सरायकेला के श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर पहुंचे धरना स्थल पर,मजदूरों की जागी उम्मीदें।

सरायकेला के श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर पहुंचे धरना स्थल पर,मजदूरों की जागी उम्मीदें।

सरायकेला/आदित्यपुर

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित रामकृष्ण कास्टिंग सॉल्यूशन लिमिटेड ( पूर्व में JMT ) गेट के बाहर लगभग 15 दिनों से समायोजन और फाइनल सेटलमेंट की मांग को लेकर धरना पर बैठे मजदूरों के चेहरे उस वक्त खिल उठे जब श्रम अधीक्षक स्वयं मजदूरों का हाल-चाल जानने एवं उनकी परेशानियों से अवगत हो उनकी परेशानियों का समाधान निकालने के लिए मजदूरों के समक्ष उपस्थित हुए।

आपको बताते चलें कि धरना स्थल पर श्रम अधीक्षक ने लगभग 1 घंटे तक मजदूरों से वार्तालाप की उनकी समस्याओं को जाना उनके परेशानियों से अवगत हुए।

मीडिया को जानकारी देते हुए श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर ने कहा कि जेएमटी कंपनी के बंद होने और बाद और रामकृष्ण ग्रुप द्वारा अधिग्रहण किए जाने के बाद कई मजदूरों का समायोजन और फाइनल सेटलमेंट अधूरा रह गया था.

श्रम अधीक्षक ने आगे कहा कि मजदूरों का कहना है कि वे पिछले 15 से 20 वर्षों से कंपनि में कार्यरत थे कंपनी में अपना खून पसीना बहाया कड़ी मेहनत की लेकिन अधिग्रहण के बाद कुछ मजदूरों को समायोजित कर दिया गया जबकि कई मजदूर अब भी अपने अधिकारों के लिए भटक रहे हैं.

श्रम अधीक्षक ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि मामला एनसीएलटी तक पहुंचा था और नियमों के तहत सभी श्रमिकों के साथ न्याय होना चाहिए था. हालांकि आंदोलन के दौरान कई त्रुटियां पाई गई जिसके कारण मजदूरों की अपेक्षा के अनुसार विचार नहीं किया जा सका लेकिन मजदूरों को न्याय दिलाना भी हमारा काम है किसी भी मजदूर के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए यह हमारी प्राथमिकता रहती है।

आपको बताते चलें कि धरना स्थल पर श्रम अधीक्षक ने लगभग 1 घंटे तक मजदूरों से वार्तालाप की उनकी समस्याओं को जाना उनके परेशानियों से अवगत हुएलेकिन हद तो तब हो गई जब धरना स्थल पर श्रम अधीक्षक के 1 घंटे तक मौजूद होने के बावजूद भी कंपनी से कोई भी जिम्मेदार अधिकारी धरना स्थल पर मजदूरों के समक्ष या श्रम अधीक्षक के समक्ष उपस्थित नहीं हुए

वहीं लगभग 1 घंटे बीत जाने के बाद कंपनी की सेक्रेटरी मोना बहादुर धरना स्थल पर पहुंची और श्रम अधीक्षक से वार्तालाप की कुछ देर के चले वार्तालाप में कंपनी की सेक्रेटरी ने श्रम अधीक्षक से लगभग 10 दोनों का समय मांगा है।

फिलहाल श्रम अधीक्षक ने कंपनी को 10 दिनों की मोहल्ला दी है और साथ ही मजदूरों को न्याय दिलाने का भरोसा भी दिलाया है। मजदूरों ने भी श्रम अधीक्षक का आभार जताते हुए अपनी धरना स्थगित कर दी है।

अब देखना यह दिलचस्प होगा कि 10 दिनों के बाद मजदूरों को न्याय मिलता है या फिर मजदूर यूं ही न्याय के लिए धरना प्रदर्शन करते रहते हैं कड़ी धूप में जलते रहते हैं।

अवैध शराब के विरुद्ध उत्पाद विभाग की कार्रवाई जारी, अवैध बीयर जब्त एवं चुलाई अड्डे ध्वस्त।

अवैध शराब के विरुद्ध उत्पाद विभाग की कार्रवाई जारी, अवैध बीयर जब्त एवं चुलाई अड्डे ध्वस्त।

सरायकेला/ईचागढ़

उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार उत्पाद अधीक्षक, सरायकेला-खरसावाँ के नेतृत्व में जिले में अवैध शराब के विनिर्माण, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आसूचना संकलित कर उत्पाद विभाग द्वारा विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया।

दिनांक 20-05-2026 की रात्रि लगभग 10ः00 बजे ईचागढ़ थाना अंतर्गत ग्राम बामनडीह में छापेमारी के दौरान Hywards Bold Beer (For Sale in West Bengal) 650 ML के 55 पीस, Tuborg Beer (For Sale in West Bengal) 650 ML के 05 पीस एवं Kingfisher Beer 650 ML के 05 पीस सहित कुल 42.25 लीटर अवैध बीयर बरामद की गई।

वहीं दिनांक 21-05-2026 को प्रातः लगभग 07ः00 बजे सरायकेला (सीनी ओ0पी0) थाना अंतर्गत ग्राम महादेवपुर में संचालित 02 अवैध चुलाई अड्डों को ध्वस्त करते हुए 1200 किलोग्राम जावा महुआ एवं 60 लीटर अवैध चुलाई शराब बरामद किया गया।
बरामद अवैध उत्पादों को जप्त करते हुए फरार अभियुक्तों के विरुद्ध झारखण्ड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।

जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन एवं बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। आमजन से भी अपील की गई है कि अवैध शराब से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना प्रशासन को उपलब्ध कराते हुए अभियान में सहयोग करें, ताकि समाज में सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

आदिवासी कुड़मी समाज का बैठक में पहुंचे बंगाल के अजीत प्रसाद महतो।

आदिवासी कुड़मी समाज का बैठक में पहुंचे बंगाल के अजीत प्रसाद महतो।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के आदारडीह सांसद भवन में बुधवार को ग्राम प्रधान शिवराम महतो की अध्यक्षता में आदिवासी कुड़मी समाज का एक बैठक किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में आदिवासी कुड़मी समाज के मूल खूंटी,मुलमानता अजीत प्रसाद महतो उपस्थित हुए। बैठक में आने वाले जनगणना में जाति, भाषा, समुदाय का कॉलम में क्या सुचिव्द्ध करना है। कुर्मी और कुड़मी में अंतर आदि के संबंध में चर्चा किया गया।

अजीत प्रसाद महतो ने कुड़मी जाति को आदिवासी सूची से एक साजीस के तहत हटाने और वर्तमान में आदिवासी सूची में शामिल करने की लड़ाई का रणनीति के संबंध में विस्तृत जानकारी दिया। उन्होंने बैठक में उपस्थित समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्रीय कमेटी द्वारा निर्णय लिया गया है कि आने वाले जनगणना में जाति के स्थान पर कुड़मी लिखने, भाषा में कुड़माली लिखने और धर्म में सारना लिखने की जानकारी एक एक लोगों को देने के लिए हर गांव में एक कमेटी बनाई जाएगी और कमेटी द्वारा कुड़मी समाज को जनगणना में जाति, भाषा एवं अन्य आवश्यक विषयों पर जानकारी देंगे। उन्होंने कुड़मी समाज को एकजुट होकर अपनी पहचान की लड़ाई में भागीदारी सुनिश्चित करने का अपील किया।

उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई किसी जाति या समुदाय से नहीं है, वल्कि हमारी लड़ाई अपनी पहचान को पुनर्स्थापित करने है। हम अपनी मौलिक अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। मौके पर आदिवासी कुड़मी समाज के चारी गुरु संतोष कटियार,केंद्रीय सह संपादक जयराम महतो, केंद्रीय प्रवक्ता सादन महतो, भाषा सांस्कृतिक संरक्षक दीपक पुनियार, प्रखंड अध्यक्ष भूत नाथ महतो ने भी अपना विचार व्यक्त किए। मौके पर सेवानृवित शिक्षक उमाकांत महतो,कमलाकांत महतो,ठाकुरदास महतो,ग्राम प्रधान मनोरंजन महतो,अनिल चंद्र महतो,उपेन चंद्र महतो,रंजीत प्रसाद महतो,गोपेश कुमार महतो सहित सैकड़ों समाज के लोग उपस्थित थे।

खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण, सिंहदेव ढाबा पर ₹6000 एवं किशन कन्हैया ढाबा पर ₹200 का जुर्माना वसूला गया।

खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण, सिंहदेव ढाबा पर ₹6000 एवं किशन कन्हैया ढाबा पर ₹200 का जुर्माना वसूला गया।

सरायकेला-खरसावां

उपायुक्त महोदय के निर्देशानुसार जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी प्रावधानों के अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा नियमित रूप से जांच अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुबीर रंजन के नेतृत्व में बुधवार को समाहरणालय समीप गौरांगडीह स्थित सिंहदेव ढाबा का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान ढाबा के किचेन में गंदगी पाई गई तथा खाद्य सामग्री तैयार करने वाले कर्मियों द्वारा हेडगियर एवं एप्रन का उपयोग नहीं किया जा रहा था। साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता के मानकों का भी पालन नहीं पाया गया। निरीक्षण क्रम में ढाबा संचालक से खाना बनाने में प्रयुक्त पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मियों का मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र एवं पेस्ट कंट्रोल से संबंधित प्रमाण पत्र की मांग की गई, जिसे प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं के आलोक में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सिंहदेव ढाबा संचालक पर 5000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जिसकी वसूली मौके पर ही की गई। इसके अतिरिक्त ढाबा परिसर में खुली एवं जली हुई सिगरेट पाए जाने पर कोटपा (झारखंड संशोधन) अधिनियम, 2021 के उल्लंघन के तहत 1000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया, जिसे भी तत्काल वसूल किया गया।

साथ ही ढाबा संचालक को अविलंब परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करते हुए सभी अनियमितताओं में सुधार करने तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं उसके तहत बने नियमों एवं विनियमों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

इसी क्रम में किशन कन्हैया ढाबा में भी कोटपा अधिनियम के उल्लंघन पाए जाने पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसकी वसूली भी मौके पर की गई।

जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी द्वारा जिले के सभी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों को निर्देशित किया गया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, कर्मियों की व्यक्तिगत साफ-सफाई, नियमित मेडिकल जांच एवं पेस्ट कंट्रोल से संबंधित सभी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन करने की अपील की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में नियमित रूप से जांच अभियान चलाया जा रहा है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों एवं कोटपा अधिनियम का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जांच अभियान में खाद्य सुरक्षा कार्यालय के कार्तिक महतो, तरुण महतो एवं टोबैको कंट्रोल सेल के अशोक यादव शामिल थे।

पुलिस की निगरानी से कैसे गायब हुआ जब्त बालू, प्रशासन व पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल।

पुलिस की निगरानी से कैसे गायब हुआ जब्त बालू, प्रशासन व पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला खरसावां जिले की प्रशासन व पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में आ खड़ी है इस बार विषय है जब्त की हुई बालू का रहस्यमय तरीके से गायब हो जाना।

साथियों सरायकेला खरसावां जिले की पुलिस और प्रशासन पर अक्सर सवाल उठते ही रहते हैं यह तो आम बात है लेकिन प्रशासन द्वारा जप्त की हुई बालू की निगरानी रखने की जिम्मेदारी थाने को दी जाती है और वह बालू रहस्यमय तरीके से रातों-रात गायब हो जाता है तो यह कहीं ना कहीं किसी बड़े खेल की ओर इशारा कर रहा है।

ताजा मामला सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र का है जहां पर अवैध बालू कारोबार को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है और इस मामले ने एक बार फिर प्रशासन व पुलिस की कार्यवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 12 मई 2026 को अंचलाधिकारी दीपक प्रसाद ने उत्क्रमित विद्यालय पुरानडीह के पास अवैध रूप से डंप किए गए करीब 8 हजार सीएफटी बालू को जब्त किया था। बाद में जब्त बालू की निगरानी की जिम्मेदारी ईचागढ़ थाना को सौंपी गई थी।

मामले के संबंध में सूत्रों ने जानकारी दी है कि अंचलाधिकारी दीपक प्रसाद द्वारा जब्त किया गया करीब 8 हजार सीएफटी अवैध बालू रातों रात रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। घटना के बाद इलाके में पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

सूत्रों का आरोप है कि रात के वक्त ट्रैक्टरों के जरिए भिरी मात्रा में बालू वहां से गायब कर दिया गया। सूत्रों ने घटनास्थल पर ट्रैक्टर के टायर के निशान होने का भी दावा किया है, सूत्रों के मुताबिक करीब 5 हजार सीएफटी बालू रातों-रात गायब कर दिया गया।

बालू माफियाओं को प्रशासन का डर नहीं- सूत्र

सूत्रों का कहना है कि जिस सिंडिकेट ने पहले बालू का भंडारण किया था, उसी गिरोह ने दोबारा बालू उठाने का काम शुरू किया है। सूत्रों का यह भी कहना है कि इलाके में बालू माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं और उन्हें प्रशासन का डर नहीं रह गया है।

सूत्रों का कहना है कि ईचागढ़ और आसपास के इलाकों में सुवर्णरेखा नदी घाटों से लगातार अवैध बालू उठाव जारी है। दिन-रात ट्रैक्टर और भारी वाहनों के जरिए बालू की सप्लाई की जा रही है। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में दिन को दिखावे के लिए पुलिस द्वारा गस्ती कर कभी कभार एक दो बालू लदे ट्रैक्टर को जप्त किया जाता है और रात को हाइबा , कंटेनर से अवैध बालू का खेल को अंजाम दिया जाता है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी जब्त किए गए अवैध बालू के गायब होने का मामला सामने आ चुका है, अब एक बार फिर ऐसी घटना ने प्रशासन की कार्रवाई और पुलिस की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंचल अधिकारी दीपक प्रसाद ने कहा कि जप्त के बाद ईचागढ़ थाना को निगरानी के लिए दे दिया गया था। बालू गायब होने की जानकारी नहीं है

मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब बालू प्रशासन द्वारा जब्त किया गया था और उसकी निगरानी थाना की जिम्मेदारी थी, तो इतनी भारी मात्रा में बालू आखिर गायब कैसे हो गया। क्या पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी या फिर कहीं न कहीं मिलीभगत का मामला है।

ईचागढ़ एवं सरायकेला प्रखंड में वरीय पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं संस्थानों का औचक निरीक्षण।

ईचागढ़ एवं सरायकेला प्रखंड में वरीय पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं संस्थानों का औचक निरीक्षण।

सरायकेला-खरसावां

वरीय पदाधिकारी, ईचागढ़ प्रखंड सह जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो तथा वरीय पदाधिकारी, सरायकेला प्रखंड सह भूमि सुधार उपसमाहर्ता निवेदिता नियति द्वारा संबंधित प्रखंड क्षेत्रों का भ्रमण कर विभिन्न विकास योजनाओं एवं संस्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, आवास योजनाओं एवं मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया गया। साथ ही योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता एवं लाभुकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

वरीय पदाधिकारियों द्वारा प्रखंड स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित कर योजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत योग्य लाभुकों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित करना प्राथमिकता होनी चाहिए तथा योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सुगम तरीके से पात्र लाभुकों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

समीक्षा के दौरान लंबित योजनाओं एवं अपूर्ण कार्यों में तेजी लाने, नियमित मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर योजनाओं को पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही क्षेत्रीय पदाधिकारियों को योजनाओं का नियमित स्थल निरीक्षण करने तथा अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूर्ण कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं संबंधित क्षेत्रीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विभिन्न कार्यों हेतु कार्यालय आने वाले लाभुकों के आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

निरीक्षण के क्रम में कार्यालयों एवं संस्थानों में पदाधिकारी एवं कर्मियों की उपस्थिति पंजी एवं पंजी संधारण की भी समीक्षा की गई। सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्धारित समय पर कार्यालय एवं कार्यस्थल पर उपस्थित रहने तथा पूरी तत्परता, जिम्मेदारी एवं ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

विद्यालय निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक गतिविधियों, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन एवं आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। वहीं मनरेगा योजनाओं के निरीक्षण के क्रम में कार्यस्थल पर संचालित योजनाओं की प्रगति, मजदूरों की उपस्थिति एवं उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया गया।
आवास योजनाओं के निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति की जांच करते हुए लाभुकों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने तथा लंबित आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।

इसके अतिरिक्त विभिन्न माध्यमों से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया, ताकि पात्र लाभुक योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त कर सकें।

निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

ईचागढ़ के कुईडीह में विधायक सविता महतो ने किया सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन।

ईचागढ़ के कुईडीह में विधायक सविता महतो ने किया सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन।

सरायकेला/ईचागढ़

सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं : सविता महतो

( सोनू कुमार सिंह )

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के कुईडीह गांव में मंगलवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम छऊ नृत्य का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि विधायक सविता महतो ने फीता काटकर किया। इस दौरान ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ जुलूस की शक्ल में विधायक को मंच तक पहुंचाया तथा माला पहनाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

कार्यक्रम के दौरान विधायक ने ग्रामीण महिला-पुरुषों के साथ बैठकर गांव की पेयजल, सड़क, बिजली समेत अन्य समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद विधायक ने कहा कि इन मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है और इसे सहेजकर रखने की पहल करना सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराते हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में बंगाल के पुरूलिया हुंड़ा के छऊ उस्ताद कार्तिक कर्मकार एवं बराबाजार के शशधर कालिंदी एंड पार्टी ने मनमोहक प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मौके पर मुखिया संगीता देवी, झामुमो केंद्रीय सदस्य काबलू महतो, विश्वनाथ उरांव, रामचरण सिंह मुंडा, पशुपति सिंह मुंडा, कमल उरांव, दरेस वैवर्त, पटनु कालिंदी, मृत्यंजय सिंह मुंडा, लक्ष्मी नारायण सिंह, दीपक लोहरा सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

विधायक निधि में बड़ा फर्जीवाड़ा, सवालों के घेरे में विधायक।

विधायक निधि में बड़ा फर्जीवाड़ा, सवालों के घेरे में विधायक।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिले से हम आपके सामने एक गंभीर आरोप लेकर आए हैं — विधायक निधि के नरम दांव पर करोड़ों की योजना रहित निकासी और अनाधिकृत खर्च का मामला प्रकाश में आया है जो कि इस वक्त चर्चा का विषय बना हुआ है और विधायक सवालों के घेरे में है।

जानकारी के अनुसार ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र की माननीय विधायक सबिता महतो के विधायक निधि से वर्ष 2022-23 में कुल 6तालाबों के जीर्णोद्धार हेतु कुल लागत 36लाख 60हजार रुपया का अनुशंसा की गई थी। शासन-अनुमोदन व तकनीकी स्वीकृति के मद्देनजर कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई प्रमंडल सरायकेला को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया और योजनाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई।

लेकिन आरटीआई के जवाब से खुलासा हुआ है कि चांडिल प्रखण्ड के मुसड़ीबेड़ा गाँव में दर्ज एक तालाब — जिसका नाम स्थानीय पत्रकार संजय कुमार महतो से जोड़ा गया — उसका जीर्णोद्धार कथित रूप से हुआ ही नहीं, फिर भी इस तालाब के लिए 3,09,300 रुपये का भुगतान रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया गया है।

स्थानीय पत्रकार संजय कुमार महतो का दावा है कि उस स्थान पर उनका कोई निजी तालाब मौजूद ही नहीं है, जबकि अधिकारी के रिकॉर्ड में उसी के नाम पर राशि निकासी दिख रही है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या विधायक निधि का दुरुपयोग कर फर्जी भुगतान किए गए है?

वहीं इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार बसंत कुमार साहू ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचना मांगी थी और समाहरणालय से जो लिखित उत्तर मिला है, उसमें उपरोक्त भुगतान का विवरण मौजूद है। यह रिकॉर्ड बताता है कि अनुशंसाएँ 23 और 20 दिसम्बर 2022 की पत्रांक के माध्यम से की गईं और तकनीकी स्वीकृति 16 जनवरी 2023 की है।

इस मामले पर हमारे पत्रकारों ने सरायकेला-खरसावां समाहरणालय, लघु सिंचाई प्रमंडल तथा ईचागढ़ विधायक कार्यालय से टिप्पणी का प्रयास किया, परन्तु अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

यह मामला विधायक निधि के दुरुपयोग और फर्जी भुगतान का संकेत देता है।

नागरिकों व पत्रकार संगठन के आग्रह पर आदेश चाहिए कि मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई हो और जिन धनराशियाँ का गलत तरीके से भुगतान हुआ है वे वसूली जाएँ।

कुकड़ू प्रखंड में जिला पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं संस्थानों का औचक निरीक्षण।

कुकड़ू प्रखंड में जिला पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं संस्थानों का औचक निरीक्षण।

सरायकेला/ईचागढ़

जिला पंचायती राज पदाधिकारी सह वरीय पदाधिकारी, सुरेन्द्र उरांव द्वारा कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत विभिन्न योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण एवं संबंधित पदाधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। निरीक्षण के क्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना, अबुआ आवास योजना, पीडीएस दुकान, उप स्वास्थ्य केंद्र तिरूलडीह तथा पंचायत भवन का निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया गया।

निरीक्षण के दौरान संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही आमजनों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं सुगम तरीके से उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। उप स्वास्थ्य केंद्र तिरूलडीह के निरीक्षण के क्रम में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, साफ-सफाई एवं आवश्यक व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। वहीं पीडीएस दुकान निरीक्षण के दौरान लाभुकों को निर्धारित मात्रा एवं समय पर खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं बीपीएचयू गम्हरिया का उपायुक्त ने किया औचक निरीक्षण।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं बीपीएचयू गम्हरिया का उपायुक्त ने किया औचक निरीक्षण।

सरायकेला/गम्हरिया

स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं लापरवाही पर कार्रवाई के दिए निर्देश।

सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह के द्वारा आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गम्हरिया एवं बीपीएचयू (ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट) गम्हरिया का औचक निरीक्षण किया गया। ज्ञात हो कि दिनांक 09 मई 2026 को अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला द्वारा सीएचसी गम्हरिया का औचक निरीक्षण किया गया था, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं एवं व्यवस्थाओं से संबंधित विभिन्न प्रकार की त्रुटियां एवं अनियमितताएं पाई गई थीं।

इसी के आलोक में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा लापरवाही पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त द्वारा महिला एवं पुरुष वार्ड, प्रतीक्षालय, दवा भंडार कक्ष, स्टॉक रूम, चिकित्सा वार्ड, जांच घर, पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, जनरेटर, इनवर्टर, सोलर व्यवस्था, बीपीएचयू सहित अस्पताल परिसर में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर एवं स्टोर रूम में अनुपयोगी एवं कचरा स्वरूप पड़े सामानों को हटाकर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

साथ ही जनरेटर व्यवस्था को अविलंब दुरुस्त करने का निर्देश भी संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया।
दवा स्टॉक रूम के निरीक्षण के दौरान कई प्रकार की एक्सपायर एवं आगामी माह में एक्सपायर होने वाली दवाएं पाई गईं। इस पर उपायुक्त ने गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी को अनुमंडल स्तर से टीम गठित कर संपूर्ण स्टोर रूम की जांच कराने का निर्देश दिया।

साथ ही उपलब्ध दवाओं एवं अन्य सामग्रियों का स्टॉक मिलान करने तथा स्टोर रूम में रखी गई सामग्रियों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने अनुपयोगी एवं जर्जर सामग्रियों की सूची तैयार कर समिति गठित करते हुए नियमानुसार नीलामी की प्रक्रिया संचालित करने तथा एक्सपायर दवाओं का सुरक्षित एवं नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं बीपीएचयू गम्हरिया में उपलब्ध सभी निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत सूची तैयार कर उसे प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए। सूची में स्वास्थ्य जांच, ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, विभिन्न प्रकार की लैब जांच, दवा वितरण, परामर्श सहित केंद्र में उपलब्ध सभी सुविधाओं का स्पष्ट उल्लेख किया जाए, ताकि आमजनों को यह जानकारी मिल सके कि उक्त सभी सेवाएं पूर्णतः निशुल्क उपलब्ध हैं।

उन्होंने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य केंद्र परिसर के प्रवेश द्वार, प्रतीक्षालय एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर बड़े एवं स्पष्ट सूचना पट्ट, बैनर अथवा स्टिकर लगाए जाएं, जिससे मरीजों एवं उनके परिजनों को उपलब्ध निशुल्क सुविधाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त हो सके। सीएचसी गम्हरिया निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त द्वारा उपस्थित चिकित्सा पदाधिकारियों, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम), एएनएम, स्वास्थ्य कर्मियों एवं अन्य संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई।

बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह देखा जाता है कि रोस्टर के अनुसार चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी अपने कार्यस्थल पर विलंब से पहुंचते हैं तथा रात्रि ड्यूटी में तैनात चिकित्सा पदाधिकारी एवं कर्मी कई बार कार्य में लापरवाही बरतते हुए अपने कार्यस्थल पर उपस्थित नहीं रहते हैं।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसी स्थिति किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा तथा जिला स्तर से सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता आमजनों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी अपने कार्यशैली में सुधार लाएं, निर्धारित समय पर स्वास्थ्य केंद्र में उपस्थित रहें तथा मरीजों के साथ संवेदनशीलता, मानवीयता एवं जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि मरीजों की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा अनुशासनहीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही चेतावनी दी गई कि कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित चिकित्सक एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

बैठक के दौरान बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में त्रुटि पाए जाने एवं अनुपस्थित पदाधिकारी एवं कर्मियों को शोकॉज करते हुए एक दिन के वेतन कटौती का निर्देश दिया गया। साथ ही तीन वर्ष से अधिक अवधि से एक ही स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित चिकित्सकों एवं कर्मियों को अन्यत्र स्थानांतरित करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सीएचसी गम्हरिया में डेपुटेशन पर कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारी एवं कर्मियों का डेपुटेशन रद्द करते हुए उन्हें अपने मूल कार्यस्थल पर वापस जाकर योगदान देने हेतु निर्देशित किया जाए।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त द्वारा विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों से भी स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। उपायुक्त ने मरीजों से यह जानने का प्रयास किया कि चिकित्सा पदाधिकारी एवं कर्मी उनके साथ संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ व्यवहार करते हैं अथवा नहीं तथा किसी जांच या दवा के नाम पर अवैध राशि की मांग तो नहीं की जाती है। इस दौरान मरीजों द्वारा बताया गया कि स्वास्थ्य केंद्र में उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा किसी भी प्रकार की शिकायत मरीजों द्वारा नहीं की गई।

निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला अभिनव प्रकाश एवं सिविल सर्जन, सरायकेला-खरसावां डॉ. सरयू प्रसाद सिंह सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

वीर शहीद चानकु महतो की 170 वीं शहादत दिवस पर उमड़ा सम्मान, खरसावां स्कूल विद्यार्थियों ने याद किया उनका अद्वितीय बलिदान।

वीर शहीद चानकु महतो की 170 वीं शहादत दिवस पर उमड़ा सम्मान, खरसावां स्कूल विद्यार्थियों ने याद किया उनका अद्वितीय बलिदान।

सरायकेला-खरसावां

राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय खरसावां के कुड़मालि विभाग द्वारा स्वतंत्रता सेनानी व हुल क्रांति के महानायक वीर शहीद चानकु महतो की 170 वीं शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभाग के छात्र-छात्राओं ने कुड़मालि शिक्षक सुनील कुमार जुरुआर के मार्गदर्शन एवं तत्वावधान में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वीर शहीद चानकु महतो के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं श्रद्धांजलि देकर किया गया। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने उनके जीवन, संघर्ष, वीरता एवं क्रांतिकारी योगदान पर विशेष चर्चा की गई।

इस अवसर पर अपने संबोधन में शिक्षक सुनील कुमार जुरुआर ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी और हुल क्रांति के महानायक चानकु महतो क्या आंदोलन के कारण गोड्डा क्षेत्र में कई वर्षों तक ब्रिटिश सरकार को मालगुजारी लेना मुश्किल हो गया था। वहीं ब्रिटिश सरकार द्वारा बताए गए संथालों को ब्रिटिशों के खिलाफ लड़वाने और हौसला देने का काम इन्होंने ही प्रारंभ किया था।

क्रांति के महानायक चानकु महतो ने ही सबसे पहले “महतो-माझी भाई-भाई” जैसे नारा देकर हुल विद्रोह को मानते हुए अपने आंदोलन को पूरे साथियों के साथ संथाल विद्रोह में शामिल हो गए। सिद्धू कान्हु 30 जून 1855 को संथाल परगना के हजारों लोगों के साथ मिलकर एक जनसभा का आयोजन किए थे, जिसमें मुख्य रूप से क्रांति के महानायक चानकु महतो भी शामिल थे।

इस जनसभा में ब्रिटिशों के खिलाफ विद्रोह की ज्वाला धधक उठीं। कहा जाता है विद्रोह में हजारों आदिवासी मूलवासी मारे गए थे। परंतु नेतृत्वकर्ता चानकु महतो पुलिस के हथियार और पकड़ से बच निकले थे। इसके बाद 1855 के अक्टूबर महीने में सोनार चौक में जनसभा बुलाई गई। इसके मुख्यवक्ता चानकु महतो थे। इस कार्यक्रम की सूचना अंग्रेजों के चाटुकार नायब प्रताप नारायण ने उन तक पहुंचाने का काम किया था।

इस बार अंग्रेजी सेना बड़ी तैयारी के साथ चानकु महतो को पकड़ने के लिए जनसभा के चारों घेर लिया था। जनसभा को संबोधित करते हुए क्रांति के महानायक चानकु महतो ने युद्ध की घोषणा कर दिया। इस युद्ध में चानकु महतो घायल हो गए। परंतु साहस और पराक्रम के वीर चानकु महतो को उनके साथियों ने उन्हें ननिहाल बाड़ेडीह गांव में ले गए। जब अंग्रेजों को पता चला कि चानकु महतो अपने मामा घर में इलाजरत हैं।

उन्हें गिरफ्तार कर अंग्रेजी सिपाहियों ने कई दिनों तक क्रूरतापूर्वक यातनाएं दी। उसके बाद 15 में 1856 को गोड्डा के राज कचहरी स्थित कझिया नदी के किनारे उन्हें फांसी दे दी गई। इसके ऊपर अंग्रेजी सी इतने अधिक गुस्सा में थी कि फांसी देने का पश्चात बाड़ेडीह गांव को पूरी तरह से तहस-नहस कर जला दिया गया । इनकी शौर्यगाथा आज भी संथाल परगना के गांवों में सुनने को मिलता है। उनकी शहादत की स्मृति में आज भी कई घरों में उस दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने वीर शहीद चानकु महतो के संघर्ष, बलिदान और देशभक्ति से प्रेरणा लेने तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से राखी महतो, दीपा महतो, पुष्पा महतो, रंजना महतो, सिद्धि महतो, प्रियंका महतो, गोविंद महतो, खुशबू महतो, सावित्री महतो, रोमा महतो, आशा महतो, चांदनी महतो, सीमा महतो, पिंकी महतो, संदीप, सुदेश, प्रद्युम्न, परशुराम, रोहित, मनोज, जयराम आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

खाद की कालाबाजारी एवं डुप्लीकेट उर्वरकों की बिक्री रोकथाम को लेकर अनुमंडल स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न।

खाद की कालाबाजारी एवं डुप्लीकेट उर्वरकों की बिक्री रोकथाम को लेकर अनुमंडल स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न।

सरायकेला-खरसावां

ई-पॉस स्टॉक मिलान, एक्सपायरी खाद बिक्री पर रोक, नियमित निरीक्षण एवं खाद दुकानों की मॉनिटरिंग को लेकर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश।

सरायकेला-खरसावां के  उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार अनुमंडल पदाधिकारी, चांडिल विकास कुमार राय की अध्यक्षता में चांडिल अनुमंडल अंतर्गत सभी खाद दुकानदारों एवं चारों प्रखंडों के प्रखंड कृषि पदाधिकारियों के साथ अनुमंडल स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में खाद की कालाबाजारी, डुप्लीकेट उर्वरकों की बिक्री तथा अनियमितताओं की रोकथाम को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सभी खाद दुकानदारों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि ई-पॉस मशीन में प्रदर्शित स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में पूर्ण समानता होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में एक्सपायरी उर्वरक अथवा डुप्लीकेट फर्टिलाइजर का भंडारण एवं बिक्री नहीं की जाएगी।

अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि सभी खाद दुकानदार निर्धारित दर सूची एवं उपलब्ध स्टॉक की जानकारी दुकान में अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें तथा किसानों को उर्वरक बिक्री की रसीद उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बिना वैध अभिलेख एवं लाइसेंस के किसी भी प्रकार का उर्वरक विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

साथ ही सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत संचालित खाद दुकानों की नियमित मॉनिटरिंग, औचक निरीक्षण एवं स्टॉक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया। बैठक में यह भी कहा गया कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, कृत्रिम कमी उत्पन्न करने अथवा डुप्लीकेट उर्वरकों की बिक्री संबंधी शिकायत अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध लाइसेंस निलंबन/रद्द करने सहित विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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