पीआईबी रांची द्वारा ‘वार्तालाप’ मीडिया कार्यशाला का भव्य आयोजन, पत्रकारों को किया गया सम्मानित।

पीआईबी रांची द्वारा ‘वार्तालाप’ मीडिया कार्यशाला का भव्य आयोजन, पत्रकारों को किया गया सम्मानित।

सरायकेला/आदित्यपुर

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (PIB), रांची द्वारा होटल द क्रूज, आदित्यपुर में ‘वार्तालाप’ मीडिया कार्यशाला-2026 का सफल आयोजन किया गया।

कार्यशाला का मुख्य विषय पोषण माह, स्वच्छता ही सेवा और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 रहा।

कार्यक्रम में PIB रांची के अधिकारियों के साथ-साथ सरायकेला-खरसावां जिले के वरिष्ठ पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं में मीडिया की भूमिका और अफवाहों से बचाव पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी पत्रकारों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र और PIB का विशेष स्मृति फोल्डर (वार्तालाप-2026) प्रदान किया गया। सामूहिक फोटो सत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

PIB के अधिकारियों ने सभी पत्रकारों का आभार व्यक्त किया।

कवरेज — भरत सिंह, आदित्यपुर

गोलमुरी बैंक डकैती का असर: सरायकेला-खरसावां में पुलिस अलर्ट, एसपी ने बैंक शाखाओं का किया सेफ्टी ऑडिट।

गोलमुरी बैंक डकैती का असर: सरायकेला-खरसावां में पुलिस अलर्ट, एसपी ने बैंक शाखाओं का किया सेफ्टी ऑडिट।

सरायकेला/आदित्यपुर

जमशेदपुर के गोलमुरी इलाके में दिन के उजाले में हुई बैंक डकैती की घटना ने पड़ोसी जिला सरायकेला-खरसावां की पुलिस को भी चौकन्ना कर दिया है। सीमावर्ती औद्योगिक एवं शहरी क्षेत्रों में किसी भी संभावित वारदात को रोकने के लिए जिला पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है।

इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी ने टीम के साथ आदित्यपुर और आरआईटी थाना क्षेत्रों में स्थित कई बैंक शाखाओं का आकस्मिक दौरा कर सुरक्षा इंतजामों की गहन समीक्षा की।

जांच के दौरान एसपी ने बैंक परिसरों की पूरी सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से पड़ताल की। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की पहुंच, बैकअप व्यवस्था और आपातकालीन अलार्म सिस्टम के क्रियाशील होने की स्थिति देखी। साथ ही विभिन्न शाखाओं में तैनात प्राइवेट सुरक्षा गार्डों के हथियार लाइसेंस और असलहों की हालत की भी जांच की।

मीडिया से चर्चा में एसपी मनोज स्वर्गीयारी ने कहा, “एसडीपीओ और संबंधित थाना प्रभारियों के साथ मिलकर आदित्यपुर क्षेत्र के बैंकों का सुरक्षा ऑडिट किया गया है। बैंक अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों और गश्ती दल को जरूरी सुरक्षा दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और आम नागरिक सुरक्षित रहें। यह नियमित निरीक्षण का हिस्सा था, लेकिन ताजा घटना को देखते हुए अतिरिक्त एहतियात बरता जा रहा है। आरबीआई और पुलिस विभाग के जारी सभी सुरक्षा नियमों का पूर्ण पालन अनिवार्य किया गया है।”

एसपी ने शाखा प्रबंधकों को संदिग्ध गतिविधियों और व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखने और किसी भी आशंका की स्थिति में तुरंत स्थानीय थाने को सूचना देने के निर्देश दिए। इसके अलावा पुलिस पीसीआर और पेट्रोलिंग वाहनों को बैंकों के आसपास लगातार गश्त करने को कहा गया है।

इस औचक निरीक्षण अभियान में एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज, आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार और आरआईटी थाना प्रभारी रविकांत पाराशर प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

प्रोजेक्ट डिवाइस के तहत सरायकेला पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुम व चोरी के 103 मोबाइल फोन असली मालिकों को सौंपे।

प्रोजेक्ट डिवाइस के तहत सरायकेला पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुम व चोरी के 103 मोबाइल फोन असली मालिकों को सौंपे।

सरायकेला/आदित्यपुर

सरायकेला-खरसावां पुलिस ने चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिला पुलिस की तकनीकी टीम के सहयोग से विभिन्न थानों से ट्रैक किए गए 103 मोबाइल फोन आरआईटी थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके वास्तविक धारकों को सुपुर्द किए गए। खोए हुए फोन महीनों बाद पाकर लाभार्थियों के चेहरे पर संतोष और प्रसन्नता साफ देखी गई।

इस वितरण समारोह में जिले के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी, सरायकेला के अनुमंडल पदाधिकारी अनुभव भारद्वाज, आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार और आरआईटी थाना प्रभारी रविकांत पाराशर प्रमुख रूप से मौजूद थे।

मीडिया से बातचीत के दौरान एसपी स्वर्गियारी ने बताया कि सितंबर माह में तकनीकी शाखा और स्थानीय थानों के संयुक्त प्रयासों से कुल 103 मोबाइल फोन ढूंढकर बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में भी इस तरह की कार्रवाई कर फोन मालिकों को लौटाए गए थे, लेकिन इस बार बरामदगी का आंकड़ा अब तक का सबसे अधिक है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यह अभियान आगे भी पूर्ण सक्रियता के साथ चलाया जाएगा।

एसपी ने कहा कि चोरी या गुम हुए फोन का साइबर ठगी समेत संगठित अपराधों में दुरुपयोग होने का गंभीर खतरा रहता है। ऐसे में फोन की शीघ्र बरामदगी से साइबर अपराधों पर प्रभावी लगाम लगाने में मदद मिलती है।

कार्यक्रम में अधिकारियों ने आम लोगों से आग्रह किया कि मोबाइल के खोने या चोरी होने पर तुरंत भारत सरकार के CEIR पोर्टल या संचार साथी ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कराएं, जिससे फोन को तुरंत ब्लॉक व ट्रैक किया जा सके।

साप्ताहिक जनता दरबार में उपायुक्त ने सुनी आम नागरिकों की समस्याएं, संबंधित पदाधिकारियों को जांचोपरांत नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश।

साप्ताहिक जनता दरबार में उपायुक्त ने सुनी आम नागरिकों की समस्याएं, संबंधित पदाधिकारियों को जांचोपरांत नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश।

सरायकेला-खरसावां

समाहरणालय परिसर स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को कार्यालय दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाता है, जिसमें आम नागरिकों एवं फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को सीधे सुना जाता है तथा उनके निराकरण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाती है। इसी क्रम में आज आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आम नागरिकों एवं फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को सुना।

जनता दरबार में छोटा गम्हरिया स्थित शराब दुकान के आसपास असामाजिक तत्वों द्वारा सड़क पर शराब का सेवन करने, छोटा गम्हरिया स्थित केरला पब्लिक स्कूल के समीप मुख्य सड़क पर नाली के पानी के अत्यधिक बहाव, गम्हरिया अंचल अंतर्गत मौजा आदित्यपुर, आशियाना मोड़ के समीप अतिक्रमित भूमि एवं दुकान पर नियमानुसार करवाई करने, आदित्यपुर रेलवे टनल के नॉर्थ साइड में नई रेलवे लाइन निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर मिट्टी फैलने से उत्पन्न फिसलन तथा आदित्यपुर-कांड्रा सड़क के प्रथम किलोमीटर में पान दुकान चौक के समीप सड़क निर्माण के समय से बने कट एवं उससे संबंधित यातायात व्यवस्था सहित अन्य मामलों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।

प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों पर उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। संबंधित पदाधिकारियों को आवेदन हस्तांतरित करते हुए तथा आवश्यकतानुसार दूरभाष के माध्यम से मामलों से अवगत कराते हुए, संबंधित स्थलों एवं मामलों की जांच कर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, की गई कार्रवाई से संबंधित आवेदकों को अवगत कराने हेतु भी निर्देशित किया गया।

स्वदेशी जागरण मंच के द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती मनाई गई।

स्वदेशी जागरण मंच के द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती मनाई गई।

सरायकेला-खरसावां

स्वदेशी जागरण मंच के द्वारा प्रत्येक वर्ष स्वदेशी सप्ताह 25 सितम्बर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जयंती से लेकर 2 अक्टूबर गांधी जयंती तक मनाई जाती है। जिसमें स्वदेशी के विषय में जन जागरण अभियान चलाया जाता है। इस क्रम में छोटा गम्हरिया में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती मनाई गई।

इसकी अध्यक्षता स्वदेशी जागरण मंच के सरायकेला खरसावां जिला के संयोजक अजीत कुमार सिंह ने की।कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि देकर किया गया।

कार्यक्रम में पर्यावरण प्रमुख रश्मि साहू संबोधित करते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी एकात्म मानववाद के प्रणेता थे। उनके संकल्प ने समाज में सबसे आखिरी व्यक्ति के उत्थान और उनके विकास को बढ़ावा देने का काम किया। आत्मनिर्भर भारत के लिए पारंपरिक हुनर से स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। घरेलू उपयोग के लिए अपने मोहल्ले,शहर,राज्य फिर देशवासियों द्वारा निर्मित वस्तुओं का ही खरीद बिक्री करें।

इस मौके पर कोष प्रमुख प्रमोद अग्रवाल,पत्रिका प्रमुख हरिशंकर शाह,नंद किशोर चौधरी, प्रकाश कुंवर, विकास रॉय,प्रमोद पांडेय,राजन साह,आशुतोष पांडेय, आदर्श दुबे, पवन यादव, रोहित दुबे, अभिजीत नंदी,शुभम गोप,सुब्रत मंडल, राकेश मंडल, आशीष मंडल, विशाल प्रमाणिक समेत सम्मानित कई कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।

BREAKING NEWS: आशियाना मोड़ आदित्यपुर में 25 गरीब दुकानदारों पर बुलडोजर का खतरा, त्योहार से पहले 150 लोगों की रोजी-रोटी पर संकट, हाई कोर्ट में गुहार के बाद भी नोटिस।

BREAKING NEWS: आशियाना मोड़ आदित्यपुर में 25 गरीब दुकानदारों पर बुलडोजर का खतरा, त्योहार से पहले 150 लोगों की रोजी-रोटी पर संकट, हाई कोर्ट में गुहार के बाद भी नोटिस।

सरायकेला/आदित्यपुर

सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया अंचल अंतर्गत आशियाना मोड़, आदित्यपुर में पिछले 20-25 वर्षों से अपनी छोटी-छोटी दुकानों से परिवार चला रहे 25 गरीब दुकानदारों को नगर निगम / प्राधिकरण के C.O. द्वारा कल दिनांक 26.09.2026 को सुबह 7 बजे दुकान तोड़ने का नोटिस दिया गया है।

पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि वे झारखंड सरकार की बिहार नाबाद जमीन पर चाय, पान, नाश्ता, फल-सब्जी, जनरल स्टोर चलाकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। उनके पास बिजली बिल, होल्डिंग टैक्स, आधार, वोटर कार्ड जैसे 20 साल पुराने प्रमाण मौजूद हैं।

मामला रांची हाई कोर्ट में लंबित- दुकानदारों ने अपनी रोजी-रोटी बचाने के लिए झारखंड हाई कोर्ट, रांची में याचिका दायर की है, जो अभी विचाराधीन है। इसके बावजूद बिना कोर्ट के अंतिम आदेश के और बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के तोड़ने की तैयारी की जा रही है, जो Street Vendors Act 2014 और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सीधा उल्लंघन है।

आरोप – बिल्डर को लाभ पहुंचाने की साजिश- स्थानीय लोगों का आरोप है कि उक्त कीमती जमीन को किसी निजी बिल्डर को देने के लिए आनन-फानन में गरीबों को उजाड़ा जा रहा है।

जनहित में मांग-
1.  जब तक हाई कोर्ट का फैसला नहीं आता, तब तक तोड़ने की कार्रवाई पर तुरंत रोक लगे।
2.  “पहले बसाओ फिर उजाड़ो” की नीति के तहत 25 परिवारों को वैकल्पिक स्थान / वेंडिंग जोन दिया जाए।
3.  त्योहार (दुर्गा पूजा, दिवाली, छठ) के समय मानवीय आधार पर राहत दी जाए।
4.  उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां मामले का संज्ञान लेकर समय प्रदान करें।

दुकानदारों ने उपायुक्त और अंचल अधिकारी, गम्हरिया को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।

निवेदक-
समस्त 25 पीड़ित दुकानदार, आशियाना मोड़, आदित्यपुर
संपर्क – भरत सिंह, विश्व हिंदू रक्षा परिषद, राष्ट्रीय सह प्रभारी ( संपूर्ण भारत  )

मारुति सुजुकी विक्टोरिस में वाइपर और ब्रेक पैडल में शिकायत – ग्राहक परेशान, बारिश में हादसे की आशंका।

मारुति सुजुकी विक्टोरिस में वाइपर और ब्रेक पैडल में शिकायत – ग्राहक परेशान, बारिश में हादसे की आशंका।

सरायकेला आदित्यपुर

मारुति सुजुकी की नई लॉन्च हुई विक्टोरिस गाड़ी को लेकर ग्राहकों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं।

ग्राहकों का आरोप है कि:
1. वाइपर स्प्रे फेल- वाइपर का पानी सही से फ्रंट ग्लास पर नहीं आ पाता है, जिससे वाइपर सही से नहीं चल पाता और फ्रंट ग्लास की सफाई नहीं हो पाती। बारिश के मौसम में विजिबिलिटी जीरो हो जाती है।

2. ब्रेक पैडल में खटखट आवाज – ब्रेक दबाने पर पैडल से खटखट/कटकट की आवाज आती है। पैडल ढीला महसूस होता है, जिससे ब्रेकिंग में भरोसा कम हो रहा है।

जनहित में खतरा- नई गाड़ी लेने वाले ग्राहक रास्ते में बारिश के दौरान काफी परेशान हो रहे हैं। ग्लास साफ न होने और ब्रेक में आवाज के कारण *एक्सीडेंट की संभावना* बढ़ गई है।

जनता की मांग-
– मारुति सुजुकी कंपनी तुरंत इस तकनीकी खामी की जाँच करे।
– सभी विक्टोरियस गाड़ियों का सर्विस कैंप लगाकर वाइपर नोजल और ब्रेक पैडल असेंबली की फ्री जाँच और सुधार करे।
– ग्राहकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

> अगर किसी ग्राहक को यह समस्या आ रही है तो वह मारुति हेल्पलाइन और कंज्यूमर हेल्पलाइन 1915 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

जनहित में जारी-
भरत सिंह, राष्ट्रीय सह प्रभारी (संपूर्ण भारत)

आदित्यपुर थाना अंतर्गत मेन रोड की सर्विस रोड पर शराब दुकानों के आसपास शराबियों का जमावड़ा, राहगीर, बच्चे और बुजुर्ग परेशान।

आदित्यपुर थाना अंतर्गत मेन रोड की सर्विस रोड पर शराब दुकानों के आसपास शराबियों का जमावड़ा, राहगीर, बच्चे और बुजुर्ग परेशान।

थाना प्रभारी के कान में जूं तक नहीं रेंग रही – स्थानीय लोगों का आरोप

सरायकेला/आदित्यपुर

आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मेन रोड की सर्विस रोड पर स्थित शराब दुकानों के आसपास शाम होते ही शराबियों का जमावड़ा लग जाता है। खुलेआम सड़क पर शराब पीना, गाली-गलौज और हंगामा आम बात हो गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वजह से स्कूल से आने-जाने वाले छोटे-छोटे बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। कई बार छेड़खानी और मारपीट की नौबत भी आ जाती है।

पुलिस अधीक्षक, सरायकेला-खरसावां

आश्चर्य की बात है कि इसकी शिकायत कई बार आदित्यपुर थाना प्रभारी से की गई, लेकिन उनके कान में जूं तक नहीं रेंग रही, ऐसा जनता का आरोप है। पुलिस की गश्ती भी नदारद रहती है।

आदित्यपुर थाना प्रभारी

जनता की मांग-
1. सर्विस रोड पर स्थित शराब दुकानों के 100 मीटर के दायरे में शराबियों के जमावड़े पर रोक लगे।
2. शाम 6 बजे के बाद नियमित पुलिस गश्ती बढ़ाई जाए।
3. SP सरायकेला-खरसावां मामले का संज्ञान लेकर संबंधित दुकानों पर कार्रवाई करें।
4. राहगीरों, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

•जनहित में जारी –
•भारत सिंह
•राष्ट्रीय सह प्रभारी (संपूर्ण भारत)
•विश्व हिंदू रक्षा परिषद

सालड़ीह में करमा पर्व की धूम: मांदर की थाप पर थिरके झामुमो नेता गणेश महाली।

सालड़ीह में करमा पर्व की धूम: मांदर की थाप पर थिरके झामुमो नेता गणेश महाली।

सरायकेला/आदित्यपुर

सरायकेला प्रखंड के सालड़ीह गांव में मंगलवार को करमा पर्व बड़े हर्षोल्लास और पारंपरिक धूमधाम के साथ मनाया गया। यह झामुमो केंद्रीय सदस्य और सरायकेला विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी गणेश महाली का पैतृक गांव है। प्रकृति उपासना और भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक इस पर्व में महाली परिवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

गणेश महाली और उनकी पत्नी, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष शकुंतला महाली ने विधि-विधान से करम डाल की पूजा की और क्षेत्र की समृद्धि व खुशहाली की प्रार्थना की। पूजा के बाद मांदर की थाप और पारंपरिक करम गीतों पर महाली ग्रामीणों के साथ झूमते नजर आए। बाद में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में झामुमो नेताओं और स्थानीय लोगों ने करम नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया।

अपने संबोधन में गणेश महाली ने कहा कि करमा पर्व झारखंड की प्रकृति, संस्कृति और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आदिवासी और मूलवासी समाज में इस पर्व का गहरा ऐतिहासिक महत्व है और करम राजा के आशीर्वाद से समाज में भाईचारा, सद्भाव और एकता मजबूत होती है, जिससे गांव और राज्य के विकास को नई दिशा मिलती है।

इस कार्यक्रम में झामुमो जिलाध्यक्ष डॉ. सुभेंदु महतो, गणेश चौधरी, विधायक प्रतिनिधि मंगललाल महतो, सुधीर महतो, बिशु हेंब्रम, सरायकेला प्रखंड अध्यक्ष सुरेश हेंब्रम, राजनगर प्रखंड अध्यक्ष रामसिंह हेंब्रम, अमूल्य महतो, उपमुखिया वासुदेव महतो, शेखर महाकुड़ और दिलीप महतो समेत कई पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।

करम महापर्व पर सीएम हेमंत सोरेन ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश।

करम महापर्व पर सीएम हेमंत सोरेन ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश।

झारखंड

करम महापर्व के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की जनता को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रकृति के प्रति आस्था, मानव और पर्यावरण के बीच गहरे संबंध, भाई-बहन के अटूट स्नेह तथा सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि करम पर्व झारखंड की संस्कृति और जीवन-शैली से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है। यह केवल धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति आदर, आभार और उसके संरक्षण की प्रेरणा भी देता है। उनके अनुसार जल, जंगल और जमीन न सिर्फ जीवन का आधार हैं, बल्कि ये हमारी परंपरा, पहचान और भावी पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर भी हैं।

हेमंत सोरेन ने पर्व से जुड़ी पारंपरिक रस्मों का उल्लेख करते हुए कहा कि अखड़ा में करम डाल की स्थापना, मांदर की थाप पर गाए जाने वाले करम गीत और सामूहिक नृत्य झारखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करते हैं। इन परंपराओं के माध्यम से समाज अपने पूर्वजों और अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है।

उन्होंने कहा कि करम पर्व की सबसे खास बात यही है कि यह लोगों को अपनी जड़ों से जोड़कर रखने की सीख देता है। विकास और आधुनिकता की राह पर बढ़ते हुए भी अपनी भाषा, संस्कृति, परंपराओं, लोक-ज्ञान और प्रकृति के साथ रिश्ते को संजोकर रखना बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वजों से मिली इस समृद्ध धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। इसके लिए पर्यावरण और संस्कृति दोनों के संरक्षण की दिशा में प्रयास करने होंगे।

भाई-बहन के प्रेम से इस पर्व को जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि करम पर्व आपसी विश्वास, रिश्तों की मजबूती और समाज में सद्भाव का संदेश देता है। उन्होंने कामना की कि इस पर्व के अवसर पर हर घर में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे।

उन्होंने भाई-बहन के बंधन और मजबूत होने, समाज में एकजुटता बढ़ने तथा झारखंड के प्रकृति और संस्कृति के साथ तालमेल बनाकर निरंतर प्रगति करने की कामना की।

ड्रग्स के वैश्विक सिंडिकेट की अब खैर नहीं ! नशे के सौदागरों पर भारत का महासंकल्प! -तस्करी,कार्टेल,गुप्त प्रयोगशालाओं और डिजिटल नेटवर्क पर चौतरफा प्रहार ! नई जंग का शंखनाद! -समग्र व्यापक विश्लेषण।

ड्रग्स के वैश्विक सिंडिकेट की अब खैर नहीं ! नशे के सौदागरों पर भारत का महासंकल्प! -तस्करी,कार्टेल,गुप्त प्रयोगशालाओं और डिजिटल नेटवर्क पर चौतरफा प्रहार ! नई जंग का शंखनाद! -समग्र व्यापक विश्लेषण।

नशे के वैश्विक नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार की तैयारी: 36 राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों की संयुक्त रणनीति से ड्रग नेटवर्क की जड़ें काटने की तैयारी!

नशे के खिलाफ़ भारत का सबसे बड़ा रणनीतिक मोर्चा !- संयुक्त संकल्प साझा जिम्मेदारी से वैश्विक ड्रग नेटवर्क पर प्रहार-अब आपूर्ति और मांग दोनों निशाने पर! – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

वैश्विक स्तरपर आज नशाखोरी केवल किसी एक देश,राज्य या समाज की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह वैश्विक सुरक्षा,सार्वजनिक स्वास्थ्य, युवा शक्ति, सामाजिक स्थिरता और अर्थव्यवस्था के सामने खड़ी बहुआयामी चुनौती बन चुकी है।मादक पदार्थों का अवैध व्यापार सीमाओं,समुद्री मार्गों और आधुनिक संचार साधनों को पार करते हुए अंतरराष्ट्रीय अपराध जगत से जुड़ रहा है। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं क़ि इसका प्रभाव केवल नशे का सेवन करने वाले व्यक्ति तकसीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार, शिक्षा, रोजगार, कानून-व्यवस्था और सामाजिक विकास की पूरी संरचना को प्रभावित करता है।भारत ने इस चुनौती के विरुद्ध जन- जागरूकता से लेकर कठोर प्रवर्तन तक अनेक स्तरों पर प्रयास प्रारंभ किए हैं।इसी व्यापक रणनीति के बीच नई दिल्ली में 22 और 23 सितंबर 2026 को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मादक पदार्थ विरोधी कार्यबल प्रमुखों का तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू है।केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा उद्घाटित इस सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के कार्यबल प्रमुखों के साथ संबंधित सरकारी विभागों तथा अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल होकर चर्चा कर रहे हैं।

साथियों, इस सम्मेलन की मूल भावना “संयुक्त संकल्प, साझा जिम्मेदारी” रखी गई है,जो अपने आप में इस समस्या की प्रकृति को स्पष्ट करती है।मादक पदार्थों का जाल किसी एक विभाग की कार्रवाई से समाप्त नहीं किया जा सकता।इसके लिए पुलिस, खुफिया तंत्र, सीमा सुरक्षा,वित्तीय जांच,स्वास्थ्य व्यवस्था,शिक्षा तंत्र, न्यायिक प्रक्रिया और स्थानीय प्रशासन के बीच लगातार समन्वय आवश्यक है। सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार सम्मेलन में मादक पदार्थ नियंत्रण के लिए 2026- 2029 के दृष्टि दस्तावेज में निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति कीसमीक्षा की जा रही है। साथ ही मादक पदार्थों की आपूर्ति घटाने, मांग कम करने तथा इनके कारण होने वाली क्षति को कम करने की रणनीतियों पर भी विचार किया जा रहा है।

साथियों, नशे के विरुद्ध लड़ाई का पहला महत्वपूर्ण पक्ष जन-जागरूकता है।किसी भी समाज में यदि युवा पीढ़ी को नशे के दुष्परिणामों के प्रति समय रहते जागरूक किया जाए,परिवारों को संवेदनशील बनाया जाए और विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जाए तो नशे की मांग को कम करने में सहायता मिल सकती है। भारत में नशामुक्त भारत अभियान जैसे प्रयास इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन केवल जागरूकता से समस्या का पूर्ण समाधान संभव नहीं है। यदि एक ओर समाज को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जाए और दूसरी ओर अवैध तस्करी का नेटवर्क लगातार नई राहें खोजता रहे, तो समस्या का मूल स्रोत बना रहेगा।इसलिए मांग को कम करने के साथ आपूर्ति के स्रोत, तस्करी के मार्ग, वित्तीय नेटवर्क और संगठित आपराधिक संरचनाओं पर भी समान रूप से कार्रवाई आवश्यक है।

साथियों, यही कारण है कि नई दिल्ली सम्मेलन का ध्यान केवल पारंपरिक तस्करी तक सीमित नहीं है। सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में मादक पदार्थ तस्करी के संगठित गिरोहों को समाप्त करने, कृत्रिम रूप से तैयार किए जाने वाले नशीले पदार्थों और गुप्त प्रयोगशालाओं से निपटने, अवैध खेती रोकने तथा अंधकारमय अंतरजाल और आभासी मुद्राओं के माध्यम से होने वाली तस्करी की जांच जैसे विषय शामिल हैं। यह बदलाव बताता है कि मादक पदार्थों का अपराध जगत भी तकनीकी साधनों का उपयोग कर रहा है और कानून-प्रवर्तन संस्थाओं को उसी गति से अपनी क्षमता विकसित करनी होगी।विशेष रूप से कृत्रिम नशीले पदार्थों का बढ़ता खतरा प्रशासन के लिए नई चुनौती प्रस्तुत करता है। पारंपरिक मादक पदार्थों की तुलना में कृत्रिम पदार्थों का निर्माण छोटे और छिपे हुए स्थानों पर भी किया जा सकता है। इनके निर्माण में प्रयुक्त रासायनिक पूर्ववर्ती पदार्थों की निगरानी इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि इन पदार्थों की वैध औद्योगिक आपूर्ति और अवैध उपयोग के बीच प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित किया जाए,तो अवैध उत्पादन की श्रृंखला को प्रारंभिक स्तर पर ही बाधित किया जा सकता है। इसी दृष्टि से सम्मेलन में पूर्ववर्ती पदार्थों तथा कृत्रिम नशीले पदार्थों के नियंत्रण को अलग रणनीतिक स्तंभ के रूप में सटीकता से  रखा गया है।

साथियों, दूसरी बड़ी चुनौती अवैध खेती और ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित होने वाले तस्करी तंत्र की है। केवल फसल नष्ट कर देना पर्याप्त नहीं हो सकता क्योंकि यदि किसान या स्थानीय समुदाय के सामने वैध और टिकाऊ आजीविका का विकल्प उपलब्ध न हो तो अवैध खेती किसी अन्य क्षेत्र में स्थानांतरित होने का जोखिम रहता है। इसलिए अवैध खेती रोकने के साथ वैकल्पिक फसलों, स्थानीय रोजगार और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने की रणनीति भी आवश्यक है।इस सम्मेलन के तकनीकी विचार-विमर्श में अवैध खेती और वैकल्पिक फसलों को शामिल किया जाना इसी व्यापक दृष्टिकोण की ओर सटीकता से संकेत करता है।

साथियों, नशे के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को कमजोर करने के लिए आर्थिक प्रहार भी महत्वपूर्ण है। तस्करी से अर्जित धन जब संपत्ति, व्यवसाय, हवाला व्यवस्था या अन्य वित्तीय माध्यमों में प्रवेश करता है, तब यह अपराध की अगली पीढ़ी को आर्थिक शक्ति प्रदान करता है।इसलिए केवल तस्करों की गिरफ्तारी के बजाय अवैध आय के स्रोत, धन के प्रवाह और अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान तथा कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई पर भी ध्यान देना आवश्यक है।यहां प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या मिलीभगत के आरोप सामने आने पर कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच और दोष सिद्ध होने पर उचित कार्रवाई व्यवस्था में विश्वास मजबूत कर सकती है।इसी संदर्भ में प्रशासनिक “शून्य सहनशीलता” का अर्थ केवल कठोर दंड नहीं, बल्कि कानून का समान, पारदर्शी और जवाबदेह अनुपालन होना चाहिए। मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि पुलिस और प्रशासनिक तंत्र के भीतर सूचना किस गति से साझा होती है, सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी कितनी प्रभावी है, जांच कितनी वैज्ञानिक है और विभिन्न एजेंसियां एक-दूसरे के साथ किस स्तर पर समन्वय करती हैं। भारत में सभी राज्यों द्वारा मादक पदार्थ विरोधी कार्यबल गठित किए जाने की जानकारी पहले से सार्वजनिक है, जिससे राज्य स्तर पर समन्वित कार्रवाई के लिए संस्थागत आधार सटीकता से तैयार हुआ है।

साथियों तकनीक इस लड़ाई का अगला निर्णायक क्षेत्र बनती जा रही है। सीमा क्षेत्रों में मानवरहित विमान, निगरानी प्रणालियां,आंकड़ा विश्लेषण, संचार निगरानी, वित्तीय लेन-देन की जांच और डिजिटल साक्ष्य का वैज्ञानिक विश्लेषण तस्करी के बदलते तरीकों को समझने में सहायता कर सकते हैं। लेकिन तकनीक तभी प्रभावी होगी जब उसके साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन, स्पष्ट कानूनी प्रक्रिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच वास्तविक समय में सूचना साझा करने की व्यवस्था भी हो। इसलिए क्षमता निर्माण और समन्वय को मादक पदार्थ नियंत्रण के रणनीतिक स्तंभों में शामिल करना महत्वपूर्ण है।

साथियों, इस पूरी रणनीति का तीसरा पक्ष उपचार और पुनर्वास है। नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति को केवल अपराधी के रूप में देखने के बजाय, जहां कानून और परिस्थितियां इसकी अनुमति दें,उपचार, परामर्श और पुनर्वास की व्यवस्था को भी मजबूत करना आवश्यक है। परिवारों को सहायता,युवाओं के लिए परामर्श, मानसिक -सामाजिक सहयोग, पुनर्वास के बाद रोजगार तथा समाज में पुनः सम्मानजनक वापसी जैसे उपाय मांग को दीर्घकाल में कम करने में योगदान दे सकते हैं। इसी कारण सम्मेलन में मांग में कमी और क्षति में कमी के साथ पुनर्वास से जुड़े विषयों को भी चर्चा का सटीकता से हिस्सा बनाया गया है।

साथियों, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए यह चुनौती इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मादक पदार्थों की तस्करी किसी एक सीमा पर समाप्त नहीं होती। एक देश में तैयार पदार्थ दूसरे देश के मार्ग से तीसरे देश के बाजार तक पहुंच सकता है। इसी प्रकार धन का प्रवाह अनेक देशों की वित्तीय प्रणालियों से होकर गुजर सकता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सूचना साझाकरण, संयुक्त जांच और सीमा-पार अपराध नेटवर्क के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता बढ़ जाती है। भारत की रणनीति को घरेलू कानून-व्यवस्था के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग के आयाम से भी जोड़ना आवश्यक होगा।नई दिल्ली में आयोजित यह सम्मेलन इसी व्यापक चुनौती के बीच नीति, प्रवर्तन और समन्वय के अगले चरण की दिशा निर्धारित करने का अवसर प्रदान कर रहा है। सम्मेलन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मादक पदार्थ विरोधी कार्यबल को सम्मानित किया जाना तथा केंद्रीय मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो की नई वेबसाइट का शुभारंभ किया जाना संस्थागत क्षमता और सार्वजनिक पहुंच बढ़ाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। लखनऊ और देहरादून में केंद्रीय मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो के नए क्षेत्रीय परिसरों की आधारशिला भी इसी अवसर पर सटीकता से रखी जा रही है।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल गिरफ्तारी, जब्ती और दंड का विषय नहीं है। यह एक ऐसा राष्ट्रीय और वैश्विक प्रयास है जिसमें परिवार की जागरूकता, विद्यालय की भूमिका समाज की संवेदनशीलता,प्रशासन की जवाबदेही, पुलिस की दक्षता,सीमा सुरक्षा की मजबूती, वित्तीय निगरानी, आधुनिक तकनीक, उपचार और पुनर्वास-सभी को एक साथ काम करना होगा। भारत के 2026-2029 के मादक पदार्थ नियंत्रण दृष्टि दस्तावेज में प्रवर्तन एवं खुफिया कार्रवाई,पूर्ववर्ती और कृत्रिम नशीले पदार्थों का नियंत्रण, मांग एवं क्षति में कमी तथा क्षमता निर्माण एवं समन्वय जैसे चार रणनीतिक स्तंभ निर्धारित किए गए हैं।  इन चारों स्तंभों का प्रभावी क्रियान्वयन ही यह निर्धारित करेगा कि नशे के विरुद्ध अभियान केवल सरकारी बैठकों और जागरूकता अभियानों तक सीमित रहता है या वास्तव में तस्करी के आर्थिक, तकनीकी और संगठित अपराध तंत्र को कमजोर करने में स्थायी परिणाम देता है। इसलिए आज आवश्यकता केवल नशामुक्त भारत का संकल्प लेने की नहीं,बल्कि उस संकल्प को प्रत्येक स्तर पर जवाबदेह कार्रवाई, वैज्ञानिक जांच, सामाजिक सहयोग और निरंतर निगरानी में बदलने की है।यही समन्वित दृष्टिकोण भारत की युवा शक्ति को सुरक्षित रखने और दीर्घकालीन सामाजिक- आर्थिक विकास के लिए मजबूत आधार तैयार कर सकता है।

क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

राजनगर-चाईबासा रूट पर नशे में वाहन चलाने वालों पर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, ब्रीथ एनालाइजर से की गई जांच।

राजनगर-चाईबासा रूट पर नशे में वाहन चलाने वालों पर ट्रैफिक पुलिस की सख्त कार्रवाई, ब्रीथ एनालाइजर से की गई जांच।

सरायकेला/राजनगर

सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए राजनगर-चाईबासा मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस ने नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। सरायकेला पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर भारी वाहनों की जांच की।

अभियान के तहत पुलिस टीम ने मार्ग से गुजर रहे ट्रक, ट्रेलर और अन्य बड़े वाहनों को रुकवाकर उनके चालकों की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से जांच की। अधिकारियों के अनुसार, इस सड़क पर हाल के समय में कई हादसे हुए हैं, जिनमें नशे की हालत में वाहन चलाना और तेज रफ्तार प्रमुख वजह मानी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नशे में गाड़ी चलाते पाए जाने पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान और दंडात्मक कार्रवाई होगी।

अधिकारियों ने बताया कि बारिश के कारण अभियान में कुछ देर के लिए रुकावट आई, लेकिन मौसम साफ होते ही जांच फिर से शुरू कर दी गई। पुलिस ने सभी ड्राइवरों से अपील की है कि वे सुरक्षित ड्राइविंग करें और नियमों का पालन करें।

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