हरे माधव वर्सी पर्व 2025- आस्था की धरा पर अवतरित दिव्यता का अनुभव-अमृत वर्षा क़ा आभास

हरे माधव वर्सी पर्व 2025- आस्था की धरा पर अवतरित दिव्यता का अनुभव-अमृत वर्षा क़ा आभास

बाबा ईश्वर शाह की असीम अमृत वर्षा से ,भक्तों के हृदयों में उतरी करुणा की ज्योति

हरे माधव सत्संग में श्रद्धा,सेवा, भक्ति और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला जो एक आध्यात्मिक क्रांति जैसा था- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

गोंदिया/महाराष्ट्र

वैश्विक स्तरपर आध्यात्मिकता रूपी मिठास मेंडूबे भारत के मध्यप्रदेश की पावन धरा कटनी की शांत और पावन भूमि पर 9 और 10 अक्टूबर 2025 को ऐसा दृश्य उपस्थित हुआ जिसे शब्दों में बाँध पाना अपने आप में एक आध्यात्मिक साधना के समान है। हरे माधव सत्संग के वर्सी महोत्सव ने न केवल शहर बल्कि देश और विदेश के लाखों श्रद्धालुओं को एक सूत्र में पिरो दिया।मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र व मेरे साथी मनोहर सुगानी सतना ने वहां की ग्राउंड रिपोर्टिंग की तो हमें इस दौरान श्रद्धा,सेवा,भक्ति और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला। हमने स्वयंम इन दो दिवसीय सत्संग के दौरान ग्राउंड रिपोर्टिंग की,और यह अनुभव किसी साधारण धार्मिकआयोजन से कहीं अधिक एक आध्यात्मिक क्रांति जैसा था।

साथियों बात अगर हम भक्तों के अभूतपूर्व उत्साह की करें तो, हरे माधव दयाल,जिनकी करुणा और दया की गाथाएँ भक्तों के मुख से सहज ही फूट पड़ती हैं, उनके नाम का प्रभाव इस आयोजन में स्पष्ट रूप से झलकता दिखा।हर ओर “हरे माधव” का उच्चारण मानो वातावरण को पवित्र कर रहा था। भक्तों की आँखों में जो चमक थी, वह किसी बाहरी चमत्कार से नहीं बल्कि अंतर्मन में अनुभव की गई शांति और दयालुता की झिलमिल थी।इस सत्संग ने यह सिद्ध कर दियाकिआध्यात्मिकता तब ही सशक्त होती है जब उसमें मानवता की सुगंध हो।कटनी की इस पवित्र भूमि पर जैसे ही 9 अक्टूबर 2025 को सूर्योदय हुआ, हरे माधव दयाल के प्रति भक्ति की तरंगें पूरे शहर में फैल गईं, मानों बच्चे, महिलाएँ, बुजुर्ग और युवा सबकी एक ही चाह थी,”दयाल के दर्शन और सत्संग का श्रवण।”ऐसा लग रहा था मानो पूरा नगर ही भक्ति में रमा हुआ है।यह दृश्य केवल आँखों से नहीं, आत्मा से देखा जा सकता था।
साथियों बात अगर हम देश- विदेश से उमड़ा श्रद्धा का सागर, वैश्विक स्तरपर आध्यात्मिक एकता की करें तो इस वर्सी महोत्सव की सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि इसमें भारत के अनेक राज्यों से अनुमानतः हजारों लाखों भक्तों ने इस दो दिवसीय सत्संग का लाभउठाया। भक्तों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण थी कि हरे माधव दयाल की शिक्षाएँ सीमाओं से परे जाकर मानवता को जोड़ रही हैं।जब मैंने ग्राउंड पर भक्तों से बात की, तो उन्होंने कहा“हम यहाँ किसी धर्म के अनुयायी बनकर नहीं, बल्कि प्रेम और शांति की तलाश में आए हैं। यहाँ जो अनुभव मिलता है, वह किसी भी किताब में नहीं।”इससे यह सिद्ध हुआ कि आज के वैश्विक युग में भी सच्ची आध्यात्मिकता वह है जो सभी जाति,भाषा और सीमाओं को मिटाकर मनुष्यता के सूत्र में जोड़ती है।

साथियों बात अगर हम सत्संग के पहले दिन 9 अक्टूबर 2025 अमृत वर्षा क़े प्रारंभ होने की करें तोपहले दिन का आरंभ मंगल वंदना और “ मेरे सतगुरां हम शरण तेरी आए ” के भक्ति स्वर से हुआ। वातावरण में घुली शांति,भजन के मधुर सुर और आरती की लौ ने ऐसा माहौल रचा कि मानो पूरा ब्रह्मांड उसी क्षण स्थिर हो गया हो।मैंने मोबाइल कैमरे की लेंस से जब भक्तों के चेहरों को कैद किया, तो हर चेहरे पर संतोष, श्रद्धा और आनंद की अनोखी अभिव्यक्ति थी। पहले दिन का मुख्य आकर्षण बाबा ईश्वर शाह साहिब जी का“दयाल संदेश”यानें अमृत वर्षा था,जिसमें कलश करुणा, क्षमा और आत्मचिंतन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। सत्संग पंडाल में गूँजती मधुर वाणी ने हजारों मनों को छू लिया। ऐसा लगा मानो हृदय के भीतर छिपी सभी थकान, चिंता और अशांति उसी क्षण विलीन हो गई हो।
साथियों बात अगर हम सत्संग के दूसरे व अंतिम दिन 10 अक्टूबर 2025 की करें तो मानो आकाश से उतरती दिव्यता पृथ्वी को नमन कर रही हो,सुबह 10 बजे से ही भक्तों का सत्संग स्थल पर पहुंचना शुरू गया था,यह सामूहिक श्रद्धा और अनुशासन का अनुपम उदाहरण था। बच्चे अपने हाथों में फूल और झंडे लिए, युवा सेवा में तत्पर, बुजुर्गों के चेहरे पर आत्मिक आनंद। यह सब देखकर लगा कि जब आस्था और अनुशासन एक साथ चलें तो समाज में कितनी सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है।बाबाजी का आगमन विशाल जुलूस के साथ हुआ एलईडी स्क्रीन पर बाबा माधव शाह बाबा नारायण शाह की अनेक महिमाओं लीलाओं का वर्णन साक्षात रूप से भक्तों को दिखाया गया जिससे भक्तों के अनेक प्रश्नों की जिज्ञासा दूर हुई उसके पश्चात बाबा जी ने स्वयं अपने मुख से सत्संग की अमृत वर्षा की जिससे भक्तजन भाव विभोर हो उठे।

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

साथियों बात अगर हम सेवा के विविध रूप,व्यवस्थापन का अनुकरणीय उदाहरण की करें तो,यह मेरे लिए इस आयोजन का सबसे प्रेरणादायक पहलू था,इसकी उत्कृष्ट सेवा व्यवस्था। सत्संग परिसर में व्यवस्थापकों और स्वयंसेवकों ने जिस निष्ठा से सेवा दी, वह अपने आप में उदाहरण है, जिसकी मैं पूरी ग्राउंड रिपोर्टिंग कर मोबाइल कैमरे में सेव किया।पंडाल सेवा- विशाल पंडालों में बैठने, धूप से बचाव, वेंटिलेशन, और व्यवस्था इतनी सुचारू थी कि अनुमानतः हजारो लाखों की भीड़ होने के बावजूद कोई अव्यवस्था नहीं दिखी।चरण पादुका सेवा- श्रद्धालुओं के लिए चरण पादुका स्थल पर विनम्र भाव से सेवा करते स्वयंसेवक विनम्रता की प्रतिमूर्ति प्रतीत हो रहे थे।जल सेवा-ठंडा,शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए अनेक जल स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ लगातार सेवा चल रही थी।खोया-पाया सेवा: इतने बड़े आयोजन में कोई वस्तु खो जाए,तो तुरंत सूचना मिल जाए,भंडारा यानी लंगर सेवा तथा बर्तन थालियां धोने की सेवा में मैंने देखा कि बड़े-बड़े अमीरों उच्च स्तरीय लोग, भक्तों द्वारा ग्रहण किए गए भोजन की थालियों को मांझकर फ़िर पानी में फिर धो रहे थे जो मुझे सबसे अनमोल सेवा लगी उनकी यह सेवा रेखांकित करने योग्य है।पुलिस विभाग और सुरक्षा व्यवस्था-कटनी पुलिस और सुरक्षा दल ने अनुकरणीय कार्य किया। भीड़ नियंत्रण से लेकर ट्रैफिक प्रबंधन तक हर पहलू पर बारीकी से ध्यान दिया गया।मेडिकल सेवा-24 घंटे संचालित मेडिकल कैंप में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ हर समय मौजूद रहे। किसी भी आपात स्थिति के लिए एम्बुलेंस व्यवस्था भी तत्पर थी।स्टालों में एक झाड़ माँ के नाम,पर्यावरणीय पहल- इस आयोजन की विशेषता रही “एक झाड़ माँ के नाम” पहल, जिसके अंतर्गत प्रत्येक भक्त ने एक पौधा रोपने का संकल्प लिया। आध्यात्मिकता को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का यह संदेश अत्यंत प्रेरणादायक था। विशेष रूप से व्यवस्थापकों सेवादारियों की सेवाएं अभूतपूर्व अनुशासन के रूप में दिखाई दी सत्संग स्थल के बाजू में हेड ऑफिस बनी हुई थी जहां से व्यवस्थापकों की हर सेवा पर नजर थी ताकि भक्तों को कोई तकलीफ ना हो,इन सभी व्यवस्थाओं को देखकर लगा कि जब सेवा भावना और संगठन शक्ति साथ मिलती है,तो कोई भी आयोजनकितना अनुशासितऔर प्रेरणादायक बन सकता है।

साथियों बात अगर हम व्यवस्था में अनुशासन और तकनीक का सुंदर संगम की करें तो,मेरी ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान मैंने पाया कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि व्यवस्थापन का भी उत्कृष्ट उदाहरण था।आयोजकों ने आधुनिक तकनीक का भी प्रयोग किया था, सीसीटीवी निगरानी,एलईडी लाइव प्रसारण ताकि दूर बैठे भक्तों को भी स्पष्ट नजर आए,जैसी सुविधाएँ मौजूद थीं। इससे यह महोत्सव केवल एक भौतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि डिजिटल आध्यात्मिकता का भी एक युगीन उदाहरण बन गया।

साथियों बात अगर हम भक्तों के भाव,अनुभवों की झंकार की करें तो,जब मैंने कुछ श्रद्धालुओं से बातचीत की, तो हर किसी की आवाज़ में भक्ति और भावनाओं की गहराई झलक रही थी।दमोह निवासी एक महिला ने कहा,“हम हर वर्ष आते हैं, लेकिन इस बार जो दिव्यता और शांति महसूस हुई, वह पहले कभी नहीं हुई। यह सचमुच अमृत वर्षा थी। ”कोल्हापुर से आए एक युवा भक्त ने कहा,“मैं तकनीकी क्षेत्र से हूँ, पर यहाँ आकर समझा कि असली ‘कनेक्शन’ईश्वर से जुड़ाव है, न कि इंटरनेट से।”इन सरल वाक्यों में वह आध्यात्मिक सत्य छिपा है जो जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन और सकारात्मकता का संदेश देता है।आध्यात्मिकता और समाजसेवा का संगम-हरे माधव सत्संग केवल उपदेश देने वाला मंच नहीं है, बल्कि यह एक जीवंत सामाजिक आंदोलन भी है। इस महोत्सव के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में अनेक जनसेवा अभियानों कि हमें प्रेरणा मिली।हरे माधव परमार्थ सेवा समिति कटनी द्वारा गरीब परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवा बाबा माधव शाह चिकित्सालय मासिक अनाज वितरण साहित्य अनेकयोजनाओं का संचालन किया जाता है।यह देखकर लगा कि सच्ची भक्ति वही है जो समाज में परिवर्तन का माध्यम बने। आध्यात्मिकता तभी सार्थक है जब वह मानवता के कार्यों में उतरकर समाज को उन्नति की दिशा में ले जाए।

साथियों बात अगर हम अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से हरेमाधव सत्संग की प्रासंगिकता को समझने की करें तो,विश्व स्तर पर आज जब तनाव, हिंसा, युद्ध और आर्थिक प्रतिस्पर्धा का दौर चल रहा है, तब हरे माधव दयाल का संदेश,“दयालता ही मानवता का आधार है”अत्यंत प्रासंगिक हो उठता है। कटनी का यह आयोजन केवल धार्मिक भावनाओं का प्रदर्शन नहीं, बल्कि“वसुधैव कुटुंबकम्” के भारतीय आदर्श का जीवंत प्रमाण था।कोल्हापुर मुंबई सहित अनेक मेट्रो सिटी से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्हें यहाँ वह “मेडिटेशनल एनर्जी” मिली जो किसी भी मानसिकचिकित्सा से अधिक प्रभावशाली है।

साथियों बात अगर हम मेरी ग्राउंड रिपोर्टिंग करें तो, मुझे इसके लिए संस्था या व्यवस्थापकों नें कहा नहीं था मैंने स्वतः संज्ञान से ग्राउंड रिपोर्टर की आत्मानुभूति,शब्दों से परे एक साक्षात्कार-जब मैंने इन दो दिनों की रिपोर्टिंग पूरी की,तो महसूस किया कि वकालत क़े पेशे जैसे केवल तथ्य नहीं, बल्कि अनुभूति का भी माध्यम है। कैमरे में कैद दृश्य भले सीमित हों, पर हृदय में जो दृश्य अंकित हुए, वे जीवनभर अमिट रहेंगे।मैंने देखा कि किस प्रकार भक्त भक्ति में डूबकर सेवा करते हैं, किस तरह व्यवस्थापक दिन-रात बिना थके अपने कर्तव्यों में लगे रहे,और कैसे एक संत का सन्देश लाखों के जीवन में प्रकाश बन जाता है।यह रिपोर्ट केवल रिपोर्ट नहीं, एक साक्षात्कार है, आत्मा का, श्रद्धा का,और मानवता का।

ग्राउंड रिपोर्टिंग लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226223918

उप प्रमुख मो. एकराम ने कराया जर्ज़र सड़क का मिट्टी-मोरम से मरम्मती

उप प्रमुख मो. एकराम ने कराया जर्ज़र सड़क का मिट्टी-मोरम से मरम्मती

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिला के कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के तिरुलडीह-चौड़ा मुख्य पथ (सोनाराम महतो के घर के पास) से होकर मध्य विद्यालय कुदा तक जाने वाली जर्जर सड़क की मरम्मत कुकड़ू प्रखंड के उप प्रमुख मो. एकराम की पहल पर कराई गई।

ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही परेशानी को देखते हुए स्वयं उपप्रमुख ने जेसीबी और ट्रैक्टर लगवाकर सड़क पर मिट्टी-मोरम डालने का कार्य करवाया।
बरसात के दिनों में इस सड़क पर पानी जमा हो जाने से स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को आवाजाही में भारी दिक्कत हो रही थी।

आए दिन लोग फिसलकर गिर जाते थे। ग्रामीणों की शिकायत पर उप प्रमुख मो. एकराम ने त्वरित पहल करते हुए अस्थायी रूप से मरम्मत का कार्य पूरा कराया। उप प्रमुख मो. एकराम ने कहा कि आगामी दिनों में 15वीं वित्त आयोग से फंड प्राप्त होने पर इस सड़क पर पीसीसी निर्माण कराया जाएगा, ताकि लोगों को स्थायी राहत मिल सके। इस मौके पर तिरुलडीह थाना के एएसआई रंजीत प्रसाद भी मौजूद थे। उन्होंने उप प्रमुख के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्य ग्रामीण हित में सराहनीय पहल है।

अफीम खेती के लंबित मामले में एक गिरफ्तार, भेजा जेल

अफीम खेती के लंबित मामले में एक गिरफ्तार, भेजा जेल

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ थाना क्षेत्र के तुता गांव निवासी 27 वर्षीय वीष्णू महतो को रविवार को ईचागढ पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। थाना प्रभारी बिक्रम आदित्य पांडे ने बताया विष्णु महतो अफीम खेती में संलिप्त थे। विष्णु महतो के खिलाफ ईचागढ़ थाना कांड संख्या 23/25 दिनांक 01-03-025 के तहत धारा 15/18/46 दर्ज है। उन्होंने कहा कि लंबित एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

उन्होंने लोगों को अपील करते हुए कहा कि अफीम खेती के खिलाफ लोगों को जागरूक किया जा रहा है , अफीम खेती को छोड़कर वैकल्पिक खेती अपनाएं, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी सुरत में अफीम खेती एवं अन्य नशीले पदार्थ की खेती एवं कारोबार बर्दाश्त नही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लंबित मामलों का त्वरित कार्रवाई किया जा रहा है।

नंबर वन बना प्रवीण सेवा संस्थान का पूजा पंडाल बना , ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया दुर्गे देवी नमस्तुते अवार्ड 2025’ से किए गए सम्मानित

नंबर वन बना प्रवीण सेवा संस्थान का पूजा पंडाल बना , ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया दुर्गे देवी नमस्तुते अवार्ड 2025’ से किए गए सम्मानित

सरायकेला/आदित्यपुर

जमशेदपुर : इस वर्ष की दुर्गा पूजा में प्रवीण सेवा संस्थान का पूजा पंडाल बना नंबर वन, ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया दुर्गे देवी नमस्तुते अवार्ड 2025’ से किया गया सम्मानित।

प्रवीण सेवा संस्थान, श्री श्री दुर्गा पूजा समिति आदित्यपुर ने अपने भव्य एवं अद्वितीय पंडाल से शहरवासियों का दिल जीत लिया। द टाइम्स ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित ‘दुर्गे देवी नमस्तुते अवार्ड 2025’ में इस पूजा पंडाल को नंबर वन का स्थान प्राप्त हुआ।

पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन बिष्टूपुर स्थित श्रीलेदर्स में किया गया, जहां द टाइम्स ऑफ इंडिया के संपादक बप्पा मजूमदार ने पूजा समिति के प्रेस प्रभारी सह ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह के आप्त सचिव सुनील गुप्ता को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
संस्थान को दो श्रेणियों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ — ऑनलाइन पसंद श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ पूजा पंडाल, और जजों की थीम श्रेणी में प्रथम स्थान।

इस वर्ष प्रवीण सेवा संस्थान की ओर से तैयार पंडाल की थीम “राजस्थान के उदयपुर का महल” रही। यह पंडाल न केवल भव्यता में अद्वितीय था, बल्कि सांस्कृतिक सौंदर्य का उत्कृष्ट उदाहरण भी बना। पंडाल की थीम ने विशेष रूप से मारवाड़ी समाज को गौरवान्वित किया।
इस अवसर पर समिति के संरक्षक एवं ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह को विशेष रूप से प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने भी समारोह में भाग लिया और समिति की इस रचनात्मक पहल की सराहना करते हुए कहा कि “इस तरह का प्रयास पहली बार देखा गया है, जिससे मारवाड़ी समाज को गौरव की अनुभूति हुई है।”

पंडाल चयन समिति में चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. जय भादुड़ी, केपीएस स्कूल के डायरेक्टर श्रीकांत नायक और प्रसिद्ध कलाकार सुमन प्रसाद शामिल थे, जिन्होंने विभिन्न मापदंडों पर पंडालों का मूल्यांकन किया।

द टाइम्स ऑफ इंडिया न्यूज के माध्यम से जमशेदपुर में दुर्गा पूजा पंडालों को लेकर एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें पंडालों के मैनेजमेंट, थीम, सजावट और जनसहभागिता के आधार पर चयन किया गया। इस प्रक्रिया में प्रवीण सेवा संस्थान, आदित्यपुर का पंडाल सभी मानदंडों पर खरा उतरा और सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया।

समिति के प्रमुख और टीम का सम्मान

पूजा कमेटी के प्रेस प्रभारी सह ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह के आप्त सचिव सुनील गुप्ता ने इस पूरी टीम को सफलता को आस्था और टीमवर्क का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि “यह सम्मान हमारी पूरी समिति और भक्तों के समर्पण का प्रतीक है।”

जयराम महतो के समर्थन में पार्टी पदाधिकारियों की हुंकार, विरोधियों पर षड्यंत्र रचने का आरोप

जयराम महतो के समर्थन में पार्टी पदाधिकारियों की हुंकार, विरोधियों पर षड्यंत्र रचने का आरोप

सरायकेला

रविवार को एल के एम पार्टी के पदाधिकारियों ने एक प्रेसवार्ता कर स्पष्ट कहा कि जे एल के एम पार्टी के खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से षड्यंत्र रचा जा रहा है।

इस प्रेसवार्ता में प्रमंडलीय अध्यक्ष नवीन महतो, केंद्रीय संगठन सचिव सविता महतो, केंद्रीय सचिव विद्येश्वर महतो, नगर अध्यक्ष प्रदीप महतो, प्रखंड अध्यक्ष संजय महतो, केंद्रीय प्रवक्ता देवाशीष महतो और कोल्हान प्रवक्ता माधव महतो समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

पार्टी के प्रमंडलीय अध्यक्ष नवीन महतो ने कहा कि मौजूदा समय में लड़ाई संरक्षण की है, जबकि झगड़ा आरक्षण को लेकर दिखाया जा रहा है। झारखंड राज्य के गठन में आदिवासी और कुड़मी दोनों समाजों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बावजूद इसके आज केंद्रीय अध्यक्ष जयराम महतो को टारगेट किया जा रहा है, जबकि वे शोषित–पीड़ित वर्ग के लोगों को 75 प्रतिशत वेतन देने जैसे ऐतिहासिक फैसले ले रहे हैं।केंद्रीय संगठन सचिव सविता महतो ने कहा कि “टाइगर” जयराम महतो को धमकियां दी जा रही हैं, जबकि रेल टेका आंदोलन मूल रूप से कुड़मियों का आंदोलन था। हम किसी भी प्रकार की गाली गलौज या अपमानजनक व्यवहार का विरोध करते हैं। पहले समाज, फिर पार्टी यह हमारी प्राथमिकता है। केद्रीय सचिव विद्येश्वर महतो ने कहा कि कुड़मी समाज की लड़ाई केंद्र सरकार से है और यह 1975 से चली आ रही है। यदि सिस्टम न्यायपूर्ण ढंग से चले तो कुड़मियों को आदिवासी का दर्जा मिलने से कोई रोक नहीं सकता।

हमारी पार्टी इस मुद्दे में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं है, लेकिन कार्यकर्ता अपने समाज के समर्थन में स्वतंत्र रूप से खड़े हो सकते हैं। केंद्रीय प्रवक्ता देवाशीष महतो ने कहा कि हमारे नेता स्वयं सरना कोड की मांग कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें आदिवासी विरोधी कहना सरासर गलत है.

जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में ईचागढ़ क्षेत्र में औचक निरीक्षण।

जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में ईचागढ़ क्षेत्र में औचक निरीक्षण।

सरायकेला/ईचागढ़

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निदेशानुसार दिनांक 11 अक्टूबर, 2025 को जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में, थाना प्रभारी (ईचागढ़) एवं स्थानीय पुलिस बल की उपस्थिति में ईचागढ़ थाना अंतर्गत अवैध बालू खनन एवं परिवहन को लेकर औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान बालू खनिज लदे वाहनों को रोककर उनके परिवहन से संबंधित कागजातों एवं लदे खनिज की मात्रा की जांच की गई। इस क्रम में यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी प्रकार का अवैध खनन या बिना वैध परिवहन प्रपत्र के बालू का आवागमन न हो।

जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपथी द्वारा ईचागढ़ एवं तिरुलडीह थाना क्षेत्रों में पूर्व में स्थापित सीसीटीवी कैमरों तथा चेकनाका स्थलों का भी निरीक्षण किया गया। साथ ही, अवैध खनन की प्रभावी निगरानी हेतु हाई-रिज़ॉल्यूशन एवं नाइट विज़न कैमरा लगाए जाने के विषय पर अनुमंडल पदाधिकारी (चांडिल) के साथ विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान दो अन्य स्थलों की पहचान अतिरिक्त कैमरा स्थापना हेतु की गई।

इसके पश्चात् छापामारी दल द्वारा ईचागढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न बालू घाटों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किसी व्यक्ति या वाहन को अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त नहीं पाया गया     ।

अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित प्राप्त शिकायतों के आलोक में बालू घाटों की ओर जाने वाले मार्गों एवं झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (JSMDC) द्वारा पूर्व में धारित भंडारण स्थलों की ओर जाने वाले रास्तों पर ट्रेंच निर्माण कर अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण हेतु प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

क्रोध का विकराल रूप जुनून है, जो जीव पर सवार होकर जघन्य से जघन्य अपराध करा देता है।

क्रोध का विकराल रूप जुनून है, जो जीव पर सवार होकर जघन्य से जघन्य अपराध करा देता है।

गोंदिया/महाराष्ट्र

क्रोध में व्यक्ति आपा खो देता है-एक दोष को दूर करने के लिए अनेक कुतर्क पेश करता है।

क्रोध से उत्पन्न हुए अपराधों के औचित्य को सिद्ध करने के लिए क्रोधी व्यक्ति कुतर्क कर दूसरे को ही दोषी सिद्ध करता है – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

भारतीय संस्कृति, सभ्यता के बारे में हमने साहित्य और इतिहास के माध्यम से और भारत माता की गोद में रहकर पारिवारिक संस्कृति,मान सम्मान,रीति-रिवाजों से इसे प्रत्यक्ष महसूस भी कर रहे हैं। परंतु हमारे बड़े बुजुर्गों के माध्यम से हमने कई बार सतयुग का नाम सुने हैं, जिसका वर्णन वे स्वर्गलोक़ के तुल्य करते हैं। याने इतनी सुखशांति, अपराध मुक्ति, इमानदारी,शांति सरोवर तुल्य, कोई चालाकी चतुराई गलतफहमी या कुटिलता या भ्रष्टाचार नहीं, बस एक ऐसा युग कि कोई अगर कुछ दिन, माह के लिए बाहर गांव जाए तो अपने घरों को ताला तक लगाने की ज़रूरत नहीं!अब कल्पना कीजिए कि अपराध बोध मुक्त युग!मेरा मानना है कि हमारी पूर्व की पीढ़ियों ने ऐसा युग जिए होंगे तब यह बोध आगे की पीढ़ियों में आया,जिसे सतयुग के नाम से जरूर जाना जाता है।


साथियों बात अगर हम वर्तमान युग पर बड़े बुजुर्गों में चर्चा की करें तो इस इसे कलयुग नाम देते हैं, याने सभी प्रकार के अपराध बोध से युक्त संसार। हर तरह की बेईमानी, भ्रष्टाचार कुटिलता से भरा हुआ युग!आज भी बुजुर्गों का मानना है कि वह सतयुग फिर आएगा,याने आज की तकनीकी भाषा में अपराध मुक्त, भ्रष्टाचार बेईमानी कुटिलता मुक्त पारदर्शिता और अनेकता में एकता वाले भारत की परिकल्पना का युग।

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

साथियों बात अगर हम अपराध, भ्रष्टाचार, बेईमानी, कुटिलता से भरे जग की करें तो मेरा मानना है कि इसका मुख्य प्रवेश द्वार क्रोध, उत्तेजित स्वभाव व लालच है जिसमें आपराधिक बोध प्रवृत्ति का जन्म होता है और व्यक्ति क्रोध में हिंसा, अपराध, लालच, भ्रष्टाचार, बेईमानी और कुटिलता के अमानवीय कृति और अन्य गलत कार्यों की ओर मुड़ जाता है और आगे बढ़ते ही चले जाता है जब जीवन के असली महत्व का पता चलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। क्रोध की अभिव्यक्ति हमारे अंदर की कुंठा, हिंसा व द्वेष के कारण भी हो सकती है। वर्तमान काल में अपराधों के बढ़ने का एक प्रमुख कारण भीषण क्रोध ही है। क्रोध से उत्पन्न हुए अपराधों के औचित्य को सिद्ध करने के लिए क्रोधी व्यक्ति कुतर्क कर दूसरे को ही दोषी सिद्ध करता है। एक दोष को दूर करने के लिए अनेक कुतर्क पेश करता है। क्रोध में व्यक्ति आपा खो देता है। क्रोध में अंतत: बुद्धि निस्तेज हो जाती है और विवेक नष्ट हो जाता है। क्रोध का विकराल रूप जुनून है। आदमी पर जुनून सवार होने पर वह जघन्य से जघन्य अपराध कर बैठता है। जुनून की हालत में उसे मानवीय गुणों का न बोध रह पाता है और न ही ज्ञान। क्रोध मानव का सबसे बड़ा शत्रु है, बहुत बड़ा अभिशाप है।

साथियों बात अगर हम शांत, परोपकारी स्वभाव ही जीवन का मूल मंत्र की करें तोअभिभावकों, शिक्षकों को बच्चों को यह शिक्षा देना है और हम बड़ों को यह स्वतः संज्ञान लेना है कि माचिस की तीली बनने की बजाय शांत सरोवर बनना होगा, जिसमें कोई अंगारा भी फेंके तो स्वयं ही बुझ जाए, बस! यह भाव अगर हम मनीषियों के हृदय में समाहित हो जाए तो यह विश्व फिर सतयुग का रूप धारण करेगा जहां किसी तरह का कोई अपराध बोध या गलत काम का भाव नहीं होगा। सभी मनीषी जीव परोपकारी भाव से युक्त होंगे भाईचारा, प्रेम, सद्भाव की बारिश होगी जहां बिना ताले घरबार छोड़ कहीं भी जाने के भाव जागृत होंगे और हमारे बुजुर्गों का सतयुग रूपी सपना साकार होगा।

साथियों बात अगर हम स्वयं को माचिस की तीली याने क्रोधित होने पर विपरीत परिणामों की करें तो, क्रोध मनुष्य को बर्बाद कर देता है और उसे अच्छे बुरे का पता नही चलने देता, जिस कारण मनुष्य का इससे नुक्सान होता है। क्रोध मनुष्य का प्रथम शत्रु होता है। क्रोधी व्यक्ति आवेश में दूसरे का इतना बुरा नहीं जितना स्वयं का करता है। क्रोध व्यक्ति की बुद्धि को समाप्त करके मन को काला बना देता है।

साथियों बात अगर हम क्रोध को नियंत्रित कर समाप्त करने की तकनीकी की करें तोइलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अनुसार क्रोध के नकारात्मक प्रभाव पूरे इतिहास में देखे गए हैं। प्राचीन दार्शनिकों, धर्मपरायण व्यक्तियों और आधुनिक मनोवैज्ञानिकों द्वारा प्रतीत होने वाले अनियंत्रित क्रोध का मुकाबला करने की सलाह दी गई है। आधुनिक समय में, क्रोध को नियंत्रित करने की अवधारणा को मनोवैज्ञानिकों के शोध के आधार पर क्रोध प्रबंधनकार्यक्रमों में अनुवादित किया गया है।क्रोध प्रबंधन क्रोध की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एक मनो-चिकित्सीय कार्यक्रम है ।

इसे क्रोध को सफलतापूर्वक तैनात करने के रूप में वर्णित किया गया है। क्रोध अक्सर हताशा का परिणाम होता है,या किसी ऐसी चीज से अवरुद्ध या विफल होने का अनुभव होता है जिसे विषय महत्वपूर्ण लगता है। अपनी भावनाओं को समझना क्रोध से निपटने का तरीका सीखने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। जिन बच्चों ने अपनी नकारात्मक भावनाओं को क्रोध डायरी में लिखा था, उन्होंने वास्तव में अपनी भावनात्मक समझ में सुधार किया, जिससे बदले में कम आक्रामकता हुई। जब अपनी भावनाओं से निपटने की बात आती है, तो बच्चे ऐसे उदाहरणों के प्रत्यक्ष उदाहरण देखकर सबसे अच्छा सीखने की क्षमता दिखाते हैं, जिनके कारण कुछ निश्चित स्तर पर गुस्सा आया। उनके क्रोधित होने के कारणों को देखकर, वे भविष्य में उन कार्यों से बचने की कोशिश कर सकते हैं या उस भावना के लिए तैयार हो सकते हैं जो वे अनुभव करते हैं यदि वे खुद को कुछ ऐसा करते हुए पाते हैं जिसके परिणामस्वरूप आमतौर पर उन्हें गुस्सा आता है, इसके साथ ही एकांत में जाकर ध्यान के माध्यम से क्रोध के विकारों को नष्ट करने का प्रयास करें तो ऋणात्मक ऊर्जा को मोड़कर हम सकारात्मक ऊर्जा से विवेक सम्मत निर्णय लेने में सक्षम हो सकते हैं।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि क्रोध का विकराल रूप जुनून है, जो जीव पर सवार होकर जघन्य से जघन्य अपराध करा देता है।क्रोध में व्यक्ति आपा खो देता है-एक दोष को दूर करने के लिए अनेक कुतर्क पेश करता हैक्रोध से उत्पन्न हुए अपराधों के औचित्य को सिद्ध करने के लिए क्रोधी व्यक्ति कुतर्क कर दूसरे को ही दोषी सिद्ध करता है

संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9359653465

जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिला नियंत्रण कक्ष, सी-विजिल कंट्रोल रूम एवं एमसीएमसी कोषांग का किया निरीक्षण

जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने जिला नियंत्रण कक्ष, सी-विजिल कंट्रोल रूम एवं एमसीएमसी कोषांग का किया निरीक्षण

पूर्वी सिंहभूम/ जमशेदपुर

घाटशिला विधानसभा उपचुनाव-2025 के सुचारू, निष्पक्ष एवं पारदर्शी संचालन को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री कर्ण सत्यार्थी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री पीयूष पांडेय द्वारा जिला नियंत्रण कक्ष, सी-विजिल (cVIGIL) कंट्रोल रूम एवं एम.सी.एम.सी (Media Certification and Monitoring Committee) कोषांग का निरीक्षण किया गया । इस दौरान जिले के वरीय पदाधिकारियों द्वारा नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों से निर्वाचन संबंधी शिकायतों के प्राप्ति, पंजीकरण एवं उसके त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी ली गई। उन्होंने निर्देश दिया कि नियंत्रण कक्ष में प्राप्त किसी भी शिकायत या सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा संबंधित अधिकारियों को सूचित कर समयबद्ध प्रतिवेदन प्राप्त किया जाए ।

cVIGIL कंट्रोल रूम के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि नागरिकों द्वारा cVIGIL मोबाइल ऐप के माध्यम से की गई किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और सत्यापन के उपरांत उचित कार्रवाई की रिपोर्ट शीघ्र अपलोड की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आमजन को इस ऐप के उपयोग के प्रति जागरूक करें ताकि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की घटनाओं पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके।

एमसीएमसी कोषांग के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सभी प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में प्रकाशित/प्रसारित राजनीतिक सामग्री पर सतर्क निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों या प्रत्याशियों द्वारा बिना प्रमाणीकरण के किसी भी राजनीतिक विज्ञापन को प्रकाशित या प्रसारित नहीं किया जाना है। सभी शिकायतों एवं अनुमोदन से संबंधित अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।

निरीक्षण के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती प्रियंका सिंह, डीएसपी सीसीआर, सहा. प्रभारी पदाधिकारी जिला नियंत्रण कक्ष अल्का पन्ना, सुजीत बारी, सहा. प्रभारी पदाधिकारी मीडिया एवं एमसीएमसी कोषांग अंकित कुमार सिंह तथा अन्य पदाधिकारी-कर्मी उपस्थित रहे ।

नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में घायल सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लस्कर शहीद।

नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में घायल सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लस्कर शहीद।

चाईबासा

चाईबासा के मनोहरपुर प्रखंड के सारंडा जंगल में शुक्रवार की देर रात नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में घायल सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लस्कर ने इलाज के दौरान वीरगति प्राप्त कर ली। वे असम के नौगांव जिले के रहने वाले थे।

मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात नक्सलियों ने प्रतिरोध सप्ताह के दौरान सुरक्षा बलों पर हमला बोला था। इस आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ 60 बटालियन के तीन जवान घायल हुए थे, जिनमें इंस्पेक्टर कौशल कुमार मिश्रा और सब-इंस्पेक्टर रामचंद्र गोगी गंभीर रूप से जख्मी हैं। दोनों का इलाज उड़ीसा के राउरकेला अस्पताल में चल रहा है।

शहीद महेंद्र लश्कर का पार्थिव शरीर रांची लाया जा रहा है, जहां पोस्टमार्टम के बाद सीआरपीएफ कैंप में उन्हें अंतिम सलामी दी जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने उनके शहीद होने की आधिकारिक पुष्टि की है।

चाईबासा एसपी अमित रेणू ने बताया कि सारंडा में सुरक्षा बलों द्वारा नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा था, तभी दो आईईडी धमाके हुए। इस हमले से स्पष्ट है कि नक्सली अब भी घने जंगलों में सक्रिय हैं और सुरक्षा बलों को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं।

घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में सोमेश सोरेन कीजीत निश्चित: प्रधान सोरेन

घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में सोमेश सोरेन कीजीत निश्चित: प्रधान सोरेन

मुसाबनी

जिस तरह से घाटशिला विधानसभा का उपचुनाव जैसे जैसे नजदीक आते जा रहा है वैसे वैसे अपने पार्टी की उम्मीदवार को जीतने के लिए गांव गांव जाकर समर्थन जितना का प्रयास कर रहे हैं उसी क्रम में अपने उम्मीदवार को जीतने के लिए प्रखंड के सुरदा गांव में प्रखंड अध्यक्ष प्रधान सोरेन की अध्यक्षता में झामुमो का कार्यक्रम आयोजित क़ी गई जिसमे में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में झामुमो युवा नेता सोमेश चंद्र सोरेन शामिल हुए.

इस कार्यक्रम में हेमंत सरकार के जन कल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों से प्रभावित होकर भारतीय जनता पार्टी के महिला नेत्री लक्ष्मी रानी पातर एवं जयंती हुई के नेतृत्व में भाजपा एवं आजसू के सैकड़ों समर्थको के साथ झामुमो पार्टी में शामिल हुए। सभी महिलाओं एवं युवाओं को मुख्य अतिथि सोमेश सोरेन ने माला पहनाकर सम्मानित कर झामुमो में शामिल किया इस अवसर पर शामिल महिलाओ ने कहा क़ि अपने उम्मीदवार सोमेश सोरेन की जिताने के लिए तन मन धन से हम लोग काम करेंगे सोमेश सोरेन को जिताने के लिए घर -घर जाकर लोगों संपर्क करेंगे, ताकि भारी बहुमत से जीत हासिल हो सके.

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए रफ्तार को आगे बढ़ाने के लिए एन.डी.ए प्रत्याशी को जीताने का काम करें: बुद्धेश्वर मुर्मू

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए रफ्तार को आगे बढ़ाने के लिए एन.डी.ए प्रत्याशी को जीताने का काम करें: बुद्धेश्वर मुर्मू

मुसाबनी

आजसू पार्टी में बुधवार को जिला प्रधान सचिव बुद्धेश्वर मुर्मू के नेतृत्व में आगामी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर एन डी ए के पक्ष में गोहला पंचायत के विक्रमपुर गांव का दौरा किया गया।

इस दौरान विक्रमपुर गांव में ग्राम प्रधान मानसिंह सोरेन के अध्यक्षता में ग्रामीणों के साथ बैठक किया गया और आगामी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में एन डी ए प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने की अपील कि गई । उन्होंने ग्रामीणों के समक्ष वर्तमान हेमंत सरकार द्वारा गांव के विकास में शिथिलता का आरोप लगाते हुए क्षेत्र का विकास रफ्तार को आगे बढ़ाने के लिए एन डी ए प्रत्याशी को जीताने के लिए अपील की गई। उन्होंने वर्तमान सरकार पर बोलते हुए कहा की गांव की विकास को हेमंत सरकार द्वारा ठप्प करके रख दिया है । वर्तमान पंचायत जो गांव के विकास का पैमाना माना जाता है पूरे झारखंड में मईया योजना के नाम से विकास ठप्प पड़ा हुआ है । घाटशिला विधानसभा विकास का रफ्तार को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने एन डी ए प्रत्याशी को जीताने की अपील की है । जिला प्रधान सचिव बुद्धेश्वर मुर्मू ने ग्रामीणों को बताया की आगामी 16 अक्टूबर को आजसू पार्टी के सुप्रीमो का घाटशिला आगमन होने जा रहा है।

उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को कहा कि आजसू पार्टी के सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो का आगमन आगामी 16 अक्टूबर को घाटशिला में होने जा रहा है । इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक ग्रामीणों को उपस्थित होने की अपील की गई।

इस अवसर पर आजसू के जिला प्रधान सचिव बुद्धेश्वर मुर्मू,निशित पातर,विक्रमपुर ग्राम प्रधान मानसिंह सोरेन, पांडु मुर्मू,नूरी हो, बुधराई सोरेन, राकेश मुर्मू,, मोनिन पातर, शक्ति पदों राउत आदि उपस्थित थे।

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चौकीदार स्थापना समिति की बैठक संपन्न,,चौकीदार पदों के रिक्तीकरण एवं नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश.

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चौकीदार स्थापना समिति की बैठक संपन्न,,चौकीदार पदों के रिक्तीकरण एवं नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश.

सरायकेला-खरसावां

समाहरणालय सभागार, सरायकेला में उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चौकीदार स्थापना समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी अंचल अधिकारी एवं थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण कर चौकीदार बीटों के सृजन से संबंधित प्रस्ताव एक सप्ताह की अवधि के भीतर संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी को प्रेषित करें। इसके पश्चात अनुमंडल पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के अंचलों द्वारा प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा एवं परीक्षण कर, संतुष्ट होने की स्थिति में अनुमोदन प्रदान करें तथा एक सप्ताह के भीतर समेकित रूप से सभी प्रस्ताव जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं, ताकि चौकीदार पदों की स्वीकृति एवं चिन्हांकन से संबंधित विभागीय संप्रेषण हेतु अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में समिति द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि पूर्व में प्रकाशित विज्ञापन को निरस्त करते हुए चौकीदार पदों की नियुक्ति हेतु नया विज्ञापन पुनः प्रकाशित किया जाएगा।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि रिक्त पदों के अद्यतन विवरण, सत्यापन रिपोर्ट एवं सृजन प्रस्ताव की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूर्ण की जाए, ताकि चौकीदार नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से संपन्न किया जा सके।

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश लुनायत, अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी गोपी उरांव, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला निवेदिता नियति, अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल विकास राय, पुलिस उपाधिक्षक (मुख्यालय) प्रदीप उरांव , जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सह प्रभारी पदाधिकारी (सामान्य शाखा) अविनाश कुमार एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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