सदर अस्पताल में गर्भवती महिला एवं गर्भस्थ शिशु की मृत्यु की घटना पर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी : मनोज कुमार चौधरी

सदर अस्पताल में गर्भवती महिला एवं गर्भस्थ शिशु की मृत्यु की घटना पर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी : मनोज कुमार चौधरी

सरायकेला-खरसावां

( मालखान महतो )

साथियों आप हम उन परिजनों के पीड़ा का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि जिस परिवार में दो दिन बाद बच्चे की किलकारियों की आवाज सुनाई देने वाली थी उसी घर में आज दो मौत होने की वजह से कोहराम छाया हुआ है। मां के आंख मूंद लेने से दुनिया देखने से पहले ही दुनिया को अलविदा कहा गया मां की कोख में पल रहा मासूम शिशु और पीछे छोड़ गया अपनों के चले जाने के गम में रोता बिलखता एक भरा पूरा परिवार।

जानकारी के अनुसार कांदागोड़ा गांव निवासी गुरा पूर्ती की पत्नी शुरू पूर्ती को शनिवार रात करीब 8 बजे प्रसव पीड़ा होने पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के समय महिला की स्थिति सामान्य थी, लेकिन रातभर उचित चिकित्सकीय देखभाल नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई और साथ ही साथ मां के गर्भ में पल रहे शिशु के भी मौत हो गई।

वहीं सरायकेला सदर अस्पताल में गर्भवती महिला एवं उसके गर्भस्थ शिशु की मृत्यु की अत्यंत दुखद सूचना प्राप्त होते ही नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी तत्काल सदर अस्पताल पहुंचे तथा शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।

जानकारी के अनुसार कांदागोड़ा गांव निवासी गुरा पूर्ती की पत्नी शुरू पूर्ती को शनिवार रात करीब 8 बजे प्रसव पीड़ा होने पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के समय महिला की स्थिति सामान्य थी, लेकिन रातभर उचित चिकित्सकीय देखभाल नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई और साथ ही साथ मां के गर्भ में पल रहे शिशु के भी मौत हो गई।

घटना के संबंध में परिजनों ने उपचार में लापरवाही, समय पर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध नहीं होने तथा अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता के गंभीर आरोप लगाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौधरी ने तत्काल उपायुक्त, सिविल सर्जन एवं अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश से वार्ता कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हेतु मेडिकल टीम गठित करने तथा यदि किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही सिद्ध होती है तो संबंधित चिकित्सक एवं कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की।

इस पर उपायुक्त महोदय ने तत्काल मेडिकल जांच टीम गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने एवं आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही चिकित्सकीय अनुशासन से जुड़े अन्य मामलों की भी नियमानुसार समीक्षा एवं कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों एवं ग्रामीणों में स्वाभाविक आक्रोश व्याप्त था। अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश एवं नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने मौके पर उपस्थित होकर शोकाकुल परिजनों एवं ग्रामीणों से वार्ता की तथा निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन के आश्वासन के उपरांत परिजनों एवं ग्रामीणों ने अपना विरोध शांतिपूर्वक समाप्त कर दिया।

इस अवसर पर मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि “एक भी मरीज की जान लापरवाही के कारण जाना अत्यंत पीड़ादायक और अस्वीकार्य है। झारखंड सरकार मरीजों के जीवन एवं स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही, अनुशासनहीनता या असंवेदनशीलता किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

वहीं मां और उसके गर्भस्थ में पल रहे शिशु की मृत्यु की खबर ने पूरे जिले वासियों के दिल को झकझोर कर रख दिया है जिसने भी यह खबर सुनी उनकी आंखें नम हो गई दिल भर आए हर किसी ने दुख व्यक्त किया। और यह मामला लगातार चर्चाओं में बना हुआ है हर किसी के जुबान पर बस एक ही सवाल है कथित तौर पर दोषियों को आखिर कब तक सजा मिलेगी।

सरायकेला सदर अस्पताल में प्रसूता की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाया चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप।

सरायकेला सदर अस्पताल में प्रसूता की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाया चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप।

सरायकेला/खरसावां

( मालखान महतो )

सरायकेला सदर अस्पताल में प्रसूता की मौत बाद सरायकेला सदर अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रसूता की मौत के बाद पूरे सरायकेला जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इधर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

सरायकेला सदर अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद रविवार सुबह परिजनों ने जमकर हंगामा किया। जानकारी के अनुसार कांदागोड़ा गांव निवासी गुरा पूर्ती की पत्नी शुरू पूर्ती को शनिवार रात करीब 8 बजे प्रसव पीड़ा होने पर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के समय महिला की स्थिति सामान्य थी, लेकिन रातभर उचित चिकित्सकीय देखभाल नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।

मृतका के पति गुरा पूर्ती ने आरोप लगाया कि अस्पताल कर्मियों और चिकित्सकों ने समय पर ध्यान नहीं दिया, जिससे उनकी पत्नी की जान चली गई। परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही के साथ-साथ ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बुधवार सुबह जब वे डॉक्टर से मिलने पहुंचे तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

वहीं ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर रीमा ने बताया कि महिला अस्पताल पहुंचने के समय गंभीर एनीमिया से पीड़ित थी और उसके शरीर में रक्त की मात्रा काफी कम थी। उन्होंने कहा कि मरीज की स्थिति पहले से ही गंभीर थी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा।

भारत की कूटनीतिक उड़ान बनाम पश्चिम एशिया का युद्ध: वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए अवसर, जोखिम और नई दिशा -समग्र व्यापक विश्लेषण।

भारत की कूटनीतिक उड़ान बनाम पश्चिम एशिया का युद्ध: वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए अवसर, जोखिम और नई दिशा -समग्र व्यापक विश्लेषण।

इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की सफ़ल त्रि-राष्ट्र यात्रा तथा ईरान -अमेरिका संघर्ष के बीच भारत की आर्थिक रणनीति।

विश्व अर्थव्यवस्था एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां एक तरफ युद्ध से उत्पन्न जोखिम हैं, तो दूसरी ओर भारत के लिए नए आर्थिक अवसर भी तेजी से उभर रहे हैं।

गोंदिया/महाराष्ट्र।

वैश्विक स्तरपर भारतीय विदेश नीति,वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों के दृष्टिकोण से 11 जुलाई 2026 एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन के रूप में दर्ज किया जाएगा। एक ओर भारतीय प्रधानमंत्री की छह दिवसीय इंडोनेशिया,ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड यात्रा 6 से 11 जुलाई 2026 छह दिवसीय यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई,जिसमें अनेक रणनीतिक समझौते,निवेश साझेदारियां, रक्षा सहयोग,क्रिटिकल मिनरल्स, मुक्त व्यापार और तकनीकी सहयोग से जुड़े एमओयू हुए।दूसरी ओर,पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच समझौता टूटने के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य हमले तेज होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार,समुद्री व्यापार, निवेशकों की धारणा और अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई।इन दोनों घटनाओं को यदि एक साथ देखा जाए तो स्पष्ट होता है कि विश्व अर्थव्यवस्था एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां एक तरफ युद्ध से उत्पन्न जोखिम हैं तो दूसरी ओर भारत के लिए नए आर्थिक अवसर भी तेजी से उभर रहे हैं।मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र वित्तीय दृष्टिकोण से बताना चाहूंगा कि भारतीय पीएम की इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड यात्रा केवल एक राजनयिक दौरा नहीं थी बल्कि यह भारत की दीर्घकालिक आर्थिक और रणनीतिक नीति का महत्वपूर्ण विस्तार थी। इंडोनेशिया के साथ रक्षा उत्पादन,समुद्री सुरक्षा तथा लगभग 5,400 करोड़ रूपए के रक्षा सहयोग,ऑस्ट्रेलिया के साथ क्रिटिकल मिनरल्स, लिथियम, दुर्लभ खनिज, शिक्षा,ऊर्जा तथा सेमीकंडक्टर सहयोग और न्यूजीलैंड के साथ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते ने यह संकेत दिया कि भारत केवल व्यापार नहीं बढ़ाना चाहता बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में एक निर्णायक भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे भारत के विनिर्माण,निर्यात,रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी और हाई-टेक उद्योगों को सटीकता से नई गति मिलने की संभावना है।

साथियों भारतीय शेयर बाजार के दृष्टिकोण से देखें तो इन समझौतों का सबसे अधिक लाभ रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स सेमीकंडक्टर,खनन,नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, पोर्ट, जहाजरानी और निर्यात आधारित कंपनियों को मिलने की संभावना है। निवेशकों की सोच सामान्यतः भविष्य की संभावनाओं पर आधारित होती है।जब किसी देश के साथ दीर्घकालिक व्यापारिक समझौते होते हैं,तब विदेशी निवेशकों का विश्वास मजबूत होता है।यही कारण है कि ऐसे कूटनीतिक समझौते अक्सर बाजार को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करते हैं,भले ही अल्पकाल में वैश्विक घटनाओं के कारण सटीकता से उतार- चढ़ाव बना रहे।

साथियों, न्यूजीलैंड के साथ रिकॉर्ड समय में संपन्न मुक्त व्यापार समझौता,40 साल का सूखा खत्म! 35000 करोड़ का होगा ट्रेड, समझौते हुए?- भारत -न्यूजीलैंड ने तैयार किया विजन 2030, भारतीय कृषि,डेयरी, फार्मास्यूटिकल्स,आईटी सेवाओं वस्त्र उद्योग,खाद्य प्रसंस्करण तथा इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए नए अवसर लेकर आया है। यदि दोनों देशों के बीच व्यापार 2030 तक दोगुना होता है तो भारत के निर्यातकों, बंदरगाहों, कंटेनर लॉजिस्टिक्स बैंकिंग और बीमा क्षेत्र को भी अप्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। इससे भारतीय रुपये की स्थिरता और विदेशी मुद्रा भंडार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

साथियों, ऑस्ट्रेलिया के साथ क्रिटिकल मिनरल्स साझेदारी भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि भविष्य की अर्थव्यवस्था इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स,सौर ऊर्जा,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर उद्योग पर आधारित होगी। लिथियम, कोबाल्ट तथा अन्य दुर्लभ खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति भारत को चीन पर निर्भरता कम करने का अवसर देती है। इससे मेक इन इंडिया,आत्मनिर्भर भारत और उच्च मूल्य विनिर्माण को नई गति मिलने की संभावना है।इंडोनेशिया के साथ रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा समझौते हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की सामरिक स्थिति को मजबूत करते हैं। ब्रह्मोस जैसे रक्षा निर्यात भारतीय रक्षा उद्योग के लिए वैश्विक बाजार खोल सकते हैं। रक्षा निर्यात में वृद्धि का सीधा लाभ सार्वजनिक और निजी दोनों रक्षा कंपनियों, अनुसंधान संस्थानों और सहायक उद्योगों को मिलेगा। इससे रोजगार, उत्पादन और निर्यात आय में सटीकता से वृद्धि होगी।

साथियों, इन सकारात्मक संकेतों के बीच पश्चिम एशिया से आने वाली खबरें वैश्विक बाजारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। ईरान और अमेरिका के बीच समझौता टूटने तथा दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने वैश्विक निवेशकों को जोखिम से बचने की रणनीति अपनाने के लिए प्रेरित किया है। जब भी विश्व में युद्ध या बड़े भू- राजनीतिक तनाव उत्पन्न होते हैं, तब निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों जैसे सोना, अमेरिकी डॉलर और सरकारी बॉन्ड की ओर रुख करते हैं। इसका परिणाम यह होता है कि उभरते बाजारों से विदेशी निवेश का अस्थायी बहिर्वाह शुरू हो सकता है।भारत अपनी कच्चे तेल की आवश्यकता का लगभग 85 प्रतिशत आयात करता है।यदि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव बना रहता है और तेल आपूर्ति प्रभावित होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची रह सकती हैं। इससे भारत का आयात बिल बढ़ेगा, चालू खाते का घाटा बढ़ सकता है, रुपये पर दबाव आ सकता है तथा घरेलू महंगाई में वृद्धि की आशंका बनेगी। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, उर्वरक, प्लास्टिक, रसायन तथा परिवहन लागत बढ़ने से लगभग हर क्षेत्र प्रभावित हो सकता है।भारतीय शेयर बाजार में ऐसे समय सबसे अधिक दबाव विमानन, ऑटोमोबाइल, पेंट, टायर, सीमेंट, रसायन और उपभोक्ता वस्तु क्षेत्रों पर दिखाई देता है क्योंकि इनकी उत्पादन लागत ऊर्जा पर काफी निर्भर करती है। दूसरी ओर तेल एवं गैस उत्पादन,रक्षा, ऊर्जा अवसंरचना तथा कुछ कमोडिटी आधारित कंपनियों को अपेक्षाकृत लाभ मिल सकता है।यही कारण है कि युद्धकालीन परिस्थितियों में सेक्टर रोटेशन तेजी से देखने को मिलता है।

साथियों, अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में भी यही प्रवृत्ति दिखाई देती है। अमेरिका, यूरोप और एशिया के प्रमुख बाजार युद्ध संबंधी समाचारों पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं। यदि संघर्ष लंबा चलता है तो वैश्विक विकास दर प्रभावित हो सकती है, समुद्री मालभाड़ा बढ़ सकता है, बीमा लागत बढ़ सकती है और वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव आ सकता है। इससे बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लाभ पर असर पड़ सकता है।हालांकि भारत के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक पक्ष यह भी है कि विश्व की अनेक कंपनियां अब अपनी आपूर्ति श्रृंखला का विविधीकरण करना चाहती हैं। चीन-प्लस-वन रणनीति, हिंद- प्रशांत साझेदारी और भारत के साथ बढ़ते व्यापारिक समझौते भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।यदि भारत समय पर अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स श्रम सुधार और उत्पादन क्षमता को मजबूत करता है तो वह युद्ध से उत्पन्न वैश्विक पुनर्संतुलन का वास्तव में बहुत बड़ा लाभ उठा सकता है।

साथियों, विदेशी संस्थागत निवेशकों की दृष्टि से भारत आज भी सबसे आकर्षक उभरती अर्थव्यवस्थाओं में गिना जा रहा है। मजबूत घरेलू मांग, डिजिटल अर्थव्यवस्था युवा कार्यबल, तेज बुनियादी ढांचा विकास, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाएं और स्थिर वित्तीय प्रणाली भारत को अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश गंतव्य बनाती हैं। यही कारण है कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद दीर्घकालिक निवेशकों का विश्वास बना रह सकता है।भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती महंगाई नियंत्रण और विकास दर के बीच संतुलन बनाए रखने की होगी। यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो मौद्रिक नीति, राजकोषीय प्रबंधन और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ेगी। साथ ही रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा और घरेलू गैस उत्पादन का महत्व और बढ़ जाएगा।

साथियों, विश्व अर्थव्यवस्था के व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें तो वर्तमान समय दो विपरीत धाराओं का संगम है। पहली धारा युद्ध, ऊर्जा संकट,महंगाई और अनिश्चितता की है।दूसरी धारा तकनीकी निवेश,हरित ऊर्जा,डिजिटल परिवर्तन,रक्षा आधुनिकीकरण और नए व्यापारिक गठबंधनों की है। भारत की त्रि-राष्ट्र यात्रा दूसरी धारा का प्रतिनिधित्व करती है,जबकि ईरान-अमेरिका संघर्षपहली धारा का। आने वाले वर्षों में जो देश इन दोनों चुनौतियों के बीच संतुलन स्थापित कर पाएंगे, वही वैश्विक आर्थिक नेतृत्व की दौड़ में आगे रहेंगे।
साथियों, भारत के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि वह आज केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार नहीं बल्कि एक विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार, रक्षा सहयोगी,तकनीकी भागीदार और विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती भूमिका, मुक्त व्यापार समझौते,रक्षा निर्यात, क्रिटिकल मिनरल्स साझेदारी और वैश्विक निवेश आकर्षित करने की क्षमता भारत को आने वाले दशक में विश्व अर्थव्यवस्था के प्रमुख विकास इंजन के रूप में सटीकता से स्थापित कर सकती है।

साथियों,11 जुलाई 2026 शाम हुई भारतीय पीएम के त्रि-राष्ट्रीय छह दिवसीय दौरे में भारत- न्यूजीलैंड का विजन 2030 दोनों देशों के रिश्तों में नई शुरुआत जैसा है, जिसका भारतीय अर्थव्यवस्था व शेयर बाजारों मैं दूरगामी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है।40 साल बाद हुई इस पहल से उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच व्यापार और सहयोग नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा, भारत और न्यूजीलैंड के रिश्तों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. करीब 40 साल बाद न्यूजीलैंड के किसी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा और दोनों देशों के बीच हुई अहम बातचीत ने व्यापारिक रिश्तों के लिए नए रास्ता खोल दिए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने मिलकर ‘विजन 2030’ का रोडमैप तैयार किया है, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना है. दोनों देशों की कोशिश है कि आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को करीब 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाए.भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से अच्छे कूटनीतिक संबंध रहे हैं, लेकिन आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच व्यापार की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाई थी. अब दोनों देशों ने इस अंतर को कम करने के लिए विजन 2030 तैयार किया है. ट्रेड डील लागू होने के बाद पहले दिन से ही न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात को भारत में बिना टैरिफ के एंट्री मिलेगी. इससे न्यूजीलैंड के कृषि, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी के सामान को भारतीय बाजार में पहुंच बनाने में मदद मिलेगी. वहीं, भारत को भी न्यूजीलैंड के बाजार में अपने उत्पादों के लिए बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है. इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे।

अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि भारतीय पीएम की इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड यात्रा भारत की आर्थिक कूटनीति को नई ऊंचाई देने वाली सिद्ध हो सकती है,जबकि ईरान- अमेरिका संघर्ष विश्व अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर जोखिम प्रस्तुत करता है। अल्पकाल में शेयर बाजारों में अस्थिरता,महंगाई और ऊर्जा लागत का दबाव बना रह सकता है,किंतु यदि भारत अपने सुधारों,व्यापारिक साझेदारियों, ऊर्जा सुरक्षा और निवेश वातावरण को मजबूत बनाए रखता है, तो वह इस वैश्विक संकट को भी अवसर में बदल सकता है।यही कारण है कि आज भारत के सामने चुनौती जितनी बड़ी है, संभावना उससे कहीं अधिक व्यापक है। आने वाले वर्षों में भारतीय शेयर बाजार, भारतीय उद्योग और भारतीय अर्थव्यवस्था का भविष्य केवल घरेलू नीतियों पर नहीं बल्कि भारत की सक्रिय वैश्विक कूटनीति, रणनीतिक साझेदारियों और बदलते विश्व आर्थिक संतुलन को अवसर में बदलने की क्षमता पर भी निर्भर करेगा।

संकलनकर्ता लेखक – क़र विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार अंतरराष्ट्रीय लेखक चिंतक कवि संगीत माध्यमा सीए (एटीसी) एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानीं गोंदिया महाराष्ट्र 9226229318

दुगनी स्थित राम बाबा आश्रम में भारतीय जनता पार्टी, सरायकेला-खरसावाँ जिला इकाई की मासिक बैठक संपन्न।

दुगनी स्थित राम बाबा आश्रम में भारतीय जनता पार्टी, सरायकेला-खरसावाँ जिला इकाई की मासिक बैठक संपन्न।

सरायकेला/दुगनी

दुगनी स्थित राम बाबा आश्रम में भारतीय जनता पार्टी, सरायकेला-खरसावाँ जिला इकाई की मासिक बैठक जिला अध्यक्ष हरे कृष्णा प्रधान की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के सुदृढ़ीकरण, आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों एवं कार्यों की समीक्षा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में मुख्य रूप से जिला संगठन प्रभारी मनोज मिश्रा उपस्थित रहे। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सशक्त बनाने तथा आगामी कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने एवं मन की बात को प्रत्येक बूथ स्तर पर सुना जाए इसके दिशा-निर्देश दिए साथ ही जिला परिष सदस्य सोना राम बोदरा पूर्व जिला अध्यक्ष उदय सिंह देव एवं रमेश हांसदा जी संगठन की बातों को रखा।

बैठक में जिला महामंत्री राकेश मिश्रा, आदित्यपुर नगर निगम के महापौर संजय सरदार, जिला उपाध्यक्ष देवेश महापात्रा, सारथी महतो, रितिका मुखी एवं शंभु मंडल, जिला मंत्री पप्पू वर्मा, सतीश शर्मा, ललन शुक्ला एवं सावित्री बानरा, वरिष्ठ भाजपा नेता, ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष कृष्णा प्रधान, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष महेश कुंडू, जिला मीडिया प्रभारी मनोहर दास, गुरजीत सिंह एवं राजकुमार सिंह, सोशल मीडिया प्रभारी शैलेश शर्मा एवं ईश्वर महतो, जिला आईटी सेल विष्कंठ प्रधान एवं चंदन वर्मा, ‘मन की बात’ जिला संयोजक दिवाकर सिंह, मुरली प्रधान, मंडल अध्यक्ष साधन महतो, बीरेन्द्र सिंह, गणपति प्रधान, विश्वजीत प्रधान,अनिल सिन्हा सहित जिले के अनेक पदाधिकारी उपस्थित हुए।

50-ईचागढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत नगर परिषद कपाली क्षेत्र में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाताओं के घर पहुंचकर गणना प्रपत्र वितरण का किया सत्यापन।

50-ईचागढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत नगर परिषद कपाली क्षेत्र में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाताओं के घर पहुंचकर गणना प्रपत्र वितरण का किया सत्यापन।

सरायकेला-खरसावां

( मालखान महतो )

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 अभियान के तहत जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने 50-ईचागढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत नगर परिषद कपाली क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मतदान केंद्र संख्या 330, 331, 332, 333 एवं 335, 336, 337, 338, 339 तथा 340 के मतदाताओं के घर पहुंचकर गणना प्रपत्र (Enumeration Form) के वितरण का सत्यापन किया तथा अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

निरीक्षण के क्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने गणना प्रपत्रों के वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि अभियान के सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण, त्रुटिरहित एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता तक गणना प्रपत्र की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए शत-प्रतिशत वितरण, समयबद्ध संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही डाटा की शुद्धता, अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण तथा नियमित अनुश्रवण पर विशेष बल दिया।

उन्होंने संबंधित सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO), BLO सुपरवाइजर एवं BLO को क्षेत्रवार प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान के संचालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा उदासीनता पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी एवं BLO सुपरवाइजर के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। उन्होंने सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं निर्वाचन कर्मियों को पूर्ण उत्तरदायित्व, संवेदनशीलता एवं समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए अभियान के सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि सभी पात्र मतदाता गणना प्रपत्र सही एवं पूर्ण रूप से भरकर आवश्यक दस्तावेजों सहित निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित BLO को उपलब्ध कराएं तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाएं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में सम्मिलित होने से वंचित न रहे।

निरीक्षण क्रम में कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद कपाली, नगर प्रबंधक, BLO सुपरवाइजर एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अनियंत्रित तेल टैंकर सड़क से नीचे पलटा, बड़ा हादसा टला, जमीन पर बह गया डीजल।

अनियंत्रित तेल टैंकर सड़क से नीचे पलटा, बड़ा हादसा टला, जमीन पर बह गया डीजल।

सरायकेला/ईचागढ़

( मालखान महतो )

सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सिल्ली–रांगामाटी मुख्य सड़क पर दुबराजपुर के समीप शुक्रवार को एक तेल टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे पलट गया। चालक किसी तरह छलांग लगाकर जान बचाई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टैंकर अचानक चालक का संतुलन बिगड़ने से सड़क किनारे नीचे जा पलटा। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। टैंकर को सुरक्षित हटाने तथा यातायात सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। दुर्घटना के कारणों की जांच किया जा रहा है। डीजल तेल से भरे टेंकर पलटने से काफी डीजल खेत में गिरने से बह गया। हांलांकि बचे हुए डीजल को दुसरे टंकी में भरकर टैंकर खाली किया जा रहा, ताकि खाली कर टैंकर को उठाया जा सके। टैंकर रांची से जमशेदपुर जा रहा था।

अवैध ऑनलाइन बेटिंग और जुआ रैकेट का पुलिस ने किया पर्दाफाश, तीन आरोपियों को गिरफ्तार।

अवैध ऑनलाइन बेटिंग और जुआ रैकेट का पुलिस ने किया पर्दाफाश, तीन आरोपियों को गिरफ्तार।

सरायकेला/आदित्यपुर

( सोनू कुमार सिंह )

आदित्यपुर थाना को मिली एक और सफलता जहां पर आदित्यपुर थाना क्षेत्र के शिवनारायणपुर में संचालित अवैध ऑनलाइन बेटिंग और जुआ रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। साथ ही पुलिस ने छापेमारी के कर 33 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, तीन एटीएम कार्ड, दो वाई-फाई राउटर, एक लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए हैं।

वहीं इस मामले पर मिडिया को जानकारी देते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) अनुभव भारद्वाज ने बताया कि शिवनारायणपुर में ऑनलाइन बेटिंग का अवैध कारोबार संचालित किए जाने की गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन कर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान बिहार के बेगूसराय निवासी सुमित कुमार, खगड़िया निवासी गुलशन कुमार तथा भोजपुर (आरा) निवासी मनोज कुमार को गिरफ्तार किया गया।

वहीं पुलिस के अनुसार बरामद किए गए उपकरणों में ऑनलाइन लेन-देन और हिसाब-किताब से जुड़े दस्तावेज भी शामिल हैं। जब्त डिजिटल उपकरणों और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि जांच के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान हो सकेगी। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

वही ऑनलाइन बैटिंग के खिलाफ पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में एक डर का माहौल व्याप्त है। तथा स्थानीय लोगों ने पुलिस कि कार्रवाई को सराहनीय बताते हुए पुलिस का धन्यवाद किया और कहा कि ऑनलाइन बेटिंग जैसे गेम से युवा गलत राह की ओर अग्रसर हो रहे हैं जिसकी रोकथाम बेहद ही आवश्यक है। युवा अपराध का रास्ता छोड़कर मुख्य धारा में जुड़कर अपराध मुक्त भारत निर्माण में एक महत्वपूर्ण योगदान निभाने का काम कर सकते है। आगे स्थानीय लोगों ने कहा कि अपराध मुक्त भारत निर्माण में पुलिस कि इस तरह की कार्रवाई बेहद ही सराहनीय है।

आसंगी में जियाडा के खिलाफ बैठक कर ग्रामीणों ने भी आंदोलन की चेतावनी।

आसंगी में जियाडा के खिलाफ बैठक कर ग्रामीणों ने भी आंदोलन की चेतावनी।

सरायकेला/गम्हरिया

शनिवार को सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत आसंगी वार्ड संख्या 25 के जगन्नाथ मंदिर परिसर में ग्रामीणों द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक के बाद ग्रामीणों द्वारा एक प्रेस वार्ता का भी आयोजन किया गया प्रेस वार्ता में आसंगी गांव के निवासी पितोवास प्रधान ने बताया कि मौजा-आसंगी (खाता सं. 342, प्लॉट सं. 276) की 4.42 एकड़ भूमि, जो झारखंड सरकार की अनाबाद भूमि है, जिस पर ग्रामीणों और आस-पास के गांवों के आर्थिक सहयोग से पिछले 3 वर्षों से एक भव्य जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। इस मंदिर निर्माण में आसंगी के साथ-साथ बोरगिडी, बनडीह, कृष्णापुर, पार्वतीपुर, ईटागढ़ और बासुड़दा जैसे कई गांवों के लोगों का योगदान है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस भूखंड में से 2.22 एकड़ जमीन उपायुक्त के आदेशानुसार बिना किसी आम सभा की सहमति के झारखंड औद्योगिक विकास प्राधिकार (जियाडा) के नाम हस्तांतरित कर दी गई है। जियाडा द्वारा इस भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र के कामगार महिलाओं के लिए 500 बेड का एक विशाल छात्रावास बनाने की योजना है।

वहीं पितोवास प्रधान ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रस्तावित छात्रावास के ठीक नीचे लगभग 9 एकड़ की रैयत तालाब है, जो पूरे क्षेत्र का एकमात्र तालाब है। गर्मी के दिनों में पशुओं के पानी पीने और ग्रामीणों के नहाने-धोने का यह एकमात्र साधन है, साथ ही स्थानीय मनसा पूजा, काली पूजा और दुर्गा पूजा की मूर्तियों का विसर्जन भी इसी तालाब में होता है। 500 बेड के छात्रावास के बनने से निकलने वाले सीवेज और मल-मूत्र के उचित निकास की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे यह ऐतिहासिक तालाब पूरी तरह से प्रदूषित और नष्ट हो जाएगा।

पितोवास प्रधान ने आगे कहा कि 60 के दशक में भी हमारे पूर्वजों ने औद्योगिक विकास के लिए आयडा (वर्तमान जियाडा) और एनआईटी के लिए अपनी रैयत जमीनें दी थीं, लेकिन बदले में आज तक इस क्षेत्र को न तो अच्छी सड़कें मिलीं, न नाला और न ही सीवेज लाइन की कोई उचित व्यवस्था। वर्तमान में सड़कें पूरी तरह जर्जर हैं।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे मंदिर परिसर की इस भूमि पर केवल जगन्नाथ मंदिर और उसके लिए एक सुंदर गार्डन का ही विकास होने देंगे। इसके अलावा यहां किसी भी अन्य प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में भारी संख्या में स्थानीय महिलाएं और पुरुष उपस्थित थे।

आर.आई.टी पुलिस ने निकाला पैदल गस्ती अभियान, किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना यथाशीघ्र पुलिस को दे:-थाना प्रभारी

आर.आई.टी पुलिस ने निकाला पैदल गस्ती अभियान, किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना यथाशीघ्र पुलिस को दे:-थाना प्रभारी

सरायकेला/आर.आई.टी

( सोनू कुमार सिंह )

सरायकेला खरसावां जिले में अपराधियों के मनोबल को तोड़ने और जिले वासियों के मन में सरायकेला पुलिस के प्रति भरोसा कायम रखने के लिए अथवा जिले में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए जिले की पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में अपराधियों पर नकेल कसना और जिले में शांति व्यवस्था कायम रखना है।

वहीं शनिवार को सरायकेला खरसावां के पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार आर आई टी थाने की पुलिस द्वारा थाना प्रभारी रविकांत पाराशर के नेतृत्व में पैदल गस्ती किया गया।

इस दौरान पुलिस मुख्य चौक चौराहों बाजारों अथवा संवेदनशील स्थानों से होकर गुजरी तथा सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान पुलिस ने क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखते हुए स्थानीय निवासियों से वार्ता भी किया।

वहीं पैदल गस्ती के दौरान थाना प्रभारी रविकांत पाराशर ने ज्वेलरी दुकानों किराना दुकानों मेडिकल अथवा कई दुकानदारों से संवाद किया संवाद के दौरान थाना प्रभारी ने कहा कि अगर किसी को भी किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि या संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी प्राप्त हो तो वह समय न गंवाते हुए यथाशीघ्र इसकी सूचना पुलिस को दें।थाना प्रभारी ने कहा कि सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा अथवा प्राप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

आगे उन्होंने कहा कि उक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराध पर अंकुश लगाना कानून व्यवस्था कायम रखना और आम जनमानस में सुरक्षा की भावना को मजबूत रखना है।

वहीं इस अभियान को स्थानीय लोगों ने सराहनीय बताते हुए पुलिस का धन्यवाद किया और कहा कि पुलिस द्वारा चलाए जा रहे पैदल गश्ती से अपराधियों में एक डर का माहौल पैदा होता है जिससे कि अपराधी अपराध करने से पहले 10 बार सोचते हैं और हम जनमानस को भी सुरक्षित होने का एहसास होता है।

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को तंबाकू के दुष्प्रभावों एवं मुख स्वास्थ्य के प्रति किया गया जागरूक।

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को तंबाकू के दुष्प्रभावों एवं मुख स्वास्थ्य के प्रति किया गया जागरूक।

“जिंदगी चुनें, तंबाकू नहीं।”

सरायकेला-खरसावां

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को राजनगर स्थित एस.एस. प्लस-2 उच्च विद्यालय में जागरूकता एवं मुख स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव, सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003, झारखंड संशोधित अधिनियम, 2021, तंबाकू मुक्ति केंद्र तथा तंबाकू सेवन से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी हानियों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन नहीं करने की शपथ दिलाई गई।

जागरूकता कार्यक्रम को रोचक एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके उपरांत कक्षा 11 के लगभग 200 विद्यार्थियों का मुख स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान अधिकांश विद्यार्थियों का मुख स्वास्थ्य सामान्य पाया गया तथा केवल चार से पांच विद्यार्थियों में उपचार की आवश्यकता चिन्हित की गई। जांच में किसी भी विद्यार्थी द्वारा खैनी, गुटखा अथवा अन्य तंबाकू उत्पादों के सेवन के प्रमाण नहीं पाए गए।

कार्यक्रम के क्रम में राजनगर क्षेत्र की लगभग 25 से 30 दुकानों का निरीक्षण कर दुकानदारों को COTPA अधिनियम, 2003 एवं झारखंड संशोधित अधिनियम, 2021 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। सभी दुकानदारों से अधिनियम का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। साथ ही उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ के निर्देशानुसार विद्यालयों के 100 मीटर की परिधि में स्थित तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वाली दुकानों को पांच दिनों के भीतर हटाने के निर्देश दिए गए। निर्धारित अवधि के बाद भी अनुपालन नहीं होने की स्थिति में पुलिस के सहयोग से विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों के विरुद्ध अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार स्पॉट फाइन एवं अन्य आवश्यक कार्रवाई करने की भी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में सदर अस्पताल, सरायकेला के दंत विभाग की वरिष्ठ दंत शल्य चिकित्सक डॉ. कामिनी लता, दंत स्वास्थ्य विशेषज्ञ राजू कुमार पासवान तथा परामर्शी अशोक यादव उपस्थित रहे।

इस अवसर पर बताया गया कि गुटखा, पान मसाला, खैनी एवं अन्य तंबाकू उत्पादों के सेवन तथा मुख की समुचित साफ-सफाई नहीं रखने से मुख कैंसर सहित अनेक गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। राष्ट्रीय गैर संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम के तहत जिला स्तर पर समय-समय पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन कर आमजन को तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सभी नागरिकों से तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की गई, ताकि गंभीर बीमारियों, विशेषकर मुख कैंसर, से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।

इंटर परीक्षा 2026 में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को जेआईएस फाउंडेशन द्वारा किया गया सम्मानित।

इंटर परीक्षा 2026 में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को जेआईएस फाउंडेशन द्वारा किया गया सम्मानित।

सरायकेला/ईचागढ़

सरायकेला-खरसावां जिले के इंटर कॉलेज तिरुलडीह के इंटर परीक्षा 2026 में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को शुक्रवार को जेआईएस फाउंडेशन, चांडिल पॉलिटेक्निक कॉलेज द्वारा ट्रॉफी एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जेआईएस फाउंडेशन द्वारा विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें उच्च शिक्षा के साथ-साथ डिप्लोमा एवं अन्य तकनीकी तथा अल्पकालीन व्यावसायिक (वोकेशनल) पाठ्यक्रमों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे भविष्य में बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें। काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थियों ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास पाठ्यक्रमों में विशेष रुचि दिखाई तथा इनसे जुड़ने की इच्छा व्यक्त की। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, अभिभावक एवं जेआईएस फाउंडेशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

गम्हरिया के सरकारी गोदाम में गरीबों को मिलने वाला कई क्विंटल चना दाल सड़ कर हुआ बर्वाद।

गम्हरिया के सरकारी गोदाम में गरीबों को मिलने वाला कई क्विंटल चना दाल सड़ कर हुआ बर्वाद।

सरायकेला/आदित्यपुर

सरायकेला खरसावां, गम्हरिया के सरकारी गोदाम में गरीबों को मिलने वाला कई क्विंटल चना दाल सड़ कर बर्वाद हो गया है लेकिन बांटा नहीं गया है.

इसमें अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है. वहीं इस मामले में (एमओ) प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने चुप्पी साध ली है. बता दें कि इस प्रखंड में पिछले 8 माह से गरीबों को राशन में दाल कहकर नहीं दिया जा रहा था कि आपूर्ति शून्य है और बैक लॉग चल रहा है. इस बात की पुष्टि जिला आपूर्ति पुष्कर सिंह मुंडा ने भी पत्रकारों के समक्ष किया था.

लेकिन दूसरे ही दिन यह मामला उजागर हो गया कि जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों के लिए आवंटित कई क्विंटल चना दाल गोदाम में सड़ कर बर्वाद हो गया है. बता दें कि राशन का समय पर वितरण न होने के कारण गोदामों में दाल और अनाज के सड़ने की घटनाएं सामने आती हैं. ऐसी घटनाओं में, जिम्मेदार अधिकारियों और राशन डीलरों की लापरवाही उजागर होती है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को उनके हक का निवाला नहीं मिल पाता है. गोदामों में अनाज सड़ने के मामले और लापरवाही सरकारी गोदामों में रखरखाव की कमी और वितरण में देरी के कारण गरीबों तक पहुंचने वाला अनाज कई बार गोदामों में ही खराब हो जाता रहा है.

पिछले दिनों सरायकेला के ग्रामीण इलाकों में जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत कीड़े लगी और एक्सपायरी डेट वाली चना दाल बांटे जाने का गंभीर मामला सामने आया था, जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखा गया था. अक्सर ऐसे मामलों में देखने को मिलता है कि वितरण में देरी, समय पर राशन न बंटने से अनाज गोदामों में ही सड़ने लगता है. कई बार तो गरीबों को खराब, घुन लगे (कीड़े लगे) या एक्सपायर हो चुके पैकेट दिए जाते है. उचित निगरानी और वितरण व्यवस्था में खामियों के चलते जिम्मेदार लोगों की लापरवाही सामने आती है. इस संबंध में जब गम्हरिया की प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो वो ऑफिस में नहीं मिली साथ ही उन्होंने फोन भी रिसीव नहीं की हैं. आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है.
वहीं आपको बताते चले की डीएसओ पुष्कर सिंह मुंडा को गम्हरिया अनाज गोदान में चल रही गड़बड़ी के बारे में फोनो द्वारा सूचित भी किया गया था।
लेकिन ना ही कोई जवाब और ना ही कोई समाधान बस लूट मचा लो लूट मचा लो सीधे लफ्जों में कहा जाए तो धूम मचा लो धूम मचा लो।
अभी तक गम्हरिया अनाज गोदान के जलने की अनुसंधान की कोई रिपोर्ट भी नहीं आई है।
आखिर हो क्या रहा है गरीब जनता के पेट पर कौन सफेद पोश लात मार रहा है। किन-किन तक बंदर बांट हो रही है ?

सूत्र बताते हैं कि आपूर्ति विभाग पदाधिकारी पुष्कर सिंह मुंडा के पदस्थापना के बाद से ही जिले में अनाज को लेकर कई तरह की परेशानियां सामने आ रही हैं जिससे कि लाभुक को नियमानुसार अनाज भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। जिससे कि लाखों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सूत्र यह भी बताते हैं कि लाभुकों को तक नियमानुसार अनाज न पहुंचना और अनाज के गोदाम के अंदर अनाज का संड़ जाना यह कहीं ना कहीं आपूर्ति विभाग की लापरवाही के नतीजे को दर्शा रही है और यह जांच का विषय है और लाभुकों ने इस मामले पर जिले के उपयुक्त से जांच की गुहार लगाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की है।

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