चांडिल के भुइयांडीह में आजसू पार्टी ने मनाई डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती।

चांडिल के भुइयांडीह में आजसू पार्टी ने मनाई डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती।

सरायकेला/चांडिल

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर मंगलवार को चांडिल प्रखंड अंतर्गत भुइयांडीह में आजसू पार्टी द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं, स्थानीय ग्रामीणों एवं गणमान्य लोगों ने भाग लेकर बाबा साहेब को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम का नेतृत्व आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव हरेलाल महतो एवं वरिष्ठ नेता घासीराम लायक ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने भारतीय संविधान का निर्माण कर देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक आधार प्रदान किया।

उन्होंने समाज के वंचित, शोषित एवं पिछड़े वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनके विचार आज भी समाज में समानता, न्याय और भाईचारे की स्थापना के लिए प्रेरणास्रोत हैं। नेताओं ने यह भी कहा कि बाबा साहेब का जीवन हमें शिक्षा, संगठन और संघर्ष के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त कर एक समतामूलक समाज की स्थापना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

कार्यक्रम के दौरान “भीमराव अंबेडकर अमर रहें” एवं “संविधान निर्माण अमर रहे” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा, जिससे कार्यक्रम में जोश और उत्साह का माहौल बना रहा। इस अवसर पर ग्राम प्रधान बहादुर लायक, आजसू केंद्रीय महासचिव सत्यनारायण महतो, प्रोफेसर रविशंकर मौर्या, दुर्गा चरण महतो, जीतू राम महतो, पुलक सथपति, नंदन कुंज पात्र, प्रवीण महतो, गौरीशंकर लायक, भोलानाथ महतो, बासुदेव प्रमाणिक, गोपेश महतो, अरुण महतो, कमलाकांत दास, तुलसी महतो, राजीव महतो, राजकिशोर महतो, बिजय मोदक, भुवन लोहार, दिलीप दास सहित अन्य कई कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद थे।

कुकड़ु प्रखंड में हाथियों का आतंक, डाटम और गोंगाडीह में घर तोड़े, फसल बर्बाद।

कुकड़ु प्रखंड में हाथियों का आतंक, डाटम और गोंगाडीह में घर तोड़े, फसल बर्बाद।

सरायकेला/ईचागढ़

चांडिल वन क्षेत्र के अंतर्गत कुकड़ु प्रखंड में जंगली हाथियों के झुंड ने फिर तबाही मचाई है। सोमवार रात करीब सात हाथियों का झुंड डाटम गाँव में घुस आया। हाथियों ने डाटम गांव निवासी मिहिर महतो का घर तोड़ दिया और रखे अनाज को चट कर गए। परिवार के लोग दहशत में रातभर जागते रहे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह विशाल झुंड पिछले एक सप्ताह से इलाके में डेरा डाले हुए है। इसी झुंड ने गोंगाडीह के चोड़ा टोला में जगन्नाथ सिंह मुंडा का घर तोड़ा और रखे धान व आलू खा गया। कर्ण सिंह मुंडा और विश्वजीत सिंह मुंडा की लौकी की खेती को भी रौंदकर बर्बाद कर दिया। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि आम लोगों और हाथियों के बीच संघर्ष अब रोज की बात हो गई है।

ग्रामीणों ने नीति पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि एक ओर शहर के लोगों के मनोरंजन के लिए दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में ‘गज परियोजना’ और टूरिज्म डेवलपमेंट के नाम पर वन्यजीवों के आश्रय स्थल उजाड़े जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर दलमा तराई के गरीब किसान, मजदूर और प्रकृति का संरक्षण करने वाले ग्रामीण हाथियों का दंश झेल रहे हैं। लोगों ने बताया कि पहले गाँव में दिन की शुरुआत दोपहर 3 बजे के बाद सामान्य हो जाती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी और चांडिल गज परियोजना क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही बढ़ने से शाम ढलते ही दहशत का माहौल बन जाता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से स्थायी समाधान और नुकसान का मुआवजा देने की माँग की है।

चांडिल अनुमंडल बार एसोसिएशन ने मनाया अम्बेडकर जयंती।

चांडिल अनुमंडल बार एसोसिएशन ने मनाया अम्बेडकर जयंती।

सरायकेला/ईचागढ़

चांडिल अनुमंडल बार एसोसिएशन कि और से डॉ. भीमराव आंबेडकर का 135वीं जन्म जयंती मनाया। एसोसिएशन बार के सचिव महेंद्र कुमार महतो ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर केवल एक संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक और समानता के अग्रदूत थे। उन्होंने कहा बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और उनकी विद्वता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

उन्होंने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को भी न्याय और सम्मान का अधिकार दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया। डॉ. भीम राव अंबेडकर जी शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के नारे के जयघोष के साथ हुआ। उसके फोटो पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।इस अवसर पर महेंद्र कुमार महतो, अशोक जा, कमलेश कुमार, समीर कुमार महतो, गुरुचरण महतो, कमल महतो, मंगल सिंह मुंडा, आदि अधिवक्ता उपस्थित थे।

चौका में सड़क दुर्घटना में एक की मौत,7 गंभीर रूप से घायल।

चौका में सड़क दुर्घटना में एक की मौत,7 गंभीर रूप से घायल।

सरायकेला/ईचागढ़

चौका थाना क्षेत्र के एनएच 33 मुख्य होटल दुबराजपुर गांव के समीप भीषण सड़क हादसा हुआ। जिसमें मौके पर ही एक की मौत हो गई एवं दोनो कार सवार 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना मंगलवार सुबह 10 बजे की है। सड़क दुर्घटना की सूचना पर चौका थाना पुलिस पहुंचे तथा सभी घायलों को पुलिस गश्ती वाहन एवं एम्बुलेंस से चांडिल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा,जहां से एमजीएम रेफर कर दिया। बेहतर इलाज के लिए सभी घायलों को टीएमएच में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने मृतक को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बोलेरो तिरुलडीह थाना क्षेत्र के चौड़ा गांव से इलाज के लिए जमशेदपुर जा रहा था। उसी दौरन टाटा से रांची की ओर जा रहें तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार सड़क अपने साइड की सड़क से दूसरे तरफ सड़क पार कर बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दिया। टक्कर इतना जबरदस्त था की बोलेरो बीच सड़क में पालटी हो गया। स्विफ्ट डिजायर कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। जिसमें स्विफ्ट डिजायर कार चालक जमशेदपुर के साकची गुरु द्वारा बस्ती के निवासी नवजोत सिंह,उम्र- 23 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई है एवं मनदीप सिंह,दिशा बनर्जी,आशीष पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गया है। बोलेरो सवार तिरुलडीह के चौड़ा निवासी अकबर अंसारी (चालक),शाहीद अंसारी,मोहम्मद इजराइल,अमरातन बीबी एवं यशराज मोमिन गंभीर रूप से घायल हो गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्विफ्ट डिजायर कार डिवाइडर से टकराते हुए अन्य दिशा में जाकर बोलोरो को जोरदार टक्कर मार दिया। थाना प्रभारी सोनू कुमार ने बताया कि तत्काल दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटा कर यातायत को बहाल किया गया।

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्श समिति (DLCC/DLRC) की बैठक सम्पन्न।

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्श समिति (DLCC/DLRC) की बैठक सम्पन्न।

सरायकेला–खरसावाँ

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्श समिति (DLCC/DLRC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों एवं बैंकिंग संस्थानों द्वारा संचालित हितग्राही-उन्मुख योजनाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने सभी बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि लाभुकों के ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया को सरल एवं त्वरित बनाया जाए, ताकि लाभुक समय पर अपना व्यवसाय प्रारंभ कर सकें तथा ऋण की अदायगी निर्धारित समय सीमा में कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं से संबंधित मामलों में अनावश्यक पेंडेंसी, विलंब अथवा बिना कारण निरस्तीकरण स्वीकार्य नहीं होगा।

उन्होंने सभी शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया कि लाभुकों के आवेदनों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करें, अस्वीकृत मामलों में स्पष्ट कारण अंकित करें तथा बैंक शाखाओं में आने वाले नागरिकों के प्रति सहयोगात्मक एवं उत्तरदायी व्यवहार सुनिश्चित करें, जिससे बैंकिंग सेवाओं के प्रति आमजन का विश्वास सुदृढ़ हो सके।

उपायुक्त ने बैंकों को निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराते हुए अपने कार्य व्यवहार में सुधार लाएं, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि योग्य किसानों के आवेदनों को लंबित न रखा जाए तथा सभी पेंडिंग मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पात्र किसानों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप KCC का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने जिले के प्रमुख बाजारों एवं अधिक आवागमन वाले क्षेत्रों में ATM सुविधाओं को सुदृढ़ करने, बंद ATM को शीघ्र चालू करने तथा ग्रामीण एवं नवसृजित क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार हेतु बैंकिंग संवाददाता (BC) प्वाइंट की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान नाबार्ड (NABARD) द्वारा तैयार “संभाव्यतायुक्त ऋण योजना (Potential Linked Credit Plan) 2026–27” पुस्तिका का विमोचन उपायुक्त एवं उपस्थित पदाधिकारियों के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

अत्यंत भव्य एवं आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ राजकीय चैत्र पर्व -सह- छऊ महोत्सव।

अत्यंत भव्य एवं आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ राजकीय चैत्र पर्व -सह- छऊ महोत्सव।

सरायकेला/खरसावां

बिरसा मुंडा स्टेडियम, सरायकेला में आयोजित राजकीय चैत्र पर्व -सह- छऊ महोत्सव–2026 का समापन समारोह के अवसर पर अत्यंत भव्य एवं आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया।

समापन समारोह के अवसर पर राजकीय चैत्र पर्व कला केंद्र, सरायकेला समेत अन्य स्थानीय कलादलों द्वारा विभिन्न पारंपरिक एवं पौराणिक कथाओं पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों में राधा-कृष्ण, हरा-पार्वती, दुर्गा, मेघदूत, उरभंगा, रात्रि, देवदासी, सरदो शशि, एकलव्य, नाविक चंद्रभागा, हंस एवं मयूर जैसे विविध विषयों पर आधारित छऊ नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक मुकेश लूनायत, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश, नगर पंचायत अध्यक्ष  मनोज चौधरी एवं अन्य अतिथियों द्वारा विभिन्न कलादलों के कलाकारों को मोमेंटो, प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उनका उत्साहवर्धन किया गया।

कलाकारों ने अपनी सशक्त अभिव्यक्ति, पारंपरिक वेशभूषा एवं जीवंत अभिनय के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

वहीं राजकीय चैत्र पर्व -सह- छऊ महोत्सव के समापन समारोह के दौरान जिले के पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया जिसमें की झारखंड क्राइम रिपोर्टर अखबार के संपादक भरत सिंह को भी सरायकेला के उप विकास आयुक्त जयवर्धन कुमार के द्वारा सम्मानित किया गया।

बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।

बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।

झारखंड/हजारीबाग

13 अप्रैल 2026 को पीएम उत्क्रमित मध्य विद्यालय, मरमगड्डा के विद्यालय परिवार के द्वारा विद्यालय प्रांगण और पोषक क्षेत्र में बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक कुलदीप प्रसाद ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की एवं शिक्षक रंजीत कुमार, रंजन मेहता, गुलाब पंडित, वासुदेव ठाकुर, प्रेमानंद सिंह, तुलसी राम एवं विनोद प्रसाद का इस अभियान में अहम योगदान रहा। प्रधानाध्यापक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की अपील की।

कोनहारा कला पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि वीरेंद्र शर्मा इस अभियान में मुख्य अतिथिरूप से सम्मिलित हुए। मुखिया प्रतिनिधि वीरेंद्र शर्मा ने अभिभावकों के साथ सीधा संवाद किया और उन्हें सरकारी योजनाओं (जैसे छात्रवृत्ति, पोशाक राशि और मध्याह्न भोजन) के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि: “शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे गाँव और समाज का भविष्य बदला जा सकता है। कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित नहीं रहना चाहिए।”इस अभियान के माध्यम से पोषक क्षेत्र के कई अभिभावकों ने अपने बच्चों के नामांकन के प्रति उत्साह दिखाया। प्रधानाध्यापक श्री कुलदीप प्रसाद ने मुखिया प्रतिनिधि और ग्रामीणों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

पेड़ से लटका मिला जीजा साली का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी।

पेड़ से लटका मिला जीजा साली का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी।

झारखंड/बुंडू

सोमवार को बुंडू थाना क्षेत्र में सुबह एक पेड़ से जीजा-साली के शव फांसी के फंदे से लटके मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना झारखंड की राजधानी रांची के बुंडू थाना क्षेत्र की है। सोमवार सुबह बुंडू पुलिस माझीटोला स्थित पागला बाबा समीप एक पेड़ से लटकता हुआ जीजा-साली का शव बरामद किया है।

चर्चा के अनुसार जीजा-साली के बीच अवैध संबंध थे, जिसे लेकर उनके परिजन नाराज थे। स्थानीय ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हत्या या आत्महत्या इसके पीछे पुलिस जाँच करने में जुटी है। लेकिन शवों की स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें कहीं और से लाकर यहां लटकाया गया है। जिस पेड़ में दोनों का शव लटकते हुए मिला है। उस पेड़ में युवती कैसे चढ़ पायी यह भी एक चर्चा का विषय बना है। बुंडू थाना प्रभारी राम कुमार वर्मा ने बताया कि दोनों शव को कब्जे लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है। साली की सगाई में जीजा शामिल होने ससुराल आया था। जिसके बाद यह घटना घटी है।

अर्जुन पाहन अड़की थाना क्षेत्र राऊता गाँव का निवासी है। वह किसी मामले पर 6 माह पहले जेल से निकला था। अर्जुन पाहन की दो पत्नियां है। पहली पत्नी बुंडू के निउरी गाँव का है। दूसरी पत्नी राऊता गाँव का ही है। दो पत्नी की एक-एक बेटी है। रविवार को 19 वर्षीय साली आरती कुमारी की सगाई थी। सगाई में पहली पत्नी के साथ अर्जुन पाहन शामिल होने आया था। सगाई के बाद सोमवार को दोनों का शव मिला है।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत नीमडीह प्रखंड में पिगरी एवं गोटरी यूनिट का वितरण।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत नीमडीह प्रखंड में पिगरी एवं गोटरी यूनिट का वितरण।

सरायकेला–खरसावाँ

नीमडीह प्रखंड में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत पशुपालन को प्रोत्साहित करने एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लाभार्थियों के बीच पिगरी एवं गोटरी यूनिट का वितरण किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत 1 यूनिट पिगरी एवं 4 यूनिट गोटरी का वितरण चयनित लाभुकों के बीच किया गया। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देना, छोटे एवं सीमांत किसानों की आय में वृद्धि करना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा लाभार्थियों को पशुपालन से संबंधित आवश्यक जानकारी, पशु आहार प्रबंधन, स्वास्थ्य देखभाल एवं स्वच्छता संबंधी दिशा-निर्देश प्रदान किए गए, ताकि वे इस योजना का समुचित लाभ प्राप्त कर सकें।

प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर लाभुकों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उनका पशुपालन व्यवसाय स्थायी एवं लाभकारी बन सके।
इस अवसर पर प्रखंड प्रशासन, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अंत में लाभार्थियों से अपील की गई कि वे पशुओं के उचित देखभाल एवं प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें तथा विभाग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपनी आय में वृद्धि सुनिश्चित करें।

सड़क की धूल में दफन हुआ विकास, सौरभ प्रामाणिक की कला बनी चांडिल के आंदोलन की मशाल।

सड़क की धूल में दफन हुआ विकास, सौरभ प्रामाणिक की कला बनी चांडिल के आंदोलन की मशाल।

सरायकेला/चांडिल

चांडिल-कांड्रा मुख्य मार्ग अब केवल एक जर्जर रास्ता नहीं, लोकतांत्रिक व्यवस्था की संवेदनहीनता और प्रशासनिक भ्रष्टाचार का जीवंत स्मारक बन चुका है। 9.5 करोड़ रुपये की राशि फाइलों में खर्च दिखाए जाने के बावजूद, जमीन पर हकीकत के नाम पर केवल जानलेवा गड्ढे और बीमारियाँ बांटती धूल बची है। जनता द्वारा प्रशासन को दिया गया 7 दिनों का अल्टीमेटम समाप्त हो गया है, जिसने अब एक उग्र जन – आंदोलन का रूप अख्तियार कर लिया है।

इस संघर्ष के बीच, क्षेत्र के चर्चित युवा कलाकार सौरभ प्रामाणिक का नया कार्टून आर्ट व्यवस्था की विफलता को आईना दिखा रहा है। सौरभ के इस कार्टून आर्टवर्क में एक ओर हाथ में मशाल थामे आक्रोशित जनता अपने हक के लिए खड़ी है, तो दूसरी ओर आलीशान कुर्सियों पर आँखों पर पट्टी बांधकर ‘निद्रा में’ डूबे सत्ताधारियों और अधिकारीयों को दिखाए गया हैं। चित्र के केंद्र में खड़ा कैलेंडर इस बात का कड़ा प्रतीक है कि अन्याय सहने की समय सीमा अब समाप्त हो चुकी है और धैर्य का बांध टूट गया है।

गौरतलब है कि चैनपुर निवासी कलाकार सौरभ प्रामाणिक की सक्रियता केवल इसी मुद्दे तक सीमित नहीं है। वे निरंतर सामाजिक ज्वलंत मुद्दों पर अपनी कूची चलाते रहे हैं। जागरूकता वाले पोस्टरों और व्यंग्यात्मक कार्टूनों के माध्यम से वे अक्सर जनता को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करते हैं। चाहे स्थानीय बुनियादी ढांचा हो या सामाजिक कुरीतियां। सौरभ की कला हमेशा एक ‘सुरक्षा कवच’ की तरह आम आदमी की आवाज बनकर उभरी है। उनकी यह ‘कलात्मक स्ट्राइक’ अब चांडिल के हर नागरिक की सामूहिक पुकार बन चुकी है। क्षेत्र की जनता और आंदोलनकारियों का संदेश अब पूरी तरह स्पष्ट है शांतिपूर्ण प्रतीक्षा और संवाद का समय अब बीत चुका है।

सौरभ के कार्टून की पृष्ठभूमि में दिखती टूटी सड़कें और धूल के गुबार उस कड़वी सच्चाई को बयां कर रहे हैं, जिसे सत्ता अपनी बंद आंखों से देखने को तैयार नहीं है। यह मार्मिक कलाकृति हमें याद दिलाती है कि जब शब्द बेअसर हो जाते हैं और गुहार अनसुनी कर दी जाती है, तब कला को ही व्यवस्था के बहरे कानों तक जनता की गूंज पहुंचाने के लिए मशाल बनकर आगे आना पड़ता है। अब देखना यह है कि इस ‘कलात्मक प्रहार’ के बाद क्या जिम्मेदार अपनी नींद त्यागते हैं या जनता को इसी नारकीय स्थिति में रहने को मजबूर किया जाएगा।

बिजली की तार के चपेट में आने से एक बैल की हुई मौके पर मौत , मुखिया ने किया मुआवजा का मांग।

बिजली की तार के चपेट में आने से एक बैल की हुई मौके पर मौत , मुखिया ने किया मुआवजा का मांग।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़-थाना क्षेत्र के नवाडीह गांव में खेतों में घास चर रहा एक बैल के ऊपर बिजली का 11 हजार वोल्टेज तार गिरने से बैल की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रोज की तरह विर मछुआ का बैल खेतों में घास चर रहा था,तभी अचानक 11 हजार वोल्टेज का तार बैल के ऊपर गीर गया , जिससे बैल की मौत हो गई। सुचना मिलते ही मुखिया बिपिन सिंह मुण्डा घटनास्थल पर पहुंचे और पशु चिकित्सा पदाधिकारी, ईचागढ़ थाना एवं बिजली विभाग को जानकारी दिया।

मृत बैल का पोस्टमार्टम कर दफनाया गया। वहीं मुखिया बिपिन सिंह मुण्डा ने बताया कि बैल का कीमत जिसका करीब 40 हजार रुपए है । वीर मछुआ एक गरीब व हरीजन परिवार से आता है।समुचित मुआवजा नहीं मिलने से वे बैल खरीदने में असमर्थ होगा। उन्होंने बिजली विभाग से समुचित मुआवजा देने का मांग किया है।

निमडीह के जामडीह में मानभूम चैतपर्व छऊ महोत्सव 2026 में कलाकारों ने दिखाया जलवा।

निमडीह के जामडीह में मानभूम चैतपर्व छऊ महोत्सव 2026 में कलाकारों ने दिखाया जलवा।

सरायकेला/चांडिल

मानभूम छऊ नृत्य कला केंद्र एवं कला दल परिवार द्वारा रविवार को मानभूम चैतपर्व छऊ महोत्सव 2026 नीमडीह प्रखंड के मानभूम कला केंद्र जामडीह में आयोजित की गई। महोत्सव में विभिन्न दलों द्वारा मानभूम शैली के छऊ नृत्य का प्रदर्शन किया गया। इसके पूर्व आयोजक मंडली द्वारा अतिथियों को अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया।

मुख्य अतिथि जिला परिषद के उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने कहा कि मानभूम छऊ नृत्य छोटानागपुर क्षेत्र की एक प्राचीन और वीर रस प्रधान मार्शल आर्ट नृत्य शैली है। जिसकी उत्पत्ति लगभग 250-300 वर्ष पहले भूमिज जनजाति के ‘फिरकल’ युद्ध-नृत्य से मानी जाती है। यह नृत्य मुखौटे पहनकर रामायण – महाभारत की पौराणिक कथाओं को जीवंत करता है, जो यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल है।

प्रमुख फुलमनी माझी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में छऊ नृत्य मनोरंजन का मुख्य साधन है। पूर्व जिप सदस्य अनिता पारित ने कहा कि जामडीह गांव के निवासियों के रग रग में छऊ नृत्य कला बसा हुआ है। यंहा के दर्जनों कलाकार प्रति वर्ष विश्व के कई देशों में छऊ नृत्य की प्रस्तुति करते हैं। आयोजक मंडली ने कहा कि नये कलाकारों को प्रोत्साहित करने एवं अवसर प्रदान करने के लिए छऊ महोत्सव का आयोजन किया गया है।

इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य असित सिंह पात्र, मुखिया विनापानी माझी, रूद्र प्रताप महतो, डॉ. पूर्ण चंद्र कुमार, खिरोद सिंह मुंडा, सुरेश पारित, अधर कुमार, कार्तिक महतो, कार्तिक कर्मकार आदि उपस्थित थे।

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