दक्षिण पूर्व रेलवे, आद्रा मंडल में विभिन्न स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए गए।

दक्षिण पूर्व रेलवे, आद्रा मंडल में विभिन्न स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए गए।

सरायकेला

“स्वच्छता ही सेवा” अभियान के अंतर्गत दिनांक 22 अगस्त 2025 को दक्षिण पूर्व रेलवे, आद्रा मंडल में विभिन्न स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इस अवसर पर आद्रा स्थित मंडल रेल चिकित्सालय में स्वच्छता कर्मियों हेतु स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 36 कर्मचारी लाभान्वित हुए।

इसके अतिरिक्त मंडल के विभिन्न स्टेशनों, हेल्थ यूनिटो एवं कार्यस्थलों पर संयुक्त श्र्रमदान कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा सफाई एवं वर्षा जल निकासी की गहन सफाई की गई।

आद्रा मंडल द्वारा आयोजित ये सभी कार्यक्रम स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सार्थक पहल हैं।

दो प्रमुख सड़क का शिलान्यास करेंगी ईचागढ़ विधायक सविता महतो।

दो प्रमुख सड़क का शिलान्यास करेंगी ईचागढ़ विधायक सविता महतो।

सरायकेला/ईचागढ़

चांडिल अनुमंडल के लाइफ लाइन माने जाने वाली दो प्रमुख सड़क चांडिल गोलचक्कर से मानिकुई होते हुए गिद्धिबेड़ा टोल प्लाजा व खुंटी चौका पातकुम ईचागढ़ मार्ग का जल्द ईचागढ़ विधायक सविता महतो शिलान्यास करेंगे।

दोनों प्रमुख सड़को का टेंडर पूरी हो गई है जिसमे खुंटी चौका ईचागढ़ मार्ग का निर्माण 6 कोरोड़ 88 लाख 34 हजार 5 सौ 83 रुपये व चांडिल गोलचक्कर से मानिकुई होते हुए गिद्धिबेड़ा टोल प्लाजा 8 कोरोड़ 90 लाख 87 हजार 2 सौ 95 रूपये कि लागत से निर्माण होगा। मालूम हो कि उक्त दोनों सड़को का मांग ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के जनता का काफी पुराना था जो अब विधायक सविता महतो के प्रयास से पूरी होते दिख रही है। दोनों प्रमुख सड़को का निर्माण के मांग को लेकर विधायक सविता महतो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर मांग पत्र सौंपा था। जिससे विधानसभा चुनाव के पूर्व ही दोनों सड़को का प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई थी। बीच में चुनाव होने के कारण दोनों सड़कों का टेंडर प्रक्रिया में थोड़ी विलंब हुई पर जल्द ही विधायक सविता महतो शिलान्यास कर दोनों सड़कों के निर्माण कार्य का आधारशिला रखेंगे।

पत्रकार बसंत साहू को जान से मारने की धमकी, परिवार में दहशत ।

पत्रकार बसंत साहू को जान से मारने की धमकी, परिवार में दहशत ।

सरायकेला:

सरायकेला-खरसावां जिला के चौका थाना क्षेत्र में पत्रकार बसंत साहू और उनके बेटे अजय कुमार को जान से मारने की धमकी मिली है। धमकी के बाद परिवार के लोग दहशत में हैं।पत्रकार बसंत साहू ने चौका थाना में शिकायत दर्ज कराई है। FIR कांड संख्या 54/2025 दिनांक 04 अगस्त 2025 के अनुसार, 3 अगस्त को गांव कुरली निवासी विकास पाण्डेय (पिता आषुतोष पाण्डेय) ने बिना नंबर की काली स्कॉर्पियो से उनके बेटे अजय कुमार की गाड़ी का पीछा किया और NH-33 खुंटी मोड़ पर पिस्तौल सटाकर हर महीने 50 हजार रुपए रंगदारी मांगी।

बसंत साहू ने बताया कि विकास पाण्डेय का भाई राहुल पाण्डेय शराब के नशे में अक्सर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देता है। इस संबंध में उन्होंने 17 अगस्त को चौका थाना में सनहा नंबर 17/25 के तहत लिखित शिकायत भी दी है।मामले के अनुसंधानकर्ता भगवान प्रसाद से जब बसंत साहू ने CDR रिपोर्ट की प्रगति पूछी तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “मैं निलंबित हो जाऊँगा, इससे ज्यादा क्या करूँ?” थाना प्रभारी बजरंग महतो ने इस मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी, लेकिन कार्रवाई की गति पर सवाल उठ रहे हैं।आरोपी का आपराधिक इतिहास
राहुल पाण्डेय पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं —
ईचागढ़ थाना कांड संख्या 28/25 (15 मार्च 2025)
चांडिल थाना कांड संख्या 11/2011 (3 सितंबर 2011, धारा 386/34 भादवि)
इसके बावजूद पत्रकार का आरोप है कि चौका थाना अब तक सख्त कार्रवाई करने में ढिलाई बरत रहा है।बसंत साहू ने कहा कि यदि पत्रकारों के मामले में ही पुलिस इतनी लापरवाही दिखा रही है तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? फिलहाल परिवार डरा-सहमा है और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहा है।

चांडिल दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी से सटे जंगल की तराई भूमि को भू० माफियों द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा।

चांडिल दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी से सटे जंगल की तराई भूमि को भू० माफियों द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा।

हाथी विचरन का जगह खतरे मैं, अंचल के पदाधिकारी मौन।

सरायकेला:

सरायकेला-खरसावां जिले में भू०माफियाओं के हौसले बढ़ते जा रहे हैं, जो अब खुलेआम सरकारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। चांडिल अंचल के मौजा पूड़ीसीली में भू० माफियाओं ने सरकारी जमीन पर टीना शेड लगाकर घेराव करना शुरू कर दिया है, जबकि इस जमीन पर झारखंड सरकार का बोर्ड लगा हुआ है जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि यह भूमि सरकारी है और इसका क्रय-विक्रय या अतिक्रमण दंडनीय अपराध है।

सरकारी जमीन पर कब्जे के मुद्दे पर प्रशासन की भूमिका:

स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि हरेंद्र सिंह ने प्रशासन से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रशासन की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि भू०माफिया बिना किसी भय के कब्जे की कार्रवाई कर रहे हैं।

जिले में अवैध कब्जों की समस्या:- जिले में अवैध कब्जे एक बड़ी समस्या बन गए हैं, जिससे सरकारी जमीन और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह अवैध कब्जों को रोकने और सरकारी जमीन की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए. अवैध कब्जों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करना आवश्यक है।
प्रशासन को अवैध कब्जों पर निगरानी रखने और तुरंत कार्रवाई करने की आवश्यकता है। लोगों में जागरूकता फैलाना भी जरूरी है ताकि वे अवैध कब्जों के खिलाफ आवाज उठा सकें।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन-दहाड़े सरकारी भूमि पर कब्जा और प्रशासन का मौन रहना गहरी मिलीभगत की ओर इशारा करता है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर सख्ती होती तो भू० ,माफिया इतनी हिम्मत ही नहीं जुटा पाते। ग्रामीणों का कहना है कि पूड़ीसीली में सक्रिय भू० माफिया सरकारी जमीन को अपनी पैतृक संपत्ति समझ बैठे हैं। दिन-दहाड़े टीना शेड खड़ा करके जमीन पर कब्जा करना उनकी गुंडागर्दी को दर्शाता है। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर किसकी इसारे पर ये माफिया सरकारी जमीन पर कब्जा करने का दुस्साहस कर रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि जब आशियाना प्रकृति नाम का प्रोजेक्ट शुरू हुआ था तब वन विभाग, चांडिल अंचल प्रशासन एवं स्थानीय रैयतों की मौजूदगी में जमीन की मापी कर सीमांकन किया था। सड़क किनारे की भूमि रैयती है, जिसपर “आशियाना प्रकृति” का फ्लैट्स निर्माण चल रहा है। उसके ठीक पीछे सरकारी भूमि हैं, वहीं उसके बाद वन विभाग की भूमि, जंगल व पहाड़ स्थित है।

टाटा रांची मुख्य राज्य मार्ग से महज तिन किलोमीटर दूरी कांदरबेड़ा–दोमुहानी मार्ग स्थित पूड़ीसीली चौक के समीप आशियाना प्रकृति फ्लैट निर्माण स्थल के पीछे की सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं ने चारों ओर से टीना शेड लगाकर घेराव करना शुरू कर दिया है। जबकि इसी जमीन पर झारखंड सरकार का बाकायदा बोर्ड लगा हुआ है, जिसमें स्पष्ट उल्लेख है –
“झारखंड सरकार, राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग, मौजा पूड़ीसीली, थाना संख्या 328, खाता संख्या 234, खेसरा संख्या 205। यह भूमि सरकारी है, इस भूमि का क्रय-विक्रय या अतिक्रमण दंडनीय अपराध है।” जो उच्च स्तरीय जांच की विषय हे।आज दलमा गज परियोजना के हाथी की बहुल क्षेत्र माना जाता इस क्षेत्र में हाथी की झुंड भोजन पानी पर्याप्त मात्रा मिलता हे साथ ही इस क्षेत्र भ्रमण शील जगह है। आज बड़े बड़े फाल्ट बनने जा रहे जंगल की तराई जिसके कारण आज वन्य जीव जंतु पलायन करने लगा।ओर सरकार इस पर कोई कारवाई नहीं किया ।जिसके कारण वन्य जीव इस क्षेत्र से पलायन करके ईचागढ़ विधान सभा क्षेत्र में डेरा डाला हुआ है।

गम्हरिया थाने की पुलिस ने दो गाड़ी के साथ दो चोर को रंगे हाथ किया।गिरफ्तार ।

गम्हरिया थाने की पुलिस ने दो गाड़ी के साथ दो चोर को रंगे हाथ किया।गिरफ्तार ।

सरायकेला/गम्हरिया

सरायकेला-खरसावां जिला के गम्हरिया थाना को मिली बड़ी सफलता। पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत के निर्देश पर गम्हरिया थाने की पुलिस ने दो चोर को पकड़ने में सफलता हासिल की है।

तांबा चोरो में मजा हड़कंप

आपको बताते चले की पिछले कई महीनों से तांबा चोरी की शिकायत जिले के पुलिस अधीक्षक को मिलती रही थी और इससे पहले भी तांबा चोरी में गम्हरिया क्षेत्र से कई लोगों को पड़कर जेल के सलाखों के पीछे भेज दिया गया। उसके बावजूद भी चोरों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा था। विश्वास सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में गम्हरिया थाना ने ताबड़तोड़ कार्यवाई करते हुए दो गाड़ी के साथ दो चोर को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
तांबा चोरी का यह मामला काफी दिनों से चर्चा में बना हुआ था।

ज्ञात हो कि विगत कुछ दिनों पहले भी टायो गेट के समीप से दो तांबा चोरों को गम्हरिया थाने की पुलिस ने गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया था वहीं फिर से उसी टायो गेट के समीप से तांबे की चोरी करते हुए दो चोर को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया है। साथ ही पुलिस ने दो चोरों के साथ में दो गाड़ी एवं लगभग ₹100000 मूल्य का तांबा भी बरामद किया है
हालांकि अभी इसकी प्रशासनिक पुष्टि नहीं हो पाई है

नही रहे झारखंड के जननायक दिशोम गुरू शिबू सोरेन दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में ली आखरी सांस निधन

नही रहे झारखंड के जननायक दिशोम गुरू शिबू सोरेन दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में ली आखरी सांस निधन

दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर 3 दिन का राज्यकिया शोक घोषित

झारखंड/रांची

झारखंड के जननायक दिशोम गुरु शिबू सोरेन (81 वर्ष ) का सोमवार को दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में निधन हो गया. पिछले कई दिनों से बीमार चल रहा थे. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद ट्वीट कर इसकी आधिकारिक जानकारी देते हुए कहा कि उनके निधन से मैं हो गया.गुरुजी शिबू सोरेन झारखंड अलग राज्य के जननायक हैं और उन्होंने ही अपने संघर्ष से झारखंड अलग राज्य का गठन कराया था. शिबू सोरेन का निधन के बाद है झारखंड आंदोलन के एक बड़े युग का समापन हो गया है. शिबू सोरेन अभी राज्यसभा सांसद थे. उनके निधन की खबर पाकर पूरे झारखंड ही नहीं पूरे देश में शोक की लहर है. करीब 81 वर्ष के शिबू सोरेन पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे और वे दिल्ली में इलाजरत थे.झारखंड मुक्ति मोर्चा का उन्होंने झारखंड अलग राज्य के गठन को लेकर अन्य लोगों के साथ मिलकर गठित किया था.

शिबू सोरेन, राष्ट्रीय पटल पर एक चिर परिचित पहचान है. एक आम शख्स से शख्सियत बनने का उनका सफर

झारखंड की राजनीति में  ध्रुव तारा की तरह चमकते रहे गुरुजी का निधन हो गया. गुरूजी का शुरुआती जीवन संघर्षों से भरा रहा. 11 जनवरी 1944 को गोला प्रखंड के नेमरा गांव में सोबरन सोरेन के घर जन्मे शिबू सोरेन को बचपन में प्यार से शिवलाल कहकर पुकारा जाता था. लेकिन उनकी प्रारंभिक शिक्षा शिवचरण मांझी के नाम से हुई. शिवचरण के नाम से उन्होंने 1972 में पहली बार जरीडीह से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था. उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही प्राइमरी स्कूल में हुई. फिर गोला प्रखंड में मौजूद राज्य संपोषित हाई स्कूल में उनके पिता ने नामांकन कराया. जहां आदिवासी छात्रावास में रहकर उन्होंने पढ़ाई को जारी रखा.

किशोरावस्था में ही महाजनों को देने लगे चुनौती

जब उनकी उम्र महज 13 साल थी, तभी एक घटना ने किशोर शिबू सोरेन के जीवन को बदल कर रख दिया. तारीख- 27 नवंबर 1957, जब उन्हें सूचना मिली कि उनके पिता सोबरन सोरेन की महाजनों ने हत्या कर दी है. वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा की पुस्तक दिशोम गुरु शिबू सोरेन के मुताबिक महाजनों के लड़कों ने एक आदिवासी महिला के खिलाफ अपशब्द कहा था, जिसका विरोध शिबू सोरेन के पिता सोबरन सोरेन ने किया था. यह बात महाजनों को इतनी नागवार गुजरी की साजिश रचकर उनकी हत्या कर दी गई.

पिता की हत्या की घटना ने बदल दी गुरुजी की जिंदगी

गांधीवादी पिता की हत्या ने शिबू सोरेन को भीतर से झकझोर कर रख दिया. उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और महाजनों के खिलाफ फूंक बिगुल दिया. लेकिन महाजनों से लड़ना आसान नहीं था. क्योंकि ग्रामीण महाजनों के कर्ज तले दबे हुए थे. सूद नहीं देने पर जमीन हड़प ली जाती थी. शराब पीलाकर सादे कागज पर अंगूठे का निशान ले लिया जाता था. इन घटनाओं ने शिबू सोरेन को आंदोलन खड़ा करने का रास्ता दिखा दिया. उन्होंने आवाज बुलंद करनी शुरू की तो लोग जुड़ने लगे. इसी दौरान शिबू सोरेन ने शराब और हड़िया के सेवन के खिलाफ ग्रामीणों को जागरूक करना शुरु किया.

टुंडी के आंदोलन से मिली पहचान

अपनी जन्म भूमि गोला के बाद उनको पेटरवार, जैनामोड़, बोकारो और धनबाद में लोग जानने लगे थे. इनके समाज सुधार आंदोलन और महाजनी प्रथा के खिलाफ उलगुलान को बड़ी पहचान मिली धनबाद के टुंडी में. यहां 1972 से 1976 के बीच उनका आंदोलन जबरदस्त रुप से प्रभावी रहा. वह महाजनों द्वारा हड़पी गई जमीन आदिवासियों को वापस कराने में सफलता हासिल करने लगे थे.

शिबू सोरेन की एक आवाज पर हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग तीर-धनुष के साथ जुट जाते थे. एक आह्वान पर हड़पी गई खेतों में लगी फसल काट ली जाती थी. टुंडी के पोखरिया में उन्होंने एक आश्रम बनाया था, जिसे लोग शिबू आश्रम कहते थे. इसी दौरान लोग प्यार और सम्मान से उनको गुरुजी कहने लगे. लेकिन गुरुजी को राजनीतिक पहचान मिली संथाल की धरती पर से उनको दिशोम गुरु यानी देश का गुरु कहलाए.

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के प्रदेश प्रभारी भरत सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष हरचरण सिंह उर्फ राजा ने की सूर्य मंदिर में पूजा अर्चना

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के प्रदेश प्रभारी भरत सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष हरचरण सिंह उर्फ राजा ने की सूर्य मंदिर में पूजा अर्चना

झारखंड/रांची

( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के झारखंड प्रदेश प्रभारी भरत सिंह एवं प्रदेश अध्यक्ष हरचरण सिंह (राजा) एवं उनकी टीम द्वारा रांची के बुंडू थाना अंतर्गत स्थित हिंदू मंदिर सूर्य मंदिर में ईश्वर से धर्मांतर के रोकथाम के लिए प्रार्थना की।

विश्व हिंदू रक्षा परिषद झारखंड प्रदेश अध्यक्ष ने हिंदू मंदिर में की प्रार्थना, धर्मांतरण रोकने की लगाई गुहार

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष ने आज एक हिंदू मंदिर में ईश्वर से प्रार्थना की, जिसमें उन्होंने धर्मांतरण के रोकथाम के लिए गुहार लगाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि धर्मांतरण एक गंभीर समस्या है, जिसे रोकने के लिए हमें एकजुट होकर प्रयास करना होगा।

विश्व हिंदू रक्षा परिषद की पहल:

    विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने धर्मांतरण के रोकथाम के लिए कई पहल की हैं, जिनमें से एक है सनातन हेल्पलाइन सेवा, जो 24×7 सक्रिय रहती है। इस सेवा के माध्यम से लोग धर्मांतरण के मामलों की जानकारी दे सकते हैं और मदद प्राप्त कर सकते हैं। जो कि विश्व हिंदू रक्षा परिषद के वेबसाइट पर उपलब्ध है

    आचार्य पंडित सुरेश कुमार द्विवेदी का हुआ निधन

    आचार्य पंडित सुरेश कुमार द्विवेदी का हुआ निधन

    सरायकेला/आदित्यपुर

    ( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )

    इस पूरे संसार में आचार्य पंडित अथवा गुरु की एक अहम भूमिका है उनके ही आशीर्वाद से आपकी शिक्षा साक्षरता, सांसारिक ज्ञान, भौतिक ज्ञान, अथवा इस संसार में अपना जीवन यापन करने के लिए प्रयुक्त ज्ञान इन्हीं से प्राप्त होती है। और संसार में आचार्य अथवा पंडितों का निधन होना इस संसार के लिए अपूर्णीय क्षती के समान माना जाता है। और इस अपूर्णिया क्षती की पूर्ति करना किसी के लिए भी संभव नहीं।

    स्वर्गीय पंडित सुरेश कुमार द्विवेदी

    कुछ इसी प्रकार मंगलवार की रात्रि में प्रख्यात आचार्य पंडित सुरेश कुमार द्विवेदी का निधन हो गया जो समाज के लिए काफी बड़ी क्षति है पंडित जी काफी दूरदर्शी एवं हाजिर मिजाज चेहरे पर मुस्कान व्यक्तित्व को धारण करते थे।

    वहीं पंडित सुरेश कुमार द्विवेदी अपने पीछे दो पुत्र व एक पुत्री के साथ भरा पूरा परिवार छोड़ गए आज बुधवार के दिन पार्वती घाट में उनका अंतिम संस्कार होना है।

    आपको बताते चले कि आचार्य पंडित सुरेश कुमार द्विवेदी ने कई जोड़ों की शादीयां भी करवाई है जो कि आज के समय में सफल जीवन यापन कर रहे हैं और उनके आशीर्वाद से पूरा परिवार खुशमय जीवन यापन कर रहा है।

    भीमखंदा मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी

    भीमखंदा मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी

    स्थानीय लोगों के सहयोग से भीड़ नियंत्रण में मदद

    सरायकेला/राजनगर

    (पारस कुमार होता)

    सरायकेला जिले के राजनगर प्रखंड अंतर्गत भीमखंदा बुढ़ाबाबा मंदिर में सावन माह के दूसरे सोमवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अहले सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में पहुंचने लगे और “बोल बम” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

    पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर के बाहर तक लगी रहीं। सभी ने बाबा बुढ़ाबाबा को जल अर्पित कर मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की।

    श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने में स्थानीय लोगों का विशेष सहयोग रहा, जिनकी सक्रियता के चलते आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

    सहदेव महतो ने मौके पर कहा:

    “हर साल सावन में यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई असुविधा न हो और हर श्रद्धालु को शांतिपूर्वक पूजा करने का अवसर मिले।”

    अब प्रवीण सेवा संस्थान के नाम से जाना जाएगा आदित्यपुर एमआरडब्ल्यू टाईप दुर्गा पूजा पंडाल

    अब प्रवीण सेवा संस्थान के नाम से जाना जाएगा आदित्यपुर एमआरडब्ल्यू टाईप दुर्गा पूजा पंडाल

    पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह बने संरक्षक, अध्यक्ष पद की जिम्मेवारी अंकुर सिंह को

    सरायकेला/आदित्यपुर

    ईचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह की अगुवाई वाला दुर्गापूजा पंडाल अब प्रवीण सेवा संस्थान के नाम से जाना जाएगा. इस पूजा को आदित्यपुर एमआरडब्ल्यू टाईप के लोग मिल-जुलकर करते हैं. स्थानीय लोगों की हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस पूजा महोत्सव का आयोजन प्रवीण सेवा संस्थान के नाम से किया जाएगा. इसको लेकर बकायदा सरायकेला निबंधन कार्यालय में संस्था की रजिस्ट्री करायी जा चुकी हैं. मौके पर कमिटी के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे.

    नई कमेटी एक नजर में

    प्रवीण सेवा संस्थान का संरक्षक पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान सिंह को बनाया गया है. इसी तरह से अध्यक्ष अंकुर सिंह को बनाया गया है. उपाध्यक्ष इंद्रजीत पांडेय और सचिव विनायक सिंह को बनाया गया है. इसके अलावा संयुक्त सचिव पंकज प्रसाद,, कोषाध्यक्ष संजय कुमार सिंह और संयुक्त कोषाध्यक्ष रत्नेश प्रियदर्शनी को बनाया गया है. आगे कमेटी का विस्तार भी किया जाएगा.

    अंकुर सिंह

    1973 से हो रही है पूजा

    आदित्यपुर एमआरडब्ल्यू टाईप में 1973 से ही दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है. तब जयराम यूथ स्पोर्टिंग क्लब की ओर से पूजा का आयोजन होता था. पहले छोटे आकार का पूजा होता था, लेकिन अब लोगों के सहयोग से यह पूजा भव्य रूप ले चुका है.

    आजसू की पहल पर कुटाम विद्यालय में की गई दो शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति

    आजसू की पहल पर कुटाम विद्यालय में की गई दो शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति

    सरायकेला/ईचागढ़

    ( मालखान महतो)

    ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित +2 उच्च विद्यालय, कुटाम में शिक्षकों की गंभीर कमी के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही थी। इस जनसमस्या को आजसू पार्टी के ईचागढ़ प्रखंड सचिव तुलसी महतो और युवा नेता संजय मेहता ने प्रमुखता से उठाया। संजय मेहता ने इस मुद्दे को ना केवल पार्टी मंचों पर, बल्कि जिला और राज्य स्तर पर लगातार सक्रियता से उठाया।

    उनके निरंतर प्रयासों, जनदबाव और संगठन के सहयोग से यह मुद्दा शिक्षा विभाग तक पहुँचा।शिक्षा विभाग के माध्यमिक निदेशालय के अधिकारी अमित कुमार ने इस विषय पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए, पत्र संख्या 783 दिनांक 02-07-2025 के तहत दो शिक्षकों की नियुक्ति की। वही जिला शिक्षा पदाधिकारी ने विज्ञान विषय पर बबिता हो और अंग्रेजी विषय पर देवेंद्र मांझी को प्रतिनियुक्ति किया है।

    केन्द्र सरकार कि ओर से सम्मानित किए जाने के बाद अत्री पाण्डेय को प्रबुद्ध जनों ने किया सम्मानित

    केन्द्र सरकार कि ओर से सम्मानित किए जाने के बाद अत्री पाण्डेय को प्रबुद्ध जनों ने किया सम्मानित

    सरायकेला/ईचागढ़

    ( मालखान महतो)

    सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड के सितु मिलन चौक के सीएससी संचालक अत्री कुमार पाण्डेय को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों ने सोमवार को मिलन चौक में सम्मानित किया गया। बुधवार को देश के राजधानी नई दिल्ली में डिजिटल इंडिया के दस वर्ष पूर्ण होने पर भारत सरकार कि ओर से अत्रि पांडे को सम्मानित किया गया था।कार्यक्रम में देश के गृह मंत्री अमित शाह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव,मंत्री जितिन प्रसाद आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे। वही सीएससी संचालक अत्री कुमार पाण्डेय के द्वारा हजारों नागरिकों को बीमा,एनपीएस,ऋण माफी आवेदन,पैन कार्ड,आधार सुधार का लाभ प्रदान किया गया था। उन्होंने बैंक ऑफ़ इंडिया में दो हजार से अधिक नागरिकों के जन धन खाते खुलवाए है। इस दौरान उन्होंने 40 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन देन किया है। उनके इसी कार्य को देखते हुए उन्हें दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था और सम्मानित किया गया। उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए क्षेत्र के लोग ने अत्री कुमार पाण्डेय को फुल माला पहनाकर व साल ओढ़ाकर सम्मानित किया। अत्रि पांडे ने कहा कि लोगों का विश्वास और सहयोग से आज उन्हें सम्मान मिला।

    उन्होंने कहा कि इमानदारी और लगन से कार्य करने पर मंज़िल अपने आप मिल जाता है। मौके पर समाजसेवी व झारखंड आंदोलनकारी राम प्रसाद महतो, पंचानन पातर,डॉ सृष्टिधर महतो, गौरी शंकर वर्मा, नासीम अंसारी, महादेव महतो, विष्णु पद महतो, बुधराम गोप, भुवनेश्वर महतो आदि उपस्थित थे।

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