सदर अस्पताल सरायकेला में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर सिविल सर्जन की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित।

सदर अस्पताल सरायकेला में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर सिविल सर्जन की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित।

सरायकेला-खरसावां

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर आज सदर अस्पताल, सरायकेला में जिला स्वास्थ्य समिति, सरायकेला-खरसावां द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह ने की।

इस वर्ष विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस की थीम “Changing the Narrative on Suicide” (आत्महत्या पर दृष्टिकोण बदलना) तथा आह्वान “Start the Conversation” (बातचीत शुरू करें) है। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम के संबंध में जागरूकता बढ़ाने तथा मानसिक संकट की स्थिति में समय पर सहायता प्राप्त करने के संबंध में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में मानसिक तनाव एवं संकट के संभावित संकेतों की पहचान, तनाव प्रबंधन तथा जरूरतमंद व्यक्तियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि मानसिक परेशानी की स्थिति में परिवार, मित्र, शिक्षक अथवा स्वास्थ्यकर्मी से संवाद करना तथा आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।

विद्यालय एवं महाविद्यालयों में 10 से 30 सितंबर तक चलेगा अभियान

जिले में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के तहत 10 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के दौरान विद्यार्थियों एवं युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक सहयोग, आत्महत्या के चेतावनी संकेतों तथा समय पर सहायता प्राप्त करने के संबंध में जागरूक किया जाएगा।

मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए राष्ट्रीय टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 एवं 1800-891-4416 पर निःशुल्क एवं 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान आत्महत्या रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के प्रसार तथा जरूरतमंद व्यक्तियों की सहायता के संबंध में उपस्थित पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम में जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. नकुल प्रसाद चौधरी, डॉ. शालिनी कुमारी, डॉ. अनिर्बान महतो, डॉ. श्वेता कुमारी, पुष्कर भूषण (DPA, जिला NCD कोषांग, सरायकेला), अशोक यादव (NTCP कंसल्टेंट, जिला NCD कोषांग, सरायकेला सहित अन्य पदाधिकारी, कर्मचारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

अवैध बालू परिवहन के विरुद्ध खनन विभाग ने आदित्यपुर क्षेत्र में की कार्रवाई, अवैध बालू लदा बोलेरो पिकअप जब्त, थाना को किया गया सुपुर्द।

अवैध बालू परिवहन के विरुद्ध खनन विभाग ने आदित्यपुर क्षेत्र में की कार्रवाई, अवैध बालू लदा बोलेरो पिकअप जब्त, थाना को किया गया सुपुर्द।

सरायकेला/खरसावां

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां के निर्देशानुसार जिला खनन विभाग द्वारा आज दिनांक 09 सितम्बर 2026 को अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की गई। कार्रवाई के क्रम में आदित्यपुर क्षेत्र अंतर्गत एमटीसी, गम्हरिया के समीप अवैध रूप से बालू लदे एक बोलेरो पिकअप वाहन को जब्त किया गया।

जब्त वाहन को अग्रेतर आवश्यक कार्रवाई हेतु आदित्यपुर थाना को सुपुर्द किया गया है।

उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा जिला अंतर्गत अवैध खनन, खनिजों के अवैध भंडारण एवं परिवहन की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा है कि जिले में खनिजों के अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी ने कहा है की अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध जिला प्रशासन एवं खनन विभाग द्वारा इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी सतत रूप से जारी रहेगी।

खरसावां थाना में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, कांडों की फाइलें और सीसीटीवी उपकरण जले।

खरसावां थाना में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, कांडों की फाइलें और सीसीटीवी उपकरण जले।

सरायकेला-खरसावां

आधे घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस जवानों ने आग पर पाया काबू, कई जरूरी सामान जलकर राख

खरसावां थाना परिसर में सोमवार की सुबह बिजली के शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते थाना प्रभारी के चेंबर में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे कमरे में धुआं भर गया। आग की चपेट में आने से सीसीटीवी मॉनिटर, डीबीआर, रजिस्टर, विभिन्न कांडों के अभिलेख, टेबल सहित कई जरूरी सामान जलकर राख हो गए।

मिली जानकारी के अनुसार, खरसावां थाना प्रभारी राहुल कुमार सिंह सोमवार सुबह करीब आठ बजे अपने चेंबर में बैठे हुए थे। कुछ देर बाद जैसे ही वह चेंबर से बाहर निकले, उसी दौरान बिजली के शॉर्ट सर्किट से कमरे में आग लग गई। देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी और चेंबर से धुआं निकलने लगा।

थाना परिसर में मौजूद पुलिस जवानों और पदाधिकारियों की नजर जब आग पर पड़ी तो तत्काल अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए सबसे पहले विभिन्न कांडों से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलों और अभिलेखों को सुरक्षित स्थान पर हटाया। इसके बाद टेबल, कुर्सी तथा अन्य जरूरी सामानों को भी आग की चपेट में आने से बचाने का प्रयास किया गया।

पुलिस जवानों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक आग ने चेंबर में रखे कई महत्वपूर्ण उपकरण और सामानों को अपनी चपेट में ले लिया था। आग से सीसीटीवी मॉनिटर, डीबीआर, रजिस्टर, विभिन्न कांडों के अभिलेख, टेबल समेत अन्य सामानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।
घटना के बाद थाना परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस द्वारा आग लगने के वास्तविक कारण और इससे हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा ने CHC गम्हरिया का किया औचक निरीक्षण।

उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा ने CHC गम्हरिया का किया औचक निरीक्षण।

सरायकेला-खरसावां

उप विकास आयुक्त, सरायकेला-खरसावां श्रीमती रीना हांसदा द्वारा आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), गम्हरिया का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने महिला एवं पुरुष वार्ड, स्टोर रूम, ऑपरेशन थिएटर (OT), डायलिसिस सेंटर के निर्माणाधीन कार्य, लैब सहित स्वास्थ्य केंद्र के विभिन्न कक्षों एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

महिला वार्ड में भर्ती गर्भवती महिलाओं से संवाद कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं, उपचार एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली गई। उप विकास आयुक्त द्वारा सभी मरीजों को निर्धारित समय पर निर्धारित चार्ट के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने तथा अस्पताल में स्वच्छता, दवा एवं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

डायलिसिस सेंटर के निर्माण कार्य की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। उप विकास आयुक्त द्वारा शेष लंबित कार्यों को एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कराने तथा आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए डायलिसिस सेंटर को यथाशीघ्र प्रारंभ कराने का निर्देश दिया गया, ताकि क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध हो सके।

उन्होंने निर्देश दिया कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार सभी पदाधिकारी, चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी अपने-अपने निर्धारित ड्यूटी स्थल पर ससमय उपस्थित रहकर दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें। मरीजों को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा मरीजों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।

भवन मरम्मत एवं जीर्णोद्धार से संबंधित कार्यों का स्थल निरीक्षण

स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई मरम्मत एवं भवन जीर्णोद्धार से संबंधित सूची का भी अवलोकन किया गया। सूची में चिह्नित कार्यों एवं आवश्यकताओं के अनुरूप उप विकास आयुक्त द्वारा संबंधित स्थलों का स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया तथा आवश्यक गैप्स को चिह्नित किया गया।

उन्होंने चिह्नित कमियों एवं आवश्यक मरम्मत/जीर्णोद्धार कार्यों के लिए स्थल निरीक्षण के आधार पर आवश्यक प्राक्कलन (Estimate) तैयार करने की दिशा में कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जा सके तथा स्वास्थ्य केंद्र की आधारभूत संरचना को और सुदृढ़ किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी DRCHO डॉ. सुजीत मुर्मू, MOIC गम्हरिया उपस्थित रहे।

चौका घाटी में लोहे लदी गाड़ी दो गाड़ी की टक्कर से , कच्चा लोहा सड़क पर बिखरा; सूचना के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस।

चौका घाटी में लोहे लदी गाड़ी दो गाड़ी की टक्कर से , कच्चा लोहा सड़क पर बिखरा; सूचना के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस।

सरायकेला/चौका

सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना अंतर्गत चौका घाटी में एक आयरन लदी भारी वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे वाहन में लदा कच्चा लोहा सड़क पर बिखर गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद गाड़ी चालक द्वारा थाने को कोई सूचना नहीं दी गई। सुबह जब राहगीर वहां से गुजर रहे थे तो देखा गया कि सड़क पर गिरा हुआ कच्चा लोहा दूसरे वाहन  में लोड किया जा रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल जिला के मोटरयान निरीक्षक (MVI) और चौका थाना प्रभारी को फोन पर सूचना दी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मौके पर कोई पुलिस पदाधिकारी नहीं पहुंचा था, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि आए दिन इस घाटी में ओवरलोड आयरन गाड़ियां बेरोकटोक चलती हैं और हादसे के बाद माल को इस तरह उठा ले जाना कहीं न कहीं मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

वहीं इस संबंध में चौका थाना प्रभारी से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें ऐसी कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है, पेट्रोलिंग गाड़ी भेजता हूं लेकिन वहां तो पेट्रोलिंग गाड़ी पहुंचने की कोई सूचना नहीं मिली है ।

ग्रामीणों ने जिला परिवहन पदाधिकारी और एसपी सरायकेला से पूरे मामले की जांच कर  उक्त गाड़ियों के कागजात जांचने की मांग की है।

केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन।

केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन।

सरायकेला-खरसावां

सरायकेला-खरसावां उपायुक्त कार्यालय के समक्ष कांग्रेस जिला कमेटी की ओर से केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया गया। जिला अध्यक्ष राज बागची के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने MMDR कानून, महंगाई, पेपर लीक और राम मंदिर में चोरी सहित कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। धरना समाप्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष राज बागची ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों का सीधा असर आम जनता के साथ-साथ राज्यों के अधिकारों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड में गठबंधन सरकार आवास, पेंशन और मंईयां सम्मान योजना समेत कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिससे आम लोगों को लाभ मिल रहा है।

राज बागची ने आरोप लगाया कि इन योजनाओं से भाजपा को परेशानी हो रही है और इसी वजह से केंद्र सरकार कानूनों के जरिए झारखंड के हिस्से के पैसे पर नियंत्रण करना चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

महंगाई के मुद्दे पर भी राज बागची ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार के समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल थी, इसके बावजूद सब्सिडी के जरिए जनता को कम कीमत पर पेट्रोल उपलब्ध कराया जाता था। उन्होंने दावा किया कि आज भी कच्चे तेल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास होने के बावजूद जनता को पेट्रोल के लिए करीब 105 रुपये प्रति लीटर तक चुकाना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 में महंगाई को बड़ा मुद्दा बनाकर सत्ता में आने वाली केंद्र सरकार आज बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण करने में विफल रही है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियों से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एमएमडीआर कानून के खिलाफ गठबंधन के घटक दल मिलकर आंदोलन को और तेज करेंगे। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो देशव्यापी आंदोलन, सड़क जाम और अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

धरना-प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष राज बागची, सरायकेला विधानसभा प्रभारी प्रिंस सिंह, प्रदेश प्रवक्ता देबू छत्तर्जी, वरिष्ठ नेता फूलकांत झा, वरिष्ठ जिला कोषाध्यक्ष जगदीश नारायण चौबे, इंटक प्रभारी राणा सिंह, सुरेश धारी, जिला उपाध्यक्ष डोमन महतो, लाल बाबू सिंहदेव, खिरोद सरदार, महासचिव राजू रजक, कृष्णा टुडू, मानसिंह मुंडा, मिस्र बांसुरिया, कमलनयन, रिजवान खान, मुकेश कुमार, शंकर रोड़ा, सूरज महतो, राहुल मोदी, के.एल. सम्माड, राजनगर प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश महतो, गम्हरिया प्रखंड अध्यक्ष अनिल ठाकुर, गम्हरिया प्रखंड उपाध्यक्ष इंद्रकांत झा, सरायकेला प्रखंड अध्यक्ष सचिन हेंब्रम समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत मतदाता सूची के सत्यापन, दावा-आपत्ति एवं आवश्यक सुधार को लेकर जिले में जागरूकता गतिविधियां संचालित।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत मतदाता सूची के सत्यापन, दावा-आपत्ति एवं आवश्यक सुधार को लेकर जिले में जागरूकता गतिविधियां संचालित।

सरायकेला-खरसावां

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के आलोक में झारखंड में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत सरायकेला-खरसावाँ जिले में मतदाता सूची के सत्यापन, पात्र नागरिकों के नाम शामिल करने तथा मतदाता सूची में आवश्यक सुधार को लेकर विभिन्न जागरूकता एवं सत्यापन संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक गणना चरण के उपरांत अब मतदाताओं को प्रारूप मतदाता सूची में अपने एवं अपने परिवार के सदस्यों के नाम, पता तथा अन्य विवरण का सत्यापन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। मतदाताओं से यह सुनिश्चित करने की अपील की जा रही है कि परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम सही विवरण के साथ मतदाता सूची में दर्ज हों तथा यथासंभव एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज हों।

दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत करने की संशोधित अवधि

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत करने की अवधि 05 अगस्त 2026 से 15 सितंबर 2026 तक निर्धारित की गई है। वहीं, दावा एवं आपत्तियों की सूचना/निस्तारण की प्रक्रिया 05 अगस्त से 14 अक्टूबर 2026 तक चलेगी तथा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 19 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।

अतः मतदाता अपने नाम एवं विवरण का सत्यापन कर निर्धारित अवधि के भीतर नाम छूटने, गलत विवरण अथवा अन्य किसी प्रकार की त्रुटि की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।

पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की अपील

ऐसे पात्र भारतीय नागरिक, जिनका नाम वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज नहीं है तथा जो 01 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 एवं घोषणा-पत्र के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने हेतु आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ECINET App के माध्यम से ऑनलाइन अथवा संबंधित BLO के पास जमा किया जा सकता है।

जन्मतिथि के आधार पर आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में भी मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है। यदि जन्म 01 जुलाई 1987 से पूर्व भारत में हुआ है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्वयं का दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। 01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के बीच जन्म होने की स्थिति में स्वयं के साथ माता या पिता में से किसी एक का निर्धारित दस्तावेज तथा 02 दिसंबर 2004 के बाद जन्म होने की स्थिति में स्वयं के साथ माता एवं पिता दोनों के निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

भारत के बाहर जन्मे ऐसे पात्र नागरिक, जिनके माता-पिता भारतीय नागरिक हैं, उनके लिए जन्म वाले देश में स्थित भारतीय दूतावास/मिशन द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र तथा लागू प्रावधानों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने हैं। वहीं, माता-पिता भारतीय नागरिक नहीं होने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत नागरिकता पंजीकरण प्रमाण-पत्र की आवश्यकता होगी।

मान्य दस्तावेजों के संबंध में जानकारी

यदि किसी मतदाता का नाम पिछली SIR की मतदाता सूची में दर्ज है, तो उसके लिए अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होने तथा यह विवरण उसके पुत्र-पुत्रियों के लिए अभिभावकीय प्रमाण के रूप में भी पर्याप्त होने की जानकारी दी जा रही है।

वहीं, यदि पिछली SIR की मतदाता सूची में मतदाता अथवा उसके माता-पिता का नाम दर्ज नहीं है, तो निर्धारित दस्तावेजों में से किसी एक की स्व-सत्यापित प्रति प्रस्तुत की जा सकती है। इनमें केंद्र/राज्य/सार्वजनिक क्षेत्र के नियमित कर्मचारी का पहचान-पत्र अथवा पेंशन भुगतान आदेश, 01 जुलाई 1987 से पूर्व भारत में सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/एलआईसी/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा जारी पहचान-पत्र, जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय का मैट्रिकुलेशन अथवा शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वनाधिकार प्रमाण-पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण-पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां उपलब्ध हो), राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण-पत्र आदि शामिल हैं। आधार की प्रति प्रस्तुत करने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसकी स्व-सत्यापित प्रति भी स्वीकार्य होगी।

मतदाताओं को यह भी बताया जा रहा है कि यदि वर्तमान मतदान केंद्र उनके निवास स्थान से दूर है अथवा परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज हैं, तो फॉर्म-8 के माध्यम से निकटतम उपयुक्त मतदान केंद्र पर नाम स्थानांतरित कराने हेतु आवेदन किया जा सकता है। फॉर्म-8 ECINET App/निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अथवा संबंधित BLO के पास जमा किया जा सकता है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त ने मतदाताओं से सत्यापन एवं निर्धारित अवधि में दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने की अपील की

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची में अपने एवं अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम, पता एवं अन्य विवरण का अनिवार्य रूप से सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि नाम छूटने, गलत विवरण दर्ज होने अथवा मतदान केंद्र से संबंधित किसी प्रकार की आवश्यकता होने पर निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से 15 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत करें।

उन्होंने पात्र नागरिकों, विशेषकर 01 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं, से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने हेतु निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करने की अपील की। साथ ही, सभी मतदाताओं से BLO को आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाने में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।

मतदाता सहायता एवं निर्वाचन संबंधी जानकारी के लिए वोटर हेल्पलाइन 1950 का उपयोग किया जा सकता है। पात्र नागरिकों से अपील है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने एवं अपने परिवार के सदस्यों के मतदाता संबंधी विवरण का सत्यापन अवश्य करें, ताकि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में पंजीकरण से वंचित न रहे।

जिला आयुष समिति द्वारा विद्यालय एवं अर्जुन स्टेडियम में स्वास्थ्य शिविर आयोजित, विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षुओं की स्वास्थ्य जांच कर वितरित की गई निःशुल्क होम्योपैथी दवाएं।

जिला आयुष समिति द्वारा विद्यालय एवं अर्जुन स्टेडियम में स्वास्थ्य शिविर आयोजित, विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षुओं की स्वास्थ्य जांच कर वितरित की गई निःशुल्क होम्योपैथी दवाएं।

सरायकेला-खरसावां

जिला आयुष समिति, सरायकेला द्वारा जिले में स्वास्थ्य जांच एवं आयुष चिकित्सा सेवाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न स्थलों पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।

इसी क्रम में मध्य विद्यालय, ब्रह्मकुटुंब में आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. सैफी ज़ोहेब के द्वारा स्कूल हेल्थ कैंप आयोजित किया गया। शिविर में विद्यालय में अध्ययनरत 32 विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा आवश्यकतानुसार उन्हें निःशुल्क होम्योपैथी दवाओं का वितरण किया गया।

वहीं, अर्जुन स्टेडियम, सरायकेला में आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. आशा कुमारी द्वारा मासिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्टेडियम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षुओं के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा आवश्यकतानुसार उन्हें निःशुल्क होम्योपैथी दवाएं उपलब्ध कराई गईं।

स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षुओं को नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सरायकेला-खरसावाँ जिले में ‘होम टू रोल वेरिफिकेशन’ अभियान शुरू,बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे मतदाता एवं परिवार के सदस्यों के विवरण का सत्यापन।

सरायकेला-खरसावाँ जिले में ‘होम टू रोल वेरिफिकेशन’ अभियान शुरू,बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे मतदाता एवं परिवार के सदस्यों के विवरण का सत्यापन।

सरायकेला-खरसावां

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड के दिशा-निर्देशों के आलोक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत आज दिनांक 25 अगस्त 2026 से जिले में ‘होम टू रोल वेरिफिकेशन’ कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। यह अभियान 04 सितंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा।

अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा घर-घर जाकर मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं एवं उनके परिवार के सदस्यों के नाम तथा अन्य संबंधित विवरण का सत्यापन किया जा रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य एक ही परिवार एवं एक ही घर में निवास करने वाले पात्र मतदाताओं के नाम यथासंभव एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज कराना तथा किसी भी पात्र भारतीय नागरिक को मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहने देना है।

सत्यापन के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रारूप मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम दर्ज हैं अथवा नहीं। जिन पात्र नागरिकों का नाम प्रारूप मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रपत्र-6 के माध्यम से नाम पंजीकरण हेतु आवेदन करने में आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

इसी क्रम में ऐसे मतदाता, जो वर्तमान में सामान्य रूप से सरायकेला-खरसावाँ जिले में निवास कर रहे हैं, लेकिन उनका नाम बिहार, पश्चिम बंगाल अथवा किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रपत्र-8 एवं घोषणापत्र के माध्यम से अपना नाम वर्तमान सामान्य निवास वाले मतदान केंद्र की मतदाता सूची में स्थानांतरित कराने हेतु आवेदन कर सकते हैं।

अभियान के दौरान परिवार के सभी वयस्क एवं पात्र सदस्यों के नाम एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज होने की स्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘फैमिली टुगेदर’ स्टिकर लगाने की पहल भी की जाएगी। इसके माध्यम से परिवार के सदस्यों को अपने नाम एवं विवरण का सत्यापन करने तथा आवश्यक सुधार के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाने हेतु जागरूक किया जाएगा।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी -सह- उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां श्री नितिश कुमार सिंह ने मतदाताओं से अपील है कि बीएलओ के घर-घर सत्यापन के दौरान आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए अपने एवं परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम, पता एवं अन्य विवरण का सावधानीपूर्वक सत्यापन करें। मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि, नाम छूटने अथवा अन्य आवश्यक सुधार की स्थिति में निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित बीएलओ/निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के समक्ष आवश्यक प्रपत्र के माध्यम से दावा अथवा आपत्ति प्रस्तुत करें।

मतदाता सहायता एवं आवश्यक जानकारी के लिए 1950 हेल्पलाइन तथा ECINET के माध्यम से उपलब्ध निर्वाचन संबंधी सुविधाओं का भी उपयोग किया जा सकता है।

सरायकेला-खरसावां में प्रदूषण का कहर: आम जनजीवन, प्रकृति और पशु-पक्षियों का जीना मुहाल, विभाग बोला – अनुसंधान जारी।

सरायकेला-खरसावां में प्रदूषण का कहर: आम जनजीवन, प्रकृति और पशु-पक्षियों का जीना मुहाल, विभाग बोला – अनुसंधान जारी।

सरायकेला/आर आई टी

सरायकेला-खरसावां जिले में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण ने आम जनमानस के साथ-साथ प्राकृतिक संतुलन और पशु-पक्षियों के जीवन पर भी गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। आदित्यपुर, गम्हरिया, चांडिल और चौका क्षेत्र में संचालित स्पंज आयरन, स्टील फैक्ट्रियों से निकलने वाली काली धूल, राख और जहरीले धुएं से पूरा इलाका त्रस्त है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सुबह-शाम फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं से सांस लेना मुश्किल हो गया है। खेतों में काली राख जम रही है जिससे फसलें खराब हो रही हैं। जल स्रोत प्रदूषित हो रहे हैं। पेड़-पौधों पर धूल की मोटी परत जमने से हरियाली खत्म हो रही है और पशु-पक्षी गांव छोड़कर पलायन कर रहे हैं।

स्वास्थ्य संकट गहराया
प्रदूषण के कारण क्षेत्र में खांसी, दमा, आंखों में जलन, एलर्जी और त्वचा रोग के मामले तेजी से बढ़े हैं। चौका क्षेत्र के मेडिकल स्टोर्स में पिछले 5 साल में एंटी-एलर्जी दवाओं मोंटास-एल, एलेग्रा और इनहेलर की बिक्री दोगुनी हो गई है, जो इस संकट की गंभीरता को दर्शाता है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2023 से लगातार झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद (JSPCB) और जिला प्रशासन को लिखित शिकायत दी जा रही है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

इस संबंध में जब विभागीय पदाधिकारी से बात की गई तो उनका कहना है कि “मामले पर अनुसंधान चल रही है, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रदूषण पर रोक नहीं लगी तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। जनहित में प्रशासन को अविलंब उच्चस्तरीय जांच टीम गठित कर फैक्ट्रियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

शेष अगले अंक में………?

एक दर्जन हाथियों ने दर्जन भर किसानों के धान की फसल को किया नष्ट।

एक दर्जन हाथियों ने दर्जन भर किसानों के धान की फसल को किया नष्ट।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सोड़ो पंचायत अंतर्गत तालापीड़ी, बिस्टाटांड़, जारगोडीह, सोड़ो के दर्जन भर किसानों के खेत में लगे धान की खेती को शनिवार देर रात को 13 जंगली हाथियों ने रोंद कर नष्ट कर दिया। वनरक्षी सह प्रभारी वन पाल कैलाश चंद्र महतो ने बताया कि कुटाम जंगल में विगत कोई दिनों से डेरा जमाए हुए थे। शनिवार रात को हथियों का झुण्ड सालूकडीह,डुमरा,सितु होते हुए तालापीढ़ी, बिस्टाटांड़ के रास्ते स्वर्णरेखा नदी जारगोडीह में  डेरा जमाए हुए है। कुटाम जंगल से जरगोडीह जाने के क्रम में दर्जनभर किसानों के धान की खेती को नुकसान पहुँचाया है।

ग्रामीणों ने बताया कि किसी तरह  किसानों ने धान की खेती तैयार की है,उपर से जंगली हाथियों द्वारा नष्ट किया जा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग किया है कि जंगली हाथियों को इस क्षेत्र से भगाया जाए और क्षतिग्रस्त फसलों का समय पर उचित क्षतिपूर्ति मुआवजा दिया जाए।

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न।

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न।

सरायकेला-खरसावां

दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक मनोज सर्वागिंयारी की उपस्थिति में विडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा के साथ-साथ जिले में अवैध खनन, अवैध खनिज परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई।

समीक्षा के क्रम में जिला खनन पदाधिकारी श्री ज्योति शंकर सतपथी द्वारा अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी दी गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दिनांक 22 जून 2026 से 21 अगस्त 2026 तक लगभग 3,50,000 घन फीट बालू से संबंधित मामलों में कार्रवाई की गई। इस दौरान 14 वाहनों पर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए कुल 12.91 लाख रुपये की राशि की वसूली की गई तथा 01 प्राथमिकी/शिकायतवाद दर्ज किया गया। कार्रवाई के क्रम में 03 ट्रैक्टर, 05 हाइवा एवं 01-407 वाहन सहित अवैध क्वार्जाइट पत्थर उत्खनन एवं खनिज परिवहन से संबंधित वाहनों पर भी कार्रवाई की गई।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में अवैध खनन, विशेषकर बालू के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। एनजीटी के निर्देशानुसार निर्धारित अवधि में नदी से बालू के अवैध उत्खनन एवं उठाव पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने तथा नदी घाटों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। अवैध गतिविधियां पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को अपने-अपने अनुमंडल क्षेत्र में अवैध खनन एवं खनिज परिवहन की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं, सभी अंचल अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित जांच एवं छापेमारी अभियान संचालित करने को कहा गया।

उपायुक्त ने जिला खनन विभाग को भी जिला स्तर पर नियमित जांच अभियान चलाने तथा अवैध उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने का निर्देश दिया। जिला खनन पदाधिकारी एवं जिला परिवहन पदाधिकारी को खनिज परिवहन में संलग्न वाहनों की नियमित जांच करने तथा वैध दस्तावेज के बिना खनिज परिवहन करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अवैध उत्खनन एवं खनिज परिवहन के संबंध में किसी भी माध्यम से प्राप्त शिकायत अथवा सूचना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए स्थल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्राप्त सूचना को लंबित न रखते हुए संबंधित पदाधिकारी द्वारा त्वरित सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा की गई कार्रवाई से वरीय पदाधिकारियों को अवगत कराया जाए।

अवैध खनन एवं खनिज परिवहन की रोकथाम के लिए पुलिस, खनन विभाग, अंचल प्रशासन एवं परिवहन विभाग के बीच समन्वय के साथ संयुक्त जांच एवं छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। संवेदनशील मार्गों एवं क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार विशेष जांच अभियान चलाते हुए अवैध खनिज परिवहन में प्रयुक्त वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

खनिज परिवहन में संलग्न वाहनों में खनिज को तिरपाल से पूरी तरह ढंककर परिवहन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।

पुलिस अधीक्षक ने अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस एवं संबंधित विभागों के बीच समन्वय को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी एवं गश्त, संयुक्त छापेमारी अभियान तथा सूचना तंत्र को सुदृढ़ करते हुए अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में जिला खनन पदाधिकारी द्वारा अवैध खनन, भंडारण एवं परिवहन की रोकथाम से संबंधित नियमों एवं प्रावधानों की जानकारी दी गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को पूर्व में दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने तथा अवैध खनन एवं खनिज परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने का निर्देश दिया।

बैठक में अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल नितिन शिवम गुप्ता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला एवं चांडिल, जिला खनन पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि सभी अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी सहित जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स के सदस्य एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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