चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में हाथियों ने मचाया उत्पाद, खामीयाजा भुगत रहे किसान।

चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में हाथियों ने मचाया उत्पाद, खामीयाजा भुगत रहे किसान।

सरायकेला/ईचागढ़

साथियों किसानों की रोजी-रोटी का एकमात्र साधन उनकी खेती होती है और पूरे देश का पेट भरने में सबसे बड़ा योगदान हमारे देश के किसानों का होता है। और यह किसान दिन रात कड़ी मेहनत कर फसल को उपजाते हैं तभी जाकर आपके और हमारे घर में पूरे देश के घरों में अनाज पहुंचता है लेकिन क्या हो अगर किसानों के कड़ी मेहनत पर हाथी उत्पाद मचा कर उनकी फसल को नष्ट कर दे इसमें केवल किसानों की हानि नहीं होती बल्कि हमारे और आपके घर में जो अनाज पहुंचता है उनकी कीमतों में भी बढ़ोतरी हो जाती है।

जी हां साथियों ताजा मामला सरायकेला खरसावां जिले का है जहां पर ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र सहित पूरे चांडिल अनुमंडल क्षेत्र जंगली हाथियों के उत्पाद से ग्रसित है किसान त्राहिमाम कर रहे हैं हाथियों द्वारा किसानों के फसल को नष्ट किया जा रहा है उनकी मेहनत को हाथी अपने पैरों तले रौंद कर चले जा रहे है।

आपको बताते चलें कि बुधवार करीब शाम 4 बजे ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सोड़ो पंचायत अंतर्गत तालापीढ़ी निवासी किसान निमाई चंद्र महतो के खेत में लगे धान की बिछड़ा को दो जंगली हाथी ने रौंद कर नष्ट कर दिया।

वर्तमान समय में पूरे प्रखंड क्षेत्र में धान रोपनी का कार्य जोर शोर से किया जा रहा है। रोपनी के समय धान की बिछड़ा को नष्ट करने से किसान मायूस है। किसान निमाई चंद्र महतो ने बताया कि धान की बिछड़ा पूरी तरह से तैयार हो गया था और दो दिन बाद रोपनी का कार्य करना था। ऐसे समय में जंगली हाथी द्वारा धान की बिछड़ा को नष्ट कर दिया कि रोपनी का कार्य पीछे हो जाएगा और समय पर खेती नहीं हो पाएगा।

मालूम हो कि विगत दो दिन पूर्व चुनीडीह गांव में जंगली हाथी द्वारा आधा दर्जन किसानों के खेत में लगे धान की बिछड़ा को नष्ट कर दिया गया था। लगातार जंगली हाथी द्वारा किसानों की खेती को नष्ट किए जाने से किसान मायूस है।

वही इस मामले पर सूत्रों ने जानकारी दी है कि ग्रामीणों ने जल्द से जल्द हाथियों को क्षेत्र से भागने की स्थानीय प्रशासन से मांग की है ताकि किस समय रहते खेती कर सके।

क्षत्रिय कल्याण संघ के संस्थापक रुद्रसेन सिंह के श्राद्धकर्म में शामिल हुए झारखंड क्षत्रिय संघ के केंद्रीय अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह।

क्षत्रिय कल्याण संघ के संस्थापक रुद्रसेन सिंह के श्राद्धकर्म में शामिल हुए झारखंड क्षत्रिय संघ के केंद्रीय अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह।

सरायकेला/आदित्यपुर

( भरत सिंह )

झारखंड क्षत्रिय संघ, कदमा द्वारा क्षत्रिय कल्याण ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष “स्व. रुद्रसेन सिंह” जी के आकस्मिक निधन पर बुधवार, 15 जुलाई को संध्या 7:00 बजे क्षत्रिय भवन, कदमा में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड क्षत्रिय संघ के केंद्रीय अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह शामिल हुए। अध्यक्ष ने स्व. रुद्रसेन सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की की। मौके पर उपस्थित झारखंड क्षत्रिय संघ के कई गणमान्य पदाधिकारियों ने “स्व. रुद्रसेन सिंह” के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

अध्यक्ष ने कहा कि “स्व. रुद्रसेन सिंह” जी ने समाज को एकजुट करने और क्षत्रिय कल्याण के लिए जो कार्य किए, वे हम सभी के लिए प्रेरणा हैं। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर हम समाज को शिक्षा, सेवा और संस्कार की दिशा में आगे ले जा सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि झारखंड क्षत्रिय संघ, क्षत्रिय कल्याण संघ के साथ जुड़कर समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर कर युवाओं को राष्ट्र और समाज सेवा से जोड़ना ही “स्व. रुद्रसेन सिंह” जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

वहीं इस श्राद्धकर्म के मौके पर अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह ने “स्व. रुद्रसेन सिंह” सिंह के द्वारा किए गए जनकल्याणकारी कार्यों को याद करते हुए कहा कि “स्व. रुद्रसेन सिंह” ने 2003 में क्षत्रिय कल्याण संघ की स्थापना की थी और क्षत्रिय कल्याण संघ के माध्यम से गोबर घुसी के राजा से वार्ता कर क्षत्रिय कल्याण संघ के नाम से 51 बीघा जमीन खरीदी थी जिसमें झारखंड क्षत्रिय संघ ने भी सहयोग किया था और वे पोर्टाल केमिकल के बहुत बड़े इंजीनियर थे और अपने सूझबूझ से 5-7 लोगों को सफल केमिकल इंडस्ट्रीज लगवाने में सहयोग किए थे।

उन्होंने आगे कहा की “रुद्रसेन सिंह” के स्वर्गवास हो जाने के बाद अब जल्द ही झारखंड क्षत्रिय संघ और क्षत्रिय कल्याण ट्रस्ट दोनों एक साथ जुड़कर जनहित में समाज कल्याण का कार्य करेगी।

आपको बताते चलें कि “स्व. रुद्रसेन सिंह” ने अपने जीवित रहते 2021 में झारखंड क्षत्रिय संघ के केंद्रीय अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह को क्षत्रिय कल्याण ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया था। जो कि अब दोनों संग एक साथ जुड़कर वृहद स्तर पर जनहित में कार्य करेगी जो कि दिवंगत आत्मा के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

वहीं इस मौके पर अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह साथ साथ प्रशांत सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, अनूप सिंह, बबलू सिंह, आर.के सिंह, ओम प्रकाश सिंह, अजय सिंह. रवि शंकर सिंह, दीपक सिंह साथ ही संगठन के सभी सदस्य ने मिलकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

झारखंड क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा-2024 के सफल, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित।

झारखंड क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा-2024 के सफल, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित।

सरायकेला/खरसावां

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा दिनांक 19 जुलाई, 2026 को आयोजित होने वाली झारखंड क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा-2024 के सफल, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन को लेकर आज नगर भवन, सरायकेला के सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रतिनियुक्त स्टैटिक दण्डाधिकारी, सेक्टर दण्डाधिकारी, उड़नदस्ता दण्डाधिकारी, पेट्रोलिंग दण्डाधिकारी, ऑब्जर्वर, केंद्राधीक्षक एवं पुलिस पदाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी उपस्थित रहे।

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए परीक्षा का संचालन पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त वातावरण में कराया जाए। उन्होंने सभी प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को निर्धारित समय से पूर्व अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित रहकर सौंपे गए दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करने का निर्देश दिया। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने, अभ्यर्थियों के प्रवेश एवं निकास को सुव्यवस्थित करने, प्रश्नपत्र एवं अन्य परीक्षा सामग्रियों के सुरक्षित वितरण, उत्तरपुस्तिकाओं के संकलन, सीलबंदी तथा परीक्षा उपरांत निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप स्ट्रांग रूम में सुरक्षित जमा कराने की प्रक्रिया का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।

उपायुक्त ने सभी केंद्राधीक्षकों को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा निर्गत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों का पूर्व निरीक्षण कर उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं का जायजा लेने तथा परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व प्रत्येक केंद्र पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पर्याप्त बेंच-डेस्क, समुचित प्रकाश व्यवस्था हेतु बल्ब, विद्युत पंखे, कार्यशील दीवार घड़ी सहित सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता, कदाचार अथवा संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करते हुए इसकी सूचना वरीय पदाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी आपसी समन्वय, सतर्कता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए परीक्षा की निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता बनाए रखें।

पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने अपने संबोधन में कहा कि सभी प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने हेतु कार्य करें। उन्होंने परीक्षा केंद्रों एवं उसके आसपास सतत निगरानी रखने, विधि-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अवांछित अथवा संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता एवं गरिमा बनाए रखना सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक के दौरान संयुक्त आदेश में वर्णित विभिन्न दायित्वों, परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन एवं संधारण, प्रश्नपत्र वितरण, उत्तरपुस्तिका संकलन, सीलबंदी, स्ट्रांग रूम में जमा करने की प्रक्रिया, स्टैटिक, सेक्टर, उड़नदस्ता एवं पेट्रोलिंग दण्डाधिकारियों की भूमिका तथा आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को परीक्षा के सफल, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं कदाचारमुक्त संचालन हेतु पूर्ण सजगता, अनुशासन एवं समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

इस अवसर पर अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी, प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।

आदित्यपुर के नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एमबीबीएस सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 की गई, अधिक संख्या में विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का मिलेगा अवसर।

आदित्यपुर के नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एमबीबीएस सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 की गई, अधिक संख्या में विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का मिलेगा अवसर।

सरायकेला/आदित्यपुर

( सोनू कुमार सिंह )

सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। और यह नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NSMCH) के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

आपको बताते चलें कि नेताजी नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने बुधवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में अपनी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए मिडिया को बताया कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने आदित्यपुर स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एमबीबीएस सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी है।

उन्होंने कॉलेज एंड हॉस्पिटल की दूसरी उपलब्धि के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पटना के बिहटा में स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ( NSMCH ) में भी एमबीबीएस की सीटें 150 से बढ़ाकर 250 कर दी गई हैं।

साथ ही उन्होंने संस्थान की तीसरी बड़ी परियोजना की घोषणा करते हुए कहा कि टाटा-रांची रिंग रोड के पास 21.20 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है. जिसमें वर्ष 2028 तक तीसरा नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल शुरू किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धियां केवल संस्थान के लिए नहीं है संस्थान में सीटों की संख्या बढ़ने से अधिक संख्या में विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

आदित्यपुर के बास्कोनगर से लापता हुई तीन लड़कियां, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल, पुलिस जांच में जुटी।

आदित्यपुर के बास्कोनगर से लापता हुई तीन लड़कियां, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल, पुलिस जांच में जुटी।

सरायकेला/आदित्यपुर

( सोनू कुमार सिंह )

सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत वास्को नगर से तीन नाबालिक लड़कियों के लापता होने की खबर है। लापता तीनों लड़कियां आदित्यपुर थाना क्षेत्र के बास्कोनगर की निवासी बताई जा रही हैं। लापता लड़कियों की पहचान शांति सामड (14 वर्ष), अनुष्का गगराई (15 वर्ष) एवं सिमरन जोजो (14 वर्ष) के रूप में हुई है।

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, चार नाबालिग लड़कियां 13 जुलाई 2026 को घर से घूमने के लिए निकली थीं। जिनमें से एक लड़की मंगलवार दोपहर अपने घर लौट आई, जबकि तीन अन्य लड़कियां अब तक घर नहीं पहुंची हैं। परिजनों द्वारा दी गई सूचना के बाद पुलिस लड़कियों की तलाश में जुट गई हैं संभावित स्थानों पर खोजबीन की जा रही है तथा आसपास के क्षेत्रों में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

इधर नाबालिक लड़कियों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है परिजनों ने आम जनता से अपील की है कि किसी को भी अगर लड़कियां दिखाई दे या फिर लड़कियों की सूचना प्राप्त हो तो वे तुरंत इसकी सूचना स्थानीय थाना या फिर परिजनों को दें।

मुख्यमंत्री से चक्रधरपुर, घाटशिला एवं चांडिल अनुमंडलों को जिला बनाने की मांग।

मुख्यमंत्री से चक्रधरपुर, घाटशिला एवं चांडिल अनुमंडलों को जिला बनाने की मांग।

सरायकेला/खरसावां

कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष फूलकांत झा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को संबोधित एक स्मार पत्र भेज कर मांग किये है सीकेपी (चक्रधरपुर) पोड़ाहाट, घाटशिला तथा चांडिल अनुमंडलों को जिला घोषित करने की मांग की है।

पत्र में उन्होंने कहा कि चक्रधरपुर अनुमंडल को बने लगभग 25 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज भी इसे जिला का दर्जा नहीं मिल सका है। पश्चिमी सिंहभूम के दूरस्थ क्षेत्रों जैसे चाईबासा, जगन्नाथपुर, नोवामुंडी, मनोहरपुर, गोइलकेरा, मझगांव आदि के लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए 80 से 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे आम जनता को सरकारी योजनाओं एवं प्रशासनिक सेवाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाता।

उन्होंने कहा कि घाटशिला अनुमंडल के बहरागोड़ा, चाकुलिया और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी जिला मुख्यालय जमशेदपुर तक पहुंचने में काफी कठिनाई होती है। वहीं चांडिल अनुमंडल, जो लगभग 24 वर्षों से अस्तित्व में है, के लोगों को भी सरायकेला जिला मुख्यालय तक पहुंचने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं।

फूलकांत झा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मानसून सत्र में इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए चक्रधरपुर, घाटशिला एवं चांडिल अनुमंडलों को जिला घोषित करने की घोषणा की जाए, ताकि कोल्हान क्षेत्र के लोगों को बेहतर प्रशासनिक सुविधा, विकास योजनाओं का लाभ और सुशासन सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि नए जिलों के गठन से प्रशासन आम जनता के और करीब पहुंचेगा तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।


कोल्हान झारखंड सरकार की राजनीतिक हृदयस्थली रहा है। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में कोल्हान की 14 विधानसभा सीटों में से 12 सीटों पर महागठबंधन को जनता ने अपना प्रचंड समर्थन देकर विजय दिलाई। वहीं, कोल्हान के दो लोकसभा क्षेत्रों में से एक सीट पश्चिमी सिंहभूम से भी महागठबंधन के प्रत्याशी को जनता ने विजयी बनाया, जो इस क्षेत्र के लोगों के विश्वास और समर्थन का स्पष्ट प्रमाण है।

ऐसे में कोल्हान की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग चक्रधरपुर, घाटशिला एवं चांडिल अनुमंडलों को जिला का दर्जा देने पर सरकार को गंभीरता से विचार करते हुए सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। इससे जनता को प्रशासनिक सुविधाएं सुलभ होंगी और क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत एलईडी जागरूकता रथ को उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत एलईडी जागरूकता रथ को उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।

सरायकेला/खरसावां

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से आज समाहरणालय परिसर से उपायुक्त नितिश कुमार सिंह एवं उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने संयुक्त रूप से एलईडी जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर हस्ताक्षर अभियान का शुभारम्भ भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मियों एवं आमजन को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत लिंग भेद, कन्या भ्रूण हत्या एवं बालिकाओं के प्रति भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने तथा बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई। इसके उपरांत उपस्थित सभी लोगों ने हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर बेटियों के सम्मान एवं समान अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

अपने संबोधन में उपायुक्त ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उसकी बेटियों के सम्मान, सुरक्षा एवं शिक्षा पर निर्भर करती है। बेटियों को समान अवसर उपलब्ध कराना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि लिंग आधारित भेदभाव, कन्या भ्रूण हत्या एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने अभिभावकों से अपनी बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ एवं आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराने का आह्वान किया। साथ ही नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी भ्रूण लिंग जांच अथवा पीसीपीएनडीटी अधिनियम के उल्लंघन जैसी अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

उपायुक्त ने कहा कि एलईडी जागरूकता रथ का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना है। उन्होंने सभी नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संदेश को अपने परिवार, विद्यालय, कार्यस्थल एवं समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने की अपील की।

उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने कहा कि बालिकाओं के प्रति सम्मानजनक एवं समानतामूलक दृष्टिकोण विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों एवं जनसहभागिता से ही इस अभियान के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सकता है।

इस अवसर पर बताया गया कि एलईडी जागरूकता रथ जिले के सभी 09 प्रखंडों में प्रत्येक प्रखंड में एक-एक दिन भ्रमण करेगा। रथ के माध्यम से एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित जागरूकता संदेशों, लघु फिल्मों एवं सूचना सामग्री के माध्यम से आमजन को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, कन्या भ्रूण हत्या निषेध, बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, पोषण एवं महिला सशक्तिकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ उपलब्ध कराई जाएँगी।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे एलईडी जागरूकता रथ के कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें, हस्ताक्षर अभियान से जुड़कर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। सभी नागरिक इस जन-जागरूकता अभियान से जुड़कर एक समानतामूलक, सुरक्षित एवं बेटियों के अनुकूल समाज के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी गोपी उराँव, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर, सीडीपीओ सुरुचि प्रसाद, महिला पर्यवेक्षिका (एल.एस.) सविता सिन्हा, महिला पर्यवेक्षिका (एल.एस.) नेहा कुमारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

झारखंड क्षत्रिय संघ के केंद्रीय अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह ने की हिमांशु हत्याकांड मामले पर सीबीआई जांच की मांग।

झारखंड क्षत्रिय संघ के केंद्रीय अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह ने की हिमांशु हत्याकांड मामले पर सीबीआई जांच की मांग।

अगर झारखंड क्षत्रिय संघ पुलिस के ऊपर मुकदमा कर दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग करती है तो क्या यह गलत है ?:- शंभू नाथ सिंह केंद्रीय अध्यक्ष, झारखंड क्षत्रिय संघ

गंभीर रूप से घायल हिमांशु और प्रत्युष को पुलिस ने 40 मिनट तक अस्पताल नहीं पहुंचाया:- शंभू नाथ सिंह, केंद्रीय अध्यक्ष, झारखंड क्षत्रिय संघ

सरायकेला/आदित्यपुर

( सोनू कुमार सिंह )

चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड मामले में झारखंड क्षत्रिय संघ के केंद्रीय अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह ने सीधे तौर पर पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पुलिस ने हिमांशु और प्रत्युष को रोक कर नहीं रखा होता तो यह हत्या नहीं होती।

शंभू नाथ सिंह, केंद्रीय अध्यक्ष, झारखंड क्षत्रिय संघ

ज्ञात हो कि जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार के समीप 27 जून की रात हिमांशु सिंह और प्रत्युष पर विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा और उसके साथियों ने जानलेवा हमला किया था। जिसमें गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। और इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर एक सवालिया निशान छोड़ दिया था। साथ ही कांड के मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने 9 जुलाई को न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर किया था।

वहीं इस मामले पर झारखंड क्षत्रिय संघ के केंद्रीय अध्यक्ष शंभूनाथ सिंह ने सीधे तौर पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया है। अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले में सीधे तौर पर पुलिस दोषी है और पुलिस पर मुकदमा होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमने डीडी बार के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज को भी देखा है जिसमें यह साफ दिखाई देता है कि हिमांशु और प्रत्यूष के साथ और भी पांच लोग थे और वह पांच लोग डीडी बार में हाथापाई होने के बाद वहां से निकल गए थे जिसके बाद हिमांशु और प्रत्यूष भी निकलने के लिए अपनी गाड़ी स्टार्ट कर रहे थे इतने में ही पुलिस ने आकर उन दोनों को रोक लिया और 20 से 25 मिनट अपनी वैन के पास खड़ा रखा। और इतने में ही 8 से 10 की संख्या में अपराधियों ने वैन के पास आकर प्रत्युष और हिमांशु पर जानलेवा हमला कर दिया जिसमें कि प्रत्युष नीचे सड़क पर ही गिर गया लेकिन हिमांशु अपनी जान बचाने के लिए पुलिस की वैन में जाकर छुप गया लेकिन अपराधियों ने हिमांशु पर वैन के अंदर ही हमला कर दिया फिर हिमांशु को वैन से बाहर निकाल कर मारने लगे जिसमें कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

उन्होंने आगे कहा कि घायल होने के बावजूद अस्पताल ले जाने की जगह लगभग 40 मिनट तक पुलिस ने उन्हें वहीं छोड़ दिया जिसके बाद हिमांशु और प्रत्युष के पांच दोस्त वापस लौट कर आए और दोस्तों ने ही मिलकर एक को स्कॉर्पियो में और एक को टेंपो के सहारे अस्पताल पहुंचाया।

उन्होंने कहा कि झारखंड क्षत्रिय संघ का मानना है कि पुलिस अभिरक्षा में हत्या हुई है इसमें पूरी तरह से पुलिस दोषी है। और इसमें पुलिस पर मुकदमा होना चाहिए पुलिस अगर रोकती नहीं तो हत्या होती नहीं। अगर पुलिस हवाई फायरिंग करती या फिर अपराधियों के सामने सिर्फ बंदूक तान भी देती तो भी यह हत्या टल जाती लेकिन पुलिस ने ना तो हवाई फायरिंग की ना ही रिवाल्वर निकालने का प्रयास किया। पुलिस ने अगर हिमांशु और प्रत्युष को अपनी अभिरक्षा में रखा था तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह से पुलिस की थी जिसमें पुलिस पूरी तरह से विफल हो गई। पुलिस अगर सतर्कता से अपने कर्तव्यों का निर्वाह करती तो यह हत्या नहीं होती।

उन्होंने पुलिस के कार्यशैली पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि शहर में जितने भी पीसीआर वैन घूम रही है उनका एकमात्र का काम होता है पैसे की उगाही करना इसके अलावा पुलिस कोई काम नहीं करती है। पब्लिक को प्रोटेक्शन देने का काम पुलिस से बिल्कुल भी नहीं होता है। साथ ही कहा कि घटना के वक्त पेट्रोलिंग गाड़ी में जितने भी पुलिस कर्मियों की तैनाती थी उन पर अगर हत्या का मुकदमा नहीं होता है तो पुलिस की कार्यशैली में कभी बदलाव नहीं आ सकता।

आगे मीडिया को जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि विगत 6 महीने का डाटा हमने दिया था जिसमें कि 3000 चापड़ की घटना हुई है हजारों चैन चिंताई की घटना हो चुकी है लोग घर से निकलना बंद कर चुके हैं औरतें गहना पहन कर बाहर निकालना पसंद नहीं कर रही हैं।

आपको बताते चलें की उक्त हत्याकांड के घटित होने के बाद जमशेदपुर क्षेत्र में बंदी का आवाहन किया गया था जिस पर केंद्रीय अध्यक्ष शंभूनाथ सिंह ने कहा कि उक्त बंदी के क्रम में हमने पूरे पश्चिम क्षेत्र का भ्रमण किया पूर्वी क्षेत्र में भी हमारे लोगों ने भ्रमण किया लेकिन किसी जगह पर किसी को भी बंद करने को नहीं कहना पड़ा सभी लोगों ने अपनी शुभेच्छा से बंद रखा बंदी का समर्थन किया तो आप समझ सकते हैं कि लोगों में हत्या की घटना को लेकर कितना आक्रोश है और प्रशासन के प्रति कितनी नाराजगी है।

आखिर में उन्होंने मीडिया के माध्यम से इस मामले पर सीबीआई जांच की माग की है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, झारखंड की सड़क परियोजनाओं पर हुई चर्चा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, झारखंड की सड़क परियोजनाओं पर हुई चर्चा।

नई दिल्ली

झारखंड की राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सड़क अवसंरचना परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की।

मुलाकात के दौरान झारखंड की विभिन्न महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सड़क अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्हें शीघ्र गति देने पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान विशेष रूप से खूंटी बाइपास के जल्द निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

अर्जुन मुंडा ने कहा कि खूंटी बाइपास बनने से शहर में यातायात का दबाव कम होगा, सड़क सुरक्षा में सुधार आएगा तथा आम लोगों के लिए आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होगा। साथ ही यह परियोजना खूंटी एवं आसपास के आदिवासी क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि बाइपास के निर्माण से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। इसके अलावा झारखंड में लंबित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को जल्द पूरा करने तथा राज्य में सड़क अवसंरचना के समग्र विकास को गति देने के संबंध में भी सकारात्मक एवं सार्थक विचार-विमर्श हुआ।

राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा से मिले डिप्टी मेयर अंकुर सिंह, लिया आशीर्वाद।

राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा से मिले डिप्टी मेयर अंकुर सिंह, लिया आशीर्वाद।

सरायकेला/आदित्यपुर

( सोनू कुमार सिंह )


आदित्यपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर अंकुर सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा से राजधानी रांची स्थित उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की।

इस दौरान अंकुर सिंह ने सांसद प्रदीप वर्मा से आशीर्वाद प्राप्त किया और विभिन्न समसामयिक विषयों पर यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। अंकुर सिंह ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए इसे शिष्टाचार भेंट बताया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेतृत्व का मार्गदर्शन और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के कार्यों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

सोशल मीडिया पर साझा की गई इस मुलाकात की तस्वीर और जानकारी को भाजपा कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों द्वारा भी सराहा जा रहा है।

झारखंड क्षत्रिय संघ के मीडिया प्रभारी बने भरत सिंह।

झारखंड क्षत्रिय संघ के मीडिया प्रभारी बने भरत सिंह।

सरायकेला/आदित्यपुर

( सोनू कुमार सिंह )

मंगलवार को झारखंड क्षत्रिय संघ के केंद्रीय अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह के द्वारा भरत सिंह को झारखंड क्षत्रिय महासंघ का मीडिया प्रभारी मनोनीत किया गया है। यह उपाधि पत्रकारिता जगत में भरत सिंह के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए दिया गया है।

केंद्रीय अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह ने कहा कि भरत सिंह के अनुभव और कार्यशैली से क्षेत्र में संघ की गतिविधियों को नई गति मिलेगी। वे संगठन की खबरों को जनता तक पहुंचाने और जनसमस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने का काम करेंगे। यह फैसला रविवार को हुए एक बैठक में लिया गया है।

नवनियुक्त मीडिया प्रभारी भरत सिंह ने संघ के केंद्रीय अध्यक्ष एवं सभी प्रभारीयों और सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे केंद्रीय अध्यक्ष और संघ के पदाधिकारियों के विश्वास पर खड़ा उतरेंगे। आदित्यपुर क्षेत्र में संघ द्वारा किए जा रहे हैं जनहित कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे जो जिम्मेदारी मिली है उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाऊंगा।

वहीं इस अवसर पर संघ राष्ट्रीय अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह के साथ साथ संघ के कई गणमान्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।

महिला पर जानलेवा हमला करने वाले फरार अभियुक्त को  महज 10 घंटे में ही किया गिरफ्तार।

महिला पर जानलेवा हमला करने वाले फरार अभियुक्त को  महज 10 घंटे में ही किया गिरफ्तार।

सरायकेला/तिरुलडीह

सरायकेला-खरसावां जिले के तिरूलडीह थाना क्षेत्र के डाटम गांव में एक महिला को डायन बताकर उसके घर में घुसकर जानलेवा हमला कर  फरार होने वाले नामजद अभियुक्त संजय महतो 26 वर्ष को तिरूलडीह पुलिस महज 10 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त को चांडिल अनुमंडल न्यायालय में पेश कर सरायकेला कारा भेज दिया गया।

थाना प्रभारी कौशल कुमार ने बताया कि पीड़िता सुष्मिता महतो ने तिरूलडीह थाना में लिखित शिकायत देकर आरोपी के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।शिकायत के अनुसार  सुष्मिता महतो (40 वर्ष) को गांव का ही संजय महतो डायन बताकर लाठी से पीटकर घायल कर दिया था। उन्होंने कहा कि सोमवार को अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले का जांच किया जा रहा है।

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