“आदि कर्मयोगी अभियान” में सरायकेला-खरसावाँ जिले का चयन देश के सर्वश्रेष्ठ जिलों में

“आदि कर्मयोगी अभियान” में सरायकेला-खरसावाँ जिले का चयन देश के सर्वश्रेष्ठ जिलों में

सरायकेला-खरसावाँ

सरायकेला-खरसावाँ जिले के लिए यह गर्व का विषय है कि जिला भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित “आदि कर्मयोगी अभियान” एवं “धरती आबा जनभागीदारी अभियान” के तहत देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों में चयनित हुआ है।

यह उपलब्धि जिले में संचालित नवाचारी पहलों, समावेशी जनजातीय विकास के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी के कारण संभव हुई है।

इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन दिनांक 17 अक्टूबर, 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया जा रहा है। इस समारोह में सरायकेला-खरसावाँ जिला सहित झारखण्ड के पाकुड़, जामताड़ा, सिमडेगा एवं लोहरदगा जिले को सम्मानित किया जाएगा।

इस सम्मान से जिले के जनजातीय सशक्तिकरण, भागीदारी आधारित विकास मॉडल और कर्मठ प्रशासनिक प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।

इस राष्ट्रीय समारोह में सरायकेला-खरसावाँ के उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह (भा.प्र.से.) उपस्थित रहेंगे।

सत्य वह दौलत है जिसे पहले खर्च करो- जिंदगी भर आनंद पाओ, झूठ वह कर्ज़ है- क्षणिक सुख पाओ जिंदगी भर चुकाते रहो

सत्य वह दौलत है जिसे पहले खर्च करो- जिंदगी भर आनंद पाओ, झूठ वह कर्ज़ है- क्षणिक सुख पाओ जिंदगी भर चुकाते रहो

सच्चाई की राह, सुखद जीवन के लिए विनियोग- झूठ का गंतव्य दुखी जीवन की चरम सीमा- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

गोंदिया/महाराष्ट्र

भारत अपनी संस्कृति,आध्यात्मिकता, अहिंसा धर्मनिरपेक्षता,परमो धर्मा और सच्चाई की मूरत राजा हरिश्चंद्र इत्यादि अनेकों विशेषताओं के लिए विश्व प्रसिद्ध है। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र से यह मानता हूं कि एक झूठ के पीछे सव झूठ बोलना पड़ता है और झूठ के दलदल में मनुष्य घुसता चला जाता है।जिससे उसकी वर्तमान पीढ़ी तो ध्वस्त होती ही है पर आने वाली पीढ़ियों में भी यह दोष समाया रहता है।


साथियों बात अगर हम सच्चाई की साक्षात मूरत राजा हरिश्चंद्र की करें तो,सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र सदैव सत्य बोलते थे। वह अपने सत्य और न्याय के लिए जाने जाते थे। इसलिए आज भी उनकी कहानियां बड़े सम्मान के साथ सुनाई जाती हैं।हमने अपने बड़े बुजुर्गों से अनेक कई किस्से सुने हैं।हम,आज की जनरेशन करीब-करीब हर सच्चाई वाली बात में इस महान मूरत का नाम ज़रूर जोड़तेहैं।हमारे बड़े बुजुर्गों से हमने कई वाक्य सुने हैं, जैसे सच्चाई छुप नहीं सकती बनावट के उसूलों से, सत्य की हार नहीं होती,सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं,सत्यमेव जयते।


साथियों बात अगर हम सत्यमेव जयते इसकी करें तो हम अनेक शासकीय,अशासकीय स्थानों पर इसका उल्लेख ज़रूर देखते हैं।यही सत्य है कि हमेशा सत्य की विजय होती है।

साथियों बात अगर हम भारतीय आध्यात्मिकता की करें तो हमें यही ज्ञान मिलता है कि सत्य व दौलत है जैसे पहले खर्च करो फिर जिंदगी भर आनंद पाओ और झूठ वह कर्ज है जिससे क्षणिक सुख पाओ और जिंदगी भर उसे चुकाते रहो बिल्कुल सत्य वचन!साथियों यह बात अगर मानव के हृदय में बस जाए तो वाह क्या बात है! हम पृथ्वी लोक में ही स्वर्ग के दर्शन कर सकेंगे।अगर हर भारतीय व्यक्ति चाहे वह सरकारी हो या शासकीय कर्मचारी, मंत्री हो या नेता, कार्यकर्ता हो या मालिक,सभी अगर सत्यता रूपी दौलत को पूरी निष्ठा से खर्च करें अर्थात ईमानदारी से अपनी अफसर शाही ड्यूटी, व्यापार-व्यवसायज दिनचर्या अर्थात जीवन के हर काम हर मोड़ पर सत्यता बरसाएगें तो वह खुद तो जीवन का आनंद जरूर पाएंगें परंतु उससे अधिक भारत को स्वर्ग जैसा सुंदर रचना बनाने में अहम रोल अदा करेगें। भारत एक अपराध मुक्त भारत की परिकल्पना में साकार होगा।कोई अदालत, पुलिस स्टेशन,जांच एजेंसियां नहीं होगी क्योंकि यह सब झूठ और अपराध को काटने के लिए ही बनाई गई हैं।


साथियों बात अगर हम झूठ की करें तो हमने अपने व्यवहारिक जीवन में देखा होगा कि बेईमान, रिश्वतखोर, झूठा, भ्रष्टाचारी, धोखेबाज इत्यादि तरह के मानव कभी अपने जीवन में सुखी नहीं होते। चाहे कितना भी अवैध धन कमा लें,उनके पीछे परिवार का, उनके स्वास्थ्य का, मानसिक हालत हमेशा दुखों में बनी रहती हैउनके शरीर के नसों में झूठ रूपी खून दौड़ता है और इन नकारात्मक झूठे व्यवहारों से उनका क्षणिक आर्थिक सुख मिलता है परंतु उसके लिए उनको जीवन भर कष्टों में गुजारना पड़ता है। जितना क्षणिक सुख प्राप्त होता है वह ब्याज सहित याने अतिरिक्त दुख सहित यहीं इस जीवन में भोगना पड़ता है और फिर अंत में पछताते हैं के ऐसा क्यों हुआ,ऊपर वाले से क्षमा याचना करते हैं।पर कहते हैं ना कि जब चिड़ियां चुग गई खेत,अब पछतावे क्या होए?

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र


साथियों बात अगर हम सत्य की गहराई की करें तो,सत्य दो प्रकार का होता है- एक व्यवहारिक सत्य और दूसरा वास्तविक। व्यवहारिक सत्य का अर्थ है जैसा देखा, जैसा सुना और जैसा अनुभव किया, उसको वैसा ही बोलना सत्य कहलाता है।व्यवहारिक सत्य में हो सकता है, जो एक के लिए सत्य है, वो दूसरे के लिए असत्य हो। वैसे तो हर व्यक्ति अपने मुताबिक अपना सत्य बना लेता है। यह व्यवहारिक सत्य, अनुभव, नजरिए और देश, काल के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। इसलिए इसमें मतभेद की संभावना बनी रहती है।ईमानदार और न्यायवादी व्यक्ति ही सत्य का पालन करता है।यह देखा गया है कि जो लोग ईमानदार होते हैं वह सदैव सच बोलते हैं। झूठे बेईमान और मक्कार लोग सदैव असत्य का फायदा लेकर अपना काम बनाते हैं। हम ऐसे लोगों से बचना चाहिए जो अपने फायदे के लिए (झूठ) असत्य बोलते हैं।सत्य का अर्थ है ‘सते हितम्’ अर्थात् जिसमें हित या कल्याण निहित हो। सत्य भूत, भविष्य एवं वर्तमान तीनों काल में एक सा रहता है तथा इससे यथार्थ का ज्ञान होता है। साधारण बातचीत में जो सच है, यथार्थ है उसे जानना, समझना, मानना, कहना एवं उसके अनुसार ही व्यवहार करना सत्य है। मानव बोध में सत्य के प्रति श्रद्धा एवं असत्य के प्रति घृणा स्वाभाविक रूप से पाई जाती है। मनुष्य जीवन के लिए सत्य सबसे बड़ी शक्ति हैं।जीवन तथा संसार के सत्य की तलाश कर उसे जीवन में अपनाना मानव मात्र का मूल उद्देश्य हैं।हमारी संस्कृति में सत्य को बड़ा महत्व दिया गया हैं।इस सम्बन्ध में एक महापुरुष ने ठीक ही कहा कि सत्य परेशान हो सकता है मगर पराजित नहीं. भारत की भूमि पर हरिश्चन्द्र जैसे राजा हुए जिनकी सत्यनिष्ठा के चलते वे सत्यवादी कहलाए।सत्य के रास्ते पर चलकर व्यक्ति बड़ी-बड़ी समस्या का समाधान आसानी से कर सकता है। सत्य के मार्ग पर चलकर कई लोगों ने सफलता प्राप्त कर अपना और अपने परिवार का भला किया है।सत्य के मार्ग पर चलकर कई लोगों ने सफलता प्राप्त कर दुनिया को बदला है । सत्य बोलने से व्यक्ति को सभी सम्मान देते हैं। ऐसा कहा जाता है कि तीन चीजें छुपाए नहीं छुपती- सूरज, चंद्रमा और सत्य। जो लोग सत्य का, न्याय का पक्ष लेते हैं उनकी प्रशंसा सभी लोग करते हैं।सत्य का साथ देने वालों को इतिहास स्वर्णिम पन्नों पर दर्ज करता है। परंतु जो लोग झूठ,असत्य का साथ देते हैं उनकी चारों ओर आलोचना होती है।

किसी ने खूब ही कहा है कि
चन्द्र टरै, सूरज टरै, टरै जगत व्यवहार।’
पै दृढ़ हरिश्चन्द्र को टरै न सत्य विचार।..
सांच बराबर तप नहीं, झूंठ बराबर पाप।
जाके हृदय सांच है, ताके हृदय आप

किसी ने धर्म के दस लक्षण बताए हैं, जिनमें सत्य भी प्रमुख स्थान रखता है।
‘धृतिः क्षमा दमोऽस्तेयं शौचमिन्द्रियनिग्रहः। धीविद्या सत्यमक्रोधो दशकं धर्मलक्षणम्।।’
अर्थात् धैर्य, क्षमा, संयम, अस्तेय (चोरी न करना ), शौच ( अंतर्मन और शरीर की पवित्रता ), इन्द्रिय निग्रह (इन्द्रियों से धर्म सम्मन आचरण), धी ( सत् बुद्धि), विद्या, सत्य एवं अक्रोध यानी हमेशा शांत रहना।
अतः अगर हम पूरे उपरोक्त विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करेंगे तो हम पाएंगे के सत्य व दौलत है जिसे पहले खर्च करो फिर जिंदगी भर आनंद पाओ और झूठ वह कर्ज है जिसमें सैनिक सुख पाओ फिर जिंदगी भर जो करते रहो और सच्चाई की राह सुखद जीवन के लिए एक विनियोग है तथा झूठ का गंतव्य दुखी जीवन की चरम सीमा है

संकलनकर्ता लेखक-क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यम सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9359653465

उत्कृष्ट कार्य हेतु ईचागढ़ की सेविका रिंकी महतो को जिला में मिला प्रथम स्थान

उत्कृष्ट कार्य हेतु ईचागढ़ की सेविका रिंकी महतो को जिला में मिला प्रथम स्थान

सरायकेला/ईचागढ़


(मालखान महतो)
सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्र तिरुलडीह 2 की सेविका रिंकी महतो को पोषण ट्रैकर के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए बुधवार को उपायुक्त कार्यालय सरायकेला में पोषण माह 2025 के समापन समारोह में सम्मानित किया गया। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर के द्वारा प्रमाण पत्र और अंग वस्त्र दे कर सम्मनित किया गया।

वहीं महिला पर्यवेक्षिका कृष्णा देवी ने बताया कि रिंकी महतो ईचागढ़ परियोजना के आंगनवाड़ी केंद्र तिरुलडीह 2 की सेविका है। इन्हे पोषण ट्रैकर पर हर क्षेत्र पर प्रतिदिन सुचारु रुप से कार्य की है और पूरे जिले में प्रथम स्थान प्राप्त की है। उन्होंने बाकी सेविकाओं से भी पोषण ट्रैकर के हर क्षेत्र पर अच्छे से कार्य करने की अपील की है।

छठ पर्व को लेकर क्षेत्र का मुसाबनी कम्पनी तालाब छठ घाट की साफ सफाई का कार्य प्रारंभ

छठ पर्व को लेकर क्षेत्र का मुसाबनी कम्पनी तालाब छठ घाट की साफ सफाई का कार्य प्रारंभ

मुसाबनी

आस्था का पर्व छठ 24 अक्टूबर से प्रारंभ होना है। जहां नेता घाटशिला विधानसभा उपचुनाव की तैयारी में लगे हैं, वहीं छठ घाट कमिटी छठ की तैयारी में लग गई है। मुसाबनी नंबर तीन स्थित कंपनी तालाब छठ घाट की साफ सफाई का काम प्रारंभ हो गया है, इसको लेकर एक सप्ताह से तालाब में उग आई जलकुंभी एवं आसपास की झाड़ियां को साफ करने का कार्य मजदूरों द्वारा किया जा रहा है। इस बारे में छठ कमिटी के संस्थापक गणेश प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि छठ मैया की आराधना का पर्व पूरी आस्था के साथ हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मनाया जाना है। छठ कमेटी इसको लेकर बृहद तैयारी कर रही है, जिसमें सबसे पहले घाट की साफ सफाई का काम रंग रोगन का काम प्रारंभ कर दिया गया है।

उसके साथ ही 25 एकड़ में फैले इस तालाब में उग आई जलकुंभी की सफाई का काम किया जा रहा है, जिसके लिए मजदूर लगाए गए हैं, समय से पूर्ण यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।।

इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लाइट की व्यवस्था, आसपास की नालियों की साफ सफाई के साथ ही श्रद्धालुओं के घाट पर सुविधा के साथ बैठने की व्यवस्था की जा रही है। 24 अक्टूबर को नहाए खाए के साथ महिलाएं घरों में प्रसाद के लिए आटा तैयार करने हेतु गेहूं की साफ सफाई धुलाई का काम करेगी, घरों की सफाई करेंगे एवं शुद्ध मन से इस तैयारी में लगेगी। इस वर्ष भी हर वर्ष की भांति बृहद रूप से ठेकुआ के प्रसाद का निर्माण छठ घाट पर ही कराया जाएगा, जिसके लिए भी तैयारी की जा रही है।

उपायुक्त की अध्यक्षता में दीपावली एवं छठ पर्व को लेकर विधि-व्यवस्था संधारण एवं तैयारी से संबंधित बैठक आयोजित

उपायुक्त की अध्यक्षता में दीपावली एवं छठ पर्व को लेकर विधि-व्यवस्था संधारण एवं तैयारी से संबंधित बैठक आयोजित

सरायकेला-खरसावां

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आगामी दीपावली एवं छठ पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराए जाने के उद्देश्य से विधि-व्यवस्था एवं तैयारी से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला – चांडील, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला योजनाओं पदाधिकारी, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी एवं नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने कहा कि दीपावली एवं छठ जैसे प्रमुख पर्वों पर नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभाग अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करें ताकि पर्वों के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उपायुक्त ने कहा कि अस्थायी लाइसेंसधारी पटाखा विक्रेताओं के लिए सुरक्षित स्थल चिन्हित किए जाएं तथा वहाँ आवश्यक अग्निशमन उपकरण, दूरी एवं सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा अंचल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में पटाखा दुकान स्थलों की पहचान कर प्रस्ताव शीघ्र जिला प्रशासन को भेजें।

उपायुक्त ने कहा कि छठ घाटों की साफ-सफाई, घाट मार्गों एवं नालों की सफाई तथा प्रकाश व्यवस्था समय पर पूर्ण कर ली जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि

सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलधिकारी एवं थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के प्रमुख छठ घाटों का पूर्व निरीक्षण करें।

सभी घाटों पर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिसमें प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पेयजल, अस्थायी शौचालय, अपशिष्ट निस्तारण एवं सफाई व्यवस्था शामिल हो।

जिन घाटों पर श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ होती है, वहाँ CCTV कैमरों की स्थापना,दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति एवं पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए।

संवेदनशील घाटों पर गोताखोरों की उपलब्धता, अग्निशमन वाहन तथा आपदा प्रबंधन दल की मौजूदगी अनिवार्य रूप से रखी जाए, विशेषकर उन स्थानों पर जहाँ पानी की गहराई अधिक हो।

उपायुक्त ने नगर परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, परिवहन एवं अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विभागीय समन्वय से कार्य करते हुए आवश्यक सेवाओं को सुदृढ़ रखें।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान सफाई, रोशनी, यातायात नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधा तथा आपदा प्रबंधन में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासन को सहयोग दें एवं दीपावली और छठ पर्व को शांति, आपसी सद्भाव और स्वच्छता के साथ मनाएं।

अवैध अफीम की खेती रोकने हेतु प्री कल्टिवकशन ड्राइव के अंतर्गत जन संवाद कार्यक्रम

अवैध अफीम की खेती रोकने हेतु प्री कल्टिवकशन ड्राइव के अंतर्गत जन संवाद कार्यक्रम

किसानों को वैकल्पिक खेती एवं सरकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए किया गया प्रेरित

सरायकेला/ईचागढ़

जिला प्रशासन सरायकेला-खरसावाँ द्वारा अवैध अफीम की खेती रोकने हेतु राज्य सरकार के निर्देशानुसार दिनांक 03 अक्टूबर से 17 अक्टूबर, 2025 तक प्री कल्टिवकशन ड्राइव संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमबार को चांडिल प्रखंड के हेसाकोचा पंचायत सचिवालय में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत की उपस्थिति में जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त सुश्री रीना हांसदा, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल विकास राय, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी चांडिल, अंचल अधिकारी चांडिल, थाना प्रभारी चौका, स्थानीय मुखिया, ग्राम प्रधान, मनकी–मुंडा एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि अफीम की अवैध खेती न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह समाज, परिवार और विशेष रूप से युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत घातक है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अफीम जैसी अवैध खेती छोड़कर खरीफ–रबी फसलों, बागवानी एवं फल–सब्जी की वैकल्पिक खेती अपनाएं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा वैकल्पिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण एवं योजनागत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उपायुक्त ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह इस बात का प्रतीक है कि पंचायत स्तर पर जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए महिलाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है — परिवार एवं समाज के समग्र विकास के लिए सभी की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत ने अफीम की अवैध खेती से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि ऐसी खेती में संलिप्त पाए जाने पर 20 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। उन्होंने अवैध खेती के कारण होने वाले वित्तीय, सामाजिक एवं पारिवारिक नुकसान, तथा युवाओं के अपराध के रास्ते पर भटकने के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने बताया कि विगत वर्ष प्रशासन द्वारा किए गए जनजागरूकता प्रयासों के परिणामस्वरूप कई किसानों ने स्वयं अपनी अफीम की अवैध खेती का विनष्टीकरण किया,जो सराहनीय एवं अनुकरणीय कदम है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अवैध अफीम की खेती के स्थान पर वैकल्पिक खेती अपनाएं और एक जागरूक नागरिक के रूप में अपने आस-पास के अन्य किसानों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों के बीच सरसो,चना,मटर सहित अन्य वैकल्पिक फसलों (सब्जी) के बीजों का वितरण किया गया। साथ ही चयनित लाभुकों के बीच मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, फूलो-झानो आशीर्वाद योजना, धोती-साड़ी वितरण योजना एवं किसान क्रेडिट कार्ड समेत विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।

हरे माधव वर्सी पर्व 2025- आस्था की धरा पर अवतरित दिव्यता का अनुभव-अमृत वर्षा क़ा आभास

हरे माधव वर्सी पर्व 2025- आस्था की धरा पर अवतरित दिव्यता का अनुभव-अमृत वर्षा क़ा आभास

बाबा ईश्वर शाह की असीम अमृत वर्षा से ,भक्तों के हृदयों में उतरी करुणा की ज्योति

हरे माधव सत्संग में श्रद्धा,सेवा, भक्ति और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला जो एक आध्यात्मिक क्रांति जैसा था- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

गोंदिया/महाराष्ट्र

वैश्विक स्तरपर आध्यात्मिकता रूपी मिठास मेंडूबे भारत के मध्यप्रदेश की पावन धरा कटनी की शांत और पावन भूमि पर 9 और 10 अक्टूबर 2025 को ऐसा दृश्य उपस्थित हुआ जिसे शब्दों में बाँध पाना अपने आप में एक आध्यात्मिक साधना के समान है। हरे माधव सत्संग के वर्सी महोत्सव ने न केवल शहर बल्कि देश और विदेश के लाखों श्रद्धालुओं को एक सूत्र में पिरो दिया।मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र व मेरे साथी मनोहर सुगानी सतना ने वहां की ग्राउंड रिपोर्टिंग की तो हमें इस दौरान श्रद्धा,सेवा,भक्ति और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला। हमने स्वयंम इन दो दिवसीय सत्संग के दौरान ग्राउंड रिपोर्टिंग की,और यह अनुभव किसी साधारण धार्मिकआयोजन से कहीं अधिक एक आध्यात्मिक क्रांति जैसा था।

साथियों बात अगर हम भक्तों के अभूतपूर्व उत्साह की करें तो, हरे माधव दयाल,जिनकी करुणा और दया की गाथाएँ भक्तों के मुख से सहज ही फूट पड़ती हैं, उनके नाम का प्रभाव इस आयोजन में स्पष्ट रूप से झलकता दिखा।हर ओर “हरे माधव” का उच्चारण मानो वातावरण को पवित्र कर रहा था। भक्तों की आँखों में जो चमक थी, वह किसी बाहरी चमत्कार से नहीं बल्कि अंतर्मन में अनुभव की गई शांति और दयालुता की झिलमिल थी।इस सत्संग ने यह सिद्ध कर दियाकिआध्यात्मिकता तब ही सशक्त होती है जब उसमें मानवता की सुगंध हो।कटनी की इस पवित्र भूमि पर जैसे ही 9 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय हुआ, हरे माधव दयाल के प्रति भक्ति की तरंगें पूरे शहर में फैल गईं, मानों बच्चे, महिलाएँ, बुजुर्ग और युवा सबकी एक ही चाह थी,”दयाल के दर्शन और सत्संग का श्रवण।”ऐसा लग रहा था मानो पूरा नगर ही भक्ति में रमा हुआ है।यह दृश्य केवल आँखों से नहीं, आत्मा से देखा जा सकता था।
साथियों बात अगर हम देश- विदेश से उमड़ा श्रद्धा का सागर, वैश्विक स्तरपर आध्यात्मिक एकता की करें तो इस वर्सी महोत्सव की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि इसमें भारत के अनेक राज्यों से अनुमानतः हजारों लाखों भक्तों ने इस दो दिवसीय सत्संग का लाभउठाया। भक्तों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण थी कि हरे माधव दयाल की शिक्षाएँ सीमाओं से परे जाकर मानवता को जोड़ रही हैं।जब मैंने ग्राउंड पर भक्तों से बात की, तो उन्होंने कहा“हम यहाँ किसी धर्म के अनुयायी बनकर नहीं, बल्कि प्रेम और शांति की तलाश में आए हैं। यहाँ जो अनुभव मिलता है, वह किसी भी किताब में नहीं।”इससे यह सिद्ध हुआ कि आज के वैश्विक युग में भी सच्ची आध्यात्मिकता वह है जो सभी जाति,भाषा और सीमाओं को मिटाकर मनुष्यता के सूत्र में जोड़ती है।

साथियों बात अगर हम सत्संग के पहले दिन 9 अक्टूबर 2025 अमृत वर्षा क़े प्रारंभ होने की करें तोपहले दिन का आरंभ मंगल वंदना और “ मेरे सतगुरां हम शरण तेरी आए ” के भक्ति स्वर से हुआ। वातावरण में घुली शांति,भजन के मधुर सुर और आरती की लौ ने ऐसा माहौल रचा कि मानो पूरा ब्रह्मांड उसी क्षण स्थिर हो गया हो।मैंने मोबाइल कैमरे की लेंस से जब भक्तों के चेहरों को कैद किया, तो हर चेहरे पर संतोष, श्रद्धा और आनंद की अनोखी अभिव्यक्ति थी। पहले दिन का मुख्य आकर्षण बाबा ईश्वर शाह साहिब जी का“दयाल संदेश”यानें अमृत वर्षा था,जिसमें कलश करुणा, क्षमा और आत्मचिंतन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। सत्संग पंडाल में गूँजती मधुर वाणी ने हजारों मनों को छू लिया। ऐसा लगा मानो हृदय के भीतर छिपी सभी थकान, चिंता और अशांति उसी क्षण विलीन हो गई हो।
साथियों बात अगर हम सत्संग के दूसरे व अंतिम दिन 10 अक्टूबर 2025 की करें तो मानो आकाश से उतरती दिव्यता पृथ्वी को नमन कर रही हो,सुबह 10 बजे से ही भक्तों का सत्संग स्थल पर पहुंचना शुरू गया था,यह सामूहिक श्रद्धा और अनुशासन का अनुपम उदाहरण था। बच्चे अपने हाथों में फूल और झंडे लिए, युवा सेवा में तत्पर, बुजुर्गों के चेहरे पर आत्मिक आनंद। यह सब देखकर लगा कि जब आस्था और अनुशासन एक साथ चलें तो समाज में कितनी सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है।बाबाजी का आगमन विशाल जुलूस के साथ हुआ एलईडी स्क्रीन पर बाबा माधव शाह बाबा नारायण शाह की अनेक महिमाओं लीलाओं का वर्णन साक्षात रूप से भक्तों को दिखाया गया जिससे भक्तों के अनेक प्रश्नों की जिज्ञासा दूर हुई उसके पश्चात बाबा जी ने स्वयं अपने मुख से सत्संग की अमृत वर्षा की जिससे भक्तजन भाव विभोर हो उठे।

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

साथियों बात अगर हम सेवा के विविध रूप,व्यवस्थापन का अनुकरणीय उदाहरण की करें तो,यह मेरे लिए इस आयोजन का सबसे प्रेरणादायक पहलू था,इसकी उत्कृष्ट सेवा व्यवस्था। सत्संग परिसर में व्यवस्थापकों और स्वयंसेवकों ने जिस निष्ठा से सेवा दी, वह अपने आप में उदाहरण है, जिसकी मैं पूरी ग्राउंड रिपोर्टिंग कर मोबाइल कैमरे में सेव किया।पंडाल सेवा- विशाल पंडालों में बैठने, धूप से बचाव, वेंटिलेशन, और व्यवस्था इतनी सुचारू थी कि अनुमानतः हजारो लाखों की भीड़ होने के बावजूद कोई अव्यवस्था नहीं दिखी।चरण पादुका सेवा- श्रद्धालुओं के लिए चरण पादुका स्थल पर विनम्र भाव से सेवा करते स्वयंसेवक विनम्रता की प्रतिमूर्ति प्रतीत हो रहे थे।जल सेवा-ठंडा,शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए अनेक जल स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ लगातार सेवा चल रही थी।खोया-पाया सेवा: इतने बड़े आयोजन में कोई वस्तु खो जाए,तो तुरंत सूचना मिल जाए,भंडारा यानी लंगर सेवा तथा बर्तन थालियां धोने की सेवा में मैंने देखा कि बड़े-बड़े अमीरों उच्च स्तरीय लोग, भक्तों द्वारा ग्रहण किए गए भोजन की थालियों को मांझकर फ़िर पानी में फिर धो रहे थे जो मुझे सबसे अनमोल सेवा लगी उनकी यह सेवा रेखांकित करने योग्य है।पुलिस विभाग और सुरक्षा व्यवस्था-कटनी पुलिस और सुरक्षा दल ने अनुकरणीय कार्य किया। भीड़ नियंत्रण से लेकर ट्रैफिक प्रबंधन तक हर पहलू पर बारीकी से ध्यान दिया गया।मेडिकल सेवा-24 घंटे संचालित मेडिकल कैंप में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ हर समय मौजूद रहे। किसी भी आपात स्थिति के लिए एम्बुलेंस व्यवस्था भी तत्पर थी।स्टालों में एक झाड़ माँ के नाम,पर्यावरणीय पहल- इस आयोजन की विशेषता रही “एक झाड़ माँ के नाम” पहल, जिसके अंतर्गत प्रत्येक भक्त ने एक पौधा रोपने का संकल्प लिया। आध्यात्मिकता को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का यह संदेश अत्यंत प्रेरणादायक था। विशेष रूप से व्यवस्थापकों सेवादारियों की सेवाएं अभूतपूर्व अनुशासन के रूप में दिखाई दी सत्संग स्थल के बाजू में हेड ऑफिस बनी हुई थी जहां से व्यवस्थापकों की हर सेवा पर नजर थी ताकि भक्तों को कोई तकलीफ ना हो,इन सभी व्यवस्थाओं को देखकर लगा कि जब सेवा भावना और संगठन शक्ति साथ मिलती है,तो कोई भी आयोजनकितना अनुशासितऔर प्रेरणादायक बन सकता है।

साथियों बात अगर हम व्यवस्था में अनुशासन और तकनीक का सुंदर संगम की करें तो,मेरी ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान मैंने पाया कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि व्यवस्थापन का भी उत्कृष्ट उदाहरण था।आयोजकों ने आधुनिक तकनीक का भी प्रयोग किया था, सीसीटीवी निगरानी,एलईडी लाइव प्रसारण ताकि दूर बैठे भक्तों को भी स्पष्ट नजर आए,जैसी सुविधाएँ मौजूद थीं। इससे यह महोत्सव केवल एक भौतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि डिजिटल आध्यात्मिकता का भी एक युगीन उदाहरण बन गया।

साथियों बात अगर हम भक्तों के भाव,अनुभवों की झंकार की करें तो,जब मैंने कुछ श्रद्धालुओं से बातचीत की, तो हर किसी की आवाज़ में भक्ति और भावनाओं की गहराई झलक रही थी।दमोह निवासी एक महिला ने कहा,“हम हर वर्ष आते हैं, लेकिन इस बार जो दिव्यता और शांति महसूस हुई, वह पहले कभी नहीं हुई। यह सचमुच अमृत वर्षा थी। ”कोल्हापुर से आए एक युवा भक्त ने कहा,“मैं तकनीकी क्षेत्र से हूँ, पर यहाँ आकर समझा कि असली ‘कनेक्शन’ईश्वर से जुड़ाव है, न कि इंटरनेट से।”इन सरल वाक्यों में वह आध्यात्मिक सत्य छिपा है जो जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन और सकारात्मकता का संदेश देता है।आध्यात्मिकता और समाजसेवा का संगम-हरे माधव सत्संग केवल उपदेश देने वाला मंच नहीं है, बल्कि यह एक जीवंत सामाजिक आंदोलन भी है। इस महोत्सव के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में अनेक जनसेवा अभियानों कि हमें प्रेरणा मिली।हरे माधव परमार्थ सेवा समिति कटनी द्वारा गरीब परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवा बाबा माधव शाह चिकित्सालय मासिक अनाज वितरण साहित्य अनेकयोजनाओं का संचालन किया जाता है।यह देखकर लगा कि सच्ची भक्ति वही है जो समाज में परिवर्तन का माध्यम बने। आध्यात्मिकता तभी सार्थक है जब वह मानवता के कार्यों में उतरकर समाज को उन्नति की दिशा में ले जाए।

साथियों बात अगर हम अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से हरेमाधव सत्संग की प्रासंगिकता को समझने की करें तो,विश्व स्तर पर आज जब तनाव, हिंसा, युद्ध और आर्थिक प्रतिस्पर्धा का दौर चल रहा है, तब हरे माधव दयाल का संदेश,“दयालता ही मानवता का आधार है”अत्यंत प्रासंगिक हो उठता है। कटनी का यह आयोजन केवल धार्मिक भावनाओं का प्रदर्शन नहीं, बल्कि“वसुधैव कुटुंबकम्” के भारतीय आदर्श का जीवंत प्रमाण था।कोल्हापुर मुंबई सहित अनेक मेट्रो सिटी से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्हें यहाँ वह “मेडिटेशनल एनर्जी” मिली जो किसी भी मानसिकचिकित्सा से अधिक प्रभावशाली है।

साथियों बात अगर हम मेरी ग्राउंड रिपोर्टिंग करें तो, मुझे इसके लिए संस्था या व्यवस्थापकों नें कहा नहीं था मैंने स्वतः संज्ञान से ग्राउंड रिपोर्टर की आत्मानुभूति,शब्दों से परे एक साक्षात्कार-जब मैंने इन दो दिनों की रिपोर्टिंग पूरी की,तो महसूस किया कि वकालत क़े पेशे जैसे केवल तथ्य नहीं, बल्कि अनुभूति का भी माध्यम है। कैमरे में कैद दृश्य भले सीमित हों, पर हृदय में जो दृश्य अंकित हुए, वे जीवनभर अमिट रहेंगे।मैंने देखा कि किस प्रकार भक्त भक्ति में डूबकर सेवा करते हैं, किस तरह व्यवस्थापक दिन-रात बिना थके अपने कर्तव्यों में लगे रहे,और कैसे एक संत का सन्देश लाखों के जीवन में प्रकाश बन जाता है।यह रिपोर्ट केवल रिपोर्ट नहीं, एक साक्षात्कार है, आत्मा का, श्रद्धा का,और मानवता का।

ग्राउंड रिपोर्टिंग लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226223918

उप प्रमुख मो. एकराम ने कराया जर्ज़र सड़क का मिट्टी-मोरम से मरम्मती

उप प्रमुख मो. एकराम ने कराया जर्ज़र सड़क का मिट्टी-मोरम से मरम्मती

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिला के कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के तिरुलडीह-चौड़ा मुख्य पथ (सोनाराम महतो के घर के पास) से होकर मध्य विद्यालय कुदा तक जाने वाली जर्जर सड़क की मरम्मत कुकड़ू प्रखंड के उप प्रमुख मो. एकराम की पहल पर कराई गई।

ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही परेशानी को देखते हुए स्वयं उपप्रमुख ने जेसीबी और ट्रैक्टर लगवाकर सड़क पर मिट्टी-मोरम डालने का कार्य करवाया।
बरसात के दिनों में इस सड़क पर पानी जमा हो जाने से स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को आवाजाही में भारी दिक्कत हो रही थी।

आए दिन लोग फिसलकर गिर जाते थे। ग्रामीणों की शिकायत पर उप प्रमुख मो. एकराम ने त्वरित पहल करते हुए अस्थायी रूप से मरम्मत का कार्य पूरा कराया। उप प्रमुख मो. एकराम ने कहा कि आगामी दिनों में 15वीं वित्त आयोग से फंड प्राप्त होने पर इस सड़क पर पीसीसी निर्माण कराया जाएगा, ताकि लोगों को स्थायी राहत मिल सके। इस मौके पर तिरुलडीह थाना के एएसआई रंजीत प्रसाद भी मौजूद थे। उन्होंने उप प्रमुख के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्य ग्रामीण हित में सराहनीय पहल है।

अफीम खेती के लंबित मामले में एक गिरफ्तार, भेजा जेल

अफीम खेती के लंबित मामले में एक गिरफ्तार, भेजा जेल

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ थाना क्षेत्र के तुता गांव निवासी 27 वर्षीय वीष्णू महतो को रविवार को ईचागढ पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। थाना प्रभारी बिक्रम आदित्य पांडे ने बताया विष्णु महतो अफीम खेती में संलिप्त थे। विष्णु महतो के खिलाफ ईचागढ़ थाना कांड संख्या 23/25 दिनांक 01-03-025 के तहत धारा 15/18/46 दर्ज है। उन्होंने कहा कि लंबित एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

उन्होंने लोगों को अपील करते हुए कहा कि अफीम खेती के खिलाफ लोगों को जागरूक किया जा रहा है , अफीम खेती को छोड़कर वैकल्पिक खेती अपनाएं, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी सुरत में अफीम खेती एवं अन्य नशीले पदार्थ की खेती एवं कारोबार बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लंबित मामलों का त्वरित कार्रवाई किया जा रहा है।

नंबर वन बना प्रवीण सेवा संस्थान का पूजा पंडाल बना , ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया दुर्गे देवी नमस्तुते अवार्ड 2025’ से किए गए सम्मानित

नंबर वन बना प्रवीण सेवा संस्थान का पूजा पंडाल बना , ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया दुर्गे देवी नमस्तुते अवार्ड 2025’ से किए गए सम्मानित

सरायकेला/आदित्यपुर

जमशेदपुर : इस वर्ष की दुर्गा पूजा में प्रवीण सेवा संस्थान का पूजा पंडाल बना नंबर वन, ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया दुर्गे देवी नमस्तुते अवार्ड 2025’ से किया गया सम्मानित।

प्रवीण सेवा संस्थान, श्री श्री दुर्गा पूजा समिति आदित्यपुर ने अपने भव्य एवं अद्वितीय पंडाल से शहरवासियों का दिल जीत लिया। द टाइम्स ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित ‘दुर्गे देवी नमस्तुते अवार्ड 2025’ में इस पूजा पंडाल को नंबर वन का स्थान प्राप्त हुआ।

पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन बिष्टूपुर स्थित श्रीलेदर्स में किया गया, जहां द टाइम्स ऑफ इंडिया के संपादक बप्पा मजूमदार ने पूजा समिति के प्रेस प्रभारी सह ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह के आप्त सचिव सुनील गुप्ता को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
संस्थान को दो श्रेणियों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ — ऑनलाइन पसंद श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ पूजा पंडाल, और जजों की थीम श्रेणी में प्रथम स्थान।

इस वर्ष प्रवीण सेवा संस्थान की ओर से तैयार पंडाल की थीम “राजस्थान के उदयपुर का महल” रही। यह पंडाल न केवल भव्यता में अद्वितीय था, बल्कि सांस्कृतिक सौंदर्य का उत्कृष्ट उदाहरण भी बना। पंडाल की थीम ने विशेष रूप से मारवाड़ी समाज को गौरवान्वित किया।
इस अवसर पर समिति के संरक्षक एवं ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह को विशेष रूप से प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने भी समारोह में भाग लिया और समिति की इस रचनात्मक पहल की सराहना करते हुए कहा कि “इस तरह का प्रयास पहली बार देखा गया है, जिससे मारवाड़ी समाज को गौरव की अनुभूति हुई है।”

पंडाल चयन समिति में चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. जय भादुड़ी, केपीएस स्कूल के डायरेक्टर श्रीकांत नायक और प्रसिद्ध कलाकार सुमन प्रसाद शामिल थे, जिन्होंने विभिन्न मापदंडों पर पंडालों का मूल्यांकन किया।

द टाइम्स ऑफ इंडिया न्यूज के माध्यम से जमशेदपुर में दुर्गा पूजा पंडालों को लेकर एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें पंडालों के मैनेजमेंट, थीम, सजावट और जनसहभागिता के आधार पर चयन किया गया। इस प्रक्रिया में प्रवीण सेवा संस्थान, आदित्यपुर का पंडाल सभी मानदंडों पर खरा उतरा और सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया।

समिति के प्रमुख और टीम का सम्मान

पूजा कमेटी के प्रेस प्रभारी सह ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह के आप्त सचिव सुनील गुप्ता ने इस पूरी टीम को सफलता को आस्था और टीमवर्क का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि “यह सम्मान हमारी पूरी समिति और भक्तों के समर्पण का प्रतीक है।”

जयराम महतो के समर्थन में पार्टी पदाधिकारियों की हुंकार, विरोधियों पर षड्यंत्र रचने का आरोप

जयराम महतो के समर्थन में पार्टी पदाधिकारियों की हुंकार, विरोधियों पर षड्यंत्र रचने का आरोप

सरायकेला

रविवार को एल के एम पार्टी के पदाधिकारियों ने एक प्रेसवार्ता कर स्पष्ट कहा कि जे एल के एम पार्टी के खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से षड्यंत्र रचा जा रहा है।

इस प्रेसवार्ता में प्रमंडलीय अध्यक्ष नवीन महतो, केंद्रीय संगठन सचिव सविता महतो, केंद्रीय सचिव विद्येश्वर महतो, नगर अध्यक्ष प्रदीप महतो, प्रखंड अध्यक्ष संजय महतो, केंद्रीय प्रवक्ता देवाशीष महतो और कोल्हान प्रवक्ता माधव महतो समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

पार्टी के प्रमंडलीय अध्यक्ष नवीन महतो ने कहा कि मौजूदा समय में लड़ाई संरक्षण की है, जबकि झगड़ा आरक्षण को लेकर दिखाया जा रहा है। झारखंड राज्य के गठन में आदिवासी और कुड़मी दोनों समाजों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बावजूद इसके आज केंद्रीय अध्यक्ष जयराम महतो को टारगेट किया जा रहा है, जबकि वे शोषित–पीड़ित वर्ग के लोगों को 75 प्रतिशत वेतन देने जैसे ऐतिहासिक फैसले ले रहे हैं।केंद्रीय संगठन सचिव सविता महतो ने कहा कि “टाइगर” जयराम महतो को धमकियां दी जा रही हैं, जबकि रेल टेका आंदोलन मूल रूप से कुड़मियों का आंदोलन था। हम किसी भी प्रकार की गाली गलौज या अपमानजनक व्यवहार का विरोध करते हैं। पहले समाज, फिर पार्टी यह हमारी प्राथमिकता है। केद्रीय सचिव विद्येश्वर महतो ने कहा कि कुड़मी समाज की लड़ाई केंद्र सरकार से है और यह 1975 से चली आ रही है। यदि सिस्टम न्यायपूर्ण ढंग से चले तो कुड़मियों को आदिवासी का दर्जा मिलने से कोई रोक नहीं सकता।

हमारी पार्टी इस मुद्दे में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं है, लेकिन कार्यकर्ता अपने समाज के समर्थन में स्वतंत्र रूप से खड़े हो सकते हैं। केंद्रीय प्रवक्ता देवाशीष महतो ने कहा कि हमारे नेता स्वयं सरना कोड की मांग कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें आदिवासी विरोधी कहना सरासर गलत है.

जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में ईचागढ़ क्षेत्र में औचक निरीक्षण।

जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में ईचागढ़ क्षेत्र में औचक निरीक्षण।

सरायकेला/ईचागढ़

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निदेशानुसार दिनांक 11 अक्टूबर, 2025 को जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में, थाना प्रभारी (ईचागढ़) एवं स्थानीय पुलिस बल की उपस्थिति में ईचागढ़ थाना अंतर्गत अवैध बालू खनन एवं परिवहन को लेकर औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान बालू खनिज लदे वाहनों को रोककर उनके परिवहन से संबंधित कागजातों एवं लदे खनिज की मात्रा की जांच की गई। इस क्रम में यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी प्रकार का अवैध खनन या बिना वैध परिवहन प्रपत्र के बालू का आवागमन न हो।

जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपथी द्वारा ईचागढ़ एवं तिरुलडीह थाना क्षेत्रों में पूर्व में स्थापित सीसीटीवी कैमरों तथा चेकनाका स्थलों का भी निरीक्षण किया गया। साथ ही, अवैध खनन की प्रभावी निगरानी हेतु हाई-रिज़ॉल्यूशन एवं नाइट विज़न कैमरा लगाए जाने के विषय पर अनुमंडल पदाधिकारी (चांडिल) के साथ विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान दो अन्य स्थलों की पहचान अतिरिक्त कैमरा स्थापना हेतु की गई।

इसके पश्चात् छापामारी दल द्वारा ईचागढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न बालू घाटों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किसी व्यक्ति या वाहन को अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त नहीं पाया गया     ।

अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित प्राप्त शिकायतों के आलोक में बालू घाटों की ओर जाने वाले मार्गों एवं झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (JSMDC) द्वारा पूर्व में धारित भंडारण स्थलों की ओर जाने वाले रास्तों पर ट्रेंच निर्माण कर अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण हेतु प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

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