डीएवी पब्लिक स्कूल बिष्टुपुर में वर्चुअल विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन, लीगल लिट्रेसी क्लब का किया गया उद्घाटन
जमशेदपुर
झालसा रांची के निर्देशानुसार डीएवी पब्लिक स्कूल बिष्टुपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर के तत्वाधान में वर्चुअल विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान राज्य के अन्य 72 स्कूलों के साथ वर्चुअल माध्यम से न्यायिक साक्षरता क्लब का उद्घाटन भी किया गया। शिविर के माध्यम से स्कूली बच्चों को विधिक जागरूकता की महत्ता के बारे में बताया गया । साथ ही बाल विवाह, बाल श्रम, बाल उत्पीड़न और पोस्को एक्ट जैसे गंभीर मुद्दों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही बच्चों को उनके मौलिक अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील की गई।
उक्त कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में व्यवहार न्यायालय जमशेदपुर के न्यायिक पदाधिकारी आर एस पांडेय उपस्थित रहे। वहीं अन्य विशिष्ठ लोगों में लीगल डिफेंस कौंसिल के चीफ विदेश सिन्हा,कौंसिल के सहायक सदस्यों में अधिवक्ता योगिता कुमारी,अभिनव कुमार श्रीवास्तव,अंकित प्रताप कुंवर,पवन कुमार तिवारी, डालसा असिस्टेंट रवि मुर्मू, डीएवी स्कूल के सुपरवाइजरी हेड सह शिक्षक प्रतिनिधि ओम प्रकाश पाठक उपस्थित थे। वहीं पीएलवी के रूप में मुख्य रूप से नागेन्द्र कुमार, प्रकाश मिश्रा, प्रभात कुमार सरदार, सुबोध कुमार, अनील कुमार शर्मा , शिव रजक सहित अन्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान न्यायिक साक्षरता की आवश्यकता पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया और बताया गया कि यह समाज के हर वर्ग के लिए जरूरी है, तथा बच्चों के माध्यम से यह संदेश पूरे देश में फैल सकता है। इसके अलावा बहरागोड़ा डीएवी स्कूल में भी लिट्रेसी क्लब का उद्घाटन किया गया और स्कूली बच्चों के बीच विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बहरागोड़ा में घाटशिला व्यवहार न्यायालय के न्यायिक पदाधिकारी श्री विकास कुमार भगत बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे । साथ ही पैनल लॉयर्स में सुबोध हेमब्रम, सुनील सीट, डालसा सहायक अलंकार तामड़िया, डीएवी स्कूल के प्रिंसिपल मुकेश कुमार एवं पीएलवी में आनंद साव, राजेश प्रहराज, राजा भोज, मुना हांसदा आदि उपस्थित थे ।
स्कॉट गाइड के बच्चों का सीआपीएफ बेस एडवेन्चर प्रशिक्षण का हुआ समापन
मुसाबनी
सीआरपीएफ के ट्रेनरों ने एस्कॉर्ट एंड गाइड को हर आपदा में लड़ने को किया प्रशिक्षित
भारत स्काउट एंड गाइड पूर्वी सिंहभूम जिला का एकदिवसीय सीआरपीएफ बेस एडवेंचर प्रशिक्षण रविवार को मुसाबनी रीक्रिएशन क्लब मैदान में आयोजित हुआ ।इस प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ सीआरपीएफ 193 बटालियन के उप कमांडेंट प्रदीप कुमार घोष ने फ्लैग होस्टिंग कर किया। इस मौके पर भारत स्काउट गाइड के जिला संगठन आयुक्त नरेश कुमार, जिला प्रशिक्षण आयुक्त नीरज शुक्ला, एस्कॉर्ट मास्टर पीके मोहंती, जितेंद्र शर्मा आदि मौजूद थे। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर में लगभग 10 विद्यालय के 300 से अधिक स्काउट गाइड ने बढ़ चढकर भाग लिया। सीआरपीएफ वेस एडवेन्चर जो आर्मीस्तरीय प्रशिक्षण माना जाता है। सीआरपीएफ के कई प्रशिक्षित ट्रेनर द्वारा सभी स्काउट गाइड को विभिन्न तरह का प्रशिक्षण दिया गया जो आपदा में लड़ने के लिए महत्वपूर्ण था।
प्रशिक्षण में बच्चों को कई महत्वपूर्ण कौशल सिखाए गए। इनमें बिना बर्तन के भोजन बनाना, टेंट लगाना और विभिन्न प्रकार की गांठें बनाना शामिल था। साथ ही स्काउट नियम, प्रतिज्ञा, इतिहास, सलामी और स्काउटिंग वर्दी की जानकारी भी दी गई। नरेश कुमार ने स्काउटिंग शिक्षा को सभी के लिए उपयोगी बताया। जिला संगठन आयुक्त नरेश कुमार के नेतृत्व में समय समय पर आयोजित सहासिक गतिविधियां, आपदा प्रबंधन, पर्वतारोहण जैसे आयोजित कार्यक्रमों में स्काउट गाइड को भाग लेने हेतु प्राथमिक प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। स्काउट एन्ड गाइड को विकासात्मक प्रशिक्षण सैलियुट बायां हाथ मिलाना आदि के बारे में प्रशिक्षको द्वारा बारीकी पूर्ण जानकारी देते हुए अभ्यास कराया गया। इन्हें भोजन बनाना आग से सुरक्षा, जलाना, बुझाना, जैसे तरिकों से स्काउटर गाइडर को अवगत कराया गया। कम्पास की सहायता से दिशा का ज्ञान केम्पिंग, हईकिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्रदान की गई।
इस एडवेंचर प्रशिक्षण में रामकृष्ण मिशन इंटरनेशनल स्कूल चाकुलिया के 60, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर मुसाबनी के 75, बेथल मॉडल स्कूल के 33 ,मध्य विद्यालय जामशॉल के 3, कार्मेल जूनियर स्कूल सोनारी के 45, सीक्रेट हार्ट कॉन्वेंट के 16, डीबीएमएस कदमा के 6 एवं राजेंद्र विद्यालय के दो एस्कॉर्ट एंड गाइड ने भाग लिया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला संगठन आयुक्त नरेश कुमार, नीरज शुक्ला, एस्कॉर्ट मास्टर पीके मोहंती ,जितेंद्र शर्मा, विशाल रजक, धीरज रंजन, ममतेश्वरी, भवानी, ज्ञानचंद आदि का अहम योगदान रहा।
सीआईआई झारखंड उद्योग कार्निवल 2025 का आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में दो दिवसीय भव्य आयोजन
जमशेदपुर
सीआईआई झारखंड ने “टेक्नोवेट, सस्टेन और सेफगार्ड शेपिंग टुमॉरोज़ इंडस्ट्रीज” थीम के साथ सीआईआई झारखंड उद्योग कार्निवल 2025 का आदित्यपुर स्थित ऑटो क्लस्टर सभागार में सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह आयोजन स्थिरता, सुरक्षा और तकनीकी प्रगति को एकीकृत करके औद्योगिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है। भारत का औद्योगिक क्षेत्र, विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, स्टील, रेलवे और रक्षा विनिर्माण में, दक्षता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए डिजिटलीकरण, एआई और IoT के माध्यम से विकसित हुआ है। कार्यक्रम के दौरान इंद्रजीत यादव, आईईडीएस एमएसएमई – विकास और सुविधा कार्यालय रांची, भारत सरकार ने एमएसएमई के लिए उपयोगकर्ता के अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया,जिससे उनकी वृद्धि और स्थिरता को सक्षम किया जा सके। उन्होंने बताया कि उद्योग कार्निवल का एक प्रमुख फोकस ‘बाजार तक पहुंच’ एमएसएमई के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जो सीधे उनकी दीर्घकालिक व्यवहार्यता को प्रभावित करती है। उन्होंने 2015 से लागू सार्वजनिक खरीद नीति के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि किस तरह उद्योग कार्निवल खरीद के अवसरों का पता लगाने और एमएसएमई को आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकृत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है। उन्होंने रक्षा और रेलवे जैसे क्षेत्रों की विशिष्ट आवश्यकताओं को भी संबोधित किया, गुणवत्ता और आपूर्ति सीमा पर विचार-विमर्श की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ऊर्जा-कुशल और उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपनाने में उद्योगों का समर्थन करने वाले सरकारी प्रावधानों और सब्सिडी को रेखांकित किया। वहीं आर एडमिरल अनिल कुमार वर्मा, वीएसएम (सेवानिवृत्त), पूर्व अध्यक्ष, सीआईआई पूर्वी क्षेत्र ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की सही वैश्विक स्थिति एमएसएमई विकास पर निर्भर करती है, उन्होंने 14वीं-15वीं शताब्दी में भारत की वैश्विक जीडीपी हिस्सेदारी में 25% से आज 3% तक की गिरावट को नोट किया। उन्होंने एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए मेक इन इंडिया और विकसित भारत जैसी पहलों का लाभ उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि 6 करोड़ से अधिक एमएसएमई विनिर्माण में केवल 6% का योगदान करते हैं, जो उनके विस्तार की तात्कालिकता को दर्शाता है। उन्होंने पिछले दशक में रक्षा उत्पादन में 500% की वृद्धि को भी रेखांकित किया, जो ₹30,000 करोड़ से बढ़कर ₹1.5 लाख करोड़ हो गया है, जिससे एमएसएमई को इस क्षेत्र में अभूतपूर्व अवसर प्राप्त हुए हैं। सीआईआई झारखंड राज्य परिषद के अध्यक्ष और एमडेट जमशेदपुर प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री रंजोत सिंह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जमशेदपुर झारखंड के आर्थिक और औद्योगिक विकास का एक प्रमुख चालक है, जिसमें इस्पात, ऑटोमोटिव और भारी इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
राज्य का भारी इंजीनियरिंग उद्योग भारत के औद्योगिक बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसे इसके खनिज संसाधनों, कुशल कार्यबल और अनुकूल नीतियों का समर्थन प्राप्त है। झारखंड तेजी से भारी इंजीनियरिंग के केंद्र के रूप में उभर रहा है, जो विनिर्माण, निर्माण और खनन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। सरायकेला खरसावां, विशेष रूप से आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र, हाल ही में सरकार की पहलों से मजबूत होकर एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। सीआईआई ईआर एमएसएमई उपसमिति के अध्यक्ष और मेटलवर्क इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय सबरवाल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एमएसएमई, विशेष रूप से भारत के पूर्वी क्षेत्र में विनिर्माण क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं। देश में 6.5 करोड़ एमएसएमई लगभग 21 करोड़ लोगों को रोजगार देते हैं। झारखंड में एमएसएमई क्षेत्र में काफी अप्रयुक्त क्षमता है। राज्य 2047 तक विकसित भारत के अपने दृष्टिकोण को साकार करने पर केंद्रित है। इस प्रयास के हिस्से के रूप में, झारखंड एमएसएमई के लिए अनुकूल वातावरण बनाने, नवाचार को बढ़ावा देने, कौशल विकास को बढ़ाने और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार करने की दिशा में काम कर रहा है। वहीं मौके पर उपस्थित सीआईआई झारखंड राज्य परिषद के उपाध्यक्ष और टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रितु राज सिन्हा ने औद्योगिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने में नवाचार, स्थिरता और सुरक्षा के अभिसरण पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे उद्योग 4.0, एआई-संचालित स्वचालन और स्मार्ट बुनियादी ढाँचा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को नया आकार दे रहा है, जिसके लिए एक सक्रिय सुरक्षा संस्कृति की आवश्यकता है। डिजिटलीकरण और रणनीतिक नवाचार की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने उन्नत सुरक्षा प्रोटोकॉल, परिचालन दक्षता और सतत विकास के महत्व को रेखांकित किया। प्रतिनिधियों, प्रदर्शकों और प्रायोजकों के योगदान को स्वीकार करते हुए उन्होंने सुरक्षित, प्रौद्योगिकी-संचालित प्रगति को बढ़ावा देने, उद्योगों को सहयोग और नवाचार के माध्यम से लचीला और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए सीआईआई झारखंड की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
सीआईआई झारखंड एमएसएमई पैनल के सह संयोजक और लेम्को इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक श्री रोहित गोयल ने भारत के औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक परिवर्तनकारी दृष्टिकोण की रूपरेखा तैयार की, जिसमें स्थिरता और तकनीकी नवाचार के साथ पारंपरिक विकास के प्रतिच्छेदन पर जोर दिया गया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे ऑटोमोबाइल, स्टील, रेलवे और रक्षा विनिर्माण जैसे क्षेत्र वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों को अपना रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलाव और उद्योग 4.0 प्रौद्योगिकियों के कार्यान्वयन पर जोर दिया, जो सतत औद्योगिक विकास के प्रमुख चालक हैं, जो विकसित भारत 2047 के व्यापक दृष्टिकोण के साथ संरेखित हैं।
सीआईआई झारखंड उद्योग कार्निवल एक सम्मेलन और एक प्रदर्शनी दोनों था, जिसमें 150 से अधिक प्रतिनिधि एक साथ आए और 25 से अधिक प्रदर्शक शामिल हुए। यह कार्यक्रम एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य करता है, जो रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने, नए व्यावसायिक अवसरों की खोज करने और झारखंड के जीवंत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और व्यवसाय-अनुकूल पहलों से जुड़ने के लिए व्यापारिक नेताओं, नीति निर्माताओं, उद्यमियों और विशेषज्ञों को एक साथ लाता है। विचारों और रणनीतियों का आदान-प्रदान करने के लिए भागीदारी करके, कार्निवल ने झारखंड के संसाधनों और कार्यबल की क्षमता पर प्रकाश डाला, लेकिन साथ ही सहयोग को बढ़ावा दिया जो राज्य के भविष्य को आकार देने में मदद करेगा, जिससे यह अधिक प्रगतिशील और समृद्ध क्षेत्र बन जाएगा। 25 फरवरी मंगलवार को समापन होगा।
शराब बेचने वाले मालामाल शराब पीने वाले बेहाल,, शराब की दुकान पर नहीं मिलता रसीद।
पूरे कोल्हान के 99.99 प्रतिशत सरकारी शराब दुकान पर अंकित मूल्य से अधिक मूल्य पर बेचा जा रहा शराब और रसीद देने से करते हैं इनकार।
पूर्वी सिंहभूम
( भरत सिंह की रिपोर्ट )
सरकारी शराब की दुकानों पर शराब की बोतल पर अंकित मूल्य से 10,20,30 रुपए अधिक लेना है यह कोई नई बात नहीं है। विगत कुछ दिनों से लगातार झारखंड क्राईम रिपोर्टर हिंदी दैनिक अखबार में सरकारी शराब की दुकानों पर अंकित मूल्य से अधिक रुपए लेकर शराब बेचे जाने की खबर को जनहित में प्रमुखता से प्रकाशित किया जा रहा है। लेकिन विभाग की ओर से कोई भी कार्यवाही या कोई सुनवाई होते दिखाई नहीं दे रही है। अब आलम यह है कि कोल्हान के 99.9% सरकारी शराब की दुकानों में शराब की बोतल पर अंकित मूल्य से अधिक रुपए लेकर शराब बेचा जा रहा है जिसका रसीद भी ग्राहक को मुहैया नहीं कराया जा रहा। जिसकी वजह से ग्राहक काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं और शराब बेचने वाले मालामाल होते दिखाई दे रहे हैं।
ताजा मामला पूर्वी सिंहभूम जिले का है जहां पर जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के माटीगोड़ा स्थित सरकारी शराब दुकान पर शराब की बोतल पर अंकित मूल्य से अधिक मूल पर शराब बेचा जा रहा है साथ ही शराब लेने के बाद पैसा देने के बाद उनसे रसीद मांगा जाता है तो उनका कहना है कि हमारे पास रसीद नहीं है और हम रसीद नहीं देंगे । आपको सरकारी रसीद की जगह सदा कागज मे लिखकर दुकान के मोहर के साथ दे देंगे। वो भी आपके लिए ।
अब सवाल यहां पर या उठना है कि आखिर सरकारी शराब की दुकानों पर रसीद क्यों नहीं मुहैया कराया जा रहा है। जबकि ग्राहक को रसीद देना यह दुकानदार की जिम्मेदारी है और रसीद लेना यह ग्राहक का अधिकार है अगर कोई शराब दुकानदार शराब बेचने के बाद रसीद नहीं दे रहा है तो कहीं ना कहीं वह दुकानदार राजस्व का नुकसान कर रहा है और राजस्व का नुकसान करना यह कहीं ना कहीं बड़े अपराध की श्रेणी में आता है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुरे कोल्हान में जितने भी सरकारी शराब दुकान है लगभग सभी दुकानों का यही आलम है।
वहीं पूर्वी सिंघम जिले के अधीक्षक उत्पाद विमला लकड़ा काफी अनुभवी है उसके बावजूद भी इस तरह से छोटी-छोटी गलतियां हो रही हैं। जिससे जनता का जेब खाली हो रहा है और ठेकेदार या सरकारी महकमें के अधिकारी मालामाल हो रहे हैं ।
आपको बताते चलें कि झारखंड क्राईम रिपोर्टर हिंदी दैनिक अखबार की एक टीम ने एक सर्वे के दौरान जादूगोड़ा स्थित एक शराब की दुकान में एक शराब लिया तो पता चला कि वहां की स्थिति क्या है। यह जांच का विषय है। शराब सरकार का बेचना उचित है लेकिन शराब लेने वाले को रसीद भी देना उचित है। अगर रसीद नहीं दिया जाता है तो कहीं ना कहीं सरकारी राजस्व का हेरा फेरी साफ झलक रहा है आर्य गंभीर जांच का विषय है अगर इस पर समय रहते अंकुश ना लगाया गया तो यह कहीं ना कहीं एक बड़े अपराध का रूप धारण कर सकती है।
पूरे कोल्हान के 99.99 प्रतिशत सरकारी शराब दुकान पर अंकित मूल्य से अधिक मूल्य पर बेचा जा रहा शराब और रसीद देने से करते हैं इनकार।
पूर्वी सिंहभूम
( भरत सिंह की रिपोर्ट )
सरकारी शराब की दुकानों पर शराब की बोतल पर अंकित मूल्य से 10,20,30 रुपए अधिक लेना यह कोई नई बात नहीं है। विगत कुछ दिनों से लगातार झारखंड क्राईम रिपोर्टर हिंदी दैनिक अखबार में सरकारी शराब की दुकानों पर अंकित मूल्य से अधिक रुपए लेकर शराब बेचे जाने की खबर को जनहित में प्रमुखता से प्रकाशित किया जा रहा है। लेकिन विभाग की ओर से कोई भी कार्रवाई या कोई सुनवाई होता दिखाई नहीं दे रहा है। अब आलम यह है कि कोल्हान के 99.9% सरकारी शराब की दुकानों में शराब की बोतल पर अंकित मूल्य से अधिक रुपए लेकर शराब बेचा जा रहा है जिसका रसीद भी ग्राहक को मुहैया नहीं कराया जा रहा। जिसकी वजह से ग्राहक काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं और शराब बेचने वाले मालामाल होते दिखाई दे रहे हैं।
ताजा मामलापूर्वी सिंहभूम जिले का है जहां पर जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के माटीगोड़ा स्थित सरकारी शराब दुकान पर शराब की बोतल पर अंकित मूल्य से अधिक मूल्य पर शराब बेचा जा रहा है साथ ही शराब लेने के बाद पैसा देने के बाद उनसे रसीद मांगा जाता है तो उनका कहना है कि हमारे पास रसीद नहीं है और हम रसीद नहीं देंगे । आपको सरकारी रसीद की जगहसदा कागज मे लिखकर दुकान के मोहर के साथ दे देंगे।वो भी आपके लिए ।
अब सवाल यहां पर या उठना है कि आखिर सरकारी शराब की दुकानों पर रसीद क्यों नहीं मुहैया कराया जा रहा है। जबकि ग्राहक को रसीद देना यह दुकानदार की जिम्मेदारी है और रसीद लेना यह ग्राहक का अधिकार है अगर कोई शराब दुकानदार शराब बेचने के बाद रसीद नहीं दे रहा है तो कहीं ना कहीं वह दुकानदार पैसे की हेरा फेरी कर राजस्व का नुकसान कर रहा है और राजस्व का नुकसान करना यह कहीं ना कहीं बड़े अपराध की श्रेणी में आता है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पुरे कोल्हान में जितने भी सरकारी शराब दुकान है लगभग सभी दुकानों का यही आलम है।
वहीं पूर्वी सिंहभूम जिले केअधीक्षकउत्पाद विमला लकड़ा काफी अनुभवी है उसके बावजूद भी इस तरह से छोटी-छोटी गलतियां हो रही हैं। जिससे जनता का जेब खाली हो रहा है और ठेकेदार या सरकारी महकमें के अधिकारी मालामाल हो रहे हैं ।
आपको बताते चलें कि झारखंड क्राईम रिपोर्टर हिंदी दैनिक अखबारकी एक टीम ने एक सर्वे के दौरान जादूगोड़ा स्थित एक शराब की दुकान में एक बोतल शराब लिया तो पता चला कि वहां की स्थिति क्या है। यह जांच का विषय है। सरकारी शराब बेचना उचित है लेकिन शराब लेने वाले को रसीद देना भी दुकानदार की जिम्मेदारी है। अगर रसीद नहीं दिया जाता है तो कहीं ना कहीं सरकारी राजस्व का हेराफेरी साफ झलक रहा है।और यह गंभीर जांच का विषय है अगर इस पर समय रहते अंकुश ना लगाया गया तो यह कहीं ना कहीं एक बड़े अपराध का रूप धारण कर सकती है।
भारतीय मजदूर संघ झारखंड प्रदेश का एक प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री भारत सरकार श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से मुलाकात कर झारखंड प्रदेश के आंगनवाड़ी के केंद्रांश, मानधन वृद्धि, पोषण आहार और अन्य समस्याओं को लेकर बातचीत हुई बातचीत के क्रम में माननीय मंत्री महोदया ने प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिलाते हुए कहा कि इस पर गंभीरता पूर्वक विचार करूंगी और 2 अप्रैल 2025 को दिल्ली स्थित मंत्रालय में मिलने का समय भी दिया जिसमें विस्तार पूर्वक और इस पर चर्चा किया जाएगा।
भारतीय मजदूर संघ झारखंड प्रदेश के प्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से प्रदेश महामंत्री राजीव रंजन सिंह प्रदेश संगठन मंत्री श्री ब्रजेश कुमार रांची विभाग सह प्रमुख श्री अनूप दराद, रांची जिला मंत्री सुबोध कुमार यादव, शशि कुमार, राजेश कुमार शामिल थे।
बिहार स्पंज फैला रही विनाशकारी प्रदूषण,,,,,, प्रदूषण विभाग, कानून और प्रशासन को ताक पर रखकर दबंग बिहार स्पोंज कंपनी फैला रही प्रदूषण
बिहार स्पंज से निकलने वाले विनाशकारी प्रदूषण के ग्रस्त में पूरा चांडिल अनुमंडल क्षेत्र
बिहार स्पंज के निकलने वाले जानलेवा प्रदूषण से वन्य क्षेत्र भी प्रभावित।
सरायकेला खरसावां
सरायकेला खरसावां जिला चांडिल अनुमंडल अंतर्गत बिहार स्पंज कंपनी फैला रही है जानलेवा प्रदूषण। बिहार स्पंज कंपनी की चिमनी से निकल रही जहरीले धुएं से जनजीवन है अस्त-व्यस्त। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जान माल का बना हुआ है खतरा कंपनी प्रबंधन है बेखौफ।
सरायकेला खरसावां जिला चांडिल अनुमंडल अंतर्गत बिहार स्पंज कंपनी फैला रही है जानलेवा प्रदूषण। बिहार स्पंज कंपनी की चिमनी से निकल रही जहरीले धुएं से जनजीवन है अस्त-व्यस्त। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जान माल का बना हुआ है खतरा कंपनी प्रबंधन है बेखौफ।
वहीं सूत्रों ने जानकारी दी है की प्रदूषण विभाग, कानून, प्रशासन और सारे नियमों को ताक पर रखकर कंपनी प्रबंधन विनाशकारी प्रदूषण को पूरे चांडिल क्षेत्र में फैला रहे हैं जिससे कि अनबोलता पशु पक्षी, पेड़ पौधे, एवं स्थानीय लोगों साथ ही राहगीरों को भी सांस लेने में परेशानी हो रही है और कई तरह की बीमारियां भी उत्पन्न हो रही है एवं व्यक्ति की आयु भी घटना रही है है।
सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि कंपनी के चिमनियों से निकल रही खतरनाक प्रदूषण कई प्रकार से जहरीले धुंआ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। आमजन जीवन का जान माल का खतरा बना हुआ है। आपको बताते चले की बिहार स्पंज कंपनी की दबंगई और दादागिरी इतनी बढ़ गई है कि कानून को भी कुछ नहीं समझ रहे हैं और कंपनियों में से जहरीले प्रदूषण फैल रही है। आपको बताते चले की कई कंपनियां अपनी बिजली बिल बचाने के लिए भी जहरीली प्रदूषण फैल रही है। लगातार फैल रहे प्रदूषण से जीवन अस्त व्यस्त है। ग्रीष्म रितु का आगमन होने वाला है उसे देखते हुए जिले में प्रदूषण फैल रही कंपनियों पर रोकथाम के लिए विभागीय पदाधिकारी को ध्यान देने की जनहित में आवश्यकता है। अगर समय रहते कंपनी से निकलने वाले विनाश कार्य प्रदूषण को नहीं रोका गया तो वह दिन दूर नहीं जब पूरा चांडिल अनुमंडल क्षेत्र किसी भयंकर बीमारी से ग्रस्त होगा ।
प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली, निगरानी और जुर्माना, सामुदायिक भागीदारी, जैसे कई उचित कदम उठाए जा सकते हैं।
यह मामला कहीं ना कहीं निश्चित है जांच का विषय है आप देखना यह है की विभागीय पदाधिकारी इस मामले की गंभीरता को समझते हुए इस मामले को संज्ञान में लेते हैं या नहीं या फिर बिहार स्पंज कंपनी इसी तरह लगातार विनाशकारी प्रदूषण फ्लेट रहेंगे और आम जनमानस की सेहत के साथ खिलवाड़ करते रहेंगे। विशेष अगले अंकों …….
आदित्यपूर, सरयकेला-खरसावां महाकुंभ , यात्रा the journey
सरायकेला/आदित्यपुर
आदित्यपुर थाना अंतर्गत से करीब 30 लोगों की टीम ने आस्था एवं श्रद्धा का महापर्व मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ प्रयागराज में स्नान दान पूजन किया।
प्रयागराज में लगे महाकुंभ मेले में जहां पूरी दुनिया से आए हुए श्रद्धालुओं का सैलाब ने अपनी-अपनी श्रद्धा भाव के साथ मां गंगा नदी में स्नान कर दान पुण्य एवं पूजन किया वहीं सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना अंतर्गत समाजसेवी आशीष पति के नेतृत्व में 30 लोगों की टीम ने भी अपनी गाड़ी से जाकर प्रयागराज में लगे महाकुंभ में स्नान कर पूजन किया साथ ही ब्राह्मणों एवं गरीब तबके के लोगों को अपनी शक्ति अनुसार दान भी किया। साथ ही प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला खरसावां के अध्यक्ष भरत सिंह ने भी अपने परिवार संघ टीम में शामिल होकर मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ मेले में स्नान दान किया।
वहीं प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला खरसावां के अध्यक्ष ने कहा कि वास्तव में महाकुंभ मेला प्रयागराज में देश से ही नहीं विदेश से भी आए हुए श्रद्धालुओं को भी देखा गया। वहीं ब्रह्म मुहूर्त में देश-विदेश से आए हुए नागा साधुओं को भी काफी उत्साह के साथ अपनी अपनी मंडली के साथ देखा गया वहीं कथा वाचक कई आचार्य का भी आगमन रहा है।प्रयागराज महाकुंभ में जैसा कहा जाता है कि 144 वर्षों बाद फिर यह मेल लगेगी। संभवतः 144 वर्षों का काफी लंबा समय होने के कारण देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आगमन का केंद्र रहा है।
वहीं इस महाकुंभ मेले में उत्तर प्रदेश सरकार के तरफ से काफी अच्छी व्यवस्था की गई थी ।
वहीं टीम का नेतृत्व कर रहे हैं समाज सेवी आशीष पति ने कहा कि महाकुंभ में आंखों देखी भगदड़ की घटनाओं से दिल और दिमाग काफी दुखी हो गया था। ईश्वर उन सभी पुण्य आत्माओं को स्थान दें और संग दुखी श्रद्धालुओं को समझदारी दे और कानून की लाइन और लाइन के दायरे में रहकर श्रद्धा भाव के साथ स्नान कर मन का पूजा कर आशीर्वाद ले अपने जीवन को सुखी बनाने के लिए यही कामना है।
प्राचीन कालीन सीता पंजा मेला में हुआ मानभूम महोत्सव का आगाज
सरायकेला/ईचागढ़
प्रखंड क्षेत्र के प्राचीन कालीन सीता पंजा मेला में मकर संक्रान्ति के उपलक्ष्य में मानभूम महोत्सव का आयोजन किया गया।सांस्कृतिक कार्य निदेशालय ,पर्यटन कला-संस्कृति ,खेल कुंद एवं युवा कार्य विभाग झारखंड सरकार के वित्तिय सांस्कृतिक सहायता अनुदान योजना के तहत नटराज कला केन्द्र चोगा द्वारा आयोजित मानभूम महोत्सव का उद्घाटन विधायक सविता महतो ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।विधायक सविता महतो ने माता सीता जी का पद चिन्हों व सीता मंदिर का दर्शन कर क्षेत्र की तरक्की का कामना किया।
विधायक ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में सीता पंजा मेला जो एक आस्था का केन्द्र है। यहां झारखंड सरकार की ओर से मानभूम महोत्सव झारखंडी संस्कृति को बचाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने लोगों को मकर एवं टुसू पर्व का सुभकामना भी दिया।मालुम हो कि सीता नाला नदी पर चोगा व चीतरी के बीच प्राचीन काल से माता सीता जी का पत्थर पर पद चिन्ह है, जो लोगों का आस्था का केन्द्र बिंदु है। बताया जाता है कि वनवास के समय भगवान राम चन्द्र सहित सीता जी यहां पर आए थे और पत्थर पर उनका पदचिन्ह आज भी मौजूद है। बारहों महीने यहां श्रद्धालु आते हैं और मन्नतें मांगते हैं और मकर संक्रांति को मकर मेला का भी आयोजन किया जाता है। नटराज कला केन्द्र चोगा के सचिव प्रभात कुमार महतो ने बताया कि मानभूम महोत्सव में पांता झुमरी,मानभूम छोऊ नृत्य,पंचपरगना नृत्य,पाइका नृत्य, पारम्परिक झुमर आदि कार्यक्रम आयोजित किया गया।मौके पर मेला समिति के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे। मौके पर जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, स्नेहा महतो,अघोर प्रसाद महतो, कमला कांत महतो, उमाकांत महतो, सुनील सिंह मानकी सहित सैकड़ों मेला कमेटी सदस्य उपस्थित थे।
सुवर्ण रेखा नदी तट के महादेव घाट में मकर स्नान को लेकर लोगों का उमड़ा हुजूम
सरायकेला/ईचागढ़
( मालखान महतो की रिपोर्ट )
सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के जारगोडीह में सुवर्ण रेखा नदी तट पर अवस्थित महादेव घाट में मकर संक्रांति को श्रद्धालुओं ने आस्था का डुबकी लगाकर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना कर मकर संक्रांति मनाया। प्राचीन कालीन महादेव घाट मकर मेला में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। महादेव घाट में संकीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि का भी आयोजन किया गया।
मुखिया नयन सिंह मुण्डा ने बताया कि सोड़ो जारगोडीह के महादेव घाट में मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में प्राचीन काल से ही लोग मकर संक्रांति को स्नान कर पुजा पाठ करने के लिए दुर दराज से आते हैं। मकर संक्रांति को मकर मेला के रूप में यह प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि यहां प्राचीन काल से ही दो शिव मंदिर है और सालों भर श्रद्धालु पूजा अर्चना करने आते हैं। श्रावण में भी पुरे महिने भक्तों का भीड़ रहता है। मकर मेला में टुसू चौडल आकर्षण का केंद्र रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी लोग जमकर लुत्फ उठाया।
खबर का दिखा असर,,सुधा डेयरी के ठेकेदार विकास सिंह पर हो सकती है कार्रवाई।
( सोनु कुमार सिंह )
सरायकेला खरसावां आदित्यपुर थाना अंतर्गत जमशेदपुर डेरी सुधा डेयरी में ठेकेदार विकास कुमार द्वारा मजदूरों का लगातार भयादोहन एवं न्यूनतम मजदूरी से कम दर देकर लगातार शोषण की शिकायत आ रही थी।
श्रम अधीक्षक अविनाश कुमार ठाकुर
आपको बताते चलें कि सुधा डेयरी औद्योगिक संस्थान में विकास कुमार ठेकेदार के अधीन मजदूर को न्यूनतम मजदूरी दर न देकर मजदूरी कराई जा रही थी एवं जबरन मजदूरों को डरा धमका कर खाते पर हस्ताक्षर कराई जा रही थी जिसकी लिखित शिकायत मजदूरों ने श्रम अधीक्षक अविनाश कुमार ठाकुर से करते हुए न्याय की गुहार लगाई थी।
ठेकेदार विकास कुमार
वहीं मजदूरों द्वारा शिकायत मिलने पर श्रम अधीक्षक अविनाश कुमार ठाकुर ने तत्परता दिखाते हुए सुधा डेयरी के ठेकेदार विकास कुमार को अधोस्ताक्षरी के कार्यालय कक्ष में संबंधित कमगरो निर्धारित न्यूनतम मजदूरी की दर से भुगतान करते हुए सुसंगत कागजात अभिलेख के साथ जांच पड़ताल में भाग लेने का निर्देश दिया था।
वहीं इस मामले पर ठेकेदार विकास कुमार सिंह ने आवेदन प्रस्तुत करते हुए करते हुए कहा कि बढ़ी हुई मजदूरी दर से राशि का भुगतान मेरे द्वारा जुलाई एवं अगस्त तक का भुगतान कर दिया गया है एवं आगे भी बढ़ी हुई मजदूरी दर से भुगतान कर दिया जाएगा।
इसके पश्चात मजदूरों ने श्रम अधीक्षक के कार्य से असंतुष्ट होकर मजदूरों ने अपनी समस्या के समाधान हेतु जिला श्रम आयुक्त के पास न्याय की गुहार लगाई वहीं जिला श्रम आयुक्त मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रम आयुक्त ने मामले का संज्ञान में लेते हुए जांच के आदेश दिए।
जांच के पश्चात पाया गया कि ठेकेदार द्वारा दी गई राशि का ब्योरा और श्रमिकों द्वारा श्रम आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत की गई राशि का ब्यौरा का मिलान करने पर पाया गया कि ठेकेदार के अधीन कार्यरत श्रमिकों को सरकार द्वारा निर्धारित मजदूरी से कम दर पर मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है जो की विषयांतर्गत उल्लेखित अधिनियमों व तत्संबंधी नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन है।
मिली जानकारी के अनुसार श्रम अधीक्षक के निर्देश के बावजूद भी विकास कुमार ठेकेदार अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और श्रमिक कम मजदूरी दर पर मजदूरी करने को विवश रहे एवं विकास कुमार की प्रताड़ना को झेलते हुए सहते हुए मजदूर अपने परिवार एवं अपनी पेट की भुख को देखते हुए न्यूनतम मजदूरी दर पर कार्य करने को मजबूर हो गए।
वहीं अब इस मामले को और गंभीरता से लेते हुए सरायकेला खरसावां जिले के श्रम अधीक्षक अविनाश कुमार ठाकुर ने ठेकेदार विकास कुमार द्वारा मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी दर न देकर उनका शोषण किए जाने से बाध्य होकर श्रम आयुक्त को ठेकेदार विकास कुमार के विरोध न्यूनतम मजदूरी दर के अधिनियम के अंतर्गत दवा पत्र दाखिल कर आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही है।
अब इस पूरे मामले को देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आगे आने वाले समय में संभवत ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी और इसके साथ ही ठेकेदार को जेल जाने की भी नौबत आ सकती है?
आपको बताते चलें कि सुधा डेयरी के ठेकेदार विकास कुमार सिंह के अधीन मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी दर न देकर कार्य करवाने की खबर को झारखंड क्राइम रिपोर्टर अखबार ने लगातार जनहित में प्रमुखता से प्रकाशित किया था और आगे भी ऐसी खबर को झारखंड क्राइम रिपोर्टर अखबार जनहित में प्रकाशित करते रहेगी।
फायरिंग और धमकी देने के मामले में आरआईटी पुलिस ने 24 घंटे में अपराधी को धर दबोचा।पुलिस के यह त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।
आपको बताते चलें कि आरआईटी थाना क्षेत्र की हाईवा कंपनी में फायरिंग और धमकी देने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर संजीव कुमार झा और सर्वजीत शर्मा के नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उनके पास से एक अवैध देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, गोली के छर्रे और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (JH05BE/5847) बरामद की है. दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
आपको बताते चलें कि आरआईटी पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई हाईवा कंपनी के असिस्टेंट एचआर संजय कुमार गुप्ता की शिकायत पर की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि 4 जनवरी की रात लगभग 8 बजे, पूर्व सिक्योरिटी सुपरवाइजर समीर कुमार झा और वर्तमान क्षेत्रीय पदाधिकारी सर्वजीत शर्मा कंपनी में आए और सुरक्षा गार्ड के साथ गाली-गलौज की. गेट न खोलने पर उन्होंने फायरिंग भी की. इस घटना के बाद आरआईटी थाना में कांड संख्या-01/25 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया.
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने मानवीय सूचना के आधार पर 5 जनवरी को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया.
छापेमारी दल में आरआईटी थाना प्रभारी विनय कुमार के साथ एसआई शशि भूषण सिंह मुंडा, पु.अ.नि. राज कुमार साहा, आरक्षी चंदन कुमार, उमा शंकर सिंह और आनंद मोहन शामिल थे.