सरायकेला/ईचागढ़
साथियों किसानों की रोजी-रोटी का एकमात्र साधन उनकी खेती होती है और पूरे देश का पेट भरने में सबसे बड़ा योगदान हमारे देश के किसानों का होता है। और यह किसान दिन रात कड़ी मेहनत कर फसल को उपजाते हैं तभी जाकर आपके और हमारे घर में पूरे देश के घरों में अनाज पहुंचता है लेकिन क्या हो अगर किसानों के कड़ी मेहनत पर हाथी उत्पाद मचा कर उनकी फसल को नष्ट कर दे इसमें केवल किसानों की हानि नहीं होती बल्कि हमारे और आपके घर में जो अनाज पहुंचता है उनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी हो जाती है।

जी हां साथियों ताजा मामला सरायकेला खरसावां जिले का है जहां पर ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र सहित पूरे चांडिल अनुमंडल क्षेत्र जंगली हाथियों के उत्पाद से ग्रसित है किसान त्राहिमाम कर रहे हैं हाथियों द्वारा किसानों के फसल को नष्ट किया जा रहा है उनकी मेहनत को हाथी अपने पैरों तले रौंद कर चले जा रहे है।
आपको बताते चलें कि बुधवार करीब शाम 4 बजे ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सोड़ो पंचायत अंतर्गत तालापीढ़ी निवासी किसान निमाई चंद्र महतो के खेत में लगे धान की बिछड़ा को दो जंगली हाथी ने रौंद कर नष्ट कर दिया।
वर्तमान समय में पूरे प्रखंड क्षेत्र में धान रोपनी का कार्य जोर शोर से किया जा रहा है। रोपनी के समय धान की बिछड़ा को नष्ट करने से किसान मायूस है। किसान निमाई चंद्र महतो ने बताया कि धान की बिछड़ा पूरी तरह से तैयार हो गया था और दो दिन बाद रोपनी का कार्य करना था। ऐसे समय में जंगली हाथी द्वारा धान की बिछड़ा को नष्ट कर दिया कि रोपनी का कार्य पीछे हो जाएगा और समय पर खेती नहीं हो पाएगा।
मालूम हो कि विगत दो दिन पूर्व चुनीडीह गांव में जंगली हाथी द्वारा आधा दर्जन किसानों के खेत में लगे धान की बिछड़ा को नष्ट कर दिया गया था। लगातार जंगली हाथी द्वारा किसानों की खेती को नष्ट किए जाने से किसान मायूस है।
वही इस मामले पर सूत्रों ने जानकारी दी है कि ग्रामीणों ने जल्द से जल्द हाथियों को क्षेत्र से भागने की स्थानीय प्रशासन से मांग की है ताकि किस समय रहते खेती कर सके।












