उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में इन्क्यूबेटर कार्यक्रम को लेकर बैठक सम्पन्न।
सरायकेला-खरसावां
समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त, सरायकेला-खरसावां श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में इन्क्यूबेटर कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला परिषद उपाध्यक्ष श्रीमती मधुश्री महतो, स्टेट से जिला एंकर श्री वरुण कुमार, DPM-JSLPS एवं उनकी टीम की उपस्थिति रही। बैठक में कार्यक्रम के उद्देश्यों, लक्षित उद्यमों, वित्तीय सहायता, लाभुकों के चयन एवं कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) द्वारा अनुमोदित इस कार्यक्रम का संचालन झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (JSLPS) एवं IIM कलकत्ता इनोवेशन पार्क (IIMCIP) के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत झारखंड में कुल 150 उद्यमों को लक्षित किया गया है। इसमें 18 उद्यमियों को अनुदान (Grant) तथा 132 उद्यमियों को ब्याज रहित ऋण (Soft Loan) के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी।
अनुदान के तहत 6 व्यक्तिगत उद्यमियों को ₹20 लाख, 6 समूह उद्यमियों को ₹25 लाख तथा 6 बड़े उद्यमों को ₹60 लाख की अनुदान राशि प्रस्तावित है। वहीं ब्याज रहित ऋण के तहत व्यक्तिगत उद्यमियों को ₹3 लाख तथा समूह उद्यमियों को ₹5 लाख प्रति उद्यमी तक सहायता प्रदान की जाएगी।
बैठक में स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों को प्रशिक्षण, बाजार विपणन, ब्रांडिंग एवं आत्म-कौशल विकास से जोड़ने तथा चयनित उद्यमों को सुदृढ़ एवं बाजारोन्मुख बनाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम की कुल अवधि 36 माह होगी तथा IIMCIP, कोलकाता के माध्यम से उद्यमियों को आवश्यक सहयोग एवं मॉनिटरिंग प्रदान की जाएगी।
अयोध्या काशी हुई हमारी, अब है मथुरा की बारी 30 अगस्त को आ रहे है भगवाधारी।
मथुरा में मांस मदिरा पर 72 घंटे में नहीं लगा प्रतिबंध, तो VHRP के कार्यकर्ता 30 अगस्त को करेंगे प्रस्थान : गोपाल राय
लखनऊ
विश्व हिन्दू रक्षा परिषद द्वारा गोमती नगर लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने मथुरा में श्री रोहित मिलान द्वारा उठाई गई मांगों का पूर्ण समर्थन करते हुए कहा है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे पवित्र स्थान एवं परिक्रमा मार्ग पर मांस, मदिरा की दुकानों का संचालन न केवल श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, बल्कि क्षेत्र की पवित्रता और मर्यादा पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए प्रशासन को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए तत्काल प्रभाव से ऐसी सभी दुकानों को परिक्रमा मार्ग से हटाना होगा । धार्मिक स्थलों की पवित्रता एवं सनातन संस्कृति की गरिमा की रक्षा करना शासन-प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। परिषद ने प्रशासन से मांग की है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र को उसकी धार्मिक गरिमा के अनुरूप संरक्षित करने हेतु शीघ्र एवं प्रभावी निर्णय लिया जाए।
72 घंटे का अल्टीमेटम: फैसला नहीं तो 30 अगस्त को मथुरा कूच।
इस अवसर पर विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा 72 घंटे के भीतर उचित एवं संतोषजनक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो 30 अगस्त को विश्व हिन्दू रक्षा परिषद अपने सैकड़ों पदाधिकारियों के साथ मथुरा में कूच एवं आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि परिषद श्रद्धालुओं की आस्था, सनातन संस्कृति और धार्मिक स्थलों की मर्यादा की रक्षा के लिए (VHRP) सदैव प्रतिबद्ध है तथा इस विषय पर किसी भी प्रकार की उपेक्षा स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने प्रशासन से पुनः आग्रह किया कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए समय रहते उचित कदम उठाए जाएं, जिससे किसी प्रकार की जनअसंतोष की स्थिति उत्पन्न न हो और श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र की पवित्रता एवं गौरव सुरक्षित रह सके। श्री राय ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर और काशी में बाबा विश्वनाथ धाम के भव्य विकास के बाद अब मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी भव्य मंदिर निर्माण होना चाहिए। यह करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था और श्रद्धा का विषय है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि महासम्मेलन एवं सनातन गौरव सम्मान समारोह में कौन-कौन मुख्य रूप से होगा शामिल
साथ ही उन्होंने बताया 4 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि महासम्मेलन एवं सनातन गौरव सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनिंदर सिंह बिट्टा तथा विधायक राजेश्वर सिंह मुख्य रूप से आमंत्रित है ।
अब तक विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के 21 देशों के राष्ट्रीय अध्यक्ष हो चुके है मनोनीत
गोपाल राय ने बताया कि विश्व हिन्दू रक्षा परिषद विश्व स्तर पर तेजी से विस्तार कर रहा है तथा अब तक 21 देशों में राष्ट्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति की जा चुकी है। इनमें प्रमुख रूप से
लंदन – अभिषेक कुमार
यूनाइटेड किंगडम- शरद कुमार झा
इंडोनेशिया – डॉ. रसाचार्य
ब्राजील – संजीव शर्मा
फ्रांस, पेरिस- विश्वनाथ शास्त्री
नेपाल – पूर्व सांसद श्री केदार नंदन चौधरी
कनाडा – रोहित भाई
यूक्रेन – डॉ. लीडिया लक्ष्मी
श्रीलंका – पमल्क मन्जित करुणानायक
बैंकॉक – नवीन देव
मलेशिया – सोनू यादव
बेल्जियम – कोएरनाड एस्टर
नीदरलैंड – महादेव सिंह*
स्विट्जरलैंड – श्रीमती श्रुति राय
चीन – गुलशन रस्तोगी
कैलिफोर्निया – अभिषेक जायसवाल
इंग्लैंड – संजय पांजवानी
अलवानिया – रमेश देसाई
अंडोरा – आर के चतुर्वेदी
यूके प्रभारी – एस के झा जी, उत्तरी आयरलैण्ड, बेल्स, स्कॉटलैण्ड इंग्लैंड
जापान – सुनंदा चोपड़ा को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं।
उन्होंने कहा कि विश्व हिन्दू रक्षा परिषद का उद्देश्य विश्वभर में सनातन संस्कृति, हिंदू समाज और राष्ट्रहित के मुद्दों को मजबूती से उठाना तथा समाज को संगठित करना है। परिषद आने वाले समय में देश और विदेश में सनातन जागरण के लिए व्यापक अभियान चलाएगी।
रचना गौतम सचिव विश्व हिन्दू रक्षा परिषद मो०- 7905444097
यूनाइटेड स्पोर्टिंग क्लब सुंदरनगर का गणेशोत्सव संपन्न, भव्य विसर्जन जुलूस में उमड़ा जनसैलाब।
जमशेदपुर
यूनाइटेड स्पोर्टिंग क्लब सुंदरनगर द्वारा आयोजित गणेशोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। गुरुवार की संध्या सीनियर डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न डांस ग्रुप एवं प्रतिभागियों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान High Think Crew (Ranchi), द्वितीय स्थान R.S. Dance (Gobindpur), तृतीय स्थान Anshu Shamant तथा चतुर्थ स्थान Gaurav (Kadma) ने प्राप्त किया।
प्रतियोगिता के बाद विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए,साथ ही साथ 15 अगस्त के खेलकूद प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया,मुख्य अतिथि राजेंद्र साह राज, थाना प्रभारी अनुज मुंडा, विशिष्ट अतिथि विक्की सिंगारी एवं अध्यक्ष भारती देवी के द्वारा विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। क्लब की ओर से कुल ₹21,000 की पुरस्कार राशि वितरित की गई। इसके बाद शुक्रवार को शाम 4 बजे गणपति बप्पा का भव्य विसर्जन जुलूस निकाला गया। जुलूस में महिला, बच्चे एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल हुए। रामगढ़ की प्रसिद्ध ताशा पार्टी जुलूस का विशेष आकर्षण रही। ताशे की गूंज और गणपति बप्पा के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
भव्य जुलूस के साथ गणपति बप्पा की प्रतिमा को नरवा स्थित गुर्रा नदी ले जाया गया, जहां श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ बप्पा का विसर्जन किया गया। इस दौरान “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। यूनाइटेड स्पोर्टिंग क्लब सुंदरनगर के सदस्यों ने गणेशोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जनता का धन कैसे लूट सकता है कोई डालमिया? सरायकेला में 35 करोड़ के खेल पर ED का शिकंजा।
सरायकेला/आदित्यपुर
भरत सिंह की रिपोर्ट
सरायकेला में ठेकेदार संजय डालमिया के पटनायक टोला स्थित आलीशान आवास पर ED की तीन गाड़ियां जब पहुंचीं, तो एक ही सवाल हर जुबान पर था – आखिर जनता का पैसा लोन के बहाने कैसे लूट सकता है कोई डालमिया?
क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला 35 करोड़ रुपये के लोन घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि बैंक से लिया गया लोन, जो विकास कार्यों और जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है, उसे निजी फायदे के लिए इधर-उधर किया गया। ED की टीम सुबह से ही घर में मौजूद दस्तावेजों, बैंक खातों और लेन-देन की जांच में जुटी है।
और इस मामले पर संजय डालमिया के भतीजे को भी कदमा के आवास से गिरफ्तार किया गया है।
सवाल जो उठ रहे हैं 1. एक ठेकेदार को 35 करोड़ का लोन किन शर्तों पर मिला? 2. क्या इस लोन के पैसे की हेरा फेरी में बैंक के अधिकारियों की भी मिलीभगत है? 3. जब आम आदमी 50 हजार के लोन के लिए चक्कर काटता है, तो करोड़ों कैसे दे दूए जाते हैं?
आज जब ED के साथ केंद्रीय बल के जवान डालमिया के घर के बाहर खड़े थे, तो मोहल्ले के लोग भी देख रहे थे कि कैसे कुछ लोग सिस्टम को जेब में रखकर जनता के पैसे पर ऐश करते हैं।
फिलहाल ED ने कोई आधिकारिक प्रेस रिलीज नहीं दी है, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि कई अहम कागजात जब्त किए गए हैं। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सिर्फ लोन का मामला नहीं, बल्कि जनता के विश्वास के साथ धोखा है।
सरायकेला की जनता अब इंतजार कर रही है कि ED की इस जांच से दूध का दूध और पानी का पानी होगा।
क्या 35 करोड़ जनता के खाते में वापस आएगा? यह सबसे बड़ा सवाल है।
बिरसा मुंडा स्टेडियम में प्रतिमा स्थापना का फैसला वापस, राष्ट्रीय कोल सेना ने समाप्त किया आंदोलन
सरायकेला, 17 सितंबर 2026।
सरायकेला-खरसावां
सरायकेला के बिरसा मुंडा स्टेडियम परिसर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित किए जाने के विरोध में चल रहा आंदोलन बुधवार को समाप्त कर दिया गया। राष्ट्रीय कोल सेना ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आंदोलन समाप्ति की घोषणा की।
संगठन का कहना है कि 16 सितंबर को झारखंड मुक्ति मोर्चा की जिला कमेटी द्वारा आयोजित बैठक में खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम परिसर में प्रतिमा स्थापित न करने के निर्णय का उन्होंने स्वागत किया है। इसके बाद आंदोलन का उद्देश्य पूरा होने पर आंदोलन वापस लेने का फैसला लिया गया।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान के खिलाफ नहीं था, बल्कि स्टेडियम की गरिमा और खेल से जुड़ी पहचान को बनाए रखने को लेकर था। उनका आरोप था कि बिना सामाजिक संगठनों और संबंधित पक्षों से राय लिए प्रतिमा स्थापना का निर्णय लिया गया था, जिससे आदिवासी समाज के बीच मतभेद और टकराव की स्थिति पैदा हो सकती थी।
राष्ट्रीय कोल सेना ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया गया। भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान और स्टेडियम की गरिमा, दोनों को लेकर समाज को बांटने वाले प्रयास को विफल करना ही आंदोलन का मुख्य उद्देश्य था, जो अब पूरा हो गया है।
इस अवसर पर मानकी मुंडा, दिवाकर सरदार, एमपी धरार, कार्तिक बास्के, धनंजय महतो, पुरुषोत्तम महतो, श्याम चंद मुंडा, साधु हो, टोटा जामुदा, समलाल हेंब्रम, रंजीत सरदार, गणेश सरदार, अभिमन्यु सरदार और वीर सिंह सिरुड़ सहित आंदोलन से जुड़े अन्य साथी उपस्थित रहे।
आदित्यपुर में आस्था का महासंगम: राधा अष्टमी और कृष्ण-रुक्मणी विवाह उत्सव पर निकली रथयात्रा, भजनों पर झूमे भक्त।
सरायकेला/आदित्यपुर
आदित्यपुर में दो दिवसीय धार्मिक महोत्सव का भव्य आगाज हुआ। 18 और 19 सितंबर को आयोजित हो रहे राधा अष्टमी एवं भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह समारोह के पहले दिन नगर में भव्य रथयात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
भारतीय कृष्ण भावामृत संघ द्वारा आयोजित इस यात्रा में इस्कॉन के प्रतिनिधियों सहित कई विदेशी भक्त भी शामिल हुए, जिससे आयोजन को वैश्विक पहचान मिली। ढोल-नगाड़ों और हरे कृष्ण संकीर्तन के बीच पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।
रथयात्रा के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने मंच से स्वयं भजन प्रस्तुत किया और श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राधा-कृष्ण की कथा प्रेम, सरलता और आपसी सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि इंसान को निष्ठा के साथ अपना कर्तव्य निभाना चाहिए, उसके फल की चिंता ईश्वर पर छोड़ देनी चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक और पूर्व उपमहापौर अमित कुमार सिंह उर्फ बॉबी सिंह ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन पूरी तरह धार्मिक है और इसका किसी राजनीति से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने सभी दलों और सामाजिक संगठनों के लोगों को आमंत्रित करने की बात कही और श्रद्धालुओं से रथ खींचकर पुण्य अर्जित करने की अपील की।
इस अवसर पर आदित्यपुर के मेयर संजय सरदार ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं और सनातन परंपरा को मजबूती देते हैं। डिप्टी मेयर अंकुर सिंह ने कहा कि देशी-विदेशी भक्तों का एक साथ भजन-कीर्तन करना सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण है।
कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अजय सिंह ने भी शिरकत की और आयोजकों को बधाई दी। इसके अलावा डॉ. मीरा मुंडा, भाजपा प्रदेश मंत्री शैलेंद्र सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंहदेव सहित कई पार्षद, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
अमेरिकी टैरिफ तलवार, महंगा तेल और भारत की अर्थव्यवस्था : ऊर्जा सुरक्षा की अग्निपरीक्षा!
अमेरिका की संसद से निकली 100 प्रतिशत टैरिफ मिसाइल! -मूडीज़ ने बढ़ाया भारत का जीडीपी अनुमान 7 प्रतिशत, लेकिन तेल ने बजाई खतरे की घंटी! -भारत की अर्थव्यवस्था का अग्निपरीक्षा काल? -समग्र व्यापक विश्लेषण
भारत की ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक स्वायत्तता, महंगाई नियंत्रण,आर्थिक विकास और वैश्विक कूटनीतिक संतुलन, इन सभी की एक साथ अग्नि परीक्षा? -एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
वैश्विक स्तरपर मध्य -पूर्व में जारी संघर्ष, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका की संभावित 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ की तलवार, इन तीनों घटनाक्रमों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने एक साथ कई नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। भारत के लिए यह परिस्थिति इसलिए अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयातित कच्चे तेल पर निर्भर है। एक ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से आयात बिल, परिवहन लागत और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है,वहीं दूसरी ओर अमेरिका की संसद से पारित लिंडसे ओ.ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ़ 2026 ने रूस से ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले देशों के लिए नई अनिश्चितता पैदा कर दी है अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 16 सितंबर को यह विधेयक 262-159 मतों से पारित किया,जबकि सीनेट इसे अगस्त में 86/11 से पहले ही पारित कर चुकी थी। अब विधेयक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर की प्रक्रिया में है।यानी गेंद अप ट्रंप के पहले में चली गई है।मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र यह बताना चाहूंगा कि यहां अमेरिकी व्यवस्था को समझना भी जरूरी है।भारत की संसद में जिस प्रकार लोकसभा और राज्यसभा मिलकर कानून बनाने की प्रक्रिया पूरी करती हैं, उसी प्रकार अमेरिका में हाउस ऑफ़ रिप्रेजेन्टेटिव्स यानें प्रतिनिधि सभा और सेनेट यानें सीनेट कांग्रेस के दो सदन हैं।किसी विधेयक को कानून बनने के लिए दोनों सदनों से पारित होना और फिर राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलना आवश्यक होता है।इसलिए फिलहाल इसे भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लागू हो चुका मानना सही नहीं होगा। मौजूदा स्थिति यह है कि दोनों सदनों से विधेयक पारित हो चुका है और राष्ट्रपति के पास पहुंच गया है। कानून बनने के बाद भी 100प्रतिशत टैरिफ भारत पर अपने आप नहीं लग जाएगा; राष्ट्रपति को उपलब्ध वैधानिक अधिकारों और संबंधित परिस्थितियों के आधार पर कार्रवाई करनी होगी।रिपोर्टों के अनुसार कानून में रूस से ऊर्जा खरीदने वाले प्रमुख देशों पर सटीक 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की शक्ति का प्रावधान है, जबकि कुछ परिस्थितियों में रूस की ऊर्जा परनिर्भरता घटाने की दिशा में कदम उठाने वाले देशों के लिए अपवादों की गुंजाइश भी बताई गई है।विदेश मंत्रालय ने 17 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि भारत अपनी 140 करोड़ से अधिक आबादी की ऊर्जा सुरक्षा के लिए विविध स्रोतों और बदलती बाजार परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लेता रहेगा।मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस विषय पर अमेरिका के साथ उच्चस्तरीय चर्चा हुई है और भारत अपने व्यापारिक तथा आर्थिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
साथियों, भारत के लिए असली चुनौती यहीं से शुरू होती है। रूस से कच्चा तेल खरीदने का आर्थिक तर्क यह रहा है कि उपलब्ध परिस्थितियों में रूसी क्रूड भारतीय रिफाइनरियों के लिए प्रतिस्पर्धी कीमत और आपूर्ति विविधीकरण का महत्वपूर्ण स्रोत बना है। यदि अमेरिकी दबाव के कारण भारतीय कंपनियों को रूसी तेल की खरीद घटानी पड़ती है, तो विकल्प के रूप में इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, ब्राजील, नाइजीरिया और अंगोला जैसे स्रोतों से खरीद बढ़ाई जा सकती है।लेकिन किसी एक स्रोत को अचानक बड़े पैमाने पर बदलना केवल राजनीतिक निर्णय नहीं होता; इसमें कीमत,क्रूड की गुणवत्ता, रिफाइनरी की तकनीकी जरूरत, समुद्री मालभाड़ा, बीमा, भुगतान व्यवस्था और उपलब्धता जैसे अनेक आर्थिक पहलू शामिल होते हैं।इसलिए भारत का घोषित रुख, ऊर्जा सुरक्षा के लिए विभिन्न देशों से खरीद का विविधीकरण व्यावहारिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी 17 सितंबर को स्पष्ट किया कि उसकी प्राथमिकता देश की 140 करोड़ विशाल आबादी की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है और वह घटनाक्रम पर नजर रख रहा है।
साथियों क़्या इसे 12-13 सितंबर 2026 को भारत की मेजबानी में हुए ब्रिक्स सम्मेलन और भारत-रूस- चीन की सक्रिय कूटनीतिक निकटता की पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए? इसे सीधे तौर पर ब्रिक्स सम्मेलन की प्रतिक्रिया कहना अभी प्रमाणित तथ्य नहीं होगा। समय का मेल ज़रूर ध्यान आकर्षित करता है,ब्रिक्स बैठक के तुरंत बाद अमेरिकी विधेयक का अंतिम चरण में पहुंचना और रूस-चीन-भारत के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक संवाद का लगातार बढ़ना एक व्यापक भू- राजनीतिक संदर्भ बनाता है। लेकिन किसी कानून के पीछे सम्मेलन को प्रत्यक्ष कारण बताने के लिए ठोस सरकारी या विधायी प्रमाण आवश्यक होंगे। इसलिए इसे फिलहाल रणनीतिक प्रतिस्पर्धा की व्यापक पृष्ठभूमि और समय का संयोग,दोनों संभावनाओं के रूप में देखना अधिक तथ्यपरक होगा। अमेरिका का घोषित उद्देश्य रूस की ऊर्जा आय से मिलने वाले आर्थिक संसाधनों पर दबाव बढ़ाना है, जबकि भारत का घोषित उद्देश्य अपनी ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय आर्थिक हितों की रक्षा करना है।इस पूरे घटनाक्रम का दूसरा बड़ा पहलू कच्चे तेल की कीमत है। यदि मध्य-पूर्व का संघर्ष लंबा चलता है और वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बना रहता है, तो महंगा रूसी तेल ही नहीं बल्कि गैर-रूसी तेल भी महंगा हो सकता है। ऐसे में भारत के सामने समस्या केवल यह नहीं होगी कि रूस से कितना तेल खरीदना है, बल्कि यह भी होगी कि यदि रूसी आपूर्ति घटती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध अतिरिक्त तेल कितनी कीमत पर मिलेगा। महंगा कच्चा तेल भारत के आयात बिल को बढ़ाता है, रुपये पर दबाव डाल सकता है और पेट्रोल- डीजल, परिवहन, विमानन, रसायन, प्लास्टिक तथा अनेक औद्योगिक क्षेत्रों की लागत को प्रभावित कर सकता है। यही कारण है कि ऊर्जा सुरक्षा को केवल पेट्रोलियम मंत्रालय का विषय नहीं बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था, महंगाई और आम उपभोक्ता से जुड़ा ठीक था से विषय माना जाता है।
साथियों,फिर भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं है।वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि का अनुमान 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है।मूडीज के आकलन में मजबूत घरेलू मांग, निवेश और अर्थव्यवस्था की अब तक दिखाई गई मजबूती महत्वपूर्ण कारक हैं। एजेंसी ने साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि लंबे समय तक ऊंची ऊर्जा कीमतें और अल नीनो से जुड़ी खाद्य महंगाई भविष्य में जोखिम बढ़ा सकती है। यानी भारत की अर्थव्यवस्था ने बाहरी झटकों को अब तक काफी हद तक संभाला है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि महंगा तेल लंबे समय तक बिना प्रभाव के सटीकता से गुजर जाएगा।
साथियों, इसी संदर्भ में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति और नकदी प्रबंधन भी महत्वपूर्ण हो जाता है। 17 सितंबर को 50,000 करोड़ रूपए की सरकारी प्रतिभूतियों की ओपन मार्केट ऑपरेशन बिक्री के जरिए अतिरिक्त बैंकिंग लिक्विडिटी को सोखने की प्रक्रिया बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। सामान्य भाषा में समझें तो जब आरबीआई सरकारी बॉन्ड बेचता है, तो बैंकिंग प्रणाली से रुपये की अतिरिक्त नकदी बाहर जाती है। आरबीआई स्वयं स्पष्ट करता है कि ओएमओ बिक्री का उद्देश्य प्रणालीगत तरलता को कम करना है, जबकिओएमओ खरीद तरलता बढ़ाती है। आम ग्राहक के लिए इसका अर्थ यह नहीं है कि उसके बैंक खाते से पैसा निकाल लिया गया या उसकी जमा राशि पर कोई सीधा खतरा पैदा हो गया। यह बैंकिंग प्रणाली और वित्तीय बाजार के स्तर पर होने वाला संस्थागत ऑपरेशन है। हालांकि इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव ब्याज दरों के माध्यम से सामने आ सकता है। यदि बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी कम होती है तो बाजार की फंडिंग परिस्थितियां बदल सकती हैं और भविष्य में जमा तथा ऋण दरों पर असर पड़ सकता है। लेकिन किसी मौजूदा ऋण की ईएमआई केवल इस ओएमओ बिक्री के कारण तुरंत बढ़ना जरूरी नहीं है; इसका वास्तविक प्रभाव ऋण के प्रकार, ब्याज दर की संरचना और भविष्य में आरबीआई के व्यापकमौद्रिक रुख पर सटीकता से निर्भर करेगा।
साथियों, इस प्रकार सितंबर 2026 में भारत के सामने एक असाधारण आर्थिक संतुलन की स्थिति है। एक तरफ अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंध,दूसरी तरफ रूस से प्रतिस्पर्धी ऊर्जा आपूर्ति, तीसरी तरफ मध्य-पूर्व का भू-राजनीतिक संकट और चौथी तरफ घरेलू आर्थिक विकास को बनाए रखने की आवश्यकता।भारत के लिए समाधान किसी एक देश पर निर्भर रहने में नहीं बल्कि ऊर्जा स्रोतों,व्यापारिक साझेदारों,भुगतान प्रणालियों और रणनीतिक भंडार का लगातार विविधीकरण करने में दिखाई देता है।रूस से खरीद,पश्चिम एशिया केपारंपरिक आपूर्तिकर्ता, अमेरिका और अफ्रीकी तथा लैटिन अमेरिकी स्रोत,सभी को परिस्थितियों के अनुसार संतुलित करना भारत की ऊर्जा रणनीति का हिस्सा बन सकता है। दीर्घकाल में घरेलू उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ऊर्जा दक्षता और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार का विस्तार आयात जोखिम को कम करने में सटीकता से मदद कर सकता है।
साथियों सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत के सामने फिलहाल कोई तत्काल 100 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ लागू नहीं हुआ है,बल्कि उसके लागू होने की संभावित शक्ति वाला अमेरिकी कानून राष्ट्रपति के स्तर पर लंबित है। इसलिए आने वाले दिनों में ट्रंप प्रशासन का निर्णय, भारत -अमेरिका व्यापार वार्ता, रूस से भारतीय तेल खरीद की दिशा, मध्य-पूर्व में संघर्ष की अवधि और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत,ये सभी कारक मिलकर आगे की तस्वीर तय करेंगे। मूडीज द्वारा 7 प्रतिशत वृद्धि अनुमान यह संकेत देता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के भीतर घरेलू मांग और निवेश की ताकत मौजूद है, लेकिन महंगा तेल इस मजबूती की परीक्षा ले सकता है।
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि यह केवल रूस बनाम अमेरिका या तेल बनाम टैरिफ का मामला नहीं है। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक स्वायत्तता, महंगाई नियंत्रण,आर्थिक विकास और वैश्विककूटनीतिक संतुलन,इन सभी की एक साथ परीक्षा है। आने वाले समय में भारत की नीति का सबसे बड़ा प्रश्न यही रहेगा कि वह सस्ती और विश्वसनीय ऊर्जा की जरूरत को पूरा करते हुए अमेरिका समेत अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंधों को किस प्रकार संतुलित करता है। यही संतुलन यह तय करेगा कि मौजूदा वैश्विक संकट भारत की विकास गति पर अस्थायी दबाव बनता है या देश की आर्थिक और ऊर्जा रणनीति को और अधिक विविध एवं आत्मनिर्भर बनाने का अवसर साबित होता है।
क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318
Soil Health & Fertility योजना अंतर्गत School Soil Health Programme के तहत PM श्री KGBV आदित्यपुर, गम्हरिया में प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ आयोजित।
सरायकेला-खरसावां
जिले में Soil Health & Fertility योजना अंतर्गत School Soil Health Programme के तहत आज PM श्री KGBV आदित्यपुर, गम्हरिया में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मृदा स्वास्थ्य, मृदा परीक्षण एवं Soil Health Card से संबंधित जानकारी दी गई। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. पंकज सेठ एवं आत्मा के उप निदेशक श्री विजय सिंह उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मृदा स्वास्थ्य के महत्व, मृदा परीक्षण की उपयोगिता तथा फसल उत्पादन में संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को वैज्ञानिक तरीके से मृदा नमूना संग्रहण की प्रक्रिया समझाई गई तथा Soil Sample Collection का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
School Soil Health Programme के माध्यम से विद्यार्थियों में मृदा स्वास्थ्य एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूकता विकसित करने तथा मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित एवं आवश्यकता आधारित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित विद्यालयों से कुल 50 Soil Samples संग्रहित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कार्यक्रम के तहत खरसावां एवं चांडिल के PM श्री KGBV में विद्यार्थियों को प्रशिक्षण पूर्व में दिया जा चुका है। इसी क्रम में आज PM श्री KGBV आदित्यपुर, गम्हरिया में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। आगे भी जिले के चयनित विद्यालयों में School Soil Health Programme के तहत विद्यार्थियों को मृदा स्वास्थ्य, मृदा परीक्षण एवं वैज्ञानिक मृदा नमूना संग्रहण से संबंधित प्रशिक्षण एवं जानकारी प्रदान की जाएगी।
टायो रोल्स बचाओ, मजदूरों का भविष्य बचाओ – 20 सितंबर को खरकई पुल से टायो गेट तक मानव श्रृंखला।
सरायकेला/गम्हरिया
टायो रोल्स लिमिटेड के कामगारों के रोजगार, अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए कोल्हान मजदूर यूनियन एवं टायो मजदूर यूनियन ने एकजुट होकर बड़ा आंदोलन का ऐलान किया है।
यूनियन द्वारा जारी आमंत्रण पत्र के अनुसार 20 सितंबर 2026, रविवार को सुबह 10 बजे “मजदूर जागरूकता अभियान – मानव श्रृंखला” का आयोजन किया जाएगा।
यह मानव श्रृंखला खरकई पुल (गम्हरिया बाजार) से टायो रोल्स लिमिटेड गेट तक बनाई जाएगी।
यूनियन ने क्या कहा?
यूनियन के नेताओं ने बताया कि टायो रोल्स सहित कई औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बंद होने से हजारों मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
> “श्रम और पूंजी एक-दूसरे के पूरक हैं। श्रमिकों के बिना उद्योग नहीं चल सकता और उद्योग के बिना श्रमिकों को रोजगार नहीं मिल सकता। इसलिए उद्योग के विकास के साथ मजदूरों के अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा भी जरूरी है।”
यूनियन ने सभी कामगार साथियों, उनके परिवार और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस मानव श्रृंखला में शामिल होकर एकता का परिचय दें।
कार्यक्रम का विवरण: – दिनांक: 20 सितंबर 2026, रविवार – समय: प्रातः 10:00 बजे – मार्ग: गम्हरिया बाजार / खरकई पुल से टायो गेट तक – निवेदक: कोल्हान एवं टायो मजदूर यूनियन
मुख्य नारे – रोजगार बचाओ, मजदूर बचाओ, मजदूर एकता जिंदाबाद, हमारा हक हमारी आवाज हमारी एकता।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद की ‘जागो हिन्दू जागो यात्रा’ 18 सितंबर से, लखनऊ से शुरू होकर 7 जिलों से गुजरेगी।
लखनऊ
विश्व हिंदू रक्षा परिषद द्वारा दिनांक 18 सितंबर से 20 सितंबर तक ‘जागो हिन्दू जागो यात्रा’ का आयोजन किया गया है।
यात्रा का नेतृत्व संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय गोपाल राय करेंगे। यात्रा लखनऊ से शुरू होकर उन्नाव, कानपुर, उरई, जालौन, झांसी, आगरा होते हुए वापस लखनऊ मुख्यालय पहुंचेगी।
संगठन की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि दिए गए जिलों एवं स्थानों से जो भी सदस्य विश्व हिंदू रक्षा परिषद व हिन्दू राष्ट्र परिकल्पना से जुड़ना चाहते हैं, वे नीचे दिए गए संपर्क नंबर पर कॉल या व्हाट्सऐप के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
आदित्यपुर में धूमधाम से मनी भगवान विश्वकर्मा पूजा, रेणु देवी इंटरप्राइजेज में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
सरायकेला/आदित्यपुर
औद्योगिक नगरी आदित्यपुर में भगवान विश्वकर्मा पूजा बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर रेणु देवी इंटरप्राइजेज, रेणु देवी ड्रिंकिंग वाटर एवं रेणु देवी वाशिंग सेंटर, आदित्यपुर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया।
प्रोपराइटर रेणु देवी के नेतृत्व में पूरे विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा की गई। प्लांट में लगी AQUAGOLD RO मशीनों, वाशिंग सेंटर की मशीनों और वाहनों की पूजा कर सुख-समृद्धि और तरक्की की कामना की गई।
पूजा के दौरान पंडित जी द्वारा मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन संपन्न कराया गया। इस दौरान परिवार के सदस्य, कर्मचारी और आसपास के दुकानदार मौजूद रहे।
पूजा के उपरांत सैकड़ों लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। आसपास के राहगीरों, ऑटो चालकों और स्थानीय लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे परिसर को फूल-मालाओं और झालरों से सजाया गया था।
रेणु देवी ने बताया कि भगवान विश्वकर्मा शिल्प और मशीनों के देवता हैं। उन्हीं की कृपा से आज उनका यह छोटा सा उद्योग लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा रहा है और कई लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों को विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं दीं।
मौके पर रेणु देवी इंटरप्राइजेज के सभी कर्मचारी और गणमान्य लोग उपस्थित थे।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एस टाइप शाखा पर गंभीर आरोप : उद्यमी महिला को एक महीने तक दौड़ाया, फिर लोन देने से किया इनकार।
सरायकेला/आदित्यपुर
रेणु देवी इंटरप्राइजेज की प्रोपराइटर रेणु देवी, निवासी आदित्यपुर, सरायकेला-खरसावां ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एस टाइप शाखा, आदित्यपुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़िता का आरोप है कि
उन्होंने अपने व्यापार के लिए लोन हेतु आवेदन किया था। बैंक ने उनसे सभी जरूरी दस्तावेज लिए, फिजिकल वेरिफिकेशन किया, दुकान/जगह का निरीक्षण किया और फोटो भी लिया।
इस प्रक्रिया में लगभग एक महीना बीत गया। इसके बाद बैंक की तरफ से कहा गया कि आपके CIBIL / eligibility में स्कोर कम दिख रहा है, इसलिए आपको कम लोन मिलेगा। रेणु देवी कम लोन के लिए भी तैयार हो गईं और फिर से सारे कागजात बनवाकर बैंक में जमा किए।
पहले लगभग 13 लाख का आवेदन किया गया था, जिसे बाद में घटाकर 3 लाख कर दिया गया।
इतना सब करने के बाद अब शाखा प्रबंधक श्रीमती मोनिका वर्मा द्वारा कहा जा रहा है कि “आपका एक लोन पहले से चल रहा है, वह खत्म होगा तभी दूसरा लोन मिलेगा।”
उठ रहे हैं बड़े सवाल
1. अगर आवेदिका का पहले से लोन चल रहा था, तो यह जानकारी बैंक के सिस्टम में पहले दिन ही क्यों नहीं देखी गई? 2. एक महीने तक वेरिफिकेशन, फोटो, डॉक्यूमेंट लेने का क्या मतलब था? 3. क्या आम उद्यमियों, खासकर महिला उद्यमियों को इस तरह परेशान करना उचित है?
रेणु देवी का कहना है कि बैंक के इस रवैये से न सिर्फ उनका समय और पैसा बर्बाद हुआ, बल्कि मानसिक रूप से भी वे परेशान हुईं।
पीड़िता ने यूनियन बैंक के वरीय अधिकारियों और जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और जांच करने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई अन्य आम नागरिक इस तरह परेशान न हो।
बैंक प्रबंधक से पूछे जाने पर कहा कि जो प्रॉब्लम यहां आ रहा है वही सभी बैंकों में भी आएगा और मेरे ऊपर काम का प्रेशर है आपके इंतजार करना पड़ेगा।