आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण,,गुणवत्ता एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु दिए गए निर्देश

आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण,,गुणवत्ता एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु दिए गए निर्देश

सरायकेला-खरसावाँ

आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, सरायकेला के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुबीर रंजन द्वारा आज कांड्रा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न मिठाई दुकानों, होटल एवं रेस्टोरेंटों का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में प्रतिष्ठानों की स्वच्छता व्यवस्था, उपयोग की जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण की स्थिति एवं खाद्य उत्पादों के लेबलिंग मानकों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान विभिन्न दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें जांच हेतु राज्य खाद्य प्रयोगशाला, नामकुम भेजा जा रहा है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान खाद्य व्यवसाय संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे सभी अनिवार्य रूप से फूड लाइसेंस प्राप्त कर ही व्यवसाय संचालित करें, अपने प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, स्वच्छता एवं हाइजीन मानकों का पालन सुनिश्चित करें और केवल गुणवत्ता युक्त एवं ताजा खाद्य सामग्री का ही उपयोग एवं विक्रय करें।


उन्हें यह भी निर्देशित किया गया कि बासी, एक्सपायर अथवा सड़ी-गली खाद्य सामग्री को तुरंत नष्ट करें तथा निर्माण कार्य में केवल गुणवत्ता युक्त सामग्री एवं FSSAI प्रमाणित फूड कलर का ही निर्धारित मात्रा में उपयोग करें। सभी पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि एवं निर्माता का पूरा पता स्पष्ट रूप से अंकित होना अनिवार्य है, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं मानक अनुसार खाद्य सामग्री प्राप्त हो सके।

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनज़र औचक निरीक्षण की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी। उन्होंने सभी खाद्य प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की कि वे खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों का पालन करते हुए स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर वातावरण में व्यवसाय संचालन सुनिश्चित करें, जिससे आमजन को सुरक्षित, गुणवत्ता युक्त एवं मानक अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।

उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री जन-मन एवं आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न

उपायुक्त की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री जन-मन एवं आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न

सरायकेला-खरसावाँ

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त, नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में “प्रधानमंत्री जन-मन एवं आदि कर्मयोगी अभियान” के अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उपायुक्त द्वारा संबंधित विभागों के पदाधिकारियों से अभियान से जुड़ी सभी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की गई। उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आदिम जनजातीय ग्रामों एवं वंचित परिवारों तक शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुँचाना है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित अनुश्रवण, जन-सहभागिता एवं जागरूकता प्रसार पर विशेष बल दिया जाए।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में कुल 624 परिवार आदिम जनजातीय (PVTG) ग्रामों के अंतर्गत आते हैं। इन परिवारों के सर्वांगीण विकास हेतु स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आवास, आजीविका एवं डिजिटल सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं को समेकित रूप से क्रियान्वित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य इन परिवारों को शासन की मुख्यधारा में शामिल करना एवं उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार लाना है।

बैठक के क्रम में उपायुक्त द्वारा निर्देश दिया गया कि संबंधित विभाग अपने कार्यक्षेत्र की योजनाओं का नियमित मूल्यांकन करें। प्रत्येक प्रखंड में विशेष शिविरों (स्वास्थ्य, आधार, बैंकिंग, कौशल प्रशिक्षण) का आयोजन कर योजनाओं की पहुँच बढ़ाई जाए। PVTG ग्रामों के लिए एकीकृत विकास पैकेज तैयार किया जाए, जिसमें स्वास्थ्य, पोषण, आवास, पशुधन विकास, शिक्षा एवं आजीविका संवर्धन के सभी घटक सम्मिलित हों।

बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा विभिन्न बिन्दुओ पर चर्चा करते हुए निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए गए 👇🏼

🔸 आवास योजना के अंतर्गत तृतीय किश्त प्राप्त लाभुकों द्वारा आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा लंबित आवासों में गति लाई जाए।

🔸 बहुउद्देशीय केंद्र (Multipurpose Centre) के निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।

🔸 वन धन केंद्र (Vandan Kendra) को नियमित एवं सक्रिय रखा जाए, जिससे स्थानीय समुदाय को आजीविका के अवसर प्राप्त हों।

🔸 सभी क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए एवं ऊँचाई वाले क्षेत्रों में स्थापित सभी टावरों को सक्रिय किया जाए।

🔸 चलंत चिकित्सकीय वाहन के माध्यम से दूरस्थ एवं पहाड़ी क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य जांच आयोजित की जाए।

🔸 सभी छात्र-छात्राओं के बैंक खाता, आधार एवं जन्म प्रमाण पत्र का निर्माण सुनिश्चित किया जाए।

🔸 वंचित नागरिकों के लिए विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड निर्माण की प्रक्रिया पूर्ण की जाए।

🔸 प्रत्येक गाँव में आदि सेवा केंद्र विकसित कर योजनाओं का लाभ ग्राम स्तर तक पहुँचाया जाए।

🔸 सभी परिवारों को राज्य एवं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए तथा लंबित योजनाओं का निष्पादन शीघ्र किया जाए।

🔸 आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड से वंचित लाभुकों को शीघ्र जोड़ा जाए।

🔸 इच्छुक युवाओं एवं युवतियों को उनकी अभिरुचि के अनुरूप कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा जाए।

🔸 सभी विभागाध्यक्ष एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में संचालित योजनाओं की नियमित समीक्षा करें तथा मासिक प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रस्तुत करें।

🔸 योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभागों के बीच आपसी समन्वय एवं सहयोग सुनिश्चित किया जाए।

🔸 ग्राम स्तर पर जनप्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं एवं ग्राम समितियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में उप विकास आयुक्त, रीना हांसदा, निदेशक डी आर डी ए डॉ अजय तिर्की, जिला कल्याण पदाधिकारी गोपी उरांव, अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला – निवेदिता नियति, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, तथा विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

बास्को नगर में अवैध शराब के विरुद्ध उत्पाद विभाग की छापेमारी,,45 लीटर महुआ शराब एवं 10.38 लीटर विदेशी शराब बरामद, दो अभियुक्त गिरफ्तार

बास्को नगर में अवैध शराब के विरुद्ध उत्पाद विभाग की छापेमारी,,45 लीटर महुआ शराब एवं 10.38 लीटर विदेशी शराब बरामद, दो अभियुक्त गिरफ्तार

सरायकेला-खरसावां

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ के निर्देशानुसार तथा अधीक्षक, उत्पाद सौरभ तिवारी के पर्यवेक्षण में प्राप्त गुप्त सूचना के आलोक में दिनांक 09 अक्टूबर, 2025 को उत्पाद विभाग की टीम द्वारा आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बास्को नगर में छापेमारी की गई।

छापेमारी के क्रम में राशन दुकान एवं झोपड़ी से कुल 45.00 लीटर अवैध महुआ शराब तथा 10.38 लीटर अवैध विदेशी शराब बरामद की गई, जिसे विधि सम्मत रूप से जब्त किया गया है। इस दौरान दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम इस प्रकार हैं:-

1️⃣ रामचंद्र लोहार
2️⃣ जगदीश लोहार

दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अभियोग दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।

अवैध मद्य निर्माण, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध जिले में उत्पाद विभाग द्वारा निरंतर विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।

बालिकाओं में आज की सशक्त लड़की के साथ कल की कार्यकर्ता,उद्यमी,घर का मुखिया, संरक्षक,राजनीतिक नेता दोनों होने की क्षमता है।

बालिकाओं में आज की सशक्त लड़की के साथ कल की कार्यकर्ता,उद्यमी,घर का मुखिया, संरक्षक,राजनीतिक नेता दोनों होने की क्षमता है।

दुनियाँ को बदलने के लिए सही साधनों के साथ बालिकाओं को सुरक्षित शिक्षित सशक्त और स्वस्थ जीवन शैली सुनिश्चित करना समय की मांग।

गोंदिया/महाराष्ट्र

भारत में आदिअनादि काल से भारतीय संस्कृति में महिलाओं का बहुत सम्मान किया जाता रहा है। उन्हें देवियों का अवतार माना जाता रहा है, परंतु बड़े बुजुर्गों की कहावत सत्य ही है कि, समय कभी एक सा नहीं रहता परंतु उनकी वह भी शिक्षा है कि वह अपनी सकारात्मक सोच सच्चाई नारी सम्मान परमार्थ बुरी नजर से बचना सहित अनेक गुणों को समय के साथ न बदलते हुए स्थाई रखना मानवीय स्वभाव में समाहित करना जरूरी है। परन्तु जैसे-जैसे समय बीतता गया इनकी स्थिति में काफी बदलाव आया,लड़कियों के प्रति लोगों की सोच बदलने लगी, बालविवाह प्रथा, सती प्रथा, दहेज़ प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या इत्यादि रुढ़िवादी प्रथायें काफी प्रचलित हुआ करती थी, इसी कारण लड़कियों को शिक्षा, पोषण, कानूनी अधिकार और चिकित्सा जैसे अधिकारों से वंचित रखा जाने लगा था, मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र मानता हूं कि अब इस आधुनिक युग में लड़कियों को उनके अधिकार देने और उनके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कई प्रयास किये जा रहे हैं। भारतीय सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है और कई योजनायें लागू कर रही है। इसलिए आज हम मीडिया के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से दुनिया को बदलने के लिए सही साधनों के साथ बालिकाओं को सुरक्षित शिक्षित सशक्त और स्वस्थ जीवन शैली सुनिश्चित करना समय की मांग है इसपर चर्चा करेंगे

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र


साथियों बात अगर हम बालिकाओं की शक्ति को साकार करने में निवेश की करें तो, ये एक असाधारण रूप से महत्वपूर्ण चरण से गुजरती हैं जहां उन्हें एक सुरक्षित, शिक्षित और स्वस्थ जीवन शैली सुनिश्चित करके दुनिया को बदलने के लिए सही साधनों के साथ सशक्त बनाया जा सकता है। उनमें आज की सशक्त लड़की के साथ-साथ कल की कार्यकर्ता, मां, उद्यमी, संरक्षक, घर का मुखिया या राजनीतिक नेता दोनों होने की क्षमता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, किशोरियों की शक्ति को साकार करने में निवेश आज उनके अधिकारों को कायम रखता है और एक अधिक न्यायसंगत और समृद्ध भविष्य का वादा करता है, जिसमें जलवायु परिवर्तन, राजनीतिक संघर्ष की समस्याओं को हल करने में आधी मानवता एक समान भागीदार है, आर्थिक विकास, बीमारी की रोकथाम और वैश्विक स्थिरता।


साथियों बात अगर हम भारत की करें तो,भारतीय समाज में सदियों से बेटियों को कई प्राचीन कुप्रथाओ, रीति-रिवाजों, के चलते प्रताड़ित होना पड़ा है। आज भी निर्भया जैसा कांड शर्मनाक है। कहने को हम आधुनिक हो चले हैं पर आज भी बहुत सारी ऐसी घटनाएं होती है जिन्हें सुनकर समाज का असभ्य चेहरा सामने आता है। आज भी भारतीय समाज में भ्रूण हत्या, दहेज़ प्रथा, यौन शोषण, बलात्कार जैसे अनैतिक कृत्य नहीं रुक रहे हैं। प्रशासन के साथ-साथ हर निजी व्यक्ति की भी एक सामाजिक जिम्मेदारी होती है। बेटियों को अच्छे संस्कार,नैतिक मूल्यों का महत्तव,महान महिलाओं की गाथाओं और धार्मिक संस्कारों से परिचित कराना अभिभावकों का कर्तव्य है।बाहर ही नहीं बल्कि घर में भी वह भेदभाव, घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं। इसलिए लड़कियों को शिक्षित करना हमारा पहला दायित्व है और नैतिक अनिवार्यता भी। शिक्षा से लड़कियां न सिर्फ शिक्षित होती हैं बल्कि उनके अंदर आत्मविश्वास भी पैदा होता है। वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती हैं साथ ही यह गरीबी दूर करने में भी सहायक होती है।


साथियों हालांकि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ भारत सरकार ने 2015 में योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य देश में हर बालिका को शिक्षा प्रदान करना है। यह बाल लिंग अनुपात में गिरावट के मुद्दे को भी संबोधित करता है। योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी सुरक्षा करना है। यह योजना त्रि-मंत्रालयी प्रयास है। इसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, मानव संसाधन विकास और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जाता है। सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा और 2015 में विश्व नेताओं द्वारा अपनाए गए इसके 17 सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में प्रगति के लिए एक रोडमैप शामिल है जो टिकाऊ है और किसी को पीछे नहीं छोड़ता है। 17 लक्ष्यों में से प्रत्येक लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को प्राप्त करने का अभिन्न अंग है।
साथियों बात अगर हम बदलते परिपेक्ष की करें तो, वक़्त के साथ समाज की प्राथमिकताएं बदलती है सोच औऱ आदतें बदलती है निरंतर विकास की ओर कदमों की छाप बढ़ती जाती है इसी तरह ग्रामीण लोगों के नज़रिये में बदलाव आने लगा है। अब वह न केवल लड़कियों को क्रिकेट – फुटबॉल खेलने के लिए प्रोत्साहित करने लगे हैं बल्कि इससे जुड़ी हर गतिविधियों में सहयोग भी करते हैं। लेकिन ये भी सच है लैंगिकता के मायने लड़कियों और लड़कों, महिलाओं और पुरुषों में महिलाओं ने समानता सदैव चुनौतियों का सामना किया चाहे ग्रामीण इलाकों रहे हो या शहरी। ग्रामीण क्षेत्र अब भी महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चाहे पहनावे से लेकर हो या नौकरी करने तक इक़ संकुचित सोच के दायरे में सिमटा हुआ है।


साथियों बात अगर हम महिलाओं के हक में कानून व्यवस्थाएं बनाने की करें तो इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और उनके अधिकारों के संरक्षण क़ा करना है,क्योंकि लिंगआधारित चुनौतियों को समाप्त करता है, जिसका सामना दुनिया भर में लड़कियां करती हैं, जिसमें बाल विवाह, उनके प्रति भेदभाव और हिंसा शामिल है। महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।

खिलती हुई कलियाँ हैं बेटियाँ,
माँ-बाप का दर्द समझती हैं बेटियाँ,
घर को रोशन करती हैं बेटियाँ,
लड़के आज हैं तो आने वाला कल हैं बेटियाँ।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि दुनिया को बदलने के लिए सही साधनों के साथ बालिकाओं में आज की सशक्त लड़की के साथ कलकी कार्यकर्ता मां उद्यमी संरक्षक घर का मुखिया राजनीतिक नेता दोनों होने की क्षमता है इसलिए उन्हें सुरक्षित शिक्षित सशक्त और स्वस्थ जीवन शैली सुनिश्चित करना समय की मांग है।

संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9359653465

सरायकेला में मनाई गई गोपाबंधु दास की जयंती

सरायकेला में मनाई गई गोपाबंधु दास की जयंती

सरायकेला

(पारस कुमार होता)

उत्कलमणि आदर्श पाठागार,सरायकेला के नाटक भवन में उत्कलमणि पंडित गोपबंधु दास की जन्मजयंती मनाई गई, संस्था के सदस्यों ने गोपबंधु दास के तैल्यचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दिया.

उक्त अवसर पर संस्था के पूर्व उपाध्यक्ष सह कार्यकारिणी सदस्य सुदीप पटनायक ने कहा कि 09 अक्टूबर 1877 को ओड़िशा के पूरी जिला अंतर्गत सुआँडो गाँव में जन्मे गोपबंधु दास एक स्वतंत्रता सेनानी थे, वे ओड़िआ समाचार पत्र समाज का संस्थापक थे और उत्कल के विभिन्न अंचलों को संगठित कर पूर्णनांग ओड़िशा बनाने की चेष्टा की,कार्यकारी सचिव जलेश कबी ने कहा कि गोपबंधु दास एक विद्वान कबी थे तथा उनके कबिता से ओड़िआ भाषी एक सूत्र में बंधते थे, उनके कृतियाँ स्मरण कर उनके मार्गदर्शन पर चल एक स्वच्छ समाज का गठन करने के साथ साथ ओड़िआ भाषा संस्कृति की सरंक्षण और संवर्धन कर सकते है, उपस्थित सभी ने उनकी जीवनी पर बारी बारी से प्रकाश डाला तथा सदस्यों ने आने वाले दिन में उनके स्मृति पर संस्था द्वारा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित करने का भी विचार – विमर्श किया गया, इससे पूर्व सभी ने गोपबंधु चौक स्थित उनके आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया.

उक्त अवसर पर भोला महंती, काशीनाथ कर,तरुण भोल,शक्ति कुमार पति,सुभास साहू,चक्रधर महंती, रितेश आचार्य एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

झारखण्ड विधानसभा की सरकारी उपक्रम समिति पहुँची सरायकेला-खरसावाँ

झारखण्ड विधानसभा की सरकारी उपक्रम समिति पहुँची सरायकेला-खरसावाँ

विभागीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश.

सरायकेला-खरसावाँ

झारखंड विधानसभा की सरकारी उपक्रम समिति की बैठक आज जिला मुख्यालय स्थित परिसदन सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति एवं मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक निरल पुरीती ने की। बैठक में समिति सदस्य जगत मांझी एवं संजीव सरदार, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डी.आर.डी.ए.) डॉ. अजय तिर्की, एवं अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार उपस्थित रहे।

बैठक में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकासात्मक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। समिति अध्यक्ष ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य आम नागरिकों को पारदर्शी, समयबद्ध एवं प्रभावी सेवाएँ प्रदान करना है। इस दिशा में सभी विभागीय पदाधिकारी आपसी तालमेल एवं समन्वय स्थापित करते हुए उत्तरदायित्व का निर्वहन करें।

समीक्षा बैठक के क्रम में समिति अध्यक्ष एवं सदस्य द्वारा विभागवार निम्नलिखित दिशा-निर्देश प्रदान किए गए👇🏻

🔹 वन विभाग – हाथियों के प्रकोप से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक बचाव उपाय सुनिश्चित किए जाएँ। समिति एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री एवं सहायक उपकरणों का वितरण किया जाए। वन संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाए तथा वृक्षारोपण अभियान में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

🔹 खनन विभाग – अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। जिला, अनुमंडल एवं अंचल स्तर के पदाधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर सतत निगरानी रखें। जिले में स्थित बालू स्टॉक यार्डों का नियमित निरीक्षण, मूल्यांकन एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आम नागरिकों को बालू निर्धारित दर पर ही उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

🔹 उत्पाद विभाग – उत्पाद एवं उत्पादक दुकानों पर निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। दुकानों का औचक निरीक्षण कर दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

🔹 नगर निकाय एवं वन प्रखंड – आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में विकासात्मक कार्यों की गति बढ़ाने हेतु वन प्रमंडल एवं नगर निगम के पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। नागरिक सुविधाओं के विस्तार एवं गुणवत्ता सुधार के लिए ठोस पहल की जाए।

🔹 स्वास्थ्य विभाग – प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी पात्र लाभुकों को स्वास्थ्य कार्ड से जोड़ा जाए। निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत एवं राज्य आवधिक स्वास्थ्य योजना के तहत अधिकाधिक मरीजों का उपचार सुनिश्चित किया जाए। सभी प्राथमिक एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा एंबुलेंस सेवाओं को नियमित एवं सुलभ बनाया जाए।

🔹 परिवहन विभाग – ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों के परिचालन से सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की शिकायतों पर औचक निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सरायकेला–चाईबासा–चौका मुख्य मार्ग की मरम्मती सुनिश्चित की जाए। सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ। मुख्य बाजारों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बाहर अवैध वाहन पार्किंग पर रोक लगाई जाए तथा सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

🔹 पशुपालन विभाग – मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों के बीच पशुओं का वितरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सभी पात्र लाभुकों तक लाभ पहुँचाने के लिए ठोस पहल की जाए।

बैठक के दौरान विभिन्न कार्य एजेंसियों द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। समिति अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि सभी लंबित योजनाओं को निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण किया जाए तथा कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले संवेदकों के विरुद्ध नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाए।

बैठक में सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

बैठक में उपरोक्त के अलावा अपर नगर आयुक्त, आदित्यपुर नगर निगम रवि प्रकाश, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, सिविल सर्जन समेत विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं विभिन्न कार्य एजेंसियों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।

थम नहीं रहा क्षेत्र में बकरा चोरी का घटना, ग्रामीणों में आक्रोश

थम नहीं रहा क्षेत्र में बकरा चोरी का घटना, ग्रामीणों में आक्रोश

सरायकेला/ईचागढ़

(मालखान महतो)

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ थाना क्षेत्र में बकरा चोरी का घटना थमने का नाम नहीं ले रहा है। सप्ताह भर पहले रूगड़ी और रांगामाटी के बीच बैंक मित्र से तीन लाख रुपए नगद अज्ञात लुटेरे लुटकर भाग गया, जिसमें पुलिस द्वारा बुधवार को 6 बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। फिर बुधवार को दो गांवों में ताला तोड़कर तीन बकरों का चोरी अज्ञात चोरों द्वारा कर लिया गया।

बिस्टाटांड़ के रघु महतो का घर से एक बड़ा बकरा एवं दयालटांड़ में रवि महतो का दो बकरा ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने ले भागा । बकरों का कीमत करीब 60 हजार बताया जा रहा है।रवि महतो ने बताया कि घर से अलग एक कमरे में 5 बकरा बकरी था, जिसमें दो बड़े बड़े खस्सी को ताला तोड़कर चुराया गया। उन्होंने कहा कि करीब तीन महीने पहले भी बकरा चोर दिन दहाड़े गांव से बकरा चोरी कर कार में डालकर भाग रहा था, जहां ग्रामीणों ने बरदाडीह के पास 5 चोरों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार अगल बगल के गांवों से दिन दहाड़े बकरों को अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर लिया गया था। बार बार बकरा चोरी की घटना से ग्रामीण परेशान और आक्रोशित हैं।

बैंक मित्र से छिनताई मामले में ईचागढ़ पुलिस ने किया उद्भेदन, भेजा जेल

बैंक मित्र से छिनताई मामले में ईचागढ़ पुलिस ने किया उद्भेदन, भेजा जेल

सरायकेला/ईचागढ़

( मालखान महतो)

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ थाना क्षेत्र के सिल्ली रांगामाटी सड़क पर बासाहातु के पास। बैंक मित्र से तीन लाख रुपए लुट लेने के मामले में 6 बदमाशों को बुधवार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस संबंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अरविंद कुमार बिन्हा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मामले का उद्भेदन करते हुए बताया गया कि 29-09-2025 को ईचागढ थाना के बासाहातु के पास बैंक मित्र फाल्गुनी गोप एवं सहयोगी को एक बाइक पर सवार तीन अपराधकर्मियों द्वारा धक्का मारकर व सर में प्रहार कर चौंका बैंक से ला रहे तीन लाख रुपए नगद लुट लिया था।

मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक सरायकेला के निर्देश पर थाना प्रभारी बिक्रम आदित्य पांडे,एस आई विश्वजीत तिवारी, हीरालाल कुमार एवं सशस्त्र बल का टीम गठित कर छापामारी अभियान चलाया गया, जिसमें गुप्त सुचना के आधार पर 6 अप्राथमिकी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अपराध कर्मियों के पास से एक देशी पिस्तौल ,चार जिंदा गोली,8 मोबाइल फोन, एक लेपटाप एवं 11900 रूपए बरामद किया गया। अभियुक्तों का पूर्व में भी अपराधिक इतिहास रहा है एवं विभिन्न थानों में मामला दर्ज है। गिरफ्तार अभियुक्तों में अमित कुमार महतो,28 वर्ष गांव हुंडी , कमलेश महतो 27 वर्ष गांव उलीडीह दोनों थाना ईचागढ़,ज्योतिलाल महतो 26 वर्ष गांव डुंगरीडीह थाना चौका , राजेश नामता ,28 वर्ष गांव घोड़ा नेगी, थाना चांडिल ,संजय दास 30 वर्ष गांव आदारडीह , तथा अभिराम कुम्हार 19 वर्ष गांव बहरीडीह दोनों थाना नीमडीह निवासी शामिल हैं।

बिहार राज्य विधानसभा चुनाव 2025 -आचारसंहिता प्रशासनिक शक्ति और लोकतांत्रिक शुचिता का इम्तिहान

बिहार राज्य विधानसभा चुनाव 2025 -आचारसंहिता प्रशासनिक शक्ति और लोकतांत्रिक शुचिता का इम्तिहान

चुनावी परिदृश्य में दुनियाँ देखेगी कि सबसे बड़े लोकतंत्र में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों की प्रक्रिया कैसे सुदृढ़ होती है।

चुनावी आचार संहिता भारतीय लोकतंत्र की वह नैतिक मर्यादा है, जो राजनीतिक दलों,नेताओं और सरकार को सत्ता के दुरुपयोग से रोकती है- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

महाराष्ट्र/गोंदिया

वैश्विक स्तरपर भारत एक ऐसा देश है, जहां लोकतंत्र सिर्फ एक राजनीतिक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक सामाजिक आस्था है। हर चुनाव इस आस्था की परीक्षा भी होता है और लोकतंत्र की आत्मा की पुनर्पुष्टि भी। वर्ष 2025 के राज्य बिहार विधानसभा चुनाव सहित कुछ राज्यों की विधानसभाओं का उपचुनाव इस दृष्टि से बेहद अहम माने जा रहे हैं। आगामी 6 नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में बिहार में मतदान होने जा रहा है, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। चुनाव आयोग ने तारीखों की घोषणा करते ही आचार संहिता लागू कर दी है, और इसके साथ ही पूरा प्रशासन सक्रिय मोड में आ गया है। इस चुनावी परिदृश्य में भारत न केवल अपने भीतर लोकतांत्रिक शुचिता की परीक्षा दे रहा है, बल्कि यह भी दिखा रहा है कि दुनियाँ के सबसे बड़े लोकतंत्र में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों की प्रक्रिया कैसे सुदृढ़ होती है।साथियों बात अगर हम बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की करें तो,प्रथम चरण में कुल सीट:121 नोटिफिकेशन की तारीख:10 अक्टूबर 2025 नामांकन की आखिरी तारीख: 17अक्टूबर 2025 नामांकन जांच की आखिरी तारीख:18 अक्टूबर 2025 नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख:20 अक्टूबर 2025 मतदान:6 नवंबर 2025 चुनाव रिजल्ट:14 नवंबर 2025 चरण में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 फेज- 2 शेड्यूलकुल सीट:122 नोटिफिकेशन की तारीख:13 अक्टूबर 2025 नामांकन की आखिरी तारीख:20 अक्टूबर 2025 नामांकन जांच की आखिरी तारीख:21 अक्टूबर 2025 नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख:23 अक्टूबर 2025 मतदान:11 नवंबर 2025 चुनाव रिजल्ट:14 नवंबर 2025


साथियों बात अगर हम चुनाव आचार संहिता क़े अर्थ और महत्व की करें तो,चुनावी आचार संहिता भारतीय लोकतंत्र की वह नैतिक मर्यादा है, जो राजनीतिक दलों, नेताओं और सरकार को सत्ता के दुरुपयोग से रोकती है। इसे चुनाव आयोग द्वारा संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत लागू किया जाता है।इसका मूल उद्देश्य है कि सत्तारूढ़ दल चुनावी प्रक्रिया के दौरान सरकारी संसाधनों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग न करे,तथा विपक्षी दलों को समान अवसर मिले। यह संहिता न केवल प्रशासनिक निष्पक्षता सुनिश्चित करती है बल्कि जनविश्वास को भी बनाए रखती है। लोकतंत्र में यह “आचार” ही वह संतुलन है जो“सत्ता” को “सेवा”में परिवर्तित करता है।2025 के विधानसभा चुनावों में यह आचार संहिता पहले से अधिक सख्ती से लागू की गई है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट कहा है कि यदि कोई मंत्री या जनप्रतिनिधि सरकारी गाड़ी, बंगला, हेलीकॉप्टर या कोई भी सरकारी संसाधन चुनाव प्रचार में इस्तेमाल करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।सरकारी वेबसाइटों से नेताओं की तस्वीरें हटाई जा रही हैं, नई योजनाओं की घोषणाओं पर रोक लगा दी गई है और सरकारी धन का किसी भी प्रकार से राजनीतिक प्रचार में उपयोग वर्जित कर दिया गया है। यह व्यवस्था प्रशासनिक निष्पक्षता की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
साथियों बात अगर हम प्रशासनिक सक्रियता और अनुशासन की परीक्षाकी करें तो,आचार संहिता लागू होते ही राज्य का प्रशासन भी युद्धस्तर पर सक्रिय हो गया है।जिलाधिकारियों से लेकर थानेदार तक को यह हिदायत दी गई है कि किसी भी तरह की राजनीतिक पक्षधरता न दिखे। पुलिस, आयकर विभाग,और निर्वाचन विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं ताकि अवैध धन, शराब, उपहार या अन्य प्रलोभनों के वितरण पर रोक लगाई जा सके। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से भड़काऊ या झूठे प्रचार को नियंत्रित किया जाए। “ये किए तो जाना पड़ेगा जेल”- यह चेतावनी प्रशासन ने खुले रूप में दी है। इसका सीधा अर्थ यह है कि किसी भी प्रकार के आचार संहिता उल्लंघन को अब केवल चेतावनी या जुर्माने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी।यह कठोरता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा के लिए आवश्यक है। बीते वर्षों में सोशल मीडिया के ज़रिए झूठे प्रचार, वोटरों को प्रभावित करने वाली गलत सूचनाएं और नफरत फैलाने वाले बयानों की बाढ़ देखने को मिली है। ऐसे में प्रशासनिक सख्ती लोकतांत्रिक स्वास्थ्य के लिए एक आवश्यक “टीका” की तरह है।
साथियों बात अगर हम सरकारी सुविधाओं पर रोक, सत्ता और चुनाव के बीच की दीवार की करें तो, आचार संहिता के तहत एक प्रमुख निर्णय यह लिया गया है कि मंत्री अब सरकारी सुविधाओं का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इसका अर्थ यह है कि चुनाव अवधि में सरकारी गाड़ी,सरकारी आवास,सुरक्षा व्यवस्था,या सरकारी कर्मचारियों की सेवाएं निजी प्रचार में इस्तेमाल नहीं की जा सकतीं। यह प्रावधान सत्ता और चुनाव के बीच एक स्पष्ट दीवार खड़ी करता है।इतिहास साक्षी है कि जब-जब सत्ता में बैठे नेताओं ने सरकारी संसाधनों का उपयोग चुनावी लाभ के लिए किया,तब-तब लोकतंत्र की साख को चोट पहुंची। इसलिए भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में इस प्रकार की रोक लोकतांत्रिक संतुलन बनाए रखने का आवश्यक औजार है।इसके साथ ही सरकार की वेबसाइटों, विज्ञापनों और प्रचार माध्यमों से नेताओं की तस्वीरें हटाई जा रही हैं। नई योजनाओं, नीतियों या घोषणाओं पर भी रोक रहेगी ताकि जनता के बीच कोई भ्रम या अनुचित लाभ का संदेश न जाए। यही आचार संहिता का सार है -कि सरकार जनता की होती है, किसी एक दल की नहीं।
सभाओं और जुलूसों पर नियंत्रण स्वतंत्रता और अनुशासन का
संगम – लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सर्वोपरि है, परंतु जब यह स्वतंत्रता दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन करने लगे, तो इसे नियंत्रित करना आवश्यक हो जाता है। इसी कारण से चुनाव आयोग ने यह नियम स्पष्ट किया है कि सभा और जुलूस के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।यह व्यवस्था न केवल कानून- व्यवस्था बनाए रखने के लिए है, बल्कि हिंसा, अव्यवस्था और भीड़-प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी आवश्यकअति है। मतदान केंद्रों के आसपास प्रचार पर रोक लगाना भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य मतदाताओं को भय, प्रलोभन या दबाव से मुक्त वातावरण प्रदान करना है ताकि वे स्वतंत्र रूप से मतदान कर सकें। यह केवल चुनावी नियम नहीं बल्कि मतदाता की गरिमा और निजता की सुरक्षा है-जो किसी भी लोकतंत्र का मूल तत्व है।
साथियों बात अगर हम लोकतांत्रिक शुचिता का अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण को समझने की करें तो,भारत की आचार संहिता की व्यवस्था को दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों में एक आदर्श के रूप में देखा जाता है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस या जापान जैसे देशों में भी चुनावों के दौरान कुछ सीमित प्रतिबंध लागू किए जाते हैं, परंतु भारत की तरह व्यापक और संगठित आचार संहिता शायद ही कहीं हो।संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और कॉमनवेल्थ ऑब्जर्वर ग्रुप ने कई बार कहा है कि भारत की चुनावी व्यवस्था “विकासशील लोकतंत्रों के लिए मॉडल” है। चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और उसके आदेशों की बाध्यता अंतरराष्ट्रीय मानकों पर भी अत्यंत उच्च मानी जाती है।भारत में एक ही चुनाव में लाखों अधिकारी, सैकड़ों एजेंसियाँ और करोड़ों मतदाता शामिल होते हैं -इस स्तर की पारदर्शिता और संगठन क्षमता किसी भी राष्ट्र के लिए प्रशंसनीय है। यही कारण है कि भारत की चुनावी प्रक्रिया वैश्विक लोकतंत्रों के लिए अध्ययन का विषय बनी रहती है।
साथियों बात अगर हम राजनीतिक मर्यादा और भाषण की सीमाओं को समझने की करें तो, 2025 के चुनावों में एक और बड़ा मुद्दा है,भड़काऊ बयानों और नफरत फैलाने वाले भाषणों पर रोक। चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्रचार में धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र के आधार पर विभाजनकारी टिप्पणियाँ न करें।यह दिशा-निर्देश सिर्फ चुनावी शालीनता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए हैं। हाल के वर्षों में सोशल मीडिया ने बयानबाजी को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। एक ट्वीट या वीडियो लाखों लोगों तक तुरंत पहुँच जाता है, जिससे चुनावी माहौल बुरी तरह भड़क सकता है। इसलिए इस बार आयोग ने साइबर मॉनिटरिंग टीमों की संख्या दोगुनी कर दी है। हर जिला स्तर पर एक “सोशल मीडिया ऑब्जर्वर”नियुक्त किया गया है,जो ऑनलाइन प्रचार पर नज़र रखेगा। इस कदम से लोकतांत्रिक संवाद में संयम और मर्यादा सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
साथियों बात अगर हम मतदाता जागरूकता और जिम्मेदारी को समझने की करें तो,लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति मतदाता के हाथ में होती है। प्रशासन और आचार संहिता के सभी नियम तभी प्रभावी हो सकते हैं जब मतदाता भी अपनी जिम्मेदारी समझे। 2025 के चुनावों में “मेरा वोट, मेरा अधिकार” अभियान को फिर से सशक्त रूप में लागू किया गया है। सोशल मीडिया, मोबाइल ऐप, और डिजिटल माध्यमों के जरिए मतदाताओं को मतदान केंद्रों की जानकारी, उम्मीदवारों के विवरण और शिकायत निवारण की सुविधा दी गई है।इसके साथ ही मतदान दर बढ़ाने के लिए कई नवाचार किए जा रहे हैं,जैसे कि दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष वाहन,वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर पर मतदान की सुविधा, और महिलाओं के लिए “पिंक बूथ”। यह सभी प्रयास लोकतंत्र की भागीदारी को और अधिक समावेशी बनाते हैं।आचार संहिता और राजनीति की नई परिभाषा-भारत में चुनाव अब केवल सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया नहीं रह गए हैं, बल्कि यह लोकतांत्रिक परिपक्वता का पैमाना बन गए हैं। आचार संहिता इस प्रक्रिया में नैतिक संतुलन का प्रतीक है। यह राजनेताओं को याद दिलाती है कि सत्ता जनता की सेवा का माध्यम है,न कि निजी अधिकार।2025 का चुनाव इस लिहाज से अलग है कि जनता पहले से अधिक जागरूक है, मीडिया की पहुँच अधिक गहरी है, और चुनाव आयोग की तकनीकी क्षमताएँ भी कई गुना बढ़ी हैं। अब चुनाव का हर चरण नामांकन से लेकर मतगणना तक,डिजिटली मॉनिटर किया जा रहा है।इस पारदर्शिता ने न केवल चुनावों की विश्वसनीयता बढ़ाई है बल्कि भ्रष्टाचार और अनैतिक आचरण की संभावनाएँ भी घटाई हैं।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि,बिहार राज्य विधानसभा चुनाव 2025-आचार संहिता, प्रशासनिक शक्ति और लोकतांत्रिक शुचिता का इम्तिहान”चुनावी आचार संहिता भारतीय लोकतंत्र की वह नैतिक मर्यादा है,जो राजनीतिक दलों,नेताओं और सरकार को सत्ता के दुरुपयोग से रोकती है

संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

आर.आई.टी. थाना क्षेत्र के भुआ एवं पार्वतीपुर नदी किनारे अवैध शराब अड्डों पर छापेमारी

आर.आई.टी. थाना क्षेत्र के भुआ एवं पार्वतीपुर नदी किनारे अवैध शराब अड्डों पर छापेमारी

90 लीटर महुआ शराब जब्त, 500 किलोग्राम जावा महुआ नष्ट; FIR दर्ज

( सोनू कुमार सिंह )

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार तथा अधीक्षक, उत्पाद सौरभ तिवारी के पर्यवेक्षण में आज दिनांक 07 अक्टूबर, 2025 को उत्पाद विभाग की टीम द्वारा आर.आई.टी. थाना क्षेत्र के भुआ जंगल स्थित नदी किनारे एवं पार्वतीपुर नदी तटवर्ती क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण और भंडारण की सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान 90.00 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद कर विधिवत्त रूप से जब्त किया गया तथा 500.00 किलोग्राम जावा महुआ को मौके पर ही नष्ट किया गया। अड्डा संचालक मौके से फरार रहे; उनके विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर अग्रतर कार्यवाही व गिरफ्तारियों हेतु तलाषी जारी है।

अधीक्षक, उत्पाद सौरभ तिवारी ने बताया कि जिले में अवैध शराब निर्माण, भंडारण एवं बिक्री की गतिविधियों पर सघन निगरानी एवं आकस्मिक छापेमारी जारी रहेगी। जिला प्रशासन इन कुकृत्यों के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता की नीति पर दृढ़ है और दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध शराब निर्माण या बिक्री की किसी भी सूचना को तत्काल अपने नजदीकी थाना अथवा जिला नियंत्रण कक्ष को प्रदान करें, जिससे त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

साप्ताहिक जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लोगों से क्रमवार मिले उपायुक्त, प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध एवं पारदर्शी निष्पादन के दिए गए निर्देश

साप्ताहिक जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लोगों से क्रमवार मिले उपायुक्त, प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध एवं पारदर्शी निष्पादन के दिए गए निर्देश

सरायकेला

( सोनू कुमार सिंह )

समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया।

जनता दरबार में जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए फरियादियों से उपायुक्त ने क्रमवार भेंट कर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों से अवगत हुए। प्राप्त आवेदनों के त्वरित एवं पारदर्शी निष्पादन हेतु संबंधित पदाधिकारियों को अग्रिम कार्रवाई के लिए अभिसूचित किया गया।

जनता दरबार में मुख्यतः निम्न समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए

🔹 नगर निगम, आदित्यपुर के वार्ड संख्या-14 में पिछले 20 दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित रहने, डोर टू डोर कचरा उठाव वाहन का नियमित भ्रमण कराने
🔹 नगर निगम, आदित्यपुर के वार्ड संख्या-13, सालडीह बस्ती में की महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना का लाभ ना मिलने


🔹 नगर निगम, आदित्यपुर के वार्ड संख्या-14 में पिछले 20 दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित रहने, डोर टू डोर कचरा उठाव वाहन का नियमित भ्रमण कराने


🔹 नगर निगम, आदित्यपुर के वार्ड संख्या-13, सालडीह बस्ती में की महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना का लाभ ना मिलने

🔹 आंगनबाड़ी केंद्र, हेसा पंडारा पंचायत में खराब चापाकल की मरम्मति कराने

🔹 कुकुडू प्रखंड के बेरासीसीरूम पंचायत गाँव सिरूम के महिलाओ लाभुक के नाम से अबुआ आवास योजना स्वीकृति के पाश्चात्य लिस्ट से नाम डिलीट होने..

उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को सभी प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि पेयजल आपूर्ति, कचरा प्रबंधन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं आवास योजना से जुड़ी शिकायतों का समाधान शीघ्रता से किया जाए ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।

उपायुक्त ने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी समाधान करना है। जिला प्रशासन जनता की शिकायतों के निराकरण हेतु पूर्णतः संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।

जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा कांड्रा में ऑटो एवं दोपहिया वाहनों की जांच — चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक, नियम उल्लंघन पर की गई कार्रवाई

जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा कांड्रा में ऑटो एवं दोपहिया वाहनों की जांच — चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक, नियम उल्लंघन पर की गई कार्रवाई

सरायकेला/कांड्रा

(सोनू कुमार सिंह)

जिला परिवहन पदाधिकारी गिरजा शंकर महतो के नेतृत्व में कांड्रा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत ऑटो चालकों एवं दोपहिया वाहन चालकों के वाहनों की जांच की गई।

अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम द्वारा चालकों के वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, फिटनेस प्रमाणपत्र एवं प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की विधिवत जांच की गई।

निरीक्षण के क्रम में कई ऑटो चालकों द्वारा निर्धारित सीट क्षमता से अधिक यात्री बैठाने (ओवरलोडिंग) की पुष्टि होने पर उन पर जुर्माना (फाइन) किया गया तथा भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही न दोहराने की कड़ी चेतावनी दी गई।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी चालकों से अपील की कि वे वाहन परिचालन के समय सुरक्षा मानकों एवं यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें।

गिरजा शंकर महतो ने चालकों को निम्न दिशा-निर्देश दिए

▪️ सभी वाहन चालक वैध दस्तावेज़ों (आर.सी., बीमा, फिटनेस, पी.यू.सी. प्रमाणपत्र एवं ड्राइविंग लाइसेंस) को हमेशा साथ रखें।
▪️ दोपहिया वाहन चालक एवं सवार दोनों हेलमेट का उपयोग करें, तथा चारपहिया वाहन चालकों द्वारा सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए।
▪️ ऑटो एवं वाणिज्यिक वाहनों में निर्धारित सीट क्षमता से अधिक यात्री न बैठाएँ तथा किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न करें।
▪️ स्कूल वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करें और ओवरलोडिंग से बचें।
5️⃣ यातायात संकेतों एवं सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।

उन्होंने यह भी बताया कि अवैध रूप से परिचालित वाहनों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि वे सड़क पर वाहन चलाते समय सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करें, निर्धारित गति सीमा में चलें एवं स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानून नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक उत्तरदायित्व है।

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