सड़क दुर्घटना में शिक्षक एवं उनके परिवार गंभीर रूप से घायल।

सड़क दुर्घटना में शिक्षक एवं उनके परिवार गंभीर रूप से घायल।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र के मिलन चौक सोनाहातु सड़क पर मिलन चौक के समीप मंगलवार रात 7.30 बजे दो बाइक की सीधी टक्कर हो गई। जिसमें दोनों बाइक में सवार लोग सड़क पर गिर पड़े।

मिली जानकारी के अनुसार प्राथमिक विद्यालय चोगा में कार्यरत सहायक आचार्य दुर्योधन सिंह मुंडा,उम्र- 58 वर्ष, उनके पत्नी सुभद्रा देवी, उम्र- 45 वर्ष,और उनके नातिना आहना सिंह मुंडा, उम्र- 4 वर्ष सोनाहातु थाना क्षेत्र के मानियोडीह गांव से शादी समारोह से शामिल हो कर अपने गांव पामिया लौट रहे थे उसी क्रम में मिलन चौक से सालुकडीह तरफ जा रहे तेज रफ्तार बाइक सवार ने टक्कर मार दी, जिससे शिक्षक,उनके पत्नी और नातिना घायल हो गए। शिक्षक दुर्योधन सिंह मुंडा का एक हाथ एवं एक पैर तथा पत्नी सुभद्रा देवी का एक हाथ एवं उनके नातिना का एक पैर टूट गया है।

घटना की जानकारी मिलते ही ईचागढ़ थाना की पुलिस पहुंची और सभी घायलों को मिलन चौक स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया, जँहा से बेहतर इलाज के लिए आदित्यपुर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भेज दिया गया। जँहा तीनों घायलों का इलाज चल रहा है।

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला योजना कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न।

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला योजना कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न।

डीएमएफटी – अनावध निधि अंतर्गत संचालित विकास योजनाओं की हुई समीक्षा एवं प्राथमिकता आधारित योजनाओं चयन के दिए गए निर्देश

सरायकेला-खरसावां

समाहरणालय सभागार, सरायकेला में उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज जिला योजना कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (DMFT) अनावध निधि अंतर्गत संचालित योजनाओं की अद्यतन भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में योजनाओं के प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।
इसके अतिरिक्त शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क निर्माण, सिंचाई, कौशल विकास, पोषण, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति सुदृढ़ीकरण एवं सामुदायिक आधारभूत संरचना से संबंधित विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जनहित एवं आवश्यकता के आधार पर योजनाओं का प्राथमिकता अनुसार चयन सुनिश्चित करते हुए डीएमएफटी अनावध निधि से उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी योजनाओं का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। सभी योजनाएं स्वीकृत प्राक्कलन (Estimate) एवं निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप ही निष्पादित हों, यह सुनिश्चित करने के साथ-साथ कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर प्रगति की सतत निगरानी की जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही कार्यस्थलों पर सूचना पट्ट, स्वीकृत लागत, कार्य अवधि एवं योजना संबंधी विवरण का स्पष्ट प्रदर्शन किया जाए तथा योजनाओं की अद्यतन भौतिक एवं वित्तीय प्रगति प्रतिवेदन निर्धारित प्रारूप में समय-समय पर जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रभावी अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके।

उपायुक्त ने यह भी कहा कि जनउपयोगिता को बढ़ावा देते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए तथा डीएमएफटी निधि से संचालित सभी योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

बैठक में निदेशक DRDA अजय तिर्की, अपर उपायुक्त जायबर्धन कुमार, अपर नगर आयुक्त आदित्यपुर, जिला योजना पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी समेत विभिन्न विभाओ के वरीय पदाधिकारी तथा विभिन्न कार्य विभाग के कार्यपालक अभियन्ता उपस्थित रहे।

सरायकेला पुलिस लाइन में हवलदार उदित नारायण महतो को दी गई अंतिम सलामी।

सरायकेला पुलिस लाइन में हवलदार उदित नारायण महतो को दी गई अंतिम सलामी।

सरायकेला

सरायकेला-खरसावां: धनबाद जिला बल के हवलदार उदित नारायण महतो के पार्थिव शरीर को आज सरायकेला पुलिस लाइन में पूरे सम्मान के साथ शोक सलामी दी गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

शोक सलामी कार्यक्रम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सरायकेला समीर सवैया, पुलिस उपाधीक्षक पूजा कुमारी, सार्जेंट मेजर राजेश टुडू सहित कई पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे। पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश पाड़ेया के साथ संगठन के सदस्य सुभाष मुंडा, बबलू मुर्मू, सुमंत राम और पूर्ण चंद सोरेन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान दिवंगत हवलदार के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई और उनकी सेवाओं को याद किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि उदित नारायण महतो एक कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित पुलिसकर्मी थे, जिनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। पुलिस लाइन परिसर में शोक का माहौल देखा गया और सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

कुड़मालि साहित्यकार लक्ष्मीकांत मुतरुआर की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई।

कुड़मालि साहित्यकार लक्ष्मीकांत मुतरुआर की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई।

सरायकेला/ईचागढ़

(मालखान महतो )

राजकीय +2 उच्च विद्यालय खरसावां के कुड़मालि विभाग द्वारा महान कुड़मालि साहित्यकार लक्ष्मीकांत मुतरुआर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभाग के छात्र-छात्राओं ने कुड़मालि शिक्षक सुनील कुमार जुरुआर के मार्गदर्शन एवं तत्वावधान में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कुड़मालि साहित्यकार लक्ष्मीकांत मुतरुआर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं द्वीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने उनके जीवन, साहित्यिक योगदान एवं कुड़मालि भाषा के संरक्षण में उनके अतुलनीय प्रयासों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर अपने संबोधन में शिक्षक सुनील कुमार जुरुआर ने कहा कि लक्ष्मीकांत मुतरुआर केवल एक साहित्यकार नहीं थे, बल्कि कुड़मालि भाषा और संस्कृति के सशक्त प्रहरी थे। उनके जीवनी और अवदान से हम सभी समाज के लोग सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने अपने पूरे जीवन को कुड़मालि भाषा के विकास, प्रचार-प्रसार और संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया, जो हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आज के युवाओं को चाहिए कि वे उनकी शिक्षाओं और विचारों को आत्मसात करते हुए अपने मातृभाषा और संस्कृति के प्रति जागरूक रहें तथा उसे आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं द्वारा भाषण, कविता-पाठ एवं विचार प्रस्तुत किए गए, जिससे पूरे वातावरण में सांस्कृतिक चेतना और उत्साह का संचार हुआ। अंत में सभी ने उनके दिखाए मार्ग पर चलने एवं कुड़मालि भाषा-संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया।

यह आयोजन विद्यालय परिसर एवं कुड़मालि विभाग के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय रहा।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के विद्यार्थी दीपा महतो, सिद्धि महतो, राखी महतो, मुस्कान महतो, रोमा महतो, खुशबू महतो, सीमा महतो, सावित्री महतो, पिंकी महतो, संदीप महतो, गोविंद महतो, मनोज कुमार महतो, मकरध्वज महतो आदि छात्र-छात्राओं सहित शिक्षकों का अहम योगदान रहा।

रूपरु के महतो टोला खरकोचा की जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र को दूरूस्त करने का उठा मांग।

रूपरु के महतो टोला खरकोचा की जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र को दूरूस्त करने का उठा मांग।

सरायकेला/ईचागढ़

कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के बेरासी सिरूम पंचायत के अंतर्गत रूपरु के महतो टोला खरकोचा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र की स्थिति अत्यंत ही दयनीय हो चुकी है। यह भवन काफी जर्जर हो गया है। जान को हथेली में लेकर जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे छोटे बच्चे स्कूल पूर्व शिक्षा ग्रहण करते हैं। पौष्टिक आहार भी ग्रहण करते हैं। हालांकि ग्रामीणों के विरोध पर सेविका के घर में ही आंगनबाड़ी का कार्य संचालित हो रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र का लगभग 10 वर्ष पूर्व निर्माण कराया गया था। वर्तमान में इसकी हालत ऐसी हो गई है कि यहां बच्चों के लिए संचालित होने वाली आंगनवाड़ी सेवाएं पूरी तरह से बाधित हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, भवन की दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, प्लास्टर उखड़ रहा है तथा संरचना असुरक्षित प्रतीत होती है। इस कारण आंगनवाड़ी केंद्र में पोषण, टीकाकरण, प्री-स्कूल शिक्षा एवं अन्य आवश्यक सेवाओं का संचालन नहीं हो पा रहा है, जिससे क्षेत्र के बच्चों और गर्भवती/धात्री महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने संबंधित विभाग एवं पदाधिकारियों से कई बार मौखिक रूप से शिकायत की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने संबंधित पदाधिकारियों से तत्काल जांच कराने तथा भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण की व्यवस्था सुनिश्चित कर आंगनबाड़ी केंद्र को चालु कराने का मांग किया है । मौके पर बजीनाथ महतो, गौरांग,श्रीदाम, संजय महतो सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

गम्हरिया अनाज गोदाम में आग लगने के 6 महीने बाद भी घटना का खुलासा नहीं, जनहित में उठ रहे सवाल।

गम्हरिया अनाज गोदाम में आग लगने के 6 महीने बाद भी घटना का खुलासा नहीं, जनहित में उठ रहे सवाल।

जिले की जनता की निगाहें नव पदस्थापित पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी पर टिकी।

( सोनू कुमार सिंह )

पूरे भारत में सरकार द्वारा गरीबों को पेट भरने एवं अपना जीवन यापन एवं अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए सरकार की ओर से गरीबों को जन वितरण प्रणाली द्वारा अनाज उपलब्ध कराई जाती है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कई ऐसे राशन कार्ड धारी हैं जिन्हें सही समय पर जन वितरण प्रणाली द्वारा राशन उपलब्ध नहीं कराई जाती है अब यह तो जांच का विषय है और जांच के बाद ही इस मामले से पर्दा उठने की संभावना है।

लेकिन अगर उसी अनाज गोदाम में आग लग जाए और सारा अनाज जलकर राख में मिल जाए तो कहीं ना कहीं गरीबों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और यह कहीं ना कहीं काफी गंभीर मामला है।

ज्ञात होगी 28 अक्टूबर 2025 को सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया अनाज गोदाम में आग लगने की घटना सामने आई जिसमें की आग की चपेट में आकर दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जिसमें की एजीएम अभिषेक हाजरा और ट्रांसपोर्टर राजू सेनापति शामिल हैं। और इतना ही नहीं इस दर्दनाक घटना में लाखों का अनाज जलकर राख हो गया।

वहीं घटनास्थल से टूटा ताला, लाइटर, पेट्रोल का गैलन, ताबीज और गमछा जैसी वस्तुएं बरामद की गई थी। साथ ही सीसीटीवी कैमरा और गोदाम का मुख्य द्वार भी क्षतिग्रस्त पाया गया था और इतना ही नहीं गोदाम के छत का टीन भी क्षतिग्रस्त पाया गया था

वहीं घटना के अनुसंधान के लिए प्रशासनिक जांच टीम गठित की गई और जांच शुरू की गई। घटना की जांच के लिए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत द्वारा एसआईटी का गठन किया है, जिसका नेतृत्व एसडीपीओ समीर कुमार सवैया कर रहे हैं।

घटना के करीब पंद्रह दिन बाद रांची से जेएसएससी की एक उच्च स्तरीय टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का जायजा लिया। इस टीम में जेएसएससी के उप निदेशक सुधीर कुमार और वरीय अधिकारी रजनीश कुमार शामिल थे। निरीक्षण के दौरान सरायकेला के जिला आपूर्ति पदाधिकारी,सहायक प्रबंधक मजिस्ट्रेट और पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पूरे गोदाम का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां रखे गए अनाज की स्थिति का आकलन किया।

लेकिन आश्चर्य की बात यह रही की घटना के लगभग 6 महीने बीत जाने के बाद भी इस घटना से पर्दा नहीं उठ पाया। और ना ही कोई रिपोर्ट जनहित में सामने नहीं आई है।

घटना की प्रमुख बातें:-

  • आग लगने की घटना 28 अक्टूबर 2025 को हुई थी।
  • दो लोगों की मौत हो गई थी।
  • प्रशासनिक जांच टीम गठित की गई है।
  • एसआईटी का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व एसडीपीओ समीर सवैया कर रहे हैं।
  • घटना की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम भी बुलाई गई है ।

इस पूरी घटना में जनता यह जानना चाहती है कि गम्हरिया गोदाम में आग लगने की घटना के बाद प्रशासनिक कार्रवाई क्या हुई है और अब तक इस मामले से पर्दा क्यों नहीं उठ पाया ।

जनता के द्वारा पूछा गया यक्ष प्रश्न।

क्या यह आग लगने की घटना एक सोचीं समझी साजिश थी ?

क्या इस घटना को जानबूझकर अंजाम दिया गया था ?

दो लोगों की मौत हुई उन दो लोगों के परिवार जनों का क्या हुआ ?

क्या दोनों मृतक के परिवार को मुआवजा दिया गया और मुआवजा दिया गया तो कितना दिया गया ?

अनाज गोदाम में केरोसिन तेल कहां से आई ?

अनाज गोदाम में लाइटर कहां से आया ?

इस मामले को लगभग लगभग सभी अखबारों ने सभी न्यूज़ चैनलों ने सभी न्यूज वेबसाइट में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था लेकिन फिर भी 6 महीने बीत जाने के बाद भी इस मामले से पर्दा नहीं उठ पाया जिले की जनता जनहित में यह जानना चाहती है कि क्या टीम का गठन सिर्फ एक दिखावा था ?, क्या आज के समय में न्याय सिर्फ शब्दों में रह गई है  किताबों में रह गई है अखबारों में रह गई है या सिर्फ कहने को रह गई है ?

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मामले के 6 महीने बीत जाने के बावजूद भी अभी तक गम्हरिया अनाज गोदाम में किसी और एजीएम की नियुक्ति नहीं हो पाई है।

यहां पर एक बड़ा सवाल यह भी उठता दिखाई दे रहा है कि नए एजीएम की नियुक्ति क्यों नहीं हो पाई है ? या फिर गम्हरिया अनाज गोदाम में कोई भी अपनी नियुक्ति नहीं करवाना चाहता ?

नीमडीह प्रखंड के हेवन एवं लाकड़ी लैंपस में 200 लाह कृषकों हेतु एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण एवं टूल-किट वितरण कार्यक्रम का हुआ आयोजन।

नीमडीह प्रखंड के हेवन एवं लाकड़ी लैंपस में 200 लाह कृषकों हेतु एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण एवं टूल-किट वितरण कार्यक्रम का हुआ आयोजन।

सरायकेला-खरसावां

उन्नत तकनीक के माध्यम से लाह उत्पादन में वृद्धि एवं कृषकों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु किया गया प्रोत्साहित, अन्य किसानों को भी योजनाओं से जोड़ने की गई अपील।

उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां नितिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार जिले के कृषकों की आय में वृद्धि करने तथा उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में नीमडीह प्रखंड अंतर्गत हेवन एवं लाकड़ी लैंपस के 200 लाह कृषकों हेतु एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण एवं टूल-किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लाह उत्पादन को वैज्ञानिक आधार देकर किसानों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान उपस्थित कृषकों को लाह उत्पादन की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। विशेषज्ञों द्वारा उत्तम किस्म के बीहन लाह के चयन, कीट नियंत्रण तथा लाह के पौधों के उचित रखरखाव के संबंध में तकनीकी जानकारी साझा की गई। किसानों को प्रेरित किया गया कि वे पारंपरिक विधियों के स्थान पर उन्नत तकनीक का उपयोग करें, जिससे न केवल उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि उनकी आय में भी आशातीत वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।

कार्यक्रम के दौरान 200 चयनित लाह कृषकों के बीच आवश्यक कृषि टूल-किट का वितरण किया गया। इन उपकरणों की उपलब्धता से किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से लाह की खेती करने में सुगमता होगी। प्रशासन का यह उद्देश्य है कि किसान संसाधनों के अभाव में न रहें और तकनीक का पूर्ण लाभ उठाकर अपनी उत्पादकता बढ़ा सकें। टूल-किट वितरण को किसानों को सशक्त करने और उन्हें कृषि कार्यों के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा किसानों से विशेष अपील की गई कि वे सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी एवं अनुदान आधारित योजनाओं का लाभ उठाने हेतु आगे आएं। कृषकों को प्रोत्साहित किया गया कि वे स्वयं लाभान्वित होने के साथ-साथ अपने आसपास के अन्य किसानों को भी इन योजनाओं के प्रति जागरूक करें और उन्हें लाभ लेने हेतु प्रेरित करें। सामूहिक जागरूकता के माध्यम से ही कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधार और ग्रामीण समृद्धि का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला सहकारिता पदाधिकारी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न।

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न।

सरायकेला-खरसावां

विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर , समयबद्ध निष्पादन एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देश।

योजनाओं का स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार, अंतिम पायदान तक लाभ पहुँचाने एवं लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देश।

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई, बैठक में उपायुक्त के द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा उनके प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।

समीक्षा के क्रम में प्रखंड एवं अंचल स्तर पर नियमित समन्वय बैठक आयोजित करने, योजनाओं की सतत निगरानी रखने एवं सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। लाभुकों को योजनाओं का लाभ बिना किसी मध्यस्थता के सीधे उपलब्ध कराने तथा राजस्व संबंधी कार्यों में अनावश्यक विलंब समाप्त करने के निर्देश दिए गए।

सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे सप्ताह में कम-से-कम एक से दो दिन कार्यालय अवधि में अपने-अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर क्षेत्र से आने वाले आमजन की समस्याओं को सुनें तथा प्राप्त आवेदनों/शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े एवं योजनाओं के लाभ प्रदान करने में विलंब न हो।

शिक्षा विभाग को विद्यालयों में जर्जर शौचालयों के निर्माण हेतु स्वीकृति प्राप्त कर कार्य प्रारंभ करने, सभी विद्यार्थियों का जन्म प्रमाण पत्र निर्गत करने, बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया पूर्ण करने तथा नामांकन, उपस्थिति एवं शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग को आयुष्मान कार्ड निर्माण हेतु विशेष अभियान चलाने, रोस्टरवार कैंप आयोजित करने, स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

खाद आपूर्ति विभाग की समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया गया कि जन वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन वितरण में प्राप्त शिकायतों की जांच कर दोषी डीलरों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा स्टॉक मिलान सुनिश्चित करते हुए लाभुकों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराया जाए।

उद्योग एवं श्रम विभाग को योजनाओं के अंतर्गत अधिकाधिक लाभुकों को जोड़ने, श्रमिक पंजीकरण में तेजी लाने एवं योजनाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

कृषि विभाग को बीज, उर्वरक एवं उपकरणों का समयबद्ध वितरण, मृदा जांच में तेजी एवं किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने का निर्देश दिया गया।

सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण विभाग को केंद्र सरकार की पेंशन योजनाओं के अंतर्गत पेंशन प्राप्त करने वाले लाभुकों का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेशन शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने एवं लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।

मनरेगा एवं आवास योजनाओं के अंतर्गत योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन एवं रोजगार सृजन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

नगर विकास विभाग को स्वच्छता, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा निर्माण एवं विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में रोस्टरवार हल्का स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया गया, जिसमें विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ऑन-स्पॉट सेवाएं उपलब्ध कराते हुए आमजन का मोबिलाइजेशन सुनिश्चित किया जाएगा।

सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं का स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर बैनर, फ्लेक्स एवं होर्डिंग, सोशल मीडिया तथा गीत-संगीत, नुक्कड़ नाटक, पेंटिंग एवं वॉल पेंटिंग जैसे माध्यमों का उपयोग कर अधिकाधिक लोगों तक जानकारी पहुँचाई जाए तथा अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्तियों को योजनाओं से आच्छादित किया जाए।

बैठक के अंत में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण निष्पादन एवं समयबद्ध लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में निदेशक DRDA अजय तिर्की, अपर उपायुक्त जयबर्धन कुमार, अपर नगर आयुक्त रवि प्रकास, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश समेत जिला स्तरीय पदाधिकारीगण एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी–अंचलाधिकारी उपस्थित थे।

आयुष ग्राम रघुनाथपुर में स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 41 ग्रामीणों की निःशुल्क जांच एवं होमियोपैथी औषधि वितरण।

आयुष ग्राम रघुनाथपुर में स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 41 ग्रामीणों की निःशुल्क जांच एवं होमियोपैथी औषधि वितरण।

सरायकेला-खरसावां

जिला आयुष समिति, सरायकेला-खरसावाँ के तत्वावधान में संचालित “आयुष ग्राम” रघुनाथपुर (नीमड़ीह प्रखंड) में आज आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. शांति कुमारी द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर के दौरान विभिन्न रोगों से ग्रसित ग्रामीणों की आयुष पद्धति के माध्यम से निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई तथा आवश्यकतानुसार होमियोपैथी औषधियों का वितरण किया गया। साथ ही, उपस्थित ग्रामीणों को योग के विभिन्न आसनों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने एवं रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूक किया गया।

उल्लेखनीय है कि आयुष निदेशालय द्वारा जिले में कुल 12 आयुष ग्रामों का चयन किया गया है, जहां संबंधित प्रखंडों में पदस्थापित आयुष चिकित्सकों द्वारा प्रतिमाह नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता है।

आयोजित शिविर में कुल 41 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक औषधियां उपलब्ध कराई गईं।

एक माह से बंद सपादा जलापूर्ति प्लांट, दर्जनभर गांवों में पेयजल संकट गहराया।

एक माह से बंद सपादा जलापूर्ति प्लांट, दर्जनभर गांवों में पेयजल संकट गहराया।

सरायकेला/ईचागढ़

13 माह से वेतन बकाया, मजदूरों में रोष; समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी।

( मालखान महतो )

सरायकेला-खरसावां जिला के कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत सपादा स्थित जलापूर्ति प्लांट पिछले करीब एक माह से ठप है। इसके चलते आसपास के लगभग एक दर्जन गांवों में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। हालात यह हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं ।

उक्त योजना पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत संचालित है, जिसका उद्देश्य हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। हालांकि, प्लांट के बंद रहने से योजना की जमीनी हकीकत पर सवाल उठने लगे हैं और इसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।

प्लांट में कार्यरत मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले 13 महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। आर्थिक तंगी के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में कर्ज लेकर घर चलाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों और मजदूरों ने इस स्थिति के लिए ठेकेदार की मनमानी एवं लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो जलापूर्ति बहाल की गई और न ही बकाया वेतन का भुगतान किया गया। इससे स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। मामले को लेकर पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक साव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतने गंभीर मुद्दे के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

उन्होंने शासन-प्रशासन से अविलंब जलापूर्ति बहाल करने, मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान सुनिश्चित करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन किया जाएगा।

झारखंड में बढ़ती गर्मी के बीच स्कूलों के समय में बदलाव, 21 अप्रैल से लागू होगा नया आदेश।

झारखंड में बढ़ती गर्मी के बीच स्कूलों के समय में बदलाव, 21 अप्रैल से लागू होगा नया आदेश।

झारखंड/रांची

राज्य में लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सभी विद्यालयों के संचालन समय में बदलाव का महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। यह आदेश 21 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और अगले आदेश तक लागू रहेगा।

जारी निर्देश के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) एवं निजी विद्यालयों में कक्षा K.G. से लेकर कक्षा 8 तक की पढ़ाई सुबह 7:00 बजे से 11:30 बजे तक संचालित की जाएगी। वहीं कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चलेंगी।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को शेष समय, यानी सुबह 7:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक विद्यालय में रहकर गैर-शैक्षणिक कार्यों का निष्पादन करना होगा।

सरकार का यह निर्णय छात्रों को भीषण गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। आदेश को विभागीय सचिव की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।

भीषण सड़क दुर्घटना में 19 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई, एक गंभीर रूप से घायल।

भीषण सड़क दुर्घटना में 19 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई, एक गंभीर रूप से घायल।

सरायकेला/कुचाई

रविवार को खरसावां-कुचाई मार्ग में तेज भीषण सड़क दुर्घटना देखने को मिली जिस्म की एक 19 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है। इस हादसे ने दो परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सड़क पर बिखरा खून और क्षतिग्रस्त बाइक दुर्घटना की भयावहता को बयां कर रही थी।

खरसावां-कुचाई मुख्य मार्ग के देहरूडीह गांव के समीप हुई है। मृतक की पहचान सरायकेला थाना क्षेत्र के बुडियाडीह गांव निवासी आकाश जामुदा (19 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं, घायल युवक की पहचान विष्णु सोय (18) के रूप में की गई है। ग्रामीणों और परिवार के लोगो ने बताया कि दोनों युवक आपस में गहरे मित्र थे और अक्सर साथ रहते थे। रविवार को भी दोनों बाइक पर सवार होकर कुचाई गए थे। कुचाई से शाम 7 बजे घर लौटने के दौरान खरसावां-कुचाई मुख्य मार्ग के देहरूडीह गांव के मडवाडी तलाब के समीप एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार अज्ञात ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे घटनास्थल पर ही आकाश जामुदा की मौत हो गई।

जबकि विष्णु सोय सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से आनन-फानन में आकाश जामुदा उठाकर सदर अस्पताल सरायकेला एंबुलेंस से भेज दिया गया। जबकि विष्णु सोय को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरसावां लाया गया। घायल की स्थिति नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर की देखरेख में उसका सघन उपचार जारी है। बेहतर इलाज के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया गया। घटना ट्रैक्टर की टक्कर से हुई या बाइक स्वर स्वयं दुर्घटनाग्रस्त हुआ। इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती है। फिलहाल पुलिस मामले के जांच में जुटी है।

Design a site like this with WordPress.com
Get started