उत्कलमणि आदर्श पाठागार,सरायकेला के नाटक भवन में उत्कलमणि पंडित गोपबंधु दास की जन्मजयंती मनाई गई, संस्था के सदस्यों ने गोपबंधु दास के तैल्यचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दिया.
उक्त अवसर पर संस्था के पूर्व उपाध्यक्ष सह कार्यकारिणी सदस्य सुदीप पटनायक ने कहा कि 09 अक्टूबर 1877 को ओड़िशा के पूरी जिला अंतर्गत सुआँडो गाँव में जन्मे गोपबंधु दास एक स्वतंत्रता सेनानी थे, वे ओड़िआ समाचार पत्र समाज का संस्थापक थे और उत्कल के विभिन्न अंचलों को संगठित कर पूर्णनांग ओड़िशा बनाने की चेष्टा की,कार्यकारी सचिव जलेश कबी ने कहा कि गोपबंधु दास एक विद्वान कबी थे तथा उनके कबिता से ओड़िआ भाषी एक सूत्र में बंधते थे, उनके कृतियाँ स्मरण कर उनके मार्गदर्शन पर चल एक स्वच्छ समाज का गठन करने के साथ साथ ओड़िआ भाषा संस्कृति की सरंक्षण और संवर्धन कर सकते है, उपस्थित सभी ने उनकी जीवनी पर बारी बारी से प्रकाश डाला तथा सदस्यों ने आने वाले दिन में उनके स्मृति पर संस्था द्वारा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित करने का भी विचार – विमर्श किया गया, इससे पूर्व सभी ने गोपबंधु चौक स्थित उनके आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया.
उक्त अवसर पर भोला महंती, काशीनाथ कर,तरुण भोल,शक्ति कुमार पति,सुभास साहू,चक्रधर महंती, रितेश आचार्य एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
झारखण्ड विधानसभा की सरकारी उपक्रम समिति पहुँची सरायकेला-खरसावाँ
विभागीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की समीक्षा, दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश.
सरायकेला-खरसावाँ
झारखंड विधानसभा की सरकारी उपक्रम समिति की बैठक आज जिला मुख्यालय स्थित परिसदन सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति एवं मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक निरल पुरीती ने की। बैठक में समिति सदस्य जगत मांझी एवं संजीव सरदार, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डी.आर.डी.ए.) डॉ. अजय तिर्की, एवं अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार उपस्थित रहे।
बैठक में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकासात्मक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। समिति अध्यक्ष ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य आम नागरिकों को पारदर्शी, समयबद्ध एवं प्रभावी सेवाएँ प्रदान करना है। इस दिशा में सभी विभागीय पदाधिकारी आपसी तालमेल एवं समन्वय स्थापित करते हुए उत्तरदायित्व का निर्वहन करें।
समीक्षा बैठक के क्रम में समिति अध्यक्ष एवं सदस्य द्वारा विभागवार निम्नलिखित दिशा-निर्देश प्रदान किए गए👇🏻
🔹 वन विभाग – हाथियों के प्रकोप से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक बचाव उपाय सुनिश्चित किए जाएँ। समिति एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री एवं सहायक उपकरणों का वितरण किया जाए। वन संरक्षण की दिशा में जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाए तथा वृक्षारोपण अभियान में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
🔹 खनन विभाग – अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। जिला, अनुमंडल एवं अंचल स्तर के पदाधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर सतत निगरानी रखें। जिले में स्थित बालू स्टॉक यार्डों का नियमित निरीक्षण, मूल्यांकन एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आम नागरिकों को बालू निर्धारित दर पर ही उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
🔹 उत्पाद विभाग – उत्पाद एवं उत्पादक दुकानों पर निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। दुकानों का औचक निरीक्षण कर दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
🔹 नगर निकाय एवं वन प्रखंड – आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में विकासात्मक कार्यों की गति बढ़ाने हेतु वन प्रमंडल एवं नगर निगम के पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। नागरिक सुविधाओं के विस्तार एवं गुणवत्ता सुधार के लिए ठोस पहल की जाए।
🔹 स्वास्थ्य विभाग – प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी पात्र लाभुकों को स्वास्थ्य कार्ड से जोड़ा जाए। निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत एवं राज्य आवधिक स्वास्थ्य योजना के तहत अधिकाधिक मरीजों का उपचार सुनिश्चित किया जाए। सभी प्राथमिक एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा एंबुलेंस सेवाओं को नियमित एवं सुलभ बनाया जाए।
🔹 परिवहन विभाग – ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों के परिचालन से सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की शिकायतों पर औचक निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सरायकेला–चाईबासा–चौका मुख्य मार्ग की मरम्मती सुनिश्चित की जाए। सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के पालन हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ। मुख्य बाजारों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बाहर अवैध वाहन पार्किंग पर रोक लगाई जाए तथा सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
🔹 पशुपालन विभाग – मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों के बीच पशुओं का वितरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सभी पात्र लाभुकों तक लाभ पहुँचाने के लिए ठोस पहल की जाए।
बैठक के दौरान विभिन्न कार्य एजेंसियों द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। समिति अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि सभी लंबित योजनाओं को निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण किया जाए तथा कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले संवेदकों के विरुद्ध नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाए।
बैठक में सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पारदर्शिता, उत्तरदायित्व एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
बैठक में उपरोक्त के अलावा अपर नगर आयुक्त, आदित्यपुर नगर निगम रवि प्रकाश, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, सिविल सर्जन समेत विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं विभिन्न कार्य एजेंसियों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।
थम नहीं रहा क्षेत्र में बकरा चोरी का घटना, ग्रामीणों में आक्रोश
सरायकेला/ईचागढ़
(मालखान महतो)
सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ थाना क्षेत्र में बकरा चोरी का घटना थमने का नाम नहीं ले रहा है। सप्ताह भर पहले रूगड़ी और रांगामाटी के बीच बैंक मित्र से तीन लाख रुपए नगद अज्ञात लुटेरे लुटकर भाग गया, जिसमें पुलिस द्वारा बुधवार को 6 बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। फिर बुधवार को दो गांवों में ताला तोड़कर तीन बकरों का चोरी अज्ञात चोरों द्वारा कर लिया गया।
बिस्टाटांड़ के रघु महतो का घर से एक बड़ा बकरा एवं दयालटांड़ में रवि महतो का दो बकरा ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने ले भागा । बकरों का कीमत करीब 60 हजार बताया जा रहा है।रवि महतो ने बताया कि घर से अलग एक कमरे में 5 बकरा बकरी था, जिसमें दो बड़े बड़े खस्सी को ताला तोड़कर चुराया गया। उन्होंने कहा कि करीब तीन महीने पहले भी बकरा चोर दिन दहाड़े गांव से बकरा चोरी कर कार में डालकर भाग रहा था, जहां ग्रामीणों ने बरदाडीह के पास 5 चोरों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार अगल बगल के गांवों से दिन दहाड़े बकरों को अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर लिया गया था। बार बार बकरा चोरी की घटना से ग्रामीण परेशान और आक्रोशित हैं।
बैंक मित्र से छिनताई मामले में ईचागढ़ पुलिस ने किया उद्भेदन, भेजा जेल
सरायकेला/ईचागढ़
( मालखान महतो)
सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ थाना क्षेत्र के सिल्ली रांगामाटी सड़क पर बासाहातु के पास। बैंक मित्र से तीन लाख रुपए लुट लेने के मामले में 6 बदमाशों को बुधवार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस संबंध में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अरविंद कुमार बिन्हा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मामले का उद्भेदन करते हुए बताया गया कि 29-09-2025 को ईचागढ थाना के बासाहातु के पास बैंक मित्र फाल्गुनी गोप एवं सहयोगी को एक बाइक पर सवार तीन अपराधकर्मियों द्वारा धक्का मारकर व सर में प्रहार कर चौंका बैंक से ला रहे तीन लाख रुपए नगद लुट लिया था।
मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक सरायकेला के निर्देश पर थाना प्रभारी बिक्रम आदित्य पांडे,एस आई विश्वजीत तिवारी, हीरालाल कुमार एवं सशस्त्र बल का टीम गठित कर छापामारी अभियान चलाया गया, जिसमें गुप्त सुचना के आधार पर 6 अप्राथमिकी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अपराध कर्मियों के पास से एक देशी पिस्तौल ,चार जिंदा गोली,8 मोबाइल फोन, एक लेपटाप एवं 11900 रूपए बरामद किया गया। अभियुक्तों का पूर्व में भी अपराधिक इतिहास रहा है एवं विभिन्न थानों में मामला दर्ज है। गिरफ्तार अभियुक्तों में अमित कुमार महतो,28 वर्ष गांव हुंडी , कमलेश महतो 27 वर्ष गांव उलीडीह दोनों थाना ईचागढ़,ज्योतिलाल महतो 26 वर्ष गांव डुंगरीडीह थाना चौका , राजेश नामता ,28 वर्ष गांव घोड़ा नेगी, थाना चांडिल ,संजय दास 30 वर्ष गांव आदारडीह , तथा अभिराम कुम्हार 19 वर्ष गांव बहरीडीह दोनों थाना नीमडीह निवासी शामिल हैं।
बिहार राज्य विधानसभा चुनाव 2025 -आचारसंहिता प्रशासनिक शक्ति और लोकतांत्रिक शुचिता का इम्तिहान
चुनावी परिदृश्य में दुनियाँ देखेगी कि सबसे बड़े लोकतंत्र में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों की प्रक्रिया कैसे सुदृढ़ होती है।
चुनावी आचार संहिता भारतीय लोकतंत्र की वह नैतिक मर्यादा है, जो राजनीतिक दलों,नेताओं और सरकार को सत्ता के दुरुपयोग से रोकती है- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र
महाराष्ट्र/गोंदिया
वैश्विक स्तरपर भारत एक ऐसा देश है, जहां लोकतंत्र सिर्फ एक राजनीतिक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक सामाजिक आस्था है। हर चुनाव इस आस्था की परीक्षा भी होता है और लोकतंत्र की आत्मा की पुनर्पुष्टि भी। वर्ष 2025 के राज्य बिहार विधानसभा चुनाव सहित कुछ राज्यों की विधानसभाओं का उपचुनाव इस दृष्टि से बेहद अहम माने जा रहे हैं। आगामी 6 नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में बिहार में मतदान होने जा रहा है, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। चुनाव आयोग ने तारीखों की घोषणा करते ही आचार संहिता लागू कर दी है, और इसके साथ ही पूरा प्रशासन सक्रिय मोड में आ गया है। इस चुनावी परिदृश्य में भारत न केवल अपने भीतर लोकतांत्रिक शुचिता की परीक्षा दे रहा है, बल्कि यह भी दिखा रहा है कि दुनियाँ के सबसे बड़े लोकतंत्र में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों की प्रक्रिया कैसे सुदृढ़ होती है।साथियों बात अगर हम बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की करें तो,प्रथम चरण में कुल सीट:121 नोटिफिकेशन की तारीख:10 अक्टूबर 2025 नामांकन की आखिरी तारीख: 17अक्टूबर 2025 नामांकन जांच की आखिरी तारीख:18 अक्टूबर 2025 नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख:20 अक्टूबर 2025 मतदान:6 नवंबर 2025 चुनाव रिजल्ट:14 नवंबर 2025 चरण में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 फेज- 2 शेड्यूलकुल सीट:122 नोटिफिकेशन की तारीख:13 अक्टूबर 2025 नामांकन की आखिरी तारीख:20 अक्टूबर 2025 नामांकन जांच की आखिरी तारीख:21 अक्टूबर 2025 नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख:23 अक्टूबर 2025 मतदान:11 नवंबर 2025 चुनाव रिजल्ट:14 नवंबर 2025
साथियों बात अगर हम चुनाव आचार संहिता क़े अर्थ और महत्व की करें तो,चुनावी आचार संहिता भारतीय लोकतंत्र की वह नैतिक मर्यादा है, जो राजनीतिक दलों, नेताओं और सरकार को सत्ता के दुरुपयोग से रोकती है। इसे चुनाव आयोग द्वारा संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत लागू किया जाता है।इसका मूल उद्देश्य है कि सत्तारूढ़ दल चुनावी प्रक्रिया के दौरान सरकारी संसाधनों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग न करे,तथा विपक्षी दलों को समान अवसर मिले। यह संहिता न केवल प्रशासनिक निष्पक्षता सुनिश्चित करती है बल्कि जनविश्वास को भी बनाए रखती है। लोकतंत्र में यह “आचार” ही वह संतुलन है जो“सत्ता” को “सेवा”में परिवर्तित करता है।2025 के विधानसभा चुनावों में यह आचार संहिता पहले से अधिक सख्ती से लागू की गई है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट कहा है कि यदि कोई मंत्री या जनप्रतिनिधि सरकारी गाड़ी, बंगला, हेलीकॉप्टर या कोई भी सरकारी संसाधन चुनाव प्रचार में इस्तेमाल करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।सरकारी वेबसाइटों से नेताओं की तस्वीरें हटाई जा रही हैं, नई योजनाओं की घोषणाओं पर रोक लगा दी गई है और सरकारी धन का किसी भी प्रकार से राजनीतिक प्रचार में उपयोग वर्जित कर दिया गया है। यह व्यवस्था प्रशासनिक निष्पक्षता की दिशा में एक निर्णायक कदम है। साथियों बात अगर हम प्रशासनिक सक्रियता और अनुशासन की परीक्षाकी करें तो,आचार संहिता लागू होते ही राज्य का प्रशासन भी युद्धस्तर पर सक्रिय हो गया है।जिलाधिकारियों से लेकर थानेदार तक को यह हिदायत दी गई है कि किसी भी तरह की राजनीतिक पक्षधरता न दिखे। पुलिस, आयकर विभाग,और निर्वाचन विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं ताकि अवैध धन, शराब, उपहार या अन्य प्रलोभनों के वितरण पर रोक लगाई जा सके। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से भड़काऊ या झूठे प्रचार को नियंत्रित किया जाए। “ये किए तो जाना पड़ेगा जेल”- यह चेतावनी प्रशासन ने खुले रूप में दी है। इसका सीधा अर्थ यह है कि किसी भी प्रकार के आचार संहिता उल्लंघन को अब केवल चेतावनी या जुर्माने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी।यह कठोरता लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा के लिए आवश्यक है। बीते वर्षों में सोशल मीडिया के ज़रिए झूठे प्रचार, वोटरों को प्रभावित करने वाली गलत सूचनाएं और नफरत फैलाने वाले बयानों की बाढ़ देखने को मिली है। ऐसे में प्रशासनिक सख्ती लोकतांत्रिक स्वास्थ्य के लिए एक आवश्यक “टीका” की तरह है। साथियों बात अगर हम सरकारी सुविधाओं पर रोक, सत्ता और चुनाव के बीच की दीवार की करें तो, आचार संहिता के तहत एक प्रमुख निर्णय यह लिया गया है कि मंत्री अब सरकारी सुविधाओं का उपयोग नहीं कर पाएंगे। इसका अर्थ यह है कि चुनाव अवधि में सरकारी गाड़ी,सरकारी आवास,सुरक्षा व्यवस्था,या सरकारी कर्मचारियों की सेवाएं निजी प्रचार में इस्तेमाल नहीं की जा सकतीं। यह प्रावधान सत्ता और चुनाव के बीच एक स्पष्ट दीवार खड़ी करता है।इतिहास साक्षी है कि जब-जब सत्ता में बैठे नेताओं ने सरकारी संसाधनों का उपयोग चुनावी लाभ के लिए किया,तब-तब लोकतंत्र की साख को चोट पहुंची। इसलिए भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में इस प्रकार की रोक लोकतांत्रिक संतुलन बनाए रखने का आवश्यक औजार है।इसके साथ ही सरकार की वेबसाइटों, विज्ञापनों और प्रचार माध्यमों से नेताओं की तस्वीरें हटाई जा रही हैं। नई योजनाओं, नीतियों या घोषणाओं पर भी रोक रहेगी ताकि जनता के बीच कोई भ्रम या अनुचित लाभ का संदेश न जाए। यही आचार संहिता का सार है -कि सरकार जनता की होती है, किसी एक दल की नहीं। सभाओं और जुलूसों पर नियंत्रण स्वतंत्रता और अनुशासन का संगम – लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सर्वोपरि है, परंतु जब यह स्वतंत्रता दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन करने लगे, तो इसे नियंत्रित करना आवश्यक हो जाता है। इसी कारण से चुनाव आयोग ने यह नियम स्पष्ट किया है कि सभा और जुलूस के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।यह व्यवस्था न केवल कानून- व्यवस्था बनाए रखने के लिए है, बल्कि हिंसा, अव्यवस्था और भीड़-प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी आवश्यकअति है। मतदान केंद्रों के आसपास प्रचार पर रोक लगाना भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य मतदाताओं को भय, प्रलोभन या दबाव से मुक्त वातावरण प्रदान करना है ताकि वे स्वतंत्र रूप से मतदान कर सकें। यह केवल चुनावी नियम नहीं बल्कि मतदाता की गरिमा और निजता की सुरक्षा है-जो किसी भी लोकतंत्र का मूल तत्व है। साथियों बात अगर हम लोकतांत्रिक शुचिता का अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण को समझने की करें तो,भारत की आचार संहिता की व्यवस्था को दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों में एक आदर्श के रूप में देखा जाता है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस या जापान जैसे देशों में भी चुनावों के दौरान कुछ सीमित प्रतिबंध लागू किए जाते हैं, परंतु भारत की तरह व्यापक और संगठित आचार संहिता शायद ही कहीं हो।संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और कॉमनवेल्थ ऑब्जर्वर ग्रुप ने कई बार कहा है कि भारत की चुनावी व्यवस्था “विकासशील लोकतंत्रों के लिए मॉडल” है। चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और उसके आदेशों की बाध्यता अंतरराष्ट्रीय मानकों पर भी अत्यंत उच्च मानी जाती है।भारत में एक ही चुनाव में लाखों अधिकारी, सैकड़ों एजेंसियाँ और करोड़ों मतदाता शामिल होते हैं -इस स्तर की पारदर्शिता और संगठन क्षमता किसी भी राष्ट्र के लिए प्रशंसनीय है। यही कारण है कि भारत की चुनावी प्रक्रिया वैश्विक लोकतंत्रों के लिए अध्ययन का विषय बनी रहती है। साथियों बात अगर हम राजनीतिक मर्यादा और भाषण की सीमाओं को समझने की करें तो, 2025 के चुनावों में एक और बड़ा मुद्दा है,भड़काऊ बयानों और नफरत फैलाने वाले भाषणों पर रोक। चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्रचार में धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र के आधार पर विभाजनकारी टिप्पणियाँ न करें।यह दिशा-निर्देश सिर्फ चुनावी शालीनता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए हैं। हाल के वर्षों में सोशल मीडिया ने बयानबाजी को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। एक ट्वीट या वीडियो लाखों लोगों तक तुरंत पहुँच जाता है, जिससे चुनावी माहौल बुरी तरह भड़क सकता है। इसलिए इस बार आयोग ने साइबर मॉनिटरिंग टीमों की संख्या दोगुनी कर दी है। हर जिला स्तर पर एक “सोशल मीडिया ऑब्जर्वर”नियुक्त किया गया है,जो ऑनलाइन प्रचार पर नज़र रखेगा। इस कदम से लोकतांत्रिक संवाद में संयम और मर्यादा सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। साथियों बात अगर हम मतदाता जागरूकता और जिम्मेदारी को समझने की करें तो,लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति मतदाता के हाथ में होती है। प्रशासन और आचार संहिता के सभी नियम तभी प्रभावी हो सकते हैं जब मतदाता भी अपनी जिम्मेदारी समझे। 2025 के चुनावों में “मेरा वोट, मेरा अधिकार” अभियान को फिर से सशक्त रूप में लागू किया गया है। सोशल मीडिया, मोबाइल ऐप, और डिजिटल माध्यमों के जरिए मतदाताओं को मतदान केंद्रों की जानकारी, उम्मीदवारों के विवरण और शिकायत निवारण की सुविधा दी गई है।इसके साथ ही मतदान दर बढ़ाने के लिए कई नवाचार किए जा रहे हैं,जैसे कि दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष वाहन,वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर पर मतदान की सुविधा, और महिलाओं के लिए “पिंक बूथ”। यह सभी प्रयास लोकतंत्र की भागीदारी को और अधिक समावेशी बनाते हैं।आचार संहिता और राजनीति की नई परिभाषा-भारत में चुनाव अब केवल सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया नहीं रह गए हैं, बल्कि यह लोकतांत्रिक परिपक्वता का पैमाना बन गए हैं। आचार संहिता इस प्रक्रिया में नैतिक संतुलन का प्रतीक है। यह राजनेताओं को याद दिलाती है कि सत्ता जनता की सेवा का माध्यम है,न कि निजी अधिकार।2025 का चुनाव इस लिहाज से अलग है कि जनता पहले से अधिक जागरूक है, मीडिया की पहुँच अधिक गहरी है, और चुनाव आयोग की तकनीकी क्षमताएँ भी कई गुना बढ़ी हैं। अब चुनाव का हर चरण नामांकन से लेकर मतगणना तक,डिजिटली मॉनिटर किया जा रहा है।इस पारदर्शिता ने न केवल चुनावों की विश्वसनीयता बढ़ाई है बल्कि भ्रष्टाचार और अनैतिक आचरण की संभावनाएँ भी घटाई हैं। अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि,बिहार राज्य विधानसभा चुनाव 2025-आचार संहिता, प्रशासनिक शक्ति और लोकतांत्रिक शुचिता का इम्तिहान”चुनावी आचार संहिता भारतीय लोकतंत्र की वह नैतिक मर्यादा है,जो राजनीतिक दलों,नेताओं और सरकार को सत्ता के दुरुपयोग से रोकती है
संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए(एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार तथा अधीक्षक, उत्पाद सौरभ तिवारी के पर्यवेक्षण में आज दिनांक 07 अक्टूबर, 2025 को उत्पाद विभाग की टीम द्वारा आर.आई.टी. थाना क्षेत्र के भुआ जंगल स्थित नदी किनारे एवं पार्वतीपुर नदी तटवर्ती क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण और भंडारण की सूचना के आधार पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान 90.00 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद कर विधिवत्त रूप से जब्त किया गया तथा 500.00 किलोग्राम जावा महुआ को मौके पर ही नष्ट किया गया। अड्डा संचालक मौके से फरार रहे; उनके विरुद्ध उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर अग्रतर कार्यवाही व गिरफ्तारियों हेतु तलाषी जारी है।
अधीक्षक, उत्पाद सौरभ तिवारी ने बताया कि जिले में अवैध शराब निर्माण, भंडारण एवं बिक्री की गतिविधियों पर सघन निगरानी एवं आकस्मिक छापेमारी जारी रहेगी। जिला प्रशासन इन कुकृत्यों के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता की नीति पर दृढ़ है और दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध शराब निर्माण या बिक्री की किसी भी सूचना को तत्काल अपने नजदीकी थाना अथवा जिला नियंत्रण कक्ष को प्रदान करें, जिससे त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
साप्ताहिक जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लोगों से क्रमवार मिले उपायुक्त, प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध एवं पारदर्शी निष्पादन के दिए गए निर्देश
सरायकेला
( सोनू कुमार सिंह )
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया।
जनता दरबार में जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से आए फरियादियों से उपायुक्त ने क्रमवार भेंट कर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों से अवगत हुए। प्राप्त आवेदनों के त्वरित एवं पारदर्शी निष्पादन हेतु संबंधित पदाधिकारियों को अग्रिम कार्रवाई के लिए अभिसूचित किया गया।
जनता दरबार में मुख्यतः निम्न समस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए
🔹 नगर निगम, आदित्यपुर के वार्ड संख्या-14 में पिछले 20 दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित रहने, डोर टू डोर कचरा उठाव वाहन का नियमित भ्रमण कराने 🔹 नगर निगम, आदित्यपुर के वार्ड संख्या-13, सालडीह बस्ती में की महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना का लाभ ना मिलने
🔹 नगर निगम, आदित्यपुर के वार्ड संख्या-14 में पिछले 20 दिनों से पेयजल आपूर्ति बाधित रहने, डोर टू डोर कचरा उठाव वाहन का नियमित भ्रमण कराने
🔹 नगर निगम, आदित्यपुर के वार्ड संख्या-13, सालडीह बस्ती में की महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना का लाभ ना मिलने
🔹 आंगनबाड़ी केंद्र, हेसा पंडारा पंचायत में खराब चापाकल की मरम्मति कराने
🔹 कुकुडू प्रखंड के बेरासीसीरूम पंचायत गाँव सिरूम के महिलाओ लाभुक के नाम से अबुआ आवास योजना स्वीकृति के पाश्चात्य लिस्ट से नाम डिलीट होने..
उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को सभी प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि पेयजल आपूर्ति, कचरा प्रबंधन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं आवास योजना से जुड़ी शिकायतों का समाधान शीघ्रता से किया जाए ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।
उपायुक्त ने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी समाधान करना है। जिला प्रशासन जनता की शिकायतों के निराकरण हेतु पूर्णतः संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।
जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा कांड्रा में ऑटो एवं दोपहिया वाहनों की जांच — चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक, नियम उल्लंघन पर की गई कार्रवाई
सरायकेला/कांड्रा
(सोनू कुमार सिंह)
जिला परिवहन पदाधिकारी गिरजा शंकर महतो के नेतृत्व में कांड्रा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत ऑटो चालकों एवं दोपहिया वाहन चालकों के वाहनों की जांच की गई।
अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम द्वारा चालकों के वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, फिटनेस प्रमाणपत्र एवं प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की विधिवत जांच की गई।
निरीक्षण के क्रम में कई ऑटो चालकों द्वारा निर्धारित सीट क्षमता से अधिक यात्री बैठाने (ओवरलोडिंग) की पुष्टि होने पर उन पर जुर्माना (फाइन) किया गया तथा भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही न दोहराने की कड़ी चेतावनी दी गई।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी चालकों से अपील की कि वे वाहन परिचालन के समय सुरक्षा मानकों एवं यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें।
गिरजा शंकर महतो ने चालकों को निम्न दिशा-निर्देश दिए
▪️ सभी वाहन चालक वैध दस्तावेज़ों (आर.सी., बीमा, फिटनेस, पी.यू.सी. प्रमाणपत्र एवं ड्राइविंग लाइसेंस) को हमेशा साथ रखें। ▪️ दोपहिया वाहन चालक एवं सवार दोनों हेलमेट का उपयोग करें, तथा चारपहिया वाहन चालकों द्वारा सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए। ▪️ ऑटो एवं वाणिज्यिक वाहनों में निर्धारित सीट क्षमता से अधिक यात्री न बैठाएँ तथा किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न करें। ▪️ स्कूल वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करें और ओवरलोडिंग से बचें। 5️⃣ यातायात संकेतों एवं सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।
उन्होंने यह भी बताया कि अवैध रूप से परिचालित वाहनों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि वे सड़क पर वाहन चलाते समय सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करें, निर्धारित गति सीमा में चलें एवं स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानून नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक उत्तरदायित्व है।
महालिमोरूप में लक्ष्मी पूजा के अवसर पर हुई संगीत संध्या, झूमे लोग
सरायकेला
(पारस कुमार होता)
प्रखण्ड सरायकेला अन्तर्गत महालिमोरूप गाँव के श्री श्री सार्वजनिक लक्ष्मी पूजा कमिटी की ओर से सोमवार को बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मां लक्ष्मी पूजा का आयोजन धूमधाम से किया गया. सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचने लगे और पूरे वातावरण में मां लक्ष्मी के जयकारे एवं मंत्रोच्चार की गूंज सुनाई देने लगी. कमिटी के सदस्यों ने विधि-विधान के साथ मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की का मना की।
पूजा के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक परिधान धारण कर भक्ति भाव से पूजा में भाग लिया. कई श्रद्धालुओं ने परिवार सहित मां लक्ष्मी के समक्ष दीप जलाकर आशीर्वाद प्राप्त किया. इस अवसर पर भक्तों के बीच भोग एवं प्रसाद का वितरण किया गया. मंदिर परिसर को फूलों, झालरों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक आभा छा गई थी.
वहीं पूजा आयोजन कमिटी द्वारा शाम को संगीत संध्या कार्यक्रम रखा गया था। इसका लुफ्त उठाने के लिए महालिमोरूप व आस पास गाँव के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। जमशेदपुर के कलाकारों ने ऐसी मधुर नृत्य गीत संगीत की प्रस्तुति दी जिसे देखकर व सुनकर श्रोता मंत्र मुग्ध हो गए। यही नहीं बल्कि लोगों को झूमते हुए भी देखा गया।
मौके पर महालिमोरूप के ग्राम प्रधान श्यामसिंह मुंडरी, वार्ड सदस्य दुर्गा मुंडरी, शैलेंद्र हेम्ब्रम, शंभु महली, अनिरुद्ध प्रमाणिक, हेमसागर प्रधान साहिल मुंडरी, कृष्णा मुंडरी समेत पूजा कमेटी सदस्य व अन्य लोग उपस्थित थे।
प्रतिमा विसर्जन के साथ पांच दिवसीय मनसा पूजा का हुआ समापन
सरायकेला
(पारस कुमार होता)
प्रखंड सरायकेला के जगन्नाथपुर गावं में पांच दिवसीय माता मनसा पूजा का प्रतिमा विसर्जन के साथ समापन हो गया. इससे पूर्व माता मनसा की विधिपूर्वक पूजा अर्चना कर मंदिर परिसर से भव्य शोभा यात्रा निकाली गयी जो पूरे गावं का भ्रमण कर जलाशय तक पहुंची जहां माता का प्रतिमा का विधिवत विसर्जन किया गया. इस दौरान आसछे बोछोर आबार एशो मां… व माता मनसा के जयकारे से पूरा क्षेत्र गूंज उठा.
साथ ही कई भक्त माता की भक्ति में झूमते हुए माता के जयकारे लगाए. जानकारी हो वर्ष 1954 से जगन्नाथपुर में भव्य रुप से माता मनसा देवी की पूजा अर्चना हो रही है. यहां माता मनसा की ख्याति आसपास व दूरदराज क्षेत्र में विख्यात है जिसे लेकर विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु प्रतिवर्ष पूजा अर्चना को पहुंचते हैं. यहां प्रतिवर्ष एकादशी से 5 दिनों तक भव्य रुप से माता मनसा की पूजा अर्चना की जाती है. मान्यता है कि यहां भक्त श्रद्धालुओं द्वारा माता की सच्चे मन से पूजा अर्चना कर मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है. इस वर्ष दो अक्तूबर को घटबारी कार्यक्रम के साथ माता का आह्वान करते हुए पूजा शुरु हुई थी.
दूसरे दिन तीन अक्टूबर को विधिपूर्वक माता की पूजा अर्चना करते हुए मन्नत अनुसार बलि पूजन किया गया जिसमे सैकड़ो भक्त श्रद्धालुओं ने माता मनसा का भक्ति भाव से पूजा की. सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत ओड़िशा के प्रसिद्ध नाट्य मंडली पंचशखा गणनाट्य द्वारा ओड़िया नाटक का रंगारंग मंचन किया गया. जिसमे कलाकारों ने मो कहाणी रे तोहरी ना एवं तो बिना मो सपनो ओधा नामक ओड़िया सामाजिक नाटक प्रस्तुत किया. कलाकारों ने समाज की वर्तमान स्थिति व आधुनिकता पर आधारित भावपूर्ण नाटक का मंचन कर दर्शकों को खूब हंसाया व रुलाया. कलाकारों ने नाटक के माध्यम से जीवंत प्रदर्शन कर दर्शकों को अंत तक बांधे रखा.
पूजा कार्यक्रम के सफल आयोजन में पूजा समिति के जहरलाल प्रधान,राजेन्द्र प्रधान,सत्यवान प्रधान,रघुनाथ प्रधान,विष्णु प्रधान,मुकेश प्रधान,ओमप्रकाश प्रधान,उमाकांत प्रधान,शेखर प्रधान,राजीव प्रधान,पंचम प्रधान,शत्रुघ्न प्रधान,तरुण प्रधान,राहुल प्रधान समेत समस्त ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा.
केके ब्रदर्स सोनाहातू ने जय गुरु लिपाईपाठ को 2-0 से हरा कर खिताब पर जमाया कब्जा
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, आजसू प्रमुख सुदेश महतो और रामचंद्र सहिस रहे मुख्य अतिथि
सरायकेला/ईचागढ़
सामाजिक संस्था जन सेवा ही लक्ष्य की ओर से चांडिल प्रखंड के धातकीडीह फुटबॉल मैदान में आयोजित दो दिवसीय एचएलएम ट्रॉफी फुटबॉल प्रतियोगिता (सीजन-04) का भव्य समापन समारोह मंगलवार को संपन्न हुआ। समापन अवसर पर केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ, पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू प्रमुख सुदेश महतो, तथा पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस सहित अनेक जनप्रतिनिधि और समाजसेवी उपस्थित रहे।
इस मौके पर केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने समाजसेवी हरे लाल महतो की प्रशंसा करते हुए उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में इतने भव्य स्तर पर फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन करना अपने आप में प्रेरणादायक है। आमतौर पर लोग अपना जन्मदिन केक काटकर या मनोरंजन में बिताते हैं, लेकिन हरे लाल महतो ने इसे समाजसेवा और खेल भावना को समर्पित किया है। वही पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने कहा कि हरे लाल बाबू ने स्वयं को सच्चे समाजसेवक के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने अपना जन्मदिन जनता को समर्पित कर दिया है। स्थानीय खिलाड़ियों को इतना बड़ा मंच प्रदान करना और जरूरतमंदों की सेवा करना, यह तभी संभव है जब किसी के मन में सच्ची समाजसेवा की भावना हो।
इस मौके पर पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष देवाशीष राय, अशोक साव, आजसू नेता संजय मेहता, दीपक महतो, सुनील सिंह, भाजपा नेता पप्पू वर्मा, भाजपा जिला महामंत्री मधुसूदन गोराई, कुलवंत सिंह बंटी, सत्यनारायण महतो, दुर्गा महतो, सुदर्शन महतो, बॉबी जालान, महेश कुंडू, मनोज महतो, विशाल चौधरी आदि मौजूद थे।
केके ब्रदर्स, सोनाहातू ने जीता HLM ट्रॉफी का खिताब
फाइनल मुकाबला केके ब्रदर्स, सोनाहातू और जय गुरु लिपाईपाठ, बोड़ाम के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में केके ब्रदर्स ने 2-0 से विजय प्राप्त कर एचएलएम ट्रॉफी सीजन-04 का खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम केके ब्रदर्स, सोनाहातू को पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस और समाजसेवी हरे लाल महतो ने संयुक्त रूप से ₹2 लाख नकद पुरस्कार और ट्रॉफी प्रदान की। वहीं उपविजेता टीम जय गुरु लिपाईपाठ, बोड़ाम को ₹1.5 लाख नकद राशि और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त भूषण एसएम लक्की एफसी और डिजिटल सेवा को क्रमशः तीसरा और चौथा स्थान प्राप्त हुआ। दोनों टीमों को ₹1-1 लाख नकद राशि और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। कैफ खान को मैन ऑफ द मैच तथा पागलू मुर्मू को मैन ऑफ द सीरीज घोषित किया गया।
रक्तदान शिविर में 152 यूनिट रक्त संग्रह
प्रतियोगिता स्थल पर ही जन सेवा ही लक्ष्य की ओर से ब्रम्हानंद ब्लड बैंक के सहयोग से एक दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इस दौरान कुल 152 यूनिट रक्त संग्रह किया गया।
झारखंड क्राईम रिपोर्टर ( अखबार ) के संवाददाता अरविंद सिंह पर जानलेवा हमला।
जमशेदपुर/सीतारामडेरा
जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना अंतर्गत योजनाबद्ध तरीके से किया गया झारखंड क्राईम रिपोर्टर अखबार के संवाददाता अरविंद सिंह पर जानलेवा हमला।
झारखंड क्राईम रिपोर्टर अखबार के संवाददाता सोनारी निवासी अरविंद सिंह पर योजनाबद्ध तरीके से किए गए जानलेवा हमले में बाल बाल बच्चे संवाददाता अरविंद सिंह।
आपको बताते चलें कि सीतारामडेरा थाना के पास ही करीब 100 मीटर की दूरी पर फोनो द्वारा अरविंद सिंह को बुलाकर जानलेवा हमला किया गया। अज्ञात लोगों ने घटना की जानकारी जब थाना को दी कि कुछ लोगों द्वारा किसी सज्जन व्यक्ति को जान से करने का प्रयास किया जा रहा है तो तुरंत कार्रवाई करते हुए थाने की पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर संवाददाता अरविंद सिंह की जान बचाई।
मौके पर पुलिस को पहुंचा देख अज्ञात हमलावरों ने घटनास्थल से भागने में सफलता प्राप्त की एवं दो लोगों की घटना स्थल से गिरफ्तारी हुई है घटना बीती रात शाम 7:00 बजे की है अरविंद सिंह अपने भांजे ( बहन का लड़का) से मिलने उनके निवास स्थान पर जा रहे थे तभी कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर जानलेवा हमला किया और उनके गले में पड़े सोने की चैन एवं पेंट में रखें पर्स एवं नगदी करीब ₹3000 भी लेकर फरार हो गए। आपको बताते चले की वरिष्ठ पत्रकार अरविंद सिंह झारखंड क्राईम रिपोर्टर हिंदी दैनिक अखबार में पिछले 10 वर्षों से लगातार कार्यरत है एवं अपनी कार्य निष्ठा का परिचय देते हुए हर समय समाज एवं कानून का सम्मान करते हुए अपना योगदान दिए हैं। अब सवाल यह उठता है कि अपराधियों का खुलेआम घूमना एवं इस तरह की घटनाओं को अंजाम देना क्या यह उचित है ? जहां पत्रकार ही सुरक्षित नहीं है वहां आम जनता अपने आप को कैसे सुरक्षित महसूस करेगी। वहीं पत्रकार अरविंद सिंह ने थाने में सनाह भी दर्ज कराई है एवं अपने और अपने परिवार की जान माल की सुरक्षा की गुहार प्रशासन से लगाई है। आपको बताते चले कि इस तरह की घटना आए दिन जमशेदपुर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है लोगों का विश्वास कानून पर से उठता नजर आ रहा है। अगर यही आलम रहा तो वह दिन दूर नहीं की जनता अपनी जान माल की सुरक्षा को लेकर सड़कों पर नजर आएगी। वहीं विश्व हिंदू रक्षा परिषद के प्रदेश प्रभारी भरत सिंह ने इस घटना की घोर निंदा करते हुए प्रशासन से सख्त से सख्त कार्रवाई करने का आग्रह भी किया है साथ ही घटना के शिकार अरविंद सिंह एवं उनके परिवार जनों की सुरक्षा की भी मांग की है।