उपायुक्त की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार आयोजित

उपायुक्त की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार आयोजित

सरायकेला-खरसावां

समाहरणालय भवन स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त, सरायकेला–खरसावाँ की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों द्वारा प्रस्तुत जनसमस्याओं से संबंधित आवेदनों की उपायुक्त द्वारा क्रमवार सुनवाई की गई।

जनता दरबार में प्रस्तुत प्रमुख प्रकरणों में मुड़कुम ग्राम पंचायत अंतर्गत निर्माणाधीन जलमीनार योजना में अनियमितता, कार्य की धीमी प्रगति एवं छूटे हुए ग्रामों को योजना से जोड़ने, जलसहिया का विगत दो वर्षों से लंबित बकाया मानदेय भुगतान, तथा गम्हरिया अंचल अंतर्गत इटागढ़ मौजा में आदित्यपुर RIT से पैदल मोड़ तक हो रहे सड़क निर्माण कार्य में सड़क दुर्घटनाओं की दृष्टिगत सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने, सड़क किनारे स्थित सरकारी भूमि का उपयोग करने एवं ग्रामीणों की भूमि के अधिग्रहण से परहेज करने से संबंधित मामले शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत सरायकेला वार्ड संख्या–06 (खड़दासाई) में स्थित जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र भवन के स्थान पर नए आंगनबाड़ी केंद्र भवन के निर्माण तथा नवीन भवन के निर्माण पूर्ण होने तक आंगनबाड़ी केंद्र का तत्काल प्रभाव से किसी अन्य उपयुक्त भवन में संचालन सुनिश्चित कराने से संबंधित आवेदन भी जनता दरबार में प्रस्तुत किया गया।

उपायुक्त द्वारा संबंधित विभागीय, अंचल एवं नगर निकाय स्तर के पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जनता दरबार में प्राप्त सभी प्रकरणों की नियमों के अनुरूप त्वरित जांच कर समयबद्ध, पारदर्शी एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में स्थल निरीक्षण आवश्यक है, वहाँ शीघ्र निरीक्षण कर तथ्यात्मक प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि बाल विकास, पेयजल, सड़क सुरक्षा एवं जनसुविधा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी तथा संबंधित पदाधिकारी प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

राष्ट्रपति के आगमन को लेकर यातायात व्यवस्था प्रभावित/प्रतिबंधित रहेगी तथा कुछ प्रमुख मार्गों पर आवागमन अस्थायी रूप से बाधित रह सकता है।

राष्ट्रपति के आगमन को लेकर यातायात व्यवस्था प्रभावित/प्रतिबंधित रहेगी तथा कुछ प्रमुख मार्गों पर आवागमन अस्थायी रूप से बाधित रह सकता है।

सरायकेला-खरसावां

सभी कारखाना/औद्योगिक प्रतिष्ठान, सरायकेला–खरसावाँ जिला को सूचित किया जाता है कि आगामी दिनांक 29.12.2025 को माननीय राष्ट्रपति महोदया का कार्यक्रम सरायकेला–खरसावाँ जिला अंतर्गत NIT Jamshedpur (आदित्यपुर) मे निर्धारित है। उक्त कार्यक्रम के मद्देनज़र दिनांक 29 दिसंबर 2025 को प्रातः 09:00 बजे से अपराह्न 04:00 बजे तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था प्रभावित/प्रतिबंधित रहेगी तथा कुछ प्रमुख मार्गों पर आवागमन अस्थायी रूप से बाधित रह सकता है।

इस सम्बन्ध में श्रम अधीक्षक, सरायकेला–खरसावाँ अविनाश कुमार ठाकुर द्वारा जिले के सभी कारखाना/औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रबंधकों को निर्देशित/अनुरोधित किया गया है कि जिन प्रतिष्ठानों में कार्य-पाली (Shift) प्रणाली के अंतर्गत कार्य संचालित किया जाता है, वे दिनांक 29.12.2025 को प्रथम पाली का समापन अपराह्न 02:00 बजे के स्थान पर अपराह्न 04:00 बजे निर्धारित करें तथा द्वितीय पाली का संचालन अपराह्न 04:00 बजे के पश्चात प्रारंभ करें।

श्रम अधीक्षक द्वारा यह भी कहा गया है कि उक्त व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारियों/कामगारों को आवागमन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े तथा कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था के संधारण में सहयोग प्राप्त हो सके।

माननीय राष्ट्रपति महोदया के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों को लेकर विधि-व्यवस्था, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की व्यापक समीक्षा।

माननीय राष्ट्रपति महोदया के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों को लेकर विधि-व्यवस्था, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की व्यापक समीक्षा।

सरायकेला-खरसावां

माननीय राष्ट्रपति महोदया के प्रस्तावित आगमन की तैयारी के निमित्त विधि-व्यवस्था संधारण को लेकर उपायुक्त, सरायकेला–खरसावाँ नीतिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक, सरायकेला–खरसावाँ मुकेश लुणायत द्वारा संयुक्त रूप से एनआईटी परिसर, कार्यक्रम स्थल, आगमन–प्रस्थान मार्ग (रूट लाइन) सहित विभिन्न संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में सुरक्षा, प्रोटोकॉल, यातायात, पार्किंग, सेफ रूम, नियंत्रण कक्ष सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।

तैयारियों के क्रम में जियाडा (JIADA) स्थित सभागार में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि माननीय राष्ट्रपति महोदया के आगमन से पूर्व सभी तैयारियाँ दिनांक 27 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर ली जाएँ।

बैठक में रूट लाइन से संबंधित समस्त तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए उपायुक्त द्वारा निर्देश दिया गया कि आगमन–प्रस्थान मार्ग पर स्थित सभी विद्युत खंभों, झूलते हुए तारों एवं अन्य विद्युत संरचनाओं को यथाशीघ्र दुरुस्त किया जाए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से संबंधित विभागों द्वारा स्थलीय जांच के उपरांत सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक प्रमाण-पत्र दिनांक 27 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए। यातायात परिचालन को सुगम, सुरक्षित एवं निर्बाध बनाए रखने हेतु आवश्यकता अनुसार रूट डायवर्जन की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा थाना प्रभारी एवं नगर निगम के पदाधिकारियों को रूट लाइन में पड़ी किसी भी प्रकार की निर्माण सामग्री, मलबा अथवा क्षतिग्रस्त वाहनों को पूर्णतः हटाने का निर्देश दिया गया, ताकि आगमन मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था, प्रोटोकॉल अथवा तैयारियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण तत्परता, जिम्मेदारी एवं उच्च स्तर की संवेदनशीलता के साथ सुनिश्चित करेंगे।

समीक्षा बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, अपर नगर आयुक्त, आदित्यपुर रवि प्रकाश, उप नगर आयुक्त पारुल सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला–चांडिल, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सरायकेला–चांडिल, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम अंतर्गत केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी द्वारा विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश।

आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम अंतर्गत केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी द्वारा विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश।

सरायकेला-खरसावां

आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम (ABP) के अंतर्गत नीति आयोग द्वारा सरायकेला–खरसावां जिले के लिए नामित केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी विकाश सिंह, निदेशक, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा आज सरायकेला एवं गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र का भ्रमण करते हुए विभिन्न पंचायतों एवं संस्थानों का निरीक्षण किया गया।

भ्रमण के क्रम में सरायकेला प्रखंड परिसर स्थित मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई, पथनमारा पंचायत अंतर्गत धोबाडीह ग्राम स्थित आंगनवाड़ी केंद्र, इटाकुदर पंचायत अंतर्गत बुंडू ग्राम स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सरायकेला प्रखंड अंतर्गत तीतीरबिला पंचायत स्थित राजकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र तथा गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत बिरबांश पंचायत भवन एवं उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बिरबांश का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई में पशुओं के उपचार एवं टीकाकरण की व्यवस्था, आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की शिक्षा एवं पोषण स्थिति, आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं गुणवत्ता, राजकीय पशु प्रजनन प्रक्षेत्र में पशुपालन सेवाओं की कार्यशीलता तथा पंचायत भवन एवं शैक्षणिक संस्थान में आधारभूत संरचना, स्वच्छता, उपस्थिति एवं शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन की स्थिति का अवलोकन किया गया।

निरीक्षण के क्रम में केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पशुपालन, स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा से संबंधित सेवाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समयबद्ध एवं प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, नियमित उपस्थिति एवं सेवा गुणवत्ता बनाए रखने, मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के माध्यम से उपचार एवं टीकाकरण सेवाओं का सुदृढ़ीकरण करने तथा शैक्षणिक संस्थानों में शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आकांक्षी जिला कार्यक्रम अंतर्गत गतिविधियों की नियमित निगरानी एवं आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्रवाई करने पर विशेष बल दिया गया।

निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार, रोहित कुमार उद्योग विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

उपायुक्त की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया।

उपायुक्त की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया।

सरायकेला-खरसावां

प्राप्त आवेदनों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश…

समाहरणालय भवन स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिले के विभिन्न प्रखंडों, अंचलों एवं नगर क्षेत्रों से आए नागरिकों द्वारा प्रस्तुत जन-अभ्यावेदनों को सुनते हुए उपायुक्त ने प्रत्येक मामले की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। आवेदकों ने अपने–अपने क्षेत्रों में उत्पन्न विविध जनसमस्याओं, आधारभूत सुविधाओं की कमी तथा कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहने की स्थिति से उपायुक्त को अवगत कराया।

जनता दरबार में प्रस्तुत प्रमुख प्रकरणों में जनगढना मे अनियमिता बरतने पर आपत्ति करने के सबंध मे,नीमडीह प्रखंड से आये गुलाम मुस्तफ़ा ने अपने ही जमींन पर बने विद्यालय मे रोजगार के सम्बन मे, खरसावां प्रखंड मे अंचल द्वारा प्रशासन के सहयोग से सीमांकन करने के सम्बन्ध मे मामले भी सामने आए। इसके अतिरिक्त ग्राम प्रधानों के सम्मान राशि का नियमित एवं समयबद्ध भुगतान, सरायकेला नगर क्षेत्र के हाट बाजार में शुक्रवार को लगने वाले भीषण जाम की समस्या, तथा हाउसिंग बोर्ड, आदित्यपुर की ली गई भूमि पर अवैध कब्जे से संबंधित शिकायतें भी दर्ज की गईं। साथ ही भूमि संबंधित विभिन्न मामलों समेत विभिन्न विभाग से सम्बन्धित आवेदन भी प्राप्त हुए।

उपायुक्त ने विभागीय एवं अंचल स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता दरबार में प्राप्त सभी आवेदनों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों में स्थलीय सत्यापन आवश्यक है, वहाँ संबंधित अधिकारी त्वरित निरीक्षण कर तथ्यात्मक प्रतिवेदन उपलब्ध कराएँ, ताकि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि जनसुविधा एवं जनकल्याण से संबंधित योजनाओं के लंबित मामलों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा पात्र लाभुकों को समय पर लाभ उपलब्ध कराना प्रत्येक अधिकारी की जवाबदेह जिम्मेदारी है।

रामकृष्णा फाउंडेशन के CSR बैनर तले रामकृष्णा फोर्जिंग्स लिमिटेड, प्लांट–7, दुगनी में विशाल रक्तदान शिविर आयोजित।

रामकृष्णा फाउंडेशन के CSR बैनर तले रामकृष्णा फोर्जिंग्स लिमिटेड, प्लांट–7, दुगनी में विशाल रक्तदान शिविर आयोजित।

सरायकेला/खरसावां

रामकृष्णा फाउंडेशन के CSR बैनर तले तथा एमजीएम अस्पताल के सहयोग से रामकृष्णा फोर्जिंग्स लिमिटेड के प्लांट–7, दुगनी परिसर में एक विशाल रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर में कंपनी के कर्मचारियों एवं सहयोगियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कुल 544 यूनिट रक्तदान कर मानवता की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

रक्तदान शिविर का उद्घाटन सिविल सर्जन, चाईबासा डॉ. सरयू प्रसाद सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर एमजीएम अस्पताल एवं सदर अस्पताल के उपाधीक्षक श्री नकुल कुमार चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। सिविल सर्जन ने रक्तदान शिविर की व्यवस्थाओं को देखा एवं रक्तदाताओं से बातचीत भी की। उन्होंने रामकृष्णा फोर्जिंग लिमिटेड द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर को अभूतपूर्व बताया एवं रक्तदाताओं के लिए किये गए व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से प्रसंशा की।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रामकृष्णा फोर्जिंग्स लिमिटेड के कॉरपोरेट लीगल हेड दिनेश पारिख, कॉरपोरेट सेफ्टी हेड नवीण सिन्हा, रामकृष्णा कास्टिंग लिमिटेड के कॉरपोरेट सेफ्टी हेड संजय कुमार तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरि मोहन सिन्हा उपस्थित रहे।

शिविर के सफल संचालन में मानव संसाधन प्रमुख रवि राजहंस, सेफ्टी इंचार्ज बासुकी नाथ झा, सेफ्टी ऑफिसर प्रभात कुमार, देवेंद्र विश्वकर्मा, कुणाल श्रीवास्तव, रिषिराज सिंहदेव, जयदेव झांगेल, निहारिका, सरिका, बिदेश गांगुली, दित्य प्रकाश एवं ललन सिंह का विशेष योगदान रहा।

अतिथियों ने रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि रामकृष्णा फाउंडेशन द्वारा CSR गतिविधियों के अंतर्गत तथा एमजीएम अस्पताल के सहयोग से आयोजित इस प्रकार के रक्तदान शिविर समाज के प्रति कंपनी की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। कार्यक्रम का समापन सभी रक्तदाताओं, चिकित्सकीय टीम एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।

समाहरणालय परिसर से धान अधिप्राप्ति जागरूकता रथ को उपायुक्त ने किया रवाना।

समाहरणालय परिसर से धान अधिप्राप्ति जागरूकता रथ को उपायुक्त ने किया रवाना।

सरायकेला-खरसावां

किसानों को पारदर्शी एवं सुचारु क्रय व्यवस्था की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर

समाहरणालय परिसर से उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा जिले में धान अधिप्राप्ति संबंधी जागरूकता अभियान के तहत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रथ जिले में संचालित कुल 27 धान अधिप्राप्ति केंद्रों की विस्तृत जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाएगा तथा किसानों को अधिप्राप्ति से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं से अवगत कराएगा।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा—
“किसानों को पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध धान क्रय व्यवस्था उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिप्राप्ति केंद्रों पर आवश्यक संसाधन एवं सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।”

धान अधिप्राप्ति केंद्र सूची 👆🏼

उपायुक्त ने आगे कहा कि जागरूकता रथ के माध्यम से धान अधिप्राप्ति कार्यक्रम से जुड़ी सही एवं अद्यतन जानकारी गाँव-गाँव तक पहुँचेगी, जिससे किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न नहीं होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अधिप्राप्ति केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करें तथा किसानों के समय पर भुगतान की सुनिश्चितता बनाए रखें।

जिले में धान अधिप्राप्ति कार्य 15 दिसंबर 2025 से प्रारंभ हो रहा है। जागरूकता रथ के माध्यम से किसानों को पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, धान गुणवत्ता मानक, एवं निर्धारित दरों से संबंधित सूचनाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। साथ ही किसानों को समय पर पंजीकरण कराने हेतु प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे अधिप्राप्ति प्रक्रिया में समयबद्ध रूप से भाग ले सकें और कोई भी पात्र किसान लाभ से वंचित न रहने पाए।

जागरूकता रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों में भ्रमण कर धान अधिप्राप्ति से संबंधित सूचनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा तथा ऑडियो संदेश एवं प्रचार सामग्री के माध्यम से किसानों में जागरूकता बढ़ाएगा।

कार्यक्रम में जिला आपूर्ति पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी सुरेन्द्र उरांव, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी, तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

वन दोहन का लगाया आरोप, ग्राम सभाओं की अनदेखी पर नाराज़गी

वन दोहन का लगाया आरोप, ग्राम सभाओं की अनदेखी पर नाराज़गी

दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच कोल्हान का विरोध तेज

सरायकेला-खरसावां

दलमा अभ्यारण्य परिसर में प्रस्तावित ग्लास ब्रिज,रोपवे तथा अन्य पर्यटन परियोजनाओं को लेकर स्थानीय दलमा क्षेत्र ग्राम सभा सुरक्षा मंच ने इन परियोजनाओं का तीखा विरोध जताते हुए कहा है कि पर्यटन विकास के नाम पर वन दोहन किया जा रहा है और ग्राम सभा की सहमति के बिना कार्य शुरू का आदेश देना कानून का उलंघन है।

मंच के सचिव दलमा टाइगर सुकलाल पहाड़िया ने कहा कि दलमा अभ्यारण्य को विश्व स्तरीय और “टूरिस्ट-फ्रेंडली” बनाने की पहल में वन विभाग स्थानीय समुदायों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन पर्यटन को बढ़ावा देने की आड़ में जंगलों की कटाई, पर्यावरणीय संरचनाओं को नुकसान और वनाधिकार कानून की अवहेलना कर रहा है।

ग्राम सभा को दरकिनार कर काम शुरू होने का आरोप

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग ने न तो किसी ग्राम सभा से लिखित सहमति ली और न ही परियोजना से जुड़े प्रभावों पर बातचीत की। ग्रामीणों के अनुसार, अभ्यारण्य क्षेत्र आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर, जीविका और परंपरागत अधिकारों से जुड़ा है। ऐसे में बिना सहमति किसी भी तरह का निर्माण कार्य उनके अधिकारों का हनन है।

पर्यटन परियोजनाओं पर उठ रहे सवाल

प्रस्तावित ग्लास ब्रिज और रोपवे परियोजना को लेकर पर्यावरणविदों ने भी चिंता जताई है। श्री पहाड़ीया कहा कि कि हज़ारों पर्यटकों की आवाजाही से वन्यजीव संरक्षण प्रभावित होगा और हाथियों के प्राकृतिक विचरण क्षेत्र में व्यवधान उत्पन्न होगा।

मंच के सचिव दलमा टाइगर सुकलाल पहाडिया ने बताया कि भारी मशीनरी के उपयोग से पहाड़ी इलाके की संरचना प्रभावित भी होगी ।

पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है,और निर्माण क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियाँ घटने लगी हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार लिखित आपत्ति देने के बावजूद विभाग कोई जवाब नहीं दे रहा है।मंच ने चेतावनी दी है कि यदि परियोजनाओं को तुरंत रोका नहीं गया और ग्राम सभाओं के साथ औपचारिक वार्ता नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

बढ़ती ठंड से राहत हेतु उपायुक्त के निर्देशानुसार नगर निकाय एवं प्रखंड क्षेत्रों के मुख्य चौक–चौराहों पर रात्रिकालीन अलाव व्यवस्था सुनिश्चित।

बढ़ती ठंड से राहत हेतु उपायुक्त के निर्देशानुसार नगर निकाय एवं प्रखंड क्षेत्रों के मुख्य चौक–चौराहों पर रात्रिकालीन अलाव व्यवस्था सुनिश्चित।

सरायकेला-खरसावां

खबर का दिखा असर, झारखंड क्राईम रिपोर्टर अखबार द्वारा कड़ाके की ठंड के मुद्दे को लेकर प्रकाशित खबर पर जिला प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए नगर निकाय एवं प्रखंड क्षेत्र के चौक चौराहे पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

आपको बताते चलें कि सरायकेला खरसावां जिले में बढ़ती ठंड और बेवस जिंदगी को देखते हुए झारखंड क्राईम रिपोर्टर अखबार द्वारा पुलिस व प्रशासन एवं स्थानीय नेता व समाज सेवी साथ ही नगर निगम के द्वारा अलाव की व्यवस्था नहीं किए जाने की खबर को प्रमुखता से जनहित में प्रकाशित किया था।

खबर प्रकाशित होने पर एवं खबर को संज्ञान में लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा त्वरित रात कालीन के वक्त लगभग प्रत्येक चौक चौराहे पर अलाव की व्यवस्था की गई जिससे कि गरीब आम जनमानस को जिला प्रशासन द्वारा काफी राहत एवं सहूलियत प्रदान की गई। जिससे कि गरीब आम जनमानस के चेहरे खिल उठे एवं इस बढ़ती कड़ाके की ठंड में उन्हें काफी राहत का एहसास हुआ और आम जनमानस ने तहे दिल से जिला प्रशासन का धन्यवाद किया एवं झारखंड क्राईम रिपोर्टर अखबार को भी आम जनमानस ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित करने के लिए तहे दिल से धन्यवाद दिया एवं आगे भी इसी तरह के मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित करने के लिए प्रेरित किया।

आपको बताते चले कि सरायकेला-खरसावां जिले में बढ़ती ठंड के मद्देनज़र आम नागरिकों की सुरक्षा एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार नगर निकाय क्षेत्रों के मुख्य चौक–चौराहों, सभी प्रखंड मुख्यालयों के प्रमुख स्थलों, तथा भीड़–भाड़ वाले क्षेत्रों में रात्रिकालीन अलाव व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, जिससे ठंड से प्रभावित नागरिकों को प्रभावी राहत मिल सके।

उपायुक्त द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अलाव व्यवस्था का नियमित निरीक्षण करें, आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त अलाव की व्यवस्था उपलब्ध कराएँ तथा सुनिश्चित करें कि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मौसम में गिरावट को ध्यान में रखते हुए अलाव स्थलों की संख्या एवं संचालन अवधि को भी परिस्थितियों के अनुसार बढ़ाया जा रहा है।

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यधिक ठंड के दौरान आवश्यक सावधानियाँ अपनाएँ और आवश्यकता होने पर उपलब्ध अलाव स्थलों का उपयोग कर स्वयं को सुरक्षित रखें।

जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड आग से बचने के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं, गरीबों का जीवन यापन कष्टदाई।

जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड आग से बचने के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं, गरीबों का जीवन यापन कष्टदाई।

सरायकेला/खरसावां

वर्तमान समय में लगभग भारत के सभी हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है जिससे कि लोग ठंड से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं तरह-तरह के महंगे कपड़े पहन रहे हैं सर पर टोपी पैर में मोजा बदन पर महंगे मोटे जैकेट और हाथ में भी हाथ मोजा जैसे वस्त्रो का उपयोग कर रहे हैं।

लेकिन इसी प्रकरण का एक दूसरा रूप भी हमारे भारत में देखने को मिलता है जिसे लोग गरीब कहते हैं और इन गरीबों के पास में सभी लोगों की तरह ठंड से बचने के लिए महंगे कपड़े सर पर टोपी पैर में मोजा बदन पर महंगे मोटे जैकेट और हाथ में हाथ मोजा जैसा वस्त्र नहीं होता है जिस वजह से ठंड के मौसम में इन गरीबों का जीवन यापन करना काफी परेशानीमय एवं कष्टदाई हो जाता है।

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प्रिय पाठकों आप सभी ने यह तो अवश्य ही देखा होगा की भारत के लगभग सभी जगहों पर ठंड के मौसम में ख़ास कर रात के वक्त चौक चौराहे पर ठंड से बचने के लिए अलाव की व्यवस्था की जाती है और यह अलाव की व्यवस्था खासकर उन लोगों के लिए की जाती है जो लोग ठंड से बचने के लिए उक्त साधनों का उपयोग करने में असमर्थ है ( यहां पर कहना यह है कि गरीब लोगों द्वारा महंगे गर्म कपड़े रूम हिटर जैसी चीजें न खरीद पाना ) जिससे कि गरीब गुरवा लोगों को दैनिक जीवन यापन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

साथियों इन दिनों पूरे भारत के साथ-साथ भारत का ही एक राज्य है झारखंड जहां की वर्तमान समय में कड़ाके की ठंड पड़ रही है सुबह उठो और अपना दरवाजा खोलकर बाहर देखो तो मानो ऐसा प्रतीत होता है कि आसमान की बदले जमीन पर आ कर जमीन को और भी मनमोहन बना रही है।

लेकिन साथियों इस वक्त मुद्दा यह है कि इस कड़ाके की ठंड में खास कर झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के गरीबों के लिए  किसी तरह की कोई भी व्यवस्था ना के बराबर की जा रही है या फिर यूं कहें कि नहीं की जा रही है। इस वक्त दिसंबर का महीना चल रहा है और दिसंबर में असहाय ठंड पड़ती है जिससे कि बचाना हर किसी के लिए अनिवार्य हो जाता है ऐसे में सरायकेला खरसावां जिले में ना प्रशासन द्वारा और ना ही स्थानीय पुलिस द्वारा इतना ही नहीं किसी समाज सेवी या स्थानीय नेता के द्वारा भी गरीबों के लिए ठंड से बचने के लिए अलाव जैसी व्यवस्था नहीं की जा रही है। जिससे कि गरीब आम जनमानस काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं।

इतना ही नहीं नगर निगम की ओर से भी ठंड से बचने के लिए किसी तरह की कोई व्यवस्था मुहैया नहीं कराई जा रही है। सरायकेला खरसावां जिले वासियों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष प्रशासन पुलिस नेता समाजसेवी अथवा नगर निगम की ओर से ठंड से बचने के लिए रात के वक्त प्रत्येक चौक चौराहे पर अलाव की व्यवस्था की जाती थी लेकिन इस वर्ष मानो अलाव की व्यवस्था में भी अकाल पड़ चुका है।

जिले वासियों ने यह सवाल भी किया है कि क्या प्रशासन स्थानीय पुलिस स्थानीय नेता स्थानीय समाजसेवी और नगर निगम के अधिकारियों को ठंड नहीं लगती या फिर उन्हें ठंड का एहसास नहीं होता या फिर उन्हें गरीबों के परेशानियों का एहसास नहीं होता है या फिर उन्हें गरीबों को ठंड में इस तरह तड़पता देख कर खुशी मिलती है।

अब इस मुद्दे पर देखना यह दिलचस्प होगा कि आखिर कब तक जिले में रह रहे हैं गरीब जिले वासियों के लिए ठंड से बचने की व्यवस्था कराई जाती है या फिर इस वर्ष यह शीत लहरी का मौसम यूं ही गुजर जाएगा या फिर गरीबों की सुविधा के लिए कोई अपना हाथ आगे बढ़ाएगी।

सरायकेला-खरसावां जिला में अवैध शराब की बिक्री और हफ्ता लेने का कारोबार जोरों पर।

सरायकेला-खरसावां जिला में अवैध शराब की बिक्री और हफ्ता लेने का कारोबार जोरों पर।

सरायकेला-खरसावां

सरायकेला-खरसावां जिला में अवैध शराब की बिक्री और हफ्ता लेने का कारोबार जोरों पर चल रहा है।
सरायकेला खरसावां जिला के उत्पाद विभाग के दरोगा से लेकर सुपरिटेंडेंट तक हफ्ता की वसूली जा रही है। वहीं सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय थाना भी इस मूवी में अपनी भूमिका बखूबी निभा रही है । स्थानीय थाना को भी हफ्ता बंध गया है।

सूत्रों ने बताया है कि उत्पाद विभाग, सुपरीटेंडेंट, दरोगा और स्थानीय थाना की मिली भगत से चल रहा है खुलेआम दो नंबर शराब की बिक्री सीधे लफ्जों में कहा जाए तो शराब बेचने वाले मालामाल पीने वाले बेहाल हफ्ता लेने वाले जबरदस्त मालामाल। इन सरकारी अधिकारियों को झारखंड सरकार के नियमों का उल्लंघन करते हुए सरेआम देखा जा सकता है सरायकेला खरसावां जिले में आखिर कौन सफेद पोस् के इसारे पर चल रहा है यह जहर बेचने का अवैध कारोबार।

आखिर कानून की कौन उड़ा रहा धज्जियां यह पूछने वाला कोई नहीं है।

वहीं इन अवैध वसूली करने वालों कानून के रखवालो से गरीब गुरुवा का यह ग्रीन झारखंड कराह रहा है।
क्या यही है सपनों का झारखंड है जहां गरीब गुरवे के घर परिवार के लोग आंसू में डूबे पड़े हैं और सफेद और कानून के रखवालो का जेब भर रहे हैं।

सूत्रों ने यह भी बताया है कि थाना को 8000 हफ्ता उत्पाद विभाग के दरोगा को 10000 हफ्ता देने की जानकारी अवैध शराब विक्रेता ने खुलकर बताया है। वहीं छोटे सरकारी अवधि के लोग भी 5000 और ₹500 तक महीना हफ्ता ले रहे हैं।

जनहित में अगर यही आलम रहा तो ग्रीन झारखंड सपनों का झारखंड धीरे-धीरे जहरीली शराब के नशे में डूब कर अपने को विलन करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। क्या सरकारी अधिकारियों को सरकार के तरफ से मेहनताना नहीं मिल पाता है कि वह नाजायज कारोबारी को पनपने देना और उनसे हफ्ता लेने का अवैध कारोबार खुलेआम कर रहे हैं।

आर आई टी थानाप्रभारी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरायकेला खरसावां जिले के आर आई टी थाना क्षेत्र में खुलेआम महुआ शराब की बिक्री की जा रही है लेकिन स्थानीय थाना खामोश है या फिर यूं कहें के स्थानीय थाना सब कुछ देखते हुए भी नजरअंदाज कर रही है।

आर आई टी थाना क्षेत्र में बिक रहा महुआ शराब

अब देखना यह दिलचस्प होगा कि आखिर यह अवैध कारोबार पर या फिर अवैध वसूली पर कब तक लगाम लग पाती है या फिर यह सिलसिला यूं ही चलता रहता है

अंचल अधिकारी ईचागढ़ द्वारा पातकुम मोड़ एवं इचागढ़ थाना क्षेत्र के समीप स्थापित चेकनाका का निरीक्षण।

अंचल अधिकारी ईचागढ़ द्वारा पातकुम मोड़ एवं इचागढ़ थाना क्षेत्र के समीप स्थापित चेकनाका का निरीक्षण।

सरायकेला-खरसावां

अवैध बालू खनन पर नियंत्रण हेतु दिए आवश्यक दिशा निर्देश।

अंचल अधिकारी ईचागढ़ दीपक प्रसाद द्वारा पातकुम प्रखंड मोड़ इचागढ़ एवं इचागढ़ थाना के समीप स्थापित चेकनाका का निरीक्षण किया गया। उक्त चेकनाका क्षेत्र में अवैध बालू खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्थापित है।

निरीक्षण के क्रम में अंचल अधिकारी ने चेकनाका पर तैनात कर्मियों को वाहन जांच में तत्परता बरतने, अभिलेखों के सही संधारण, संदिग्ध वाहनों की सतर्क निगरानी तथा अवैध खनन की रोकथाम हेतु सतत चौकसी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और आवश्यकतानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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