विशाल गोप का सपना शिक्षक बनने का है। वही विद्यालय के तीसरा टॉपर सौरभ प्रामाणिक को 475 अंक मिला है। सौरभ प्रामाणिक आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक क्षेत्रपति महतो ने बताया कि इस वर्ष कुल 105 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए थे। जिसमें 05 बच्चे अनुपस्थित थे। विद्यालय प्रबंध समिति के सचिव अरुण कुमार मांझी और प्रधानाध्यापक क्षेत्रपति महतो ने सभी बच्चों को बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना किया है।

बच्चा चोर के अफवाह के खिलाफ ईचागढ़ थाना प्रभारी ने पोस्टर साटकर लोगों को किया जागरूक।

बच्चा चोर के अफवाह के खिलाफ ईचागढ़ थाना प्रभारी ने पोस्टर साटकर लोगों को किया जागरूक।

सरायकेला/ईचागढ़

( मालखान महतो )

ईचागढ़ थाना क्षेत्र के मिलन चौक , टीकर,डुमटांड़ सहित कई चौक चौराहों में गुरुवार शाम को ईचागढ़ थाना प्रभारी बजरंग महतो के द्वारा बच्चा चोर की अफवाह से सावधान रहने, कानून अपने हाथ में नहीं लेने हेतु पोस्टर चिपका कर जागरूक किया। थाना प्रभारी बजरंग महतो ने बताया कि भीड़ द्वारा बच्चा चोर के साथ में लोगों की पिटाई की घटनाएं लगातार सामने आ रही है।

सिर्फ संदेह के आधार पर पकड़े गए लोग निर्दोश भी निकालते हैं।सरायकेला-खरसावां पुलिस की अपील है कि संदेह होने पर किसी को बच्चा चोर बताकर मारपीट ना करें। यदि कोई संदिग्ध लगे तो तुरंत डायल 112 पर सूचना दें या स्थानीय थाना को सूचित करें। उन्होंने बताया कि इचागढ़ थाना क्षेत्र के गौरांगकोचा, टीकर,रुगड़ी बाजार, डुमटांड़ मोड़ आदि जगहों पर पोस्टर चिपकाए जाएंगे और ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा।

सड़क दुर्घटना में शिक्षक एवं उनके परिवार गंभीर रूप से घायल।

सड़क दुर्घटना में शिक्षक एवं उनके परिवार गंभीर रूप से घायल।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र के मिलन चौक सोनाहातु सड़क पर मिलन चौक के समीप मंगलवार रात 7.30 बजे दो बाइक की सीधी टक्कर हो गई। जिसमें दोनों बाइक में सवार लोग सड़क पर गिर पड़े।

मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालय चोगा में कार्यरत सहायक आचार्य दुर्योधन सिंह मुंडा,उम्र- 58 वर्ष, उनके पत्नी सुभद्रा देवी, उम्र- 45 वर्ष,और उनके नातिना आहना सिंह मुंडा, उम्र- 4 वर्ष सोनाहातु थाना क्षेत्र के मानियोडीह गांव से शादी समारोह से शामिल हो कर अपने गांव पामिया लौट रहे थे उसी क्रम में मिलन चौक से सालुकडीह तरफ जा रहे तेज रफ्तार बाइक सवार ने टक्कर मार दी, जिससे शिक्षक,उनके पत्नी और नातिना घायल हो गए। शिक्षक दुर्योधन सिंह मुंडा का एक हाथ एवं एक पैर तथा पत्नी सुभद्रा देवी का एक हाथ एवं उनके नातिना का एक पैर टूट गया है।

घटना की जानकारी मिलते ही ईचागढ़ थाना की पुलिस पहुंची और सभी घायलों को मिलन चौक स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया, जँहा से बेहतर इलाज के लिए आदित्यपुर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भेज दिया गया। जँहा तीनों घायलों का इलाज चल रहा है।

कुड़मालि साहित्यकार लक्ष्मीकांत मुतरुआर की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई।

कुड़मालि साहित्यकार लक्ष्मीकांत मुतरुआर की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई।

सरायकेला/ईचागढ़

(मालखान महतो )

राजकीय +2 उच्च विद्यालय खरसावां के कुड़मालि विभाग द्वारा महान कुड़मालि साहित्यकार लक्ष्मीकांत मुतरुआर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभाग के छात्र-छात्राओं ने कुड़मालि शिक्षक सुनील कुमार जुरुआर के मार्गदर्शन एवं तत्वावधान में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कुड़मालि साहित्यकार लक्ष्मीकांत मुतरुआर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं द्वीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने उनके जीवन, साहित्यिक योगदान एवं कुड़मालि भाषा के संरक्षण में उनके अतुलनीय प्रयासों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर अपने संबोधन में शिक्षक सुनील कुमार जुरुआर ने कहा कि लक्ष्मीकांत मुतरुआर केवल एक साहित्यकार नहीं थे, बल्कि कुड़मालि भाषा और संस्कृति के सशक्त प्रहरी थे। उनके जीवनी और अवदान से हम सभी समाज के लोग सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने अपने पूरे जीवन को कुड़मालि भाषा के विकास, प्रचार-प्रसार और संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया, जो हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आज के युवाओं को चाहिए कि वे उनकी शिक्षाओं और विचारों को आत्मसात करते हुए अपने मातृभाषा और संस्कृति के प्रति जागरूक रहें तथा उसे आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं द्वारा भाषण, कविता-पाठ एवं विचार प्रस्तुत किए गए, जिससे पूरे वातावरण में सांस्कृतिक चेतना और उत्साह का संचार हुआ। अंत में सभी ने उनके दिखाए मार्ग पर चलने एवं कुड़मालि भाषा-संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया।

यह आयोजन विद्यालय परिसर एवं कुड़मालि विभाग के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय रहा।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के विद्यार्थी दीपा महतो, सिद्धि महतो, राखी महतो, मुस्कान महतो, रोमा महतो, खुशबू महतो, सीमा महतो, सावित्री महतो, पिंकी महतो, संदीप महतो, गोविंद महतो, मनोज कुमार महतो, मकरध्वज महतो आदि छात्र-छात्राओं सहित शिक्षकों का अहम योगदान रहा।

रूपरु के महतो टोला खरकोचा की जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र को दूरूस्त करने का उठा मांग।

रूपरु के महतो टोला खरकोचा की जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र को दूरूस्त करने का उठा मांग।

सरायकेला/ईचागढ़

कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के बेरासी सिरूम पंचायत के अंतर्गत रूपरु के महतो टोला खरकोचा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र की स्थिति अत्यंत ही दयनीय हो चुकी है। यह भवन काफी जर्जर हो गया है। जान को हथेली में लेकर जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे छोटे बच्चे स्कूल पूर्व शिक्षा ग्रहण करते हैं। पौष्टिक आहार भी ग्रहण करते हैं। हालांकि ग्रामीणों के विरोध पर सेविका के घर में ही आंगनबाड़ी का कार्य संचालित हो रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र का लगभग 10 वर्ष पूर्व निर्माण कराया गया था। वर्तमान में इसकी हालत ऐसी हो गई है कि यहां बच्चों के लिए संचालित होने वाली आंगनवाड़ी सेवाएं पूरी तरह से बाधित हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, भवन की दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, प्लास्टर उखड़ रहा है तथा संरचना असुरक्षित प्रतीत होती है। इस कारण आंगनवाड़ी केंद्र में पोषण, टीकाकरण, प्री-स्कूल शिक्षा एवं अन्य आवश्यक सेवाओं का संचालन नहीं हो पा रहा है, जिससे क्षेत्र के बच्चों और गर्भवती/धात्री महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने संबंधित विभाग एवं पदाधिकारियों से कई बार मौखिक रूप से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने संबंधित पदाधिकारियों से तत्काल जांच कराने तथा भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण की व्यवस्था सुनिश्चित कर आंगनबाड़ी केंद्र को चालु कराने का मांग किया है । मौके पर बजीनाथ महतो, गौरांग,श्रीदाम, संजय महतो सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

एक माह से बंद सपादा जलापूर्ति प्लांट, दर्जनभर गांवों में पेयजल संकट गहराया।

एक माह से बंद सपादा जलापूर्ति प्लांट, दर्जनभर गांवों में पेयजल संकट गहराया।

सरायकेला/ईचागढ़

13 माह से वेतन बकाया, मजदूरों में रोष; समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी।

( मालखान महतो )

सरायकेला-खरसावां जिला के कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत सपादा स्थित जलापूर्ति प्लांट पिछले करीब एक माह से ठप है। इसके चलते आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। हालात यह हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं ।

उक्त योजना पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत संचालित है, जिसका उद्देश्य हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। हालांकि, प्लांट के बंद रहने से योजना की जमीनी हकीकत पर सवाल उठने लगे हैं और इसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।

प्लांट में कार्यरत मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले 13 महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। आर्थिक तंगी के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में कर्ज लेकर घर चलाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों और मजदूरों ने इस स्थिति के लिए ठेकेदार की मनमानी एवं लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो जलापूर्ति बहाल की गई और न ही बकाया वेतन का भुगतान किया गया। इससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। मामले को लेकर पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक साव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतने गंभीर मुद्दे के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

उन्होंने शासन-प्रशासन से अविलंब जलापूर्ति बहाल करने, मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान सुनिश्चित करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन किया जाएगा।

जोड़ा बैल शिविर कार्यक्रम का हुआ आयोजन, किसानों के खीले चेहरा।

जोड़ा बैल शिविर कार्यक्रम का हुआ आयोजन, किसानों के खीले चेहरा।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड मुख्यालय परिसर के पशुपालन कार्यालय प्रांगण में शनिवार को जोड़ा बैल शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य रूप से प्रखंड प्रमुख गुरूपद मार्डी,जिप सदस्य ज्योतिलाल मांझी, बीडीओ एकता वर्मा एवं प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ हरेलाल महतो उपस्थित थे। शिविर में किसानों के बीच 90 प्रतिशत अनुदान राशि पर जोड़ा बैल का वितरण किया गया।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत 8 किसानों के बीच 8 जोड़ा बैल का वितरण किया गया। वहीं वीडियो एकता वर्मा ने लाभूक किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का जानकारी दिया एवं योजनाओं का समुचित लाभ उठाने का अपील किया। पशु पालन पदाधिकारी डॉ हरेलाल महतो ने बताया कि मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत 90 प्रतिशत अनुदानित राशि पर किसानों को एक एक जोड़ा बैल दिया गया।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य किसानों को खेती करने में प्रोत्साहित करना है, ताकि गरीब किसान सरकारी अनुदान पर जोड़ा बैल लेकर मन लगाकर खेती कर सके और किसान आत्मनिर्भर हो। उन्होंने कहा कि बैलों का रखरखाव,समय पर स्वास्थ्य जांच, वैक्सीन आदि के संबंध में भी किसानों को जानकारी दिया गया।वहीं किसानों को जोड़ा बैल मिलने से लाभूक किसानों का चेहरा खुशी से खिल उठा।

राष्ट्रीय उच्च पथ 33 कान्दरबेड़ा पर भीषण हादसा, ट्रेलर के चपेट में आने से दो बाइक सवार युवक गंभीर।

राष्ट्रीय उच्च पथ 33 कान्दरबेड़ा पर भीषण हादसा, ट्रेलर के चपेट में आने से दो बाइक सवार युवक गंभीर।

सरायकेला/चांडिल

सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत कान्दरबेड़ा के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर शनिवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से जा टकराई, जिससे बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि एक महिला को हल्की चोटें आई हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाइक पर सवार तीनों लोग नीमडीह प्रखंड के चालियामा बांधड़ीह गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। घायलों में श्रीकांत सिंह, नागेंद्र सिंह एवं प्रतिमा सिंह शामिल हैं। बताया जा रहा है कि तीनों जमशेदपुर की ओर जा रहे थे।

इसी दौरान कान्दरबेड़ा के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर में उनकी बाइक पीछे से जा भिड़ी।हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। मौके पर मौजूद आजसू पार्टी के केंद्रीय सचिव हरेलाल महतो के भाई रुद्र प्रताप महतो ने निजी एम्बुलेंस की व्यवस्था कर सभी घायलों को तत्काल महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) अस्पताल, जमशेदपुर पहुंचाया।डॉक्टरों के अनुसार, दोनों युवकों की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जबकि महिला को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।घटना स्थल पर समाजसेवी शेखर गांगुली एवं झामुमो के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष हरिदास महतो भी मौजूद थे।यह हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर लापरवाही से खड़े भारी वाहनों और तेज रफ्तार के कारण बढ़ते सड़क हादसों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

बरसात में ‘कैद’ होते ग्रामीण, 7 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी।

बरसात में ‘कैद’ होते ग्रामीण, 7 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला खरसावां जिला अंतर्गत ईचागढ़ प्रखंड के मैसाढ़ा पंचायत के कालीचामदा के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर बीडीओ एकता वर्मा को ज्ञापन सौंपा । ग्रामीणों का कहना है कि चांडिल बांध विस्थापन का दंश झेलने के बावजूद आज तक गांव में पक्की सड़क नहीं बन पाई है। करीब 70 परिवारों वाले इस गांव की आबादी लगभग 400 है, लेकिन आवागमन के लिए समुचित सड़क नहीं होने से लोगों का जीवन कठिन बना हुआ है। बरसात के दिनों में कच्ची सड़क दलदल में बदल जाती है, जिससे ग्रामीणों का घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।

सड़क के अभाव में स्वास्थ्य और शिक्षा पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों और गर्भवती महिलाओं को खटिया के सहारे मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। वहीं, कीचड़ भरे रास्तों के कारण बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।

इस मुद्दे पर विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष राकेश रंजन महतो ने बताया कि बीडीओ द्वारा 7 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।‌ उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई, तो वे डीसी को ज्ञापन सौंपेंगे एवं प्रखंड कार्यालय में धरना प्रदर्शन और अनशन भी किया जाएगा। मौके पर सैकड़ों ग्रामीण महिला पुरुष उपस्थित थे।

कुड़मि समाज और राजनीतिक विश्वास का नया अध्याय।

कुड़मि समाज और राजनीतिक विश्वास का नया अध्याय।

सरायकेला/ईचागढ़

देश के गृहमंत्री अमित शाह द्वारा बंगाल चुनाव के दौरान कुड़मि बहुल क्षेत्रों में कुड़मालि भाषा को संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करने की घोषणा केवल एक चुनावी वादा नहीं, बल्कि एक बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक स्वीकार्यता का संकेत माना जा सकता है। बृहद छोटानागपुर क्षेत्र के अंतर्गत पश्चिम बंगाल में निवास करने वाला कुड़मि समाज अपनी विशिष्ट भाषा, संस्कृति और परंपराओं के साथ लंबे समय से पहचान और अधिकार की मांग करता रहा है।
भारत की विविधता में भाषाई पहचान का विशेष महत्व है। जब किसी भाषा को आठवीं अनुसूची में स्थान मिलता है, तो उसे न केवल संवैधानिक संरक्षण मिलता है, बल्कि शिक्षा, प्रशासन और सांस्कृतिक विकास के नए द्वार भी खुलते हैं। ऐसे में कुड़मालि भाषा को यह दर्जा दिलाने की पहल कुड़मि समाज के आत्मसम्मान को मजबूत कर सकती है।

राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनजातीय और क्षेत्रीय समुदायों के प्रति विश्वास निर्माण की रणनीति पहले भी दिखाई दे चुकी है। इसका प्रमुख उदाहरण श्रीमती द्रौपदी मुर्मू हैं, जो संथाल समाज से आती हैं और आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं। यह घटना न केवल एक समुदाय के लिए, बल्कि पूरे देश के प्रति सामाजिक समावेशन और अवसर की समानता का प्रतीक बनी।

इसी तरह यदि कुड़मि समाज को भी राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर उचित प्रतिनिधित्व मिलता है, चाहे वह मंत्री पद हो या अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां, तो इससे समाज में विश्वास और भागीदारी की भावना और प्रबल होगी। इससे न केवल कुड़मि समाज का उत्थान होगा, बल्कि लोकतंत्र की जड़ें भी और मजबूत होंगी।
हालांकि, यह भी आवश्यक है कि ऐसे वादे केवल घोषणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें ठोस नीतियों और कार्यान्वयन के माध्यम से साकार किया जाए। भाषा को मान्यता देने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

आखिर कुड़मि समाज के साथ विश्वास का यह संबंध केवल चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि एक समावेशी और न्यायपूर्ण भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। जहां हर समुदाय को अपनी पहचान, सम्मान और विकास का समान अवसर मिले।

आज आवश्यकता है कि हम सभी कुड़मि भाई-बहन अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग पूरी समझदारी के साथ करें। हमें यह देखना है कि कौन हमारी भाषा, हमारी संस्कृति और हमारे समाज के उत्थान के लिए ईमानदारी से कार्य करने का संकल्प ले रहा है। हमें अवसर देना है परखने का, समझने का, और अपने भविष्य को मजबूत करने का।
लेकिन समाज के सभी सदस्यों एवं वर्गों को, यह भी याद रखना होगा, हमारा आंदोलन हमारी पहचान है। यह संघर्ष हमारी आत्मा है । यह न कभी रुका है, न कभी रुकेगा। चाहे कोई भी सरकार आए या जाए, कुड़मि समाज अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाता रहेगा, संगठित रहेगा और आगे बढ़ता रहेगा। आज का निर्णय केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि आगे आने वाले वर्षों की दिशा तय करेगा। एकजुट होकर, जागरूक होकर, और अपने अधिकारों के प्रति
सजग रहकर हमें आगे बढ़ना है।

प्रस्तुति :गुणधाम मुतरुआर
(भूगोल-शिक्षक)
अनुग्रह नारायण +2 उच्च विद्यालय पिलीद, ईचागढ़, सरायकेला-खरसावां, झाड़खंड – 832403

ईचागढ़ में ‘स्कूल रुआर’ कार्यक्रम का आयोजन, शिक्षा की मुख्यधारा से बच्चों को जोड़ने पर जोर।

ईचागढ़ में ‘स्कूल रुआर’ कार्यक्रम का आयोजन, शिक्षा की मुख्यधारा से बच्चों को जोड़ने पर जोर।

सरायकेला/ईचागढ़

(मालखान महतो)

ईचागढ़ प्रखंड कार्यालय सभागार में शुक्रवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी एकता वर्मा की अध्यक्षता में ‘स्कूल रुआर’ (बैक टू स्कूल) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, ईचागढ़ की वार्डेन सुनीता महतो, शिक्षिका मल्लिका महतो एवं मौसमी महतो के नेतृत्व में छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत से हुआ। छात्राओं ने गीतों के माध्यम से बच्चों की अनिवार्य शिक्षा पर विशेष जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि शत-प्रतिशत नामांकन, 5 से 18 वर्ष की आयु के सभी बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करना। स्कूल छोड़ चुके बच्चों को चिन्हित कर उन्हें वापस शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना। नामांकित बच्चों की स्कूल में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना। बच्चों को सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाओं (पुस्तकों, पोशाक आदि) के प्रति जागरूक करना।

अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक कर उन्हें विद्यालय प्रबंधन से जोड़ना।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ‘स्कूल रुआर’ मात्र एक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक अभियान है, ताकि ईचागढ़ प्रखंड का कोई भी बच्चा शिक्षा की रोशनी से वंचित न रहे।

इस अवसर पर अंचल अधिकारी दीपक प्रसाद, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सुखदेव कुमार , शिक्षा विभाग के बीपीएम चंदन कुमार सिंह, जेएलएसपीएस बीपीएम मनोहर टोप्पो, महिला पर्यवेक्षिका कृष्णा देवी, संकुल साधन सेवी प्रकाश प्रमाणिक, शक्ति पद महतो, पद्म लोचन महतो, भूतेश महतो, बीआरसी कर्मचारी और प्रखंड की सभी आंगनबाड़ी सेविकाएं मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।

Design a site like this with WordPress.com
Get started