दुर्गा पूजा त्यौहार के मद्देनजर गम्हरिया-आदित्यपुर क्षेत्र में शराब की अड्डेबाजी के विरुद्ध उत्पाद विभाग एवं पुलिस प्रशासन का संयुक्त अभियान।
सरायकेला-खरसावां
आगामी दुर्गा पूजा के मद्देनजर उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां के निर्देशानुसार संध्या उत्पाद विभाग एवं गम्हरिया थाना की संयुक्त टीम द्वारा छोटा गम्हरिया एवं ऊषा मार्टिन क्षेत्र में शराब की अड्डेबाजी के विरुद्ध अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान सड़क किनारे स्थित होटल एवं खाद्य स्टॉल संचालकों को अनावश्यक जमावड़ा को बढ़ावा नहीं देने तथा प्रतिष्ठानों के आसपास शराब का सेवन एवं अड्डेबाजी नहीं होने देने का निर्देश दिया गया। सार्वजनिक स्थलों एवं मैदानों में शराब का सेवन कर रहे लोगों को वहां से हटाया गया। इसके अतिरिक्त आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत केडिया लाल बिल्डिंग एवं बिको मोड़ क्षेत्र में भी गश्ती कर स्थिति का जायजा लिया गया।
शराब की अड्डेबाजी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, नियमित रूप से चलेगा अभियान
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सार्वजनिक स्थलों, होटल एवं खाद्य प्रतिष्ठानों के आसपास शराब की अड्डेबाजी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अड्डेबाजी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा ऐसे स्थलों पर नियमित निगरानी एवं अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
उपायुक्त ने आमजनों से दुर्गा पूजा के दौरान शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने तथा विधि-व्यवस्था के संधारण में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शराब की अड्डेबाजी एवं अन्य असामाजिक गतिविधियों की सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अथवा पुलिस पदाधिकारियों को दें।
उद्योग सचिव, झारखण्ड अरवा राजकमल की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा एवं सुगम यातायात परिचालन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक संपन्न।
सरायकेला/खरसावां
सरायकेला-खरसावां जिले में सड़क सुरक्षा एवं सुगम यातायात परिचालन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उद्योग सचिव, झारखंड सरकार अरवा राजकमल की अध्यक्षता में परिसदन सभागार, सरायकेला में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वांगीयारी, उद्योग विभाग की अपर सचिव प्रीति रानी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र ( जीएमडीसी ) रविशंकर प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी शंकराचार्य सामद, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह सहित संबंधित विभागीय पदाधिकारी एवं विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा एवं यातायात परिचालन की समीक्षा की गई। विशेष रूप से औद्योगिक प्रतिष्ठानों के आसपास मुख्य सड़कों पर भारी वाहनों के अनियंत्रित एवं अनावश्यक ठहराव से यातायात परिचालन प्रभावित होने, भारी वाहनों के लिए पर्याप्त एवं सुव्यवस्थित पार्किंग की उपलब्धता, पार्किंग स्थलों पर वाहन चालकों के लिए आवश्यक सुविधाएं तथा मुख्य सड़कों पर अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों के कारण उत्पन्न यातायात संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
चिलियामा क्षेत्र में रूंगटा स्टील प्लांट के बाहर मुख्य सड़क पर ट्रकों के खड़े रहने से संबंधित जनहित याचिका के संदर्भ में भी आवश्यक बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपने परिसर में आने वाले भारी वाहनों के लिए पर्याप्त एवं सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि मुख्य सड़कों पर वाहनों के अनावश्यक ठहराव को कम करते हुए यातायात का सुचारु एवं सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित किया जा सके।
पार्किंग स्थलों को सुव्यवस्थित एवं सुविधायुक्त रखने का निर्देश
औद्योगिक संस्थान रूंगटा माइंस (राजनगर) की पार्किंग व्यवस्था के निरीक्षण के क्रम में संबंधित अधिकारियों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठान के प्रतिनिधियों को पार्किंग स्थल को सुव्यवस्थित रखने तथा वाहन चालकों की सुविधा के अनुरूप वहां आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही, पार्किंग स्थल पर वाहनों के सुचारु आवागमन एवं सुरक्षित ठहराव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्य सड़कों पर अनावश्यक एवं अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों के कारण यातायात परिचालन प्रभावित न हो, इसके लिए ऐसे वाहनों के विरुद्ध नियमित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ मुख्य सड़कों पर यातायात परिचालन की नियमित निगरानी करते हुए अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों को व्यवस्थित कराने तथा सुगम यातायात परिचालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
सीएचसी राजनगर का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा
राजनगर निरीक्षण के क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजनगर का निरीक्षण कर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान डेडिकेटेड ट्रॉमा सेंटर के प्रस्ताव की समीक्षा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। दुर्घटना के पश्चात प्रभावित लोगों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने तथा प्रस्ताव के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुगम एवं सुरक्षित यातायात परिचालन के लिए प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक है। उन्होंने औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपने परिसर में आने वाले भारी वाहनों के लिए पर्याप्त एवं व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने, वाहन चालकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा मुख्य सड़कों पर अनावश्यक रूप से वाहनों के ठहराव को नियंत्रित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात परिचालन, भारी वाहनों के लिए पर्याप्त एवं सुव्यवस्थित पार्किंग, पार्किंग स्थलों पर वाहन चालकों के लिए आवश्यक सुविधाएं, मुख्य सड़कों पर अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों को व्यवस्थित करने तथा संबंधित विभागों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बीच समन्वय स्थापित कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
वीर बिरसा मुंडा स्टेडियम बचाओ उलगुलान सफल, शिबू सोरेन की प्रतिमा का निर्णय वापस; 29 सितंबर को सरायकेला में होगी समीक्षा बैठक।
सरायकेला-खरसावां
‘वीर बिरसा मुंडा स्टेडियम बचाओ उलगुलान’ को आदिवासी समाज के एकजुट प्रयास से सफलता मिली है। आंदोलन के दबाव में प्रशासन ने स्टेडियम परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय वापस ले लिया है, जिसका आंदोलनकारियों ने स्वागत किया है।
इस सफलता की समीक्षा और आगे की रणनीति तय करने के लिए मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को सुबह 10:00 बजे, बिरसा मुंडा स्टेडियम, सरायकेला में समीक्षा बैठक बुलाई गई है। बैठक में आंदोलन की समीक्षा के साथ-साथ स्टेडियम से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
आयोजकों ने आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले सभी आंदोलनकारियों की उपस्थिति अनिवार्य बताई है। साथ ही जो साथी अब तक आंदोलन से नहीं जुड़ पाए हैं, उनसे भी बैठक में शामिल होने की अपील की गई है।
बैठक में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 11 सदस्यीय समन्वय टीम का गठन किया गया है। यह टीम विभिन्न संगठनों, समाज के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, मीडिया और राजनीतिक दलों से समन्वय कर लोगों को बैठक से जोड़ेगी।
समन्वय की जिम्मेदारी इस प्रकार सौंपी गई है: • सावित्री कुदादा – AHSMS केंद्रीय अध्यक्ष कृष्णा बोदरा के सभी पदाधिकारियों से समन्वय
• विष्णु बानरा, राष्ट्रीय अध्यक्ष कोल सेना – AHSMS केंद्रीय अध्यक्ष मुकेश बिरुआ एवं AHSYM के पदाधिकारियों से समन्वय
• दिवाकर सरदार – सीनी-उपरदुगनी क्षेत्र के आदिवासी भूमिज/मुंडा समाज से समन्वय
• रहिन्द्र सरदार एवं श्री जगदीश सरदार – चांडिल अनुमंडल/पूर्वी सिंहभूम क्षेत्र से समन्वय
• महेश मिंज – सरायकेला-खरसावां/पश्चिमी सिंहभूम जिला से समन्वय
• साधु बानरा, DESHAULI फाउंडेशन – खूंटी/रांची जिला से समन्वय
• कोल झारखंड बोदरा, अध्यक्ष मानकी मुंडा – कोल्हान के डाकुवा/मुंडा/मानकी से समन्वय
• गणेश गगराई, अध्यक्ष आदिवासी हो समाज महासभा – कोल्हान के मुखिया/पंचायत समिति/जिला परिषद सदस्यों से समन्वय
• वीर सिंह सीजुई – कोल्हान के प्रिंट मीडिया/यूट्यूबर/ब्लॉगर्स से समन्वय
• विष्णु सरदार – सभी राजनीतिक दलों से समन्वय
• सावन सोय, अध्यक्ष ऑल इंडिया हो लैंग्वेज एक्शन कमेटी – 10 सदस्यीय टीम से समन्वय कर 28 सितंबर तक उपस्थिति सूची और मुख्य एजेंडा तैयार करेंगे। एजेंडा मानसिंह मुंडा, सुखराम सोय और रामचंद्र मुंडा के साथ मिलकर तैयार किया जाएगा।
परिसदन सभागार सरायकेला में झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति की अध्यक्षता में विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक संपन्न।
सरायकेला-खरसावां
झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति का सरायकेला-खरसावां जिले में दौरा हुआ। इस क्रम में सरायकेला परिसदन सभागार में समिति के माननीय सभापति हेमलाल मुर्मू की अध्यक्षता में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के माननीय सदस्य नागेंद्र महतो, माननीय सदस्य मथुरा प्रसाद महतो एवं माननीय सदस्य सोमेश सोरेन उपस्थित रहे तथा सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक श्री दशरथ गागराई उपस्थित रहे।
बैठक से पूर्व समिति के माननीय सभापति एवं माननीय सदस्यों, माननीय विधायक का उपायुक्त नितिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वांगीयारी द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। साथ ही परियोजना निदेशक, ITDA उषा मुंडू, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा के क्रम में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों एवं कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि जिले में संचालित योजनाओं की समुचित जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों, यथा माननीय विधायक एवं माननीय सांसद को भी उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि उनके स्तर से भी समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा की जा सके तथा योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा सकें। पूर्ण हो चुकी योजनाओं का यथाशीघ्र स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में उद्घाटन एवं नई योजनाओं का शिलान्यास कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
लंबित योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए सभी कार्यदायी एजेंसियों के कार्यपालक अभियंताओं को योजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा जवाबदेही तय करते हुए कार्यों को निश्चित समय में पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।
सभी कार्यपालक अभियंताओं को लंबित योजनाओं पर विशेष निगरानी रखने, संवेदकों के साथ नियमित बैठक करने तथा योजनाओं का स्थल निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। राज्य संपोषित योजनाओं में निर्धारित समय-सीमा से विलंबित कार्यों को दिसंबर माह तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, ऐसे संवेदक जिनके द्वारा विभिन्न विभागों में आवंटित कार्य निर्धारित समय पर पूर्ण नहीं किए जा रहे हैं अथवा अनावश्यक विलंब किया जा रहा है, उन्हें आगामी योजनाओं में कार्य नहीं देने तथा विभागीय दिशा-निर्देशों के आलोक में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिन योजनाओं में काफी विलंब से कार्य संचालित हैं, उनके संबंध में संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को कार्यशैली में सुधार लाने, संवेदकों के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं को यथाशीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही, ऐसी योजनाओं की उपायुक्त स्तर से नियमित समीक्षा करते हुए आवश्यक ठोस निर्णय लेने एवं लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
खनन एवं भूतत्व की समीक्षा के क्रम में खनन गतिविधियों से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित ग्राम एवं टोलों का नियमानुसार विकास सुनिश्चित करने तथा अवैध खनन एवं परिचालन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
पर्यटन विकास की समीक्षा के क्रम में जिले में पर्यटन विकास की दिशा में सकारात्मक पहल करने तथा पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के क्रम में सदर अस्पताल, सीएचसी समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक एवं आवश्यक दल-बल के साथ उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में लोगों को सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं, यह सुनिश्चित करने को कहा गया। मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना समेत सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ योग्य लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
स्कूली शिक्षा विभाग की समीक्षा के क्रम में विद्यालयों में खेल-खेल में शिक्षा, स्वच्छता एवं बच्चों को गुड बिहेवियर का ज्ञान देने की दिशा में आवश्यक पहल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों की समीक्षा के क्रम में निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूर्ण करने तथा विभाग की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। लंबित कार्यों एवं योजनाओं में अनावश्यक विलंब नहीं हो, कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों तथा योजनाओं के निर्धारित उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित हो, इस दिशा में विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के अंत में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार द्वारा माननीय सभापति एवं समिति के अन्य माननीय सदस्यों द्वारा विभिन्न विभागों की समीक्षा के क्रम में दिए गए दिशा-निर्देशों एवं सुधार संबंधी बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आश्वस्त किया गया। साथ ही, समिति को अनुपालन से अवगत कराने की बात कही गई।
झारखंड की राजनीति में बड़ा उलटफेर: आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह ईचागढ़ के पूर्व प्रत्याशी हरेलाल महतो ने दिया इस्तीफा।
सरायकेला/ईचागढ़
ईचागढ़ झारखंड की सियासत से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव और ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2019 तथा 2024 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी रहे हरेलाल महतो ने आजसू पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो को भेज दिया है। उनके इस अचानक इस्तीफे के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और कयासों का दौर शुरू हो गया है।
निजी कारणों और वर्तमान परिस्थितियों का दिया हवाला अपने त्यागपत्र में हरेलाल महतो ने पार्टी छोड़ने के पीछे मुख्य रूप से वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और कुछ निजी कारणों का हवाला दिया है। हालांकि, उन्होंने अपने पत्र में खुलकर विस्तृत राजनीतिक कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उनके इस कदम को पार्टी के भीतर एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है।
मजबूत सांगठनिक पकड़ और लंबा राजनीतिक सफर हरेलाल महतो का आजसू पार्टी के संगठन में एक मजबूत और प्रभावशाली वजूद रहा है। वह वर्ष 2019 और हाल ही में संपन्न हुए 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में आजसू पार्टी के टिकट पर ईचागढ़ विधानसभा सीट से प्रमुख दावेदार और प्रत्याशी रहे थे। ईचागढ़ के अलावा भी पार्टी संगठन ने उन्हें कई राज्यों और महत्वपूर्ण चुनावों में बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी थीं: उपचुनावों में जिम्मेदारी: वर्ष 2019 के बाद झारखंड के विभिन्न महत्वपूर्ण विधानसभा उपचुनावों—जैसे डुमरी, रामगढ़ और घाटशिला—में उन्हें पार्टी की ओर से प्रभारी एवं सह-प्रभारी जैसी अहम जिम्मेदारी दी गई थी।
अंतर-राज्यीय चुनाव प्रबंधन: झारखंड के बाहर भी उन्होंने पार्टी का दायित्व संभाला। पश्चिम बंगाल के बाघमुंडी विधानसभा क्षेत्र में वे पार्टी के चुनाव प्रभारी रहे, वहीं ओड़िशा के पंचायत चुनावों में भी उन्होंने अपनी सांगठनिक कुशलता का लोहा मनवाया था।
अब आगे क्या? राजनीतिक भविष्य पर टिकी निगाहें पार्टी के केंद्रीय महासचिव जैसे सर्वोच्च पदों में शुमार शख्सियत का इस्तीफा देना आजसू पार्टी के लिए एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम है। इस इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि हरेलाल महतो का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वे किसी अन्य राजनीतिक दल का दामन थामेंगे, अपनी कोई नई राजनीतिक रणनीति बनाएंगे या फिर कुछ समय के लिए सक्रिय राजनीति से दूरी बना लेंगे। आने वाले दिनों में उनके अगले कदम पर पूरे झारखंड, विशेषकर ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों और हर राजनीतिक दल की पैनी नजर बनी रहेगी।
साप्ताहिक जनता दरबार में उपायुक्त ने सुनी आम नागरिकों की समस्याएं, संबंधित पदाधिकारियों को जांचोपरांत नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश।
सरायकेला-खरसावां
समाहरणालय परिसर स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को कार्यालय दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाता है, जिसमें आम नागरिकों एवं फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को सीधे सुना जाता है तथा उनके निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाती है। इसी क्रम में आज आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आम नागरिकों एवं फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को सुना।
जनता दरबार में छोटा गम्हरिया स्थित शराब दुकान के आसपास असामाजिक तत्वों द्वारा सड़क पर शराब का सेवन करने, छोटा गम्हरिया स्थित केरला पब्लिक स्कूल के समीप मुख्य सड़क पर नाली के पानी के अत्यधिक बहाव, गम्हरिया अंचल अंतर्गत मौजा आदित्यपुर, आशियाना मोड़ के समीप अतिक्रमित भूमि एवं दुकान पर नियमानुसार करवाई करने, आदित्यपुर रेलवे टनल के नॉर्थ साइड में नई रेलवे लाइन निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर मिट्टी फैलने से उत्पन्न फिसलन तथा आदित्यपुर-कांड्रा सड़क के प्रथम किलोमीटर में पान दुकान चौक के समीप सड़क निर्माण के समय से बने कट एवं उससे संबंधित यातायात व्यवस्था सहित अन्य मामलों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।
प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों पर उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। संबंधित पदाधिकारियों को आवेदन हस्तांतरित करते हुए तथा आवश्यकतानुसार दूरभाष के माध्यम से मामलों से अवगत कराते हुए, संबंधित स्थलों एवं मामलों की जांच कर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, की गई कार्रवाई से संबंधित आवेदकों को अवगत कराने हेतु भी निर्देशित किया गया।
स्वदेशी जागरण मंच के द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती मनाई गई।
सरायकेला-खरसावां
स्वदेशी जागरण मंच के द्वारा प्रत्येक वर्ष स्वदेशी सप्ताह 25 सितम्बर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जयंती से लेकर 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक मनाई जाती है। जिसमें स्वदेशी के विषय में जन जागरण अभियान चलाया जाता है। इस क्रम में छोटा गम्हरिया में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती मनाई गई।
इसकी अध्यक्षता स्वदेशी जागरण मंच के सरायकेला खरसावां जिला के संयोजक अजीत कुमार सिंह ने की।कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि देकर किया गया।
कार्यक्रम में पर्यावरण प्रमुख रश्मि साहू संबोधित करते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी एकात्म मानववाद के प्रणेता थे। उनके संकल्प ने समाज में सबसे आखिरी व्यक्ति के उत्थान और उनके विकास को बढ़ावा देने का काम किया। आत्मनिर्भर भारत के लिए पारंपरिक हुनर से स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। घरेलू उपयोग के लिए अपने मोहल्ले,शहर,राज्य फिर देशवासियों द्वारा निर्मित वस्तुओं का ही खरीद बिक्री करें।
इस मौके पर कोष प्रमुख प्रमोद अग्रवाल,पत्रिका प्रमुख हरिशंकर शाह,नंद किशोर चौधरी, प्रकाश कुंवर, विकास रॉय,प्रमोद पांडेय,राजन साह,आशुतोष पांडेय, आदर्श दुबे, पवन यादव, रोहित दुबे, अभिजीत नंदी,शुभम गोप,सुब्रत मंडल, राकेश मंडल, आशीष मंडल, विशाल प्रमाणिक समेत सम्मानित कई कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।
मारुति सुजुकी विक्टोरिस में वाइपर और ब्रेक पैडल में शिकायत – ग्राहक परेशान, बारिश में हादसे की आशंका।
सरायकेला आदित्यपुर
मारुति सुजुकी की नई लॉन्च हुई विक्टोरिस गाड़ी को लेकर ग्राहकों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं।
ग्राहकों का आरोप है कि: 1. वाइपर स्प्रे फेल- वाइपर का पानी सही से फ्रंट ग्लास पर नहीं आ पाता है, जिससे वाइपर सही से नहीं चल पाता और फ्रंट ग्लास की सफाई नहीं हो पाती। बारिश के मौसम में विजिबिलिटी जीरो हो जाती है।
2. ब्रेक पैडल में खटखट आवाज – ब्रेक दबाने पर पैडल से खटखट/कटकट की आवाज आती है। पैडल ढीला महसूस होता है, जिससे ब्रेकिंग में भरोसा कम हो रहा है।
जनहित में खतरा- नई गाड़ी लेने वाले ग्राहक रास्ते में बारिश के दौरान काफी परेशान हो रहे हैं। ग्लास साफ न होने और ब्रेक में आवाज के कारण *एक्सीडेंट की संभावना* बढ़ गई है।
जनता की मांग- – मारुति सुजुकी कंपनी तुरंत इस तकनीकी खामी की जाँच करे। – सभी विक्टोरियस गाड़ियों का सर्विस कैंप लगाकर वाइपर नोजल और ब्रेक पैडल असेंबली की फ्री जाँच और सुधार करे। – ग्राहकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
> अगर किसी ग्राहक को यह समस्या आ रही है तो वह मारुति हेल्पलाइन और कंज्यूमर हेल्पलाइन 1915 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
जनहित में जारी- भरत सिंह, राष्ट्रीय सह प्रभारी (संपूर्ण भारत)
आदित्यपुर में गंदगी का अंबार, अतिक्रमण बना मुख्य कारण।
सरायकेला/आदित्यपुर
प्रशासन मौन, दुर्गा पूजा-दीपावली-छठ से पहले स्वास्थ्य संकट का खतरा
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई इलाकों में इन दिनों गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जगह-जगह कचरे के ढेर और नालियों में जाम से लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
इस संबंध में नगर निगम आयुक्त का कहना है कि अतिक्रमण (Encroachment) के कारण साफ-सफाई में बाधा आ रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले की सूचना बैठक में एसडीओ और सीओ को मौखिक और लिखित रूप से भी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
आयुक्त ने कहा, _”हमारे स्तर से जितना संभव हो रहा है, हम सफाई का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अतिक्रमण हटे बिना स्थिति में सुधार मुश्किल है।”_
इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा समस्या:
स्थानीय लोगों के अनुसार सबसे ज्यादा गंदगी इन जगहों पर देखी जा रही है: – आदित्यपुर थाना रोड – आदित्यपुर दीनदली बस्ती / हरिओम बस्ती – गम्हरिया बाजार – मांझी टोला के सामने मुख्य सड़क
सड़क किनारे दुकानों और ठेलों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण कचरा उठाव वाहन अंदर तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे कचरा सड़कों पर ही सड़ रहा है।
बीमारियों का खतरा, त्योहारों से पहले चिंता:
गंदगी के कारण बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका है।
सामने दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ जैसे बड़े पर्व हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि प्रशासन अतिक्रमण हटाने में खामोश क्यों है? क्या जनता के स्वास्थ्य का कोई ख्याल नहीं है?
स्थानीय जनता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि त्योहारों से पहले अतिक्रमण हटाकर युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाया जाए, ताकि लोग स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण में त्योहार मना सकें।
ओल्ड एज होम में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 28 बुजुर्गों की हुई स्वास्थ्य जांच।
सरायकेला-खरसावां
जिला संयुक्त औषधालय, सरायकेला द्वारा 21 सितम्बर 2026 को ओल्ड एज होम में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का संचालन डॉ. मोनालिशा पंडित दास के मार्गदर्शन में किया गया।
शिविर के दौरान कुल 28 बुजुर्गों के स्वास्थ्य की जांच की गई। आवश्यकता के अनुसार उन्हें आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक औषधियों का निःशुल्क वितरण किया गया। साथ ही बुजुर्गों के ब्लड प्रेशर एवं ब्लड शुगर की जांच भी की गई।
स्वास्थ्य जांच के साथ बुजुर्गों को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए योगाभ्यास कराया गया तथा योग के महत्व एवं इससे होने वाले लाभों की जानकारी दी गई। शिविर के सफल संचालन में 3 सहियाओं एवं 3 योग प्रशिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
शिविर में चिकित्सक के रूप में डॉ. मोनालिशा पंडित दास, योग प्रशिक्षक दिनेश कुमार अग्रवाल, सुषमा महतो एवं सुषमा कुमारी तथा सहिया बैजंती होनगा, सावित्री खंडायत एवं सुकुरमुनी हेम्ब्रम उपस्थित रहे।
जिला संयुक्त औषधालय द्वारा आयोजित इस पहल का उद्देश्य बुजुर्गों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच, योग एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना रहा।
घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध कारोबार जोरों पर, जनता परेशान – छोटे-छोटे गैस काटकर बेचने वालों की चांदी।
सरायकेला/आदित्यपुर
भरत सिंह की रिपोर्ट
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में इन दिनों घरेलू गैस सिलेंडर का अवैध कारोबार जोर-शोर से चल रहा है। आरोप है कि घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है, वहीं घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर छोटे-छोटे सिलेंडरों (कटिंग) में भरकर बेचने वाले लोगों तक गैस पहुंचाई जा रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एचपी गैस एजेंसी, आदित्यपुर की लापरवाही/मिलीभगत से यह खेल चल रहा है।
घरेलू महिलाओं ने बताया कि बुकिंग के 8-10 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं पहुंच रहा, जबकि चौक-चौराहों पर खुलेआम 200-300 रुपये में छोटे गैस सिलेंडर धड़ल्ले से बिक रहे हैं। इससे आम जनता परेशान है और अवैध गैस बेचने वाले मालामाल हो रहे हैं।
जनता की मांग- 1. जिला प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग तुरंत छापेमारी करे। 2. एचपी गैस एजेंसी आदित्यपुर की जांच हो। 3. घरेलू गैस से व्यावसायिक कटिंग करने वालों पर FIR हो।
*विश्व हिंदू रक्षा परिषद राष्ट्रीय सह प्रवक्ता ने भी इस मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी दी है।*
> “अगर 48 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो गैस एजेंसी के सामने धरना देंगे” – स्थानीय लोगों।
उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में इन्क्यूबेटर कार्यक्रम को लेकर बैठक सम्पन्न।
सरायकेला-खरसावां
समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त, सरायकेला-खरसावां श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में इन्क्यूबेटर कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला परिषद उपाध्यक्ष श्रीमती मधुश्री महतो, स्टेट से जिला एंकर श्री वरुण कुमार, DPM-JSLPS एवं उनकी टीम की उपस्थिति रही। बैठक में कार्यक्रम के उद्देश्यों, लक्षित उद्यमों, वित्तीय सहायता, लाभुकों के चयन एवं कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) द्वारा अनुमोदित इस कार्यक्रम का संचालन झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (JSLPS) एवं IIM कलकत्ता इनोवेशन पार्क (IIMCIP) के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत झारखंड में कुल 150 उद्यमों को लक्षित किया गया है। इसमें 18 उद्यमियों को अनुदान (Grant) तथा 132 उद्यमियों को ब्याज रहित ऋण (Soft Loan) के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी।
अनुदान के तहत 6 व्यक्तिगत उद्यमियों को ₹20 लाख, 6 समूह उद्यमियों को ₹25 लाख तथा 6 बड़े उद्यमों को ₹60 लाख की अनुदान राशि प्रस्तावित है। वहीं ब्याज रहित ऋण के तहत व्यक्तिगत उद्यमियों को ₹3 लाख तथा समूह उद्यमियों को ₹5 लाख प्रति उद्यमी तक सहायता प्रदान की जाएगी।
बैठक में स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों को प्रशिक्षण, बाजार विपणन, ब्रांडिंग एवं आत्म-कौशल विकास से जोड़ने तथा चयनित उद्यमों को सुदृढ़ एवं बाजारोन्मुख बनाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम की कुल अवधि 36 माह होगी तथा IIMCIP, कोलकाता के माध्यम से उद्यमियों को आवश्यक सहयोग एवं मॉनिटरिंग प्रदान की जाएगी।