राजनगर-चाईबासा रूट पर नशे में वाहन चलाने वालों पर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, ब्रीथ एनालाइजर से की गई जांच।

राजनगर-चाईबासा रूट पर नशे में वाहन चलाने वालों पर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, ब्रीथ एनालाइजर से की गई जांच।

सरायकेला/राजनगर

सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए राजनगर-चाईबासा मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस ने नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। सरायकेला पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर भारी वाहनों की जांच की।

अभियान के तहत पुलिस टीम ने मार्ग से गुजर रहे ट्रक, ट्रेलर और अन्य बड़े वाहनों को रुकवाकर उनके चालकों की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से जांच की। अधिकारियों के अनुसार, इस सड़क पर हाल के समय में कई हादसे हुए हैं, जिनमें नशे की हालत में वाहन चलाना और तेज रफ्तार प्रमुख वजह मानी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नशे में गाड़ी चलाते पाए जाने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान और दंडात्मक कार्रवाई होगी।

अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण अभियान में कुछ देर के लिए रुकावट आई, लेकिन मौसम साफ होते ही जांच फिर से शुरू कर दी गई। पुलिस ने सभी ड्राइवरों से अपील की है कि वे सुरक्षित ड्राइविंग करें और नियमों का पालन करें।

आकाशवाणी चौक पर हंगामा: वार्ड पार्षद पर ऑटो ड्राइवर ने किया जानलेवा हमला।

आकाशवाणी चौक पर हंगामा: वार्ड पार्षद पर ऑटो ड्राइवर ने किया जानलेवा हमला।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर नगर निगम इलाके के आकाशवाणी चौक के पास शुक्रवार को दिनदहाड़े एक जनप्रतिनिधि के साथ बदसलूकी का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। वार्ड-13 के पार्षद शांतनु घोष पर एक ऑटो चालक ने हमला कर दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, पार्षद शांतनु घोष बिष्टुपुर से लौटते समय आकाशवाणी चौक के पास रुके थे। उन्होंने अपनी बाइक सड़क किनारे खड़ी की थी, तभी तेज गति से आ रहे एक ऑटो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोपहिया वाहन वहीं गिर पड़ा।

पार्षद ने जब चालक से वाहन थोड़ा पीछे हटाने को कहा, तो वह भड़क गया। आरोप है कि चालक ने ऑटो में रखी लोहे की रॉड निकाली और बाइक की हेडलाइट पर वार कर उसे तोड़ दिया। जब पार्षद ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उनसे हाथापाई शुरू कर दी।

पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान हमलावर ने उनके कपड़े फाड़ दिए और उनकी जेब में रखा महंगा मोबाइल फोन छीनकर सड़क पर दे मारा, जिससे फोन के टुकड़े-टुकड़े हो गए। जाते-जाते आरोपी ने पार्षद को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।

इस घटना को लेकर पार्षद ने आदित्यपुर थाने में लिखित शिकायत देकर आरोपी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सरेआम हुई इस वारदात के बाद इलाके के लोगों में काफी नाराजगी देखी जा रही है।

सरायकेला-खरसावां: चांडिल थाना क्षेत्र में नशा और अवैध कारोबार चरम पर, थाना प्रभारी पर फोन न उठाने का आरोप – जनता परेशान।

सरायकेला-खरसावां: चांडिल थाना क्षेत्र में नशा और अवैध कारोबार चरम पर, थाना प्रभारी पर फोन न उठाने का आरोप – जनता परेशान।

सरायकेला/चांडिल

सरायकेला-खरसावां जिला के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत चांडिल थाना क्षेत्र में इन दिनों *नशा, अवैध शराब, जुआ और अन्य अवैध कारोबार* के बढ़ने से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि खुलेआम नशे का कारोबार युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहा है। शाम होते ही कई इलाकों में असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि जब जनता अपनी शिकायत लेकर *चांडिल थाना प्रभारी* को फोन करती है तो *फोन रिसीव नहीं होता* है, ऐसा स्थानीय लोगों का आरोप है। कई बार फोन करने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिलने से लोगों को थाने के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

जनता की मांग –
1.  चांडिल थाना क्षेत्र में चल रहे नशा और अवैध कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जाए।
2.  पुलिस अधीक्षक, सरायकेला-खरसावां मामले का संज्ञान लें और निष्पक्ष जांच कराएं।
3.  थाना में जनता की शिकायत सुनने के लिए एक वैकल्पिक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए।
4.  दोषी कारोबारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय सामाजिक संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

यह समाचार जनहित में जारी किया गया है ताकि प्रशासन नींद से जागे और युवाओं का भविष्य बचाया जा सके।

निवेदक –
भारत सिंह
राष्ट्रीय सह प्रभारी (संपूर्ण भारत)
विश्व हिंदू रक्षा परिषद
जनहित में

आदित्यपुर थाना भवन पर ‘श्याम स्टील’ की ब्रांडिंग से बवाल, भाजपा नेत्री ने पूछा- सरकारी दीवार पर निजी कंपनी का नाम क्यों?

आदित्यपुर थाना भवन पर ‘श्याम स्टील’ की ब्रांडिंग से बवाल, भाजपा नेत्री ने पूछा- सरकारी दीवार पर निजी कंपनी का नाम क्यों?

सरायकेला/आदित्यपुर

सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना भवन पर लगी एक नेम प्लेट ने अब बड़ा सियासी और प्रशासनिक सवाल खड़ा कर दिया है। थाना भवन के मुख्य बोर्ड पर ‘श्याम स्टील आदित्यपुर थाना’ लिखा हुआ है, जिसमें एक निजी स्टील कंपनी का नाम सरकारी थाने के नाम के साथ प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।

इस बोर्ड की तस्वीर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का सीधा सवाल है कि क्या अब झारखंड पुलिस थाने भी निजी कंपनियों के विज्ञापन का माध्यम बन गए हैं?

अनुमति पर उठे गंभीर सवाल
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए पुलिस प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है।

लोगों के मन में तीन बड़े सवाल हैं:
1. क्या श्याम स्टील कंपनी द्वारा थाना को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता, भवन निर्माण या सुविधा दी गई है?

2. यदि हां, तो क्या इसके लिए वरीय पुलिस अधीक्षक या गृह विभाग से कोई लिखित अनुमति, सरकारी आदेश या एमओयू किया गया है?

3. क्या सरकारी भवनों पर निजी ब्रांडिंग की कोई नीति है, और यदि है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?
अब तक न तो जिला पुलिस और न ही कंपनी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान आया है, जिससे संदेह और गहरा गया है।

भाजपा नेत्री रश्मि भेंगरा ने घेरा
इस मामले को अब राजनीतिक तूल भी मिल गया है। भाजपा नेत्री रश्मि भेंगरा ने इस ब्रांडिंग पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा, “सरकारी कार्यालय और थाना जनता की सेवा के लिए हैं, किसी कंपनी के प्रचार के लिए नहीं। पुलिस प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि किस नियम के तहत निजी कंपनी को थाने के नाम के साथ अपना नाम जोड़ने की इजाजत दी गई। यह सरकारी गरिमा के खिलाफ है।”

‘जमशेदपुर’ लिखे होने पर भी विवाद
एक और दिलचस्प पहलू ने लोगों का ध्यान खींचा है। बोर्ड पर ‘आदित्यपुर थाना’ के साथ ‘जमशेदपुर’ भी लिखा हुआ है, जबकि आदित्यपुर थाना सरायकेला-खरसावां जिले के अंतर्गत आता है, न कि पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के। इस भौगोलिक गलती पर भी लोग चुटकी ले रहे हैं और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं।

फिलहाल, पूरे आदित्यपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या यह सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के नाम पर सरकारी तंत्र का निजीकरण है? लोग मांग कर रहे हैं कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर बोर्ड लगाने की अनुमति से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करे।

ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद सिंह के नेतृत्व में कोल्हान मजदूर यूनियन की श्रृंखला  गूंजा मजदूर एकता का नारा।

ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह के नेतृत्व में कोल्हान मजदूर यूनियन की श्रृंखला  गूंजा मजदूर एकता का नारा।

सरायकेला/आदित्यपुर

भरत सिंह की रिपोर्ट

सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में आज कोल्हान मजदूर यूनियन की श्रृंखला का आयोजन पूर्व विधायक अरविंद सिंह के नेतृत्व में किया गया।

सुबह से ही सैकड़ों मजदूर लाल झंडा लेकर सड़कों पर उतर आए। परंपरा के अनुसार सजे हुए काले घोड़े की पूजा कर रैली की शुरुआत की गई। पूर्व विधायक अरविंद सिंह ने खुद हाथ उठाकर मजदूरों का अभिवादन किया और मिठाई बांटकर रैली को रवाना किया। इस दौरान उनके साथ यूनियन के कई पदाधिकारी और महिला मोर्चा की सदस्य भी मौजूद रहीं।

रैली के बाद आदित्यपुर में एक बड़ी सभा का आयोजन हुआ, जहां खुले आसमान के नीचे बैठकर मजदूरों ने अपनी समस्याएं रखीं। मंच से अरविंद सिंह ने कहा –

“मजदूर इस क्षेत्र की रीढ़ है। अगर मजदूर को उसका हक नहीं मिला, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। कुरान की धरती से यह लड़ाई अब हर फैक्ट्री तक जाएगी।”

क्या हैं मांगें –

  • ठेका मजदूरों को स्थायी करना
  • न्यूनतम मजदूरी 500 रुपये प्रतिदिन लागू करना
  • ESI, PF और सुरक्षा उपकरण की व्यवस्था
  • स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता

सभा में मजदूरों ने एक सुर में कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, हम सब मजदूर कोल्हान मजदूर यूनियन के साथ हमेशा रहेंगे।

मौके पर हजारों की संख्या में मजदूरों की उपस्थिति ने प्रशासन को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।

जनता का धन कैसे लूट सकता है कोई डालमिया? सरायकेला में 35 करोड़ के खेल पर ED का शिकंजा।

जनता का धन कैसे लूट सकता है कोई डालमिया? सरायकेला में 35 करोड़ के खेल पर ED का शिकंजा।

सरायकेला/आदित्यपुर

भरत सिंह की रिपोर्ट

सरायकेला में ठेकेदार संजय डालमिया के पटनायक टोला स्थित आलीशान आवास पर  ED की तीन गाड़ियां जब पहुंचीं, तो एक ही सवाल हर जुबान पर था – आखिर जनता का पैसा लोन के बहाने कैसे लूट सकता है कोई डालमिया?

क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला 35 करोड़ रुपये के लोन घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि बैंक से लिया गया लोन, जो विकास कार्यों और जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है, उसे निजी फायदे के लिए इधर-उधर किया गया। ED की टीम सुबह से ही घर में मौजूद दस्तावेजों, बैंक खातों और लेन-देन की जांच में जुटी है।

और इस मामले पर संजय डालमिया के भतीजे को भी कदमा के आवास से गिरफ्तार किया गया है।

सवाल जो उठ रहे हैं
1.  एक ठेकेदार को 35 करोड़ का लोन किन शर्तों पर मिला?
2.  क्या इस लोन के पैसे की हेरा फेरी में बैंक के अधिकारियों की भी मिलीभगत है?
3.  जब आम आदमी 50 हजार के लोन के लिए चक्कर काटता है, तो करोड़ों कैसे दे दूए जाते हैं?

आज जब ED के साथ केंद्रीय बल के जवान डालमिया के घर के बाहर खड़े थे, तो मोहल्ले के लोग भी देख रहे थे कि कैसे कुछ लोग सिस्टम को जेब में रखकर जनता के पैसे पर ऐश करते हैं।

फिलहाल ED ने कोई आधिकारिक प्रेस रिलीज नहीं दी है, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि कई अहम कागजात जब्त किए गए हैं। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सिर्फ लोन का मामला नहीं, बल्कि जनता के विश्वास के साथ धोखा है।

सरायकेला की जनता अब इंतजार कर रही है कि ED की इस जांच से दूध का दूध और पानी का पानी होगा।

क्या 35 करोड़ जनता के खाते में वापस आएगा? यह सबसे बड़ा सवाल है।

टायो रोल्स बचाओ, मजदूरों का भविष्य बचाओ – 20 सितंबर को खरकई पुल से टायो गेट तक मानव श्रृंखला।

टायो रोल्स बचाओ, मजदूरों का भविष्य बचाओ – 20 सितंबर को खरकई पुल से टायो गेट तक मानव श्रृंखला।

सरायकेला/गम्हरिया

टायो रोल्स लिमिटेड के कामगारों के रोजगार, अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए कोल्हान मजदूर यूनियन एवं टायो मजदूर यूनियन ने एकजुट होकर बड़ा आंदोलन का ऐलान किया है।

यूनियन द्वारा जारी आमंत्रण पत्र के अनुसार 20 सितंबर 2026, रविवार को सुबह 10 बजे “मजदूर जागरूकता अभियान – मानव श्रृंखला” का आयोजन किया जाएगा।

यह मानव श्रृंखला खरकई पुल (गम्हरिया बाजार) से टायो रोल्स लिमिटेड गेट तक बनाई जाएगी।

यूनियन ने क्या कहा?

यूनियन के नेताओं ने बताया कि टायो रोल्स सहित कई औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बंद होने से हजारों मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।

> “श्रम और पूंजी एक-दूसरे के पूरक हैं। श्रमिकों के बिना उद्योग नहीं चल सकता और उद्योग के बिना श्रमिकों को रोजगार नहीं मिल सकता। इसलिए उद्योग के विकास के साथ मजदूरों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा भी जरूरी है।”

यूनियन ने सभी कामगार साथियों, उनके परिवार और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस मानव श्रृंखला में शामिल होकर एकता का परिचय दें।

कार्यक्रम का विवरण:
– दिनांक: 20 सितंबर 2026, रविवार
– समय: प्रातः 10:00 बजे
– मार्ग: गम्हरिया बाजार / खरकई पुल से टायो गेट तक
– निवेदक: कोल्हान एवं टायो मजदूर यूनियन

मुख्य नारे – रोजगार बचाओ, मजदूर बचाओ, मजदूर एकता जिंदाबाद, हमारा हक हमारी आवाज हमारी एकता।

20 सितंबर को आदित्यपुर में श्रमिकों की बड़ी एकजुटता, बनेगी खरकई पुल से टायो गेट तक मानव श्रृंखला।

20 सितंबर को आदित्यपुर में श्रमिकों की बड़ी एकजुटता, बनेगी खरकई पुल से टायो गेट तक मानव श्रृंखला।

सरायकेला/आदित्यपुर

क्षेत्र के कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों के हितों और उनकी मूलभूत सुविधाओं को लेकर कोल्हान सह टायो मजदूर यूनियन ने बड़े आंदोलन की घोषणा की है। संगठन के अध्यक्ष और पूर्व विधायक अरविंद सिंह ने आदित्यपुर में पत्रकारों से बातचीत में जानकारी दी कि 20 सितंबर को खरकई पुल, आदित्यपुर से लेकर गम्हरिया के टायो गेट तक लंबी मानव श्रृंखला का आयोजन होगा। इसके बाद घोड़ा बाबा मंदिर प्रांगण में बड़ी जनसभा भी होगी।

अरविंद सिंह ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन किसी कंपनी या प्रबंधन के खिलाफ नहीं है, बल्कि मजदूरों के सम्मान और उनके अधिकारों को आवाज देने के लिए है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य है — कारखाने तरक्की करें, कामगार सुरक्षित रहें और मेहनत का उचित सम्मान मिले।

उन्होंने श्रमिकों से जुड़े 18 प्रमुख मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि कई औद्योगिक इकाइयों में श्रम कानूनों का पालन नहीं हो रहा है। आरोप है कि अधिकांश फैक्ट्रियों में मजदूरों से 12 घंटे तक काम लिया जाता है, लेकिन साप्ताहिक छुट्टी, पीने का साफ पानी और आराम की व्यवस्था नहीं मिलती। यहां तक कि राष्ट्रीय व राजकीय छुट्टियों का लाभ भी नहीं दिया जाता।

उनके मुताबिक, कई मजदूर सुबह 4 बजे घर से निकलते हैं और प्रबंधन उनसे 16 घंटे तक काम कराता है, जिससे न उन्हें आराम मिल पाता है, न परिवार के लिए समय।

वेतन और सुविधाओं पर उठे सवाल
अरविंद सिंह ने कहा कि एक जैसा काम करने के बावजूद स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के वेतन व बोनस में भारी अंतर है। न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, ईएसआई और ओवरटाइम के नियमों को लेकर भी उन्होंने सवाल खड़े किए।

उन्होंने आरोप लगाया कि हक मांगने वाले श्रमिकों में नौकरी छूटने का डर बना रहता है। साथ ही, कुशल कारीगरों को अर्ध-कुशल या ठेका श्रेणी में दिखाकर उनका ग्रेड घटाने और आवाज उठाने वालों का तबादला कर परेशान करने की शिकायतें भी मिल रही हैं।

बुनियादी सुविधाओं की मांग
यूनियन अध्यक्ष ने श्रम विभाग की कार्यशैली पर भी प्रश्न उठाए। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों की मरम्मत, नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट, अतिरिक्त पुलिस चौकी और मजदूरों के लिए सुरक्षित बस सेवा की मांग रखी।

उन्होंने बताया कि सरायकेला, खरसावां, चांडिल, ईचागढ़, राजनगर, हाता, हल्दीपोखर समेत आसपास के कई इलाकों से हजारों मजदूर रोजाना आते हैं, जिन्हें आवागमन में भारी दिक्कत होती है।

उन्होंने यह भी कहा कि मजदूरों के मुद्दों पर जल्द ही खुली चर्चा आयोजित की जाएगी ताकि समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।

जुटान की अपील
अंत में अरविंद सिंह ने कोल्हान के मजदूरों और आम लोगों से 20 सितंबर के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।

पत्रकार वार्ता में यूनियन के महामंत्री अजय कुमार शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष बसंत कुमार, उपाध्यक्ष जगदीश नारायण चौबे, इन्द्र कांत झा उर्फ इशू झा और असंगठित मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश पांडेय समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

बड़े नेताओं की पूजा को कवरेज, गरीब की पूजा को कौन पूछे?

बड़े नेताओं की पूजा को कवरेज, गरीब की पूजा को कौन पूछे?

सरायकेला/आदित्यपुर

हर साल गणेश पूजा और दुर्गा पूजा में शहर के बड़े-बड़े पंडालों की धूम रहती है। अधिकारी हों या छोटे से लेकर नेशनल लेवल तक के नेता, सभी पंडालों का उद्घाटन करने पहुँचते हैं। उनके पीछे मीडिया की लाइट, कैमरा और माइक दौड़ते हैं। अगले दिन अखबारों के पहले पन्ने पर उनकी बड़ी-बड़ी तस्वीरें छपती हैं।

लेकिन सवाल यह है — उस गरीब की पूजा को कौन दिखाएगा, जो बस्ती में चंदा जुटाकर दो बांस और तिरपाल से पंडाल बनाकर बप्पा को बैठाता है?
आस्था अमीरी-गरीबी नहीं देखती
वार्ड 20 की तंग गलियों में कुछ ऐसा ही जज़्बा देखने को मिलता है। यहाँ श्रीराम बॉयज क्लब के लड़के साल 2012 से लगातार गणेश पूजा करते आ रहे हैं।

ना उनके पास लाखों का स्पॉन्सर है, ना किसी बड़े नेता का हाथ। है तो सिर्फ तीन चीज़ें — भक्ति, मेहनत और बस्ती के लोगों का 10-20 रुपये का चंदा।

इस बार इन युवाओं ने हिम्मत करके 15 फीट की बप्पा की भव्य मूर्ति स्थापित की है। पंडाल की सजावट भी इन्होंने अपने हाथों से की है। सोचिए, बिना पैसे, बिना संसाधन के इतना बड़ा आयोजन करने में कितनी मेहनत और कितना समर्पण लगा होगा?
यहाँ VIP नहीं, सब भक्त हैं, इन छोटे पंडालों की सबसे खूबसूरत बात यही है।

यहाँ कानफोड़ू डीजे नहीं, ढोलक की थाप और मंजीरे की खनक पर आरती होती है।
यहाँ VIP पास नहीं बँटते, सबके लिए भोग बराबर है।
यहाँ दिखावा नहीं, सच्ची आस्था है।

यह पूजा सिर्फ एक मूर्ति स्थापना नहीं है, यह गरीब की आस्था का प्रतीक है। यह उन हज़ारों बस्तियों की कहानी है जहाँ भगवान को अमीरों के चमचमाते पंडालों का इंतज़ार नहीं, बल्कि सच्चे मन से लगाए गए दो फूल ही काफी हैं।

मीडिया से एक अपील
बड़े-बड़े पंडालों की भव्यता तो हर कोई दिखाता है। चंदा-वसूली से लेकर लाइटिंग तक की खबरें बनती हैं।

लेकिन हमारी मीडिया से हाथ जोड़कर अपील है — एक बार इन गरीबों के पंडाल की ओर भी कैमरा घुमाइए। इनकी मेहनत, इनके हौसले को भी एक खबर बनाइए।

ताकि अगली बार बस्ती का कोई बच्चा यह न सोचे कि पूजा सिर्फ अमीरों के लिए होती है।

क्योंकि जब भगवान अमीर-गरीब में फर्क नहीं करता, तो फिर मीडिया क्यों करे?

वार्ड 20, आदित्यपुर से एक आम नागरिक की आवाज़

नए चेहरों को वक्त दें, तभी परखें उनकी कार्यक्षमता: आनंद मोहन

नए चेहरों को वक्त दें, तभी परखें उनकी कार्यक्षमता: आनंद मोहन

सरायकेला/आदित्यपुर

बिहार के पूर्व सांसद और वरिष्ठ राजनेता आनंद मोहन सोमवार को आदित्यपुर पहुंचे। यहां वे एम-टाइप में पूर्व ईचागढ़ विधायक अरविंद सिंह के निवास पर गए, जहां आदित्यपुर नगर निगम के उपमहापौर अंकुर सिंह ने उनका स्वागत किया।

इस अवसर पर मीडिया से चर्चा करते हुए आनंद मोहन ने बिहार के सियासी हालात, लोकतंत्र में विपक्ष की अहमियत और नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के कामकाज पर अपनी राय व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि किसी भी नवनिर्वाचित प्रतिनिधि के कार्यों का आकलन करने से पहले उसे कम से कम छह महीने से एक साल तक का समय अवश्य देना चाहिए। उपमहापौर अंकुर सिंह की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि युवा नेताओं को अपनी योग्यता साबित करने का पूरा मौका मिलना जरूरी है।

लोकतंत्र में स्वस्थ आलोचना और वैचारिक मतभेद को उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने वाला बताया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में राज्य ने सुशासन और तरक्की के मामले में अलग पहचान स्थापित की है।

आनंद मोहन ने स्पष्ट किया कि उनका जमशेदपुर आना किसी सियासी मकसद से नहीं है, बल्कि पुराने संबंधों को और प्रगाढ़ करने तथा सामाजिक एकता का संदेश देने के उद्देश्य से है।

कार्यक्रम में वार्ड पार्षद सुधीर चौधरी, मनोज आनंद, मनोज सिंह, जगदीश नारायण चौबे, संजय सिंह हितैषी, डॉ. मृत्युंजय सिंह, लाल बाबू सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

BREAKING NEWS: इस वक्त की बड़ी खबर, आदित्यपुर थाना क्षेत्र में अवैध नशीले पदार्थ, अवैध स्क्रैप टाल और सट्टे का धंधा जोरों पर, चोरी की वारदातों में इजाफा।

BREAKING NEWS: इस वक्त की बड़ी खबर, आदित्यपुर थाना क्षेत्र में अवैध नशीले पदार्थ और सट्टे का धंधा जोरों पर, चोरी की वारदातों में इजाफा।

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर से इस वक्त की बड़ी खबर आदित्यपुर निकाल कर सामने आ रही है जहां पर आदित्यपुर थाना अंतर्गत कई इलाकों में अवैध नशीले पदार्थ, अवैध स्क्रैप टाल सट्टा और जुआ का धंधा बेधड़क चल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार शाम ढलते ही कई जगहों पर भीड़ जुटती है और देर रात तक यह अवैध कारोबार चलता है।

सूत्रों का कहना है कि इस धंधे में कई युवा बर्बाद हो रहे हैं और नशे की लत के कारण पैसों के लिए क्षेत्र में चोरी, छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी तेजी आई है। पिछले एक महीने में गम्हरिया, बड़ाकाठी और आदित्यपुर-2 के इलाकों में बाइक चोरी और घरों में चोरी की कई घटनाएं सामने आई हैं। इतना ही नहीं आदित्यपुर क्षेत्र में कई अवैध स्क्रैप टाल भी संचालित किया जा रहे हैं जहां पर चोरी की गई सामानों की खरीद बिक्री करने की सूचनाएं प्राप्त हो रही है

स्थानीय लोगों में आक्रोश
स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार थाना में शिकायत की गई लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि पुलिस की गश्ती बढ़नी चाहिए और ऐसे अवैध अड्डों पर छापेमारी कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

स्थानीय पुलिस ने कहा:
इस संबंध में आदित्यपुर थाना से संपर्क करने पर बताया गया कि सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाएगी और रात में गश्ती बढ़ा दी गई है।

स्थानीय जनता ने एसपी सरायकेला-खरसावां से मांग की है कि क्षेत्र में चल रहे अवैध कारोबार पर जल्द से जल्द रोक लगाई जाए ताकि शांति व्यवस्था कायम रह सके।

SDS Towers में दुर्गा पूजा 2026 की तैयारी जोरों पर, भोग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शेड्यूल जारी

SDS Towers में दुर्गा पूजा 2026 की तैयारी जोरों पर, भोग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शेड्यूल जारी

सरायकेला/आदित्यपुर

SDS Towers सोसाइटी में इस वर्ष दुर्गा पूजा को लेकर उत्साह चरम पर है। SDS Towers Durga Puja Committee द्वारा 2026 के पूजा कार्यक्रम, भोग (लंच) और सांस्कृतिक आयोजनों की समय-सारणी जारी कर दी गई है।

कमेटी के अध्यक्ष K. Upadhyay एवं उपाध्यक्ष श्री D. D. Bhattacharjee और सचिव M. S. Mandal के नेतृत्व में पूरी आयोजन समिति तैयारियों में जुट गई है। इस बार पूजा को और भी भव्य बनाने की योजना है।

6 दिनों तक चलेगा माँ की आराधना और भोग का कार्यक्रम:

पूजा का शुभारंभ 16 अक्टूबर, शष्ठी को बोधन, आमंत्रण और अधिवास के साथ शाम 5:57 बजे होगा।

17 और 18 अक्टूबर सप्तमी को नबपत्रिका प्रवेश, स्थापना और सप्तमी पूजा सुबह 7:14 बजे से होगी। दोपहर 12 बजे देवी भोग और 1:30 बजे से सभी के लिए भोग (लंच) की व्यवस्था रहेगी। शाम 8 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।

19 अक्टूबर, महा अष्टमी को मुख्य संधि पूजा सुबह 7:26 बजे शुरू होगी। इस दिन पुष्पांजलि, देवी भोग के बाद दोपहर भोग और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन है।

20 अक्टूबर, महानवमी को विशेष आकर्षण के रूप में *डांडिया नाइट* का आयोजन शाम 7 बजे से किया जाएगा। भोग दोपहर 12:30 बजे तक चलेगा।

दशमी (21 अक्टूबर) को सिंदूर खेला, दशमी पूजा और विसर्जन सुबह 6:14 बजे से होगा, शाम को विजया सम्मेलनी का आयोजन 8 बजे होगा।

प्रतिदिन भोग की व्यवस्था:
रोजाना पूजा के लिए भोग की व्यवस्था मौसमी रॉय, सुनीता रॉय, माधुरी मंडल, मोहिनी जी, मौसमी बिस्वास, पिंकी बनर्जी और मोनालिसा जी की देखरेख में की जाएगी।

कमेटी के समन्वयक सुदीप बनर्जी और कैशियर पिंकी बनर्जी ने सभी निवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सपरिवार पूजा में शामिल होकर माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करें।

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