रुक-रुक कर हो रही बारिश से बिजली आपूर्ति अनियमित, अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर उपभोक्ता।

रुक-रुक कर हो रही बारिश से बिजली आपूर्ति अनियमित, अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर उपभोक्ता।

सरायकेला/ईचागढ़

दिनभर बिजली गुल रहने से लोग परेशान, ऑनलाइन कामकाज व पानी सप्लाई भी प्रभावित

(मालखान महतो)
ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं खराब मौसम का सीधा असर बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ा है। बारिश शुरू होते ही क्षेत्र में बिजली की आंख-मिचौली शुरू हो जाती है।

शुक्रवार को दिनभर बिजली आपूर्ति ठप रही। शाम के बाद करीब तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन इसके बाद फिर बिजली गुल हो गई। देर रात तक बिजली नहीं रहने से लोगों को अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर होना पड़ा।क्षबिजली की अनियमित आपूर्ति को लेकर क्षेत्र के उपभोक्ताओं में काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि हल्की बारिश और मौसम खराब होते ही बिजली काट दी जाती है। इसके बाद घंटों तक बिजली बहाल नहीं होती है। लगातार बिजली गुल रहने से घरेलू कार्यों के साथ-साथ छोटे-बड़े व्यवसाय भी प्रभावित हो रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली पर निर्भर रहने वाले दुकानदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
टीकर, गौरांगकोचा, सितु, मिलन चौक बाजार सहित प्रखंड के विभिन्न इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बाजार क्षेत्र में फोटो कॉपी, प्रिंटिंग, ऑनलाइन फॉर्म भरने, साइबर सेवा, मोबाइल रिचार्ज समेत अन्य ऑनलाइन कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बिजली नहीं रहने के कारण दुकानों में लगे कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद पड़े रहते हैं। इससे ग्राहकों को भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। बिजली से चलने वाले मोटर नहीं चल पाने के कारण कई जगहों पर पानी सप्लाई प्रभावित हुई है।

लगातार बिजली कटौती का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। शाम और रात के समय बिजली नहीं रहने के कारण बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है। ग्रामीण इलाकों में कई परिवारों के पास पर्याप्त वैकल्पिक रोशनी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बिजली गुल रहने पर बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो जाती है।बारिश के दौरान विद्युत लाइन में आने वाली खराबियों को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है।

रंगामाटी-टिकर सड़क की मरम्मत के लिए 90 लाख का होगा टेंडर।

रंगामाटी-टिकर सड़क की मरम्मत के लिए 90 लाख का होगा टेंडर।

सरायकेला/ईचागढ़

(मालखान महतो)
रंगामाटी-टिकर सड़क की बदहाली दूर करने की दिशा में पथ निर्माण विभाग ने पहल शुरू कर दी है। सड़क के सामान्य मरम्मत कार्य के लिए विभाग के सरायकेला-खरसावां रोड डिवीजन की ओर से ई-टेंडर जारी किया गया है।

करीब 9.05 किलोमीटर लंबी इस सड़क की मरम्मत पर 89 लाख 99 हजार 781.58 रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग की ओर से जारी ई-प्रोक्योरमेंट नोटिस के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में नन-प्लान मद से सड़क की मरम्मत कराई जाएगी। कार्य पूरा करने के लिए संवेदक को तीन माह का समय दिया गया है। निविदा की तिथि 27 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।

भारी वाहनों के परिचालन से सड़क की हालत जर्जर

रंगामाटी-टिकर सड़क ईचागढ़ क्षेत्र के लिए लाइफलाइन मानी जाती है। इसी मार्ग से जमशेदपुर, आदित्यपुर और चाईबासा की ओर से आने वाले बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन रामगढ़, हजारीबाग और पटना सहित अन्य क्षेत्रों की ओर आवागमन करते हैं। लगातार भारी वाहनों के परिचालन के कारण सड़क की स्थिति काफी जर्जर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है। कई स्थानों पर सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

मरम्मत कार्य के लिए टेंडर जारी होने की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने खुशी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण तरीके से मरम्मत कार्य पूरा किया जाता है तो क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ मालवाहक वाहनों के आवागमन में भी काफी सुविधा होगी।

डीएवी एम पब्लिक स्कूल में छात्राओं के बीच हुई राखी प्रतियोगिता।

डीएवी एम पब्लिक स्कूल में छात्राओं के बीच हुई राखी प्रतियोगिता।

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड के गौरांगकोचा स्थित डीएवी एम पब्लिक स्कूल में रक्षा बंधन के उपलक्ष्य में गुरुवार को छात्राओं के बीच राखी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में यूकेजी से कक्षा आठवीं तक की छात्राओं ने हिस्सा लिया। छात्राओं ने एक से बढ़कर एक सुंदर और आकर्षक राखियां बनाईं। स्कूल के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति में उत्कृष्ट राखियों का चयन किया गया।प्रतियोगिता में एलकेजी की पीहू कुमारी गोप, कक्षा तीन की अनुष्का सिंह मुंडा, कक्षा चार की पायल बेसरा, कक्षा पांच की सोनिया महतो, कक्षा छह की संगीता प्रमाणिक, कक्षा सात की सुमन पुराण तथा कक्षा आठ की प्रतिमा महतो और आशा सिंह मुंडा ने बेहतर प्रदर्शन किया।

प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को विद्यालय के प्राचार्य मनोरंजन महतो ने बच्चों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से कॉपी, पेंसिल, कलम एवं नकद राशि देकर पुरस्कृत किया। उन्होंने छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।मौके पर रवि शंकर पुराण, प्रवीण कुमार दास, डोना आदित्यदेव, धनेश्वर महतो, नीतू गोप, भवानी सिंह, पवन प्रमाणिक, गंगा सागर पाल, यमुना गोराई, कुंज बिहारी लायेक, दिनेश गोप, संजू रानी महतो समेत विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

सीएसआईआर-जिज्ञासा: एनएमएल के भ्रमण पर पहुंचे लोयोला स्कूल के 83 विद्यार्थी, वैज्ञानिकों से किया संवाद।

सीएसआईआर-जिज्ञासा: एनएमएल के भ्रमण पर पहुंचे लोयोला स्कूल के 83 विद्यार्थी, वैज्ञानिकों से किया संवाद।

जमशेदपुर

सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल), जमशेदपुर द्वारा सीएसआईआर-जिज्ञासा पहल के अंतर्गत लोयोला स्कूल, बिष्टुपुर के विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय छात्र भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा अनुसंधान एवं नवाचार के प्रति रुचि जागृत करना था।

इस कार्यक्रम में 83 विद्यार्थियों (49 लड़के एवं 34 लड़कियाँ) तथा 3 शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. एस. शिवप्रसाद, वरिष्ठतम मुख्य वैज्ञानिक एवं प्रमुख, एमटीई प्रभाग के संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को सीएसआईआर-एनएमएल की विभिन्न गतिविधियों से परिचित कराया तथा प्रयोगशाला में अनुसंधान से लेकर प्रौद्योगिकी विकास तक की संपूर्ण प्रक्रिया को सरल ढंग से समझाया। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधान किस प्रकार उद्योगों एवं समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप नई सामग्रियों और प्रौद्योगिकियों के विकास में योगदान देता है।

प्रतिभागियों का स्वागत डॉ. के. गोपाला कृष्णा, वैज्ञानिक-जी एवं प्रमुख, आईएमडीसी प्रभाग ने किया। उन्होंने विभिन्न प्रकार के इस्पात एवं मिश्रधातुओं तथा उनके दैनिक जीवन में उपयोगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने दैनिक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किसी विशेष उपयोग के लिए सामग्री का चयन उसके गुणों के आधार पर किया जाता है। साथ ही, उन्होंने राइट बंधुओं के नवाचार का उल्लेख करते हुए बताया कि वैज्ञानिक सिद्धांतों एवं उपयुक्त सामग्रियों की भूमिका तकनीकी प्रगति में कितनी महत्वपूर्ण होती है।

इसके पश्चात डॉ. अनिमेष जना, वैज्ञानिक-ई एवं जिज्ञासा कार्यक्रम प्रमुख ने एक इंटरैक्टिव प्रस्तुति के माध्यम से सीएसआईआर-जिज्ञासा कार्यक्रम का परिचय दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को स्टेम क्लब सहित सीएसआईआर द्वारा संचालित विभिन्न छात्र-केंद्रित पहलों एवं अवसरों की जानकारी दी, जिनका लाभ उठाकर विद्यार्थी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी रुचि को और विकसित कर सकते हैं।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण प्रयोगशालाओं का भ्रमण था, जहाँ विद्यार्थियों ने सिगरइइपि, एएसी, ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग, एनडीटी तथा मेल्टिंग डेमोंस्ट्रेशन सुविधाओं का अवलोकन किया। विद्यार्थियों को डीआईविई किट तथा जल-विभाजन प्रयोग का भी प्रदर्शन दिखाया गया। कार्यक्रम का समापन एक रोचक प्रश्नोत्तरी (क्विज़) के साथ हुआ। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने वैज्ञानिकों के साथ संवाद तथा प्रयोगशाला गतिविधियों को प्रत्यक्ष रूप से देखने के अवसर की सराहना की।

केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन।

केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन।

सरायकेला-खरसावां

सरायकेला-खरसावां उपायुक्त कार्यालय के समक्ष कांग्रेस जिला कमेटी की ओर से केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया गया। जिला अध्यक्ष राज बागची के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने MMDR कानून, महंगाई, पेपर लीक और राम मंदिर में चोरी सहित कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। धरना समाप्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष राज बागची ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों का सीधा असर आम जनता के साथ-साथ राज्यों के अधिकारों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड में गठबंधन सरकार आवास, पेंशन और मंईयां सम्मान योजना समेत कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिससे आम लोगों को लाभ मिल रहा है।

राज बागची ने आरोप लगाया कि इन योजनाओं से भाजपा को परेशानी हो रही है और इसी वजह से केंद्र सरकार कानूनों के जरिए झारखंड के हिस्से के पैसे पर नियंत्रण करना चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

महंगाई के मुद्दे पर भी राज बागची ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार के समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल थी, इसके बावजूद सब्सिडी के जरिए जनता को कम कीमत पर पेट्रोल उपलब्ध कराया जाता था। उन्होंने दावा किया कि आज भी कच्चे तेल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास होने के बावजूद जनता को पेट्रोल के लिए करीब 105 रुपये प्रति लीटर तक चुकाना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 में महंगाई को बड़ा मुद्दा बनाकर सत्ता में आने वाली केंद्र सरकार आज बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण करने में विफल रही है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियों से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एमएमडीआर कानून के खिलाफ गठबंधन के घटक दल मिलकर आंदोलन को और तेज करेंगे। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो देशव्यापी आंदोलन, सड़क जाम और अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

धरना-प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष राज बागची, सरायकेला विधानसभा प्रभारी प्रिंस सिंह, प्रदेश प्रवक्ता देबू छत्तर्जी, वरिष्ठ नेता फूलकांत झा, वरिष्ठ जिला कोषाध्यक्ष जगदीश नारायण चौबे, इंटक प्रभारी राणा सिंह, सुरेश धारी, जिला उपाध्यक्ष डोमन महतो, लाल बाबू सिंहदेव, खिरोद सरदार, महासचिव राजू रजक, कृष्णा टुडू, मानसिंह मुंडा, मिस्र बांसुरिया, कमलनयन, रिजवान खान, मुकेश कुमार, शंकर रोड़ा, सूरज महतो, राहुल मोदी, के.एल. सम्माड, राजनगर प्रखंड अध्यक्ष प्रकाश महतो, गम्हरिया प्रखंड अध्यक्ष अनिल ठाकुर, गम्हरिया प्रखंड उपाध्यक्ष इंद्रकांत झा, सरायकेला प्रखंड अध्यक्ष सचिन हेंब्रम समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

रक्षाबंधन पर जमशेदपुर में दिखा अनोखा संगम: छात्राओं ने एसएसपी को बांधी राखी, पुलिस को बताया अपना रक्षक।

रक्षाबंधन पर जमशेदपुर में दिखा अनोखा संगम: छात्राओं ने एसएसपी को बांधी राखी, पुलिस को बताया अपना रक्षक।

पूर्वी सिंहभूम/जमशेदपुर

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आज पूर्वी सिंहभूम जिला पुलिस कार्यालय में स्नेह, सम्मान और विश्वास का एक भावुक दृश्य देखने को मिला। वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर डॉ. ऐहतेशाम वकारिब के कार्यालय कक्ष में स्कूली छात्राओं ने उन्हें राखी बांधकर रक्षा, विश्वास और सम्मान का यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया।

पुलिस में देखा बड़े भाई का रूप

इस अवसर पर छात्राओं ने वरीय पुलिस अधीक्षक की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हुए उन्हें न केवल अपना बड़ा भाई माना, बल्कि समाज के सच्चे रक्षक के रूप में सम्मान व्यक्त किया। छात्राओं ने कहा कि जिस तरह एक भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है, उसी तरह जमशेदपुर पुलिस दिन-रात आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा में तत्पर रहती है। इसलिए इस बार उन्होंने अपने रक्षक के रूप में पुलिस को राखी बांधने का निर्णय लिया। छात्राओं ने पुलिस प्रशासन द्वारा समाज में सुरक्षा, शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए किए जा रहे कार्यों की दिल से सराहना भी की।

रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है? – इसका महत्व

रक्षाबंधन केवल एक धागे का त्योहार नहीं है, यह भारतीय संस्कृति की आत्मा है। श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और कर्तव्य का प्रतीक है। ‘रक्षा’ का अर्थ है सुरक्षा और ‘बंधन’ का अर्थ है बंधन। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती है, वहीं भाई जीवन भर उसकी रक्षा करने का वचन देता है।

पौराणिक मान्यताओं में द्रौपदी द्वारा श्रीकृष्ण को राखी बांधना और रानी कर्णावती द्वारा हुमायूं को राखी भेजकर रक्षा की गुहार लगाना इसके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है। आज के आधुनिक युग में इस पर्व का दायरा और भी व्यापक हो गया है – यह केवल खून के रिश्ते तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का अवसर बन गया है।

एसएसपी ने दिया सुरक्षा और शिक्षा का संदेश

वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारिब ने सभी छात्राओं को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, सुरक्षा, सम्मान एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का अवसर है।”

उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे सदैव निर्भीक होकर आगे बढ़ें, शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करें और अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जमशेदपुर पुलिस हर बेटी, हर बहन की सुरक्षा के लिए 24×7 तत्पर है।

इस भावुक अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा छात्राओं को आशीर्वाद, मिठाईयां और उपहार प्रदान किए गए तथा उनके उज्ज्वल, सुरक्षित एवं सफल भविष्य की मंगलकामना की गई। पूरा माहौल खुशी और आत्मीयता से भर गया, जहाँ वर्दी और स्कूली यूनिफॉर्म के बीच भाई-बहन का पवित्र रिश्ता और भी गहरा हो गया।

आदित्यपुर के सांई कृष्णा हेवन सिटी टावर में युवती की संदिग्ध मौत, पांचवीं मंजिल से गिरने से गई जान।

आदित्यपुर के सांई कृष्णा हेवन सिटी टावर में युवती की संदिग्ध मौत, पांचवीं मंजिल से गिरने से गई जान।

सरायकेला/आदित्यपुर

सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र स्थित सांई कृष्णा हेवन सिटी अपार्टमेंट में आज सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। अपार्टमेंट के टावर की पांचवीं मंजिल से गिरने से एक युवती की मौत हो गई है। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार युवती सुबह 315 नंबर फ्लैट में जाने की बात कहकर ऊपर गई थी। कुछ ही देर बाद उसके गिरने की खबर आई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

बताया जा रहा है कि मृतका बाहर बस्ती की रहने वाली है, हालांकि पुलिस ने अभी तक उसकी पहचान को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

फ्लैट को लेकर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस फ्लैट में युवती के जाने की बात कही जा रही है, उसमें वर्तमान किराएदार करीब 2 महीने पहले ही रहने आए हैं। इससे पहले उस फ्लैट में कुछ अविवाहित युवक किराए पर रहते थे। वहीं कुछ लोगों ने बिल्डर आर.के. सिन्हा पर बिल्डिंग में सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं होने का भी आरोप लगाया है। घटना के बाद से तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही आदित्यपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

इस संबंध में थाना प्रभारी ने बताया, “प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन इसे संदिग्ध मानकर हर पहलू से जांच की जा रही है। परिजनों के बयान, फ्लैट के किराएदारों से पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है।”

पुलिस ने कहा है कि मामले में गहन जांच की जा रही है और फ्लैट के अंदर की गतिविधियों को भी खंगाला जा रहा है।

रक्षाबंधन से पहले झारखंड सरकार का बहनों को उपहार।

रक्षाबंधन से पहले झारखंड सरकार का बहनों को उपहार।

रांची

झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना अंतर्गत रांची जिला के लाभुकों को अगस्त महीने की सम्मान राशि का भुगतान

रांची जिला में 03 लाख 95 हजार 692 लाभुकों के बैंक खाते में आधार बेस्ड भुगतान

लाभुकों के मध्य ₹98 करोड़ 92 लाख 30 हजार की सम्मान राशि का भुगतान

रक्षाबंधन से पहले झारखंड सरकार द्वारा बहनों को उपहार दिया गया है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना (JMMSY) अंतर्गत रांची जिले की 03 लाख 95 हज़ार 692 लाभुकों के बैंक खातों में माह अगस्त 2026 की सम्मान राशि (₹2,500 प्रत्येक लाभुक) का आधार बेस्ड डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सफलतापूर्वक भुगतान कर दिया गया है।

योजना के तहत लाभुकों के खातों में कुल ₹98 करोड़  92 लाख 30 हजार की राशि हस्तांतरित की गई है।

प्रखंड एवं शहरी क्षेत्रवार लाभुकों की संख्या निम्न प्रकार है :

1. अनगड़ा – 16,796
2. अरगोड़ा शहरी क्षेत्र -13,406
3. बेड़ो – 20,620
4. बुंडू – 8,591
5. बुंडू नगर पंचायत – 3,566
6. बुढ़मू – 17,841
7. चान्हो – 19,374
8. हेहल शहरी क्षेत्र – 16,376
9. कांके – 31,620
10. कांके शहरी क्षेत्र – 1,290
11. खलारी – 9,632
12. लापुंग – 11,866
13. मांडर – 23,008
14. नगड़ी – 18,345
15. नगड़ी शहरी क्षेत्र – 8,244
16. नामकुम – 18,071
17. नामकुम शहरी क्षेत्र – 9,571
18. ओरमांझी – 17,898
19. राहे – 9,551
20. रातू – 20,427
21. सिल्ली – 21,335
22. सोनाहातू – 13,114
23. तमाड़ – 18,832
24. टाउन अर्बन – 26,042
25. इटकी – 10152
26. बड़गाईं शहरी क्षेत्र – 10124

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। रांची जिले में योजना का लाभ पात्र लाभुकों तक पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी पात्र महिला को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े। लाभुकों के भुगतान की प्रक्रिया की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है।
अबुआ साथी–9430328080
जन शिकायत हेतु रांची जिला प्रशासन का आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर

नेपाल में बाढ़ का कहर, तिब्बत से शुरू हुई आपदा ने मचाई तबाही।

नेपाल में बाढ़ का कहर, तिब्बत से शुरू हुई आपदा ने मचाई तबाही।

नेपाल

नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बताया जा रहा है कि बाढ़ की शुरुआत तिब्बत से सटे इलाके से हुई और देखते ही देखते इसका तेज बहाव नेपाल के कई शहरों, गांवों और मुख्य हाईवे तक पहुंच गया। इस आपदा में अब तक 22 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। चिंता की बात ये है कि लापता लोगों में 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।

इस बाढ़ की भयावहता का अंदाजा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो से लगाया जा सकता है। तिब्बत-नेपाल सीमा के पास का एक वीडियो चीन के इमिग्रेशन सेंटर का बताया जा रहा है। वीडियो में पहले सब कुछ सामान्य दिखता है, लेकिन कुछ ही सेकंड में पहाड़ों की ओर से पानी की ऊंची-ऊंची लहरें आती हैं और पूरे इलाके को निगल लेती हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पानी का वेग इतना तेज था कि उसने चंद सेकंड में लगभग पांच मंजिला ऊंची इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। वीडियो में लोग जान बचाने के लिए सड़कों पर भागते और चीखते-चिल्लाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पानी के साथ कई ढांचे और सामान बहते हुए नजर आ रहे हैं। इमारत के अंदर उस वक्त कितने लोग थे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी नहीं मिल पाई है।

बाढ़ के कारण नेपाल में कई पुल, सड़कें और बुनियादी ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। कई इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट गया है, जिससे राहत और बचाव कार्य में भी काफी दिक्कतें आ रही हैं।

हालात को देखते हुए नेपाल प्रशासन ने कई प्रमुख हाईवे पर आवाजाही पर रोक लगा दी है। सुरक्षा के मद्देनजर काठमांडू-नागढुंगा, नागढुंगा-धादिंग, गल्छी-त्रिशूली, धादिंग-मुग्लिन और मुग्लिन-नारायणघाट रूट को बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही नारायणी ब्रिज पर भी अगले आदेश तक यातायात बंद रहेगा।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बेवजह यात्रा न करें और सुरक्षित जगहों पर ही रहें। फिलहाल सेना और बचाव दल फंसे हुए लोगों को निकालने और लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटकों के फंसे होने से उनके परिजनों में भी दहशत का माहौल है।

ऑपरेशन प्रहार में पलामू पुलिस को बड़ी कामयाबी, 121 किलो गांजा के साथ 2 तस्कर धराए।

ऑपरेशन प्रहार में पलामू पुलिस को बड़ी कामयाबी, 121 किलो गांजा के साथ 2 तस्कर धराए।

पलामू/झारखंड

पलामू पुलिस द्वारा नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक कार से 121 किलोग्राम गांजा जब्त किया है और इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है।

जानकारी के अनुसार, 25 अगस्त 2026 की रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लातेहार के मनिका की तरफ से एक सफेद स्विफ्ट डिजायर कार में बड़ी मात्रा में गांजा डाल्टनगंज ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और जिले में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया।

जांच के दौरान संदिग्ध कार JH-03-AQ-3253 को रोककर तलाशी ली गई। कार में दो लोग सवार थे, जिनकी पहचान सतबरवा थाना क्षेत्र के झाबर गांव निवासी सनोज कुमार यादव उर्फ बाबू (25) और शंभू कुमार यादव (30) के रूप में हुई है।

तलाशी लेने पर कार की डिक्की और आगे की सीट के नीचे छिपाकर रखा गया कुल 121 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त स्विफ्ट कार, दो मोबाइल फोन और दो फर्जी नंबर प्लेट भी जब्त की हैं। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इस कार्रवाई में परीक्ष्यमान डीएसपी मृत्युंजय गोप, सतबरवा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार, एएसआई सुजीत रजक और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत मतदाता सूची के सत्यापन, दावा-आपत्ति एवं आवश्यक सुधार को लेकर जिले में जागरूकता गतिविधियां संचालित।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत मतदाता सूची के सत्यापन, दावा-आपत्ति एवं आवश्यक सुधार को लेकर जिले में जागरूकता गतिविधियां संचालित।

सरायकेला-खरसावां

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के आलोक में झारखंड में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत सरायकेला-खरसावाँ जिले में मतदाता सूची के सत्यापन, पात्र नागरिकों के नाम शामिल करने तथा मतदाता सूची में आवश्यक सुधार को लेकर विभिन्न जागरूकता एवं सत्यापन संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक गणना चरण के उपरांत अब मतदाताओं को प्रारूप मतदाता सूची में अपने एवं अपने परिवार के सदस्यों के नाम, पता तथा अन्य विवरण का सत्यापन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। मतदाताओं से यह सुनिश्चित करने की अपील की जा रही है कि परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम सही विवरण के साथ मतदाता सूची में दर्ज हों तथा यथासंभव एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज हों।

दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत करने की संशोधित अवधि

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत करने की अवधि 05 अगस्त 2026 से 15 सितंबर 2026 तक निर्धारित की गई है। वहीं, दावा एवं आपत्तियों की सूचना/निस्तारण की प्रक्रिया 05 अगस्त से 14 अक्टूबर 2026 तक चलेगी तथा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 19 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।

अतः मतदाता अपने नाम एवं विवरण का सत्यापन कर निर्धारित अवधि के भीतर नाम छूटने, गलत विवरण अथवा अन्य किसी प्रकार की त्रुटि की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।

पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की अपील

ऐसे पात्र भारतीय नागरिक, जिनका नाम वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज नहीं है तथा जो 01 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 एवं घोषणा-पत्र के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने हेतु आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ECINET App के माध्यम से ऑनलाइन अथवा संबंधित BLO के पास जमा किया जा सकता है।

जन्मतिथि के आधार पर आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में भी मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है। यदि जन्म 01 जुलाई 1987 से पूर्व भारत में हुआ है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्वयं का दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। 01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के बीच जन्म होने की स्थिति में स्वयं के साथ माता या पिता में से किसी एक का निर्धारित दस्तावेज तथा 02 दिसंबर 2004 के बाद जन्म होने की स्थिति में स्वयं के साथ माता एवं पिता दोनों के निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

भारत के बाहर जन्मे ऐसे पात्र नागरिक, जिनके माता-पिता भारतीय नागरिक हैं, उनके लिए जन्म वाले देश में स्थित भारतीय दूतावास/मिशन द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र तथा लागू प्रावधानों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने हैं। वहीं, माता-पिता भारतीय नागरिक नहीं होने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत नागरिकता पंजीकरण प्रमाण-पत्र की आवश्यकता होगी।

मान्य दस्तावेजों के संबंध में जानकारी

यदि किसी मतदाता का नाम पिछली SIR की मतदाता सूची में दर्ज है, तो उसके लिए अन्य दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होने तथा यह विवरण उसके पुत्र-पुत्रियों के लिए अभिभावकीय प्रमाण के रूप में भी पर्याप्त होने की जानकारी दी जा रही है।

वहीं, यदि पिछली SIR की मतदाता सूची में मतदाता अथवा उसके माता-पिता का नाम दर्ज नहीं है, तो निर्धारित दस्तावेजों में से किसी एक की स्व-सत्यापित प्रति प्रस्तुत की जा सकती है। इनमें केंद्र/राज्य/सार्वजनिक क्षेत्र के नियमित कर्मचारी का पहचान-पत्र अथवा पेंशन भुगतान आदेश, 01 जुलाई 1987 से पूर्व भारत में सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/एलआईसी/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा जारी पहचान-पत्र, जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय का मैट्रिकुलेशन अथवा शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वनाधिकार प्रमाण-पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण-पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां उपलब्ध हो), राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण-पत्र आदि शामिल हैं। आधार की प्रति प्रस्तुत करने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसकी स्व-सत्यापित प्रति भी स्वीकार्य होगी।

मतदाताओं को यह भी बताया जा रहा है कि यदि वर्तमान मतदान केंद्र उनके निवास स्थान से दूर है अथवा परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों पर दर्ज हैं, तो फॉर्म-8 के माध्यम से निकटतम उपयुक्त मतदान केंद्र पर नाम स्थानांतरित कराने हेतु आवेदन किया जा सकता है। फॉर्म-8 ECINET App/निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अथवा संबंधित BLO के पास जमा किया जा सकता है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त ने मतदाताओं से सत्यापन एवं निर्धारित अवधि में दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने की अपील की

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची में अपने एवं अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम, पता एवं अन्य विवरण का अनिवार्य रूप से सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि नाम छूटने, गलत विवरण दर्ज होने अथवा मतदान केंद्र से संबंधित किसी प्रकार की आवश्यकता होने पर निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से 15 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत करें।

उन्होंने पात्र नागरिकों, विशेषकर 01 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं, से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने हेतु निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करने की अपील की। साथ ही, सभी मतदाताओं से BLO को आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाने में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।

मतदाता सहायता एवं निर्वाचन संबंधी जानकारी के लिए वोटर हेल्पलाइन 1950 का उपयोग किया जा सकता है। पात्र नागरिकों से अपील है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने एवं अपने परिवार के सदस्यों के मतदाता संबंधी विवरण का सत्यापन अवश्य करें, ताकि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में पंजीकरण से वंचित न रहे।

जिला आयुष समिति द्वारा विद्यालय एवं अर्जुन स्टेडियम में स्वास्थ्य शिविर आयोजित, विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षुओं की स्वास्थ्य जांच कर वितरित की गई निःशुल्क होम्योपैथी दवाएं।

जिला आयुष समिति द्वारा विद्यालय एवं अर्जुन स्टेडियम में स्वास्थ्य शिविर आयोजित, विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षुओं की स्वास्थ्य जांच कर वितरित की गई निःशुल्क होम्योपैथी दवाएं।

सरायकेला-खरसावां

जिला आयुष समिति, सरायकेला द्वारा जिले में स्वास्थ्य जांच एवं आयुष चिकित्सा सेवाओं को सुलभ बनाने के उद्देश्य से विभिन्न स्थलों पर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।

इसी क्रम में मध्य विद्यालय, ब्रह्मकुटुंब में आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. सैफी ज़ोहेब के द्वारा स्कूल हेल्थ कैंप आयोजित किया गया। शिविर में विद्यालय में अध्ययनरत 32 विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा आवश्यकतानुसार उन्हें निःशुल्क होम्योपैथी दवाओं का वितरण किया गया।

वहीं, अर्जुन स्टेडियम, सरायकेला में आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. आशा कुमारी द्वारा मासिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्टेडियम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षुओं के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा आवश्यकतानुसार उन्हें निःशुल्क होम्योपैथी दवाएं उपलब्ध कराई गईं।

स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षुओं को नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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