क्रोध का विकराल रूप जुनून है, जो जीव पर सवार होकर जघन्य से जघन्य अपराध करा देता है।

क्रोध का विकराल रूप जुनून है, जो जीव पर सवार होकर जघन्य से जघन्य अपराध करा देता है।

गोंदिया/महाराष्ट्र

क्रोध में व्यक्ति आपा खो देता है-एक दोष को दूर करने के लिए अनेक कुतर्क पेश करता है।

क्रोध से उत्पन्न हुए अपराधों के औचित्य को सिद्ध करने के लिए क्रोधी व्यक्ति कुतर्क कर दूसरे को ही दोषी सिद्ध करता है – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

भारतीय संस्कृति, सभ्यता के बारे में हमने साहित्य और इतिहास के माध्यम से और भारत माता की गोद में रहकर पारिवारिक संस्कृति,मान सम्मान,रीति-रिवाजों से इसे प्रत्यक्ष महसूस भी कर रहे हैं। परंतु हमारे बड़े बुजुर्गों के माध्यम से हमने कई बार सतयुग का नाम सुने हैं, जिसका वर्णन वे स्वर्गलोक़ के तुल्य करते हैं। याने इतनी सुखशांति, अपराध मुक्ति, इमानदारी,शांति सरोवर तुल्य, कोई चालाकी चतुराई गलतफहमी या कुटिलता या भ्रष्टाचार नहीं, बस एक ऐसा युग कि कोई अगर कुछ दिन, माह के लिए बाहर गांव जाए तो अपने घरों को ताला तक लगाने की ज़रूरत नहीं!अब कल्पना कीजिए कि अपराध बोध मुक्त युग!मेरा मानना है कि हमारी पूर्व की पीढ़ियों ने ऐसा युग जिए होंगे तब यह बोध आगे की पीढ़ियों में आया,जिसे सतयुग के नाम से जरूर जाना जाता है।


साथियों बात अगर हम वर्तमान युग पर बड़े बुजुर्गों में चर्चा की करें तो इस इसे कलयुग नाम देते हैं, याने सभी प्रकार के अपराध बोध से युक्त संसार। हर तरह की बेईमानी, भ्रष्टाचार कुटिलता से भरा हुआ युग!आज भी बुजुर्गों का मानना है कि वह सतयुग फिर आएगा,याने आज की तकनीकी भाषा में अपराध मुक्त, भ्रष्टाचार बेईमानी कुटिलता मुक्त पारदर्शिता और अनेकता में एकता वाले भारत की परिकल्पना का युग।

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

साथियों बात अगर हम अपराध, भ्रष्टाचार, बेईमानी, कुटिलता से भरे जग की करें तो मेरा मानना है कि इसका मुख्य प्रवेश द्वार क्रोध, उत्तेजित स्वभाव व लालच है जिसमें आपराधिक बोध प्रवृत्ति का जन्म होता है और व्यक्ति क्रोध में हिंसा, अपराध, लालच, भ्रष्टाचार, बेईमानी और कुटिलता के अमानवीय कृति और अन्य गलत कार्यों की ओर मुड़ जाता है और आगे बढ़ते ही चले जाता है जब जीवन के असली महत्व का पता चलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। क्रोध की अभिव्यक्ति हमारे अंदर की कुंठा, हिंसा व द्वेष के कारण भी हो सकती है। वर्तमान काल में अपराधों के बढ़ने का एक प्रमुख कारण भीषण क्रोध ही है। क्रोध से उत्पन्न हुए अपराधों के औचित्य को सिद्ध करने के लिए क्रोधी व्यक्ति कुतर्क कर दूसरे को ही दोषी सिद्ध करता है। एक दोष को दूर करने के लिए अनेक कुतर्क पेश करता है। क्रोध में व्यक्ति आपा खो देता है। क्रोध में अंतत: बुद्धि निस्तेज हो जाती है और विवेक नष्ट हो जाता है। क्रोध का विकराल रूप जुनून है। आदमी पर जुनून सवार होने पर वह जघन्य से जघन्य अपराध कर बैठता है। जुनून की हालत में उसे मानवीय गुणों का न बोध रह पाता है और न ही ज्ञान। क्रोध मानव का सबसे बड़ा शत्रु है, बहुत बड़ा अभिशाप है।

साथियों बात अगर हम शांत, परोपकारी स्वभाव ही जीवन का मूल मंत्र की करें तोअभिभावकों, शिक्षकों को बच्चों को यह शिक्षा देना है और हम बड़ों को यह स्वतः संज्ञान लेना है कि माचिस की तीली बनने की बजाय शांत सरोवर बनना होगा, जिसमें कोई अंगारा भी फेंके तो स्वयं ही बुझ जाए, बस! यह भाव अगर हम मनीषियों के हृदय में समाहित हो जाए तो यह विश्व फिर सतयुग का रूप धारण करेगा जहां किसी तरह का कोई अपराध बोध या गलत काम का भाव नहीं होगा। सभी मनीषी जीव परोपकारी भाव से युक्त होंगे भाईचारा, प्रेम, सद्भाव की बारिश होगी जहां बिना ताले घरबार छोड़ कहीं भी जाने के भाव जागृत होंगे और हमारे बुजुर्गों का सतयुग रूपी सपना साकार होगा।

साथियों बात अगर हम स्वयं को माचिस की तीली याने क्रोधित होने पर विपरीत परिणामों की करें तो, क्रोध मनुष्य को बर्बाद कर देता है और उसे अच्छे बुरे का पता नही चलने देता, जिस कारण मनुष्य का इससे नुक्सान होता है। क्रोध मनुष्य का प्रथम शत्रु होता है। क्रोधी व्यक्ति आवेश में दूसरे का इतना बुरा नहीं जितना स्वयं का करता है। क्रोध व्यक्ति की बुद्धि को समाप्त करके मन को काला बना देता है।

साथियों बात अगर हम क्रोध को नियंत्रित कर समाप्त करने की तकनीकी की करें तोइलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अनुसार क्रोध के नकारात्मक प्रभाव पूरे इतिहास में देखे गए हैं। प्राचीन दार्शनिकों, धर्मपरायण व्यक्तियों और आधुनिक मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतीत होने वाले अनियंत्रित क्रोध का मुकाबला करने की सलाह दी गई है। आधुनिक समय में, क्रोध को नियंत्रित करने की अवधारणा को मनोवैज्ञानिकों के शोध के आधार पर क्रोध प्रबंधनकार्यक्रमों में अनुवादित किया गया है।क्रोध प्रबंधन क्रोध की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एक मनो-चिकित्सीय कार्यक्रम है ।

इसे क्रोध को सफलतापूर्वक तैनात करने के रूप में वर्णित किया गया है। क्रोध अक्सर हताशा का परिणाम होता है,या किसी ऐसी चीज से अवरुद्ध या विफल होने का अनुभव होता है जिसे विषय महत्वपूर्ण लगता है। अपनी भावनाओं को समझना क्रोध से निपटने का तरीका सीखने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। जिन बच्चों ने अपनी नकारात्मक भावनाओं को क्रोध डायरी में लिखा था, उन्होंने वास्तव में अपनी भावनात्मक समझ में सुधार किया, जिससे बदले में कम आक्रामकता हुई। जब अपनी भावनाओं से निपटने की बात आती है, तो बच्चे ऐसे उदाहरणों के प्रत्यक्ष उदाहरण देखकर सबसे अच्छा सीखने की क्षमता दिखाते हैं, जिनके कारण कुछ निश्चित स्तर पर गुस्सा आया। उनके क्रोधित होने के कारणों को देखकर, वे भविष्य में उन कार्यों से बचने की कोशिश कर सकते हैं या उस भावना के लिए तैयार हो सकते हैं जो वे अनुभव करते हैं यदि वे खुद को कुछ ऐसा करते हुए पाते हैं जिसके परिणामस्वरूप आमतौर पर उन्हें गुस्सा आता है, इसके साथ ही एकांत में जाकर ध्यान के माध्यम से क्रोध के विकारों को नष्ट करने का प्रयास करें तो ऋणात्मक ऊर्जा को मोड़कर हम सकारात्मक ऊर्जा से विवेक सम्मत निर्णय लेने में सक्षम हो सकते हैं।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि क्रोध का विकराल रूप जुनून है, जो जीव पर सवार होकर जघन्य से जघन्य अपराध करा देता है।क्रोध में व्यक्ति आपा खो देता है-एक दोष को दूर करने के लिए अनेक कुतर्क पेश करता हैक्रोध से उत्पन्न हुए अपराधों के औचित्य को सिद्ध करने के लिए क्रोधी व्यक्ति कुतर्क कर दूसरे को ही दोषी सिद्ध करता है

संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9359653465

जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिला नियंत्रण कक्ष, सी-विजिल कंट्रोल रूम एवं एमसीएमसी कोषांग का किया निरीक्षण

जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिला नियंत्रण कक्ष, सी-विजिल कंट्रोल रूम एवं एमसीएमसी कोषांग का किया निरीक्षण

पूर्वी सिंहभूम/ जमशेदपुर

घाटशिला विधानसभा उपचुनाव-2025 के सुचारू, निष्पक्ष एवं पारदर्शी संचालन को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री कर्ण सत्यार्थी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री पीयूष पांडेय द्वारा जिला नियंत्रण कक्ष, सी-विजिल (cVIGIL) कंट्रोल रूम एवं एम.सी.एम.सी (Media Certification and Monitoring Committee) कोषांग का निरीक्षण किया गया । इस दौरान जिले के वरीय पदाधिकारियों द्वारा नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों से निर्वाचन संबंधी शिकायतों के प्राप्ति, पंजीकरण एवं उसके त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी ली गई। उन्होंने निर्देश दिया कि नियंत्रण कक्ष में प्राप्त किसी भी शिकायत या सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा संबंधित अधिकारियों को सूचित कर समयबद्ध प्रतिवेदन प्राप्त किया जाए ।

cVIGIL कंट्रोल रूम के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि नागरिकों द्वारा cVIGIL मोबाइल ऐप के माध्यम से की गई किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और सत्यापन के उपरांत उचित कार्रवाई की रिपोर्ट शीघ्र अपलोड की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आमजन को इस ऐप के उपयोग के प्रति जागरूक करें ताकि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की घटनाओं पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके।

एमसीएमसी कोषांग के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सभी प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में प्रकाशित/प्रसारित राजनीतिक सामग्री पर सतर्क निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों या प्रत्याशियों द्वारा बिना प्रमाणीकरण के किसी भी राजनीतिक विज्ञापन को प्रकाशित या प्रसारित नहीं किया जाना है। सभी शिकायतों एवं अनुमोदन से संबंधित अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।

निरीक्षण के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती प्रियंका सिंह, डीएसपी सीसीआर, सहा. प्रभारी पदाधिकारी जिला नियंत्रण कक्ष अल्का पन्ना, सुजीत बारी, सहा. प्रभारी पदाधिकारी मीडिया एवं एमसीएमसी कोषांग अंकित कुमार सिंह तथा अन्य पदाधिकारी-कर्मी उपस्थित रहे ।

नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में घायल सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लस्कर शहीद।

नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में घायल सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लस्कर शहीद।

चाईबासा

चाईबासा के मनोहरपुर प्रखंड के सारंडा जंगल में शुक्रवार की देर रात नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में घायल सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लस्कर ने इलाज के दौरान वीरगति प्राप्त कर ली। वे असम के नौगांव जिले के रहने वाले थे।

मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात नक्सलियों ने प्रतिरोध सप्ताह के दौरान सुरक्षा बलों पर हमला बोला था। इस आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ 60 बटालियन के तीन जवान घायल हुए थे, जिनमें इंस्पेक्टर कौशल कुमार मिश्रा और सब-इंस्पेक्टर रामचंद्र गोगी गंभीर रूप से जख्मी हैं। दोनों का इलाज उड़ीसा के राउरकेला अस्पताल में चल रहा है।

शहीद महेंद्र लश्कर का पार्थिव शरीर रांची लाया जा रहा है, जहां पोस्टमार्टम के बाद सीआरपीएफ कैंप में उन्हें अंतिम सलामी दी जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने उनके शहीद होने की आधिकारिक पुष्टि की है।

चाईबासा एसपी अमित रेणू ने बताया कि सारंडा में सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा था, तभी दो आईईडी धमाके हुए। इस हमले से स्पष्ट है कि नक्सली अब भी घने जंगलों में सक्रिय हैं और सुरक्षा बलों को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं।

घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में सोमेश सोरेन कीजीत निश्चित: प्रधान सोरेन

घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में सोमेश सोरेन कीजीत निश्चित: प्रधान सोरेन

मुसाबनी

जिस तरह से घाटशिला विधानसभा का उपचुनाव जैसे जैसे नजदीक आते जा रहा है वैसे वैसे अपने पार्टी की उम्मीदवार को जीतने के लिए गांव गांव जाकर समर्थन जितना का प्रयास कर रहे हैं उसी क्रम में अपने उम्मीदवार को जीतने के लिए प्रखंड के सुरदा गांव में प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन की अध्यक्षता में झामुमो का कार्यक्रम आयोजित क़ी गई जिसमे में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में झामुमो युवा नेता सोमेश चंद्र सोरेन शामिल हुए.

इस कार्यक्रम में हेमंत सरकार के जन कल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों से प्रभावित होकर भारतीय जनता पार्टी के महिला नेत्री लक्ष्मी रानी पातर एवं जयंती हुई के नेतृत्व में भाजपा एवं आजसू के सैकड़ों समर्थको के साथ झामुमो पार्टी में शामिल हुए। सभी महिलाओं एवं युवाओं को मुख्य अतिथि सोमेश सोरेन ने माला पहनाकर सम्मानित कर झामुमो में शामिल किया इस अवसर पर शामिल महिलाओ ने कहा क़ि अपने उम्मीदवार सोमेश सोरेन की जिताने के लिए तन मन धन से हम लोग काम करेंगे सोमेश सोरेन को जिताने के लिए घर -घर जाकर लोगों संपर्क करेंगे, ताकि भारी बहुमत से जीत हासिल हो सके.

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए रफ्तार को आगे बढ़ाने के लिए एन.डी.ए प्रत्याशी को जीताने का काम करें: बुद्धेश्वर मुर्मू

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए रफ्तार को आगे बढ़ाने के लिए एन.डी.ए प्रत्याशी को जीताने का काम करें: बुद्धेश्वर मुर्मू

मुसाबनी

आजसू पार्टी में बुधवार को जिला प्रधान सचिव बुद्धेश्वर मुर्मू के नेतृत्व में आगामी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर एन डी ए के पक्ष में गोहला पंचायत के विक्रमपुर गांव का दौरा किया गया।

इस दौरान विक्रमपुर गांव में ग्राम प्रधान मानसिंह सोरेन के अध्यक्षता में ग्रामीणों के साथ बैठक किया गया और आगामी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में एन डी ए प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने की अपील कि गई । उन्होंने ग्रामीणों के समक्ष वर्तमान हेमंत सरकार द्वारा गांव के विकास में शिथिलता का आरोप लगाते हुए क्षेत्र का विकास रफ्तार को आगे बढ़ाने के लिए एन डी ए प्रत्याशी को जीताने के लिए अपील की गई। उन्होंने वर्तमान सरकार पर बोलते हुए कहा की गांव की विकास को हेमंत सरकार द्वारा ठप्प करके रख दिया है । वर्तमान पंचायत जो गांव के विकास का पैमाना माना जाता है पूरे झारखंड में मईया योजना के नाम से विकास ठप्प पड़ा हुआ है । घाटशिला विधानसभा विकास का रफ्तार को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने एन डी ए प्रत्याशी को जीताने की अपील की है । जिला प्रधान सचिव बुद्धेश्वर मुर्मू ने ग्रामीणों को बताया की आगामी 16 अक्टूबर को आजसू पार्टी के सुप्रीमो का घाटशिला आगमन होने जा रहा है।

उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को कहा कि आजसू पार्टी के सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो का आगमन आगामी 16 अक्टूबर को घाटशिला में होने जा रहा है । इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक ग्रामीणों को उपस्थित होने की अपील की गई।

इस अवसर पर आजसू के जिला प्रधान सचिव बुद्धेश्वर मुर्मू,निशित पातर,विक्रमपुर ग्राम प्रधान मानसिंह सोरेन, पांडु मुर्मू,नूरी हो, बुधराई सोरेन, राकेश मुर्मू,, मोनिन पातर, शक्ति पदों राउत आदि उपस्थित थे।

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चौकीदार स्थापना समिति की बैठक संपन्न,,चौकीदार पदों के रिक्तीकरण एवं नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश.

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चौकीदार स्थापना समिति की बैठक संपन्न,,चौकीदार पदों के रिक्तीकरण एवं नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश.

सरायकेला-खरसावां

समाहरणालय सभागार, सरायकेला में उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चौकीदार स्थापना समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी अंचल अधिकारी एवं थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण कर चौकीदार बीटों के सृजन से संबंधित प्रस्ताव एक सप्ताह की अवधि के भीतर संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को प्रेषित करें। इसके पश्चात अनुमंडल पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के अंचलों द्वारा प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा एवं परीक्षण कर, संतुष्ट होने की स्थिति में अनुमोदन प्रदान करें तथा एक सप्ताह के भीतर समेकित रूप से सभी प्रस्ताव जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं, ताकि चौकीदार पदों की स्वीकृति एवं चिन्हांकन से संबंधित विभागीय संप्रेषण हेतु अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में समिति द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि पूर्व में प्रकाशित विज्ञापन को निरस्त करते हुए चौकीदार पदों की नियुक्ति हेतु नया विज्ञापन पुनः प्रकाशित किया जाएगा।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि रिक्त पदों के अद्यतन विवरण, सत्यापन रिपोर्ट एवं सृजन प्रस्ताव की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूर्ण की जाए, ताकि चौकीदार नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से संपन्न किया जा सके।

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश लुनायत, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी गोपी उरांव, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला निवेदिता नियति, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल विकास राय, पुलिस उपाधिक्षक (मुख्यालय) प्रदीप उरांव , जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सह प्रभारी पदाधिकारी (सामान्य शाखा) अविनाश कुमार एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

भारत-ब्रिटेन नई आर्थिक साझेदारी की दास्तान -प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की ऐतिहासिक सफ़ल भारत यात्रा 2025- व्यापार निवेश, तकनीक और विश्वास की नई परिभाषा

भारत-ब्रिटेन नई आर्थिक साझेदारी की दास्तान -प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की ऐतिहासिक सफ़ल भारत यात्रा 2025- व्यापार निवेश, तकनीक और विश्वास की नई परिभाषा

“डेड इकोनॉमी”कहने वालों को करारा जवाब

उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में 125 से अधिक शीर्ष सीईओ, अग्रणी उद्यमी, विश्वविद्यालयों के कुलपति और सांस्कृतिक संस्थानों के प्रमुख शामिल हैं,जो यात्रा के महत्व को रेखांकित करता है- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

गोंदिया/महाराष्ट्र

वैश्विक स्तरपर ब्रिटिश प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर की 9-10 अक्टूबर 2025 की भारत यात्रा ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह यात्रा केवल दो दिनों की औपचारिक मुलाक़ात नहीं, बल्कि 21वीं सदी के वैश्विक व्यापारिक समीकरणों में भारत की निर्णायक भूमिका को स्वीकार करने की ठोस अभिव्यक्ति है।भारतीय पीएम के निमंत्रण पर भारत पहुंचे स्टार्मर का मुंबई एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत हुआ, जहां से इस यात्रा की शुरुआत ने एक ऐसा संदेश दिया “भारत अब वैश्विक शक्ति संतुलन का निर्णायक केंद्र है”।

पीएम ने ब्रिटेन पीएम के साथ मुलाकात की एक तस्वीर साझा करते हुए कहा कि भारत और ब्रिटेन के रिश्ते तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और”नई ऊर्जा से भरे हुए हैं”एक तस्वीर में पीएम मोदी ब्रिटिश पीएम के साथ एक ही कार में नजर आए मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यहमानता हूं कि अमेरिका द्वारा भारत को डेड इकोनामी कहे जाने व 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने के बाद भारत-यूके रिश्तों का नया दौर शुरू हो गया है, व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी पर केंद्रित कूटनीति ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत डेट इकोनामी नहीं है,आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी क़े सहयोग से आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे, भारत-ब्रिटेन नई आर्थिक साझेदारी की दास्तान,प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की ऐतिहासिक सफ़ल भारत यात्रा 2025- व्यापार,निवेश, तकनीक और विश्वास की नई परिभाषा।

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

साथियों बात अगर हम ब्रिटेन पीएम की दो दिवसीय यात्रा की करें तो, यह ऐसे समय में हो रही है जब भारत और ब्रिटेन दोनों ही अपने-अपने आर्थिक और रणनीतिक भविष्य के पुनर्संरचना के दौर से गुजर रहे हैं। यात्रा का प्रमुख उद्देश्य व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग को सुदृढ़ करना है। ब्रिटिश पीएम के साथ आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में 125 से अधिक शीर्ष सीईओ, अग्रणी उद्यमी, विश्वविद्यालयों के कुलपति और सांस्कृतिक संस्थानों के प्रमुख शामिल हैं, यह अपने आप में इस यात्रा के महत्व को रेखांकित करता है।यह केवल एक राजनयिक यात्रा नहीं, बल्कि ब्रिटिश व्यापारिक समुदाय का भारत के प्रति बदलता नजरिया दर्शाने वाली ऐतिहासिक घटना है। ब्रिटेन के कई औद्योगिक घराने अब भारत को मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब के रूप में देख रहे हैं, न कि केवल एक उपभोक्ता बाज़ार के रूप में।“डेड इकोनॉमी” कहने वालों को करारा जवाब हैँ।


साथियों बात अगर हम अमेरिकी राष्ट्रपति द्वाराकुछ समय पहले भारत की अर्थव्यवस्था को “डेड इकोनामी” कहकर प्रश्न उठाए गए थे। वहीं भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद, वैश्विक व्यापार जगत में भारत की नीतियों को लेकर बहस तेज़ हो गई थी।लेकिन ब्रिटिश प्रधानमंत्री की यह यात्रा उस सोच को सीधा जवाब देती है। ब्रिटिश पीएम ने मुंबई में उतरते ही कहा कि “भारत 2028 तक दुनियाँ की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है, और ब्रिटेन उस यात्रा का मजबूत भागीदार बनेगा।”यह बयान न केवल आर्थिक विश्वास का प्रतीक है, बल्कि यह उन तमाम संशयवादियों के लिए एक संदेश है जो भारत की विकास गाथा पर सवाल उठाते रहे हैं।


साथियों बातें कर हम ब्रिटेन के जेम्बो डेलिगेशन की करें तो यह विश्वास की कूटनीतिक मिसाल हैँ, इतिहास में शायद ही ऐसा हुआ हो जब ब्रिटेन का इतना बड़ा प्रतिनिधिमंडल किसी देश की यात्रा पर आया हो। यह “जेम्बो डेलिगेशन”भारत-ब्रिटेन संबंधों की गहराई और गंभीरता दोनों को दर्शाता है। 125 से अधिक शीर्ष सीईओ और शिक्षाविदों के साथ प्रधानमंत्री स्टार्मर का आना इस बात की पुष्टि करता है कि ब्रिटेन भारत को एक ऐसे रणनीतिक सहयोगी के रूप में देख रहा है, जो उसके पोस्ट-ब्रेक्सिट युग में वैश्विक प्रभाव को बनाए रख सकता है।इस प्रतिनिधिमंडल में ऑक्सफोर्ड कैम्ब्रिज और लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के कुलपति शामिल हैं, जो शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत के साथ साझेदारी की नई संभावनाओं पर विचार करेंगे। वहीं, तकनीकी कंपनियों के प्रमुख भारत में एआई, ग्रीन एनर्जी,साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में निवेश की नई संभावनाओं को तलाश रहे हैं।


साथियों बात अगर हम मोदी- स्टार्मर शिखर वार्ता साझेदारी की नई परिभाषा की करें तो नई दिल्ली में मोदी और कीर स्टार्मर के बीच हुई शिखर बैठक में व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और संस्कृति को केंद्र में रखकर गहन चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाएगा।बैठक में भारत ने ब्रिटेन को रक्षा उत्पादन, अंतरिक्ष तकनीक और ग्रीन एनर्जी मिशनों में साझेदारी के लिए आमंत्रित किया। वहीं ब्रिटेन ने भारत में अपने निवेश को तीन गुना बढ़ाने का आश्वासन दिया।“इनोवेशन पार्टनरशिप”के तहत दोनों देशों के बीच स्टार्टअप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्रों में संयुक्त रिसर्च पर सहमति बनी।


साथियों बात अगर हम भारत की ओर झुकता ब्रिटेन, वैश्विक शक्ति समीकरण में बदलाव कोसमझने की करें तो, ब्रिटेन पीएम की यात्रा ब्रिटिश विदेश नीति में एक मौलिक परिवर्तन का प्रतीक है। यह वही ब्रिटेन है जिसने दशकों तक भारत को “डेवलपिंग नेशन” की दृष्टि से देखा था। लेकिन अब यह मान्यता बदल चुकी है। भारत को ब्रिटेन अब एक इक्वल पार्टनर, एक टेक्नोलॉजिकल पॉवरहाउस और एक वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में स्वीकार कर रहा है।ब्रेक्सिट के बाद ब्रिटेन को यूरोपीय संघ के बाहर नए आर्थिक साझेदारों की तलाश थी। ऐसे में भारत उसकी पहली प्राथमिकता बनकर उभरा है। ब्रिटिश मीडिया इसे“यूकेस पीवोट टू इंडिया ”कह रहा है।


साथियों बात अगर हम भारत के लिए अवसर और जिम्मेदारी दोनों को समझने की करें तो,यह यात्रा भारत के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आई है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी है। भारत को अब यह साबित करना होगा कि वह केवल निवेश आकर्षित करने वाला देश नहीं, बल्कि विनिर्माण, नवाचार और नीति स्थिरता के लिहाज से विश्वसनीय साझेदार भी है।भारत के लिए यह समय है कि वह अपने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, और स्टार्टअप इंडिया जैसे कार्यक्रमों को ब्रिटिश सहयोग के साथ वैश्विक स्तर पर पहुंचाए। विशेष रूप से एआई, सेमीकंडक्टर, और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी में भारत की भूमिका निर्णायक बन सकती है।


साथियों बात अगर हम संस्कृति और शिक्षा,साझेदारी के मानवीय आयाम को समझने की करें तो,भारत-ब्रिटेन संबंध केवल अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक मूल्य का भी गहरा जुड़ाव है। इस यात्रा में “कल्चरल एक्सचेंज मिशन” पर भी सहमति बनी, जिसके तहत ब्रिटेन और भारत के बीच कलाकारों, फिल्म निर्माताओं और विद्यार्थियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।ब्रिटिश विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों की संख्या पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर है। अब ब्रिटेन ने भारत को “प्राथमिक शिक्षा भागीदार” के रूप में मान्यता देने का निर्णय लिया है। इसके तहत उच्च शिक्षा में द्विपक्षीय डिग्री कार्यक्रम, स्कॉलरशिप्स और कोर्स एक्सचेंज की शुरुआत होगी।


साथियों बात अगर हम यात्रा का ऐतिहासिक महत्व भविष्य के वैश्विक समीकरणों की झलक, यह यात्रा केवल भारत और ब्रिटेन के संबंधों की मजबूती का प्रतीक नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति समीकरणों में एशिया की केंद्रीय भूमिका को भी स्थापित करती है।जब दुनियाँ अमेरिका- चीन प्रतिस्पर्धा में उलझी हुई है, तब ब्रिटेन का भारत की ओर झुकाव इस बात का संकेत है कि 21वीं सदी का आर्थिक केंद्र अबएशिया की धरती पर स्थित है।

भारत इस साझेदारी से न केवल व्यापारिक लाभ प्राप्त करेगा, बल्कि वह पश्चिमी देशों के साथ अपने कूटनीतिक संतुलन को भी और मजबूत करेगा।


अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि विश्वास, साझेदारी और भविष्य की एक नई कहानी,ब्रिटिश पीएम की भारत यात्रा 2025 इतिहास में “इकोनॉमिक डिप्लोमेसी के पुनर्जागरण” के रूप में दर्ज होगी। इस यात्रा ने दिखा दिया कि भारत अब किसी के समर्थन का आकांक्षी नहीं, बल्कि साझेदारी का निर्णायक केंद्र बन चुका है।ब्रिटेन के लिए यह यात्रा भारत के प्रति विश्वास की पुनर्स्थापना है, वहीं भारत के लिए यह अपनी वैश्विक स्थिति को और ऊंचा उठाने का अवसर। व्यापार, शिक्षा, तकनीक और संस्कृति,इन चारों स्तंभों पर खड़ी यह नई साझेदारी आने वाले दशक में विश्व की आर्थिक दिशा तय कर सकती है।भारत और ब्रिटेन अब केवल साझेदार नहीं, बल्कि वैश्विक पुनरुत्थान के सह-निर्माता हैं, एक ऐसा अध्याय जो आने वाली पीढ़ियाँ “न्यू ऐज ऑफ़ इंडो – ब्रिटिश पार्टनरशिप ” के नाम से याद करेंगी।

संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9359653465

बागबेड़ा कॉलोनी में जल्द शुरू होगी जलापूर्ति योजना, एक महीने में मिलेगा शुद्ध पानी, विभाग ने दिया आश्वासन

बागबेड़ा कॉलोनी में जल्द शुरू होगी जलापूर्ति योजना, एक महीने में मिलेगा शुद्ध पानी, विभाग ने दिया आश्वासन

जमशेदपुर

बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी के हजारों निवासियों के लिए खुशखबरी है। लंबे इंतजार के बाद अब जल्द ही कॉलोनीवासियों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिलने जा रही है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के एसडीओ महेंद्र बैठा और जेई आशुतोष ने जानकारी दी कि एक महीने के अंदर बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना शुरू कर दी जाएगी, जिसके बाद लोगों को नियमित रूप से स्वच्छ पानी की आपूर्ति की जाएगी।

पंचायत प्रतिनिधियों ने सौंपा छह सूत्री मांग पत्र

इस संबंध में बागबेड़ा कॉलोनी पंचायत प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विभाग को छह सूत्री मांग पत्र सौंपा, जिसे कार्यपालक अभियंता सुमित कुमार के निर्देश पर एसडीओ महेंद्र बैठा और जेई आशुतोष को सौंपा गया। तत्पश्चात सकारात्मक वार्ता भी हुई।

माॅग पत्र में प्रमुख रूप से यह बिंदु शामिल

बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी जलापूर्ति योजना को शीघ्र शुरू किया जाए।कुंवर सिंह मैदान रोड नंबर 3 के 50 घरों में तत्काल जलापूर्ति बहाल की जाए। रोड नंबर 1 स्थित फिल्टर पंप हाउस के मोटर कक्ष की मरम्मत शीघ्र कराई जाए। विभागीय कार्यों में पारदर्शिता हेतु समीति की मासिक बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं। विभाग के द्वारा समिति को आय-व्यय का विवरण सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया जाए।

विभाग ने दिया सकारात्मक आश्वासन

सभी बिंदुओं पर चर्चा के बाद एसडीओ महेंद्र बैठा और जेई आशुतोष ने संयुक्त रूप से आश्वासन दिया कि एक महीने के भीतर जलापूर्ति योजना चालू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आय-व्यय का ब्योरा जारी करने के लिए एक सप्ताह के भीतर पत्र निर्गत किया जाएगा, वहीं कुंवर सिंह मैदान रोड नंबर 3 में जल्द ही जलापूर्ति बहाल की जाएगी।

बैठक में शामिल रहे स्थानीय प्रतिनिधि

इस मौके पर पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, उप मुखिया संतोष ठाकुर, बागबेड़ा मध्य पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि के.डी. मुंडा सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित थे।

उपायुक्त की अध्यक्षता में कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, रोजगार सृजन एवं औद्योगिक समन्वय से संबंधित समीक्षा बैठक संपन्न

उपायुक्त की अध्यक्षता में कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, रोजगार सृजन एवं औद्योगिक समन्वय से संबंधित समीक्षा बैठक संपन्न

सरायकेला-खरसावाँ

10 अक्टूबर, 2025 को समाहरणालय सभागार, सरायकेला-खरसावाँ में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में कौशल विकास, आजीविका मिशन, रोजगार सृजन, नाबार्ड योजनाओं एवं औद्योगिक संस्थानों के साथ समन्वय से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों से समन्वय स्थापित करते हुए रोजगार हेतु उपलब्ध रिक्त पदों के अनुरूप स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि सभी प्रशिक्षण संचालित करने वाले संस्थान एवं विभाग निर्धारित समय सीमा में प्रशिक्षण सत्र पूर्ण करें तथा इसके लिए व्यवस्थित एक्शन प्लान तैयार कर जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं।

उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि ऐसे प्रशिक्षण प्राप्त युवक-युवतियों को चिन्हित किया जाए जो किसी कारणवश अब तक रोजगार से नहीं जुड़े हैं, और उनकी अभिरुचि के अनुरूप क्षेत्र में रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने हेतु ठोस एवं सकारात्मक पहल की जाए। उन्होंने RSETI के अंतर्गत मोबाइल रिपेयरिंग, सोलर इंस्टालेशन, सीसीटीवी इंस्टालेशन, ड्रोन टेक्निशियन जैसे तकनीकी क्षेत्रों में इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण प्रदान करने तथा सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए रोजगार एवं स्वरोजगार सृजन की दिशा में कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त, उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि कौशल विकास के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके विद्यार्थियों के साथ औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों की संयुक्त कार्यशाला आयोजित की जाए, ताकि युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में मार्गदर्शन और प्रेरणा प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लाभुकों को उनके अनुकूल संचालित सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए तथा उन्हें संबंधित योजनाओं से जोड़ने में विभागीय स्तर पर सहयोग सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि योजना अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके अभ्यर्थियों को चिन्हित कर लाभान्वित किया जाए तथा लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

इसके साथ ही प्लास मार्ट के संचालन से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्लास मार्ट के संचालन हेतु योग्य स्वयं सहायता समूहों (SHG) का चयन किया जाए, जिनमें विभिन्न समूहों को उत्पाद निर्माण एवं संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि प्लास मार्ट को जिले के मुख्य बाजारों एवं सभी प्रखंड मुख्यालयों में संचालित करने की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जाए, साथ ही इसमें स्थानीय क्षेत्र में उत्पादित सामग्रियों को प्राथमिकता के साथ प्रदर्शित एवं विक्रय के लिए रखा जाए, जिससे स्थानीय उत्पादों को उचित मूल्य एवं आमजन को सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने अंत में कहा कि कौशल विकास, औद्योगिक समन्वय एवं आजीविका मिशन का मूल उद्देश्य युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी समीक्षा बैठक से पूर्व योजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि रोजगार सृजन की दिशा में ठोस एवं परिणामोन्मुखी प्रगति सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर, नियोजन पदाधिकारी आदित्यपुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक JSLPS तथा अन्य सम्बन्धित विभागीय पदाधिकारी एवं विभिन्न संस्थानों (प्रशिक्षण केंद्र) के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर सदर अस्पताल,, सरायकेला-खरसावाँ में जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर सदर अस्पताल,, सरायकेला-खरसावाँ में जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

सरायकेला-खरसावाँ

10 अक्टूबर, 2025 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सदर अस्पताल, सरायकेला-खरसावाँ के परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन, सरायकेला-खरसावाँ, डॉ. सरयू प्रसाद सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर ए.सी.एम.ओ. डॉ. जुझार मांझी, मनोचिकित्सक डॉ. शालिनी कुमारी, एन.सी.डी. क्लिनिक के चिकित्सक डॉ. अनिर्बान महतो, डी.ए.एल.एस.ए. सरायकेला-खरसावाँ के सचिव श्री तौसीफ मेराज, डी.पी.एम., डी.पी.सी. (एन.सी.डी.), डी.पी.सी. (सहिया) तथा एन.टी.सी.पी. कंसल्टेंट सहित अन्य चिकित्सक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इस वर्ष विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का विषय (थीम) था — “सेवाओं तक पहुंच: आपदाओं और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य”।

कार्यक्रम के दौरान मनोचिकित्सक सुश्री शालिनी कुमारी, श्री पुष्कर भूषण एवं श्री तौसीफ मेराज द्वारा मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने अपने संबोधन में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच बढ़ाने, गंभीर मानसिक रोगों की अवस्था में योग्य मनोचिकित्सक की देखरेख में उपचार एवं दवाओं के सेवन की आवश्यकता, तथा डिप्रेशन, चिंता एवं नकारात्मक भावनात्मक अवस्थाओं में योग एवं ध्यान के महत्व पर बल दिया।

साथ ही, मानसिक रोगियों, विकलांगों एवं आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के लिए सुलभ कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। उपस्थित जनों को यह भी बताया गया कि मानसिक रोगियों के लिए परामर्श एवं सहायता हेतु TELE-MANAS का निःशुल्क टोल-फ्री नंबर — 14416 / 1800-89-14416 पर संपर्क किया जा सकता है।

यह जागरूकता कार्यक्रम 10 अक्टूबर से 16 अक्टूबर, 2025 तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों एवं सामुदायिक स्थलों पर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

ओडिया मध्य विद्यालय आदित्यपुर में मनाया गया उत्कल मणि गोपाबंधु जयंती

ओडिया मध्य विद्यालय आदित्यपुर में मनाया गया उत्कल मणि गोपाबंधु जयंती

सरायकेला/आदित्यपुर

9 अक्टूबर भारत के एक स्वतंत्रता सेनानी समाज सुधारक पत्रकार कबि, उत्कल रत्न उत्कलमणि गोपाबंधु दास की जयंती है।

इस अवसर पर ओड़िया मध्य विद्यालय आदित्यपुर में जयंती समारोह आयोजित की गई । कार्यक्रम में विद्यार्थियों को द्वारा गोपाबंधु जी के छवि पर चित्रांकन प्रतियोगिता आयोजित किया गया तथा उनके जीवनी के ऊपर में प्रकाश डाला गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि विद्यालय की पूर्व प्राचार्य तथा राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान से सम्मानित का शिक्षिका संध्या प्रधान ने कहा गोपाबंधु की जी के जन्म 9 अक्टूबर 1877 को उड़ीसा के पुरी जिले के सुआंडो ग्राम में हुआ था । उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया समाज के उत्थान के लिए काम करने के साथ साथ सत्यवती बन विद्यालय की स्थापना की थी तथा साप्ताहिक समाचार पत्र समाज शुरू किया था जो आज भी उड़ीसा के एक प्रमुख दैनिक समाचार पत्र है। मुश्किल परिस्थिति में उन्होंने अपने परिवार को नहीं देखकर समाज सेवा किया था हमें उनके आदर्श पर अपने जीवन को डालना चाहिए। विद्यार्थियों के द्वारा चित्रांकन प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय और तृतीय आने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य किरण , शिक्षिका प्रमिला पूर्णिमा पुष्पा तथा ओड़िआ शिक्षिका रंजीत एवं रश्मि आदि उपस्थित थे।

उत्पाद विभाग की कार्रवाई ,,अवैध महुआ शराब बरामद, जावा महुआ किया गया विनष्ट

उत्पाद विभाग की कार्रवाई ,,अवैध महुआ शराब बरामद, जावा महुआ किया गया विनष्ट

सरायकेला/कांड्रा

उपायुक्त, सरायकेला के निर्देशानुसार अधीक्षक, उत्पाद सरायकेला सौरभ तिवारी के पर्यवेक्षण में प्राप्त गुप्त सूचना के आलोक में आज दिनांक 09 अक्टूबर, 2025 को कांड्रा थाना अंतर्गत मोहनपुर जंगल एवं रायपुर गाँव स्थित अवैध शराब अड्डों पर उत्पाद विभाग की टीम द्वारा छापेमारी की गई।

छापेमारी के क्रम में 80.00 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद कर विधिवत जब्त किया गया तथा 1100.00 किलोग्राम जावा महुआ को नष्ट (विनष्ट) किया गया।
अड्डा संचालकों की पहचान मोटू टुडू एवं जयपाल हांसदा के रूप में की गई है। दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अभियोग दर्ज कर गिरफ्तारी हेतु आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

अधीक्षक, उत्पाद सरायकेला ने बताया कि जिले में अवैध शराब निर्माण, परिवहन एवं बिक्री पर रोक लगाने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में सभी प्रखंडों एवं थाना क्षेत्रों में सतत गश्ती एवं छापेमारी अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण अथवा बिक्री की गतिविधि की जानकारी हो तो संबंधित सूचना उत्पाद विभाग या नजदीकी थाना को तुरंत उपलब्ध कराएँ, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आगामी दिनों में त्योहारों के दृष्टिगत अवैध शराब की बिक्री एवं परिवहन पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा दोषियों के विरुद्ध शून्य सहनशीलता नीति के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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