सरायकेला खरसावां जिले में अपराधियों का बढ़ता मनोबल, अवैध स्क्रैप टाल के पीछे चोरी का खेल।

सरायकेला खरसावां जिले में अपराधियों का बढ़ता मनोबल, अवैध स्क्रैप टाल के पीछे चोरी का खेल।

सरायकेला/कांड्रा


दूसरा नंबर जिले में थाना से ज्यादा अवैध scrap Taal की भरमार मकड़ी की जाल की तरह फैली हुई है।

सरायकेला खरसावां जिले में इन दिनों अपराध चरण सीमा पर है कहीं अवैध महुआ शराब की बिक्री तो कहीं बिना नंबर प्लेट के सड़कों गलियों में दो पहिया वाहनों का चलना, तो कहीं स्क्रैप टाल की आड़ में चोरी की हुई सामान की खरीद बिक्री एवं गैस कटिंग कर बेची जा रही है।

फाईल फोटो

ताजा मामला सरायकेला खरसावां जिले का है जहां पर सूत्रों ने जानकारी दी है कि सरायकेला खरसावां जिले के कांड्रा थाना के महज कुछ ही दूर पर स्क्रैप टाल का संचालन किया जा रहा है सूत्रों ने बताया है कि स्क्रैप टाल संचालक ने अपने स्क्रैप टाल ल का रजिस्ट्रेशन भी करवा लिया है।

लेकिन सूत्रों ने यह भी बताया है कि रजिस्ट्रेशन की आड़ में चोरी की हुई सामानों की गैस कटिंग कर बेची जा रही है। साथ ही कई थाना क्षेत्र में स्क्रैप टाल अवैध होने की सूचना प्राप्त हुई है। जिले में थाने से ज्यादा अवैध स्क्रैप टाल की भरमार है और मकड़ी की जाल की तरह फैली हुई है।  जिसकी सुध लेने वाला कोई भी नही है।

और इसमें मजेदार बात यह है कि यह स्क्रैप टाल कांड्रा थाना से महज कुछ ही दूरी पर संचालित किया जा रहा है। और इतना ही नहीं यह अवैध टाल उस रास्ते के किनारे संचालित किया जा रहा है जिस रास्ते से लगभग लगभग जिले के तमाम अधिकारियों का आना-जाना मानो लगा ही रहता है।

वहीं इस मामले पर सूत्र बताते हैं कि इस स्क्रैप टाल में कार्य करने वाले एक मजदूर को जेल भी भेजा गया था और वह भी रेलवे पटरी चोरी कर बेचने के मामले में।

सूत्रों ने यह भी बताया है कि कहीं ना कहीं यह अवैध स्क्रैप टाल नजदीकी थाना पुलिस की मिली भगत से संचालित किया जा रहा है। सूत्र यह भी बताते हैं कि उक्त स्क्रैप टाल में चोरी की हुई वस्तुओं की खरीद बिक्री की जाती है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टाल संचालक ज्यादातर फरार ही रहते हैं टाल संचालक ने अपनी गैर मौजूदगी में सारा काम संचालित करने हेतु कुछ मजदूर भी नियुक्त किए हैं जो की सारा कार्यभार संभालते हैं।

सूत्रों का कहना है कि आए दिन चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी होती दिख रही है आए दिन हमें सोशल मीडिया के माध्यम से अखबारों के माध्यम से न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से अथवा टीवी चैनलों के माध्यम से ऐसी चोरी की घटनाएं निकल कर सामने आ रही है। लेकिन प्रशासन की ओर से चोरों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है।

सवालों के घेरे में स्थानीय थाना

थाना से महज कुछ भी दूरी पर अवैध स्क्रैप टाल का संचालक होना कहीं ना कहीं स्थानीय थाना की मिली भगत दर्शाती है साथ ही सरायकेला खरसावां का मुख्य सड़क के किनारे ही इस तरह का अवैध टाल संचालन होना कहीं ना कहीं पुरी प्रशासन को भी सवाल के घेरे में खड़ा कर रही है।

भविष्य में किसी बड़ी अपराध का संकेत

सूत्र बताते हैं कि यह अवैध टाल में चोरी की गई सामानों की खरीद बिक्री की सूचनाएं लगातार मिल रही है जिससे कि कहीं ना कहीं आगे आने वाले समय में कोई बड़ा अपराध घटित होने की संभावना बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।

इतना ही नहीं जिले में ऐसे कई अवैध स्क्रैप टाल संचालित किया जा रहे हैं जिसकी गुप्त सूचना लगातार सूत्रों द्वारा प्राप्त हो रही है लेकिन इन अवैध स्क्रैप टालों पर कानून व प्रशासन का डंडा क्यों नहीं चल रहा आखिर मौन क्यों है प्रशासन क्या कानून व प्रशासन खुद को इन अवैध कारोबारीयों से कमजोर महसूस कर रहे हैं या फिर यह सारा मामला पैसे का है ?

यक्ष प्रश्न

यक्ष प्रश्न यह है कि आखिर इन अपराधियों पर अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा, आखिर पुलिस प्रशासन इन अपराधियों पर कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है, क्या अपराधी पुलिस व प्रशासन से ज्यादा बलशाली हैं या फिर ज्यादा चतुर हैं या फिर ज्यादा पावरफुल है, अब देखना यह दिलचस्प होगा कि पुलिस व प्रशासन जिले में अपराध को बढ़ावा देने वाले अपराधियों पर आखिर कब तक लगाम लगा पाती है।

शेष अगले भाग में….

ईचागढ़ के सितु पंचायत भवन निर्माण कार्य में हो रहा अधजले ईंट का प्रयोग:- सूत्र

ईचागढ़ के सितु पंचायत भवन निर्माण कार्य में हो रहा अधजले ईंट का प्रयोग:- सूत्र

निर्माण कार्य पूर्ण होने से पूर्व ही शुरू हो गया दीवारों का ढहना।

खराब सामग्री का उपयोग कर किया जा रहा सितु पंचायत भवन का निर्माण:-सूत्र

सरायकेला/ईचागढ़

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के निर्माणाधीन सितु पंचायत भवन निर्माण के गुणवत्ता को लेकर एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है के संवेदक द्वारा पंचायत भवन में अधजले इंट का प्रयोग किया गया है। वर्षात से पहले ही गलने लगे दिवारों पर लगे ईंट।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बंगला इंट भट्टा के बाहर वाले अधजले इंट को कम दामों पर खरीदकर संवेदक द्वारा पंचायत भवन के दिवारों का निर्माण किया गया है। वर्तमान समय में स्थिति यह बनी हुई है कि छत की ढलाई और वर्षात के पहले ही इंट गलना शुरू हो चुका है।

ज्ञात हो कि जिला परिषद के 15 वीं वित्त आयोग मद से करीब एक करोड़ की लागत से पंचायत भवन निर्माण कार्य का अक्टूबर 2024 को भूमि पूजन कर कार्य प्रारंभ किया गया था।

वहीं इस मामले की  सूचना जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो को दी गई जिस पर उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्माणाधीन पंचायत सचिवालय का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कहा कि इंट की गुणवत्ता काफी खराब है। कुछ दिनों के बाद ही भवन के जर्जर हो जाने की पूरी संभावना है। उन्होंने इस संबंध में कहा कि इसकी शिकायत जीले के उपायुक्त से किया जाएगा। कार्य में गुणवत्ता पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

वहीं इस मामले पर सूत्रों का कहना है कि क्या कनीय अभियंता के बीना देखरेख में ही कार्य किया जा रहा है या फिर विभागीय मिलीभगत से खराब ईंट का प्रयोग कर निर्माण कार्य को गति दी जा रही है। साथ ही सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि सितु पंचायत सचिवालय भवन निर्माण कार्य का निम्न गुणवत्ता के खिलाफ ग्रामीण उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच कर संवेदक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करेंगे।

सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि पंचायत भवन निर्माण कार्य स्थल पर प्राक्कलन राशि, मजदुरी दर आदि भी कहीं अंकित नही है और न ही शिलापट्ट ही लगाया गया है, जिससे लोगों को पता ही नही चल रहा है कि सरकारी जमीन पर पंचायत भवन निर्माण हो रहा है, या किसी के निजी भवन का निर्माण कराया जा रहा है। शिलापट्ट या किसी भी तरह की जानकारी आदि की सुचना कहीं अंकित नही की गई है। इससे जाहिर होता है कि कहीं न कहीं गुपचुप ढंग से खराब इंट और खराब सामग्री का स्तेमाल कर पंचायत भवन का निर्माण कराया जा रहा है।

आयकर कर्मचारी महासंघ, राँची का चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न।

आयकर कर्मचारी महासंघ, राँची का चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न।

झारखंड/रांची

दिनांक 03 जून 2026 को आयकर कर्मचारी महासंघ, राँची का चुनाव शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं लोकतांत्रिक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। चुनाव में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

चुनाव परिणामों के अनुसार मनोज कुमार शुक्ला अध्यक्ष पद पर, आभाष नाथ सचिव पद पर तथा बबलू रजक कोषाध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित किए गए। तीनों पदाधिकारियों ने अपने-अपने प्रतिद्वंद्वियों को भारी मतों के अंतर से पराजित कर उल्लेखनीय विजय प्राप्त की।

इसके अतिरिक्त डेलीगेट पद के लिए श अरविंद कुमार प्रसाद, राकेश सिंह, रवि कुमार, मनीष रंजन, आनंद कुमार, मिथलेश कुमार सुमन एवं रजनीश कुमार भी भारी मतों से विजयी घोषित हुए। इस प्रकार कर्मचारियों ने एक सशक्त एवं अनुभवी टीम पर अपना विश्वास व्यक्त किया है।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोज कुमार शुक्ला ने सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह विजय व्यक्तिगत नहीं, बल्कि कर्मचारी एकता, विश्वास एवं संगठन की विजय है। उन्होंने कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान एवं कल्याण की रक्षा हेतु पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

नवनिर्वाचित सचिव आभाष नाथ ने कर्मचारियों द्वारा प्रदत्त जनादेश के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन सदैव कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरि रखेगा तथा उनकी समस्याओं के समाधान एवं कल्याणकारी कार्यों के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।

चुनाव प्रक्रिया मुख्य चुनाव अधिकारी सुजीत सिंह, संजय कुमार गुप्ता, अमन आनंद, चिंटू कुमार एवं अंतोष कुमार की निगरानी में निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। सभी प्रत्याशियों एवं कर्मचारियों ने चुनाव की गरिमा बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

आयकर कर्मचारी महासंघ, राँची के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों के विश्वास पर खरा उतरने तथा संगठन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

जारीकर्ता:
आयकर कर्मचारी महासंघ, राँची
(नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की ओर से)

पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने जारी किया बड़ा फेरबदल आदेश, 37 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला।

पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने जारी किया बड़ा फेरबदल आदेश, 37 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला।

थानों और ओपी में बदली जिम्मेदारियां, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रतिनियुक्ति आदेश जारी

सरायकेला/खरसावां

सरायकेला-खरसावां जिले की पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी द्वारा पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर पदस्थापन एवं प्रतिनियुक्ति आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के तहत कुल 37 पुलिस पदाधिकारियों को उनके पूर्व पदस्थापन स्थलों से स्थानांतरित कर विभिन्न थाना, ओपी, पुलिस केंद्र एवं सीएनओ कार्यों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

आदेश के अनुसार सअनि मो. रिजवान आलम को सरायकेला थाना से राजनगर थाना, सअनि बनारसी दास को सरायकेला थाना से चौका थाना, मअनि कुमारी सिंगो हेम्ब्रम को राजनगर थाना से गम्हरिया थाना, सअनि महेंद्र प्रसाद यादव को खरसावां थाना से पुलिस केंद्र सरायकेला, सअनि पतरस आइन्द को खरसावां थाना से कांड्रा थाना तथा सअनि लाल टोपनो को कुचाई थाना से आदित्यपुर थाना सीएनओ कार्य में प्रतिनियुक्त किया गया है।

इसी प्रकार सअनि विनोद मांझी को दलभंगा ओपी से आदित्यपुर थाना, सअनि समा सुसारो तलगड़ा को आदित्यपुर थाना से चांडिल थाना, सअनि मनोहर मिंज को आदित्यपुर थाना से कुचाई थाना सीएनओ कार्य, सअनि अमर कुमार मंडल को आदित्यपुर थाना से सरायकेला थाना तथा सअनि समसुद्दीन को आदित्यपुर थाना से पुलिस केंद्र सरायकेला भेजा गया है।

आदेश में ग्रेस कंडुलना बेम्बो को गम्हरिया थाना से आरआईटी थाना, शशि भूषण प्रसाद को गम्हरिया थाना से नीमडीह थाना सीएनओ कार्य, प्रवेश राम को गम्हरिया थाना सिरिस्ता कार्य से ईचागढ़ थाना, सुभाष कुमार यादव को कांड्रा थाना से राजनगर थाना तथा गुरुवा मुंडा को कांड्रा थाना से सरायकेला थाना सीएनओ कार्य में पदस्थापित किया गया है।

इसके अलावा सुरेंद्र कुमार सिंह, रूबलाल मंडल, हरे प्रसाद सिंह, शांति मिंज, संजय कुमार दास, महेश कुजूर, मुन्ना कुमार राय, मोजिबुर रहमान, दीपक कुमार ओझा, मो. मुख्तेश्वर रहमान, सुशील प्रकाश राय, अरविंद कुमार पंडित, अशोक कुमार, जनेश्वर साह, मंगला खलखो, अनिल उरांव, मुकेश रविदास, बालकु चारको, राजेश कुमार, सुभाष आलम एवं अख्तर अंसारी सहित अन्य पदाधिकारियों को भी विभिन्न थानों, ओपी, पुलिस केंद्र और सीएनओ कार्यों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पुलिस अधीक्षक के आदेश में सभी संबंधित पदाधिकारियों को अविलंब योगदान देने तथा विधिवत प्रभार हस्तांतरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस महकमे में हुए इस व्यापक फेरबदल को जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सूर्या प्रताप चौहान की निर्मम हत्या को लेकर विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने विरोध जताया।

सूर्या प्रताप चौहान की निर्मम हत्या को लेकर विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने विरोध जताया।

गाजियाबाद

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के माननीय अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय के निर्देशानुसार गाजियाबाद के खोड़ा में सूर्या प्रताप चौहान की निर्मम हत्या को लेकर विरोध जताया व उनके परिवार से मिलकर उनके साथ रात दिन विश्व हिंदू रक्षा परिषद हर परिस्थिति मे खड़ा है यह विश्वास दिलाया आप सभी हिन्दू भाइयों बहनो को जागने की जरुरत है बटोगे तो कटोगे एक रहो सेफ रहो जय श्री राम 🙏🚩
ठा. सौरभ सिंह चौहान प्रदेश संगठन मंत्री विश्व हिंदू रक्षा परिषद उत्तर प्रदेश

जल्द किया जाएगा जागो हिंदू जागो कार्यक्रम का आयोजन।

जल्द किया जाएगा जागो हिंदू जागो कार्यक्रम का आयोजन।

झारखंड/सरायकेला

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय सह प्रभारी संपूर्ण भारत भरत सिंह की ओर से जल्द ही जागो हिंदू जागो कार्यक्रम का आयोजन सरायकेला खरसावां जिले के विभिन्न स्थानों पर किया जाएगा जिसमें की धर्म परिवर्तन हिंदू भाई बहनों के निर्माम हत्या विवाह के बाद जबरन धर्म परिवर्तन करवाना एवं हिंदू राष्ट्र के निर्माण में अहम योगदान देने के लिए भारत के संपूर्ण भाई बहनों को उक्त कार्यक्रम के माध्यम से आवाहन भी किया जाएगा।

दिनांक.02.06.2026:- हाल ही के दिनों में विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय द्वारा झारखंड के प्रदेश प्रभारी भरत सिंह को उनके पद से प्रोन्नति देते हुए विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय सह प्रभारी संपूर्ण भारत से मनोनीत किया गया। इसके बाद से ही प्रभारी भरत सिंह की जिम्मेदारियां संगठन के प्रति अथवा हिंदुत्व के प्रति और भी काफी बढ़ गई हैं।

राष्ट्रीय सह प्रभारी संपूर्ण भारत भरत सिंह ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि जल्द ही संगठन की ओर से झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले में शीघ्र ही एक जागो हिंदू जागो कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जिसमें सदस्यता अभियान के साथ-साथ सदस्यों को उचित पद भी दिया जाएगा। साथ ही जिम्मेदार पदाधिकारी को विभिन्न जिम्मेदारियां भी दी जाएगी ताकि राष्ट्र के विकास में विश्व हिंदू रक्षा परिषद अपना जिम्मेदारियां निभाते हुए राष्ट्र की प्रति समर्पित रहेगी।

वहीं विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय सह प्रभारी संपूर्ण भारत भरत सिंह ने निम्न विषयों पर राष्ट्र हित में
हिंदू राष्ट्र बनाने में अपनी अहम जिम्मेदारियां निभा सके। साथ ही राष्ट्र में कानून व्यवस्था की भी सराहनीय करते हुए उन्होंने हर नागरिक से कहा कि अपने अधिकार के साथ जिम्मेदारियां भी निभाने का प्रयास करें। साथ ही कानून गाइडलाइंस के साथ चलकर कानून का सम्मान करें।

  1. सभी राज्यों में ‘धर्म स्वतंत्रता अधिनियम’ का सख्ती से पालन हो
  2. अंतरधार्मिक विवाह में 30 दिन का कानूनी नोटिस अनिवार्य हो
  3. हर जिले में महिला काउंसलिंग हेल्पलाइन स्थापित हो
  4. ASI हर 100 साल पुराने मंदिर की सूची बनाकर सुरक्षा दे
  5. अतिक्रमण मुक्त: मंदिरों की जमीन से अवैध कब्जे कानूनी प्रक्रिया से हटें
  6. जीर्णोद्धार: स्थानीय समाज + सरकार मिलकर जर्जर मंदिरों का संरक्षण करें
  7. पर्यटन विकास: ऐतिहासिक मंदिरों को टूरिज्म सर्किट से जोड़कर रोजगार बढ़े।
    इन सभी बिंदुओं पर जागो हिंदू जागो कार्यक्रम के जरिए सरकार से मांग की जाएगी इसके साथ-साथ और भी कई मुद्दे हैं जिन पर गहनता से चर्चा करते हुए सरकार एवं प्रशासन से उचित कदम उठाने की मांग भी की जाएगी।
    इसके साथ-साथ कार्यक्रम में तमाम हिंदू भाई बहनों से संगठन से जुड़कर संगठन को और मजबूत एवं प्रतिभाशाली बनाने में अपना संपूर्ण योगदान देने का आवाहन भी किया जाएगा।

राष्ट्रीय सह प्रभारी
संपूर्ण भारत
भरत सिंह

सरायकेला-खरसावां पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 12 थाना प्रभारियों और पुलिस पदाधिकारियों का तबादला।

सरायकेला-खरसावां पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 12 थाना प्रभारियों और पुलिस पदाधिकारियों का तबादला।

सरायकेला/खरसावां

सरायकेला-खरसावां जिले में पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई पुलिस पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया है। जारी आदेश के अनुसार खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार को चौका थाना प्रभारी, साइबर थाना में पदस्थापित वरुण यादव को ईचागढ़ थाना प्रभारी, सरायकेला थाना में पदस्थापित रविकांत परासर को आरआईटी ओपी प्रभारी तथा सरायकेला थाना में पदस्थापित राहुल कुमार सिंह को खरसावां थाना प्रभारी बनाया गया है।

इसी प्रकार आदित्यपुर थाना में पदस्थापित सतीश वर्मवाल को दलभंगा ओपी प्रभारी, दलभंगा ओपी प्रभारी रविन्द्र मुंडा को कुचाई थाना प्रभारी, कुचाई थाना प्रभारी नरसिंह मुंडा को कांड़्रा थाना, चांडिल थाना प्रभारी डिलसन बिड़वा को नीमडीह थाना प्रभारी तथा नीमडीह थाना प्रभारी संतन कुमार तिवारी को चांडिल थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं ईचागढ़ थाना प्रभारी बजरंग महतो को साइबर थाना सरायकेला, चौका थाना प्रभारी सोनू कुमार को गम्हरिया थाना तथा आरआईटी ओपी प्रभारी संजीव कुमार सिंह को खरसावां थाना में पदस्थापित किया गया है।

पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी इस आदेश को जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आदेश के तहत सभी स्थानांतरित अधिकारियों को अविलंब अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है। पुलिस महकमे में हुए इस फेरबदल के बाद संबंधित थाना क्षेत्रों में नई कार्यशैली और बेहतर पुलिसिंग की उम्मीद जताई जा रही है।

उप स्वास्थ्य केन्द्र का जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने शिलापट्ट अनावरण कर व नारियल फोड़कर किया भूमि पूजन

उप स्वास्थ्य केन्द्र का जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने शिलापट्ट अनावरण कर व नारियल फोड़कर किया भूमि पूजन

सरायकेला/ईचागढ़

मालखान महतो

सरायकेला-खरसावां जिला के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के सितु पंचायत के पिलीद में सोमवार को उप स्वास्थ्य केन्द्र का भूमिपूजन शिलापट्ट अनावरण कर व नारियल फोड़कर किया । जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो,जिप सदस्य सुभाषिनी देवी, प्रमुख गुरू पद मार्डी, उप प्रमुख दिपक साहु,मुखिया लक्ष्मी देवी, ने संयुक्त रूप से भूमी पूजन किया। उपस्वास्थ्य केंद्र जिला परिषद के 15 वीं वित्त आयोग से करीब 55 लाख 45 हजार रुपए की लागत से बनाया जाएगा।

वहीं जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने कहा कि उपस्वास्थ्य केंद्र का आज विधिवत भूमि पूजन किया गया। उन्होंने कहा कि करीब 55 लाख 45 हजार की लागत से उप स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण एमजीएम ट्रेडर्स के द्वारा किया जाएगा। जिला परिषद मद के 15 वीं वित्त आयोग के फंड से उप स्वास्थ्य केन्द्र का शव निर्माण कराया जाएगा।

उन्होंने संवेदक से गुणवतापूर्ण एक ससमय कार्य पूर्ण करने का निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौके पर मुखिया नयन सिंह मुण्डा,पंसस जानकी देवी,दयाल सिंह मुण्डा, व्यास देव महतो, दिलीप कुमार दास , पंचानन पातर ,खगेन महतो आदि उपस्थित थे।

तंबाकू,नशे का बदलता स्वरूप और आधुनिक दौर की चुनौती।

तंबाकू,नशे का बदलता स्वरूप और आधुनिक दौर की चुनौती।

आजतक राजनीतिक सामाजिक या व्यक्तिगत संगठनों द्वारा तंबाकू व नशीली चीजों के विरुद्ध उग्र आंदोलन क्यों नहीं चलाया यह विचारणीय प्रश्न ? क्या हम एक मूक सामूहिक हत्या के मूकदर्शक बने हुए हैं?

तंबाकू निषेध दिवस 31 मई 2026 मनाने क़े साथ शासन प्रशासन विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों,नगर निकायों,सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, चिकित्सक समुदाय,मीडिया और राजनीतिक दलों को साथ मिलकर सशक्त राष्ट्रव्यापी उग्र तंबाकू निषेध आंदोलन चलाने की जरूरत?

तंबाकू निषेध नशा मुक्त भारत- अगर भ्रष्टाचार,आरक्षण, नागरिकता, कृषि कानून, क्षेत्रीय पहचान या सामाजिक न्याय के प्रश्न राष्ट्रीय बहस और जनआंदोलन का विषय बन सकते हैं, तो नशा मुक्त संपूर्ण क्रांति आंदोलन क्यों नहीं बना?

गोंदिया/महाराष्ट्र

वैश्विक स्तरपर हर वर्ष 31 मई को पूरी दुनियाँ में वर्ल्ड नों टोबैक्को अर्थात विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। हर वर्ष इस अवसर पर भाषण होते हैं, शपथ ली जाती है, पोस्टर लगाए जाते हैं और तंबाकू के दुष्परिणामों पर चर्चा होती है।लेकिन एक कड़वा प्रश्न आज हमारे सामने खड़ा है,क्या केवल एक दिन का यह प्रतीकात्मक आयोजन उस भयावह महामारी को रोक सकता है जो प्रतिदिन लाखों लोगों के शरीर में कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक और फेफड़ों की घातक बीमारियों का जहर घोल रही है? भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश में नागरिकता कानून,आरक्षण,भ्रष्टाचार,किसानों की समस्याएं,भाषा विवाद, जल-जंगल-जमीन के प्रश्न, मंडल -कमंडल की राजनीति, जनलोकपाल आंदोलन, महिला सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महंगाई, बेरोजगारी और क्षेत्रीय अस्मिता जैसे मुद्दे बड़े जनांदोलनों का रूप ले चुके हैं।सड़कों पर लाखों लोग उतरते हैं,संसद और विधान सभाओं में बहस होती है, सरकारें झुकती हैं और नीतियां बदलती हैं।परंतु मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र इस आर्टिकल का माध्यम से शासन प्रशासन व समाज से पूछना चाहता हूं कि तंबाकू, जो हर वर्ष लाखों परिवारों को उजाड़ देता है, आज भी उतना बड़ा राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन क्यों नहीं बन पाया? जब किसी परिवार का कमाने वाला सदस्य तंबाकूजनित कैंसर से मरता है, जब किसी बच्चे का पिता गुटखा या सिगरेट के कारण असमय दुनियाँ छोड़ देता है, जब किसी मां की आंखों के सामने उसका जवान बेटा निकोटीन की लत का शिकार होकर जीवन हार जाता है, तब यह केवल व्यक्तिगत त्रासदी नहीं रह जाती,बल्कि यह राष्ट्रीय चिंता का विषय बन जाती है। मेरे अपने एक निकट संबंधी की मृत्यु भी तंबाकूजनित कैंसर के कारण हुई। ऐसे हजारों-लाखों परिवारों का दर्द यह संकेत देता है कि अब तंबाकू निषेध को केवल स्वास्थ्य अभियान नहीं बल्कि एक व्यापक सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है।

साथियों बात अगर हम तंबाकू व नशीली चीजों के खिलाफ़ बहुत बड़े आंदोलन की करें तो तंबाकू निषेध आंदोलन को इस तरह के आंदोलन समक़क्ष बनाने की जरूरत है जैसे भारतीय लोकतंत्र का इतिहास इस बात का साक्षी रहा है कि जब किसी मुद्दे को जनआंदोलन का रूप मिला, तब उसने सरकारों की नीतियों,कानूनों और सामाजिक व्यवहार को प्रभावित किया। वर्ष 1974 का जेपी आंदोलन (संपूर्ण क्रांति आंदोलन), वर्ष 1990 का मंडल आयोग आरक्षण आंदोलन 1980 और 1990 के दशक का राम जन्मभूमि आंदोलन,वर्ष 2011 का अन्ना हजारे के नेतृत्व वाला भ्रष्टाचार विरोधी जनलोकपाल आंदोलन, वर्ष 2019- 20 का नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोधी आंदोलन, वर्ष 2020-21 का कृषि कानूनों के विरुद्ध किसान आंदोलन, वर्ष 2015 और उसके बाद विभिन्न राज्यों में हुए पटीदार आरक्षण आंदोलन,जाट आरक्षण आंदोलन, मराठा आरक्षण आंदोलन, गुर्जर आरक्षण आंदोलन तथा हाल के वर्षों में विभिन्न राज्यों में जातीय, सामाजिक और क्षेत्रीय पहचान से जुड़े आंदोलनों ने यह सिद्ध किया है कि संगठित जनदबाव लोकतांत्रिक व्यवस्था में परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।इन आंदोलनों ने न केवल राजनीतिक विमर्श को प्रभावित किया बल्कि सरकारों को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए भी बाध्य किया। आज 30 मई 2026 से महाराष्ट्र में शुरू हुआ मनोहर जराँगे का मराठा आरक्षण आंदोलन सहित देश के अनेक हिस्सों में सामाजिक, जातीय और आरक्षण से जुड़े आंदोलन लगातार सुर्खियों में हैं, जो यह दर्शाते हैं कि जनता जब किसी विषय को अपने अस्तित्व, अधिकार या भविष्य से जोड़ लेती है तो वह एक विशाल जनशक्ति का रूप धारण कर लेता है। तो फिर तंबाकू व नशीली चीजों के विरुद्ध ऐसा आंदोलन किसी राजनीतिक सामाजिक या व्यक्तिगत संगठन में क्यों नहीं उठाया है यह विचारणीय प्रश्न है?

साथियों, पिछले एक दशक में नशे का स्वरूप तेजी से बदला है। कभी बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू की पुड़िया तक सीमित रहने वाला यह कारोबार अब अत्याधुनिक तकनीक के आवरण में युवाओं के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। ई- सिगरेट, वेप्स, निकोटीन पॉड्स, फ्लेवर्ड हुक्के, निकोटीन पाउच और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक धूम्रपान उपकरण आधुनिक जीवनशैली के प्रतीक के रूप में प्रचारित किए जा रहे हैं। तंबाकू उद्योग ने समझ लिया है कि यदि उसे नई पीढ़ी को अपने जाल में फंसाना है तो उत्पाद का स्वरूप बदलना होगा। इसलिए आज कई वेपिंग उपकरण पेन ड्राइव, स्मार्ट गैजेट, इलेक्ट्रॉनिक पेन या स्टाइलिश एक्सेसरी जैसे दिखाई देते हैं। किशोर और युवा इन्हें आधुनिकता, स्वतंत्रता और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक समझने लगते हैं। चॉकलेट, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, वनीला, मिंट और अन्य आकर्षक फ्लेवर के माध्यम से निकोटीन को मीठे जहर के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।यह रणनीति केवल व्यापारिकनहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक भी है,क्योंकि स्वाद और आकर्षण के माध्यम से लत को आसान बनाया जाता है।

साथियों, सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन आधुनिक उत्पादों को अक्सर पारंपरिक सिगरेट से कम हानिकारक बताने का भ्रम फैलाया जाता है।अनेक युवा यह मान लेते हैं कि वेपिंग सुरक्षित है,जबकि वैज्ञानिक अध्ययनों ने संकेत दिया है कि ई-सिगरेट से निकलने वाला एयरोसोल निकोटीन सहित अनेक हानिकारक रसायनों से भरा होता है। निकोटीन स्वयं अत्यधिक नशे की लत पैदा करने वाला पदार्थ है। इसके अतिरिक्त कई उपकरणों में प्रयुक्त धातुओं, रसायनों और अन्य तत्वों के दीर्घकालिक प्रभाव अभी भी शोध का विषय हैं। इसलिए यह कहना कि आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक धूम्रपान पूरी तरह सुरक्षित है, वैज्ञानिक दृष्टि से उचित नहीं होगा।वास्तव में यह नशे का नया मुखौटा है,जिसका उद्देश्य युवाओं को आकर्षित करना और बाजार का विस्तार करना है।तंबाकू और निकोटीन की इस महामारी का सबसे भयावह पक्ष यह है कि इसका शिकार केवल सेवन करने वाला व्यक्ति ही नहीं होता।पैसिव स्मोकिंग या अप्रत्यक्ष धूम्रपान उन लाखों निर्दोष लोगों की जान ले रहा है जिन्होंने कभी सिगरेट या तंबाकू को हाथ तक नहीं लगाया। घरों, कार्यालयों, रेस्तरां, सार्वजनिक स्थलों और वाहनों में छोड़ा गया धुआं आसपास मौजूद लोगों के शरीर में प्रवेश करता है।बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर स्वास्थ्य वाले व्यक्तियों पर इसका प्रभाव और भी गंभीर होता है। जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करता है तो वह केवल अपने स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि दूसरों के स्वास्थ्य अधिकारों का भी उल्लंघन करता है। यही कारण है कि पैसिव स्मोकिंग को केवल व्यक्तिगत व्यवहार का प्रश्न नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उत्तरदायित्व का विषय माना जाता है।

साथियों, कई विशेषज्ञों का मानना है कि पैसिव स्मोकिंग के कारण होने वाली मौतों को केवल दुर्घटना याव्यक्तिगत दुर्भाग्य नहीं कहा जा सकता। यह ऐसी स्थिति है जिसमें निर्दोष लोग दूसरों की आदतों के कारण बीमारी औरमृत्यु का शिकार बनते हैं। धुएं में हजारों प्रकार के रसायन पाए जाते हैं, जिनमें अनेक कैंसरकारी तत्व भी शामिल हैं। यही कारण है कि विश्वभर में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंध संबंधी कानून बनाए गए हैं। लेकिन कानून तभी प्रभावी होते हैं जब उनका कठोर और ईमानदार क्रियान्वयन हो। भारत में भी कई स्थानों पर धूम्रपान निषेध के नियम हैं, परंतु उनका पालन अभी भी चुनौती बना हुआ है।

साथियों, यह प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण है कि तंबाकू विरोधी संघर्ष आज तक एक बड़े जनांदोलन का रूप क्यों नहीं ले पाया। इसका पहला कारण यह है कि तंबाकू तत्काल मृत्यु नहीं देता। सड़क दुर्घटना,हिंसा या प्राकृतिक आपदा की तरह इसका प्रभाव अचानक दिखाई नहीं देता। यह धीरे-धीरे शरीर को भीतर से नष्ट करता है। कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारियां वर्षों में विकसित होती हैं। इसलिए जनता का आक्रोश कभी एक साथ विस्फोटक रूप में सामने नहीं आता। दूसरा कारण तंबाकू उद्योग का विशाल आर्थिक ढांचा है। खेती, उत्पादन, वितरण और कर राजस्व से जुड़े अनेक हित इसमें शामिल रहते हैं। तीसरा कारण सामाजिक स्वीकृति है। कई लोग तंबाकू सेवन को व्यक्तिगत पसंद का विषय मानते हैं, जबकि इसका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। चौथा कारण जागरूकता और क्रियान्वयन के बीच की दूरी है। कानून मौजूद हैं, चेतावनियां मौजूद हैं, लेकिन व्यवहार परिवर्तन अपेक्षित स्तर पर नहीं हो पाया है।
साथियों, भारत में तंबाकू और अन्य नशे के नियंत्रण की जिम्मेदारी केवल स्वास्थ्य विभाग की नहीं है।इसमेंपुलिस विभाग, राज्य आबकारी विभाग,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग,शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, नारकोटिक्स नियंत्रण एजेंसियां, स्थानीय निकाय, जिला प्रशासन और विभिन्न नियामक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिस प्रकार अवैध शराब से मौतों के मामलों में कई राज्यों में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती रही है, उसी प्रकार तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी पालन को लेकर भी जवाबदेही तय करने की आवश्यकता महसूस की जाती है। जब किसी क्षेत्र में खुलेआम प्रतिबंधित उत्पाद बिकते हैं,जब स्कूलों के आसपास तंबाकू की बिक्री होती है या जब सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान रोकने के नियम लागू नहीं होते, तब केवल कानून बना देना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। प्रभावी निगरानी, नियमित निरीक्षण, जनभागीदारी और उत्तरदायित्व की स्पष्ट व्यवस्था आवश्यक है।

साथियों, आज की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि नई पीढ़ी नशे को आधुनिकता और स्टेटस सिंबल के रूप में देखने लगी है। सोशल मीडिया,फिल्मों, डिजिटल संस्कृति और समूह दबाव के कारण कई किशोर यह मान बैठते हैं कि वेपिंग या धूम्रपान उन्हें अधिक आकर्षक, परिपक्व या आधुनिक बनाता है।वास्तविकता इसके ठीक विपरीत है। चिकित्सा विज्ञान यह संकेत देता है कि निकोटीन की लत मस्तिष्क के विकास को प्रभावित कर सकती है, विशेषकर किशोरावस्था में। कुछ मामलों में ई-सिगरेट से जुड़ी गंभीर फेफड़ों की बीमारियों की भी रिपोर्ट सामने आई हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष चिकित्सीय श्रेणियों में अध्ययन किया गया है। यह स्पष्ट है कि आधुनिक नशे का आकर्षक आवरण उसके भीतर छिपे जोखिमों को समाप्त नहीं करता।इसलिए अब आवश्यकता केवल जागरूकता की नहीं बल्कि सामाजिक चेतना के व्यापक पुनर्जागरण की है। स्कूलों और कॉलेजों में नशा विरोधी शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए। अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ खुलकर संवाद करना होगा। मीडिया को तंबाकू उद्योग के भ्रामक प्रचार का पर्दाफाश करना होगा। चिकित्सकों, शिक्षकों, धार्मिक नेताओं, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों को मिलकर ऐसा वातावरण बनाना होगा जिसमें तंबाकू सेवन सामाजिक प्रतिष्ठा नहीं बल्कि स्वास्थ्य जोखिम के रूप में देखा जाए। जिस प्रकार स्वच्छता, बेटी बचाओ, पोलियो उन्मूलन और सड़क सुरक्षा जैसे अभियानों को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक सफलता मिली, उसी प्रकार तंबाकू निषेध को भी राष्ट्रीय जनअभियान का रूप दिया जा सकता है।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि विश्व तंबाकू निषेध दिवस का वास्तविक उद्देश्य केवल एक दिन जागरूकता फैलाना नहीं बल्कि पूरे वर्ष चलने वाली सामाजिक प्रतिबद्धता को मजबूत करना है। यदि हम तंबाकू और निकोटीन की बदलती रणनीतियों को नहीं समझेंगे,यदि हम आधुनिक नशे के मुखौटों को नहीं पहचानेंगे और यदि हम युवाओं को इसके जाल से बचाने के लिएसामूहिक प्रयास नहीं करेंगे,तो आने वाली पीढ़ियां इसकी भारी कीमत चुकाएंगी। तंबाकू विरोधी संघर्ष केवल स्वास्थ्य का प्रश्न नहीं, बल्कि मानव गरिमा, सामाजिक न्याय, आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की पीढ़ियों के संरक्षण का प्रश्न है। समय आ गया है कि इसे केवल एक स्मृति दिवस या सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे एक सशक्त राष्ट्रीय जनचेतना आंदोलन बनाया जाए। क्योंकि नशा कभी शान नहीं हो सकता; यह व्यक्ति, परिवार और समाज की चेतना का क्षरण है। तंबाकू को ना कहना केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और जिम्मेदार समाज के निर्माण की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।

संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9284141425

जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन हेतु जागरूकता वाहनों को DY- DRDA एवं ADC के द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना

जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन हेतु जागरूकता वाहनों को DY- DRDA एवं ADC के द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना

सरायकेला/खरसावां

जनगणना 2027 के प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्यक्रम के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से दो जागरूकता वाहनों को निदेशक, डीआरडीए अजय तिर्की एवं अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

दोनों जागरूकता वाहन आगामी सात दिनों तक जिले के दोनों अनुमंडलों के विभिन्न प्रखंडों अंतर्गत ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर जनगणना 2027 से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे तथा आमजन को जनगणना कार्य में सक्रिय सहभागिता एवं सहयोग के प्रति जागरूक करेंगे।

अभियान के दौरान नागरिकों को जनगणना की प्रक्रिया, मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के दौरान पूछी जाने वाली जानकारियों, अपेक्षित दस्तावेजों तथा जनगणना के महत्व के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के समुचित आवंटन तथा विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन का आधार बनते हैं।

इस अवसर पर आमजन से अपील की गई कि वे जनगणना संबंधी जानकारी प्राप्त करें, जनगणना कर्मियों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं तथा किसी भी प्रकार की भ्रांति अथवा अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को जन-जागरूकता गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने तथा अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु समन्वित रूप से कार्य करने के आवश्यक निर्देश दिए गए।

“हमारी जनगणना, हमारा विकास” के संदेश के साथ जिलेवासियों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने हेतु सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की गई।

इस अवसर पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार, अपर जिला जनगणना पदाधिकारी कमलेश कुमार दास सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

उपायुक्त ने प्रखंड -सह- अंचल कार्यलय नीमडीह का किया औचक निरीक्षण।

उपायुक्त ने प्रखंड -सह- अंचल कार्यलय नीमडीह का किया औचक निरीक्षण।

सरायकेला/खरसावां

उपायुक्त सरायकेला-खरसावां नितिश कुमार सिंह द्वारा प्रखंड -सह- अंचल कार्यालय नीमडीह का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय परिसर, विभिन्न शाखाओं, अभिलेखों के संधारण, राजस्व संबंधी कार्यों, लंबित मामलों एवं आमजनों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की समीक्षा की।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने कार्यालय में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं जवाबदेह तरीके से कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों से जुड़े मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन किया जाए तथा अनावश्यक विलंब एवं लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।

उपायुक्त ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन, राजस्व वसूली, भूमि संबंधी मामलों एवं अन्य अंचल स्तरीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने विभिन्न शाखाओं में संचालित कार्यों एवं अभिलेखों के संधारण का अवलोकन किया तथा कार्यों के संतोषजनक निष्पादन पर प्रसन्नता व्यक्त की। साथ ही लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन, कार्यालय अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण एवं नियमित अद्यतन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजनों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी एवं कर्मी संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा कार्यालय आने वाले नागरिकों की समस्याओं का यथासंभव त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्यालय पहुंचे स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों एवं मामलों का नियमानुसार समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने तथा आमजनों को अनावश्यक रूप से कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कार्यालय परिसर की स्वच्छता, अनुशासन एवं कार्य संस्कृति को और बेहतर बनाने पर बल देते हुए कहा कि सुशासन, पारदर्शिता एवं जनकल्याण की भावना के अनुरूप कार्य करते हुए प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी नीमडीह कुमार अभिनव, अंचल अधिकारी नीमडीह अभय कुमार द्विवेदी सहित अंचल कार्यालय के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

गम्हरिया प्रखंड सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बैठक संपन्न।

गम्हरिया प्रखंड सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बैठक संपन्न।

सरायकेला/गम्हरिया

गम्हरिया प्रखंड सभागार में सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी श्री प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण (S.I.R.) से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई तथा निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों और आवश्यक दस्तावेजों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पुनरीक्षण अभियान के दौरान बूथ स्तरीय एजेंट (BLA) एवं बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) समन्वय स्थापित कर मतदाता सूची की शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे।

बैठक में मुख्य रूप से कांग्रेस, झामुमो (JMM), राजद (RJD) एवं भाजपा के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कांग्रेस की ओर से जिला महासचिव राजू रजक, जिला मीडिया चेयरमैन सुमंत शर्मा, प्रखंड उपाध्यक्ष इंद्रकांत झा तथा कांग्रेस सेवा दल के जिला अध्यक्ष गौरी शंकर उपस्थित थे।

वहीं झामुमो की ओर से प्रखंड उपाध्यक्ष राजेश गोप, युवा नेता सनी सिंह, मनोज कुमार, आदित्यपुर नगर के लाल बाबू सरदार एवं सरोज मुखर्जी ने भाग लिया। राजद की ओर से वरिष्ठ नेता पुरेंद्र नारायण सिंह, डी.एन. सिंह एवं संजय यादव बैठक में मौजूद रहे।

बैठक के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को SIR अभियान के सफल संचालन में सक्रिय सहयोग करने तथा मतदाताओं को जागरूक करने का आग्रह किया गया। अधिकारियों ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है और सभी दलों की सहभागिता से यह अभियान सफल होगा।

मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बैठक आयोजित, BLA को दिए गए निर्देश

गम्हारिया /झारखंड। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम को लेकर प्रखंड सभागार में अधिकारियों एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंटों (BLA) के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और अद्यतन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि पुनरीक्षण कार्य के दौरान बूथ स्तरीय एजेंट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और वे बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) के साथ समन्वय कर मतदाता सूची में आवश्यक सुधार, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने तथा त्रुटियों के निराकरण में सहयोग करेंगे।

बैठक में SIR के लिए स्वीकार्य दस्तावेजों की जानकारी भी दी गई। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, सरकारी पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर सहित अन्य निर्धारित दस्तावेज शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि नए मतदाताओं तथा विशेष परिस्थितियों में आवेदन करने वाले नागरिकों को निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

इस अवसर पर उपस्थित प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं को जागरूक करें और पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें।

मुख्य बिंदु:

●SIR कार्यक्रम को लेकर समीक्षा बैठक।

●राजनीतिक दलों के BLA एवं अधिकारियों की भागीदारी।

●मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता पर जोर।

●आवश्यक दस्तावेजों की सूची साझा की गई।

●नए मतदाताओं के पंजीकरण एवं सत्यापन प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

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