घाटशिला उपचुनाव में स्टार प्रचारक के रूप में दिखेंगा सपा प्रदेश महासचिव सह प्रवक्ता शुभम सिन्हा का चेहरा।

घाटशिला उपचुनाव में स्टार प्रचारक के रूप में दिखेंगा सपा प्रदेश महासचिव सह प्रवक्ता शुभम सिन्हा का चेहरा।

पूर्वी सिंहभूम/घाटशिला

( सोनू कुमार सिंह )

समाजवादी पार्टी रांची के प्रदेश कार्यालय में 1 नवंबर 2025 को हो रहे घाटशिला उपचुनाव के लिए स्टार प्रचारक के सूची जारी की गई, जिसमे प्रदेश युवजन समाजवादी पार्टी के महासचिव सह प्रवक्ता शुभम सिन्हा का नाम शामिल हुआ।

इस मौके पे शुभम सिन्हा ने बोला कि पूर्वा मुख्यमंत्री सह राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूरी तौर से युवाओं के हाथ में जिम्मेदारी की कमान सौंपने को तैयार हैं इस बार, ऐसे में युवा शक्ति पूरे झारखंड में अब सशक्त होने को तैयार हैं, घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में समाजवाद महागठबंधन के प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन जी को जीत सुनिश्चित हेतु काम कर रहे हैं, आगे भी महागठबंधन धर्म का पालन किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में कार्यालय में झारखंड प्रदेश अध्यक्ष रंजन यादव एवं प्रदेश प्रमुख महासचिव मुस्तफा अंसारी के उपस्थिति थे एवं सूची जारी हुई, 3 नवंबर को सपा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष घाटशिला दौरा पे रहेंगे ।

आर आई टी थाने में नहीं सुनी गई फरियाद। मामला पहुंचा कोल्हान कमिश्नर के पास,पीड़िता की निगाहें कोल्हान कमिश्नर पर।

आर आई टी थाने में नहीं सुनी गई फरियाद। मामला पहुंचा कोल्हान कमिश्नर के पास,पीड़िता की निगाहें कोल्हान कमिश्नर पर।

आर आई टी थाने की पुलिस ने जिले के पुलिस अधीक्षक के आदेश को भी नकारा।

सरायकेला/आर आई टी

( सोनू कुमार सिंह )

इन दिनों आर आई टी थाने की पुलिस की मनमानी बढ़ती ही जा रही है। साथियों किसी के भी साथ जब किसी तरह की दुर्घटना हो या फिर किसी परेशानी से लोग पीड़ित हो ऐसे में लोग सबसे पहले अपने स्थानीय थाना का ही दरवाजा खटखटाते हैं एवं थाने में जाकर न्याय की गुहार लगाते हैं वहीं जब थाने में पीड़ित को न्याय नहीं मिलता उस वक्त पीड़ित का मन उदास एवं हताश हो जाता है एवं पीड़ित व्यक्ति अंदर ही अंदर निराश हो जाते हैं व टूट जाते है।

थाने में दिया हुआ लिखित शिकायत

ऐसा ही एक मामला आर आई टी थाना क्षेत्र में इन दिनों काफी चर्चा में है जिसमें की एक महीने बीत जाने के बावजूद भी पीड़िता को न्याय नहीं मिला।

कोल्हान कमिश्नर ( नेलसम ऐयोन लागे )

क्या है मामला

मीरुडीह निवासी मुस्कान सिंह अपने पति के साथ एक अक्टूबर की रात्रि को 11:15 से 11:45 के बीच आदित्यपुर की ओर से मिरुडीह अपने निवास स्थान की ओर जा रही थी तभी मरुडीह की ओर से आ रही एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार ने प्रभात खबर एवं पन्ना मेटल वायर कंपनी के समीप धक्का मार कर भाग खड़ा हुआ जिसमें की मुस्कान सिंह व उनके पति मोटरसाइकिल से गिर गए जिसमें की मुस्कान सिंह को काफी गंभीर चोटे भी आई।

वहीं दुर्घटना वाली रात ही मुस्कान सिंह के पति सोनू सिंह ने आर आई टी थाना प्रभारी को मैसेज के जरिए घटना की सूचना दी एवं फोन के माध्यम से पूरी घटना से अवगत कराया

वहीं घटना के बाद मुस्कान सिंह ने थाने में जाकर घटना की लिखित शिकायत करते हुए थाना प्रभारी से उक्त कार एवं कार चालक पर प्राथमिक की दर्ज कर कठोर से कठोर कार्रवाई करने की मांग की

वहीं इस मामले के लगभग एक महीने बीत जाने के बावजूद भी थाने की ओर से किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई थक हार कर एवं हताश होकर मुस्कान सिंह ने अपने माता-पिता को अपनी आपबीती बताई एवं इस मामले पर सहायता मांगी। अपने बच्चें की आप बीती सुनकर माता-पिता दोनों ही काफी परेशान हो उठे एवं इस मामले को लेकर माता-पिता ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष न्याय की गुहार लगाई लेकिन स्थानीय थाना ने पुलिस अधीक्षक की बातों को भी नकार दिया एवं किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की।

आखिर में थक हार कर मुस्कान सिंह के माता-पिता ने कोल्हान कमिश्नर से इस मामले पर उचित एवं निष्पक्ष जांच करते हुए उक्त कार पर एवं कार चालक पर कार्रवाई करने की मांग की है अब देखना यह दिलचस्प होगा कि इस मामले पर कोल्हान कमिश्नर क्या कदम उठाते हैं एवं मुस्कान सिंह को आखिर कब तक न्याय मिल पाता है।

चक्रवाती तूफान मोंथा का कहर,धान की फसल हुई नष्ट.

चक्रवाती तूफान मोंथा का कहर,धान की फसल हुई नष्ट.

सरायकेला/ईचागढ़

( मालखान महतो)
सरायकेला-खरसावां जिला के चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में मंगलवार शाम से हो रही आंधी तुफान और रुक रुक कर हो रही बारिश से किसानों के मेहनत पर पानी फेर दिया है। मोंथा चक्रवर्ती तुफान का ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में काफी असर देखने को मिला। खेत में खड़ी और तैयार धान की फसलों को आंधी तूफान से गीला दिया, जिससे अधिकांश खेतों में खड़ी धान नष्ट हो गया। इस वर्ष लगातार भारी बारिश से जहां धान बीचड़ा नष्ट होने से किसानों को दुबारा बीज डालने से क्षति हुई, वहीं पके और अधपके धानों पर चक्रवर्ती तुफान ने अपना रौद्र रूप से फसलों को नष्ट कर दिया, जिससे किसान काफी चिंतित हैं। तालापीढ़ी निवासी किसान निमाई चंद्र महतो ने बताया कि बेमौसम बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान धान की खेती पर हुआ है।

उन्होंने बताया कि धान की बाली हवा और पानी से अपने आप गिर रही है जिससे खराब होने की संभवाना है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अत्यधिक बारिश होने के कारण धान की फसल पर विभिन्न प्रकार की बीमारी भी हुआ है। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग से तत्काल किसानों के लिए मुआवजा देने का मांग किया है। उन्होंने कहा कि किसान बार बार की आपदा से काफी तनाव महसूस कर रहे हैं और सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।

उप विकास आयुक्त ने किया कुकड़ू प्रखंड कार्यालय का निरीक्षण

उप विकास आयुक्त ने किया कुकड़ू प्रखंड कार्यालय का निरीक्षण

सरायकेला/ईचागढ़

( मालखान महतो )

सरायकेला-खरसावां जिला के डीडीसी रीना हांसदा ने शुक्रवार को कुकड़ू प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बीडीओ कार्यालय में सभी विभागों से कार्य प्रगति की बारी बारी से जानकारी ली। उन्होंने मनरेगा,आबुआ आवास ,पीएम आवास, जेएसएलपीएस,15 वीं वित्त आयोग सहित आकांक्षी प्रखंड में चल रहे कल्याणकारी योजनाओं का प्रगति के संबंध में जानकारी लिया। उन्होंने क्वार्टरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सभी हल्का कर्मचारियों एवम सीआई को निर्देश दिया कि जाति, आय आवासीय प्रमाण पत्रों का निष्पादन ससमय करे।

इसी दौरान डीडीसी ने कहा कि कुकड़ू आकांक्षी प्रखंड है जिससे बीते दिनों आईएस ऑफिसरों का प्रशिक्षण होना है , प्रशिक्षण के दौरान आकांक्षी प्रखंड का दौरा कर फील्ड विजिट कर क्षेत्र का अवलोकन करेंगे। वहीं भाजपा के कुकड़ु मंडल अध्यक्ष भरत चन्द्र महतो ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुकड़ू प्रखंड सिर्फ कागजों पर ही आकांक्षा प्रखंड है। यहां के बीडीओ मैडम सीओ, एमओ, सीडीपीओ आदि प्रमुख पदों का प्रभार में है। एक ही पदाधिकारी चार – चार पदाधिकारी का प्रभार में रहने से समय पर लोगों का काम नहीं हो रहा है। दीदी बाड़ी एवं बागवानी का काम छोड़कर मनरेगा के तहत कोई भी योजना नहीं चल रहा है।

उन्होंने कहा कि मजदूरों को काम नहीं मिलने से मजदूरों का पलायन हो रहा है। उन्होंने मनरेगा योजना से सभी तरह के नये कार्य का भी शुभारंभ करने का मांग किया है। उन्होंने योजनाओं में उदासीन रवैया के खिलाफ जन आंदोलन करने का भी चेतावनी दिया। उन्होंने कहा कि यहां विकास के नाम पर विनाश हो रहा है।

तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत जिले में चलाया गया छापामारी अभियान।

तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत जिले में चलाया गया छापामारी अभियान।

सरायकेला-खरसावां

दुकानों एवं व्यक्तियों पर की गई कार्रवाई, ₹1400 अर्थदंड वसूला गया।

31 अक्टूबर, 2025 को तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत जनजागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान चलाया गया। इस क्रम में सरायकेला-खरसावाँ जिले के नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत संजय चौक एवं कालूराम चौक स्थित विभिन्न दुकानों में निषिद्ध तंबाकू उत्पादों की बिक्री तथा सार्वजनिक स्थलों पर उपभोग के विरुद्ध छापामारी अभियान संचालित किया गया।

यह अभियान राज्य नोडल पदाधिकारी (NTCP) डॉ. अश्विनी कुमार एवं सिविल सर्जन सरायकेला-खरसावाँ डॉ. सरयू प्रसाद सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ। अभियान के दौरान सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दुकानों एवं व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए ₹1400 का अर्थदंड वसूला गया।

इस अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी श्री सुबीर रंजन, डॉ. चंदन पासवान, NTCP स्टेट कोऑर्डिनेटर श्री धीरज कुमार, सिटी मैनेजर नगर पंचायत श्री महेश जरिका, NTCP कंसल्टेंट श्री अशोक यादव, जिला कार्यक्रम समन्वयक (NCD) श्री पुष्कर भूषण, तथा सरायकेला थाना के पदाधिकारी एवं पुलिस बल शामिल रहे।

सिविल सर्जन ने बताया कि तंबाकू सेवन जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है तथा इसे रोकने के लिए जिले में सतत प्रवर्तन एवं जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन करने वाले एवं निषिद्ध उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की नियमित कार्रवाई की जाएगी।

इंडिया गठबंधन द्वारा घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के प्रभारी बनाए गए प्रदेश सपा प्रवक्ता शुभम सिन्हा जमशेदपुर

इंडिया गठबंधन द्वारा घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के प्रभारी बनाए गए प्रदेश सपा प्रवक्ता शुभम सिन्हा जमशेदपुर

घाटशिला/पूर्वी सिंहभूम

शुभम सिन्हा ने बोला कि इंडिया गठबंधन का निर्णय सदैव युवा वर्ग को जगह देती हैं झारखंड से दिल्ली तक जोकि युवा शक्ति ही देश की रीढ़ की हड्डी हैं, आज इंडिया सपोर्टर यूनिट द्वारा मुझे झारखंड राज्य में चल रही उपचुनाव में घाटशिला विधानसभा प्रभारी का दायित्व संभालने की ज़िम्मेदारी सौंपा गई हैं, घाटशिला उपचुनाव में महागठबंधन के प्रत्याशी सोमेश सोरेन को जीत दिलाने के इण्डिया ब्लॉक अपने दायित्व निभाने के लिए सज्ज हैं।

देश की आवाज़ हैं इंडिया गठबंधन अतः हम गठबंधन धर्म का पालन करेंगे जिससे माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं महागठबंधन के प्रत्याशी सोमेश चंद्र शोरेन जी को मजबूती प्रदान करने का काम करेंगे इस उपचुनाव में ।

ट्रंप-ज़िनपिंग के बीच समझौता वास्तव में अमेरिका की रणनीतिक सफ़लता है, या चीन की शतरंजी चाल का एक हिस्सा -एक सटीक विश्लेषण

ट्रंप-ज़िनपिंग के बीच समझौता वास्तव में अमेरिका की रणनीतिक सफ़लता है, या चीन की शतरंजी चाल का एक हिस्सा -एक सटीक विश्लेषण

दक्षिण कोरिया बुसान बैठक- संवाद या शक्ति प्रदर्शन?“छह साल बाद एक फ्रेम में दिखे डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग- वैश्विक शक्ति संतुलन की नई परिभाषा”

दक्षिण कोरिया बुसान ट्रंप- ज़िनपिंग मुलाक़ात -दुनियाँ के लिए एक प्रतीकात्मक संदेश है,कि वैश्विक शांति का रास्ता संवाद से गुजरता है, जिसमें विश्वास और समानता की भावना हो, ज़ो नहीं दिखा-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र

गोंदिया/महाराष्ट्र

वैश्विक स्तरपर दुनियाँ की निगाहें आज दक्षिण कोरिया के बुसान शहर पर टिकी थीं, जहाँ लगभग छह वर्षों केअंतराल के बाद अमेरिकी राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक ही फ्रेम में नजर आए। यह दृश्य प्रतीकात्मक रूप से जितना साधारण दिखा,उतना ही भू-राजनीतिक दृष्टि से गूढ़ था। दोनों नेता विश्व राजनीति की दो ऐसी ध्रुवीय शक्तियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से वैश्विक आर्थिक, सैन्य और वैचारिक प्रतिस्पर्धा में लिप्त हैं। मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं कि यद्यपि मंच साझा करने का दृश्य शांति और संवाद का संदेश देता है, किंतु दोनों के बीच उपस्थित कूटनीतिक दूरी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। यह दूरी मात्र शारीरिक नहीं, बल्कि नीतिगत, विचारधारात्मक और शक्ति-प्रदर्शन की गहराइयों में निहित है।साउथ कोरिया के बुसान में हुई यह बैठक औपचारिक रूप से एशिया- पैसिफिक क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा मुद्दों पर केंद्रित थी। लेकिन इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य था,वैश्विक शक्ति समीकरणों को पुनः परिभाषित करना। ट्रंप, जो दोबारा अमेरिकी राजनीति के केंद्र में लौट आए हैं, अपनी पूर्ववर्ती नीतियों के समान ही इस बार भी “अमेरिका फर्स्ट” एजेंडा लेकर आए हैं। दूसरी ओर, शी जिनपिंग, जो अपनी तीसरी कार्यावधि में चीन को एक आर्थिक और सैन्य सुपरपावर के रूप में स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हैं, इस बैठक को एक मंच के रूप में देख रहे थे,जहाँ चीन अपनी रणनीतिक आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन कर सके।

एडवोकेट किशन सनमुखदास

हालांकि, इन दोनों के बीच हुए संवाद की प्रकृति में ठंडापन झलक रहा था।ऐसा प्रतीत हुआ मानो दोनों नेता एक औपचारिक कूटनीतिक आवश्यकता के तहत एक साथ बैठे हों, न कि आपसी विश्वास या सामरिक साझेदारी के उद्देश्य से बैठक की।

साथियों बात अगर हम दक्षिण कोरिया बुसान बैठक चीन-रूस ऊर्जा गठबंधन और अमेरिकी मौन को समझने की करें तो, वर्तमान वैश्विक ऊर्जा समीकरण में चीन और रूस के बीच का गठबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। रूस- यूक्रेन युद्ध के बाद, जब पश्चिमी देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए, तब चीन ने रूस से कच्चे तेल की खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि की।आज चीन रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार बन चुका है।लेकिन बुसान की बैठक में, जहाँ ट्रंप ने भारत पर रुस से तेल खरीदने पर 50 पर्सेंट टैरिफ लगाने जैसे कठोर आर्थिक कदमों की घोषणा की थीं, वहीं उन्होंने चीन-रूस ऊर्जा गठबंधन के मुद्दे पर आश्चर्यजनक मौन बनाए रखा। ताइवान चीन संबंधों पर भी यह मौन तथा 10 पर्सेंट टैरिफ कम करना अमेरिका की रणनीतिक विवशता को दर्शाता है,क्योंकि ट्रंप भली-भांति जानते हैं कि रूस के तेल व्यापार में चीन की भागीदारी पर सीधा प्रश्न उठाना एक व्यापक जियो- इकोनॉमिक टकराव को जन्म दे सकता है।दूसरी ओर, ट्रंप भारत के उभरते व्यापारिक प्रभाव और डॉलर-मुक्त ऊर्जा सौदों से असहज हैं। इसलिए उन्होंने भारत पर टैरिफ बढ़ाकर आर्थिक दबाव बनाने की रणनीति अपनाई ,यह चीन के बजाय एक सॉफ्ट टारगेट पॉलिसी की झलक है।अमेरिका और चीन की प्रतिद्वंद्विता अब केवल आर्थिक नहीं रही,यह अब सॉफ्ट पावर बनाम हार्ड पॉलिटिक्स की लड़ाई बन चुकी है। चीन अपनी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव,टेक्नोलॉजी हब्स और डिजिटल युआन के माध्यम से एक वैकल्पिक वैश्विक आर्थिक व्यवस्था तैयार कर रहा है। वहीं अमेरिका अपने पुराने सहयोगियों जापान, दक्षिण कोरिया,ऑस्ट्रेलिया और भारत (क्वाड के ज़रिए) के साथ सामरिक संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है।बुसान बैठक इस व्यापक संघर्ष का एक कूटनीतिक मंच बनकर उभरी। ट्रंप और शी जिनपिंग दोनों ने अपने-अपने राजनीतिक हितों को साधने की कोशिश की,परंतु विश्वास की पुनर्स्थापना अभी बहुत दूर दिख रही है।

साथियों बात अगर हम ट्रंप की गर्मजोशी और शी जिनपिंग की भावहीनता-दो व्यक्तित्व, दो रणनीतियाँ मंत्र को समझने की करें तो,जब बैठक की शुरुआत हुई, ट्रंप पूरे उत्साह और आत्मविश्वास में दिखाई दिए। उन्होंने शी जिनपिंग की ओर बढ़ते हुए अत्यंत गर्मजोशी से हाथ मिलाया। यह वही ट्रंप हैं,जिन्होंने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान “ट्रेड वॉर” के जरिए चीन की अर्थव्यवस्था को चुनौती दी थी,लेकिन साथ ही समय- समय पर व्यक्तिगत संबंधों की राजनीति का भी प्रयोग किया। उनके चेहरे पर मुस्कुराहट,आत्मीयता और कैमरों की ओर देखने का आत्मविश्वास था,यह ट्रंप की विशिष्ट शैली है, जो वे अक्सर कूटनीतिक मंचों पर दिखाते हैं।इसके विपरीत,शी जिनपिंग का चेहरा लगभग भावहीन था, न मुस्कुराहट,न तनाव,न ही कोई प्रतिक्रिया। यह चीन की कूटनीतिक परंपरा का हिस्सा है,जहाँ “संयम”और “भावनाओं का नियंत्रण” नेतृत्व की परिपक्वता का प्रतीक माना जाता है। लेकिन इस बार उनकी शांति एक गहरी असहमति या असंतोष का संकेत भी दे रही थी। यह संकेत उस अविश्वास का था,जो अमेरिका और चीन के बीच पिछले कुछ वर्षों में और गहराता गया है,विशेषकर ट्रेड वॉर, टेक्नोलॉजी कंट्रोल्स, साउथ चाइना सी विवाद, और ताइवान के मुद्दों के कारण।

साथियों बात अगर हम ट्रंप का “अकेले चलना”,शक्ति प्रदर्शन या संदेश? कुछ समझने की करें तो,बैठक के समापन पर जब सभी नेता अपने-अपने मार्ग की ओर बढ़े, तो ट्रंप ने शी जिनपिंग के साथ कुछ औपचारिक शब्दों का आदान-प्रदान करने के बाद उन्हें उनकी गाड़ी तक छोड़ा फिर वहां से अकेले प्रस्थान किया। यह दृश्य मीडिया के कैमरों में कैद हुआ और तुरंत अंतरराष्ट्रीय सुर्खियाँ बन गया। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का “अकेले चलना” किसी अनायास घटना का परिणाम नहीं था, बल्कि एक सामरिक संकेत था,यह दिखाने के लिए कि अमेरिका किसी पर निर्भर नहीं है और वह विश्व मंच पर एकाकी नेतृत्व करने में सक्षम है। इसके विपरीत, शी जिनपिंग ने इस दृश्य को पूरी तरह नज़र अंदाज़ किया। उनका शांत और संयमित व्यवहार यह दर्शा रहा था कि चीन भावनात्मक प्रतिक्रियाओं से ऊपर उठकर रणनीतिक स्तर पर सोच रहा है। यह उनके “सॉफ्ट पॉवर” और “कूटनीतिक मौन”की नीति का प्रतीक है,जहाँ प्रतिक्रियाएँ शब्दों से नहीं, बल्कि नीतियों से दी जाती हैं।

साथियों बात अगर हम ट्रंप की मीडिया रणनीति और “10 में से 12” अंक देने को समझने की करें तो,मीटिंग के बाद अमेरिकी मीडिया में ट्रंप ने बयान दिया कि वे इस बैठक को “सफल” मानते हैं और उसे 10 में से 12 अंक देते हैं। यह बयान उनके विशिष्ट अंदाज़ का हिस्सा था अतिशयोक्ति पूर्ण, आत्मविश्वासी और मीडिया आकर्षण केंद्रित। ट्रंप जानते हैं कि उनकी राजनीतिक पहचान केवल नीतियों से नहीं, बल्कि नैरेटिव कंट्रोल से बनती है।उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि वे एक ऐसे नेता हैं,जो हरपरिस्थिति में विजयी दिखाई देते हैं।यह अमेरिकी मतदाताओं के लिए एक मनोवैज्ञानिक संकेत था कि ट्रंप वैश्विक कूटनीति में फिर से सक्रिय हैं और “अमेरिका की प्रतिष्ठा” को पुनः स्थापित कर रहे हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीयविश्लेषकों का मत इससे भिन्न है। उनका कहना है कि ट्रंप की यह सफलता घोषणा अधिकतर प्रचारात्मक थी, क्योंकि बैठक में किसी ठोस नीति या समझौते की घोषणा नहीं हुई।

साथियों बातअगर हम ट्रंप व ज़िनपिंग क़ी बुसान बैठक के भू-राजनीतिक निहितार्थ को समझने की करें तो, बुसान की बैठक केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी,यह आने वाले दशक की अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने वाला संकेत थी। अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा अब भू-अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल प्रभुत्व और कूटनीतिक गठबंधनों में परिलक्षित होगी।ट्रंप और शी जिनपिंग के चेहरे के भाव, उनकी शारीरिक भाषा, और उनके मौन तक ने इस बात को स्पष्ट कर दिया कि यह शीत युद्ध का नया संस्करण शुरू हो चुका है,एक ऐसा युद्ध, जिसमें हथियार नहीं बल्कि टैरिफ, टेक्नोलॉजी और ट्रेड ब्लॉक इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

साथियों बात अगर हम भारत की भूमिका, संतुलनकारी शक्ति को समझने की करें तो,इस पूरी परिदृश्य में भारत की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जहाँ ट्रंप भारत पर टैरिफ बढ़ाकर आर्थिक दबाव बना रहे हैं, वहीं भारत अब वैश्विक मंचों पर रणनीतिक आत्मनिर्भरता और मल्टी- अलाइनमेंट की नीति अपना रहा है। भारत न तो अमेरिका की कठपुतली है,न चीन का समर्थक ,बल्कि वह दोनों के बीच एक तटस्थ शक्ति संतुलनकारी देश के रूप में उभर रहा है। ट्रंप का भारत पर टैरिफ लगाना यह भी दर्शाता है कि अमेरिका अब भारत को केवल सहयोगी नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था के रूप में देखने लगा है। वहीं चीन भारत को एशिया में अमेरिका की कूटनीति का विस्तार मानता है। इस जटिल त्रिकोणीय संबंध में, भारत का हर कदम अब वैश्विक शक्ति समीकरणों को प्रभावित करता है।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि एक फ्रेम में दो विपरीत ध्रुव,छह वर्षों बाद एक ही मंच पर दिखाई दिए ट्रंप और शी जिनपिंग,परंतु उनके बीच की मानसिक दूरी शायद पहले से भी अधिक बढ़ चुकी है। ट्रंप की राजनीति “सीधे टकराव और मीडिया प्रभुत्व” पर आधारित है, जबकि शी जिनपिंग “रणनीतिक संयम और दीर्घकालिक योजनाओं” के प्रतीक हैं।यह मुलाकात दुनियाँ के लिए एक प्रतीकात्मक संदेश है, कि वैश्विक शांति का रास्ता संवाद से गुजरता है,लेकिन संवाद तभी फलदायी होता है जब उसमें विश्वास और समानता की भावना हो। बुसान की यह मुलाकात फिलहाल विश्वास नहीं,बल्कि अविश्वास का संकेत बनकर उभरी है।ट्रंप और शी जिनपिंग भले ही एक फ्रेम में कैद हुए हों,लेकिन उनके बीच की विचारधारात्मक और नीतिगत दूरी आज भी उतनी ही गहरी है,जितनी प्रशांत महासागर के दोनों किनारों के बीच की दूरी।

संकलनकर्ता लेखक-क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यम सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9359653465

आदिवासी कुड़मि समाज के प्रदेश संगठन सचिव स्व. संजीव कुमार महतो के असामयिक निधन पर गहरा शोक

आदिवासी कुड़मि समाज के प्रदेश संगठन सचिव स्व. संजीव कुमार महतो के असामयिक निधन पर गहरा शोक

पश्चिम सिंहभूम

आदिवासी कुड़मि समाज आज अत्यंत मर्माहट और शोक की स्थिति में है। समाज के समर्पित, संघर्षशील एवं कर्मठ नेता प्रदेश संगठन सचिव संजीव कुमार महतो का असामयिक निधन समाज के लिए अपूर्णीय क्षति है।

पश्चिम सिंहभूम जिला अंतर्गत चक्रधरपुर प्रखंड के चंद्री ग्राम निवासी स्व. संजीव कुमार महतो समाज के उन बिरला कार्यकर्ताओं में से थे जिन्होंने जीवनभर कुड़मि समाज की एकता, सम्मान, संस्कृति की रक्षा तथा सामाजिक जागरण के लिए स्वयं को समर्पित रखा। रेल टेका आंदोलन, सामाजिक उत्थान के कार्यों और झारखंड, बंगाल एवं ओडिशा में समाज के संगठन को सुदृढ़ बनाने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

दिनांक 29 अक्टूबर की सुबह टहलने के दौरान हुए दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आई। तत्पश्चात रेलवे अस्पताल चक्रधरपुर में प्राथमिक उपचार के बाद उचित चिकित्सा हेतु जमशेदपुर टीएमएच में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें संध्या 7:25 बजे मृत घोषित कर दिया।

उनका इस प्रकार अकस्मात् चले जाना न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि संपूर्ण कुड़मि समाज के लिए गहन शोक और पीड़ा का विषय है। उन्होंने अपने पीछे विधवा मां, एक भाई, एक बहन, शिक्षिका पत्नी, एक पुत्री और एक पुत्र को छोड़ दिया है। समाज इस दुखद घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है और ईश्वर से प्रार्थना करता है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा परिवार को इस असहनीय क्षति को सहने की शक्ति दें।

उनके अंतिम संस्कार के समय समाज के वरिष्ठ मुलखुंटी मूलमानता अजीत प्रसाद महतो, केंद्रीय अध्यक्ष शशांक शेखर महतो, केंद्रीय महासचिव सुनील कुमार गुलिआर, केंद्रीय सहसचित जयराम महतो, गुणधाम मुतरुआर सहित अनेक सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित थे,

जिन्होंने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी और समाज से आह्वान किया कि हम सभी स्व. संजीव कुमार महतो के अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।
स्व. महतो जी का जीवन समाजसेवा, निष्ठा और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उनका जाना केवल एक व्यक्ति के नहीं, बल्कि एक विचारधारा की क्षति है। अब यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि उनके सपनों के समाज की दिशा में एकजुट होकर कार्य करें।

डंपर के चपेट में आने से बाईक चालक युवक की हुई दर्दनाक मौत

डंपर के चपेट में आने से बाईक चालक युवक की हुई दर्दनाक मौत

सरायकेला/ईचागढ़


(मालखान महतो )

सरायकेला खरसावां जिला के नीमडीह थाना क्षेत्र के पारगामा पंचायत के चुनचुरिया टोला जामडीह में तालाब के पास तीखा मोड़ पर एक बाइक सवार की दर्दनाक मौत हो गई ।घटना सुबह 11 बजे आसपास की बताई जा रही है। मृतक युवक की पहचान पूर्वी सिंहभूम जिला के बोड़ाम थाना क्षेत्र के बेल्डीह निवासी 38 वर्षीय धनंजय दास के रूप में की गई।

सुचना मिलते ही थाना प्रभारी संतन कुमार तिवारी नीमडीह पुलिस वल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया।प्रत्यक्षदर्शियों का माने तो युवक अपने गांव से कुकड़ू अपने पत्नी को लाने जा रहा था,तभी जामडीह तीखा मोड़ पर विपरीत दिशा से आ रहे अनियंत्रित खाली डंपर के चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई ।मौके से वाहन को लेकर चालक फरार हो गया। ग्रामीणों ने डंपर का पीछा कर नंबर नोट कर लिया। घटनास्थल पर पहुंचे पत्नी एवं परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था। वहीं थाना प्रभारी संतन कुमार तिवारी ने बताया कि डंपर का नंबर मिल गया है, जल्द ही वाहन को जप्त कर विधि सम्मत कार्रवाई किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकारी प्रावधान के तहत उचित मुआवजा दिलाने में पहल किया जाएगा। मालूम हो की जामडीह तीखा मोड़ पर एक सप्ताह पूर्व ही एक बाइक सवार का सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से घटनास्थल को खतरा मोड़ के रूप में चिह्नित कर चेतावनी बोर्ड एवं स्पीड ब्रेकर लगाने का मांग किया है।

गम्हरिया प्रखंड कार्यालय के अनाज गोदाम में आग लगने से लगभग 1000 टन अनाज जलकर हुआ राख।

गम्हरिया प्रखंड कार्यालय के अनाज गोदाम में आग लगने से लगभग 1000 टन अनाज जलकर हुआ राख।

सरायकेला/गम्हरिया

भीषण आग में गोदाम प्रबंधक अभिषेक हाजरा हुए जख्मी,टीएमएच में भर्ती

बुधवार की सुबह गम्हरिया प्रखंड परिसर स्थित अनाज गोदान में उसे वक्त अफरा तफरी मच गई जब अनाज गोदाम में भीषण आग लग गई और आग इतनी भीषण थी कि गरीबों के घर तक पहुंचने वाला अनाज जलकर राख में बदल गया। इतना ही नहीं इस भीषण आग में गोदाम प्रबंधक अभिषेक हाजरा भी बुरी तरह से जख्मी हो गए जिनका इलाज टीएमएच में किया जा रहा है।

आपको बताते चलें कि सरायकेला- खरसावां जिला के गम्हरिया प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित अनाज गोदाम में बुधवार तड़के अचानक भीषण आग लग गई. आग लगने की सूचना पर पहुंचे गोदाम प्रबंधक अभिषेक हाजरा बुरी झुलस गए. उन्हें टीएमएच में भर्ती कराया गया है. इधर अग्निश्मन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया. इस अगलगी में गोदाम में रखा सारा अनाज जल गया है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार किसी ने साजिश के तहत इस घटना को अंजाम दिया है क्योंकि गोदाम के छत का चादर टूटा हुआ है और अंदर लाइटर पाया गया है. वही गोदाम में लगा सीसीटीवी और डीवीआर को जला दिया गया है. आग कैसे लगी या फिर किसी ने जानबूझकर इस आग की घटना को अंजाम दिया है यह जांच का विषय है.

वहीं इस मामले पर आपूर्ति विभाग पदाधिकारी पुष्कर सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि इस भीषण आग में लगभग 1000 टन अनाज के नुकसान होने की संभावना है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस आगजनी में कहीं अनाज की हेरा फेरी करने की कोशिश तो नहीं की गई है यह भी जांच का विषय है। फिलहाल प्रशासन इस मामले पर अपनी नजर बनाए हुए हैं और मामले की गहनता से जांच की जा रही है मामले की सच्चाई जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आने की संभावना है।

अवैध बालू खनन,भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध की गई सख़्त कार्रवाई

अवैध बालू खनन,भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध की गई सख़्त कार्रवाई

ईचागढ़ में सात लाख पचास हजार सीएफटी अवैध बालू जब्त,बालू माफियाओं में मचा हड़कंप

सरायकेला/ईचागढ़

( मालखान महतो)

सरायकेला खरसावां जिला के उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार बुधवार को जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर सतपति के नेतृत्व में खनन विभाग की टीम द्वारा ईचागढ़ थाना एवं स्थानीय पुलिस बल के सहयोग से ईचागढ़ थाना अंतर्गत मौजा बीरडीह एवं जारगोडीह में अवैध बालू खनन,भंडारण एवं परिवहन के विरुद्ध औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान उक्त स्थल बीरडीह में दो लाख पचास हजार सीएफटी तथा जारगोडीह में पांच लाख सीएफटी अवैध बालू भंडारण को जब्त किया।

दोनों जगहों पर कुल सात लाख पचास हजार सीएफटी अवैध बालू भंडारण को जब्त किया।सभी जब्त खनिज को विधिवत् जब्त कर ईचागढ़ थाना को सुपुर्द किया गया। इस पर डीएमओ ज्योति शंकर सतपति ने कहा कि क्षेत्र में लगातार अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगा तथा किसी भी हालत में अवैध खनन एवं परिवहन नहीं करने दिया जाएगा। मामले की अग्रेतर कारवाई किया जाएगा। मौके पर जिला खनन निरिक्षक समीर ओझा,ईचागढ़ थाना के एसआई विश्वजीत तिवारी एवं पुलिस बल उपस्थित थे।

कुड़ूख विकास परिषद कि ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय कार्तिक उरांव का मनाया जन्म जयंती

कुड़ूख विकास परिषद कि ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय कार्तिक उरांव का मनाया जन्म जयंती

सरायकेला/ईचागढ़

(मालखान महतो)

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के डुमटांड़ मोड़ पर कुड़ुख विकास परिषद चांडिल अनुमंडल की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री, शिक्षाविद एवं अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के संस्थापक स्वर्गीय बाबा कार्तिक उरांव का जन्म जयंती धूमधाम से मनाया गया।

स्वर्गीय कार्तिक उरांव के मुर्ती पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। कुड़ुख विकास परिषद के सदस्यों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गाजे बाजे के साथ स्व० कार्तिक उरांव के आदमकद मुर्ती पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। वहीं कुड़ुख विकास परिषद के अध्यक्ष अभिराम उरांव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय कार्तिक उरांव के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लंदन,ग्लास्गो एवं ब्रिटेन में इंजीनियरिंग एवं बेरिस्टर की पढ़ाई करने के बाद अपने देश में आकर सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उरांव एवं आदिवासी समाज के लिए बहुत कार्य किया। भारत सरकार में केन्द्रीय मंत्री रहते हुए अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद का संस्थापक व केन्द्रीय अध्यक्ष के रूप में रहते हुए आदिवासी व दबे कुचले लोगों को एकजुट कर हक अधिकार के लिए जागरूक करने का काम किया था।

उन्होंने कहा कि समाज को उनके बताए आदर्श को अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय कार्तिक उरांव उरांव समाज को इसाई व अन्य धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने का भी भरसक प्रयास किया। मौके पर समाज सेवी विश्वनाथ उरांव,बंदीनाथ, शिवनाथ, प्रबोध, जगदीश,नकुल उरांव, लक्ष्मी नारायण सिंह मुण्डा, गुरू प्रसाद उरांव सहित सैकड़ों महिला पुरुषों ने श्रद्धांजलि अर्पित किया ।

Design a site like this with WordPress.com
Get started