पांच चोरी की बाइक के साथ तीन गिरफ्तार

पांच चोरी की बाइक के साथ तीन गिरफ्तार

सरायकेला

सरायकेला थाना पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी की एक पंजीकृत हीरो स्प्लेंडर बाइक समेत कुल पांच मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित एसआईटी ने तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए अंसारी उर्फ तेजा, करण बास्के और कृष्णा नाथ उर्फ दुखु को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बाइक चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर चोरी की बाइक बरामद की गई। पुलिस अन्य चोरी की घटनाओं में भी उनकी संलिप्तता की जांच कर रही है।

यह मामला सरायकेला थाना कांड संख्या-61/2026 से जुड़ा है। 27 जुलाई को लाल चांद सरदार की लिखित शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

शिकायत में 17 जुलाई की रात घर के सामने से उनकी हीरो स्प्लेंडर (रजिस्ट्रेशन संख्या JH22F-8686) चोरी होने की बात कही गई थी।

गिरफ्तार आरोपी-अंसारी उर्फ तेजा (26 वर्ष), कमलपुर, सीनी ओपी करण बास्के (22 वर्ष), पदमपुर, कांड्रा थाना
कृष्णा नाथ उर्फ दुखु (22 वर्ष), लखीपुर, राजनगर थाना
पुलिस ने आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जानकारी दी है। अंसारी उर्फ तेजा के खिलाफ पूर्व में कई चोरी और अन्य मामलों में केस दर्ज हैं, जबकि करण बास्के पर भी विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

नीमडीह थाना क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध अंचल अधिकारी एवं थाना प्रभारी ने चलाया संयुक्त छापेमारी अभियान , 500 सीएफटी अवैध गिट्टी लदा हाईवा जप्त।

नीमडीह थाना क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध अंचल अधिकारी एवं थाना प्रभारी ने चलाया संयुक्त छापेमारी अभियान , 500 सीएफटी अवैध गिट्टी लदा हाईवा जप्त।

सरायकेला/नीमडीह

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनन एवं खनिज परिवहन के विरुद्ध निरंतर चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को नीमडीह थाना क्षेत्र में अंचलाधिकारी, नीमडीह श्री अभय कुमार द्विवेदी एवं थाना प्रभारी श्री दिलसन बिरुआ के नेतृत्व में संयुक्त छापेमारी अभियान संचालित किया गया।

छापेमारी के दौरान लगभग 500 सीएफटी अवैध पत्थर (गिट्टी) लदा एक हाइवा जब्त किया गया। प्रारंभिक जांच में वाहन पर खनिज परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त कर नीमडीह थाना को अग्रेतर विधिक कार्रवाई एवं प्राथमिकी दर्ज करने हेतु सुपुर्द कर दिया गया।

उपायुक्त, सरायकेला खरसावां श्री नितिश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, भंडारण एवं खनिज परिवहन के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध खनिज नियमावली एवं अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उपायुक्त द्वारा आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि अवैध खनिज परिवहन अथवा खनन की सूचना संबंधित प्रशासनिक अथवा पुलिस पदाधिकारियों को उपलब्ध कराकर अभियान में सहयोग करें।

ओवरलोड हाईवा-टिप ट्रेलर से NH-33, 32 पर मौत का सफर, आरटीओ-डीटीओ की कार्यशैली पर सवाल।

ओवरलोड हाईवा-टिप ट्रेलर से NH-33, 32 पर मौत का सफर, आरटीओ-डीटीओ की कार्यशैली पर सवाल।

सरायकेला

18 टन की जगह 48 टन, 40 टन की जगह 80 टन लादकर दौड़ रही गाड़ियां, हर महीने “पगड़ी” का आरोप

झारखंड में सड़कों की बदहाली और सड़क दुर्घटनाओं के लिए ओवरलोडेड वाहन जिम्मेदार माने जा रहे हैं। खासकर NH-33 और NH-32 पर क्षमता से 3 गुना तक माल लादकर दौड़ रहे हाईवा और टिप ट्रेलर आम लोगों के लिए काल बनते जा रहे हैं।

नियम ताक पर, सड़क पर खतरा
परिवहन नियमों के अनुसार NH-33 और NH-32 पर किसी भी मालवाहक वाहन की अधिकतम क्षमता 18 टन निर्धारित है। लेकिन हकीकत में हाईवा में 15 टन की जगह 48 टन तक और टिप ट्रेलर में 40 टन की जगह 80 टन तक आयरन ओर लादकर सरपट दौड़ाया जा रहा है।

ओवरलोड के कारण न सिर्फ सड़कें कुछ ही महीनों में गड्ढों में तब्दील हो रही हैं, बल्कि वाहनों का नियंत्रण भी मुश्किल हो गया है। तेज रफ्तार और ब्रेक फेल होने से रोजाना छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। राहगीरों और आम नागरिकों की जान जोखिम में है।

आरटीओ-डीटीओ और ट्रैफिक पुलिस की भूमिका सवालों में* 
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्षमता से अधिक लोड लेकर वाहन सड़क पर कैसे उतर रहे हैं? सूत्रों के अनुसार ओवरलोडिंग के बदले हर महीने हाईवा से 8 हजार रुपये और टिप ट्रेलर से 15 हजार रुपये तक “पगड़ी” वसूली जाती है। इसी कारण कानून व्यवस्था लागू करने वाला सिस्टम ही ओवरलोडिंग को बढ़ावा दे रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति होती है। अंडर-लोड के बजाय ओवर-लोड वाहनों को खुलेआम अनुमति मिल रही है।

सड़कें टूटीं, दुर्घटनाएं बढ़ीं
ओवरलोड वाहनों के दबाव से NH-33 और NH-32 समेत जिला की कई सड़कें उखड़ गई हैं। जगह-जगह गड्ढे, उड़ती धूल और टूटे डामर से वाहन चालकों को दुर्घटना का डर हर पल सताता है। दोपहिया चालक और पैदल यात्री सबसे अधिक प्रभावित हैं।

आम जनता की मांग
लोगों का कहना है कि जब तक ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, सड़क दुर्घटनाएं और सड़कों की बदहाली नहीं रुकेगी। आम नागरिकों और राहगीरों ने जिला प्रशासन, आरटीओ, डीटीओ और ट्रैफिक पुलिस से मांग की है कि:

1. सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर वजन कांटा लगाकर सघन जांच हो।
2. ओवरलोड वाहनों पर भारी जुर्माना और वाहन जब्ती की कार्रवाई हो।
3. “पगड़ी” व्यवस्था पर अंकुश लगाकर दोषी अधिकारियों-कर्मियों पर कार्रवाई हो।

फिलहाल ओवरलोड के कारण सड़कें ही नहीं, लोगों का भरोसा भी टूट रहा है। अब देखना है कि प्रशासन इस “मौत के कारोबार” पर कब लगाम लगाता है।

“रोपनी का समय, किसान खेत में पसीना बहा रहे, सरायकेला-कृषि विभाग कार्यालय में फाइलें सो रही”

“रोपनी का समय, किसान खेत में पसीना बहा रहे, सरायकेला-कृषि विभाग कार्यालय में फाइलें सो रही”

सरायकेला

“मौसम साथ दे रहा, सरकार नहीं: सरायकेला-खरसावां में किसानों को बीज, दवा और सलाह से महरूम रखा गया“

“‘सेटिंग-गेटिंग’ से चल रही खेती? धान रोपनी में भी जागरूकता अभियान से वंचित रहे सरायकेला-खरसावां के किसान”

झारखंड में मानसून की अच्छी बारिश के बाद धान रोपनी का काम जोरों पर है। जिले के किसान सुबह से शाम तक अपने-अपने खेतों में धान रोप रहे हैं। मौसम भी किसानों का साथ दे रहा है। लेकिन इस महत्वपूर्ण समय में कृषि विभाग और प्रशासन का ध्यान किसानों की ओर नहीं है।

स्थानीय किसानों का आरोप है कि रोपनी से पहले बीज उपचार, उर्वरक का संतुलित उपयोग, कीट नियंत्रण और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए कृषि विभाग द्वारा कोई विशेष जागरूकता अभियान या किसान चौपाल नहीं लगाई गई। नतीजा ये है कि किसान पुराने तरीके से ही खेती करने को मजबूर हैं।

“सेटिंग-गेटिंग” का आरोप
कई प्रगतिशील किसानों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ चंद “खास” लोगों तक ही पहुंच रहा है। बीज, दवा और अनुदान का वितरण पारदर्शी तरीके से नहीं हो रहा। आम और छोटे किसान विभाग के चक्कर काटकर थक जा रहे हैं लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल रही।

क्या कहते हैं किसान
गम्हरिया के किसान रामदेव महतो कहते हैं “हम 20 साल से धान लगा रहे हैं। हर साल रोपनी के समय कृषि पदाधिकारी गांव आते थे, नई तकनीक बताते थे। इस बार कोई नहीं आया। दवा की दुकानदार जो बताएगा वही करना पड़ रहा है।”

सरकारी दावों पर सवाल
एक तरफ राज्य सरकार  “किसान समृद्धि” की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ सरायकेला-खरसावां जैसे कृषि प्रधान जिले में रोपनी के पीक सीजन में भी विभागीय उदासीनता देखने को मिल रही है।

मांग
किसान संगठनों ने उपायुक्त और जिला कृषि पदाधिकारी से मांग की है कि अविलंब प्रखंड स्तर पर किसान जागरूकता शिविर लगाए जाएं। PM किसान, बीज अनुदान और फसल बीमा की जानकारी घर-घर तक पहुंचाई जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से खेती हो सके और झारखंड की खेती बुलंदी पर पहुंचे।

यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो उपज पर असर पड़ना तय है।

यह सड़क नहीं ईचागढ़ प्रखंड वासियों की जिंदगी का हाल है जिस सड़क पर चलना है उसी का हाल बेहाल है।

यह सड़क नहीं ईचागढ़ प्रखंड वासियों की जिंदगी का हाल है जिस सड़क पर चलना है उसी का हाल बेहाल है।

सरकार कहती है स्पीड पर कंट्रोल रखो कभी ना होगा कोई ग़म सड़क पर बने गड्ढे खुद ही स्पीड ब्रेकर का काम करती है अब क्या घर से निकलना बंद कर दे हम:-  ग्रामीण

बदहाल सड़क से ग्रामीण परेशान, एक सप्ताह का अल्टीमेटम, सड़क का मरमत्तीकरण नहीं होने से होगा धानरोपण।

सरायकेला/ईचागढ़

साथियों आपने और हम सभी ने अक्सर यह कहते सुना होगा कि जब सामने गड्ढे हो तो गड्ढे को फांद कर जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए वरना हमारे बदन पर भी कीचड़ लग सकती है। इसीलिए लोग सलाह देते हैं के गड्ढे के बगल से हमें गुजर जाना चाहिए। लेकिन जब सड़क पर गड्ढे और कीचड़ के सिवा और कुछ ना हो तो फिर स्थानीय निवासियों को कीचड़ के रास्ते से ही गुजरना मजबूरी हो जाती है।

साथियों पुराने समय में राजतंत्र था और एक राजा के लिए उसकी प्रजा की सुख सुविधाएं सर्वोपरि हुआ करती थी। आज की तारीख में देश की जनता देश के प्रधानमंत्री राज्य के मुख्यमंत्री अथवा स्थानीय विधायक को अपने राजा के तौर पर देखती है और यह सोचती है की उसका राजा उसके हितों के बारे में सोंचेगा उसे हर सुख सुविधा मुहैया कराएगा और यही सोंचकर यही सोंच लेकर जनता घंटों लाइन में लगकर कड़ी धूप में खड़े होकर अपना कीमती वोट देकर अपना एक विधायक का चुनाव करती है। और खुद के द्वारा चुने गए विधायक की जीत पर खुशियां मानती है मिठाइयां बांटते हैं और यह सोचती है कि अब अच्छे दिन आएंगे। लेकिन क्या हो जब उनके सपने कीचड़नुमा खराब सड़क में तब्दील हो जाए तब आप सोंच सकते हैं उस जानता के मन में किस तरह की भावना उत्पन्न हो सकती है।

जी हां साथियों ऊपर लिखे गए हृदय विदारक शब्दों का जीता जागता सबूत ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में देखने को मिलता है जहां पर कीचड़नुमा बदहाल सड़क से क्षेत्र वासियों का जीना मुहाल हो चुका है। खराब सड़क और विधायक द्वारा किए गए वादों को ना निभाए जाने से जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है लोग खराब सड़क पर धान रोपनी करने तक की बात कह रहे हैं।

ताजा मामला ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सोड़ो पंचायत के अंतर्गत पड़ने वाले हाड़ात गांव का है जहां पर भारी बारिश के कारण खराब सड़क और जल जमाव से ग्रामीणों का पैदल चलना और वाहनों का निकलना मुहाल चुका है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भारी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है।

सूत्र बताते हैं कि स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उक्त खराब सड़क की समस्या के निवारण के लिए ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक सविता महतो सहित ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी सह आजसू नेता हरेलाल महतो, जेएलकेएम नेता सह पूर्व प्रत्याशी तरुण महतो सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई थी। इसके बावजूद भी सड़क मरम्मत नहीं हो पाई। दो पहिया और अन्य वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वालों को भी काफी कठिनाई हो रही है।

सविता महतो, विधायक, ईचागढ़
पूर्व प्रत्याशी सह आजसू नेता, हरेलाल महतो
जेएलकेएम नेता सह पूर्व प्रत्याशी, तरुण महतो

वहीं इस मामले पर स्थानीय ग्रामीण संजय कुमार महतो ने बताया कि हाड़ात टोला पहाड़धार के लोहरा टोला का रास्ता इतना बेहाल हो चुका है कि स्कूली बच्चों से लेकर के बूढ़े बुजुर्गों तक का निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक सहित अन्य समाजसेवियों को इस संबंध में अवगत कराया गया है, परंतु अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण लोगों को रोजाना जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभाग से जल्द से जल्द समस्या का निवारण करने का अनुरोध किया है। साथ ही ग्रामीणों ने एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि सड़क का मरमत्तीकरण नहीं होने से सड़क पर ही धान रोपनी का कार्यक्रम किया जाएगा और सड़क को बंद कर दिया जाएगा।

संजय कुमार महतो, ग्रामीण

वहीं इस मामले पर ईचागढ़ प्रखंड के उपप्रमुख दीपक कुमार साव ने कहा कि ग्रामीणों की ओर से सड़क की समस्या की सूचना लगातार मिल रही है पूर्व में भी मैंने निजी स्तर से सड़क को चलने लायक बनाया था। इस वर्ष भी निजी स्तर से सड़क का मरम्त्तीकरण किया जाएगा।

विद्यालय के पास काजू बागान में पहुंचे दो दतैल हाथी, मचा हड़कंप

विद्यालय के पास काजू बागान में पहुंचे दो दतैल हाथी, मचा हड़कंप

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के पिलीद स्थित अनुग्रह नारायण (एएन) प्लस टू उच्च विद्यालय के समीप काजू बागान में शनिवार को दो दतैल हाथियों के पहुंच जाने से विद्यालय परिसर और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। हाथियों की मौजूदगी से छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों में भय का माहौल बन गया। विद्यालय के पास हाथियों के भटककर पहुंचने के कारण बच्चे डर के साये में स्कूल पहुंचे। कई अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आए।

हाथियों की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ उन्हें देखने के लिए जुट गई। दिनभर लोगों का जमावड़ा लगा रहा, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई। हाथियों के डर से रघुनाथपुर–पिलीद सड़क पर कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित गया। लोग सावधानी बरतते हुए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करते देखे गए।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के बिल्कुल समीप हाथियों की मौजूदगी से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने तथा विद्यालय और आसपास के गांवों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों ने अपील की है कि वन विभाग लगातार निगरानी रखे, ताकि हाथियों और ग्रामीणों के बीच किसी प्रकार का टकराव न हो और जन-धन की हानि से बचा जा सके। सुचना मिलते ही प्रभारी वनपाल कैलाश महतो भी हाथियों का सुधी लेने पहुंचे और उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि रात को टीम लगाकर हाथियों को जंगल की ओर भगाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने लोगों को हाथियों से छेड़छाड़ नहीं करने एवं सतर्क रहने का अपील किया।

सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतरगत गोविंदपुर फुटबॉल टूर्नामेंट में खेल प्रतिभाओं का सम्मान, कृष्णा बास्के और के.पी. सोरेन ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह।

सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतरगत गोविंदपुर फुटबॉल टूर्नामेंट में खेल प्रतिभाओं का सम्मान, कृष्णा बास्के और के.पी. सोरेन ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह।

सरायकेला/राजनगर

राजनगर प्रखंड अंतर्गत गोविंदपुर स्थित पाण्डुगीति मैदान में खेरबार खेलोन्ड माडवा, पाण्डुगीति के तत्वावधान में फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में आसपास के कई गांवों की टीमों ने भाग लेकर खेल प्रतिभा और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया।

समापन समारोह में झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के एवं वरिष्ठ नेता सह शिक्षाविद के.पी. सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विजेता व उपविजेता टीमों को संयुक्त रूप से पुरस्कार प्रदान कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर के.पी. सोरेन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतियोगिताएं युवाओं की प्रतिभा को निखारने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आपसी भाईचारे और स्वस्थ समाज निर्माण का आधार है। उन्होंने युवाओं से नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर खेल एवं शिक्षा को जीवन का लक्ष्य बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लगातार होने चाहिए ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। वहीं कृष्णा बास्के ने कहा कि गांवों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने कहा कि खेल से शारीरिक और मानसिक विकास होता है तथा युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित होती है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा और ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करने का प्रयास जारी रहेगा। प्रतियोगिता के दौरान बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों, ग्रामीणों और युवाओं की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन में खिलाड़ियों ने खेल भावना का परिचय देते हुए रोमांचक मुकाबले खेले। अंत में आयोजकों ने मुख्य अतिथियों सहित सभी खिलाड़ियों, अतिथियों और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस तरह की प्रतियोगिताओं के नियमित आयोजन का संकल्प लिया।

सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतरगत गोविंदपुर फुटबॉल टूर्नामेंट में खेल प्रतिभाओं का सम्मान, कृष्णा बास्के और के.पी. सोरेन ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह।

सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड अंतरगत गोविंदपुर फुटबॉल टूर्नामेंट में खेल प्रतिभाओं का सम्मान, कृष्णा बास्के और के.पी. सोरेन ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह।

सरायकेला/राजनगर

राजनगर प्रखंड अंतर्गत गोविंदपुर स्थित पाण्डुगीति मैदान में खेरबार खेलोन्ड माडवा, पाण्डुगीति के तत्वावधान में फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में आसपास के कई गांवों की टीमों ने भाग लेकर खेल प्रतिभा और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया। समापन समारोह में झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के एवं वरिष्ठ नेता सह शिक्षाविद के.पी. सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विजेता व उपविजेता टीमों को संयुक्त रूप से पुरस्कार प्रदान कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर के.पी. सोरेन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतियोगिताएं युवाओं की प्रतिभा को निखारने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आपसी भाईचारे और स्वस्थ समाज निर्माण का आधार है। उन्होंने युवाओं से नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर खेल एवं शिक्षा को जीवन का लक्ष्य बनाने का आह्वान किया। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लगातार होने चाहिए ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। वहीं कृष्णा बास्के ने कहा कि गांवों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की है।

उन्होंने कहा कि खेल से शारीरिक और मानसिक विकास होता है तथा युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित होती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा और ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करने का प्रयास जारी रहेगा। प्रतियोगिता के दौरान बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों, ग्रामीणों और युवाओं की उपस्थिति रही। पूरे आयोजन में खिलाड़ियों ने खेल भावना का परिचय देते हुए रोमांचक मुकाबले खेले। अंत में आयोजकों ने मुख्य अतिथियों सहित सभी खिलाड़ियों, अतिथियों और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस तरह की प्रतियोगिताओं के नियमित आयोजन का संकल्प लिया।

समावेशी शिक्षा के तहत दिव्यांग बच्चों के बीच सहायक उपकरणों का वितरण।

समावेशी शिक्षा के तहत दिव्यांग बच्चों के बीच सहायक उपकरणों का वितरण।

सरायकेला/ईचागढ़

झारखंड शिक्षा परियोजना, सरायकेला-खरसावां के तत्वावधान में समावेशी शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत 3 से 18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए सहायक सामग्री वितरण शिविर का आयोजन प्रखंड संसाधन केंद्र कुकड़ू में किया गया।

शिविर में दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, वॉकर, श्रवण यंत्र, स्मार्ट केन, ब्रेल किट सहित अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए। इन उपकरणों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

कार्यक्रम में जिला स्तरीय एपीओ रघुवर तिवारी, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी संजय कुमार जोशी, एलीमको की टीम से राम कुमार सिंह, सोनी कुमारी, महेंद्र कुमार एवं लव कुश कुमार, रिसर्च टीचर तथा शिक्षक त्रिलोचन कुमार और गुणाधर महतो उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में दिव्यांग बच्चों के अभिभावक भी शिविर में शामिल हुए।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य प्रत्येक दिव्यांग बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर अभिभावकों ने झारखंड शिक्षा परियोजना एवं शिक्षा विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

जिला आयुष समिति के मार्गदर्शन में एनपीएस महाबुरू एवं आर्चरी अकादमी, दुगनी में आयुर्विद्या स्वास्थ्य शिविर आयोजित।

जिला आयुष समिति के मार्गदर्शन में एनपीएस महाबुरू एवं आर्चरी अकादमी, दुगनी में आयुर्विद्या स्वास्थ्य शिविर आयोजित।

सरायकेला-खरसावां

जिला आयुष समिति, सरायकेला-खरसावाँ के मार्गदर्शन एवं आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पूनम कुमारी के नेतृत्व में मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को आयुष्मान आरोग्य मंदिर, कुचाई की टीम द्वारा एनपीएस महाबुरू एवं आर्चरी अकादमी, दुगनी में आयुर्विद्या स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।

एनपीएस महाबुरू में आयोजित स्वास्थ्य शिविर के दौरान 42 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। इस अवसर पर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, दैनिक जीवन में स्वास्थ्य का समुचित प्रबंधन करने तथा रोगों की रोकथाम के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही विद्यार्थियों के बीच आवश्यक होम्योपैथिक औषधियों का वितरण किया गया।

वहीं आर्चरी अकादमी, दुगनी में आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ) डॉ. प्रीति कुमारी द्वारा प्रशिक्षुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं आयुष औषधियों का वितरण किया गया। शिविर के दौरान प्रशिक्षुओं को नियमित व्यायाम, संतुलित आहार एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

जिला आयुष समिति द्वारा बताया गया कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का उद्देश्य आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना, विद्यार्थियों एवं आमजन को निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराना तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।

मिलन चौक कांवरिया संघ बंगला सावन को जलाभिषेक के लिए कांशी विश्वनाथ रवाना।

मिलन चौक कांवरिया संघ बंगला सावन को जलाभिषेक के लिए कांशी विश्वनाथ रवाना।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सितु मिलन चौक व्यवसायिक कांवरिया संघ ने हर साल की तरह इस साल भी अपने क्षेत्र के कुशल मंगल कामना पूर्ण हेतु जलाभिषेक के लिए बंगाल सावन के पहली सोमवारी को जलाभिषेक के लिए कांशी बाबा विश्वनाथ के लिए रवाना
हुए।

कांवरिया संघ के संचालक दीलीप कुमार दास ने बताया कि काशी विश्वनाथ में जलाभिषेक करने के बाद जत्था सीधे प्रयागराज त्रिवेणी संगम  पहुंचेंगे और  वहां डुबकी लगा कर सीधे अयोध्या रवाना होंगे।वहां सरयू नदी में स्नान करने के बाद हनुमान गढ़ी एवं राम मंदिर राम लला दर्शन करेंगे। कांवरिया संघ के संचालक दिलीप कुमार दास ने कहा हम सभी कांवरिया हर साल अपने क्षेत्रों की किसान, व्यवसायी,समाज कल्याण, गांव घर की शांति सद्भावना की मनोकामनाएं क़ो लेकर बाबा के दरबार में जलाभिषेक करते हैं।

कांवरिया संघ के सदस्यों ने हर हर महादेव,जय मां गंगे,जय श्री राम के जयघोष के साथ रवाना हुए।  कांवरिया संघ में  दिलीप कुमार दास,महेश्वर गोप, उमाचरण दास, आषुतोष दास, कलेश्वर तिवारी,मनोज कुमार पाण्डेय,शशधर गोप, राधाकृष्ण साव,बलराम महतो, कृष्णा कुमार महतो,निर्मल महतो, दिनेश कुमार महतो,मनमोहन महतो,अमित कुमार महतो,राम रंजन महतो,बरुण महतो, दुर्गाचरण महतो आदि भक्त शामिल हैं।

पीड़ित ठेका मजदूर चंदन पासवान को न्याय दिलाने हेतु इंटक प्रतिनिधिमंडल ने डेप्युटी लेबर कमिश्नर से की मुलाकात।

पीड़ित ठेका मजदूर चंदन पासवान को न्याय दिलाने हेतु इंटक प्रतिनिधिमंडल ने डेप्युटी लेबर कमिश्नर से की मुलाकात।

सरायकेला/गम्हरिया

गम्हरिया प्रखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह सरायकेला-खरसावां इंटक जिला अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने अपने प्रतिनिधिमंडल एवं पीड़ित ठेका मजदूर चंदन पासवान के साथ जमशेदपुर स्थित सीतारामडेरा स्थित डेप्युटी लेबर कमिश्नर (DLC) कार्यालय में पदस्थापित अरविंद कुमार से मुलाकात कर पीड़ित मजदूर की गंभीर समस्याओं से अवगत कराया।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि टाटा स्टील के ठेकेदार जोश ब्रदर्स के अधीन कार्यरत मजदूर चंदन पासवान 1 जनवरी 2026 को कार्य के दौरान कंपनी परिसर में दुर्घटना का शिकार हो गए थे। उनके दाहिने पैर पर रोल बार गिर जाने से पैर का पंजा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।

आरोप लगाया गया कि दुर्घटना के बाद पिछले छह महीनों में ठेकेदार द्वारा न तो उनका समुचित इलाज कराया गया और न ही कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के अंतर्गत मिलने वाली इंजरी वेज (Injury Wage) सहित अन्य वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा पिछले चार महीनों का वेतन भी भुगतान नहीं किया गया।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार ने चिकित्सकों पर दबाव बनाकर घायल मजदूर को जबरन मेडिकल फिट घोषित करवा दिया। जबकि उनकी शारीरिक स्थिति अभी भी कार्य करने योग्य नहीं है। इतना ही नहीं, दवा एवं चिकित्सा का खर्च भी नहीं उठाया जा रहा है और लगातार फोन कर काम पर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है।

वेतन एवं इलाज नहीं मिलने के कारण पीड़ित मजदूर और उनका परिवार गंभीर आर्थिक, मानसिक तथा भुखमरी जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहा है।
मुलाकात के दौरान चंदन पासवान ने स्वयं डेप्युटी लेबर कमिश्नर अरविंद कुमार के समक्ष अपनी पूरी आपबीती सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए श्री अरविंद कुमार ने निष्पक्ष जांच कराते हुए कंपनी एवं ठेकेदार से पीड़ित मजदूर को उचित मुआवजा, बकाया वेतन तथा न्याय दिलाने के लिए हरसंभव कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

Design a site like this with WordPress.com
Get started