खूब फल-फूल रहा है अवैध तरीके से बालू खनन और बिक्री का धंधा
नियम को ताक पर रख धड़ल्ले से नदियों से बालू का अवैध खनन कर रहे माफिया
सरायकेला/तिरुलडीह
जहाँ एक ओर जिला प्रशासन अवैध खनन के प्रति सख्त है, वहीं तिरुलडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली नदियों में धड़ल्ले से बालू का अवैध खनन जोरों पर है। खनन माफियाओं के नेटवर्क के आगे प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। तिरुलडीह थाना क्षेत्र में नदियों से बालू के खनन पर रोक लगे रहने के बावजूद बालू माफियाओं द्वारा नियम को ताक पर रखकर खनन का अवैध धंधा लगातार जारी है। जिस वजह से इन दिनों अवैध खनन का कारोबार करने वाले लोग नदी के बालू को बेच कर मालामाल हो रहे हैं।ऐसे में नदी से अवैध बालू उठाव के कारण सरकार को भारी राजस्व की क्षती भी पहुंच रही है।

इसी कड़ी में शनिवार की तड़के सुबह खनन पदाधिकारी ने 20 लाख सीएफटी अवैध बालू को जप्त किया है यह खनन पदाधिकारी के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि साबित हो रही है,इतनी भारी संख्या में अवैध बालू का पकड़ा जाना यह वाकई में चौंकाने वाला खुलासा है और अगर खनन पदाधिकारी द्वारा इसी तरह लगातार कार्रवाई जारी रही तो ऐसा लगता है आने वाले समय में बालू माफियाओं का नामो निशान मिट जाएगा और आने वाले समय में माफिया द्वारा अवैध बालू के उठाओ से होने वाले राजस्व का नुक़सान पर भी रोक लगेगी।

वहीं इस मामले पर थाना प्रभारी के मुताबिक अज्ञात पर केस दर्ज किया जा रहा है कहीं ऐसा तो नहीं कि मामले को रफा दफा करने की कोशिश किया जा रहा है अगर यह आलम राहा तो आचार संहिता कहां और प्रशासन कहां किस नियम का पालन किया जा रहा है, और जिले में आचार संहिता लगने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में अवैध बालू का पकड़ना यह वाकई में कई सवाल खड़े करता है।
पुलिस-प्रशासन द्वारा लगातार बालू लदे ओवर लोड ट्रक और ट्रैक्टर पकड़े जाने की कारर्वाई के बावजूद इस धंधे पर रोक नहीं लग पा रहा खुलेआम धंधा हो रहा है।
वहीं स्थानीय थाना बालू के अवैध खनन और धंधे को रोकने में विफल साबित हो रहा है। इधर लगातार अवैध कारोबारियों का दबदबा बढ़ता जा रहा है। वहीं क्षेत्र से संबंधित थाना प्रभारी जो अपराधिक गतिविधियों से संबंधी मामलों का जिम्मेदार पदाधीकारी होता है वह अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल साबित हो रहा है।
बता दें कि अगर प्रशासन कार्रवाई करती है तो बड़े मामले का खुलासा हो सकता है। इसमें कई बड़े सफेदपोश के भी नाम आ सकते हैं। पर मामला है प्रशासन कार्रवाई तो करें।

















