सरायकेला/आदित्यपुर
लोग कहते हैं भगवान का दरवाजा भले ही बंद हो जाए लेकिन डॉक्टर का दरवाजा कभी बंद नहीं होता, इंसान अपनी छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी तकलीफ लेकर डॉक्टर के पास ही जाते हैं और डॉक्टर को ही अपना भगवान मानते हैं,, लेकिन जब डॉक्टर ही जान के दुश्मन बन जाए और जान लेने पर उतारू हो जाएं तो फिर इंसान की सारी उम्मीद टूट जाती है।

ऐसा ही एक किस्सा आदित्यपुर के मेडिट्रिना हॉस्पिटल से सामने आया है जहां पर मेडिट्रिना हॉस्पिटल के डॉक्टर पर आदित्यपुर थाने में प्राथमिक दर्ज की गई है।


आपको बताते चलें कि रेणु देवी नामक महिला ने आदित्यपुर थाने में आदित्यपुर क्षेत्र स्थित मेडिट्रिनि हॉस्पिटल के एक डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज की है।
वहीं लिखित शिकायत के मुताबिक रेणु देवी नामक महिला अपने पति भरत सिंह के इलाज हेतु मेडिट्रिना अस्पताल पहुंची तब डॉक्टर द्वारा 600/- फिस के नाम पर लिए गए और साथ ही ECG/ECO करने के नाम पर 1700/-रुपए लिए गए । लेकिन इतने पैसे लेने के बावजूद भी डॉक्टर द्वारा भरत सिंह का सही ढंग से इलाज नहीं किया गया। और सही ढंग से इलाज नहीं होने पर जब महिला द्वारा डॉक्टर से इलाज के संबंध में सवाल पूछा गया तब डॉक्टर पार्थो पी चौधरी द्वारा गाली गलोज किया गया साथ ही अस्पताल से बाहर निकालने के क्रम में जब महिला ने लोगों से डॉक्टर के बारे में पूछा तो डॉक्टर ने पीछे से आकर जानलेवा हमला कर दिया।
वहीं डॉक्टर द्वारा किए गए जानलेवा हमले में भरत सिंह को सीने में काफी पीड़ा दायक दर्द उत्पन्न हो गया और डॉक्टर ने भरत सिंह का डॉक्टर का कागज भी रख लिया डॉक्टर द्वारा कहा गया कि जो करना है कर लो सभी मेरे जेब में रहते हैं मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
वहीं लिखित शिकायत के मुताबिक भरत सिंह ने इस मामले पर त्वरित आदित्यपुर थाने से मदद मांगी वहीं घटना स्थल पर आदित्यपुर थाने के पुलिस पहुंचकर डॉक्टर का कागज भरत सिंह को वापस दिलवाया।
वहीं महिला ने आदित्यपुर थाने में लिखित शिकायत देते हुए अपने पति भरत सिंह के जान माल की सुरक्षा हेतु गुहार लगाई है और उक्त डाक्टर पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने का अनुरोध किया है।




















