पुर्वी सिंहभूम/मुसाबनी
( सोनू कुमार सिंह की रिपोर्ट )
18 दिसंबर को पूरे राज्य में शैक्षणिक हड़ताल की घोषणा, स्कूल कॉलेज बंद रहेंगे।
घाटशिला अनुमंडल के सभी वित्तरहित इंटरमीडिएट कॉलेज, उच्च विद्यालयो के लगभग 150 से अधिक शिक्षक शिक्षकेतर कर्मी अनुदान की राशि चार गुणा करने एवं राजकर्मी का दर्जा देने के साथ इन संस्थानों में अधिग्रहण की मांग को लेकर उपवास पर रहे। स्कूल में वर्ग व्यवस्था जारी रहा। मुसाबनी के गिरीश चंद्र झुरो देवी उच्च विद्यालय मुसाबनी ,माइंस इंटर कॉलेज, सरस्वती विद्या मंदिर घाटशिला के जामनी कांत महतो उच्च विद्यालय सहित चाकुलिया एवं बहरागोड़ा के वित्त रहित स्कूल, कॉलेज में भी शिक्षकों ने उपवास रखा। मोर्चा के नेताओं ने कहा कि शिक्षकों के वेतन में कहीं 4 लाख तो कहीं 7-8 हजार कोई तुलना नहीं है। मोर्चा की बैठक मोर्चा के राज्य संयोजक कुंदन कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई ।जिसमें विधानसभा सत्र के समय आंदोलन को सफल बनाने पर गहन विचार विमर्श हुआ। और सभी शिक्षक कर्मियों को 19 दिसंबर के विशाल धरना में विधानसभा पहुंचने का आवाहन किया गया। 18 दिसंबर को राज्य में वित्त रहित संस्थान में शैक्षणिक हड़ताल का निर्णय लिया गया। और कहा गया कि पूर्व में पुतला दहन हो चुका है ।अब 18 दिसंबर को शैक्षणिक हड़ताल रहेगा ।स्कूल कॉलेज बंद रहेंगे और ताला लगा रहेगा।

बैठक में सर्वसम्मत से सभी शिक्षक कर्मियों को 20 और 21 दिसंबर को रांची में अपने-अपने विधायकों की आवास घेरने का आवाहन किया गया। शिक्षक कर्मियों से कहा गया कि यह ज्यादा से ज्यादा विधायकों के आवास घेरने में उपस्थित रहे ।और दो दिन ठहरने के लिए रांची चलें।इस बीच 5 विधायकों से शिक्षा सचिव के. रवि कुमार को पत्र लिखा है कि जब महंगाई को देखते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने अनुदान चौगुना कर प्रस्ताव तत्कालीन विभागीय मंत्री को भेजा था और विभागीय मंत्री ने 5 माह पहले विभागीय प्रस्ताव पर अनुमोदन कर संचिका लौटा दिए थे ।तो आज तक सन्लेख विधि, वित्त और मंत्री परिषद के अनुमोदन के लिए क्यों नहीं भेजा गया।
अनुदान में बढ़ोतरी नहीं की गई तो विगत 25-30 वर्षों से कार्य कर रहे शिक्षक कर्मचारियों के सामने भुखमरी की स्थिति आ जाएगी।इस मौके पर कुन्दन कुमार सिंह, शिवपूजन सिंह, नयन तारा राय, सोमेश्वर झा, कृष्णा कुमार, किरण कुमारी, अल्पना सिंह, सुशील सोरेन, निमाई मार्डी, बिष्णु पातर, राहुल लामा, मदन बेलदार आदि उपस्थित थे।



























