सरायकेला-खरसावां
‘वीर बिरसा मुंडा स्टेडियम बचाओ उलगुलान’ को आदिवासी समाज के एकजुट प्रयास से सफलता मिली है। आंदोलन के दबाव में प्रशासन ने स्टेडियम परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय वापस ले लिया है, जिसका आंदोलनकारियों ने स्वागत किया है।

इस सफलता की समीक्षा और आगे की रणनीति तय करने के लिए मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को सुबह 10:00 बजे, बिरसा मुंडा स्टेडियम, सरायकेला में समीक्षा बैठक बुलाई गई है। बैठक में आंदोलन की समीक्षा के साथ-साथ स्टेडियम से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
आयोजकों ने आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले सभी आंदोलनकारियों की उपस्थिति अनिवार्य बताई है। साथ ही जो साथी अब तक आंदोलन से नहीं जुड़ पाए हैं, उनसे भी बैठक में शामिल होने की अपील की गई है।
बैठक में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 11 सदस्यीय समन्वय टीम का गठन किया गया है। यह टीम विभिन्न संगठनों, समाज के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, मीडिया और राजनीतिक दलों से समन्वय कर लोगों को बैठक से जोड़ेगी।
समन्वय की जिम्मेदारी इस प्रकार सौंपी गई है:
• सावित्री कुदादा – AHSMS केंद्रीय अध्यक्ष कृष्णा बोदरा के सभी पदाधिकारियों से समन्वय
• विष्णु बानरा, राष्ट्रीय अध्यक्ष कोल सेना – AHSMS केंद्रीय अध्यक्ष मुकेश बिरुआ एवं AHSYM के पदाधिकारियों से समन्वय
• दिवाकर सरदार – सीनी-उपरदुगनी क्षेत्र के आदिवासी भूमिज/मुंडा समाज से समन्वय
• रहिन्द्र सरदार एवं श्री जगदीश सरदार – चांडिल अनुमंडल/पूर्वी सिंहभूम क्षेत्र से समन्वय
• महेश मिंज – सरायकेला-खरसावां/पश्चिमी सिंहभूम जिला से समन्वय
• साधु बानरा, DESHAULI फाउंडेशन – खूंटी/रांची जिला से समन्वय
• कोल झारखंड बोदरा, अध्यक्ष मानकी मुंडा – कोल्हान के डाकुवा/मुंडा/मानकी से समन्वय
• गणेश गगराई, अध्यक्ष आदिवासी हो समाज महासभा – कोल्हान के मुखिया/पंचायत समिति/जिला परिषद सदस्यों से समन्वय
• वीर सिंह सीजुई – कोल्हान के प्रिंट मीडिया/यूट्यूबर/ब्लॉगर्स से समन्वय
• विष्णु सरदार – सभी राजनीतिक दलों से समन्वय
• सावन सोय, अध्यक्ष ऑल इंडिया हो लैंग्वेज एक्शन कमेटी – 10 सदस्यीय टीम से समन्वय कर 28 सितंबर तक उपस्थिति सूची और मुख्य एजेंडा तैयार करेंगे। एजेंडा मानसिंह मुंडा, सुखराम सोय और रामचंद्र मुंडा के साथ मिलकर तैयार किया जाएगा।











