दो दिवसीय फुटबाल प्रतियोगिता का आयोजन आगामी 3-4 फरवरी को कोलाबीरि में किया जाएगा।
सरायकेला/कोलाबीरा
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
आगामी 3 और 4 फरवरी को आदिवासी तिल्का फुटबॉल एसोसिएशन सिंहभूम कोलाबीरा के बैनर चले दो दिवसीय फुटबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा जिसमें की बंपर पुरस्कार देकर विजेता टीम को सम्मानित किया जाएगा।
आगामी 3 और 4 फरवरी को आयोजित होने वाले दो दिवसीय फुटबाल प्रतियोगिता खेल के विषय पर प्रकाश डालते हुए मुख्य संयोजक मो० अख्तर हुसैन ने कहा कि यह खेल 3 और 4 फरवरी को आयोजित किया जाएगा जिसमें की प्रथम विजेता टीम को पुरस्कार स्वरूप 5,000001रू देकर सम्मानित किया जाएगा तथा द्वितीय विजेता टीम को पुरस्कार स्वरूप 3,50001रू देकर सम्मानित किया जाएगा.वहीं तीसरे और चौथे स्थान पर पहुंचे विजेता टीम को पुरस्कार स्वरूप 1,5001रू देखकर सम्मानित किया जाएगा।
आगे उन्होंने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 3 एवं 4 फरवरी को फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा. और इस प्रतियोगिता में प्रत्येक वर्ष क्यों भांति हर एक टीम में इस बार हर एक टीम में 9-9 खिलाड़ी भाग लेंगे उसमें तीन खिलाड़ी नेग्रो के भी स्वीकार किया गया है.कमेटी की ओर से इसमें कुल 16 टीम खेलेंगे जिसमें के प्रवेश शुल्क 51000रू रखा गया और है यह खेल दो दिनों तक आयोजित किया जाएगा पहले दिन 8 दूसरे दिन 8 टीम खेलेंगे।
वहीं इस संबंध में जानकारी देते हुए संयोजक रविंद्र मंडल ने कहा कि आदिवासी तिल्का फुटबॉल एसोसिएशन का गठन 1988 को किया गया था टाटा फुटबॉल एकेडमी के तर्ज पर ग्रामीण खिलाड़ियों को एक प्लेटफार्म देने के लिए यह खेल की शुरुआत की गई थी ताकि ग्रामीण खिलाड़ियों को युवाओं के एक अच्छा प्लेटफार्म मिले और खेल का स्तर ऊंचाइयों को छुए शहीद तिल्का मांझी ट्रॉफी के नाम से इस खेल का आयोजन किया जाता है.शहीद तिल्का मांझी झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश का प्रथम राष्ट्र सेनानी के नाम से जाना जाता है उन्हीं की याद में यह खेल का आयोजन किया जाता है.इस आयोजन में हमारे झारखंड सरकार के कई मंत्री शामिल होते हैं. कई विधायक शामिल होते हैं हमारे जिला के SP.DC.SDO एवं सरायकेला के कई पदाधिकारी इस फुटबाल प्रतियोगिता में शामिल होते हैं।
आगे उन्होंने कहा कि हमारे कमेटी का यह सारा प्रयास होता है कि हमारे क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड में एक अच्छा खेल का वातावरण पैदा करें. जिस प्रकार आज के समय मे IPL खेल चालू हो चुका है उसी तर्ज पर अगर हम लोग एक अच्छा प्लेटफार्म खिलाड़ियों को दे तो आने वाले समय में IPL जैसे खेलों में हमारे बच्चे और हमारे क्षेत्र के खिलाड़ी भी भाग ले सकते हैं।
उन्होंने ने कहा कि हमारा यही उद्देश्य है कि इस खेल में हमारा प्रयास रहेगा सभी खिलाड़ी नशा मुक्त हो और हमारे जितने भी युवा साथी हैं उन्हें हम यही प्रेरणा देंगे कि आप लोग आगे बढ़ते रहे हमारे संस्था सदैव आपके साथ है और जहां तक विधि व्यवस्था की बात है तो प्रत्येक वर्ष प्रशासन और अनुमंडल पदाधिकारी से हम लोग अनुमति लेकर ही कार्यक्रम का आयोजन करते हैं और इस वर्ष भी सभी की अनुमति और मार्गदर्शन से ही कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
कार्मिक विभाग के सचिव और विधायक सविता महतो तथा डीसी पहुंचे सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में।
सरायकेला/ईचागढ़
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
ईचागढ़ प्रखंड के तुता पंचायत सचिवालय परिसर में मंगलवार को आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार का अंतिम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक एवं राजभाषा विभाग के सचिव प्रवीण टोप्पो,विधायक सविता महतो,उपायुक्त रवि शंकर शुक्ला,एसडीएम गिरजा शंकर महतो ने दीप प्रज्वलित कर किया। वहीं सचिव ,विधायक , उपायुक्त ,अनुमंडल पदाधिकारी ने स्टालों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान सचिव श्री टोप्पो ने स्टालों में जमा कर रहे आवेदनों का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कई दिशा निर्देश भी दिया।
अपने संबोधन में विधायक सविता महतो ने लोगों को सरकार द्वारा चलाये जा रहे जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के माध्यम से सरकार के योजनाओं का लाभ सुयोग्य लोगों को लेने की अपील किया। इस दौरान सचिव विधायक व उपस्थित पदाधिकारियों ने बुजुर्ग महिलाओं के बीच कंबल,ट्राई साइकिल, सखी मंडलों व फुलो झानो आशीर्वाद योजना के तहत चेक सहित कई परिसम्पतियों का भी वितरण किया।
वहीं सचिव प्रवीण टोप्पो ने पंचायत के उपस्थित लोगों को सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के संबंध में जानकारी दिया।उन्होंने कहा कि आबुआ आवास का आवेदन जरूर करें और इसका लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में भाग लेकर बस्तु स्थिति से अवगत हुए। उन्होंने कहा कि सुदुरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र में भी लोग काफी उत्साहित देखा गया। उन्होंने कहा कि लोग अच्छे खासे आवेदन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवेदनों पर शत प्रतिशत कारवाई होगा और क्षेत्र के लोगों को इस कार्यक्रम से अधिक योजनाओं का लाभ मिलेगा। इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के द्वारा कुल 22 स्टॉल लगाया गया था जहां कुल 2366 आवेदन आया तथा 675 आवेदन का निष्पादन किया गया। जहां पंचायत के काफी संख्या में लोग उपस्थित हुए। कार्यक्रम में कई चयनित लाभुकों के बीच पेंशन स्वीकृति पत्र वितरण,जॉब कार्ड वितरण, सखी मंडल से जुड़े महिलाओं के बीच सीसीएल चेक वितरण, फूलों झानो आशीर्वाद योजना के तहत चेक वितरण, दिव्यांगों के बीच ट्राई साइकिल सहित दर्जनों लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का भी वितरण किया गया। आज पंचायतों में आयोजित सरकार आपके द्वार का अंतिम कार्यक्रम है। जिसमें पैंशन,आय ,आवासीय,जाति आवेदनों पर कारवाई किया गया। जिसमें बचे आवेदनों का त्वरित निष्पादन किया जाएगा ।
इस अवसर पर एलआरडीसी विकास कुमार राय,बीडीओ किकु महतो, सीओ दीपक कुमार,प्रमुख गुरूपद मार्डी, उपप्रमुख दीपक कुमार साव,विधायक के आप्त सचिव काबलु महतो,मुखिया संगीता देवी आदि काफी संख्या में पंचायत के लोग उपस्थित थे।
एक दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए भाजपा नेता गणेश महाली।
सरायकेला/राजनगर
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
राजनगर प्रखंड अंतर्गत कटंगा पंचायत के बुरुडीह गांव में स्वर्गीय भोगला टूडु जी के पुण्यतिथि पर आयोजित एक दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाजपा नेता गणेश महाली शामिल होकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।
भाजपा नेता गणेश महाली
इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं।इस मौके पर रमेश हसदा,सुनील दास,मनोज मर्डी,सुरेंद्र किस्कू,छोटा टुडू, ईश्वर टुडु,प्रेमा टुडू आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा नेता गणेश महली ने कहा कि अपने दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलना टीम वर्क और निःस्वार्थता के बारे में बहुत कुछ सिखाता है। अपने साथियों का समर्थन करना और एक टीम में काम करना जीवन के सबसे आवश्यक मूल्यों में से एक है। और फुटबॉल उसके लिए एक महान शिक्षक है।
फुटबॉल खेलने के 15 फायदे- गणेश महाली
आगे कार्यक्रम में भाजपा नेता गणेश महाली ने फुटबॉल खेलने के फायदे पर प्रकाश डालते हुए बच्चों से कहा कि फुटबॉल खेलने के 15 मुख्य फायदे हैं 1.टीम वर्क 2.मांसपेशियों की ताकत 3.एरोबिक क्षमता बढ़ाता है 4.हृदय स्वास्थ्य में सुधार करता है 5.शरीर की चर्बी कम करता है और मांसपेशियों की टोन में सुधार करता है 6.अस्थि शक्ति बढ़ जाती है 7.समन्वय सिखाता है 8.शारीरिक कठोरता 9.मानसिक क्रूरता 10.संज्ञानात्मक मस्तिष्क समारोह को बढ़ाता है 11.आत्मविश्वास बढ़ाएं और चिंता कम करें 12.यह जीने का एक तरीका है 13.अनुशासन की भावना 14.कोई भी और कहीं भी 15.इसके अंत में एक शानदार करियर की प्रतीक्षा है।
खेल खेलने से बच्चों को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना सीखने और नकारात्मक भावनाओं को सकारात्मक तरीके से बदलने में मदद मिलती है। यह बच्चों को धैर्य विकसित करने और यह समझने में भी मदद करता है कि उनके शारीरिक कौशल और स्कूल में वे जो करते हैं, दोनों को बेहतर बनाने के लिए बहुत अभ्यास की आवश्यकता हो सकती है।
कोल्हान के चांडिल अनुमंडल स्थित दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के मकुलाकोचा मुख्य चेकनाका में रंजनी नामक हथनी आज के दशक में पर्यटकों के लिए। सेल्फी पोइंट बन कर शोभा बढ़ा रहा हे।
झारखंड राज्य के साथ पश्चिम बंगाल ,उड़ीसा ,छत्तीसगढ़, बिहार,नेपाल आदि राज्यों से पर्यटकों भीड़ प्रतिदिन सैकडो की संख्या में दलमा गज परियोजना घूमने और भ्रमण के लिए पहुंच रहा हे। सभी देश और विदेशी के पर्यटकों की जुबान में रंजनी हाथी की नाम और चेहरे में चमक देखी गए । शैलानी में छोटे हो बड़े सभी के साथ रंजनी हाथी घुलमिल जाता । ओर रंजनी के साथ यादगार पल को आपने मोबाईल में सेल्पी लेकर खुशी जाहिर करते हे।पर्यटकों का कहना हे , दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी एक आदर्श ओर मनौर्म का दृश्य को मिलता है, जंगल के वादियों में विभिन्न प्रकार के जल स्रोत के साथ छोड़े बड़े बांध को मिलता हे।
पर्यटक दुःख प्रकट करते हुई कहा दलमा सफारी करने के दौरान जंगल में एक भी हाथी की झुंड देखने को नहीं मिलता जिसके कारण हम लोगो के मायुष हो जाते।
दलमा भ्रमण आने के समय सभी के चेहरे में खुशी देखा जाता हे। परंतु जंगल सफ़ारी करने के प्रश्चात् जंगल की बिहोडो में हाथी नदारत रहे, हाथी प्रेमी द्वारा दो वर्षो से दलमा सेंचुरी में भ्रमण करने दौरान एक भी जलस्रोत या बांध में हाथी को विचरण अथवा जलक्रीड़ा करते नही देखा गया।
पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम चाकुलिया होते हाथी की झुंड बहरागोड़ा,घाटशिला पहुंचते है,उसके बाद हाथी की झुंड दलमा सेंचुरी में एंट्री नही करते हे। कारण किया है, इस बर्ष 2023 15 दिसंबर के आसपास एक हाथी की 25 / 30 की झुंड साथ नाला पटमदा होते सेंचुरी में प्रवेश किया और विचरण करते हुए झुंड कोंकादासा, गुमानडीह , बाधडीह होते हुए झुंड बातकोमकोचा ओर टेंगाडीह बिट की और पहुंचे । आज मुख्य सेंचुरी से गजराज की झुंड नही रहने के कारण दो वर्षो से इस क्षेत्र में हाथी की झुंड को प्रज्जाप्त भोजन की कमी दरसाते है। पहले की अपेक्षा सेंचुरी में पोष्टिक भोजन की अपेक्षा देखने को मिल रहा है। पहले गलगल,पांजन ,ओर दुधिलोता,घास की कमी देखने को मिला।
इस सेंचुरी में एक दर्शक था जो रॉयल बंगाल टाईगर के बहुल क्षेत्र माना जाता था, अब गज परियोजना से जाना जाता ,इस जंगल की बिहड़ो में हाथी की मुख्य प्रज्जन केंद्र माना जाता है, पश्चिम बंगाल ओर उड़ीसा राज्य आदि से हाथी की झुंड गर्मी के समय पानी भोजन की पर्याप्त मात्रा में मिलता था, ओर बड़े मजे से झुंड विभिन्न जलस्रोत में पर्यटकों आसानी से देखने को मिलता था, आज के दौर में इस जंगल में प्रतिबर्षो आग लगना ,शिकार होना ,अवेध रूप से जंगल की पेड़ की कटाई और पश्चिम बंगाल ओर जमशेदपुर शहर में धड़ल्ले से तस्करी होना यह आम बाते हो गया, जिसके कारण इस क्षेत्र में गजराज की झुंड रखने की नाम नही लेता है। प्रत्येक वर्ष वन एवं पर्यावरण विभाग को केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपया मुहैया करते हे।जंगल और जंगली जीवजंतु की सुरक्षा के लिए । इस सेंचुरी में विभिन्न प्रकार के पंछी ओर जीवजंतु देखने को मिलता था आज विलुप्त की कगार पर।
दूसरी ओर पर्यटन विभाग द्वारा इस ईको एंसेटिव जून को बड़ावा देने के लिए जोर सौर में प्रयारत हे। प्रत्येक बर्ष गज परियोजना में गजो जनगणना हो था परंतु कोई वर्षो से जनगणना नही हुआ हे।एक समय था सेंचुरी के अंदर बारों महीना हाथी की झुंड देखने को मिलता था ।सवाल यह उठता सेंचुरी में हाथी की झुंड पलायन कियू कर रहा हे । इस संबंध में पूछे जाने पर वन विभाग के पदाधिकारी रहे मौन।
एक हाथी रंजनी है उसे भी पोष्टिक भोजन उपलब्ध नहीं कराया जाता । सेंचुरी में पर्यटकों से लाखो रुपया रेविंयु उठता, फिर भी एक मात्र हथनी को भरपेट भोजन नहीं मिलने के कारण स्वास्थ्य गिरते जा रहा हे। जो उच्च स्तरीय जांच की विषय बने हे।
इचागढ़ और चांडिल गोदाम में खाद्यान्न की हेरा फेरी-मधुश्री महतो
सरायकेला
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सरायकेलाजिला के चांडिल से डैम नौका बिहार स्थित विजय होटल परिसर में जिला जीप उपाध्यक्ष एवं जीप सदस्य द्वारा प्रेस वार्ता में संयुक्त रूप से जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने बताया कि चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के प्रखंड चांडिल, ईचागढ़ एवं कुकड़ू मे प्रशासन द्वारा आयोजित आपकी सरकार आपकी द्वार शिविर कार्यक्रम मे तथा क्षेत्र भ्रमण के दौरान प्रायः आम जनता तथा स्थानीय जन प्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों के आलोक में माह दिसंबर 2023 का खाद्यान्न राशन डीलरों को प्राप्त नही होने से संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से राशन नहीं पहुंचने के संबंधित प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने के पश्चात देखा गया कि माननीय उपायुक्त को दी गई प्रतिवेदन में स्पष्ट है कि इचागढ़ और चांडिल गोदाम में खाद्यान्न का हेरा फेरी पहले से होता हुआ प्रतीत हो रहा है।
इसमें सहायक गोदाम प्रबंधक डीएसडी अभिकर्ता एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी का भी संलिप्त प्रतीत हो रहा है। प्रखंड विकास अधिकारी एवं अंचल अधिकारी ईचागढ़ के संयुक्त रूप से दी गई रिपोर्ट में स्पष्ट है।
जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने आगे कहा कि दिनांक 19 /12 /2023 को मैं स्वयं,चांडिल के जिला परिषद सदस्य सविता मारडी एवं ईचागढ़ के जिला परिषद सदस्य ज्योति लाल मांझी एवं और जनप्रतिनिधियों के साथ अनुमंडल पदाधिकारी को उक्त घोटाला करने की जानकारी दी और अनुमंडल पदाधिकारी के सामने चांडिल JFC गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया तो गोदाम की भौतिक खाद्यान्न का जांच और माह वार आवंटन में हेराफेरी कर माह दिसंबर 23 का चावल गेंहू नाही डीलरो को डीएसडी किया गया है और नाही गोदाम में खाद्यान्न उपलब्ध हैं।
AGM/DSD अभिकर्ता से जानकारी मांगी गई तो वो सच्चाई बताने में असमर्थ तथा चुप हो गए।
यह भी देखा गया कि गोदाम में खड़ी जीएसएफसी का गाड़ी से जनवरी 23 का चावल अनलोड हो रहा था और उसी को दिसंबर 23 का SIO मे इश्यू था। जबकि, जिला प्रबंधक के पत्रांक 615/616 दिनांक 3/11/23के द्वारा चांडिल गोदाम को CWC gamhariya ओर पूर्वी सिंहभूम से कुल 6337 क्विंटल चावल गेंहू माह दिसंबर 23 को JFC ट्रांस्पोर्ट द्वारा भेजा गया है।
दूसरा गोदाम ईचागढ़ मे भी इसी लेटर द्वारा 5646 विंटल अनाज गोदाम में भेजा गया है l हम सभी जनप्रतिनिधियों गरीब जनता की आनाज घोटाला करने वाले कोई पदाधिकारी या कर्मचारी हो बक्सा नहीं जाएगा।इस विषय पर जिला के उपायुक्त महोदय को भी अवगत कराया जाएगा।
चतुर्भुज बारीक लगातार तीसरी बार बने अध्यक्ष, पीतोवास प्रधान बने महासचिव
राजनगर प्रखंड के बड़ा सिजुलता पंचायत भवन परिसर में रविवार को गौड़ सेवा संघ का महासम्मेलन स्टेयरिंग कमेटी के चेयरमैन मारकंडो महाकुड़ की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। महासम्मेलन में सर्वसम्मति से गौड़ सेवा संघ के केंद्रीय कमेटी का पुनर्गठन किया गया।
वहीं संघ के पुनर्गठन के बाद भी चतुर्भुज बारीक लगातार गौड़ समाज के तीसरी बार अध्यक्ष मनोनित हुए। वहीं पितोवास प्रधान भी लगातार पांचवी बार केन्द्रीय महासचिव मनोनित हुए। इसके अलावे गौड़ सेवा संघ केंद्रीय समिति के सचिव हरेकृष्णा प्रधान,कोषाध्यक्ष चीनीवास प्रधान,उपाध्यक्ष नेबु प्रधान,अभिमन्यु प्रधान,नीलसेन प्रधान,शिशिर बेहरा व कमलदेव प्रधान बनाए गए। वरीय पत्रकार उमाकांत प्रधान को गौड़ सेवा संघ केन्द्रीय समिति का प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी बनाया गया।
इससे पूर्व सामाजिक झंडोतोलन एवं समाज के संस्थापक अध्यक्ष स्व देवीलाल प्रधान के तस्वीर पर मालार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
सभी वर्ग को साथ लेकर समाज का करेंगे सर्वांगीण विकास: चतुर्भुज बारीक
गौड़ सेवा संघ के अध्यक्ष चतुर्भुज बारीक ने कहा समाज के सभी वर्ग के लोगों को साथ लेकर समाज का सर्वांगीण विकास प्राथमिकता होगी। अपने पिछले कार्यकाल के उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा समाज को एकजुट करने में सभी का सराहनीय योगदान रहा और आगे भी समाज के विकास व एकजुटता को लेकर कार्य जारी रहेगा।
समाज के विकास को लेकर लिए जाएंगे महत्वपूर्ण निर्णय: पीतोवास प्रधान
समाज के केंद्रीय महासचिव पीतोवास प्रधान ने कहा केंद्रीय समिति के पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के पश्चात समाज का सम्मेलन आयोजित होगा जिसमें समाज के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने समाज हित मे सभी लोगो को एक मंच पर आने की अपील की। समाज के उपाध्यक्ष नीलसेन प्रधान ने भी संबोधित किया।
चतुर्भुज प्रधान बने जिला कोषाध्यक्ष
सम्मेलन में सरायकेला जिला कमेटी में तीन नए सदस्यों को पदभार दिया गया जिसमें चतुर्भुज प्रधान को जिला कोषाध्यक्ष,दिनेश प्रधान को जिला उपाध्यक्ष एवं हेमसागर प्रधान को जिला प्रवक्ता के रूप में मनोनीत किया गया। महासम्मेलन के सफल आयोजन में नीलसेन प्रधान,अशोक प्रधान,अशोक गौड़,भास्कर महाकुड़,मायधर बेहरा,नागेश्वर प्रधान,पंकज प्रधान,काशीनाथ प्रधान,मुरली प्रधान,पवित्र महाकुड़,बालक महाकुड़,सोनू महाकुड़,देवाशीष महाकुड़ व विष्णु महाकुड़ समेत समाज के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।
पिलीद तीखा मोड़ पर दो कीपर एक एलपी ट्रक व एक बोलेरो आपस में हुआ भीड़ंत।
सरायकेला/ईचागढ़
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ थाना क्षेत्र के सिल्ली रांगामाटी सड़क पर पिलीद जंगल के पास तीखा मोड़ पर एक एक कर 4 वाहन आपस में भिड़े, जिससे बोलेरो चालक का पैर टुट गया। बोलेरो चालक रामगढ़ निवासी 30 वर्षीय छुटुन का पैर बोलेरो में दब जाने से टुट गया। परिजनों ने उसे तत्काल रामगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया। मिली जानकारी के अनुसार बुधवार की देर रात को रामगढ़ से एक बोलेरो जमशेदपुर जा रहा था।
वहीं रामगढ़ की ओर से आ रहे एक कोयला लदा अनियंत्रित एलपी ट्रक पीछे से बोलेरो को टक्कर मार दिया, जिससे बोलेरो का पिछला हिस्सा कवाड़ी बन गया। इतने में ही सामने से आ रहे एक 18 चक्का कीपर एलपी ट्रक से सीधे टकरा गया तथा एक अन्य कीपर दोनों वाहनों को बचाने के क्रम में सड़क से बाहर गढ्ढा में घुस गया। दोनों कीपर व ट्रक के चालक छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। सुचना मिलते ही ईचागढ़ पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे व सभी क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर घटना की छानबीन में जुटी।
वहीं घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार अनियंत्रित एलपी ट्रक बोलेरो को पीछे से ठोकर मारी, जिससे चालक का पैर टुट गया। उन्होंने कहा कि आगे से आ रहे एक 18 चक्का कीपर को भी उक्त ट्रक ने आगे से ठोकर मारी, जिससे कीपर पुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने कहा कि सामने से आ रहे एक कीपर भी ट्रक को बचाने के क्रम में सड़क से नीचे गढ्ढा में घुस गया। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया जाए, अन्यथा ओर सड़क हादसा का संभावना रहेगी।
बासुदेव मेमोरियल नर्सिंग होम का विधायक सविता महतो ने फीता काट कर किया उद्घाटन।
सरायकेला/ईचागढ़
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सिल्ली रांगामाटी सड़क पर टीकर में गुरुवार को 30 बेड का बासुदेव मेमोरियल नर्सिंग होम का उद्घाटन विधायक सविता महतो ने फीता काट कर किया। उन्होंने नर्सिंग होम का व्यवस्था का भी अवलोकन किया। विधायक ने नर्सिंग होम में कुनाल मेडिकल का भी अवलोकन किया। सुदुरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र में 30 बेड का बासुदेव नर्सिंग होम खोलने से आस पास के ग्रामीणों के लिए काफी खुशी का विषय रहा।
मौके पर दूर्गा प्रसाद साहू, कालीपद घोष, नकुल घोष, श्यामापद नापित , बेनीमाधव गोप,अनिल सिंह, अमित सिन्हा, पंचानन पातर, बासुदेव चटर्जी, तापस दत्ता सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
वहीं उद्घाटन के बाद विधायक सविता महतो ने कहा कि बासुदेव मेमोरियल नर्सिंग होम में तत्काल 30 बेड उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि चौबीस घंटे मेडिकल सुविधा, सर्जरी एवं जेनरल फिजिशीएन उपलब्ध रहेगा । उन्होंने कहा कि सुदुरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह का चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होना गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि सुदुरवर्ती गांव के लोगों को सर्जरी आदि के लिए जमशेदपुर, रांची आदि शहरों मे मरीजों को ले जाना पड़ता है। खास कर एक्सिडेंट के मामले में शहरों तक पहुंचने में काफी समय लग जाता है, जिससे मरीजों का स्वास्थ्य बिगड़ने का खतरा रहता है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से सहयोग करने का अपील भी किया। उन्होंने नर्सिंग होम संचालक डाक्टर एम मल्लिक से भी बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने व गरीब लोगों को इलाज में रियायत देने का भी निर्देशित किया।
कुचाई में जनता पुलिस सिविक एक्शन कार्यक्रम का किया गया आयोजन।
सरायकेला-कुचाई
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
जनजातीय के पठारी क्षेत्र एवं जंगल के अंदर जनता और पुलिस के बीच सिविक एक्शन का कार्यक्रम निरंतर चलता ही रहता है.आज दिनांक 14 दिसंबर बृहस्पतिवार को ग्राम पुनीसिर स्थित 157 बटालियन सीआरपीएफ कैंप में जिला कमानडेंट भूपाल सिंह के आदेश अनुसार नीरज सिंह राठौर , द्वितीय कमान अधिकारी के द्वारा जनसम्पर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें कार्यक्रम में उपस्थित जरूरत मंद गरीब ग्रामीणों को पानी टंकी , टीन सीट, सोलर लालटेन , कंबल, मच्छरदानी , सब्जियों के बीज , स्कूली बच्चों को स्कूल बैग, टिफिन बॉक्स , पानी बोतल , नोट बुक , लेखन सामग्री , फावड़ा तथा नौजवानों को खेल सामग्री जैसे कि फुटबॉल , शू , टी शर्ट , स्पोर्ट्स शर्ट , फुटबॉल नेट आदि का वितरण किया गया ।
157 बटालियन द्वारा इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी ग्रामों में होता रहेगा , जिससे सीआरपीएफ और ग्रामीण दोनों के बीच सामंजस्य बना रहे तथा क्षेत्र का विकास हो सके। उपस्थित ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई थी । इस अवसर पर कैंप के इंस्पेक्टर राजीव दास तथा के. बी. सामंत भी उपस्थित थे।सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत इसी तरह का कार्यक्रम नीरज सिंह राठौर द्वारा द्वितीय कमान अधिकारी द्वारा सीआरपीएफ कैंप दलभंगा में भी किया गया। दलभंगा सीआरपीएफ कैंप इंस्पेक्टर सुनील कुमार।
चांडिल जलाशय में उमड़ने लगा पर्यटकों का भीड़ ,नौका बिहार करने बाद लोगो को नए चीज देखने मिल रहा हे,मोती की खेती और मोती की खरीदारी होने लगा , जलाशय में क्रेज कल्चर के माध्यम से मछली की खेती होता है साथ ही मोती की खेती होने पर बना चर्चा की विषय मोती की मार्केटिंग का रहा समस्या ,जिसे विस्तापित के बुद्धेश्वर टुड्डू ने सरकार से बोले मार्केटिंग की सुविधा कराए जाए लाखो रुपया खर्चा करने के बाद मार्केटिंग में लटके आदिवासी युवक ।
बुद्धेश्वर टुड्डू ने विस्थापित साथ ही मौती की खेती करने लगा.
सरायकेला खरसावां जिला के बहुउद्देशीय परियोजना के तहत बनाया गए यह डेम विस्तापित हुए 116 गांव के 84 मौजा के ग्रामीण विस्तापन का शिकार हुए और दर दर भटक रहा हे। निजी स्तर से आज चांडिल बांध विस्तापित मत्स्यजीवी स्वावलंबी सरकारी समिति लि०निबंधन स० 1 सिंहभूम 01/10/2005 द्वारा पुर्ती एग्रोटेक पर्ल मोती फार्मिंग रिचर्स एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट हेहल रांची के निर्देशक बुधन सिंह पुरती के माध्यम से (विस्तापित चांडिल के गागोडिह निवासी) बुद्धेश्वर टुड्डू द्वारा पहली बार लाखो रुपया इन्वेष्ट करके चांडिल डेम जलाशय नौका विहार में 15000 हजार सीप (छीनूक) छोड़े हे। ठंड के समय छोड़ने से मोती की अच्छी कोवालेटि होता हे। सीप को कुछ दिन तक भूखा रखने पर जल्द सीप का मुंह खुलता है और सीजर करने के समय सहज रूप से सीप के अंदर नियुकेलशी डाला जाता हे। इस बार दो प्रकार के नियुकेलश्यी सीप के अंदर जेसे रिंग के लिए और लॉकेट के लिए डेढ़ बर्ष के अंदर बनकर तैयार हो गया , सिर्फ मार्केटिंग की जरूरत हे, सरकार की तरफ से अबतक कोई मार्केटिंग का सुविधा उपल्ध नही कराया गया।
बुद्धेश्वर टुड्डू को रांची के मोती फार्मिग निर्देशक बुधन सिंह पुरती प्रोताशित किया था ,कहा गया था मछली के खेती के साथ मोती के खेती करने पर आपको कमाई की जरिया बनेगा । जिससे देखते हुए क्रेज कल्चर के अंदर और खुले जलाशय में सीप में मोती की फार्मिग करके खेती करने लगा विस्तापित किसान आज 22000 हजार हैक्टर जलाशय में मछली की खेती होता है। जेसे समूद्र में ज्वार भाटा आने के बाद सीप के अंदर बालू की कण घुस जाता हे,जिसके बाद मोती बनता है, सीप को एक बेग के अंदर 24 का आसपास डाला जाता हे ,ओर पानी की 15 से 20 फिट गहरा पानी में डाला जाता हे । हमारे चांडिल जलाशय में नेचरल तारीके से मोती की खेती सीप के अंदर बालू के जगह नियुकिलय्ष (नाभिक) फसाया जाता हे ,जिसे नेचरल तरीके से मोती एक से डेढ़ बर्ष में तैयार हो जाता हे। आज हमारे पास मोती हे परंतु मार्केटिंग का कोई सुविधा उपलब्ध नहीं चांडिल छोटी जगह पर खपत करना मुश्किल हे, जिससे देखते यह लोगो आने वाले पर्यटकों के साथ आपने द्वारा नेचरल रूप से बनाया गया मोती की जानकारी उपलब्ध कराते देखा गया और बताए गया मोती प्रति पीस 500 रखा गया । खेती करने बाद इन किसानों को कठिनाई के सामना करना पड़ रहा हे । सीप को जलाशय से निकलने के बाद रांची या हैदराबाद जेसे शहर के लेबरोट्री में भेजना पड़ता है,जहा साफ सफाई किया जाता हे। जिसका सुविधा चांडिल में नही है, किसान का कहना हे सरकार हमारे प्रति ध्यान दे और हमे मार्केटिंग की सुविधा उपलब्ध कराया जाए ,जिसे और विस्तापित इस मोती की खेती में जोड़ पाए ।पर्यटन विभाग और झारखंड सरकार की अनदेखी के कारण आज विस्तापीतो स्वरोजगार की सुविधा उपलब्ध नहीं कराया गया ।निजी स्तर से विस्तापित भाई इच्छुक हे परंतु मार्केटिंग की सुविधा नहीं होने कारण लोगो में देखा गया मायुश आज विभिन्न राज्यों से पर्यटक घूमने पहुंच रहा हे।ओर प्राकृतिक के आनंद के साथ नौका बिहार का मनोरंजन लेने के बाद चले जाते हे। रात्रि विश्राम के लिए इस पर्यटक विभाग द्वारा इस जगह पर कोई गेस्ट हाउस का सुविधा मुहैया नही कराया गया ।
नीमडीह प्रखंड परिसर में विधिक जागरूकता शिविर में विभिन्न योजना के लाभुक के बीच परिसंपत्ति वितरण किया गया।
सरायकेला/चांडिल
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
चांडिल अनुमंडल के नीमडीह प्रखंड मुख्यालय सभागार में रविवार को झालसा के तत्वाधान से डालसा सरायकेला की ओर से विधिक जागरूकता सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया ।सरायकेला खरसावां जिला के नीमडीह प्रखंड परिसर में चांडिल अनुमंडल कोट के ए सी जी एम डॉ रवि प्रकाश तिवारी के हाथ से विभिन्न योजनाओं की परिसंपत्ति का वितरण किया।विधि जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि चांडिल अनुमंडल व्यवहारिक कोट के न्यायाधीश डॉ रवि प्रकाश तिवारी ने द्वीप जलाकर किया।इस दौरान नीमडीह प्रखंड में 2 करोड़ 4 लाख 71 हजार 4 सौ रूपए परिसंपत्ति वांटी गयी। शिविर में डॉ रविप्रकाश तिवारी ने विभिन्न योजनाओं की परिसंपित का वितरण की । वही नीमडीह के बीडीओ कुमार एस अभिभव ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
इस अवसर पर सी औ प्रणव अम्बष्ट , पीएलवी शुभंकर महतो स्हेनलता महतो बी सूत्री हरेलाल सिंह सरदार सुबास सिंह ‘ धनंजय मंडल , हरिदास महतो इत्यादि, उपस्थित हुए ।
चक्रवाती तुफान से जन जीवन अस्त व्यस्त एवं किसान परेशान, किसान ने प्रशासन से क्षतिपूर्ति सहायता की मांग ।
सरायकेला–नीमडीह
नीमडीह प्रखंड अंतर्गत मिचौंग चक्रवाती तुफान से जहां जन जीवन अस्त व्यस्त, लोगों के दिनचर्या में भी परेशानी हुई। वहीं किसान निराश हो कर रो रहे हैं।अधिकांश फसल खेत खलिहान में पड़ा हुआ । जो किसान धान नहीं काटे हैं । वैसे किसी खेत खलिहान में फसल नुकसान कम हो सकता है । किसान ने कहा कि इस बार कम बारिश हुई थी । फलत: किसान के फसल लगने विलम्ब हुए, धान काटने के पुर्व कुछ किसान फसल जंगली हाथी का निवाला बना शेष का कसर चक्रवाती तुफान ने पुरा किया । इस संबंध में प्रखंड कृषि प्रभारी अनिल चंद्र महतो ने कहा कि नीमडीह प़्रखंड क्षेत्र में आजतक बारिश की मात्रा कुल 61 एम एम हुआ।पांच दिसंबर से सात दिसंबर तक क्रमश: 4, 2, 55, एम एम की बारिश हुई। बारिश से यह अनुमान है कि नीचे वाले खेत पानी जमाव हो सकता है।खेत खलिहान में रखे फसल में अगर तीन दिन धुप नहीं निकलने पर फसल खराब होने की संभावना जताई।कुकरू प्रखण्ड के अन्तर्गत बेरासी सिरूम पंचायत के माहलीडीह गाँव में किसान परेश महतो के लाखों रूपये की धान बारिश में डूब गए। किसान आत्महत्या की स्थिति में आ गई।राजधानी रांची में भी मौसम में बदलाव का लक्षण दिखाई दे रहा है।
चक्रवाती तूफान मिचौंग के कारण राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड के मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। रांची में बूंदाबांदी से ठंड बढ़ने लगी है। मंगलवार को कई इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहे और हल्की वर्षा हुई। रांची व आसपास के जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में 6 व 7 दिसंबर को हल्की व मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है, जबकि 8 दिसंबर को राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में आंशिक बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं गर्जन व वज्रपात की भी संभावना है।
इसे लेकर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया। ज्यादातर इलाकों में सुबह कोहरा या धुंध रहेगा। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है। मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से में उठे चक्रवाती तूफान के असर के कारण ही राज्य के मौसम में बदलाव हुआ है।
सबसे अधिक वर्षा सिमडेगा के कोलेबिरा में 24 घंटे के मौसम की बात करें तो राज्य में कहीं-कहीं हल्की वर्षा रिकार्ड की गई। सबसे अधिक 14.2 मिमी वर्षा सिमडेगा के कोलेबिरा में रिकार्ड की गई। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री गोड्डा का, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री रांची का रिकार्ड किया गया। रांची का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
6 दिसंबर : राज्य में कई स्थानों पर हल्की व मध्यम दर्जे की होगी वर्षा
7 दिसंबर : राज्य में कई स्थानों पर हल्की व मध्यम दर्जे की होगी वर्षा
8 दिसंबर : राज्य में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, मौसम रहेगा शुष्क
9 दिसंबर : सुबह कोहरा या धुंध और बाद में आसमान मुख्यत: साफ रहेगा
ऐसा रहेगा राजधानी का मौसम : 6 दिसंबर : सामान्यत: बादल छाए रहेंगे, हल्की व मध्यम दर्जे की वर्षा की है संभावना, अधिकतम 21 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस
7 दिसंबर : सामान्यत: बादल छाए रहेंगे, हल्की व मध्यम दर्जे की वर्षा की है संभावना, अधिकतम 21 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस
8 दिसंबर : आंशिक बादल छाए रहेंगे, मौसम शुष्क बना रहेगा, अधिकतम 24 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस
9 दिसंबर : सुबह कोहरा या धुंध और बाद में आसमान साफ रहेगा, मौसम शुष्क बना रहेगा, अधिकतम 25 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस
भारत मौसम विज्ञान (आईएमडी) विभाग ने बताया कि चक्रवाती तूफान ‘मिगजॉम’ के प्रभाव से ओडिशा के पांच दक्षिणी जिलों को अलर्ट पर रखा गया है।
मिगजॉम का असर 6 तारीख तक रहेगा: IMD के डीजी M Mahapatra ने कहा कि मिगजॉम का असर 6 तारीख तक रहेगा। तमिलनाडु में बारिश से नुकसान ज्यादा होने के साथ हवा की रफ्तार 60 से 70km/hr ही रहेगी।
चेन्नई तट पर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा हवा की रफ्तार: चेन्नई तट पर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा हवा की रफ्तार है। ये अगले 6 घंटे जारी रहेगा।
चक्रवाती तूफान ‘मिगजॉम’ को लेकर दी गई ये चेतावनी: आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के निचले इलाके में असर वहां ज्यादा आएगा। फसल को नुकसान को पहुंच सकता है।
रांची में बूंदाबांदी से ठंड बढ़ने लगी है: चक्रवाती तूफान मिचौंग के कारण राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड के मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है।
चक्रवाती तूफान ‘मिगजॉम’ की वजह से राज्य में हुई हल्की वर्षा रिकॉर्ड की गई है। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री गोड्डा का, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री रांची का रिकार्ड किया गया।
अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रांची का रिकार्ड किया गया। रांची का अधिकतम तापमान .2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
Whether updated
6 दिसंबर: राज्य के कई हिस्सों में हल्की और मध्यम दर्जे की वर्षा की संभावना है। अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री
मिगजॉम तूफान के प्रभाव से किसानों पर निम्नलिखित प्रकार का प्रभाव हो सकता है
फसलों को नुकसान: बारिश, हवा की रफ्तार, और तूफानी बुआएं किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है, खासकर अगर फसलों को कटाई के समय तूफान होता है.
कटाई में देरी: तूफान के कारण कटाई में देरी हो सकती है, जो किसानों को अपनी फसल को सुरक्षित रखने में परेशानी में डाल सकती है
स्ट्रक्चरल डैमेज: हवा की रफ्तार और तूफान के प्रभाव से किसानों के खेतों में और उनकी इन्फ्रास्ट्रक्चर में नुकसान हो सकता है, जैसे कि किसानों के लिए महत्वपूर्ण होने वाली कुआं, बोर, और अन्य संसाधनों में.
पोस्ट-हार्वेस्ट नुकसान: तूफान के प्रभाव से उत्पन्न होने वाली बारिश और बुआएं कटाई के बाद पोस्ट-हार्वेस्ट नुकसान में भी वृद्धि हो सकती है, जो फसलों को बारिश और नमी के कारण खतरे में डाल सकती हैं.
उच्च तापमान: तूफान के साथ उच्च तापमान भी आ सकता है, जिससे किसानों को उच्च तापमान से उत्तेजना हो सकता है और यह उनकी स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।
इस प्रकार, तूफान से उत्पन्न होने वाले प्रभाव के कारण किसानों को सतर्क रहना और सुरक्षिती की दिशा में कदम उठाना महत्वपूर्ण होता ।